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June 11, 2026

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Skoda Kodiaq RS की बुकिंग 22 जून से होगी शुरू, सिर्फ 50 लोग ही खरीद पाएंगे, जानें फीचर्स

Skoda के फैंस के लिए बड़ी खुशसमाचारी है. Skoda Auto India ने आखिरकार कन्फर्म कर दी है कि वह जल्द ही हिंदुस्तान में अपनी अब तक की सबसे तेज SUV लॉन्च करने जा रही है. कंपनी ने ऑफिसियली ऐलान किया है कि नई Skoda Kodiaq RS की बुकिंग 22 जून 2026 से शुरू होगी. खास बात यह है कि Kodiaq RS हिंदुस्तान में आने वाली पहली Skoda SUV होगी, जिसे कंपनी का मशहूर RS (Rally Sport) बैज मिलेगा. यह बैज उन गाड़ियों को दिया जाता है, जिन्हें परफॉर्मेंस और स्पोर्टी ड्राइविंग एक्सपीरियंस के लिए खास तौर पर तैयार किया जाता है. हिंदुस्तान में मिलेंगी केवल 50 यूनिट्स Skoda Kodiaq RS की एंट्री को और भी खास बनाती है इसकी लिमिटेड गिनती में मिलने वाली यूनिट्स. कंपनी ने फिलहाल हिंदुस्तान के लिए इसकी सिर्फ 50 यूनिट्स ही अलॉट किया है. ऐसे में अगर आप इस SUV को अपने गैरेज में शामिल करना चाहते हैं, तो आपको ज्यादा इंतजार नहीं करना चाहिए. खास बात यह है कि Kodiaq RS को हिंदुस्तान में पूरी तरह से तैयार (CBU) मॉडल के रूप में लाया जाएगा. यही वजह है कि इसकी कीमत मौजूदा स्टैंडर्ड Kodiaq के मुकाबले काफी ज्यादा होने की उम्मीद है. Skoda Kodiaq RS: पावरट्रेन इसमें 2.0-लीटर का टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन मिलता है, जो लगभग 265 bhp की पावर और 400 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इस पावर को कंट्रोल करने के लिए इसमें 7-स्पीड DSG ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम दिया गया है.  यह SUV सिर्फ 6.3 सेकंड में 0 से 100 kmph की स्पीड पकड़ लेती है. वहीं इसकी टॉप स्पीड करीब 231 kmph तक जाती है. इसमें बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम भी दिया गया है जिसमें वेंटिलेटेड और स्लॉटेड डिस्क ब्रेक्स के साथ रेड फिनिश वाले बड़े ब्रेक कैलिपर्स मिलते हैं. यह भी पढ़ें: 12 लाख से ज्यादा बिकी, रीसेल वैल्यू भी कमाल, 20 साल पहले आई ये कार MPV सेगमेंट में अब भी कर रही राज Skoda Kodiaq RS: एक्सटीरियर फ्रंट से देखें तो इसमें नया डिजाइन किया हुआ बंपर मिलता है, जिसमें बड़े एयर इनटेक्स और फंक्शनल एयर कर्टन दिए गए हैं. इसके साथ ग्लॉस ब्लैक ग्रिल और RS बैजिंग मिलती है.  सबसे खास बात इसकी फ्रंट लाइट बार है, जो Matrix LED हेडलैम्प्स को जोड़ती है. ये चीज रात में इसे काफी फ्यूचरिस्टिक लुक देती है. साइड प्रोफाइल की बात करें तो इसमें 20-इंच के बड़े अलॉय व्हील्स मिलते हैं. इनके साथ रेड ब्रेक कैलिपर्स इसका स्पोर्टी फील और बढ़ा देते हैं. कार में ब्लैक-आउट एलिमेंट्स भी दिए गए हैं जैसे रूफ रेल्स, ORVM कैप्स, विंडो सराउंड और C-पिलर ट्रिम, जो इसे और ज्यादा एग्रेसिव बनाते हैं. पीछे की तरफ भी इसमें अपडेटेड बंपर, स्पोर्टी रूफ स्पॉइलर, कनेक्टेड LED टेल लैंप्स और डायनामिक टर्न इंडिकेटर्स दिए गए हैं. Skoda Kodiaq RS: इंटीरियर केबिन में ऑल-ब्लैक थीम के साथ जगह-जगह रेड स्टिचिंग दी गई है, जो डैशबोर्ड से लेकर सीट्स, आर्मरेस्ट और डोर पैनल तक फैली हुई है. फ्रंट सीट्स काफी सपोर्टिव हैं और इनमें इंटीग्रेटेड हेडरेस्ट के साथ RS ब्रांडिंग भी देखने को मिलती है. डैशबोर्ड के बीच में 13-इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है, जिसे 10.25-इंच के डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले के साथ जोड़ा गया है. इसके नीचे स्मार्ट रोटरी डायल्स दिए गए हैं, जिनसे आप आसानी से क्लाइमेट कंट्रोल, म्यूजिक वॉल्यूम और ड्राइव मोड जैसी सेटिंग्स को बदल सकते हैं. इसके अलावा, इसमें 13-स्पीकर वाला प्रीमियम Canton साउंड सिस्टम मिलता है, जो 725 वॉट का दमदार ऑडियो आउटपुट देता है.  इसमें ड्यूल वायरलेस चार्जर (कूलिंग के साथ), एंबियंट लाइटिंग, पैनोरमिक सनरूफ, कई स्टोरेज स्पेस और प्रीमियम अपहोल्स्ट्री दी गई है.  पीछे बैठने वालों के लिए रियर AC वेंट्स भी हैं. साथ ही इसमें ADAS Level 2 सेफ्टी, 360-डिग्री कैमरा और कई एडवांस सेफ्टी फीचर्स भी शामिल किए गए हैं. यह भी पढ़ें: BYD लेकर आ रही है Seal U SUV, हिंदुस्तान में दिखाया अपना एडवांस DM-i हाइब्रिड सिस्टम The post Skoda Kodiaq RS की बुकिंग 22 जून से होगी शुरू, सिर्फ 50 लोग ही खरीद पाएंगे, जानें फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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ईरान पर आज रात बड़ा हमला कर सकता है अमेरिका? ट्रंप ने कहा- खार्ग द्वीप पर करेंगे कब्जा

Iran US War: अमेरिका और ईरान की जंग जारी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर बड़ा बयान जारी किया है. ट्रंप ने कहा है कि आज रात (11 जून की रात) अमेरिका ईरान पर जोरदार हमला करेगा. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिये यह बात कही है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार नेटवर्क, एयर डिफेंस सिस्टम और उसकी हमलावर क्षमता को बुरी तरह कमजोर कर दिया है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका आने वाले समय में ईरान के अहम ऊर्जा केंद्रों और तेल इफ्रास्ट्रक्चर पर नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में कदम उठा सकता है. ट्रंप ने अपने पोस्ट में क्या कहा? ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा है कि अमेरिका आज रात ईरान पर जबरदस्त हमला करेगा. ईरान की नेवी, एयर फ़ोर्स, रडार, एंटी-एयरक्राफ्ट और दूसरे सभी तरह के डिफेंस सिस्टम, साथ ही उसकी ज्यादातर हमला करने की क्षमता खत्म हो चुकी है! आने वाले समय में हम खार्ग आइलैंड और तेल से जुड़े दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर कब्जा कर लेंगे और उनके तेल और गैस मार्केट पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने वेनेजुएला के मामले में किया है. ट्रंप ने आगे लिखा कि यह कदम वेनेजुएला और अमेरिका दोनों के लिए बहुत बढ़िया साबित हो रहा है. तेहरान और बंदर अब्बास समेत कई इलाकों पर अमेरिका ने किए हवाई हमले इससे पहले अमेरिका ने ईरान के तेहरा, बंदर अब्बास समेत कई इलाकों में हवाई हमले किए. अमेरिकी हमले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास के क्षेत्रों में हुए थे. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान की लगातार आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई है. CENTCOM के अनुसार हमलों में ईरान की सैन्य निगरानी क्षमताओं, संचार नेटवर्क और वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया. हालांकि, हमलों से हुए नुकसान का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है. ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की ओर दागीं मिसाइलें इधर, अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की दिशा में मिसाइल हमले किए. जॉर्डन ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर बढ़ रही 20 ईरानी मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया. वहीं, बहरीन के गृह मंत्रालय के अनुसार जवाबी कार्रवाई के दौरान गिरे मलबे से 11 साल की एक लड़की घायल हो गई, जबकि कई मकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा. सुरक्षा कारणों से कुवैत ने कुछ घंटों के लिए अपना हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया. युद्धविराम पर फिर मंडराने लगा खतरा दो महीने पुराने युद्धविराम के बाद यह तीसरा मौका है जब दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव बढ़ रहा है. वहीं बढ़ते सैन्य हमलों ने संघर्ष विराम और वार्ता की बची हुई उम्मीदों को संकट में डाल दिया है. हालांकि अमेरिका और ईरान दोनों सार्वजनिक रूप से युद्ध खत्म करने की इच्छा जता रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है. Also Read: ओमान तट पर अमेरिकी हमले में हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत, हिंदुस्तान ने जताया कड़ा विरोध The post ईरान पर आज रात बड़ा हमला कर सकता है अमेरिका? ट्रंप ने कहा- खार्ग द्वीप पर करेंगे कब्जा appeared first on Naya Vichar.

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TV TRP Report: नंबर 1 की गद्दी से नीचे खिसकी ‘अनुपमा’, इस नए शो ने मारी बाजी, देखें टॉप 10 की लिस्ट

TRP Report: हर हफ्ते की तरह इस बार भी टीवी शोज की एक रिपोर्ट आई है, जिसे टीआरपी रिपोर्ट कहते हैं. इस रिपोर्ट से पता चलता है कि लोगों को कौन सा टीवी सीरियल सबसे ज्यादा पसंद आ रहा है. इस हफ्ते की रिपोर्ट में बहुत बड़ा उलटफेर हुआ है. जो पुराने शोज हमेशा नंबर 1 पर रहते थे, वे अब नीचे गिर गए हैं और नए शोज ने बाजी मार ली है. नंबर 1 और 2 पर किसने मारी बाजी? इस हफ्ते की टीआरपी रिपोर्ट में Zee TV के शोज का दबदबा देखने को मिला है. रवि दुबे और सरगुन मेहता का शो ‘गंगा माई की बेटियां’ 1.9 रेटिंग के साथ पहले नंबर पर पहुंच गया है. वहीं, ‘वसुधा’ भी 1.9 रेटिंग हासिल कर दूसरे स्थान पर बनी हुई है. ऐसे में इस बार टॉप 2 पोजिशन पर Zee TV के शोज ने बाजी मार ली है. नंबर 3 पर कौन सा शो है? शरद केल्कर का रोमांटिक सीरियल ‘तुमसे तुम तक’ धीरे-धीरे लोगों का दिल जीत रहा है. इस हफ्ते यह शो 1.8 रेटिंग के साथ तीसरे नंबर पर आ गया है. ‘अनुपमा’ को लगा बड़ा झटका सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि स्टार प्लस का मशहूर शो ‘अनुपमा’, जो हमेशा नंबर 1 पर रहता था, वह अब खिसककर चौथे नंबर पर आ गया है. इस बार इसकी रेटिंग सिर्फ 1.5 रही है. एकता कपूर का नया शो ‘क्यूंकी सास भी कभी बहू थी 2’ भी 1.5 रेटिंग के साथ चौथे और पांचवें नंबर पर बना हुआ है. बाकी के टॉप 10 शोज कौन से हैं? नीचे दी गई लिस्ट से आप आसानी से समझ सकते हैं कि कौन सा शो किस नंबर पर है: नंबर 6: ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ (1.4 रेटिंग) नंबर 7: ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ (1.3 रेटिंग) नंबर 8: ‘जगधात्री’ (1.3 रेटिंग) नंबर 9: ‘क्यूंकी रिश्तों के भी रूप बदलते हैं’ (1.2 रेटिंग) नंबर 10: ‘उड़ने की आशा – सपनों का सफर’ (1.2 रेटिंग) यह भी पढ़ें: थिएटर में छूट गई थी ‘Bhooth Bangla’? अब OTT पर देखें अक्षय कुमार की हॉरर-कॉमेडी, रिलीज डेट आई सामने The post TV TRP Report: नंबर 1 की गद्दी से नीचे खिसकी ‘अनुपमा’, इस नए शो ने मारी बाजी, देखें टॉप 10 की लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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हस्ताक्षर स्कैम केस में पूछताछ के लिए सीआईडी ऑफिस पहुंचे टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी

Abhishek Banerjee at CID Office: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में करारी हार के बाद नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति में कथित हस्ताक्षर स्कैम मामले में पूछताछ के लिए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी गुरुवार को सीआईडी ऑफिस पहुंचे. सीआईडी के नोटिस की बार-बार अनदेखी करने वाले ममता बनर्जी के भाईपो को कलकत्ता हाईकोर्ट ने जांच में सहयोग करने का आदेश दिया था. 3 सप्ताह तक गिरफ्तारी पर रोक के बाद अभिषेक कोलकाता के भवानी भवन स्थित सीआईडी ऑफिस पहुंचे. जांच में शामिल होने की बजाय चले गये थे दिल्ली सिग्नेचर स्कैम मामले में सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को 3 समन जारी किये थे, लेकिन वह पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए. सीआईडी जांच से बचने के लिए अभिषेक बनर्जी ने पहले बीमार होने का बहाना बनाया. फिर बाद में चुपचाप दिल्ली रवाना हो गये. दिल्ली में उन्हें इंडिया गठबंधन की बैठक में सक्रिय देख सीआईडी अधिकारियों की नाराजगी बढ़ गयी. हाईकोर्ट ने अभिषेक को जांच में शामिल होने को कहा आखिरकार कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को सीआईडी जांच में सहयोग करने का आदेश दिया. इसके बाद अभिषेक मजबूरन पूछताछ के लिए भवानी भवन पहुंचे. पूरा मामला बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में टीएमसी की करारी हार के बाद नेता प्रतिपक्ष के चयन से जुड़ा है. इसे भी पढ़ें : समन छोड़ दिल्ली भागे अभिषेक बनर्जी, ममता के आवास पहुंची सीआईडी, ‘साइन-गेट’ में बुरे फंसे टीएमसी के नंबर-2 नेता फर्जी हस्ताक्षर से जुड़ा है पूरा मामला पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के नाते अभिषेक बनर्जी ने बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) को विधायकों के हस्ताक्षर वाली एक चिट्ठी लिखकर शोभन देव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाये जाने की जानकारी दी थी. कुछ विधायकों के हस्ताक्षर की जगह कैपिटल लेटर में उनके नाम लिखे थे. #WATCH | West Bengal: TMC National General Secretary Abhishek Banerjee arrives at CID Office Bhawani Bhawan Alipore, Kolkata. The Calcutta High Court has ordered him to visit the CID office in connection with an alleged signature forgery case. pic.twitter.com/thtv8DPeSK — ANI (@ANI) June 11, 2026 जांच से बचने की कोशिश कर रहे थे अभिषेक बागी गुट के नेता रीतब्रत बनर्जी ने इस पर सवाल उठाये और उसकी जांच की मांग की. इसके बाद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी. पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी गयी. सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी से बार-बार पूछताछ की कोशिश की, लेकिन वह इससे लगातार बचने की कोशिश कर रहे थे. इसे भी पढ़ें अभिषेक बनर्जी के ‘शांतिनिकेतन’ पर फिर CID की दस्तक, बंद मिला दरवाजा, जाली हस्ताक्षर मामले में बढ़ा सस्पेंस सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ायी अभिषेक बनर्जी की टेंशन, भवानीपुर थाने में केस दर्ज, दीदी के बाद मुश्किल में ‘भाईपो’! मुश्किल में ममता बनर्जी और अभिषेक, ‘दीदी’ पर सिलीगुड़ी और ‘भाईपो’ पर भवानीपुर में शिकायत, जानें क्या है पूरा मामला अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा की बढ़ी मुश्किलें, 2 PAN कार्ड, 2 पिता और 2 देशों की नागरिकता? The post हस्ताक्षर स्कैम केस में पूछताछ के लिए सीआईडी ऑफिस पहुंचे टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी appeared first on Naya Vichar.

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क्या Welcome To The Jungle के लिए अक्षय कुमार ने लिए 1.7 करोड़ रुपये? अभिनेता ने बताई सच्चाई

Akshay Kumar Fees: बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने हाल ही में उन समाचारों पर रिएक्ट किया. जिसमें दावा किया जा रहा था कि उन्होंने कॉमेडी ड्रामा ‘वेलकम टू द जंगल’ 1.7 करोड़ रुपये फीस ली है. खिलाड़ी कुमार ने इन रूमर्स को पूरी तरह गलत बताया और साफ लिया कि उन्हें इतनी रकम मिली ही नहीं है. क्या वेलकम टू द जंगल के लिए अक्षय कुमार ने ली 1.7 करोड़ की फीस ‘वेलकम टू द जंगल’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान जब एक पत्रकार ने उनकी फीस को लेकर सवाल पूछा, तब अक्षय ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि जितनी रकम की चर्चा हो रही है, उतनी तो उन्होंने ली भी नहीं है. उन्होंने कहा कि यह फिल्म उनके लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं बल्कि एक इमोशनल जुड़ाव रखती है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि मूवी की कहानी दिवंगत लेखक नीरज वोरा ने लिखी थी, जिनका योगदान हिंदी सिनेमा में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. वेलकम टू द जंगल का ट्रेलर ‘वेलकम टू द जंगल’ का ट्रेलर सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. वीडियो में अनलिमिटेड कॉमेडी, हंसी और जबरदस्त ड्रामा देखने को मिल रहा है. ट्रेलर की शुरुआत बड़े और दमदार अंदाज में होती है, जहां एक साथ कई कलाकार नजर आते हैं. कहानी में जबरदस्त भ्रम, मजेदार परिस्थितियां देखने को मिलते हैं. मजनू भाई वाला सीन सेंटर ऑफ अट्रैक्शन लग रहा है. इस दिन रिलीज होगी वेलकम टू द जंगल ‘वेलकम टू द’ जंगल का निर्देशन अहमद खान ने किया है और यह फिल्म 26 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. निर्माताओं का दावा है कि इस बार दर्शकों को पहले से कहीं ज्यादा बड़ा मजा आने वाला है. स्टारकास्ट की बात करें तो इसमें सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, रवीना टंडन, लारा दत्ता, जैकी श्रॉफ, उर्वशी रौतेला, परेश रावल, जॉनी लीवर, राजपाल यादव, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, कृष्णा अभिषेक, किकू शारदा और दलेर मेहंदी जैसे स्टार्स की टोली है. यह भी पढ़ें- Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: घर छोड़कर चला गया करण, नंदिनी-दामिनी की हुई जबरदस्त बहस The post क्या Welcome To The Jungle के लिए अक्षय कुमार ने लिए 1.7 करोड़ रुपये? अभिनेता ने बताई सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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तेल और ग्रीस से काले पड़ गए हैं किचन कैबिनेट्स? ये 5 क्लीनिंग हैक्स मिनटों में लौटा देंगे खोई हुई चमक

Cleaning Tips: किचन को हमारे घर के सबसे जरूरी हिस्सों में से एक माना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि यहीं पर पूरे परिवार के लिए एक से एक टेस्टी और हेल्दी चीजें बनाई जाती हैं. लेकिन, अगर इसकी सफाई का ख्याल न रखा जाए, तो कुछ ही दिनों में तेल, धुआं और भाप किचन के कैबिनेट्स यानी कि अलमारियों में जमने लग जाते हैं. कुछ ही समय बाद जब आप अपने कैबिनेट्स को चेक करते हैं, तो ये इतने गंदे और चिपचिपे हो चुके होते हैं कि इन्हें छूने में भी बिलकुल ही अजीब सा लगता है. अगर आपके किचन के कैबिनेट्स भी तेल और गंदगी की वजह से अपनी शाइन खो चुके हैं, तो आपको टेंशन लेने की जरूरत बिलकुल भी नहीं है. आज हम आपको 5 ऐसे आसान घरेलू हैक्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप किचन के गंदे और चिपचिपे कैबिनेट्स को मिनटों में नया जैसा चमका सकते हैं. तो चलिए इन हैक्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. लिक्विड डिश सोप और गुनगुने पानी का इस्तेमाल अगर आप किचन के कैबिनेट्स की सफाई करना चाहते हैं तो लिक्विड डिश सोप और गुनगुने पानी का इस्तेमाल सबसे आसान और असरदार तरीका है. डिश वॉश लिक्विड को इस तरह से बनाया जाता है कि वह बर्तनों से तेल को आसानी से निकाल सके. यह एक बड़ी वजह है कि यह कैबिनेट्स की चिकनाई हटाने में भी बहुत मददगार साबित होता है. इसके लिए सबसे पहले एक कटोरी में गुनगुना पानी लें और उसमें कुछ बूंदें डिश वॉश लिक्विड की मिलाएं. अब एक स्पंज या कॉटन के कपड़े को इस घोल में डुबोएं, इसे अच्छे से निचोड़ें और कैबिनेट की सतह को हल्के हाथों से साफ करें. इसके बाद एक साफ सूखे कपड़े से कैबिनेट को पोंछ लें. अब आपका कैबिनेट पहले से काफी ज्यादा साफ और शाइनी लगने लगेगा. बेकिंग सोडा और पानी का मैजिकल पेस्ट अगर आपके किचन कैबिनेट्स पर तेल की मोटी और जिद्दी लेयर जम गई है, तो इससे छुटकारा पाने में बेकिंग सोडा आपकी मदद कर सकता है. इसके लिए बेकिंग सोडा में थोड़ा सा पानी मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें. अब इस पेस्ट को चिपचिपी जगह पर लगाकर 5 से 10 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद एक पुराने टूथब्रश या सॉफ्ट स्क्रबर से इसे धीरे-धीरे रगड़ें. जब आप ऐसा करते हैं तो कैबिनेट पर जमी सारी गंदगी और चिकनाई तुरंत ढीली होकर साफ हो जाएगी. लास्ट में इसे गीले कपड़े से पोंछकर सुखा लें. वाइट विनेगर का करें इस्तेमाल आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन वाइट विनेगर एक बेहतरीन नेचुरल क्लीनर है. इसकी एसिडिक प्रॉपर्टीज तेल और ग्रीस को मिनटों में काट देती हैं. इसके लिए सबसे पहले एक स्प्रे बोतल में बराबर मात्रा में वाइट विनेगर और गुनगुना पानी मिला लें. इस मिश्रण को अपने चिपचिपे कैबिनेट्स पर स्प्रे करें और 5 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद एक माइक्रोफाइबर कपड़े से इसे साफ कर लें. इससे न सिर्फ चिकनाई साफ होगी, बल्कि कैबिनेट की खोई हुई शाइन भी वापस आ जाएगी. नींबू का रस और नमक का पावरफुल कॉम्बिनेशन नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड चिकनाई को हटाने में बहुत कारगर होता है, जबकि नमक एक स्क्रबर की तरह काम करता है. अगर आप इनकी मदद से किचन के कैबिनेट की सफाई करना चाहते हैं, तो सबसे पहले आधे कटे हुए नींबू पर थोड़ा सा नमक छिड़कें और इसे सीधे कैबिनेट के चिपचिपे हिस्सों पर रगड़ें. अगर कैबिनेट लकड़ी का है, तो ज्यादा जोर से न रगड़ें ताकि स्क्रैच न आएं. नींबू और नमक का यह मेल न केवल कैबिनेट्स को चमका देगा, बल्कि आपके किचन को एक बेहद एक फ्रेश और अच्छी खुशबू से भी भर देगा. गुनगुने पानी और ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल अगर आपके किचन में महंगे वुडन कैबिनेट्स लगे हुए हैं और आप इनकी सफाई के लिए केमिकल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो यह सबसे बेस्ट तरीका बेस्ट है. एक कटोरी में थोड़े से गुनगुने पानी में कुछ बूंदें ऑलिव ऑयल और थोड़ा सा विनेगर मिलाएं. इसके बाद इस मिश्रण को कपड़े की मदद से कैबिनेट्स पर लगाएं. ऑलिव ऑयल लकड़ी के मॉइस्चर को बनाए रखता है और उस पर एक सेफ्टी आर्मर बना देता है, जिससे आने वाले दिनों में भी इसमें तेल आसानी से नहीं जमता. ये भी पढ़ें: पानी की टंकी साफ करने में निकल जाती है जान? ये आसान ट्रिक्स बचाएंगी आपका समय और मेहनत The post तेल और ग्रीस से काले पड़ गए हैं किचन कैबिनेट्स? ये 5 क्लीनिंग हैक्स मिनटों में लौटा देंगे खोई हुई चमक appeared first on Naya Vichar.

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सायोनी घोष ने भी ममता बनर्जी को छोड़ा, पढ़ें भूपेंद्र यादव के घर 1 घंटे चली गुप्त बैठक की इनसाइड स्टोरी

खास बातें शुभेंदु अधिकारी के साथ सायोनी घोष की गुप्त बैठक भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई बैठक की इनसाइड स्टोरी बागियों की लिस्ट में ग्लैमर जगत से जमीनी नेता तक शामिल NDA को समर्थन का क्या है सीक्रेट प्लान? Saayoni Ghosh Joins TMC Rebels: NDA प्रशासन को बाहर से देंगे समर्थन कोलकाता से दिल्ली तक खत्म हुई ममता की सल्तनत Saayoni Ghosh Joins TMC Rebels: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत का दौर जारी है. ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहे नेता एक-एक कर उनका साथ छोड़ने लगे हैं. विधायकों के बाद टीएमसी के सांसदों में भी अभूतपूर्व भगदड़ की स्थिति है. जादवपुर लोकसभा सीट से निर्वाचित युवा सांसद और तृणमूल कांग्रेस के यूथ विंग की निवर्तमान अध्यक्ष सायोनी घोष (Saayoni Ghosh) ने भी ममता और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती देते हुए बागी खेमे में शामिल हो गयीं हैं. शुभेंदु अधिकारी के साथ सायोनी घोष की गुप्त बैठक दिल्ली में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर राष्ट्रीय नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के प्रशासनी आवास पर बागी सांसदों की गुप्त और उच्चस्तरीय बैठक हुई है. करीब एक घंटे तक चली बैठक में सायोनी घोष मौजूद थीं. बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी ने साफ कर दिया है कि ममता बनर्जी की सल्तनत का संसदीय ढांचा अब पूरी तरह ढहने की कगार पर पहुंच गया है. भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई बैठक की इनसाइड स्टोरी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के दिल्ली स्थित आवास पर हुई इस अति-गोपनीय बैठक में सायोनी घोष के अलावा टीएमसी की वरिष्ठ स्त्री सांसद माला रॉय, प्रतिमा मंडल और मिताली बाग भी शामिल थीं. लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के कुल 28 सांसद हैं. दलबदल कानून (Anti-Defection Law) से बचने और अपनी सदस्यता बरकरार रखने के लिए बागी गुट को दो-तिहाई यानी कम से कम 19 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता थी. समाचार है कि बागी खेमे ने कुल 20 सांसदों के समर्थन की सूची लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी है. इसे भी पढ़ें : टीएमसी में बगावत पर वर्ल्ड मीडिया ने लिखा- अदम्य योद्धा का दुखद नेतृत्वक अंत बागियों की लिस्ट में ग्लैमर जगत से जमीनी नेता तक शामिल बागी सांसदों की सूची में बीरभूम की सांसद शताब्दी रॉय, टॉलीवुड के सुपरस्टार और घाटाल से सांसद दीपक अधिकारी (देव), हुगली की रचना बनर्जी और मेदिनीपुर की जून मालिया जैसे लोकप्रिय और ग्लैमरस चेहरे शामिल हैं. जंगीपुर के खलीलुर रहमान, मुर्शिदाबाद के अबू ताहिर खान, बैरकपुर के पार्थ भौमिक, मथुरापुर के बापी हलदार, कूचबिहार के जगदीश चंद्र बासुनिया, झारग्राम के कालीपद सोरेन, बांकुड़ा के अरूप चक्रवर्ती, वर्धमान पूर्व की शर्मिला प्रशासन और बोलपुर के असित कुमार माल ने भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया है. सांसद प्रसून बनर्जी भी विद्रोही गुट के साथ आ गये हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें NDA को समर्थन का क्या है सीक्रेट प्लान? टीएमसी के बागी सांसद अभी टीएमसी से औपचारिक इस्तीफा नहीं दे रहे हैं. न ही वे तुरंत हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता लेंगे. कानूनी अयोग्यता से बचने के लिए 20 सांसदों ने खुद को ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ बताते हुए संसद के भीतर स्वतंत्र संसदीय ब्लॉक (Separate Parliamentary Bloc) के रूप में मान्यता देने की मांग की है. Saayoni Ghosh Joins TMC Rebels: NDA प्रशासन को बाहर से देंगे समर्थन सूत्रों का दावा है कि भूपेंद्र यादव और शुभेंदु अधिकारी के साथ हुई इस बैठक में सहमति बनी है कि काकोली घोष दस्तीदार का यह नया 20 सांसदों का मजबूत गुट लोकसभा में केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) प्रशासन को नीतिगत मुद्दों पर बाहर से समर्थन जारी रखेगा. इसे भी पढ़ें : बागी विधायकों की संख्या 64 हुई, रीतब्रत बोले- तृणमूल के कांग्रेस में विलय की कोई संभावना नहीं कोलकाता से दिल्ली तक खत्म हुई ममता की सल्तनत पश्चिम बंगाल में अपनी जमीन खोने के बाद ममता बनर्जी को इस बात का गुमान था कि तृणमूल कांग्रेस संसद में कांग्रेस के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. लेकिन, काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में 20 सांसदों ने टीएमसी सुप्रीमो के पैरों तले से जमीन खिसका दी. धीरे-धीरे यह कुनबा बड़ा होता जा रहा है. उधर, कोलकाता में रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के 80 में से 64 विधायक बागी हो चुके हैं. इसे भी पढ़ें सायोनी घोष ने टीएमसी में मचा दी खलबली, सोशल मीडिया अकाउंट से हटायी ममता-अभिषेक की तस्वीरें तृणमूल का कांग्रेस में होगा विलय! सोनिया गांधी से मिलीं ममता बनर्जी, अभिषेक से राहुल की हुई मुलाकात काकोली घोष से शताब्दी रॉय तक, ममता बनर्जी की सल्तनत खत्म करने वालों की पूरी लिस्ट आयी सामने सोनिया गांधी के गले लगकर क्यों रो पड़ीं तृणमूल चीफ ममता बनर्जी? जानें जादू की झप्पी की इनसाइड स्टोरी The post सायोनी घोष ने भी ममता बनर्जी को छोड़ा, पढ़ें भूपेंद्र यादव के घर 1 घंटे चली गुप्त बैठक की इनसाइड स्टोरी appeared first on Naya Vichar.

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नेशनल हाईवे की पूरी लंबाई में स्ट्रीट लाइटें क्यों नहीं होती? NHAI ने बताया इसके पीछे की वजह

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि नेशनल हाईवे पर पूरी सड़क के किनारे-किनारे लाइटें क्यों नहीं लगी होती हैं. लंबे और चौड़े हाईवे को देखकर कई लोगों को लगता है कि इन पर हर समय पूरी रोशनी होनी चाहिए. लेकिन NHAI का कहना है कि यह सिर्फ एक मिथ है. दरअसल, हाईवे पर लाइटिंग को लेकर कुछ तय मानक और नियम हैं, जिनके आधार पर ही अलग-अलग जगहों पर लाइटें लगाई जाती हैं. क्या है नियम? हर किलोमीटर पर रोशनी करना न तो जरूरी माना जाता है और न ही मुमकिन है. हिंदुस्तान में सड़कों के डिजाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मानक तय करने वाली संस्था IRC (इंडियन रोड्स कांग्रेस) इसके लिए साफ-साफ गाइडलाइन देती है. इन्हीं गाइडलाइन के तहत हाईवे पर लाइटिंग सिर्फ उन जगहों पर लगाई जाती है, जहां सेफ ड्राइविंग के लिए बेहतर विजिबिलिटी सबसे ज्यादा जरूरी होती है. यानी रोशनी वहीं दी जाती है जहां इसकी असल में जरूरत हो, ताकि यात्रियों की सेफ्टी भी बनी रहे और संसाधनों का बेवजह खर्च भी न हो. यह भी पढ़ें: हफ्तों तक पार्किंग में खड़ी रहती है कार? इन 5 बातों का रखें ध्यान वरना नुकसान पक्का है हाईवे पर लाइटें किन-किन जगहों पर लगाई जाती हैं? टोल प्लाजा के आसपास जहां दो या उससे ज्यादा सड़कें आपस में मिलती हैं फ्लाईओवर और अंडरपास पर शहरों, कस्बों या आबादी वाले इलाकों में बस स्टॉप, बस बे और ट्रकों के रुकने वाली जगहों पर ऐसे हिस्सों में जहां दुर्घटनाओं का खतरा ज्यादा हो या ट्रैफिक काफी अधिक रहता हो हाईवे पर हर जगह लाइटें क्यों नहीं लगाई जातीं? हजारों किलोमीटर लंबे हाईवे नेटवर्क पर हर जगह लाइट लगाना न सिर्फ बेहद महंगा काम है, बल्कि इससे बिजली की खपत और रखरखाव का खर्च भी काफी बढ़ जाएगा. इसी वजह से जरूरत वाले हिस्सों, जैसे शहरों के पास, इंटरचेंज और टोल प्लाजा एरिया में ही लाइटिंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. वहीं बाकी हिस्सों में ड्राइवरों की सेफ्टी के लिए रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड, चमकदार रोड मार्किंग्स और कई एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स लगाए जाते हैं, ताकि रात के समय भी सफर सेफ और आसान बना रहे. यह भी पढ़ें: मॉनसून में अपनी कार को कैसे रखें बिल्कुल फिट? ये आसान चेकलिस्ट आएगी आपके काम The post नेशनल हाईवे की पूरी लंबाई में स्ट्रीट लाइटें क्यों नहीं होती? NHAI ने बताया इसके पीछे की वजह appeared first on Naya Vichar.

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नीति आयोग की बैठक में CM हेमंत सोरेन ने बुलंद की झारखंड की आवाज, जानें क्या-क्या रखी मांगें

रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट Hemant Soren, रांची: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विकास, संसाधनों पर अधिकार और केंद्र से अपेक्षित सहयोग से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ उठाया. अपने विस्तृत संबोधन में मुख्यमंत्री ने झारखंड को केवल खनिज संपदा वाले राज्य के रूप में नहीं, बल्कि देश के भविष्य के औद्योगिक, शैक्षणिक और मानव संसाधन विकास के केंद्र के रूप में देखने की वकालत की. खास तौर पर उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिए राज्य प्रशासन लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन मेडिकल कॉलेजों में 220 अतिरिक्त स्नातक और 217 स्नातकोत्तर सीटों की स्वीकृति लंबित है. उन्होंने केंद्र प्रशासन से इन प्रस्तावों को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया. इसके अलावा पीपीपी मोड में प्रस्तावित छह मेडिकल कॉलेजों में से चार को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि दो की स्वीकृति अभी शेष है. मुख्यमंत्री ने इन दोनों कॉलेजों को भी जल्द मंजूरी देने की मांग की. साथ ही उन्होंने कहा कि विकसित हिंदुस्तान-2047 का सपना तभी साकार होगा, जब झारखंड जैसे राज्यों को संसाधन उपलब्ध कराने वाले प्रदेशों के बजाय विकास के बराबर भागीदार के रूप में स्वीकार किया जाएगा. केवल खनिज संपदा से विकास संभव नहीं: CM हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड देश के औद्योगिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है. कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट और अन्य खनिजों ने देश के औद्योगिक विकास को ऊर्जा दी है, लेकिन इसके बदले राज्य ने विस्थापन, पर्यावरणीय दबाव और नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना भी किया है. उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्षों के अनुभव से यह स्पष्ट हो चुका है कि केवल खनिज संपदा से विकास संभव नहीं है. इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और मानव संसाधन निर्माण को प्राथमिकता देनी होगी. रांची: हेमंत सोरेन ने नीति आयोग की बैठक में झारखंड के लिए 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया भुगतान, जल जीवन मिशन की राशि, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी समेत कई अहम मांगें रखीं.@HemantSorenJMM #HemantSoren #NITIAayog #Jharkhand #JharkhandNews #PrabhatKhabarJharkhand pic.twitter.com/4yBqJv7J9r — Naya Vichar Jharkhand (@jharkhand_pk) June 11, 2026 शिक्षा व आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने की रखी मांग मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से लगभग 15 हजार केंद्र आज भी अपने भवन से वंचित हैं. इसके बावजूद पोषण अभियान और राज्य प्रशासन के ‘सामर’ कार्यक्रम के कारण कुपोषण और स्टंटिंग में उल्लेखनीय कमी आई है. उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन अपने संसाधनों से 5000 नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कर रही है और केंद्र प्रशासन के सहयोग से इस कार्य में और तेजी लाई जा सकती है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से अब झारखंड के विद्यार्थी आईआईटी, मेडिकल और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में चयनित हो रहे हैं. राज्य प्रशासन इसी तर्ज पर 5000 विद्यालय विकसित करने की दिशा में काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने झारखंड में पीएम श्री विद्यालयों और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग की. साथ ही राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को देखते हुए एनसीईआरटी का एक क्षेत्रीय केंद्र झारखंड में स्थापित करने का आग्रह किया. Also Read: गुमला-सिमडेगा सीमा पर भीषण सड़क हादसा, तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत कौशल विकास और रोजगार को प्राथमिकता देने की मांग हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड आज प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ रहा है. मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत अब तक 6.76 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है. कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन और सौर ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है. उन्होंने बताया कि राज्य में कौशल विकास पर हर वर्ष 1400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं तथा एशियाई विकास बैंक के सहयोग से 1200 करोड़ रुपये की लागत से मेगा स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने केंद्र प्रशासन से आग्रह किया कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण (बीओसीडब्ल्यू) योजना के संचालन में राज्यों को अधिक लचीलापन दिया जाए, ताकि प्रवासी और निर्माण श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके. सीएम ने की स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र से सहयोग की अपेक्षा मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य प्रशासन स्वास्थ्य सुविधाओं को जिला मुख्यालयों से पंचायत स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है. पंचायत स्तरीय दवा दुकान योजना के तहत राज्य के 24 जिलों में 1276 दवा दुकानें संचालित हो रही हैं. उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र प्रशासन से सहयोग की मांग की है. स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मांग मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड आज हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स और तीरंदाजी जैसे स्पोर्ट्सों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है. राज्य ने देश को अनेक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं. ऐसे में झारखंड राष्ट्रीय स्तर के हॉकी और फुटबॉल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना का स्वाभाविक दावेदार है. उन्होंने कहा कि यह केवल स्पोर्ट्स का विषय नहीं, बल्कि आदिवासी और ग्रामीण युवाओं को अवसर देने का प्रश्न है. मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स महासंघों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए उनके पुनर्गठन की भी मांग की तथा राज्यों की भागीदारी वाली समितियों के गठन का सुझाव दिया. जल जीवन मिशन और बकाया राशि का मुद्दा उठाया बैठक में मुख्यमंत्री ने केंद्र प्रशासन के समक्ष झारखंड की वित्तीय मांगों को भी प्रमुखता से रखा. उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत लंबित लगभग 6000 करोड़ रुपये की राशि जल्द उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि पेयजल योजनाओं का कार्य समय पर पूरा हो सके. उन्होंने कोयला कंपनियों और केंद्रीय उपक्रमों पर झारखंड की लंबित 1.36 लाख करोड़ रुपये की बकाया राशि का भी मुद्दा उठाया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि यह राशि राज्य को प्राप्त होती है तो इसका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और मानव संसाधन निर्माण जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है, जिससे लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा. खनिज आधारित वित्तीय स्थिति से आगे बढ़ने की जरूरत मुख्यमंत्री ने कहा कि

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पटना को मिला दिल्ली-एनसीआर जैसा तोहफा, रिंग रोड के आखिरी हिस्से को केंद्र की हरी झंडी

Patna Ring Road: केंद्र प्रशासन ने पटना रिंग रोड परियोजना के आठवें और आखिरी चरण को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही करीब 21 साल पुरानी इस योजना के पूरा होने का रास्ता साफ हो गया है. लगभग 150 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके पूरा होने के बाद पटना और आसपास के जिलों के विकास को नई रफ्तार मिलेगी. 2005 में बनी थी योजना, अब पहुंची अंतिम चरण में पटना रिंग रोड की योजना वर्ष 2005 में तैयार की गई थी. इसके बाद कई वर्षों तक सर्वे, तकनीकी प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताएं चलती रहीं. करीब दो दशक से अधिक समय बाद अब यह परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. यह केवल सड़क निर्माण की योजना नहीं मानी जा रही, बल्कि पटना, वैशाली और सारण के विकास से जुड़ी बड़ी परियोजना के रूप में देखी जा रही है. आठ चरणों में हो रहा है निर्माण पूरे रिंग रोड का निर्माण आठ अलग-अलग चरणों में किया जा रहा है. इनमें से कई हिस्सों का काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी हिस्सों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. अब तक केवल अंतिम चरण की मंजूरी बाकी थी. केंद्र प्रशासन की स्वीकृति मिलने के बाद इस हिस्से का निर्माण भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है. दीघवारा से सराय तक बनेगा अंतिम हिस्सा परियोजना का आठवां और अंतिम खंड दीघवारा से सराय के बीच बनाया जाएगा. इस हिस्से की लंबाई करीब 30 किलोमीटर होगी. इस खंड के निर्माण पर लगभग 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. यह सड़क गंगा के उत्तर वाले हिस्से में वैशाली और सारण जिलों को जोड़ते हुए तैयार की जाएगी. इस परियोजना के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण के खर्च का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा बिहार प्रशासन वहन करेगी. कई इलाकों को जोड़ेगी रिंग रोड पटना रिंग रोड का प्रस्तावित रूट कन्हौली, शेरपुर, सराय, कच्ची दरगाह, बिदुपुर, चकसिकंदर, दीघवारा और दीदारगंज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा. इससे राजधानी के अंदर और बाहर यातायात व्यवस्था बेहतर होगी. साथ ही लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों में प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत पटना में लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या के कारण जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है. रिंग रोड बनने के बाद दूसरे जिलों से आने वाले भारी वाहन सीधे इसी मार्ग का उपयोग कर सकेंगे. इससे शहर के मुख्य रूट पर दबाव कम होगा और लोगों का सफर पहले की तुलना में आसान और तेज होगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें NCR मॉडल की तरह हो सकता है विकास परियोजना पूरी होने के बाद पटना के विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. बेहतर सड़क संपर्क का लाभ राजधानी के साथ-साथ वैशाली, सारण और आसपास के अन्य जिलों को भी मिलेगा. यह रिंग रोड राज्य के 7 राष्ट्रीय राजमार्गों और 5 प्रमुख राज्य मार्गों को आपस में जोड़ने का काम करेगी. इससे बिहार की सड़क कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है. इसे भी पढ़ें: अगले 96 घंटे पटना, गया समेत इन जिलों में जारी रहेगा आंधी, तूफान और बारिश का दौर, IMD ने जारी किया डबल अलर्ट The post पटना को मिला दिल्ली-एनसीआर जैसा तोहफा, रिंग रोड के आखिरी हिस्से को केंद्र की हरी झंडी appeared first on Naya Vichar.

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