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June 13, 2026

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अमेरिका ने फिर वेनेजुएला में बरसाया बम, ट्रंप का दावा- मारा गया ‘खून का प्यासा’ ट्रेन डी अरागुआ का सरगना

US Army Action in Venezuela: अमेरिका ने दावा किया है कि उसने वेनेजुएला में  एक सैन्य कार्रवाई की है. इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय कुख्यात आपराधिक संगठन ट्रेन डी अरागुआ के सरगना हेक्टर रुस्थेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस उर्फ ‘नीनो गुरेरो’ को  में मार गिराया गया है. इसकी जानकारी खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी. शुक्रवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी दक्षिणी कमान ने उनके निर्देश पर एक तेज और घातक सैन्य अभियान चलाया. यह कार्रवाई वेनेजुएला की प्रशासन के साथ मिलकर की गई.  ट्रंप बोले- मेरे निर्देश पर की गई कार्रवाई ट्रंप ने इस सैन्य अभियान का वीडियो अपने सोशल मीडिया- ट्रुथ सोशल पर शेयर किया, जिसे बाद में व्हाइट हाउस के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया. ट्रंप ने लिखा, ‘मेरे निर्देश पर घातक सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें ट्रेन डी अरागुआ के कुख्यात नेता नीनो गुरेरो को सफलतापूर्वक मार गिराया गया. यह दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी संगठनों में से एक का सरगना था.’ ट्रंप के शेयर किए गए क्लासिफाइड वीडियो में देखा जा सकता है कि एक हरी बिल्डिंग के ऊपर ड्रोन या मिसाइल अटैक किया जाता है और पल भर में आग का गुबार ऊपर उठता है और सबकुछ राख हो जाता है.  उन्होंने आगे कहा, ‘अपने प्रशासन की शुरुआत में मैंने ट्रेन डी अरागुआ को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने का वादा पूरा किया. हमने हजारों अपराधियों को देश से बाहर निकाला और उन कार्टेल के खिलाफ युद्ध छेड़ा जो वर्षों से अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे. यह कार्रवाई वेनेजुएला में हमारे सहयोगियों के साथ समन्वय करके की गई. अब ट्रेन डी अरागुआ के आतंकियों के लिए वेनेजुएला या दुनिया में कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है. मेरे नेतृत्व में हम इन हत्यारों और ड्रग तस्करों को कहीं भी ढूंढ निकालेंगे.’ “At my direction, the United States Southern Command delivered a swift and lethal kinetic strike to successfully execute Niño Guerrero, the infamous leader of Tren De Aragua, one of the most bloodthirsty Terrorist Organizations on Planet Earth.” – President DONALD J. TRUMP 🇺🇸 pic.twitter.com/3R5IPxhPXX — The White House (@WhiteHouse) June 13, 2026 अमेरिका पहले ही घोषित कर चुका है आतंकवादी संगठन ट्रेन डी अरागुआ को अमेरिका पहले ही आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है. दिसंबर में अमेरिकी अधिकारियों ने बताया था कि नीनो गुरेरो के खिलाफ न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में कई गंभीर आरोप दर्ज किए गए थे. इन आरोपों में आपराधिक साजिश, आतंकवाद से जुड़े अपराधों को समर्थन देने और एक दशक से अधिक समय तक फैली कथित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप शामिल थे. अमेरिका का आरोप है कि यह संगठन उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और यूरोप में ‘हिंसा, वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी की अनगिनत घटनाओं’ के लिए जिम्मेदार रहा है.  नीनो गुरेरो की गिरफ्तारी पर था 50 लाख डॉलर का इनाम अमेरिकी विदेश विभाग ने भी हेक्टर रुस्थेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 50 लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा कर रखी थी. गुरेरो फ्लोरेस लंबे समय से अमेरिकी एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और उसे ट्रेन डी अरागुआ नेटवर्क का मुख्य संचालक माना जाता था. नीनो गुरेरो 2023 में वेनेजुएला की टोकोरोन जेल से फरार हो गया था. उस समय वेनेजुएला की सुरक्षा एजेंसियां जेल के भीतर चल रहे आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए बड़ा अभियान चला रही थीं. कार्रवाई शुरू होने से पहले ही नीनो गुरेरो और उसके कई सहयोगी जेल से भागने में सफल हो गए थे. ट्रंप गैंग पर लगाते रहे हैं गंभीर आरोप डोनाल्ड ट्रंप और उनका प्रशासन लंबे समय से दावा करता रहा है कि ट्रेन डी अरागुआ अमेरिका के कई शहरों में हिंसा और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को बढ़ावा दे रहा है. ट्रंप ने कई बार यह भी कहा कि यह संगठन वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के नियंत्रण में काम करता था. मादुरो को इसी साल की शुरुआत में- जनवरी के पहले हफ्ते में ही अमेरिका ने उनके घर से गिरफ्तार कर लिया था. उनके ऊपर अमेरिका में मुकदमा चलाया जा रहा है. फिलहाल वह न्यूयॉर्क की ब्रुकलिन जेल में बंद हैं. हालांकि, अमेरिकी प्रशासन रिपोर्ट्स में गैंग और वेनेजुएला प्रशासन के बीच प्रत्यक्ष नियंत्रण संबंधी कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला था. ये भी पढ़ें:- किसने मारा 3 हिंदुस्तानीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन ये भी पढ़ें:- बेहद करीब… अमेरिका-ईरान के बीच हो सकती है पीस डील! शरीफ, अराघची और ट्रंप ने दिया हिंट  क्या है ट्रेन डी अरागुआ? ट्रेन डी अरागुआ की शुरुआत एक दशक से भी अधिक समय पहले वेनेजुएला के अरागुआ राज्य की कुख्यात टोकोरोन जेल से हुई थी. धीरे-धीरे यह संगठन कई लैटिन अमेरिकी देशों तक फैल गया और एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क में बदल गया. इस संगठन के विस्तार का दौर उस समय तेज हुआ जब लाखों वेनेजुएलाई नागरिक बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश में दूसरे देशों और अमेरिका की ओर पलायन कर रहे थे. हालांकि, संगठन के वास्तविक आकार को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन दक्षिण अमेरिका के अन्य देश जैसे- पेरू, कोलंबिया समेत कई देशों की जांच एजेंसियां इसे अनेक हिंसक अपराधों से जोड़ चुकी हैं. मानव तस्करी से लेकर हत्या तक के आरोप क्षेत्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार ट्रेन डी अरागुआ पर मानव तस्करी, जबरन वसूली, अपहरण, मनी लॉन्ड्रिंग, सुपारी देकर हत्या करवाने, तस्करी और संगठित चोरी जैसे अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं. संगठन पर यह भी आरोप है कि यह वेनेजुएला और अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों से आने वाले प्रवासियों के लिए इस्तेमाल होने वाले कई अवैध मार्गों को नियंत्रित करता था. इन मार्गों का इस्तेमाल चिली समेत दक्षिण अमेरिका और यूरोप के अन्य देशों तक पहुंचने के लिए किया जाता था. 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राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले युद्ध मुख्य रूप से सैनिकों और उनके हथियारों के दम पर लड़े जाते थे. लेकिन अब युद्ध का तरीका पूरी तरह बदल गया है. आज के दौर में कई बार यह पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है कि हमला किसने किया और किस हथियार से किया गया. आधुनिक युद्ध में रडार, सैटेलाइट, ड्रोन, सेंसर, रोबोटिक्स और दूसरी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है. कई बार दुश्मन दूर बैठकर ही सिस्टम को नियंत्रित कर सकता है. यहां तक कि ट्रैफिक सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों को भी हैक कर प्रभावित किया जा सकता है. #WATCH | Dindigul, Telangana | Defence Minister Rajnath Singh says, “Until now, warfare has typically had two vectors: the soldier and the equipment. However, in today’s wars, we often cannot see the soldier or the weapon used to launch the attack. Numerous systems such as radar,… https://t.co/uYkXMybQfy pic.twitter.com/hxyKyfkq8e — ANI (@ANI) June 13, 2026 आगे राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध की परिभाषा अब पहले जैसी नहीं रही. इसलिए नई पीढ़ी के सैनिकों को भविष्य की युद्ध तकनीकों और रणनीतियों को अच्छी तरह समझना होगा. उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशिक्षण और अभ्यास के जरिए जवान किसी भी नई और अप्रत्याशित चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने साथ में यह भी कहा कि  हिंदुस्तानीय वायु सेना ने संकट के समय विदेशी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है.  The post राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का स्पोर्ट्स बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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कैमूर हत्याकांड का खुलासा: लड़की के भाई ने दोस्ती के बहाने युवक को बुलाया, शराब पिलाई, फिर लाठी डंडे से पीट कर गला रेता

Kaimur Crime News: (विनोद कुमार सिंह) कैमूर के मोहनिया थाना क्षेत्र के बघिनी गांव के बधार में युवक की गला रेतकर क्रूर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जिसके बाद पूछताछ में हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हुआ. फोन कर बुलाया, शराब पिलाई और फिर की हत्या गिरफ्तार आरोपी की पहचान राम दुलार राम के पुत्र अखिलेंद्र प्रताप (25 वर्ष)के रूप में हुई. निवासी बघिनी गांव का है. आरोपी ने पुलिस को बताया कि मृतक शशि कुमार ने उसकी बहन को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था. जहां इस मामले में पहले से मोहनिया थाना में प्राथमिकी दर्ज थी. इसी रंजिश में आरोपी ने 9 जून को शशि को फोन कर गांव बुलाया. अखिलेंद्र प्रताप ने पहले शशि को शराब पिलाई. फिर शाम होते ही लाठी-डंडे से बुरी तरह पीटा गया. पिटाई के बाद जब वह बेहोश हो गया तो आरोपी ने चाकू से उसका गला रेत दिया और पेट में वार कर शशि की हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को बधार में फेंक दिया गया. शव मिलने के बाद हुआ खुलासा गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने बघिनी गांव के सिवान में एक अर्ध-सड़ा शव देखा और पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया. बाद में मृतक की पहचान भभुआ थाना क्षेत्र के नौआ झोटी गांव निवासी शिव कुमार राम के पुत्र शशि कुमार के रूप में हुई. शव की स्थिति खराब होने के कारण पोस्टमार्टम के लिए पटना पीएमसीएच भेजा गया. दसौती नहर के पास से आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अखिलेंद्र प्रताप को दसौती नहर के पास से गिरफ्तार कर लिया. घटना स्थल पर कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला भी पहुंचे और मामले की जांच की. पिता ने चार लोगों के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी मृतक के पिता शिव कुमार राम ने बघिनी गांव के चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है. आरोपियों में राम दुलार राम और उनके तीन बेटे शामिल हैं. फर्द बयान में उन्होंने बताया कि आरोपी अपने बेटी की शादी उनके बेटे से कराना चाहते थे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था. इसी रंजिश में हत्या की गई. थानाध्यक्ष का बयान मोहनिया थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. गिरफ्तार आरोपी को मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश किया गया है. Also Read:कैमूर में शादी से इंकार करने पर युवक की गला रेतकर हत्या, लड़की का भाई गिरफ्तार The post कैमूर हत्याकांड का खुलासा: लड़की के भाई ने दोस्ती के बहाने युवक को बुलाया, शराब पिलाई, फिर लाठी डंडे से पीट कर गला रेता appeared first on Naya Vichar.

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एक्स हसबैंड संजय कपूर को याद कर क्यों भावुक हुईं करिश्मा कपूर? कही दिल की बात

करिश्मा कपूर ने अपने पूर्व पति संजय कपूर की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें भावुक अंदाज में याद किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक छोटा लेकिन दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया. आइए आपको बताते हैं कि उन्होंने क्या लिखा. करिश्मा कपूर ने शेयर किया ये मैसेज करिश्मा कपूर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर संजय कपूर को याद करते हुए लिखा, “12/6/2025, संजय हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे.” इसके साथ उन्होंने हाथ जोड़ने, सफेद दिल और कबूतर की इमोजी भी लगाई. प्रिया सचदेव ने भी पति को किया याद संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव कपूर ने भी सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा, “तुम्हारे जाने को एक साल बीत चुका है, लेकिन आज भी तुम्हारी मौजूदगी हर दिन हमारा मार्गदर्शन करती है. तुम कभी ठहरकर रहने में विश्वास नहीं करते थे.” उन्होंने आगे लिखा, “तुम्हें हमेशा गहराई से प्यार किया जाएगा और तुम्हें उन मूल्यों, उन लोगों की यादों और उस प्रेम के जरिए हमेशा याद रखा जाएगा, जो तुमने सभी को दिया. तुम्हारा प्यार आज भी हमारी ताकत है और तुम्हारी यादें हमारे लिए एक आशीर्वाद हैं.” संपत्ति विवाद बना चर्चा का विषय संजय कपूर के निधन के बाद उनकी करीब 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर परिवार में कानूनी विवाद चल रहा है. इस मामले में उनके शिशु, पत्नी प्रिया सचदेव कपूर, मां रानी कपूर और परिवार के अन्य सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं. इंग्लैंड में हुआ था संजय कपूर का निधन संजय कपूर का निधन इंग्लैंड में हुआ था. रिपोर्ट्स के अनुसार, पोलो स्पोर्ट्सते समय उन्होंने गलती से एक मधुमक्खी निगल ली थी, जिसके बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा. उनके अंतिम संस्कार में करिश्मा कपूर अपने दोनों बच्चों के साथ दिल्ली पहुंची थीं. इस दौरान करीना कपूर खान और सैफ अली खान भी उनके साथ मौजूद थे. यह भी पढ़ें- Bharat Bhhagya Viddhaata Collection Day 1: ओपनिंग डे पर पास हुई या फेल? कंगना की फिल्म की कमाई ने चौंकाया The post एक्स हसबैंड संजय कपूर को याद कर क्यों भावुक हुईं करिश्मा कपूर? कही दिल की बात appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिमी सिंहभूम : प्रशासन की अनदेखी के बीच महिलाओं ने श्रमदान कर सुधारी जर्जर सड़क 

गुवा से संदीप की रिपोर्ट West Singhbhum News: नया विचार में 1 जून को प्रकाशित “सुखचैन मोटर के पास जर्जर पुलिया बनी हादसे का कारण, मरम्मत नहीं होने पर सड़क जाम की चेतावनी” शीर्षक समाचार के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस पहल नहीं की. इससे नाराज होकर आजीविका ग्राम संगठन बस्ती जामदा की बीएचओ (वीओ) की स्त्रीओं ने खुद आगे बढ़कर श्रमदान के माध्यम से जर्जर सड़क और पुलिया के गड्ढों में मुरूम-मिट्टी भरकर उसे समतल कर दिया. खराब स्थिति से हो सकती है बड़ी दुर्घटना बता दें कि बड़ाजामदा से नोवामुंड़ी जाने वाले मुख्य मार्ग पर सुखचैन मोटर के पास स्थित पुलिया की स्थिति लंबे समय से अत्यंत खराब बनी हुई है. पुलिया के बीचों-बीच बड़े-बड़े गड्ढे और कई स्थानों पर आर-पार छेद हो चुके हैं, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण पुलिया दिन-प्रतिदिन और कमजोर होती जा रही है. यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क पथ है, जहां से प्रतिदिन टाटानगर से किरीबुरू, बड़बिल और जोड़ा जाने वाली यात्री बसों के साथ-साथ लौह अयस्क ढोने वाले भारी मालवाहक ट्रकों का आवागमन होता है. इसके बावजूद पुलिया की मरम्मत को लेकर प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई. मरम्मत की मांग को लेकर कई बार हुआ आंदोलन ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पुलिया के निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर कई बार आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक उदासीन बना हुआ है. स्त्रीओं ने किया श्रमदान, कार्रवाई नहीं होने पर सड़क जाम की चेतावनी  ऐसे में आजीविका ग्राम संगठन की स्त्रीओं ने श्रमदान कर सड़क को समतल बनाकर प्रशासन को एक संदेश दिया कि जनहित के कार्यों में जनता स्वयं भी आगे आ सकती है. स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने झारखंड प्रशासन और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अविलंब पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ाजामदा-नोवामुंड़ी मुख्य सड़क मार्ग को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर आंदोलन शुरू किया जाएगा. उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाए. यह भी पढ़ें: झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों पर बारिश में नहीं रुकेगा सफर, NHAI ने शुरू किया ड्रेनेज सफाई का विशेष अभियान यह भी पढ़ें: Dhanbad: युवा संगम में मध्य प्रदेश का 56 सदस्यीय दल पहुंचा IIT धनबाद, झारखंड की संस्कृति से हुए रू-ब-रू The post पश्चिमी सिंहभूम : प्रशासन की अनदेखी के बीच स्त्रीओं ने श्रमदान कर सुधारी जर्जर सड़क  appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में दौड़ेगी रैपिड रेल, 4 जिलों की दूरी हाईस्पीड ट्रेन से मिनटों में होगी तय, CM सम्राट का ऐलान

Bihar Rapid Rail: बिहार के चार जिलों बेगूसराय, राजगीर (नालंदा), गयाजी और मुजफ्फरपुर के बीच कनेक्टिविटी मजबूत और तेज होने वाली है. इन जिलों को हाईस्पीड ट्रेन से जोड़ा जाएगा, जिसके बाद पटना से इन जिलों की दूरी तय करने में घंटों के बदले मिनट ही लगेंगे. आने वाले दिनों में बिहार में रैपिड रेल का जाल बिछने वाला है. पीएम मोदी की ओर से मिला परमिशन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस प्रोजेक्ट को लेकर ऐलान किया. उन्होंने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने की बात कही गई है. इस प्रोजेक्ट से हर रोज ट्रेन से सफर करने वाले लोगों के साथ अन्य सभी वर्ग के लोगों को फायदा हो सकेगा. सीएम सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार में लगभग सभी रूट पर वंदे हिंदुस्तान ट्रेन चलाई जा रही है. ऐसे में मोदी प्रशासन में आने वाले कुछ सालों में रेल नेटवर्क और भी मजबूत होने वाला है. हिंदुस्तान प्रशासन की ओर से कहा गया कि यहां रैपिड रेल चलाई जायेंगी. इस तरह से चारों जिलों के लोगों को काफी सहूलियत मिल सकेगी. पटना से चारों जिलों की दूरी मिनटों में होगी तय सीएम सम्राट चौधरी की ओर से यह भी बताया गया कि बिहार के चार जिलों को रैपिड रेल से जोड़ा जाएगा. अभी पटना से गयाजी जाने में लगभग डेढ़ या फिर दो घंटे लग जाते हैं. रैपिड रेल की व्यवस्था होने से यह दूरी 40 मिनट में ही तय की जा सकेगी. इसके अलावा पटना से मुजफ्फरपुर के बीच अभी दो घंटे से भी ज्यादा समय ट्रेन से लग जाते हैं. इससे कम समय में लोग रोड से पहुंच जाते हैं. ऐसे में इसे भी रैपिड रेल से जोड़ा जाएगा. साथ ही नालंदा जिले के राजगीर को लेकर बताया कि यह एक टूरिस्ट हब के रूप में डेवलप हो रहा है. जबकि बेगूसराय जिला राज्य के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में से एक है. ऐसी स्थिति में इन दोनों जिलों को भी रैपिड रेल से जोड़ा जाएगा. इस तरह से केंद्र की ओर से बिहार के लोगों के लिए यह खास तोहफा माना जा रहा है. Also Read: पटना मेट्रो अपडेट: अब जू, विकास भवन और इनकम टैक्स गोलंबर पर बनेंगे स्टेशन, बेली रोड पर रूट डायवर्ट The post बिहार में दौड़ेगी रैपिड रेल, 4 जिलों की दूरी हाईस्पीड ट्रेन से मिनटों में होगी तय, CM सम्राट का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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किसने मारा 3 भारतीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन

Indian Sailors Death: होर्मुज स्ट्रेट के पास हिंदुस्तानीय नाविकों को ले जा रहे जहाजों पर हुए हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी हो रही है. हिंदुस्तान में ईरान के दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें उन्होंने हिंदुस्तानीय जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ होने का दावा किया था. पलाऊ का झंडा लगे जहाज पर हुए हमले में तीन हिंदुस्तानीयों की मौत हो गई. लेकिन हमलावर कौन है? अमेरिका या ईरान. दोनों ही एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. हिंदुस्तान ने पहले हिंदुस्तान में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया, उसके बाद विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो को फोन लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया.   शनिवार को ईरान के दूतावास ने कहा कि ट्रंप के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इनका उद्देश्य लोगों का ध्यान हाल में हिंदुस्तानीय नाविकों को लेकर हुए घटनाक्रम से हटाना है. हिंदुस्तान में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में दावा किया कि एक सप्ताह से भी कम समय के भीतर अमेरिका ने तीन हिंदुस्तानीय जहाजों पर हमला किया, जिसमें तीन हिंदुस्तानीय नाविकों की जान चली गई. दूतावास ने अपने पोस्ट में कहा, ‘होर्मुज जलडमरूमध्य में हिंदुस्तानीय जहाज को लेकर ईरान पर लगाया गया अमेरिकी राष्ट्रपति का आरोप पूरी तरह निराधार है. यह जनता का ध्यान उस क्रूर सच्चाई से हटाने की कोशिश है कि अमेरिका ने एक सप्ताह से भी कम समय में तीन हिंदुस्तानीय जहाजों पर हमला किया और तीन निर्दोष हिंदुस्तानीय नाविकों की जान ले ली. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.’ The U.S. president’s accusation against Iran regarding an Indian vessel in the Strait of Hormuz is simply baseless. It is an attempt to divert public attention from the brutal fact that the U.S. has attacked 3 Indian vessels in less than a week and killed 3 innocent Indian… https://t.co/2UiXWAMulM — Iran in India (@Iran_in_India) June 12, 2026 ट्रंप ने ईरान को ठहराया था जिम्मेदार ईरान की प्रतिक्रिया, डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों का जवाब है. उन्होंने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हिंदुस्तानीय नाविकों को ले जा रहे तीन जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ था. इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई थी. हालांकि, इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड स्वयं पुष्टि कर चुका था कि संबंधित हमले अमेरिकी नौसैनिक बलों द्वारा किए गए थे. इसी वजह से ट्रंप के बयान पर सवाल भी उठे. ओमान की खाड़ी में हुए हमलों पर ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया ट्रंप के आरोपों से पहले ईरान ने ओमान की खाड़ी में हिंदुस्तानीय नाविकों को लेकर जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी हमलों की निंदा की थी. इन हमलों में तीन हिंदुस्तानीय नागरिकों की मौत हुई थी. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इन कार्रवाइयों को क्रूर करार देते हुए अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया था.  उनका कहना था कि इस तरह की गतिविधियां वैश्विक शांति और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका की लगातार जारी सशस्त्र लूट और राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती की नीति का स्पष्ट प्रमाण हैं. हम मारे गए हिंदुस्तानीय नाविकों के परिवारों और उनके मित्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा हिंदुस्तान की जनता और प्रशासन के प्रति अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट करते हैं.’ ये भी पढ़ें:- बेहद करीब… अमेरिका-ईरान के बीच हो सकती है पीस डील! शरीफ, अराघची और ट्रंप ने दिया हिंट ये भी पढ़ें:- बांग्लादेश में IFS अधिकारी की जगह नेता बने राजदूत, दिनेश त्रिवेदी की नियुक्ति से दुनिया को क्या संदेश दे रही हिंदुस्तान प्रशासन? हिंदुस्तान ने अमेरिका के सामने जताया कड़ा विरोध हिंदुस्तान ने भी इस मामले पर अमेरिका के सामने अपना कड़ा विरोध जताया है. पहले हिंदुस्तान में अमेरिकी राजदूत को विदेश मंत्रालय में एक नहीं बल्कि दो-दो बार तलब किया गया. जेसन मीक्स नाम के अधिकारी के समक्ष हिंदुस्तान ने कमर्शियल जहाजों पर हुए हमले को बेहद चिंताजनक बताया. इसके बाद हिंदुस्तानीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मार्को रूबियो को फोन करके हिंदुस्तानीय क्रू मेंबर वाले शिप पर हुए अटैक का मुद्दा उठाया.  सोशल मीडिया एक्स पर डॉ जयशंकर ने लिखा, ‘आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत हुई. मैंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत पर हिंदुस्तान की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया. वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह की घातक कार्रवाई उचित नहीं है और इसे किसी भी आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता.’ Spoke to US Secretary of State Marco Rubio this evening. I reiterated India’s strong protest at the attacks by the US Navy in the Gulf that killed three Indian mariners. Such lethal actions against commercial shipping are not justified. — Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 12, 2026 किन तीन हिंदुस्तानीयों की हुई थी मौत? पलाऊ के झंडे वाले कमर्शियल शिप एमटी सेटेबेलो पर शुक्रवार को हमला किया गया था. इसमें 24 हिंदुस्तानीय नाविक सवार थे. हमले के बाद इमरजेंसी कॉल गई थी, उस समय उन सभी को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करके ओमान ले जाया गया था. लेकिन बाद में समाचार आई कि इस घटना में तीन हिंदुस्तानीयों की मौत हो गई. इनमें हिमाचल प्रदेश के डेक कैडेट आदित्य शर्मा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और आंध्र प्रदेश निवासी चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश शामिल थे. The post किसने मारा 3 हिंदुस्तानीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक बनर्जी के घर पुलिस-फोर्स की मौजूदगी से हलचल, ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, कोलकाता में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के घर पर अचानक पुलिस की भारी तैनाती देखी गई. कोलकाता पुलिस के कालीघाट और शालबनी थाने की टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ उनके आवास पहुंची. इस कार्रवाई को लेकर इलाके में काफी चर्चा है. हालांकि पुलिस के पहुंचने की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है. VIDEO | Kolkata, West Bengal: A large contingent of police personnel from Kolkata Police’s Kalighat Police Station and Shalboni Police Station, accompanied by central security forces, arrived at the residence of Trinamool Congress MP Abhishek Banerjee. More details are awaited.… pic.twitter.com/LcwV4gxLx0 — Press Trust of India (@PTI_News) June 13, 2026 मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, समाचार मिलने के बाद बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी के घर पर पहुंचीं. यह भी पढ़ें : गिरफ्तारी पर रोक के बाद सीआईडी ऑफिस पहुंचे टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी, जानें पूरा मामला मदन मित्रा के खिलाफ छापेमारी ईडी ने की इस बीच एक अधिकारी ने बताया कि ईडी ने कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा के खिलाफ छापेमारी की है. अधिकारियों ने बताया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती राज्य प्रशासन में मंत्री रहे मित्रा से जुड़े कुल सात परिसरों पर छापेमारी की जा रही है. मित्रा पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की कमरहटी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. नियुक्ति के बदले नकद और सोना लेने का आरोप है मित्रा ईडी अधिकारियों का आरोप है कि मित्रा ने कमरहटी नगरपालिका समेत कई नगरपालिकाओं में अलग-अलग पदों पर अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति के बदले बिचौलियों के जरिए रिश्वत के रूप में नकद और सोना लिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि मित्रा का संबंध ऐसी 125 अवैध नियुक्तियों से जुड़ा हुआ है. मामले में जांच एजेंसी कार्रवाई कर रही है. यह भी पढ़ें : अभिषेक बनर्जी के जबाव से सीआईडी संतुष्ट नहीं, फिर से किया तलब The post अभिषेक बनर्जी के घर पुलिस-फोर्स की मौजूदगी से हलचल, ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर appeared first on Naya Vichar.

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Bharat Bhhagya Viddhaata Collection Day 1: ओपनिंग डे पर पास हुई या फेल? कंगना की फिल्म की कमाई ने चौंकाया

Bharat Bhhagya Viddhaata Box Office Collection Day 1: कंगना रनौत एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी के लिए तैयार हैं. उनकी नई फिल्म ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’ रिलीज हो गई है. देशभक्ति, साहस और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित इस फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था. हालांकि फिल्म के कलेक्शन को वैसा रिस्पांस नहीं मिला. आइए आपको डे 1 की कमाई बताते हैं. 26/11 मुंबई हमलों की पृष्ठभूमि पर आधारित है कहानी ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’ का निर्देशन और लेखन मनोज टपाड़िया ने किया है. फिल्म में कंगना रनौत के साथ गिरिजा ओक और स्मिता तांबे भी अहम भूमिकाओं में नजर आई है. ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के अनुसार, ओपनिंग डे पर फिल्म ने 1 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. फिल्म ने बहुत कम कमाई की. हालांकि वीकेंड पर इसकी कमाई में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. जानें क्या है फिल्म की कहानी? फिल्म की कहानी 2008 के 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान कामा अस्पताल में घटित घटनाओं से प्रेरित है. उस भयावह रात में डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सुरक्षा की थी. फिल्म विशेष रूप से नर्स अंजलि कुलथे और उनके साथियों की बहादुरी को सामने लाती है, जिन्होंने कई गर्भवती स्त्रीओं और अन्य मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी. ‘इमरजेंसी’ से पीछे रह सकती है फिल्म कंगना रनौत की पिछली फिल्म ‘इमरजेंसी’ से भी ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’ की तुलना की जा रही है. ‘इमरजेंसी’ ने रिलीज के पहले दिन 2 करोड़ रुपये का कारोबार किया था. ऐसे में ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’ की ओपनिंग 1 करोड़ रुपये है. ऐसे में इसने कंगना की पिछली रिलीज हुई फिल्म ‘इमरजेंसी’ के पहले दिन के कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है. यह भी पढ़ें- Main Vaapas Aaunga: इम्तियाज अली की फिल्म पर फिदा हुए अनुभव सिन्हा, कहा- यह सिनेमा की सोच बदलने वाली कहानी है The post Bharat Bhhagya Viddhaata Collection Day 1: ओपनिंग डे पर पास हुई या फेल? कंगना की फिल्म की कमाई ने चौंकाया appeared first on Naya Vichar.

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बेहद करीब… अमेरिका-ईरान के बीच हो सकती है पीस डील! शरीफ, अराघची और ट्रंप ने दिया हिंट

US Iran Peace Deal: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के संभावित शांति समझौते को लेकर बड़ा दावा किया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का कहना है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते का अंतिम और सहमतिपूर्ण मसौदा तैयार हो चुका है. हालांकि अब तक न तो वॉशिंगटन और न ही तेहरान ने आधिकारिक तौर पर किसी अंतिम समझौते की पुष्टि की है, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री ने जरूर कहा कि हम इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के काफी करीब हैं. उनके इस सोशल पोस्ट मीडिया पोस्ट को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी शेयर किया.  शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से मध्यस्थता की कोशिशों में शामिल रहा है. उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर की वार्ताओं से कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया था, जिसके बाद कतर और अन्य मध्य-पूर्वी देशों ने भी बातचीत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. शहबाज शरीफ ने ‘भ्रामक प्रचार’ का भी किया जिक्र अपने बयान में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ ताकतें इस संभावित समझौते को विफल करने की कोशिश कर रही हैं और इसके लिए लगातार गलत जानकारियां फैलाई जा रही हैं. उन्होंने लिखा, ‘पाकिस्तान की ओर से जारी गहन मध्यस्थता प्रयासों के बीच हम उन भ्रामक अभियानों से पूरी तरह अवगत हैं जिनका उद्देश्य शांति समझौते को नुकसान पहुंचाना है. इन अफवाहों और शोर-शराबे से अलग हटकर हम यह पुष्टि कर सकते हैं कि समझौते का अंतिम और दोनों पक्षों द्वारा स्वीकार्य मसौदा तैयार हो चुका है. अब पाकिस्तान दोनों देशों के साथ मिलकर अगले कदमों को अंतिम रूप देने में जुटा है. शांति पहले कभी इतनी करीब नहीं थी जितनी आज है.’ Amid ongoing intense mediation efforts by Pakistan, we are fully aware of incessant misinformation campaign being waged by those who want to sabotage the peace deal. Setting aside the noise, we can confirm that a final, agreed upon text of the peace deal has been reached and… — Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) June 12, 2026 ईरानी विदेश मंत्री बोले- अटकलों से बचें ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने मीडिया से संयम बरतने की अपील की है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ अपने अंतिम चरण के बेहद करीब पहुंच चुका है, लेकिन इसके औपचारिक रूप से पूरा होने से पहले इसकी शर्तों को लेकर अटकलें लगाना उचित नहीं होगा. अराघची ने कहा, ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पहले कभी इतना करीब नहीं था. अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया पूरी होने तक मीडिया को इसके विषय-वस्तु पर अनुमान लगाने से बचना चाहिए. हमारी पारदर्शी और जिम्मेदार नीति के तहत समझौते की सभी जानकारियां उचित समय पर सार्वजनिक की जाएंगी.’ अब्बास अराघची की इस पोस्ट को डोनाल्ड ट्रंप ने भी शेयर किया. US President Donald Trump shared Iranian Foreign Minister Abbas Araghchi’s X post which said Tehran and Washington have “never been closer” to signing a memorandum of understanding, urging media outlets to refrain from speculating about its content. pic.twitter.com/GXuG0gg2ks — Iran International English (@IranIntl_En) June 12, 2026 जिनेवा में हस्ताक्षर की समाचारें आईं सामने इससे पहले सीएनएन ने कई राजनयिक सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि अमेरिका और ईरान के बीच तैयार किया गया ज्ञापन स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हस्ताक्षर के लिए रखा जा सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित समझौते में हस्ताक्षर होते ही लेबनान समेत सभी मोर्चों पर 60 दिनों का युद्धविराम लागू करने का प्रावधान है. इसके अलावा ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का टोल शुल्क नहीं लगाया जाएगा. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ऊर्जा आपूर्ति, व्यावसायिक जहाजों और समुद्री यातायात की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी तथा समझौते पर हस्ताक्षर के 30 दिनों के भीतर समुद्री गतिविधियां धीरे-धीरे संघर्ष से पहले के स्तर पर लौट आएंगी. प्रतिबंधों में राहत और बंदरगाहों पर ढील का भी प्रस्ताव सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित व्यवस्था में ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील और सीमित आर्थिक राहत का भी प्रावधान शामिल है. एक राजनयिक सूत्र ने बताया कि यह राहत समझौते की प्रगति और दोनों पक्षों की सकारात्मक भागीदारी के आधार पर दी जाएगी. हालांकि इसके लिए अभी तक कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं की गई है. ईरान ने अंतिम समझौते की समाचारों को बताया गलत हालांकि, जहां पाकिस्तान समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की बात कर रहा है, वहीं ईरान ने ऐसी समाचारों से इनकार किया है. ईरानी प्रशासनी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया संघर्ष समाप्त करने को लेकर अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है. उन्होंने साफ किया कि वार्ता जारी है और समझौते के पूरा होने संबंधी समाचारें सही नहीं हैं. ये भी पढ़ें:- पाकिस्तान और हुआ कंगाल, गरीबों की संख्या बढ़कर 7 करोड़ पहुंची ये भी पढ़ें:- ट्रंप ने कहा- हिंदुस्तानीय जहाजों पर हमले बर्दाश्त नहीं, ईरान पर लगाया ड्रोन अटैक का आरोप ट्रंप ने भी रिपोर्टों को किया खारिज अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर उन समाचारों को खारिज किया, जिनमें समझौता तय हो जाने की बात कही गई थी. ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने प्रस्तावित समझौते की शर्तों को गलत तरीके से पेश किया है और बातचीत के दौरान ईमानदारी नहीं दिखाई. उन्होंने लिखा, ‘ईरान ने जो बातें मीडिया में लीक की हैं, उनका लिखित रूप से तय हुई शर्तों से कोई संबंध नहीं है. उनकी ओर से जारी बयान और समझौते को लेकर किए गए दावे सच्चाई से बिल्कुल मेल नहीं खाते. ऐसे लोगों के साथ बातचीत करना बेहद कठिन है क्योंकि वे सद्भावना के साथ व्यवहार नहीं करते.’ फिलहाल आधिकारिक पुष्टि का इंतजार अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान की ओर से सामने आए अलग-अलग बयानों के बीच स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. पाकिस्तान जहां समझौते के अंतिम मसौदे के तैयार होने का दावा कर रहा है, वहीं ईरान और अमेरिका की ओर से अभी तक औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है. ऐसे में दुनिया की निगाहें अब उन संभावित अगले कदमों पर टिकी

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