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June 2, 2026

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जर्मनी ने भारतीयों को दी बड़ी राहत, 3 जून से ट्रांजिट वीजा की पाबंदी पूरी तरह समाप्त

Germany Transit Visa: जर्मनी के दूतावास ने मंगलवार को बताया कि अब हिंदुस्तानीय नागरिकों को जर्मनी के किसी हवाई अड्डे पर ठहराव के साथ किसी अन्य देश की यात्रा करने के लिए ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता नहीं होगी. ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता 3 जून से समाप्त दूतावास के अनुसार, यह निर्णय तीन जून से प्रभावी होगा. हर साल छात्र, नौकरीपेशा लोग और पर्यटक समेत बड़ी संख्या में हिंदुस्तानीय अन्य गंतव्यों तक पहुंचने के लिए जर्मनी के हवाई अड्डों से होकर यात्रा करते हैं. हिंदुस्तानीय नागरिकों के लिए हवाई अड्डा ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता समाप्त दूतावास ने एक बयान में कहा, जर्मनी के हवाई अड्डे पर ठहराव के साथ किसी अन्य देश की यात्रा करने वाले हिंदुस्तानीय नागरिकों को अब ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता नहीं होगी. हिंदुस्तानीय नागरिकों के लिए हवाई अड्डा ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता समाप्त करने संबंधी अधिसूचना दो जून 2026 को संघीय कानून गजट में घोषित की गई. जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हिंदुस्तान यात्रा के बाद उठाया गया कदम दूतावास ने कहा, यह निर्णय जर्मन संघीय प्रशासन की हिंदुस्तान-जर्मनी संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने, लोगों की आवाजाही को सुगम करने तथा आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. दूतावास ने बताया कि यह कदम जनवरी में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हिंदुस्तान यात्रा के बाद उठाया गया है. फ्रांस से भी हिंदुस्तानीयों को मिली राहत अप्रैल में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि फ्रांस प्रशासन ने यूरोपीय क्षेत्र फ्रांस से होकर गुजरने वाले हिंदुस्तानीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त पारगमन व्यवस्था लागू कर दी है. ये भी पढ़ें: नेतन्याहू पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, कहा- आखिर कर क्या रहे हैं आप The post जर्मनी ने हिंदुस्तानीयों को दी बड़ी राहत, 3 जून से ट्रांजिट वीजा की पाबंदी पूरी तरह समाप्त appeared first on Naya Vichar.

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फीफा वर्ल्ड कप में किसका रहा है दबदबा? 22 सीजन में किस टीम ने जीते कितने खिताब, यहां देखें विजेताओं की पूरी लिस्ट

FIFA World Cup: फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 11 जून से होगी. इस बार टूर्नामेंट की मेजबानी संयुक्त रूप से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको कर रहे हैं. इस इतिहास में पहली बार कुल 48 टीमें खिताब के लिए आपस में भिड़ेंगी. इस सीजन अर्जेंटीना की टीम खिताब बचाव करने उतरेगी. वहीं पिछले बार की उपविजेता टीम फ्रांस इस बार खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी. क्या आपको पता है कि फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत कब हुई थी? अब तक इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का कितनी बार आयोजन किया जा चुका है? आखिर कौन-सी टीम विश्व कप इतिहास की सबसे सफल टीम रही है? फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप से जुड़े इन सभी सवालों के जवाब और उससे जुड़ी रोचक जानकारियां हम आपको इस लेख में बताने जा रहे हैं. 1930 में हुई थी फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत साल 1930 में हुई थी. लेकिन दूसरे विश्व युद्ध के चलते साल 1942 और 1946 में इसका आयोजन नहीं हो सका था. इसके बाद भी फीफा वर्ल्ड कप अब तक 22 बार आयोजित किया जा चुका है. यह 23वां सीजन होगा. ब्राजील फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास की सबसे सफल टीम है, जिसने अब तक के सभी 22 संस्करण के लिए क्वालीफाई किया है. ब्राजील ने पांच बार जीता फीफा वर्ल्ड कप का खिताब ब्राजील इकलौता ऐसा देश है, जिसने सभी 22 संस्करणों में हिस्सा लिया. 8 बार सेमीफाइनल और 6 बार फाइनल स्पोर्ट्सने वाले इस देश ने साल 1958, 1962, 1970, 1994 और 2002 में कुल 5 बार खिताब अपने नाम किया. ब्राजील के अलावा इन टीमों का रहा है जलवा ब्राजील के अलावा जर्मनी ने फीफा वर्ल्ड कप में 20 बार हिस्सा लिया है. वहीं, इटली और अर्जेंटीना 18-18 बार एवं फ्रांस, इंग्लैंड और स्पेन 16-16 बार, जबकि उरुग्वे 14 बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में स्पोर्ट्स चुके हैं. खिताबों की बात करें तो ब्राजील सबसे सफल टीम है, जिसने रिकॉर्ड 5 बार विश्व कप जीता है। इसके अलावा जर्मनी और इटली ने 4-4, अर्जेंटीना ने 3, फ्रांस और उरुग्वे ने 2-2, जबकि स्पेन और इंग्लैंड ने 1-1 बार फीफा वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है। फीफा वर्ल्ड कप के विजेताओं की लिस्ट वर्ष विजेता उपविजेता 2022 अर्जेंटीना फ्रांस 2018 फ्रांस क्रोएशिया 2014 जर्मनी अर्जेंटीना 2010 स्पेन नीदरलैंड्स 2006 इटली फ्रांस 2002 ब्राजील जर्मनी 1998 फ्रांस ब्राजील 1994 ब्राजील इटली 1990 पश्चिम जर्मनी अर्जेंटीना 1986 अर्जेंटीना पश्चिम जर्मनी 1982 इटली पश्चिम जर्मनी 1978 अर्जेंटीना नीदरलैंड्स 1974 पश्चिम जर्मनी नीदरलैंड्स 1970 ब्राजील इटली 1966 इंग्लैंड पश्चिम जर्मनी 1962 ब्राजील चेकोस्लोवाकिया 1958 ब्राजील स्वीडन 1954 पश्चिम जर्मनी हंगरी 1950 उरुग्वे ब्राजील 1938 इटली हंगरी 1934 इटली चेकोस्लोवाकिया 1930 उरुग्वे अर्जेंटीना यह भी पढ़ें: फुटबॉल फैंस का इंतजार खत्म, हिंदुस्तान में अब इस प्लेटफॉर्म पर मिलेगा फीफा वर्ल्ड कप का रोमांच फीफा वर्ल्ड कप में कैसे तय होती है टीमों की किस्मत, जानें क्वालिफिकेशन का पूरा गणित The post फीफा वर्ल्ड कप में किसका रहा है दबदबा? 22 सीजन में किस टीम ने जीते कितने खिताब, यहां देखें विजेताओं की पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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राजस्थान में आंधी-बारिश का कहर, तीन की मौत

Rajasthan Weather: पुलिस के अनुसार जैसलमेर, बाड़मेर, फलौदी एवं आस-पास के जिलों में बिजली ढांचे, मकानों, सोलर प्लांट्स और सड़क किनारे की संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा. मृतकों में जैसलमेर के 25 वर्षीय लोक कलाकार और बाड़मेर के दो शिशु शामिल हैं. रिजॉर्ट की दीवार गिरने से हुई मौत जैसलमेर के सम पर्यटन क्षेत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान एक रिजॉर्ट की दीवार गिरने से बैरिसियाला गांव के लोक कलाकार स्वरूप खान की मौत हो गई. जबकि तीन अन्य कलाकार घायल हो गये, उनमें एक पुरुष और दो स्त्री नर्तक शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि घायलों को शुरू में एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और बाद में जैसलमेर रेफर कर दिया गया. रिजॉर्ट मालिक बरोच खान ने बताया कि हादसे के समय लगभग 40 पर्यटक सांस्कृतिक कार्यक्रम देख रहे थे तथा कलाकार खुले मंच पर प्रस्तुति दे रहे थे, तभी पीछे की कंक्रीट की दीवार तेज हवाओं से गिर गई. आंधी के कारण विद्युत आपूर्ति ठप जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने कहा कि आंधी से एक बिजली टावर गिरने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई. मरम्मत कार्य जारी है. टावर को पुनर्निर्मित करने में लगभग चार दिन लगेंगे. जैसलमेर जिले में बिजली नेटवर्क को भारी नुकसान हुआ. करीब ढाई घंटे में बिजली के कई खंभे गिर गए. सम और खुईयाला क्षेत्र के लगभग 150 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही. कई ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हुए और 33 केवी व 11 केवी लाइनें कई जगहों पर टूट गईं. फलौदी जिले में भड़ला सोलर पार्क के आस-पास सौर ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचा. ये भी पढ़ें: 48 घंटे में बदलेगा मौसम, कई राज्यों में बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी, 4 जून को पहुंचेगा मानसून The post राजस्थान में आंधी-बारिश का कहर, तीन की मौत appeared first on Naya Vichar.

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दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को कर देगा तबाह, रुद्रम-II मिसाइल का सफल परीक्षण, जानें खूबियां

RudraM II Missile: हिंदुस्तान ने डिफेंस सेक्टर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और हिंदुस्तानीय वायुसेना ने स्वदेशी रूप से विकसित रुद्रम-2 मिसाइल का सफल परीक्षण कर लिया है. रुद्र एम-II एयर-टू-सर्फेस मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है. मंगलवार को हिंदुस्तानीय वायुसेना ने फाइटर जेट सुखोई-30 एमकेआई से इसका परीक्षण किया. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये परीक्षण अत्यंत कठिन परिस्थितियों में किए गए और इनमें सटीक प्रक्षेप पथ का उपयोग करते हुए सभी उपप्रणालियों की क्षमता का प्रदर्शन किया गया. Defence Research & Development Organisation (DRDO) and the Indian Air Force (IAF) have conducted the successful flight-tests of RudraM-II Air-to-Surface Missile from an airborne platform. The tests were conducted under extreme release conditions with critical trajectory… pic.twitter.com/iP40a29hOa — ANI (@ANI) June 2, 2026 दुश्मन की हवाई सुरक्षा को तबाह कर सकता है रुद्र एम रुद्र एम-II को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह तबाह कर सकता है. इसे दुश्मन के रडार स्टेशनों, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों, हवाई सुरक्षा नेटवर्क, संचार केंद्रों और रेडियो फ्रीक्वेंसी पैदा करने वाले अन्य सैन्य उपकरणों को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है. यह मिसाइल दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को शुरुआती चरण में ही नष्ट कर हिंदुस्तानीय लड़ाकू विमानों के लिए सुरक्षित मार्ग तैयार कर सकती है. लंबी दूरी से रडार सिस्टम को नष्ट करने में सक्षम रुद्रम-II को इस ऐसे बनाया गया है कि यह लंबी दूरी से ही दुश्मन के रडार और निगरानी प्रणालियों का पता लगाकर उन्हें नष्ट कर सके. इससे हिंदुस्तानीय वायुसेना के लड़ाकू विमान दुश्मन के अत्यधिक सुरक्षित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही उसके रक्षा तंत्र को कमजोर कर सकते हैं. उन्नत तकनीक से लैस है मिसाइल मिसाइल में अत्याधुनिक एविएशन सिस्टम और पैसिव होमिंग तकनीक का उपयोग किया गया है. इसकी खासियत यह है कि यदि दुश्मन अपनी पहचान छिपाने के लिए रडार बंद भी कर दे, तब भी यह मिसाइल लक्ष्य का पीछा करना जारी रख सकती है और उसे सटीकता के साथ नष्ट कर सकती है. हिंदुस्तानीय वायुसेना की ताकत में होगा बड़ा इजाफा रुद्रम-II के सफल परीक्षण से हिंदुस्तानीय वायुसेना की लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की क्षमता और मजबूत होगी. यह मिसाइल वर्तमान में इस्तेमाल की जा रही कुछ पुरानी आयातित एंटी-रेडिएशन मिसाइलों का विकल्प बन सकती है, जिससे विदेशी निर्भरता भी कम होगी. Also Read: CBSE चेयरमैन और सचिव का तबादला, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद की होगी जांच The post दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को कर देगा तबाह, रुद्रम-II मिसाइल का सफल परीक्षण, जानें खूबियां appeared first on Naya Vichar.

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अमित शाह और नितिन नबीन से मिले अन्नामलाई, जल्द कर सकते हैं बीजेपी छोड़ने की घोषणा

Annamalai और शाह की मुलाकात करीब 30 मिनट तक चली. लेकिन बैठक में दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी तत्काल प्राप्त नहीं हुई है. अन्नामलाई बैठक के बाद मीडिया से बात किए बिना शाह के आवास से चले गए. मीडिया में आई कुछ समाचारों में दावा किया गया कि अन्नामलाई ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बी एल संतोष से भी मुलाकात की और पार्टी से अपना इस्तीफा सौंप दिया. हालांकि उनके इस्तीफे की समाचार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. AIADMK के साथ गठबंधन से नाराज हैं अन्नामलाई समाचारों के मुताबिक अन्नामलाई उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष बनाने और विधानसभा चुनावों से पहले ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के साथ गठबंधन किए जाने के बाद से ही नाराज हैं. उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था. कोयंबटूर क्षेत्र के भाजपा सदस्यों को अन्नामलाई के चुनाव लड़ने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने बाद में स्पष्ट किया कि वह चुनाव लड़ने के अनिच्छुक है. एक-दो दिन में अन्नामलाई कर सकते हैँ बड़ी घोषणा अन्नामलाई नयी नेतृत्वक पार्टी गठित करने की अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व से मिलने के लिए सोमवार को दिल्ली आए. अन्नामलाई से जब चेन्नई हवाई अड्डे पर संवाददाताओं ने नयी पार्टी गठित करने को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वह दो दिन में जवाब देंगे और अपना रुख स्पष्ट करेंगे. ये भी पढ़ें: कर्नाटक कैबिनेट का ब्लूप्रिंट तैयार: दिल्ली में राहुल-खरगे संग सिद्धारमैया और शिवकुमार की हाई-लेवल बैठक The post अमित शाह और नितिन नबीन से मिले अन्नामलाई, जल्द कर सकते हैं बीजेपी छोड़ने की घोषणा appeared first on Naya Vichar.

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जल जीवन मिशन 2.0 पर झारखंड और केंद्र के बीच समझौता, हेमंत सोरेन ने लंबित फंड जारी करने की उठाई मांग

Jal Jeevan Mission: झारखंड में हर ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के तहत झारखंड प्रशासन और हिंदुस्तान प्रशासन के जल शक्ति मंत्रालय के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. इस अवसर पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक और समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की. कार्यक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद, केंद्रीय राज्य मंत्री वी सोमन्ना, जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (एनजेजेएम) के पदाधिकारी उपस्थित रहे. समारोह की शुरुआत केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल और झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद के बीच औपचारिक अभिवादन के साथ हुई. इसके बाद जल जीवन मिशन की प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई. झारखंड में 24,000 करोड़ से अधिक की योजनाएं संचालित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में जल जीवन मिशन के तहत चल रही योजनाओं की स्थिति की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 से राज्य में लगभग 24,635 करोड़ रुपये की लागत वाली पेयजल योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य प्रशासन मल्टी विलेज स्कीम (एमवीएस) और सिंगल विलेज स्कीम (एसवीएस) दोनों मॉडल पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी नल से जल की सुविधा पहुंचाई जा सके. केंद्र से लंबित राशि जारी करने की मांग मुख्यमंत्री ने बैठक में वित्तीय पक्ष को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में राज्य को अपेक्षित स्तर पर केंद्रांश की राशि प्राप्त नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि अब तक जल जीवन मिशन की करीब 55 प्रतिशत परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि केंद्र प्रशासन की ओर से केवल 46 प्रतिशत अनुदान ही उपलब्ध कराया गया है. मुख्यमंत्री ने लगभग 6,500 करोड़ रुपये की लंबित सहायता राशि जल्द जारी करने का आग्रह किया. उनका कहना था कि समय पर फंड उपलब्ध होने से परियोजनाओं की गति और बेहतर होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से जुड़े लक्ष्य निर्धारित समय में पूरे किए जा सकेंगे. परियोजनाओं के लिए समय पर एनओसी की जरूरत बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन में विभिन्न केंद्रीय संस्थाओं से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने में विलंब होता है. इससे योजनाओं के निष्पादन की गति प्रभावित होती है. उन्होंने केंद्र प्रशासन से आग्रह किया कि संबंधित एजेंसियों को समयबद्ध तरीके से एनओसी जारी करने का निर्देश दिया जाए, ताकि जलापूर्ति योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जा सके. जल सहियाओं के लिए सहयोग की अपेक्षा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिंगल विलेज स्कीम के संचालन और रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया. उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन ने गांवों में जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जल सहियाओं की नियुक्ति की है. प्रत्येक जल सहिया को राज्य प्रशासन की ओर से 2,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा जताई. केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट की केंद्र की नीति बैठक के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने जल जीवन मिशन 2.0 के विभिन्न प्रावधानों पर स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने कहा कि रेट्रोफिटिंग तथा नियमित संचालन एवं रखरखाव (ओ एंड एम) कार्यों के लिए केंद्र प्रशासन की ओर से कोई अलग वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी. उन्होंने सुझाव दिया कि इन कार्यों के लिए 16वें वित्त आयोग के तहत पंचायती राज संस्थाओं को मिलने वाले अनुदान का उपयोग किया जा सकता है. झारखंड को 2,500 करोड़ रुपये का विशेष आवंटन बैठक में झारखंड के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 2,500 करोड़ रुपये की विशेष राशि आवंटित करने की जानकारी दी गई. हालांकि इसके लिए राज्य प्रशासन को जल जीवन मिशन 2.0 के सभी मानकों और दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा. केंद्र प्रशासन ने राज्य को आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर राशि निर्गत कराने का अनुरोध भी किया. डीसी करेंगे परियोजनाओं की निगरानी जल जीवन मिशन परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारियों और उपायुक्तों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया. बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी जिलों के डीएम और डीसी परियोजनाओं की नियमित निगरानी करें और प्रगति की समीक्षा करते रहें. इसके अलावा 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं की उच्च स्तर पर विशेष समीक्षा करने का भी निर्णय लिया गया. ओवरसाइज्ड लागत और प्रशासनिक सुधार पर चर्चा बैठक में लगभग 1,400 करोड़ रुपये की कथित अनुचित (इनएडमिसिबल) लागत वाले ओवरसाइज्ड घटकों की समीक्षा करने का निर्देश भी दिया गया. साथ ही झारखंड जल जीवन मिशन के प्रबंध निदेशक पद पर संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की सिफारिश की गई, ताकि परियोजनाओं के संचालन और निगरानी में और अधिक दक्षता लाई जा सके. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग आरटीए की नई सचिव बनीं सुजाता कुजूर, सड़क सुरक्षा और कानून अनुपालन पर रहेगा फोकस हर घर नल से जल पहुंचाने पर जोर बैठक का समापन जल जीवन मिशन 2.0 के दिशा-निर्देशों को शीघ्र लागू करने और सभी लंबित परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने के संकल्प के साथ हुआ. केंद्र और राज्य प्रशासन ने मिलकर यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि झारखंड के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की सुविधा समय पर पहुंच सके. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लंबित फंड जारी हो जाता है और परियोजनाओं को प्रशासनिक सहयोग मिलता है, तो जल जीवन मिशन झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है. इसे भी पढ़ें: प्रधान सहायक की गैर-हाजिरी पर भड़के सांसद सुखदेव भगत, कार्रवाई की कर दी अनुशंसा The post जल जीवन मिशन 2.0 पर झारखंड और केंद्र के बीच समझौता, हेमंत सोरेन ने लंबित फंड जारी करने की उठाई मांग appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में बदला सियासी मिजाज! भाजपा की 3000 रुपए वाले ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के फॉर्म बांट रहे ममता बनर्जी के पार्षद

खास बातें शुभेंदु प्रशासन का बेवजह विरोध नहीं करने का निर्णय कालीघाट की बैठक बेअसर, पार्षदों ने स्वीकारा जनमत हर स्त्री को 3,000 रुपए दिलाना हमारा फर्ज कोलकाता से कुंदन झा की रिपोर्ट TMC Councillors Distribute Annapurna Bhandar Forms: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर की दरार और सांगठनिक बिखराव सामने आने लगे हैं. पार्टी के बड़े नेताओं और विधायकों की बगावत के बाद अब कोलकाता नगर निगम (KMC) के पार्षदों ने भी कालीघाट के रुख से अलग राह चुन ली है. शुभेंदु प्रशासन का बेवजह विरोध नहीं करने का निर्णय एक तरफ जहां टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी कोलकाता की सड़कों पर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रशासन के खिलाफ धरना दे रही थीं, तो दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी के अधिकांश पार्षद खुलकर कह रहे हैं कि वे प्रशासन का बेवजह विरोध नहीं करेंगे. पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की महत्वाकांक्षी योजना ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के फॉर्म बांटने और स्त्रीओं की मदद करने का फैसला किया है. TMC Councillors Distribute Annapurna Bhandar Forms: कालीघाट की बैठक बेअसर, पार्षदों ने स्वीकारा जनमत हाल ही में रविवार को कालीघाट में ममता बनर्जी द्वारा बुलायी गयी आपात बैठक में 80 में से केवल 20 विधायकों के पहुंचने के बाद से ही तृणमूल में भगदड़ का माहौल है. टीएमसी पार्षदों के इस बदले रुख ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सबसे बड़ा झटका दिया है. अधिकतर तृणमूल पार्षदों ने कहा है कि बंगाल की जनता ने चुनाव में जो ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, उसे लोकतांत्रिक तरीके से स्वीकार करना ही होगा. अब हर बात पर विरोध की बजाय अपने क्षेत्र की जनता के विकास और नागरिक सेवाओं में मदद करना ही उनका पहला फर्ज है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें हर स्त्री को 3,000 रुपए दिलाना हमारा फर्ज भाजपा प्रशासन की ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना, के तहत जरूरतमंद स्त्रीओं को 3,000 रुपए प्रतिमाह की वित्तीय सहायता दी जायेगी. इसको लेकर टीएमसी पार्षदों में खासा उत्साह दिख रहा है. पार्षदों का मानना है कि यह योजना सीधे तौर पर गरीब स्त्रीओं के कल्याण से जुड़ी है, इसलिए वे नेतृत्व से ऊपर उठकर अपनी जिम्मेदारी निभायेंगे. कोलकाता के जिन वार्डों में फिलहाल वार्ड कार्यालय (Ward Office) की सुविधा नहीं है, वहां पार्षदों की देखरेख में नगर निगम के स्वास्थ्य केंद्रों (Health Centers) के जरिये बेहद व्यवस्थित तरीके से ये फॉर्म बांटे जा रहे हैं. इसे भी पढ़ें बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के 3 बड़े धमाके! 5 रुपए में मिलेगा मछली-चावल, 27 से भरे जायेंगे ‘अन्नपूर्णा योजना’ के फॉर्म बंगाल में महाराष्ट्र जैसे विभाजन के दावों पर भड़के शोभनदेव चट्टोपाध्याय, कहा- ममता बनर्जी के पास ही रहेगा ‘जोड़ा फूल’ बंगाल में लक्ष्मीर भंडार घोटाले की होगी SIT जांच, 30 लाख फर्जी खाते खंगालेंगे अधिकारी अन्नपूर्णा भंडार के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस, ऐसे पक्का करें 3000 रुपए The post बंगाल में बदला सियासी मिजाज! भाजपा की 3000 रुपए वाले ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के फॉर्म बांट रहे ममता बनर्जी के पार्षद appeared first on Naya Vichar.

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कर्नाटक कैबिनेट का ब्लूप्रिंट तैयार: दिल्ली में राहुल-खरगे संग सिद्धारमैया और शिवकुमार की हाई-लेवल बैठक

Karnataka: डीके शिवकुमार 3 जून को शाम 4:05 बजे लोक भवन परिसर में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. कांग्रेस नेतृत्व के कहने पर सिद्धारमैया ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था, उसके बाद शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना गया. शिवकुमार के साथ कुछ विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे. कर्नाटक मंत्रिमंडल में हो सकते हैं अधिक से अधिक 34 मंत्री कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद में अधिकतम 34 मंत्रियों को शामिल किए जाने का प्रावधान है. मंत्री पद के दावेदारों की लंबी कतार और उपलब्ध पदों की सीमित संख्या के बीच शिवकुमार के सामने संतुलन साधने की बड़ी चुनौती है. उन्हें हर कदम बेहद सावधानी से उठाना होगा, क्योंकि मंत्रिमंडल में जगह नहीं पाने वाले नेताओं की नाराजगी बड़े स्तर पर असंतोष का रूप ले सकती है. नये मंत्रिमंडल में दिख सकते हैं नये-पुराने चेहरे नए मंत्रिमंडल में पुराने और नए चेहरों का मिश्रण देखने को मिल सकता है. जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सिद्धरमैया समर्थक नेताओं को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी. सिद्धरमैया मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों को नए मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है. ये भी पढ़ें: कर्नाटक: 3 जून को शिवकुमार की ताजपोशी, विधान सभा के आस-पास प्रशासनी ऑफिस में आधे दिन रहेगी छुट्टी The post कर्नाटक कैबिनेट का ब्लूप्रिंट तैयार: दिल्ली में राहुल-खरगे संग सिद्धारमैया और शिवकुमार की हाई-लेवल बैठक appeared first on Naya Vichar.

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CBSE चेयरमैन और सचिव का तबादला, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद की होगी जांच

CBSE: केंद्र प्रशासन ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है. अधिकारियों के अनुसार, कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं में अपनाई गई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सेवाओं की खरीद में कथित अनियमितताओं की जांच के कारण यह कदम उठाया गया है. The CBSE Chairman and Secretary have been transferred. An inquiry committee has been constituted to probe the procurement of On-Screen Marking (OSM) services by CBSE. pic.twitter.com/esakjV4sqv — ANI (@ANI) June 2, 2026 डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली पर उठे सवाल सीबीएसई हाल के दिनों में उस समय विवादों में घिर गया था, जब कक्षा 12 के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि बोर्ड की ओर से उपलब्ध कराई गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियां उनकी वास्तविक लिखावट से मेल नहीं खाती थीं. इन शिकायतों के बाद ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में उत्तर पुस्तिकाओं के मिलान और मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे. मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र प्रशासन ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है. यह समिति मूल्यांकन प्रणाली, खरीद प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी. एक महीने में समिति देगी अपनी रिपोर्ट गठित एक सदस्यीय समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस राधा चौहान करेंगी. समिति की अध्यक्ष जरूरत के हिसाब से अन्य कार्यालयों के अधिकारियों की सहायता ले सकती हैं. समिति को सचिवालयी सहायता क्षमता निर्माण आयोग की ओर से प्रदान की जाएगी. समिति एक महीनें के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को अपनी रिपोर्ट पेश करेंगी. A One-Member Committee has been constituted to inquire into matters relating to the procurement of services for the On-Screen Marking System by the Central Board of Secondary Education (CBSE). (1) The Committee will be chaired by S. Radha Chauhan, Chairperson, Capacity Building… pic.twitter.com/JfN5VqYZ2f — ANI (@ANI) June 2, 2026 The post CBSE चेयरमैन और सचिव का तबादला, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद की होगी जांच appeared first on Naya Vichar.

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देश में आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हुईं महिलाएं, लेकिन 22.3% अभी भी पतियों से पिट रहीं

NFHS-6 : राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6, 2023-24) का आंकड़ा प्रशासन ने 29 मई को जारी कर दिया है. इन आंकड़ों को देखें तो हम पाते हैं कि देशभर में स्त्रीओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में काफी बदलाव आया है. अब वे काफी मजबूती से अपनी बातों को रख रही हैं, बावजूद इसके एक आंकड़ा चौंकाने वाला है, जो यह बताता है कि देश की 22.3% प्रतिशत स्त्रीएं अपने पतियों से पिट रही हैं. क्या कहता है NFHS-6 का आंकड़ा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों पर नजर डालें तो वह कहता है कि वैसी विवाहित स्त्रीएं, जो अपने घरेलू फैसलों में निर्णय लेने की भूमिका में हैं, उनकी संख्या शहरी इलाकों में 91.4% है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 88% का है. शहरी और ग्रामीण दोनों स्त्रीओं को मिला दें तो यह आंकड़ा 89% हो जाता है. NFHS-5 पर अगर नजर डालें तो यह आंकड़ा महज .3% प्रतिशत वृद्धि की बात करता है, जहां यह आंकड़ा 88.7% का है.बिहार में यह आंकड़ा 85.1 प्रतिशत है, झारखंड में यह 92.9 प्रतिशत तक पहुंच चुका है. वहीं अगर बात 12 महीने काम करने के बाद उन्हें कैश वेतनमान देने की बात आती है, तो आंकड़े सुखद है और NFHS-5 से 5% वृद्धि की बात कहते हैं. NFHS-5 में जहां 25.4 प्रतिशत स्त्रीओं को कैश पेमेंट मिल रहा था, वह अब 30.8 प्रतिशत हो गया है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि ग्रामीण स्त्रीएं इस मामले में शहरी स्त्रीओं से आगे हैं, उन्हें 31.2 प्रतिशत कैश भुगतान हो रहा है, जबकि शहरी स्त्रीओं को 29.8 प्रतिशत. बैंक एकाउंट और मोबाइल रखने के मामले में भी स्त्रीएं आगे बैंक एकाउंट की अगर बात करें तो स्त्रीएं इसमें भी सशक्त होती नजर आ रही हैं. NFHS-6 के आंकड़ों के अनुसार 89 प्रतिशत स्त्रीएं ऐसी हैं, जो अपने बैंक एकाउंट का इस्तेमाल खुद कर रही हैं, इनमें 88.3 प्रतिशत शहरी और 89.3 प्रतिशत शहरी हैं. NFHS-5 की तुलना में बड़ा बदलाव हमें देखने को मिल रहा है. मोबाइल फोन रखने के मामले में भी 10 प्रतिशत की वृद्धि दिख रही है. NFHS-5 में जहां 53.9 प्रतिशत स्त्रीओं के पास फोन था वह अब बढ़कर 63.6 प्रतिशत हो गया है. यहां शहरी स्त्रीओं की भागीदारी 77.6 प्रतिशत की है, जबकि ग्रामीण स्त्रीओं की भागीदारी 57.4 प्रतिशत की है.बिहार में बचत खाते वाली स्त्रीओं की हिस्सेदारी 76.7 प्रतिशत से बढ़कर 90.9 प्रतिशत हो गई है. इसी तरह मोबाइल फोन का स्वयं उपयोग करने वाली स्त्रीओं का प्रतिशत 51.4 से बढ़कर 62.8 हो गया. झारखंड में यह सुधार और भी अधिक दिखाई देता है. वहां बैंक खाते वाली स्त्रीओं की हिस्सेदारी 78.2 प्रतिशत से बढ़कर 91.2 प्रतिशत पहुंच गई है, जबकि मोबाइल फोन का स्वयं उपयोग करने वाली स्त्रीओं का प्रतिशत 76.4 से बढ़कर 90.3 हो गया है. पतियों से पिटने का मामला अभी भी चौंका रहा देश भर में 22.3 प्रतिशत स्त्रीएं ऐसी हैं, जो अपने पतियों से पिटती है. इन स्त्रीओं में 24.4 प्रतिशत ग्रामीण और 17.5 प्रतिशत शहरी स्त्रीएं हैं. बेशक पिछले सर्वे के अनुपात में पतियों से पिटने वाली स्त्रीओं की संख्या कम हुई है और इसमें लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट दिख रही है. लेकिन राज्यों में अभी भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है.बिहार में पति द्वारा हिंसा का अनुभव करने वाली विवाहित स्त्रीओं का प्रतिशत 40.1 से घटकर 36.1 प्रतिशत हुआ है. इनमें ग्रामीण इलाकों की स्त्रीएं 37 प्रतिशत और शहरी 31.2 प्रतिशत हैं.यह आंकड़ों में सुधार को बताता है, लेकिन यह भी बताता है कि समाज में अभी भी वैवाहिक हिंसा जारी है. झारखंड में कुल 27 प्रतिशत स्त्रीएं अपने पतियों से पिट रही हैं, जिनमें 29.2 प्रतिशत ग्रामीण और 18.2 प्रतिशत शहरी स्त्रीएं हैं. NFHS-5 में यह आंकड़ा 31.4 प्रतिशत का था, यानी 4.4 प्रतिशत की कमी पिटने की घटनाओं में आई है. ये भी पढ़ें : नीट पेपर लीक : आरोपियों की हिरासत अवधि 15 जून तक बढ़ी, एक आरोपी को परीक्षा के लिए पढ़ाई की अनुमति मिली डीके शिवकुमार ने शपथग्रहण से पहले गांधी परिवार के प्रति कृतज्ञता जताई- उनके भरोसे ने कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाया क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी से सिद्धारमैया को हटाने का फैसला कांग्रेस को भारी पड़ सकता है? The post देश में आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हुईं स्त्रीएं, लेकिन 22.3% अभी भी पतियों से पिट रहीं appeared first on Naya Vichar.

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