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June 5, 2026

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थिएटर्स में ‘फुल टू धमाल’ एंटरटेनमेंट का नया दौर, सालों बाद बड़े पर्दे पर लौटी असली देसी कॉमेडी की रौनक!

फिल्म रिव्यू : है जवानी तो इश्क होना है सिनेमास्कोप रेटिंग: (4/5 स्टार) कैप्टन ऑफ द शिप: डेविड धवन बैनर एवं प्रोडक्शन: टिप्स फिल्म्स कास्टिंग क्रू: वरुण धवन, मृणाल ठाकुर, पूजा हेगड़े, मनीष पॉल, जिमी शेरगिल, मौनी रॉय एवं पूरी पलटन Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai: हिंदुस्तानीय सिनेमा के इतिहास में कुछ गिने-चुने निर्देशक ही ऐसे हुए हैं जो दर्शकों की नब्ज पहचानते हैं. इस वीकेंड बड़े पर्दे पर उतरी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ इसका सबसे ताजा उदाहरण है. यह फिल्म महज बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों के लिए नहीं बनी, बल्कि इसका असली मकसद सिनेमाघरों में छाए सन्नाटे को ठहाकों की गूंज से बदलना है. निर्देशक डेविड धवन ने अपनी उसी पुरानी, सुपरहिट विंटेज शैली को दोबारा जीवित किया है, जिसने कभी पूरे देश को दीवाना बनाया था. लेकिन इस बार, कहानी की पैकेजिंग में 2026 के युवाओं का नया स्वैग, ट्रेंडी लाइफस्टाइल और आधुनिक रंग घोला गया है. थिएटर से बाहर निकलते वक्त हर दर्शक के चेहरे पर खिली बड़ी सी मुस्कान यह बताने के लिए काफी है कि शुद्ध देसी मनोरंजन की तलाश अब खत्म हो चुकी है. सिचुएशनल कॉमेडी की मास्टरक्लास: कन्फ्यूजन का ऐसा स्पोर्ट्स जो थकने नहीं देता फिल्म की कहानी का ताना-बाना किसी ऐसी भूलभुलैया की तरह बुना गया है, जिसमें दर्शक एक बार दाखिल होता है तो बस हंसता ही चला जाता है. डेविड धवन को महारत हासिल है कि वे मामूली सी गलतफहमी को भी स्क्रीन पर एक बड़े उत्सव में बदल देते हैं. ‘मिस्टेकन आइडेंटिटी’ और ‘क्रिस-क्रॉस’ संवादों का जो सिलसिला पहले हाफ से शुरू होता है, वह सेकेंड हाफ के क्लाइमेक्स तक दर्शकों को बांधकर रखता है. इस पूरी मजेदार उथल-पुथल की सबसे बड़ी खूबी इसकी बेजोड़ पेसिंग है. स्क्रीनप्ले में दृश्यों को इतनी तेजी और सफाई से बदला गया है कि आपको बोर होने का एक सेकंड भी नहीं मिलता. राहत की बात यह है कि इस पागलपंती के बीच निर्देशक अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं; कहानी में पारिवारिक मूल्यों, दोस्ती के फर्ज और नई उम्र की मासूम मोहब्बत को बहुत ही सलीके से पिरोया गया है. यही वजह है कि यह फिल्म सिर्फ एक लाफ्टर शो न रहकर एक बेहतरीन इमोशनल फैमिली ड्रामा भी बन जाती है. वरुण धवन का वन-मैन शो और फीमेल लीड्स का स्क्रीन-चार्म एक्टिंग के मोर्चे पर यह फिल्म पूरी तरह से वरुण धवन के नाम रही है. जैसे ही वे स्क्रीन पर आते हैं, थिएटर की ऊर्जा का स्तर अचानक कई गुना बढ़ जाता है. उनके चेहरे के एक्सप्रेशंस, लाउड डायलॉग डिलीवरी और कॉमिक टाइमिंग से साफ झलकता है कि वे इस जॉनर के कितने माहिर खिलाड़ी हैं. वरुण ने अपनी पुरानी परफॉर्मेंस के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए खुद को इस दौर का सबसे भरोसेमंद एंटरटेनर साबित कर दिया है. वहीं, फिल्म की दोनों लीड अभिनेत्रियों—मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े ने स्क्रीन पर संतुलन बनाने का बेहतरीन काम किया है. मृणाल ठाकुर ने अपनी भूमिका में एक बेहद प्यारी सादगी, ठहराव और संजीदगी दिखाई है, जो दिल जीत लेती है. दूसरी तरफ, पूजा हेगड़े ने अपने लाजवाब ग्रेस, स्टाइल और गजब के आत्मविश्वास से फिल्म के ग्लैमर कोशेंट को काफी ऊपर उठा दिया है. जब ये तीनों कलाकार एक साथ किसी फ्रेम में नजर आते हैं, तो उनकी आपसी ट्यूनिंग से परदे पर एक अलग ही रौनक बिखर जाती है. सपोर्टिंग कास्ट का पावर पंच: मनीष पॉल और जिमी शेरगिल की कमाल की टाइमिंग डेविड धवन के सिनेमा की यह हमेशा से रीढ़ रही है कि उनकी फिल्मों के सह-कलाकार भी मुख्य अभिनेताओं जितने ही मजबूत होते हैं. मनीष पॉल ने इस फिल्म में कॉमेडी का ऐसा समां बांधा है कि उनकी हर एंट्री पर थिएटर में तालियां और सीटियां बजने लगती हैं. उनकी वन-लाइनर डिलीवरी बेमिसाल है. जिमी शेरगिल ने अपने खास गंभीर लेकिन मजाकिया अंदाज से कहानी को एक जरूरी और ठोस वजन दिया है. सरप्राइज पैकेज के रूप में मौनी रॉय ने एक छोटा लेकिन बेहद असरदार और टर्निंग पॉइंट वाला किरदार निभाया है, जो लंबे समय तक याद रहता है. चंकी पांडे, अली असगर, राजेश कुमार और राकेश बेदी जैसे अनुभवी सितारों की टोली ने मिलकर स्क्रीन पर मनोरंजन का ऐसा तड़का लगाया है कि कोई भी दृश्य धीमा या कमजोर महसूस नहीं होता. रंगों का भव्य विजुअल ट्रीट और पुराने दिनों की म्यूजिकल यादें तकनीकी तौर पर फिल्म का हर एक फ्रेम किसी बड़े कैनवास जैसा खूबसूरत नजर आता है. सिनेमैटोग्राफर अयानका बोस ने डेविड धवन के विजन को पूरी तरह समझते हुए पूरी फिल्म को ब्राइट, नयन-सुखद और वाइब्रेंट कलर्स के साथ शूट किया है. फरहाद सामजी और सजावल युनुस के लिखे चुटीले और नए जमाने के मुहावरों से सजे संवाद सीधे युवाओं की जुबान पर चढ़ने की काबिलियत रखते हैं. संगीत इस पूरी फिल्म का एक और सबसे बड़ा मजबूत पक्ष है. तनिष्क बागची और व्हाइट नॉइज़ कलेक्टिव की पूरी कंपोजर्स टीम ने मिलकर ऐसा साउंडट्रैक तैयार किया है जो फिल्म की कहानी की रफ्तार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है. फिल्म का असली टर्निंग पॉइंट वो लम्हा है जब अनु मलिक और शंकर महादेवन की जुगलबंदी वाला आइकॉनिक रीक्रिएटेड टाइटल ट्रैक थिएटर्स के साउंड सिस्टम पर गूंजता है. वह सीन दर्शकों को सीधे 90 के दशक के सुनहरे दौर की याद दिला देता है. रेमो डिसूजा और बोस्को-सीज़र की कोरियोग्राफी ने गानों में एक अलग स्तर का स्वैग फूंक दिया है. फुर्सत का सिनेमा: क्यों यह फिल्म जल्दबाजी का शिकार नहीं होती? इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी इसका सहज और फुर्सत भरा स्क्रीनप्ले अरेंजमेंट है. निर्देशक ने कॉमिक सीन्स, किरदारों की मस्ती और डांस नंबर्स को स्क्रीन पर फैलने का पूरा मौका दिया है. यह खास अंदाज फिल्म को किसी हड़बड़ी वाले प्रोजेक्ट के बजाय एक मुकम्मल थियेट्रिकल एक्सपीरियंस बनाता है, जहां दर्शक टिकट के एक-एक पैसे का पूरा वसूल महसूस करता है और हर सीन का आनंद ले पाता है. बॉक्स ऑफिस वर्डिक्ट (निष्कर्ष) ‘है जवानी तो इश्क होना है’ खुशियों और ठहाकों का एक ऐसा मुकम्मल गुलदस्ता है, जिसे आपको इस वीकेंड बिल्कुल मिस नहीं करना चाहिए. यह फिल्म इस बात का जिंदा सुबूत है कि जब बड़े पर्दे पर साफ-सुथरा और शुद्ध मनोरंजन परोसने

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क्लासरूम में खान सर बने इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर, बच्चों को पढ़ाने के बजाए CCTV फुटेज दिखाकर हमले का विश्लेषण करते दिखे

Khan Sir Coaching Attack: पटना में कोचिंग सेंटर पर हुए हमले और फायरिंग विवाद के बीच एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और गरमा दिया है. इस वीडियो में खान सर क्लासरूम में पढ़ाई छोड़कर कथित हमले से जुड़े CCTV फुटेज का विस्तार से विश्लेषण करते नजर आ रहे हैं. हजारों छात्रों से भरे क्लासरूम में पढ़ाई के बजाय अब पूरा फोकस घटना की जांच और आरोप-प्रत्यारोप पर दिख रहा है. इसी को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि क्या क्लासरूम शिक्षा का केंद्र है या फिर किसी घटना की ‘लाइव इन्वेस्टिगेशन लैब’? मार्कर से बताया कौन-कौन है शामिल वायरल वीडियो में खान सर व्हाइटबोर्ड और स्क्रीन पर मार्कर से कुछ लोगों की पहचान बताते हुए नजर आ रहे हैं. वे वीडियो में कहते दिखते हैं कि एक व्यक्ति की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है, जबकि ‘विकास’ नाम का व्यक्ति वह है जो कथित तौर पर गार्ड को लेकर गया था. इसके अलावा ‘उजली शर्ट वाला व्यक्ति’ भी अब तक गिरफ्तार नहीं हुआ है. पूरा क्लासरूम एक तरह से इन्वेस्टिगेशन सेशन में बदलता दिखाई देता है, जहां हर फ्रेम को रोककर समझाया जा रहा है. View this post on Instagram A post shared by Naya Vichar Patna (@prabhat.khabar_patna) खान सर बोले- मीडिया सिर्फ एक हिस्सा दिखा रही है इसी दौरान खान सर यह भी कहते नजर आते हैं कि मीडिया घटना का केवल एक हिस्सा दिखा रही है, जबकि पूरी सच्चाई सामने नहीं लाई जा रही है. वे हाथ में किताब लेकर कहते हैं कि कोचिंग पर लगातार गोलियां चली थीं और वास्तविकता को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है. इस दौरान उन्होंने भावुक अंदाज में कहा- हम विद्या कसम खाते हैं. छात्रों को भविष्य को लेकर भी दी चेतावनी वीडियो में खान सर यह भी कहते दिखते हैं कि अगर उनका संस्थान बंद हो गया तो आने वाले छह महीनों में कई कोचिंग संस्थानों की फीस एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच सकती है. इस बयान ने विवाद को और गहरा कर दिया है, क्योंकि यह बात छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था दोनों से जुड़ी मानी जा रही है. खान सर पर उठ रहे सवाल अब बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या खान सर छात्रों को पढ़ा रहे हैं या फिर अपने संस्थान और घटना के पूरे घटनाक्रम को क्लास में ही समझा रहे हैं? क्लासरूम में CCTV फुटेज, पहचान, आरोप और विश्लेषण के बीच पढ़ाई कहीं पीछे छूटती नजर आ रही है. 2 जून की रात की है घटना 2 जून की रात पटना स्थित कोचिंग सेंटर पर हुए हमले में मारपीट, पत्थरबाजी और हंगामे के आरोप लगे थे. घटना के बाद कई वीडियो और CCTV फुटेज सामने आए, जिनके आधार पर पुलिस जांच आगे बढ़ी. आरोप है कि हमले के दौरान गार्ड के साथ मारपीट हुई और कोचिंग परिसर में तोड़फोड़ भी की गई. खान सर के दो गार्ड गिरफ्तार उसके बाद एक और वीडियो सामने आया जिसमें खान सर के गार्ड्स फायरिंग करते दिखे. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए कोचिंग के गार्ड्स से पूछताछ की और उनके हथियार जब्त किए हैं. दोनों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया है. हथियार के सत्यापन के आधार पर कदमकुआं थाने में नई FIR दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि वीडियो और सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. Also Read: ‘जेल का ताला टूटेगा, रौशन सर छूटेगा…’, हजारों की संख्या में पटना की सड़कों पर उतरे छात्र, खान सर हाय-हाय के भी लगे नारे The post क्लासरूम में खान सर बने इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर, बच्चों को पढ़ाने के बजाए CCTV फुटेज दिखाकर हमले का विश्लेषण करते दिखे appeared first on Naya Vichar.

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तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई ने छोड़ी पार्टी, इस्तीफा मंजूर

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई का पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया गया इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. इस फैसले के बाद तमिलनाडु बीजेपी की नेतृत्व में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं. उन्होंने दो जून को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की थी. BJP National President Nitin Nabin has accepted the resignation submitted by the Tamil Nadu Ex-State President K Annamalai from the primary membership of the Party. pic.twitter.com/gYvMKYeVJH — ANI (@ANI) June 5, 2026 अन्नामलाई के बीजेपी छोड़कर अपनी नयी पार्टी बनाने की अटकलों के बीच पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्रन ने गुरुवार (4 जून) को कहा था कि उनके (अन्नामलाई) इस्तीफे की समाचारें निराधार हैं. नागेंद्रन ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में मुझे अभी तक ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है. हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है. अन्नामलाई ने किसी से भी नयी पार्टी बनाने के बारे में बात नहीं की है. इस बारे में हमारी उनसे बात नहीं हुई है ना ही उन्होंने हमसे कुछ कहा है. The post तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई ने छोड़ी पार्टी, इस्तीफा मंजूर appeared first on Naya Vichar.

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RBI का बड़ा फैसला, रेपो रेट 5.25% पर बरकरार

RBI MPC Meeting: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग खत्म हो गई है. आम जनता से लेकर बड़े कारोबारियों तक, सबकी नजरें इस बात पर टिकी थीं कि इस बार आरबीआई ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला लेता है. आसान शब्दों में समझें तो आरबीआई ने इस बार भी आम जनता को कोई झटका नहीं दिया है, लेकिन साथ ही दुनिया में चल रहे हालातों को लेकर थोड़ी चिंता भी जताई है. आइए जानते हैं इस मीटिंग की 3 सबसे बड़ी और काम की बातें: क्या आपकी EMI कम होगी? नहीं, फिलहाल आपकी लोन की EMI जैसी है वैसी ही रहेगी. आरबीआई ने इस बार रेपो रेट (Repo Rate) को 5.25% पर बरकरार रखा है, यानी इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. ये भी पढ़ें: RBI के फैसले से पहले शेयर बाजार में रौनक, सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुले  The post RBI का बड़ा फैसला, रेपो रेट 5.25% पर बरकरार appeared first on Naya Vichar.

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19 हजार करोड़ के निवेश का रोडमैप तैयार, पूर्वी भारत का लॉजिस्टिक्स हब बनेगा बंगाल

कोलकाता से अमर शक्ति प्रसाद की रिपोर्ट Bengal News: केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन व जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात कर राज्य में 19,209 करोड़ रुपये की निवेश योजना पर विस्तार से चर्चा की. इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य वर्ष 2031 तक राज्य को पूर्वी हिंदुस्तान का प्रमुख समुद्री, लॉजिस्टिक्स और जहाज विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करना है. करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक भाजपा प्रशासन के सत्ता में आने के बाद केंद्र के पत्तन, पोत परिवहन व जलमार्ग मंत्रालय और राज्य प्रशासन के बीच पहली औपचारिक बैठक रही. बैठक में बंदरगाह विकास, जलमार्गों के विस्तार और समुद्री वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया. ‘मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047’ विजन 2047 के तहत बड़ा निवेश निवेश योजना में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं- -बालागढ़ में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब का विकास-कोलकाता व हल्दिया बंदरगाहों का विस्तार और आधुनिकीकरण-अंतर्देशीय जलमार्गों को सशक्त बनाना-जहाज निर्माण और मरम्मत के लिए आधुनिक अवसंरचना तैयार करना-क्रूज पर्यटन सुविधाओं का विस्तार-नदी तटों का पुनर्विकास-बंदरगाह आधारित औद्योगिक क्षेत्रों का विकास पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बंगाल बनेगा पूर्वी हिंदुस्तान का समुद्री प्रवेश द्वार सोनोवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल हिंदुस्तान के समुद्री भविष्य में बेहद अहम भूमिका निभाने वाला राज्य है. उन्होंने कहा कि 19,209 करोड़ रुपये के निवेश से कोलकाता और हल्दिया को पूर्वी हिंदुस्तान के प्रमुख समुद्री प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया जायेगा. प्रमुख बातें 19,209 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश 62,500 से अधिक रोजगार सृजन की संभावना 2031 तक समुद्री और लॉजिस्टिक्स हब बनने का लक्ष्य कोलकाता-हल्दिया बंदरगाहों के विस्तार पर फोकस जहाज निर्माण, जलमार्ग और क्रूज पर्यटन को बढ़ावा पोर्ट आधारित औद्योगिकीकरण को मिलेगी नयी रफ्तार Also Read: बंगाल में तेज विकास चाहती है भाजपा, विशेष आर्थिक पैकेज देने से फिलहाल बच रहा केंद्र The post 19 हजार करोड़ के निवेश का रोडमैप तैयार, पूर्वी हिंदुस्तान का लॉजिस्टिक्स हब बनेगा बंगाल appeared first on Naya Vichar.

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सबसे पहले खान सर के स्टाफ ने फाड़ा था रौशन आनंद की कोचिंग का पोस्टर? नये वीडियो से पूरे विवाद का खुलासा

Khan Sir Coaching Attack: पटना में खान सर की कोचिंग पर बवाल और हमला मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है. इस बीच एक और नया सीसीटीवी फुटेज आ गया है. इस नए वीडियो में एक शख्स ज्ञान बिंदु कोचिंग के सम्मान समारोह का पोस्टर फाड़ता हुआ दिख रहा है. साथ ही यह वीडियो 31 मई की रात साढ़े 11 बजे का बताया जा रहा है. पोस्टर फाड़ने वाला खान सर का स्टाफ बताया जा रहा जानकारी के मुताबिक, यह पोस्टर उसी कैंपस में लगा था, जहां खान सर और ज्ञान बिंदु दोनों कोचिंग सेंटर हैं. बताया जा रहा है कि पोस्टर फाड़ने वाला शख्स खान सर का स्टाफ है. पोस्टर फटने के बाद दोनों कोचिंग संस्थान के स्टाफ में बहस भी हुई थी. इसके बाद ज्ञान बिंदु के बोर्ड पर खान सर की कोचिंग का पोस्टर लगाया गया था. वीडियो को लेकर आधिकारिक पुष्टि बाकी बताया जा रहा है कि इसी खुन्नस में मंगलवार की रात ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े लोगों ने खान सर की कोचिंग पर पथराव किया. लेकिन इस वीडियो को लेकर अब तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस की ओर से जांच के बाद ही इस वीडियो के सामने आने के बाद जो बातें निकलकर सामने आ रहीं हैं, उसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि हो सकेगी. खान सर के दो गार्ड्स से हुई थी पूछताछ इससे पहले गुरुवार को दो लोगों का फायरिंग करते हुए वीडियो वायरल हुआ था. इस वीडियो के सामने आने के बाद खान सर के दो गार्ड्स को पुलिस ने पकड़ा था. साथ ही उनसे घंटों पूछताछ की गई थी. इतना ही नहीं, पुलिस ने कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए हथियार को भी जब्त किया था और उसे एफएसएल जांच के लिए भेजा था. इसके बाद खान सर से भी पूछताछ की जानकारी है. इस विवाद से जुड़ा मामला कदमकुआं थाने में दर्ज किया गया है. रौशन आनंद की रिहाई की मांग दूसरी तरफ रौशन आनंद सर की रिहाई के लिए छात्र लगातार मांग कर रहे हैं. गुरुवार को मुसल्लहपुर हाट में सैकड़ों छात्र जमा हो गए थे. उन्होंने रौशन सर को निर्दोष बताते हुए रिहाई की मांग की. साथ ही खान सर की गिरफ्तारी की मांग की. इस दौरान लड़कियों ने खान सर के खिलाफ हाय-हाय के जमकर नारे लगाए और आनंद रौशन को जेल से छोड़ने की मांग की. फिलहाल, पुलिस जांच-पड़ताल में जुटी है. Also Read: लालू-राबड़ी की Z+ सिक्योरिटी खत्म, तेज प्रताप को सिर्फ एक बॉडीगार्ड, सम्राट प्रशासन का फैसला The post सबसे पहले खान सर के स्टाफ ने फाड़ा था रौशन आनंद की कोचिंग का पोस्टर? नये वीडियो से पूरे विवाद का खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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11 जून से शुरू होगा फुटबॉल का महाकुंभ, जानें भारत में टीवी और मोबाइल पर कहां देखें लाइव

FIFA World Cup 2026 rights in India: हिंदुस्तान के फुटबॉल फैंस के लिए एक बड़ी खुशसमाचारी है. आगामी फीफा वर्ल्ड कप 2026 का सीधा प्रसारण टीवी पर ‘यूनाइट 8 स्पोर्ट्स’ चैनल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जी5 ऐप पर किया जाएगा. जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड ने इस महाकुंभ और इसके आगामी एडिशंस के ऑफिशियल ब्रॉडकास्टिंग राइट्स हासिल कर लिए हैं. ‘यूनाइट 8 स्पोर्ट्स’ कंपनी का एक बिल्कुल नया स्पोर्ट्स चैनल है. टूर्नामेंट का शेड्यूल और फॉर्मेट यह मेगा टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में स्पोर्ट्सा जाएगा. इस बार का वर्ल्ड कप बेहद खास होने वाला है क्योंकि इसमें इतिहास में पहली बार 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनके बीच कुल 104 मैच स्पोर्ट्से जाएंगे. 2034  तक की मेगा डील जी ने न सिर्फ 2026 और 2030 के फीफा मेंस वर्ल्ड कप, बल्कि 2027 के फीफा विमेंस वर्ल्ड कप और 2034 तक होने वाले अन्य सभी प्रमुख फीफा इवेंट्स के मीडिया राइट्स अपने नाम कर लिए हैं. इस डील में हिंदुस्तानीय दर्शकों के लिए विशेष रूप से तैयार की जाने वाली डॉक्यूमेंट्री-सीरीज का कंटेंट भी शामिल है. हिंदुस्तानीय ब्रॉडकास्टर्स क्यों बना रहे थे दूरी दरअसल, अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाले मैचों के टाइम ज़ोन के अंतर के कारण हिंदुस्तान में अधिकांश मुकाबलों का लाइव टेलीकास्ट आधी रात के बाद या अगले सुबह शुरू होगा. समय के इस बड़े अंतर की वजह से हिंदुस्तानीय ब्रॉडकास्टर्स पहले इस डील में खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे, लेकिन अब ZEEL ने बाजी मार ली है. हिंदुस्तानीय दर्शक टीवी पर कंपनी के नए चैनल ‘यूनाइट 8 स्पोर्ट्स’ और मोबाइल पर Zee5 ऐप के जरिए इन मैचों का आनंद ले सकेंगे. ज़ी के प्लेटफॉर्म्स पर दिखेगा इन टूर्नामेंट्स का रोमांच टूर्नामेंट कैटेगरी मुख्य इवेंट्स मेंस और विमेंस वर्ल्ड कप • फीफा मेंस वर्ल्ड कप (2026, 2030)• फीफा विमेंस वर्ल्ड कप (2027) युवा और जूनियर टूर्नामेंट • अंडर-17 वर्ल्ड कप (मेंस और विमेंस)• अंडर-20 वर्ल्ड कप (मेंस और विमेंस) इनडोर और अन्य कप • फुटसाल वर्ल्ड कप (मेंस और विमेंस)• इंटरकॉन्टिनेंटल कप स्पेशल कंटेंट • हिंदुस्तानीय मार्केट के लिए खास डॉक्यूमेंट्री-सीरीज लॉन्च किए 4 नए चैनल क्र. सं. चैनल का नाम भाषा क्वालिटी (Format) लक्षित दर्शक 1. यूनाइट 8 स्पोर्ट्स 1 हिंदी (Hindi) SD हिंदी भाषी स्पोर्ट्स प्रेमी 2. यूनाइट 8 स्पोर्ट्स 1 HD हिंदी (Hindi) HD हिंदी भाषी स्पोर्ट्स प्रेमी 3. यूनाइट 8 स्पोर्ट्स 2 अंग्रेजी (English) SD अंग्रेजी भाषी स्पोर्ट्स प्रेमी 4. यूनाइट 8 स्पोर्ट्स 2 HD अंग्रेजी (English) HD अंग्रेजी भाषी स्पोर्ट्स प्रेमी जानिए कैसे ज़ी ने मारी बाजी हिंदुस्तान में फीफा वर्ल्ड कप 2026 के प्रसारण को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो चुका है, लेकिन इसके पीछे की बिजनेस डील काफी दिलचस्प रही. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआत में फीफा हिंदुस्तानीय मार्केट से ब्रॉडकास्ट राइट्स के लिए 100 मिलियन डॉलर (करीब ₹950 करोड़) चाहता था. लेकिन मार्केट रिस्पॉन्स को देखते हुए वह 60 मिलियन डॉलर (करीब ₹570 करोड़) तक आने के लिए भी तैयार हो गया था. यह भी पढ़े- रोनाल्डो-मेसी की पार्टनर्स की सोशल मीडिया से बंपर कमाई, एक पोस्ट के मिलेंगे करोड़ों रुपये The post 11 जून से शुरू होगा फुटबॉल का महाकुंभ, जानें हिंदुस्तान में टीवी और मोबाइल पर कहां देखें लाइव appeared first on Naya Vichar.

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20 हजार रैंक पर कौन सी NIT और ब्रांच मिलेगी? यहां देखें बेस्ट कॉलेजों की लिस्ट

Best NIT Colleges: JEE Main का रिजल्ट आने के बाद जब स्क्रीन पर 20 हजार रैंक दिखती है, तो खुशी के साथ-साथ थोड़ा कंफ्यूजन भी होता है. खुशी इस बात की कि आपकी मेहनत रंग लाई है, और कंफ्यूजन इसलिए कि JoSAA काउंसलिंग में इस रैंक पर कौन सा कॉलेज और कौन सी ब्रांच चुनना सबसे सही रहेगा.   20 हजार रैंक एक बेहतरीन ‘स्वीट स्पॉट’ है. जोसा (JoSAA) के पिछले सालों के कट-ऑफ ट्रेंड्स (Cut-off Trends) को देखें, तो इस रैंक पर आपको देश के टॉप-10 से लेकर टॉप-20 NITs में बहुत ही शानदार ब्रांचेस मिलने के पूरे चांस होते हैं. आइए जानते हैं कि चॉइस फिलिंग के दौरान आपके लिए कौन-से ऑप्शंस (Best NIT Colleges) बेस्ट रहेंगे.  1. टॉप 10 NITs: ब्रांड नेम और कोर ब्रांचेस अगर आपका सपना देश के सबसे प्रीमियम और पुराने NITs (Best NIT Colleges) में पढ़ने का है, तो 20 हजार रैंक पर ओपन कैटेगरी में कंप्यूटर साइंस (CSE) मिलना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन दूसरी बेहद डिमांडिंग कोर ब्रांचेस आसानी से मिल सकती हैं: NIT त्रिची, सुरथकल और वारंगल: ये देश के टॉप-3 NITs हैं. अगर आप ‘अदर स्टेट’ (Other State) कोटा से हैं, तो यहां आपको मैकेनिकल इंजीनियरिंग (Mechanical), केमिकल (Chemical) या सिविल इंजीनियरिंग मिल सकती है. जो छात्र प्रशासनी नौकरियों (PSUs) या कोर सेक्टर में जाना चाहते हैं, उनके लिए यह बेस्ट ऑप्शन है। MNNIT इलाहाबाद और NIT राउरकेला: इन कॉलेजों का प्लेसमेंट रिकॉर्ड गजब का है. यहां आपको इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (EE) या मैकेनिकल इंजीनियरिंग ब्रांच मिलने की पूरी उम्मीद रहती है.  2. टॉप 15 NITs: इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स का विकल्प अगर आप कॉलेज के ब्रांड नेम से थोड़ा सा समझौता करके ऐसी ब्रांच चाहते हैं जिसकी टेक और आईटी कंपनियों में भारी डिमांड हो, तो ये ऑप्शंस आपके लिए बेस्ट हैं: VNIT नागपुर और NIT कुरुक्षेत्र: यहां 20k रैंक के आसपास इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन (ECE) या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (EE) मिलने के बहुत ज्यादा चांस होते हैं. टॉप टेक कंपनियाँ इन ब्रांच के छात्रों को कोडिंग जॉब्स के लिए बैठने की अनुमति देती हैं.  SVNIT सूरत और NIT जमशेदपुर: एनआईटी जमशेदपुर अपने कमाल के प्लेसमेंट (खासकर कोर और आईटी दोनों में) के लिए जाना जाता है। यहां भी आपको ECE या EE मिल सकती है.  3. नई और उभरती NITs: जहां मिलेगी कंप्यूटर साइंस (CSE) अगर आपका फोकस सिर्फ कोडिंग है और आप सिर्फ कंप्यूटर साइंस या आईटी ही पढ़ना चाहते हैं, तो 20 हजार रैंक पर आपको इन तेजी से ग्रो कर रहे संस्थानों (Best NIT Colleges) को चुनना चाहिए: NIT रायपुर और NIT सिलचर: इन दोनों ही कॉलेजों का नेशनल रैंकिंग और प्लेसमेंट ग्राफ पिछले कुछ सालों में बहुत ऊपर गया है. यहां आपको CSE या IT मिलने की संभावना है.  NIT गोवा, NIT उत्तराखंड, या NIT जालंधर: यहां आपको डेटा साइंस, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) या कंप्यूटर साइंस की कोई न कोई स्पेशलाइजेशन मिल सकती है.  Best NIT Colleges: होम स्टेट कोटा का ऐसे उठाएं फायदा काउंसलिंग के समय आपको अपने होम स्टेट कोटे का विशेष ध्यान रखना चाहिए. अगर आप उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, या पंजाब जैसे राज्यों से हैं और वहीं का NIT (जैसे MNNIT इलाहाबाद, NIT पटना, MNIT जयपुर) आपका होम स्टेट कोटा है, तो इस 20 हजार रैंक की वैल्यू काफी बढ़ जाती है. होम स्टेट रिजर्वेशन के जरिए आप इन्हीं टॉप कॉलेजों में ECE, डेटा साइंस या आईटी (IT) जैसी टॉप ब्रांचेस भी हासिल कर सकते हैं.  चॉइस लॉकिंग करते समय हमेशा “ब्रांच बनाम कॉलेज” का बैलेंस बनाएं. अगर आप सिर्फ आईटी जॉब्स चाहते हैं, तो मिड-लेवल NIT की CSE को ऊपर रखें. वहीं, अगर आप एक बड़ा एलुमनाई नेटवर्क और ओवरऑल कॉलेज एक्सपोजर चाहते हैं, तो टॉप-5 NIT की कोर ब्रांच को प्राथमिकता दें.  यह भी पढ़ें: NIT जमशेदपुर में CSE की सीटें जारी, यहां देखें कैटेगरी वाइज लिस्ट The post 20 हजार रैंक पर कौन सी NIT और ब्रांच मिलेगी? यहां देखें बेस्ट कॉलेजों की लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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Xiaomi 17T Review: Leica कैमरा और दमदार बैटरी, लेकिन क्या ₹60000 में है सही डील?

Xiaomi 17T Review: Xiaomi ने 4 साल बाद हिंदुस्तान में अपनी टी-सीरीज को वापस से पेश किया है. 4 जून को कंपनी ने नया Xiaomi 17T मॉडल हिंदुस्तानीय बाजार में पेश कर दिया है. 60 हजार की रेंज में लॉन्च हुए Xiaomi 17T को प्रीमियम डिजाइन, बेहतरीन डिस्प्ले और लेटेस्ट HyperOS 3 के साथ एक ऑलराउंड पैकेज की तरह पेश किया गया है. सबसे बड़ी खासियत इसका Leica कैमरा सिस्टम और फ्लैगशिप जैसे फीचर्स हैं. हालांकि, कैमरे और फीचर्स के मामले में पहले से Vivo और Oppo इस प्राइस रेंज में अपनी जगह बना चुके हैं. ऐसे में सवाल यह है कि क्या Xiaomi का यह नया फोन अपने पुराने वैल्यू फॉर मनी वाले टैग को बरकरार रख पाता है? आइए जानते हैं. Xiaomi 17T Review: डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी Xiaomi 17T पहली नजर में ही प्रीमियम स्मार्टफोन का एहसास कराता है. इसका 6.59 इंच का कॉम्पैक्ट फॉर्म फैक्टर आज के बड़े और भारी फोन्स के बीच एक बैलेंस्ड एक्सपीरियंस देता है. डिजाइन की बात करें, तो फोन में फ्लैट फ्रंट और रियर पैनल दिए गए हैं, जबकि किनारों को हल्का कर्व किया गया है, जिससे इसकी ग्रिप बेहतर हो जाती है. पीछे मौजूद बड़ा Metallic Deco कैमरा मॉड्यूल तुरंत ध्यान खींचता है और फोन को एक अलग पहचान देता है. कैमरा आइलैंड पर दी गई Leica ब्रांडिंग इसके कैमरा-फोकस्ड अप्रोच को और मजबूत बनाती है. मॉडल की बिल्ड क्वालिटी भी काफी अच्छी है. हालांकि, Xiaomi ने इसमें प्लास्टिक फ्रेम का इस्तेमाल किया है. डिस्प्ले के प्रोटेक्शन के लिए Corning Gorilla Glass 7i दिया गया है. साथ ही मॉडल IP68 रेटिंग से लैस है, जिससे फोन धूल और पानी से सुरक्षित रहेगा. Xiaomi 17T Review: डिस्प्ले Xiaomi 17T में 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ 6.59 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. साथ ही यह Dolby Vision, HDR10+ और 12-बिट कलर को भी सपोर्ट करता है. 120Hz रिफ्रेश रेट की वजह से स्क्रॉलिंग, एनिमेशन और ऐप्स के बीच नेविगेशन बेहद स्मूद होगा. यानी चाहे मूवी देखना हो, सोशल मीडिया स्क्रॉल करना हो या गेम स्पोर्ट्सना हो, स्क्रीन हर चीज में प्रीमियम एक्सपीरियंस देगी. ब्राइटनेस की बात करें, तो कंपनी का दावा है कि इसकी पीक ब्राइटनेस 3500 निट्स तक पहुंच सकती है, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन आसानी से पढ़ी जा सकती है. साथ ही, TÜV Rheinland के कई सर्टिफिकेशन इसे आंखों के लिए आरामदायक बनाते हैं. Xiaomi 17T Review: कैमरा Xiaomi 17T की सबसे बड़ी खासियत इसका Leica-ट्यून कैमरा सिस्टम है. फोन में 50MP प्राइमरी कैमरा, 50MP टेलीफोटो लेंस और 12MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा दिया गया है, जबकि सेल्फी के लिए 32MP फ्रंट कैमरा मिलता है. दिन की रोशनी में प्राइमरी कैमरा शानदार तस्वीरें क्लिक करता है. फोटो में अच्छी डिटेल, बेहतरीन डायनामिक रेंज और आकर्षक रंग देखने को मिलते हैं. वहीं, टेलीफोटो कैमरा पोर्ट्रेट फोटोग्राफी में काफी प्रभावित करता है और नेचुरल बैकग्राउंड ब्लर के साथ शानदार रिजल्ट देता है. अल्ट्रा-वाइड कैमरा ठीक-ठाक प्रदर्शन करता है, लेकिन इस कीमत पर इससे थोड़ा बेहतर आउटपुट की उम्मीद की जा सकती थी. वहीं लो-लाइट फोटोग्राफी में कैमरा एवरेज प्रदर्शन करता है और कुछ तस्वीरों में नॉइज देखने को मिल सकती है. कुल मिलाकर, अगर आपको पोर्ट्रेट और डे-लाइट फोटोग्राफी पसंद है, तो Xiaomi 17T का कैमरा अनुभव आपको निराश नहीं करेगा. Xiaomi 17T Review: परफॉर्मेंस Xiaomi 17T परफॉर्मेंस के मामले में एक बैलेंस्ड अप्रोच अपनाता है. फोन में 4nm बेस्ड MediaTek Dimensity 8500-Ultra चिपसेट, 12GB LPDDR5X RAM और 3D IceLoop कूलिंग सिस्टम दिया गया है, जो स्मूद और स्टेबल परफॉर्मेंस बनाए रखने में मदद करता है. रोजमर्रा के इस्तेमाल में सोशल मीडिया, मल्टीटास्किंग और वीडियो स्ट्रीमिंग के दौरान फोन बिना किसी लैग के काम करता है. HyperOS 3 का ऑप्टिमाइजेशन भी यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाता है. वहीं BGMI जैसे गेम्स भी आसानी से चल सकते हैं, जिससे गेमिंग एक्सपीरियंस अच्छा रहेगा. इसके अलावा Xiaomi का 6 साल तक सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा इसे लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए एक भरोसेमंद ऑप्शन बनाता है. Xiaomi 17T Review: बैटरी Xiaomi 17T में 6500mAh की बड़ी Silicon-Carbon बैटरी दी गई है. यह बैटरी फोन की सबसे बड़ी खूबियों में से एक है. नॉर्मल इस्तेमाल में फोन आसानी से पूरा दिन निकाल देता है और फोन कम इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए यह डेढ़ से दो दिन तक का बैकअप दे सकता है. चार्जिंग के लिए 67W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है, जिससे बैटरी लगभग एक घंटे में फुल चार्ज हो जाती है. इसके अलावा 22.5W रिवर्स वायर चार्जिंग की सुविधा भी दी गई है. क्या खरीदना चाहिए? 60,000 रुपये की कीमत में Xiaomi 17T खुद को सबसे फास्ट स्मार्टफोन के रूप में पेश नहीं करता. इसके बजाय यह एक ऐसा फोन है जो कैमरा, डिस्प्ले, बैटरी और डिजाइन के बीच अच्छा बैलेंस बनाने की कोशिश करता है. Leica कैमरा सिस्टम इसकी सबसे बड़ी ताकत है. शानदार डिस्प्ले, लंबी बैटरी लाइफ और स्टेबल परफॉर्मेंस इसे एक मजबूत ऑप्शन बनाते हैं. हालांकि अगर आप इस कीमत में सबसे पावरफुल प्रोसेसर चाहते हैं, तो बाजार में और भी कई ऑप्शन मौजूद हैं. ऐसे में अगर आपकी प्रायोरिटी फोटोग्राफी, शानदार डिस्प्ले और भरोसेमंद बैटरी लाइफ है, तो Xiaomi 17T एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है. लेकिन मौजूदा बाजार में इसे कड़े कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ेगा. यह भी पढ़ें: Realme 16T 5G Review: प्रीमियम डिजाइन, बड़ी बैटरी, लेकिन क्या ₹29999 में है सही डील? The post Xiaomi 17T Review: Leica कैमरा और दमदार बैटरी, लेकिन क्या ₹60000 में है सही डील? appeared first on Naya Vichar.

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लालू-राबड़ी की Z+ सिक्योरिटी खत्म, तेज प्रताप को सिर्फ एक बॉडीगार्ड, सम्राट सरकार का फैसला

Lalu Family Security: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पहले भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी आवास खाली करने का नोटिस दिया. अब उनकी सुरक्षा भी घटा दी गई है. गृह विभाग की बैठक में यह फैसला लिया गया है. लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की जेड प्लस सिक्योरिटी खत्म कर दी गई है. उन्हें अब बिहार पुलिस की तरफ से सिर्फ विशेष सुरक्षा दी जाएगी. तेज-तेजस्वी, राजश्री और मीसा की सिक्योरिटी इसके साथ ही लालू प्रसाद के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव को भी अब सिर्फ एक गार्ड ही मिलेगा. पहले से उन्हें मिल रही वाई कैटेगरी की सुरक्षा को हटा दिया गया है. जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा में बदलाव नहीं किया गया है. उन्हें वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिलती रहेगी. साथ ही तेजस्वी की पत्नी राजश्री और बहन मीसा हिंदुस्तानी की सुरक्षा में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है. जानकारी के मुताबिक, तेजस्वी यादव को अब बीसैप के 1-4 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से 6 बॉडीगार्ड और एस्कॉर्ट पार्टी के सदस्य शामिल होंगे. साथ ही उनकी पत्नी को पटना जिला बल से एक स्त्री बॉडीगार्ड पहले की तरह ही रहेगा. जबकि मीसा हिंदुस्तानी के साथ पहले की तरह 3 बॉडीगार्ड रहेंगे. इस तरह से लालू फैमिली की सुरक्षा को लेकर सम्राट प्रशासन ने फैसला लिया. लालू प्रसाद की सुरक्षा में रहेंगे ये सभी बताया जा रहा है कि गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में पूरी जानकारी दी गई है. जिस तरह लालू फैमिली की सुरक्षा में बदलाव किया गया है, उसके बारे में बिहार के डीजीपी को जानकारी देते हुए संयुक्त सचिव नवीन चंद्र ने लेटर लिखा है. ऐसे में लालू प्रसाद के पास अब बीसैप के 2 से 8 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से 2 बॉडीगार्ड, एचक्यूआरटी से पायलट और बुलेट प्रूफ कार, पटना जिला बल से एस्कॉर्ट और पायलट रहेंगे. लालू से ज्यादा राबड़ी देवी के पास सुरक्षा राबड़ी देवी की बात करें तो, उनके पास बीसैप से 2-8 हाउस गार्ड, HQRT से पायलट, 3 स्त्री बॉडीगार्ड, बुलेट प्रूफ कार, 3 वर्दीधारी बॉडीगार्ड, पटना जिला बल से एस्कॉर्ट और पायलट रहेंगे. राबड़ी देवी बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं. ऐसे में उनकी सिक्योरिटी लालू प्रसाद से ज्यादा है. Also Read: बिहार के इन 12 जिलों में तेज हवा के साथ बारिश का अलर्ट, IMD की एडवाइजरी जारी The post लालू-राबड़ी की Z+ सिक्योरिटी खत्म, तेज प्रताप को सिर्फ एक बॉडीगार्ड, सम्राट प्रशासन का फैसला appeared first on Naya Vichar.

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