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June 5, 2026

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‘खड़े होकर क्या कर रहे, गोली चलाओ’, खान सर के आदेश पर बॉडीगार्ड्स ने दागी गोलियां

Khan Sir Coaching Firing: फैजल खान उर्फ खान सर अब कानूनी मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं. कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग और हंगामे की घटना के बाद पटना पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़ी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है. FIR में कहा गया है, “खान सर ने बॉडीगार्ड्स को कहा था कि खड़े होकर क्या कर रहे, गोली चलाओ, जो होगा मैं देख लूंगा.” 2 जून की रात खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हंगामा हुआ था. इस दौरान दो सुरक्षा गार्डों द्वारा फायरिंग किए जाने का वीडियो सामने आया था. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने खान सर को भी मामले में आरोपी बनाया है. Fir की कॉपी पुलिस अधिकारी के बयान के आधार पर हुई कार्रवाई पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि जांच के दौरान कई तथ्य सामने आए हैं. कदमकुआं थाना के पुलिस पदाधिकारी अनिल कुमार के बयान को आधार बनाकर मामला दर्ज किया गया है. केस में यह आरोप भी शामिल किया गया है कि घटना के समय खान सर मौके पर मौजूद थे और सुरक्षा गार्डों की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं. इन आरोपों की जांच अभी जारी है. छात्रों के प्रदर्शन के बाद बढ़ा मामला इस पूरे विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इससे पहले पुलिस ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को गिरफ्तार कर चुकी थी. इसके बाद सोशल मीडिया पर फायरिंग का वीडियो वायरल हुआ और मामला तेजी से चर्चा में आ गया. गुरुवार को पटना के कारगिल चौक पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया. इसके बाद पुलिस पर निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया. पुराने बयान भी बने चर्चा का विषय घटना की रात खान सर ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि कोचिंग पर हमला करने आए लोगों की तरफ से गोली चलने की बात सामने आई थी. लेकिन अगले दिन उन्होंने कहा कि अफरातफरी के माहौल में उन्हें जो जानकारी मिली थी, उन्होंने उसी आधार पर बात कही थी. अब जांच के दौरान सामने आ रहे तथ्यों और पहले दिए गए बयानों को भी पुलिस जांच का हिस्सा बना रही है. मामला दर्ज होने के बाद खान सर फिलहाल अपने कोचिंग संस्थान में नजर नहीं आ रहे हैं. एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा है कि उनके सुरक्षा गार्डों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी. खान सर का कहना है कि उस समय माहौल तनावपूर्ण था और गार्डों ने अपनी सुरक्षा को देखते हुए कार्रवाई की. दूसरी तरफ पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को खंगाल रही है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें आगे क्या होगा फिलहाल पुलिस वीडियो, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है. आने वाले दिनों में अदालत और जांच एजेंसियों की कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी. पूरे घटनाक्रम पर छात्रों, शिक्षकों और आम लोगों की नजर बनी हुई है. इसे भी पढ़ें: बिहार के 4 जिलों की चमकेगी किस्मत, खगड़िया-पूर्णिया हाईवे बनेगा फोरलेन, नया ग्रीनफील्ड बाईपास भी बनेगा The post ‘खड़े होकर क्या कर रहे, गोली चलाओ’, खान सर के आदेश पर बॉडीगार्ड्स ने दागी गोलियां appeared first on Naya Vichar.

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Rajya Sabha Election: झारखंड में महागठबंधन में बढ़ी तकरार, दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा झामुमो

रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. चुनावी सरगर्मियों के बीच महागठबंधन में दरार की चर्चा शुरू हो गई है. कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बीच उम्मीदवार चयन को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं. कांग्रेस द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए बोकारो निवासी प्रणव झा को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद झामुमो ने भी दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया है. इससे महागठबंधन के भीतर नेतृत्वक तकरार बढ़ गई है. कांग्रेस ने घोषित किया प्रत्याशी, झामुमो ने दिखाई नाराजगी राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार देर रात बोकारो के प्रणव झा को अपना उम्मीदवार घोषित किया. पार्टी के इस फैसले के बाद नेतृत्वक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. विपक्षी दलों के साथ-साथ कांग्रेस के भीतर भी इस फैसले को लेकर सवाल उठने लगे हैं. नेतृत्वक हलकों में प्रणव झा को “पैराशूट उम्मीदवार” बताया जा रहा है. चर्चा है कि उनका जन्म भले ही झारखंड के बोकारो में हुआ हो, लेकिन राज्य की सक्रिय नेतृत्व और संगठनात्मक गतिविधियों से उनका सीधा जुड़ाव सीमित रहा है. बताया जा रहा है कि प्रणव झा के नाम पर अंतिम मुहर कांग्रेस आलाकमान ने लगाई है. इसी कारण प्रदेश कांग्रेस के कई नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है. फुरकान अंसारी ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गोड्डा के पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने भी अप्रत्यक्ष रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि वर्षों तक पार्टी के लिए समर्पित होकर काम करने के बावजूद उनके नाम पर विचार नहीं किया गया. फुरकान अंसारी की प्रतिक्रिया के बाद यह चर्चा और तेज हो गई कि कांग्रेस के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर सबकुछ सामान्य नहीं है. नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि यदि असंतोष बढ़ता है तो इसका असर चुनावी रणनीति पर भी पड़ सकता है. मुख्यमंत्री आवास पर हुई झामुमो की अहम बैठक शुक्रवार दोपहर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर झामुमो की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में पार्टी के सांसद, विधायक, मंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. बैठक का मुख्य एजेंडा राज्यसभा चुनाव और उम्मीदवार चयन को लेकर पार्टी की रणनीति तय करना था. बैठक के बाद झामुमो नेताओं ने स्पष्ट संकेत दिया कि पार्टी दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने के पक्ष में है. नेताओं का कहना था कि राज्य में झामुमो सबसे बड़ा दल है और उसे दोनों सीटों पर दावा करने का अधिकार है. हफीजुल हसन बोले, दोनों सीटों पर होगा झामुमो का दावा बैठक के बाद मंत्री हफीजुल हसन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि झामुमो का रुख पूरी तरह स्पष्ट है. उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि राज्यसभा की दोनों सीटों पर झामुमो के उम्मीदवार चुनाव लड़ें. उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष को अधिकृत कर दिया गया है. कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह बाद की बात है, लेकिन झामुमो का स्टैंड पहले से साफ है. हफीजुल हसन के इस बयान को नेतृत्वक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी अपने रुख से पीछे हटने के मूड में नहीं है. बैद्यनाथ राम ने उम्मीदवार उतारने के दिए संकेत झामुमो विधायक बैद्यनाथ राम ने भी बैठक के बाद पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा. उन्होंने कहा कि सभी सांसदों, विधायकों और मंत्रियों ने सर्वसम्मति से दोनों सीटों पर झामुमो के उम्मीदवार उतारने की इच्छा जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सहमति के बिना उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी. बैद्यनाथ राम ने कहा कि पार्टी नेताओं ने अपनी भावनाएं मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी हैं और सभी चाहते हैं कि दोनों सीटों पर झामुमो के उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरें. उन्होंने बताया कि अंतिम निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अधिकृत कर दिया गया है. महागठबंधन की एकजुटता पर उठे सवाल झामुमो के इस रुख के बाद महागठबंधन की एकजुटता को लेकर सवाल उठने लगे हैं. नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि यदि दोनों दल अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारते हैं तो यह गठबंधन के भीतर समन्वय की कमी को उजागर करेगा. राज्यसभा चुनाव आमतौर पर संख्या बल और नेतृत्वक रणनीति का चुनाव माना जाता है. ऐसे में उम्मीदवार चयन को लेकर उत्पन्न विवाद आने वाले दिनों में झारखंड की नेतृत्व को और गर्मा सकता है. इसे भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस ने 7 उम्मीदवारों का किया ऐलान, खरगे और पवन खेड़ा को टिकट हेमंत सोरेन के फैसले पर टिकी निगाहें फिलहाल राज्यसभा चुनाव को लेकर पूरे नेतृत्वक घटनाक्रम पर सबकी नजर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झामुमो नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई है. आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि महागठबंधन के दोनों दल आपसी सहमति से कोई रास्ता निकालते हैं या फिर राज्यसभा चुनाव में अलग-अलग नेतृत्वक दावेदारी पेश करते हैं. इतना तय है कि राज्यसभा चुनाव ने झारखंड की नेतृत्व में नई हलचल पैदा कर दी है और इसका असर आने वाले समय में गठबंधन की नेतृत्व पर भी देखने को मिल सकता है. इसे भी पढ़ें: झारखंड राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस ने प्रणव झा को बनाया उम्मीदवार, JMM-BJP के फैसले पर टिकी नजरें The post Rajya Sabha Election: झारखंड में महागठबंधन में बढ़ी तकरार, दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा झामुमो appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा चुनाव के लिए मल्लिकार्जुन खरगे ने किया नामांकन, कहा- कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत पक्की करने के लिए एकजुट रहें

Rajya Sabha Elections : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. नामाकंन के मौके पर उनके साथ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और के सी वेणुगोपाल सहित कांग्रेस के कई नेता मौजूद थे. राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन फाइल करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- मैंने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. सभी विधायकों और नेताओं ने एकमत से मुझे चुना है. चुनाव 18 जून को होना है और मुझे भरोसा है कि सभी एकजुट रहेंगे और कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत पक्की करेंगे. Bengaluru | Congress candidate for the Karnataka Assembly to Rajya Sabha elections and AICC President Mallikarjun Kharge filed his nomination papers at the Vidhana Soudha today. Leader of the Opposition in the Lok Sabha, Rahul Gandhi, CM DK Shivakumar and immediate predecessor CM… pic.twitter.com/gdljJlD4OO — ANI (@ANI) June 5, 2026 खरगे का कार्यकाल 25 जून को समाप्त हो रहा है कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे राज्यसभा के सदस्य हैं. उनका कार्यकाल 25 जून को समाप्त हो रहा है. पार्टी ने उन्हें एक बार फिर से अपना उम्मीदावार बनाया है, इसी वजह से वे एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं. राज्यसभा का चुनाव 18 जून को होना है. खरगे ने कर्नाटक विधानसभा जाकर अपना नामांकन पत्र विधानसभा के सचिव एमके विशालाक्षी को सौंपा. पवन खेड़ा और मंसूर अली खान बाद में करेंगे नामांकन कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को मैदान में उतारा है. पवन खेड़ा अखिल हिंदुस्तानीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख हैं, जबकि मंसूर अली खान वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं. कांग्रेस के ये दोनों उम्मीदवार बाद में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने की अंतिम तारीख 8 जून है. ये भी पढ़ें : सेना के कैप्टन ने पासिंग आउट परेड के बाद मंगेतर को किया प्रपोज तो अनुशासन पर उठे सवाल, सेना के दिग्गजों ने दिया साथ शपथग्रहण के दूसरे दिन कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने दिया इस्तीफा, CM डीके शिवकुमार ने कहा-हम समस्या सुलझा लेंगे The post राज्यसभा चुनाव के लिए मल्लिकार्जुन खरगे ने किया नामांकन, कहा- कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत पक्की करने के लिए एकजुट रहें appeared first on Naya Vichar.

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‘शिक्षक पढ़ाता है, मीडियाबाजी नहीं करता, हाइलाइट होने के लिए ये सब हो रहा…’, खान सर पर बरसे तेज प्रताप यादव

Tej Pratap Yadav On Khan Sir: पटना में कोचिंग सेंटर पर हुए हमले, फायरिंग विवाद और उसके बाद सामने आए CCTV वीडियो को लेकर चल रही बहस में अब नेतृत्व की भी एंट्री हो गई है. तेज प्रताप यादव ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए खान सर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का काम पढ़ाना होता है, न कि लोकप्रियता हासिल करना या नेतृत्व करना. तेज प्रताप ने ये भी आरोप लगाया कि पूरा विवाद खुद को हाइलाइट करने के लिए हो रहा है. तेज प्रताप बोले- शिक्षक मीडियाबाजी नहीं करता, चुपचाप पढ़ाता है मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि शिक्षक का धर्म छात्रों को पढ़ाना होता है. उनके मुताबिक एक सच्चा शिक्षक प्रचार-प्रसार या लोकप्रियता के पीछे नहीं भागता. उन्होंने कहा कि शिक्षक कभी अपनी पॉपुलैरिटी नहीं कराता है, मीडियाबाजी नहीं करता है, चुपचाप पढ़ाता है. तेज प्रताप का यह बयान ऐसे समय आया है जब खान सर के क्लासरूम से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. ‘हाइलाइट होने के लिए ये सब करवा रहे हैं’ तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया कि पूरा घटनाक्रम केवल चर्चा में बने रहने की कोशिश हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘खान सर ये क्यों करवाना चाहते हैं? हाइलाइट होने के लिए ये सब करवा रहे हैं.’ साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में कुछ लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है. हालांकि, इन आरोपों को लेकर खान सर की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. क्लासरूम में CCTV, छात्रों के सामने हमले का विश्लेषण दरअसल, हाल ही में खान सर का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह क्लासरूम में छात्रों को CCTV फुटेज दिखाकर हमले का पूरा घटनाक्रम समझाते नजर आए. वीडियो में वह स्क्रीन पर लोगों की पहचान बताते हुए दिखाई देते हैं. वह छात्रों से कहते हैं कि कुछ लोगों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है. ‘मीडिया आधी सच्चाई दिखा रही है’, विद्या की कसम भी खाई वीडियो में खान सर यह दावा भी करते नजर आए कि मीडिया घटना का सिर्फ एक हिस्सा दिखा रही है. उन्होंने हाथ में किताब लेकर कहा कि कोचिंग पर गोलियां चली थीं और पूरी सच्चाई सामने नहीं लाई जा रही. अपनी बात पर भरोसा दिलाने के लिए उन्होंने छात्रों के सामने ‘विद्या की कसम’ भी खाई. फायरिंग वीडियो के बाद बढ़ीं कानूनी मुश्किलें 2 जून की रात पटना स्थित कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के बाद फायरिंग का वीडियो सामने आया था. वीडियो में सुरक्षा गार्डों द्वारा गोली चलाने का दावा किया गया. मामले में पुलिस पहले ही दोनों गार्ड्स को गिरफ्तार कर चुकी है. हथियार भी जब्त किए गए हैं और जांच जारी है. खान सर भी आर्म्स एक्ट और हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है. Also Read: ‘ये लोग चाहते हैं कि मेरी फोटो पर माला चढ़ जाए…’, खान सर ने बताया क्यों करनी पड़ी गार्ड को फायरिंग The post ‘शिक्षक पढ़ाता है, मीडियाबाजी नहीं करता, हाइलाइट होने के लिए ये सब हो रहा…’, खान सर पर बरसे तेज प्रताप यादव appeared first on Naya Vichar.

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Chatra News: बाल विवाह के खिलाफ सिमरिया में बीडीओ की अनोखी पहल, ग्रामीणों को दिलाई शपथ

चतरा से दीनबंधू और धर्मैद्र कुमार की रिपोर्ट Chatra News: झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त और जागरूकता आधारित पहल की है. प्रखंड के दुंदुआ गांव में बीडीओ चंद्रदेव प्रसाद के नेतृत्व में बाल विवाह विरोधी शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराना और समाज को इस कुप्रथा के खिलाफ एकजुट करना था. ग्रामीणों ने लिया बाल विवाह मुक्त गांव बनाने का संकल्प कार्यक्रम के दौरान बीडीओ चंद्रदेव प्रसाद ने उपस्थित ग्रामीणों को शपथ दिलाई कि वे अपने परिवार, गांव और समाज में बाल विवाह नहीं होने देंगे तथा ऐसी किसी भी घटना की जानकारी प्रशासन को देंगे. उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का हनन है और यह उनके स्वास्थ्य, शिक्षा तथा भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालता है. ग्रामीणों ने भी सामूहिक रूप से अपने क्षेत्र को बाल विवाह मुक्त बनाने और इस संबंध में जनजागरूकता फैलाने का संकल्प लिया. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की दी जानकारी बीडीओ ने कार्यक्रम में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान में बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसे रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कानूनी प्रावधान किए हैं. उन्होंने कहा कि बाल विवाह कराने, उसमें सहयोग करने या उसे प्रोत्साहित करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. दोषी पाए जाने पर जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है. सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील अपने संबोधन में बीडीओ ने कहा कि बाल विवाह को रोकना केवल प्रशासन या कानून की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य को प्राथमिकता दें तथा कम उम्र में विवाह जैसी प्रथाओं से दूर रहें. उन्होंने कहा कि जागरूक समाज ही इस कुरीति को जड़ से समाप्त कर सकता है. पहले भी दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी भी दी गई कि सिमरिया क्षेत्र में पहले बाल विवाह के एक मामले में 50 से अधिक लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है. प्रशासन की सख्ती और लगातार जागरूकता अभियानों का असर अब क्षेत्र में दिखाई देने लगा है. कई गांवों में लोग स्वयं आगे आकर बाल विवाह रोकने में सहयोग कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें: बाल विवाह जैसी कुरीति को केवल सामूहिक प्रयासों से ही मिटाया जा सकता है : संतोषी शेखर जागरूकता अभियान का दिख रहा असर बीडीओ चंद्रदेव प्रसाद द्वारा प्रखंड क्षेत्र में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. स्कूलों, पंचायतों और ग्रामीण इलाकों में नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है और लोग बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रहे हैं. कार्यक्रम में प्रमुख रोहन साहू, तेज नारायण प्रसाद सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. इसे भी पढ़ें: Ranchi: बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर हर हाल में रोक लगायी जाये, CM हेमंत सोरेन का निर्देश The post Chatra News: बाल विवाह के खिलाफ सिमरिया में बीडीओ की अनोखी पहल, ग्रामीणों को दिलाई शपथ appeared first on Naya Vichar.

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खामेनेई के दफ्तर पर हुए हमले से जिंदा निकले थे अराघची, खुद सुनाया किस्सा; बोले- 2 दिन तक सुप्रीम लीडर का पता नहीं चला

Iran Abbas Araghchi Ali Khamenei Office: अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के कार्यालय पर हुए हमले को लेकर विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने दावा किया कि हमले के समय वह उसी इमारत में मौजूद थे और विस्फोट के बाद मलबे के बीच से बाहर निकलने में सफल रहे. अराघची ने कहा कि उस समय उनकी सबसे बड़ी चिंता खुद की नहीं, बल्कि अली खामेनेई की सुरक्षा को लेकर थी. लेबनान के टीवी चैनल अल-मयादीन को दिए एक विशेष इंटरव्यू में अराघची ने संघर्ष के शुरुआती दिनों की घटनाओं का विस्तार से जिक्र किया.  हमले के बाद दो दिन तक अनिश्चितता में रहे ईरानी मीडिया प्रेस टीवी ने भी इसे रिपोर्ट किया, जिसमें अराघची ने कहा, ’28 फरवरी को संघर्ष के शुरुआती घंटों में जब अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय पर हमला हुआ, तब मैं वहीं मौजूद था. मेरी पहली सोच और मेरी पहली चिंता नेता की स्थिति को लेकर थी.’ उन्होंने बताया कि हमले के बाद स्थिति बेहद अराजक थी और कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए थे. विदेश मंत्री ने कहा कि अगले दो दिनों तक उन्हें यह स्पष्ट नहीं था कि खामेनेई किस स्थिति में हैं. इस दौरान उनका पूरा ध्यान लोगों को सुरक्षित निकालने और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर केंद्रित रहा. उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने कई बार खामेनेई को सुरक्षित स्थान या बंकर में जाने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. Iranian FM Araghchi reveals he survived strikes that killed Ali Khamenei ‘I WAS EMERGING FROM THE RUBBLE’ ‘At the moment of his martyrdom, I was in the office that was attacked’ IDF footage: ’50 Israeli jets bomb Khamenei’s compound’ pic.twitter.com/9CAxK0t5mW — RT (@RT_com) June 4, 2026 ‘जब तक जनता सुरक्षित नहीं, मैं भी नहीं जाऊंगा’ अराघची ने दावा किया कि अली खामेनेई का मानना था कि यदि आम ईरानी नागरिकों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं है तो वह स्वयं भी किसी विशेष सुरक्षा व्यवस्था का लाभ नहीं लेंगे. विदेश मंत्री के मुताबिक, खामेनेई ने कहा था कि जो कुछ देश की जनता के साथ होगा, वही उनके साथ भी होना चाहिए. अराघची ने युद्ध के दौरान खामेनेई की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि खतरे के बावजूद वह लगातार प्रशासनी कामकाज और रणनीतिक फैसलों की निगरानी करते रहे. खाड़ी देशों को पहले ही दी थी चेतावनी इंटरव्यू में अराघची ने यह भी कहा कि संघर्ष तेज होने से पहले उन्होंने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों का दौरा किया था. उन्होंने कहा कि हमने साफ कर दिया था कि अगर ईरान पर हमलों के लिए अमेरिकी सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल किया गया तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी. उनके मुताबिक, क्षेत्रीय देशों ने अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए किए जाने का समर्थन नहीं किया था, लेकिन अमेरिका ने अपनी रणनीति जारी रखी. अराघची ने अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि यदि पड़ोसी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे नहीं होते तो वे ईरान की जवाबी कार्रवाई का निशाना भी नहीं बनते. ‘ईरान की प्रतिक्रिया ने विरोधियों को चौंकाया’ विदेश मंत्री ने दावा किया कि ईरान की सैन्य प्रतिक्रिया की तीव्रता ने उसके विरोधियों को आश्चर्यचकित कर दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने इतनी तेज और तत्काल प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं की थी. अराघची के अनुसार, बड़े पैमाने पर हमले झेलने के बावजूद ईरान ने बहुत कम समय में जवाब दिया, जिसने विरोधी पक्ष की रणनीतिक गणनाओं को प्रभावित किया. मोजतबा खामेनेई के पास है पूरी कमान ईरान के नेतृत्व परिवर्तन पर पूछे गए सवालों के जवाब में अराघची ने कहा कि अब मोजतबा खामेनेई देश के सर्वोच्च नेतृत्व की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि मोजतबा खामेनेई का शासन व्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों पर मजबूत प्रभाव है तथा राज्य की बागडोर पूरी तरह उनके नियंत्रण में है. अराघची ने कहा कि नए सर्वोच्च नेता के साथ लगातार संवाद बना हुआ है. उनके निर्देश नियमित रूप से अधिकारियों तक पहुंचाए जा रहे हैं. उनके मुताबिक, नेतृत्व परिवर्तन के बाद भी व्यवस्था में कोई रुकावट नहीं आई है. ये भी पढ़ें:- ट्रंप बोले- समझौते से या सैन्य ताकत से, ईरान के खिलाफ US ही जीतेगा; खामेनेई से मुलाकात के भी दिए संकेत ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान को रूस का बड़ा ऑफर! पुतिन बोले- Su-57 फाइटर जेट देंगे, साथ मिलकर बनाएंगे; क्यों अहम है यह प्रस्ताव? 28 फरवरी से मिडिल ईस्ट में शुरू हुई जंग 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नामक संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया. इस अभियान में ईरान के परमाणु ठिकानों, मिसाइल अड्डों, वायु-रक्षा प्रणालियों और शीर्ष सैन्य नेतृत्व को निशाना बनाया गया. इस हमले में तेहरान सहित कई शहरों में विस्फोट हुए.  इन्ही हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य एवं सुरक्षा अधिकारियों के मारे जाने की समाचारें सामने आईं. इजरायल ने दावा किया कि उसके लगभग 200 लड़ाकू विमानों ने सैकड़ों लक्ष्यों पर हमला किया, जबकि अमेरिका ने भी मिसाइल और हवाई हमलों में भाग लिया. हमलों के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की, जिसे उसने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस IV’ नाम दिया. ईरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों की सैन्य सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. बहरीन, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और इराक के कुछ हिस्सों में हवाई हमले की घटनाएँ दर्ज की गईं.  इस दिन से शुरू हुआ संघर्ष आगे चलकर 2026 के ईरान युद्ध में बदल गया, जिसके कारण पूरे मध्य-पूर्व में तनाव, आर्थिक प्रभाव और बड़े पैमाने पर जनहानि हुई. इसने पूरी दुनिया में आर्थिक संकट और जियो पॉलिटिकल टेशन को भी पैदा कर दिया, जो अब तक जारी है. फिलहाल 8 अप्रैल से दोनों पक्षों (अमेरिका और ईरान) के बीच सीजफायर चल रहा है, लेकिन आए दिन भड़काऊ बयानबाजी और छिटपुट हमले कब दोबारा युद्ध का रुख अख्तियार कर लें, कहा नहीं जा सकता.  ANI के इनुपुट के साथ. The post खामेनेई के दफ्तर पर हुए हमले

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सेना के कैप्टन ने पासिंग आउट परेड के बाद मंगेतर को किया प्रपोज तो अनुशासन पर उठे सवाल, सेना के दिग्गजों ने दिया साथ

Unique Marriage proposal : महाराष्ट्र के नासिक में कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में पासिंग आउट परेड के बाद एक इमोशनल पल शामिल हुआ. इस इमोशनल पल में कैप्टन हिंदुस्तान भारद्वाज अपनी गर्लफ्रेंड को शादी के लिए प्रपोज करते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. मैं इस दिन को यादगार बनाना चाहता था #WATCH | Nashik, Maharashtra: “We have all become pilots, instructors today. It was a big day for all of us. Our hard work yielded fruit today. Both of us have known each other for the past five years. I don’t think that there is any better day than this to propose marriage to… pic.twitter.com/BNlD94vl4b — ANI (@ANI) June 2, 2026 कैप्टन हिंदुस्तान भारद्वाज ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि आज हम सब पायलट और इंस्ट्रक्टर बन गए हैं. यह हम सबके लिए बहुत बड़ा दिन है. हमारी मेहनत का हमें फल मिला. मेरे परिवार खासकर मेरी मां और नाना-नानी सबके लिए यह बहुत खास दिन है. इसी वजह से मैं इस दिन को और भी खास बनाना चाहता था. मैं और मेरी मंगेतर हम दोनों एक-दूसरे को पिछले पांच साल से जानते हैं. मुझे ऐसा लगा कि उन्हें शादी का प्रपोजल देने के लिए इससे अच्छा कोई दिन नहीं हो सकता है. मैं अपनी मंगेतर के लिए इस दिन को यादगार बनाना चाहता था. यही मेरा पूरा आइडिया था. इसी वजह से मैंने उन्हें पासिंग आउट परेड के बाद प्रपोज किया. वीडियो में काफी खुश नजर आ रहे हैं दोनों एएनआई ने जो वीडियो जारी किया है उसमें कैप्टन हिंदुस्तान भारद्वाज और उनकी मंगेतर दोनों बहुत खुश नजर आ रहे हैं. हिंदुस्तान घुटनों के बल बैठकर अपनी मंगेतर को प्रपोज कर रहे हैं. वे अपनी यूनिफाॅर्म में हैं और उनकी मंगेतर साड़ी में बहुत सुंदर नजर आ रही हैं. प्रपोज एक्सेप्ट हो जाने के बाद हिंदुस्तान के दोस्त उनकी मंगेतर को बधाई देते भी नजर आ रहे हैं. सोशल मीडिया में छिड़ी बहस You want the young officer to sacrifice his life for the love of the Nation, but you don’t want him to express his love for his fiancée. In the Army we say ‘Youngster nahi karega, toh kaun karega’. If you can not find a fault in his professional capabilities, don’t do this… pic.twitter.com/FS0G2USjiU — KJS DHILLON🇮🇳 (@TinyDhillon) June 4, 2026 कैप्टन हिंदुस्तान और उनकी मंगेतर का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया में बहस छिड़ गई कि क्या इस तरह से प्रपोज करना सही था? क्या यह अनुशासन को तोड़ने वाला वीडियो नहीं था? इस तरह की बहस का सेना के कई अधिकारियों ने विरोध किया और इसे बेहतरीन पल बताया है. लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिल्लन ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि यंगस्टर नहीं करेगा तो कौन करेगा. अगर आपको उसकी प्रोफेशनल काबिलियत में कोई कमी नहीं दिख रही है, तो प्यार और अपनेपन के ऐसे पवित्र इशारे के लिए यह नुक्ताचीनी ना करें. ये भी पढ़ें : शपथग्रहण के दूसरे दिन कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने दिया इस्तीफा, CM डीके शिवकुमार ने कहा-हम समस्या सुलझा लेंगे बंगाल की नेतृत्व में संक्रमण काल, ममता के सामने कुनबे को जोड़कर रखने की चुनौती, क्या होगा भविष्य? The post सेना के कैप्टन ने पासिंग आउट परेड के बाद मंगेतर को किया प्रपोज तो अनुशासन पर उठे सवाल, सेना के दिग्गजों ने दिया साथ appeared first on Naya Vichar.

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पहले पुलिस की तारीफ, अब बोले- लेट पहुंची, एक बार फिर अपने बयान से पलटे खान सर

Khan Sir Coaching Attack: पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले और फायरिंग विवाद के बीच खान सर एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं. इस बार वजह पुलिस को लेकर उनका बदला हुआ रुख है. घटना के बाद उन्होंने शुरुआत में पुलिस की कार्रवाई की सराहना की थी, उसी मामले में अब उनका कहना है कि पुलिस देर से पहुंची थी और इसी वजह से उनके गार्ड्स को आत्मरक्षा में फायरिंग करनी पड़ी. फायरिंग का वीडियो सामने आने और पुलिस जांच के बाद उनके खिलाफ हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. पहले तारीफ, अब शिकायत, पुलिस को लेकर बदला सुर हमले की घटना के बाद शुरुआती दौर में खान सर पुलिस की कार्रवाई की तारीफ करते नजर आए थे. लेकिन अब उनका कहना है कि घटना के वक्त पुलिस समय पर नहीं पहुंची. फायरिंग के वीडियो पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि मारपीट हो रही थी और उन्हें पता था कि पुलिस को मौके पर पहुंचने में समय लगेगा. उनका कहना था कि पुलिस ‘उड़कर’ नहीं पहुंच सकती, इसलिए सुरक्षा गार्डों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की. यहीं से सवाल उठने लगे हैं कि आखिर जिस पुलिस की कार्रवाई की पहले सराहना की जा रही थी, उसी पुलिस की देरी अब फायरिंग को जायज ठहराने का आधार कैसे बन गई? फायरिंग पर भी बदल चुके हैं बयान पुलिस को लेकर बदले रुख से पहले भी खान सर अपने एक बयान को लेकर चर्चा में आ चुके हैं. हमले के तुरंत बाद उन्होंने दावा किया था कि कोचिंग सेंटर पर 8 से 10 राउंड फायरिंग हुई थी. यह बयान काफी सुर्खियों में रहा था. हालांकि बाद में वे इस बयान से पलट गए थे. अब आत्मरक्षा में फायरिंग की दलील के साथ उनका नया बयान सामने आया है, जिससे विरोधी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर मामले में लगातार अलग-अलग दावे क्यों सामने आ रहे हैं. गार्ड क्यों रखते हैं? फैसल खान ने फायरिंग का किया बचाव फायरिंग के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए खान सर ने कहा कि सुरक्षा गार्ड इसलिए रखे जाते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों की सुरक्षा कर सकें. उन्होंने सवाल किया कि जब तक पुलिस नहीं पहुंची थी, तब तक बॉडीगार्ड को क्या करना चाहिए था? उनका दावा है कि गार्ड्स ने किसी व्यक्ति को निशाना बनाकर गोली नहीं चलाई, बल्कि हालात को नियंत्रित करने और आत्मरक्षा के लिए कार्रवाई की. FIR के बाद बढ़ीं मुश्किलें पुलिस सूत्रों के अनुसार कदमकुआं थाने में फैसल खान उर्फ खान सर के खिलाफ हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. यह कार्रवाई उस वीडियो के सामने आने के बाद हुई है जिसमें उनके कोचिंग सेंटर से फायरिंग होती दिखाई दे रही है. मामले में पुलिस पहले ही दोनों बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. उनसे पूछताछ के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ गया है. Also Read: क्लासरूम में खान सर बने इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर, बच्चों को पढ़ाने के बजाए CCTV फुटेज दिखाकर हमले का विश्लेषण करते दिखे The post पहले पुलिस की तारीफ, अब बोले- लेट पहुंची, एक बार फिर अपने बयान से पलटे खान सर appeared first on Naya Vichar.

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पटना में खान सर पर FIR दर्ज, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही पुलिस, दो बॉडीगार्ड पहले हो चुके हैं गिरफ्तार

पटना से नितिश सिंह की रिपोर्टKhan Sir Coaching Attack: पटना के मुसल्लहपुर स्थित खान ग्लोबल स्टडीज परिसर के सामने फायरिंग का वीडियो वायरल होने के बाद खान सर पर भी कदमकुआं थाना में केस दर्ज कर लिया गया है. साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. वीडियो में बॉडीगार्ड थ्री फिफ्टीन के मॉडिफाइड राइफल से फायरिंग करता दिख रहा है. फायरिंग का वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खान सर के दो बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार और शालेश्वर प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया. दोनों शुक्रवार को कोर्ट भी ले जाया गया है. करीब 38 सेकेंड के वायरल वीडियो में दो से तीन राउंड फायरिंग करने की बात सामने आई है. गिरफ्तार गार्ड प्रदीप कुमार यूपी के मैनपुरी और शालेश्वर प्रसाद यूपी के कासगंज का रहने वाला है. टाउन डीएसपी ने खान सर पर केस दर्ज होने की पुष्टि की है. इस मामले में पुलिस को अब खान सर की तलाश है. पुलिस ने कहा था, नहीं हुई थी फायरिंग खान सर की कोचिंग पर हमले के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद, अभिषेक कुमार और गौरव कुमार को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया. साथ ही यह बात भी कह दी कि जांच में फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन अचानक ही एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें गार्ड फायरिंग करते हुए दिख रहे हैं. अब यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर पुलिस ने किस तरह की जांच की थी कि उन्हें फायरिंग की जानकारी नहीं मिल पाई. खान सर की ओर से मैनेजर कन्हैया सिंह ने भी जो पुलिस को आवेदन दिया था, उसमें भी फायरिंग का जिक्र नहीं किया गया था. लेकिन अब खान सर ने खुद ही यह स्वीकार किया है कि फायरिंग हुई थी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सेल्फ डिफेंस में गोली चलाई गई. जानिए पूरा मामला घटना मंगलवार की रात की है. कदमकुआं थाने के मुसल्लहपुर के किसान कोल्ड स्टोरेज के पास स्थित खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में काफी संख्या में लोगों ने हंगामा और पथराव किया था. इस दौरान फायरिंग के भी आरोप लगाए गए थे. मारपीट और पथराव कर खान ग्लोबल स्टडीज के स्टाफ सह गार्ड और दीघा बाटा निवासी चुनचुन कुमार का सिर फोड़ दिया गया था. इस मामले में कदमकुआं थाने में एक केस दर्ज किया गया था. इसके बाद ज्ञान बिंदु के संचालक सहित तीन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. Also Read: ‘ये लोग चाहते हैं कि मेरे फोटो पर माला चढ़ जाए…’, खान सर ने बताया क्यों करनी पड़ी गार्ड को फायरिंग The post पटना में खान सर पर FIR दर्ज, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही पुलिस, दो बॉडीगार्ड पहले हो चुके हैं गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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हस्ताक्षर घोटाला मामले में अभिषेक बनर्जी को झटका, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की

कोलकाता से पूनम कुंदन झा की रिपोर्ट Abhishek Banerjee: कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने विधायक हस्ताक्षर गड़बड़ी मामले में पूछताछ के लिए सीआइडी के समन को चुनौती दी थी. यह मामला विधानसभा में चार अहम पदों के लिए विधायकों के नामांकन के प्रस्ताव पर कुछ विधायकों के हस्ताक्षर मेल न खाने से जुड़ा है. जल्द सुनवाई की मांग खारिज अभिषेक बनर्जी ने तीन जून को कलकत्ता हाई कोर्ट में सीआइडी के समन को चुनौती देते हुए पुलिस की जबरन कार्रवाई, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है, से सुरक्षा की मांग की थी. इसी याचिका में उनके वकील ने जल्द सुनवाई की भी अपील की थी. यह मामला शुक्रवार सुबह जस्टिस चैताली चट्टोपाध्याय की एकल अवकाश पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया. हालांकि, अदालत ने तृणमूल कांग्रेस महासचिव की जल्द सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया. पेशी के लिए मांगा 15 दिनों का समय शुरुआत में अभिषेक बनर्जी को एक जून को सीआइडी दफ्तर में पेश होने के लिए समन भेजा गया था, लेकिन उस दिन पेश होने के बजाय उन्होंने 15 दिन का समय मांगा. उन्होंने कहा कि 30 मई को दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में जनता द्वारा हमला किये जाने के बाद उनकी शारीरिक स्थिति ठीक नहीं है. हालांकि, एक जून की शाम को सीआइडी अधिकारियों ने उन्हें दूसरा नोटिस भेजा और आठ जून को सीआइडी दफ्तर में पेश होने के लिए कहा. क्या है मामला कुछ दिन पहले अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के नये स्पीकर रथींद्र बोस को पत्र लिखकर शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष, नयना बंदोपाध्याय और असीमा पात्रा को दो उपनेता और फिरहाद हकीम को तृणमूल कांग्रेस विधायक दल का मुख्य सचेतक नामित किया था. स्पीकर ने हालांकि जोर दिया कि तृणमूल कांग्रेस विधायकों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव, जिसमें इन चार नामों का समर्थन हो, अभिषेक बनर्जी के पत्र के साथ जमा किया जाये. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जांच सीआइडी को सौंप दी अध्यक्ष के इस निर्देश के बाद तृणमूल कांग्रेस विधायकों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव स्पीकर के कार्यालय में जमा किया गया, लेकिन मामला तब उलझ गया जब तृणमूल कांग्रेस के दो विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने स्पीकर के कार्यालय को कुछ विधायकों के हस्ताक्षर मेल न खाने की बात बतायी. इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने जांच सीआइडी को सौंप दी और सीआइडी ने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए समन भेजा. Also Read: तृणमूल के पूर्व विधायक तिलक चक्रवर्ती गिरफ्तार, लगे हैं भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप The post हस्ताक्षर घोटाला मामले में अभिषेक बनर्जी को झटका, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की appeared first on Naya Vichar.

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