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June 15, 2026

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बिहार के 19 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, 50 KMPH की रफ्तार से चलेगी हवा

Bihar Rain Alert: बिहार में मॉनसून की एंट्री के बावजूद लोगों को उमस वाली गर्मी झेलनी पड़ रही है. कई जिलों में तापमान 40 डिग्री या फिर इसके आस-पास ही रहा है. कभी-कभी अचानक आंधी-बारिश भी हो रही. लेकिन इसके बावजूद गर्मी पर कुछ खास असर पड़ता नहीं दिख रहा है. फिलहाल राहत की बात यह है कि कहीं भी लू जैसी स्थिति नहीं है. इन 19 जिलों में येलो अलर्ट इस बीच आज मौसम विभाग की ओर से 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, सीवान, बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, पटना, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय, शेखपुरा, नवादा, गया, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. इसके साथ ही तेज बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है. अगले तीन-चार दिनों तक कैसा रहेगा तापमान? मौसम विभाग की ओर से यह भी पूर्वानुमान जताया गया है कि अगले तीन से चार दिनों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में कुछ खास बदलाव नहीं होगा. लेकिन जिस भी जिले में मॉनसून अब तक नहीं पहुंचा है, वहां धीरे-धीरे यह एक्टिव होगा. इस बीच संभावना यह भी जताई गई है कि इस दौरान उत्तर और मध्य बिहार के बीच बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. इसके बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकेगी. मॉनसून की एंट्री के बावजूद उमस की वजह मौसम वैज्ञानिकों की ओर से मॉनसून की एंट्री के बावजूद उमस बने रहने की वजह नमी की मात्रा में बढ़ोतरी बताई गई है. बताया जा रहा है कि मॉनसूनी हवा के साथ नमी वाली हवा भी बिहार में पहुंच रही है, जिसकी वजह से कई जिलों में अच्छी बारिश नहीं हो पा रही है. बादल और नमी की वजह से वाटर वेपर की मात्रा बढ़ जा रही है और उमस जैसी स्थिति बनी हुई है. पटना में कैसा है मौसम? पटना में मौसम की बात करें तो, यहां भी लोगों को उमस वाली गर्मी से राहत नहीं मिल रही है. कभी-कभी तेज हवाएं और मध्यम स्तर की बारिश हो रही है. लेकिन तापमान में गिरावट नहीं होने की वजह से लोगों की परेशानी बनी हुई है. रविवार की बात करें तो, किसी जिले में धूप तो किसी जिले में बादलों की आवाजाही देखने के लिए मिली. इस तरह के मौसम को देखते हुए लोगों से सावधान रहने की अपील की गई है. Also Read: बिहार में ढाई लाख घरों पर लगेंगे सोलर पैनल, 125 यूनिट से ज्यादा उत्पादन पर मिलेगा पैसा The post बिहार के 19 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, 50 KMPH की रफ्तार से चलेगी हवा appeared first on Naya Vichar.

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ऑपरेशन पुश बैक को लेकर भारत-बांग्लादेश में तनातनी, नदिया में 57 बांग्लादेशी गिरफ्तार

कोलकाता/कल्याणी से गोपाल की रिपोर्ट Operation Push Back: ऑपरेशन पुश बैक को लेकर बीएसएफ-बीजीबी में तनातनी बढ़ गयी है. चार स्त्रीएं, चार शिशु और चार पुरुष समेत कुल 12 लोगों की नागरिकता को लेकर बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच मतभेद है. इस मुद्दे पर लगातार दो दिनों तक फ्लैग मीटिंग हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. शनिवार को दूसरी फ्लैग मीटिंग में भी बीजीबी ने अपना दावा दोहराया. वहीं, बीएसएफ ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि रानीनगर सेक्टर से किसी भी व्यक्ति को बांग्लादेश नहीं भेजा गया है. बीएसएफ का कहना है कि जब कोई पुश बैक हुआ ही नहीं, तो किसी को वापस लेने का सवाल नहीं उठता. बीजीबी ने लगाया पुश बैक का आरोप बांग्लादेश सीमा से सटे गांवों के लोगों और बीजीबी का आरोप है कि शुक्रवार तड़के बीएसएफ ने सीमा का गेट खोलकर इन 12 लोगों को जबरन बांग्लादेश की ओर धकेल दिया. उनका दावा है कि ये सभी हिंदुस्तानीय नागरिक हैं और हिंदुस्तान को इन्हें वापस लेना चाहिए. पहली बैठक विफल रहने के बाद इन लोगों को रानीनगर और प्रागपुर सीमा के बीच 148/3-एस पिलर के पास जीरो प्वाइंट पर रात गुजारनी पड़ी. बाद में उन्हें अस्थायी रूप से बांग्लादेश के एक सीमावर्ती गांव में रखा गया, लेकिन शनिवार सुबह फिर जीरो प्वाइंट पर बैठा दिया गया. उच्चस्तरीय निर्देश का इंतजार बीएसएफ ने बताया कि मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गयी है और आगे की कार्रवाई वरिष्ठ स्तर पर मिले निर्देशों के आधार पर की जायेगी. फिलहाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गयी है. स्थानीय ग्रामीण भी सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं. इस घटनाक्रम ने एक बार फिर हिंदुस्तान-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ, नागरिकता सत्यापन और सीमा प्रबंधन जैसे संवेदनशील मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है. अब दोनों देशों के उच्चस्तरीय अधिकारियों के अगले कदम पर नजरें टिकी हैं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें नदिया में 57 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार इधर, नदिया जिले में वैध दस्तावेजों के बिना हिंदुस्तान में रहने के आरोप में 57 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने सभी को जिले के विभिन्न इलाकों से हिरासत में लिया. गिरफ्तार लोगों का शक्तिनगर जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है. इसके बाद उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई की जायेगी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में से करीब 30 को कृष्णानगर जिला पुलिस और 27 को राणाघाट जिला पुलिस ने पकड़ा है. जांच के दौरान उनके पास हिंदुस्तान में वैध रूप से रहने संबंधी आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले. इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया. ऐसे लोगों को रखने के लिए एक होल्डिंग कैंप की व्यवस्था भी की गयी है. यहां कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें रखा जाता है. Also Read: बंगाल: पार्क सर्कस मामले में भड़के शुभेंदु अधिकारी, बोले- यह आखिरी पत्थर होगा जो फेंका गया है The post ऑपरेशन पुश बैक को लेकर हिंदुस्तान-बांग्लादेश में तनातनी, नदिया में 57 बांग्लादेशी गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका-ईरान समझौते के बाद तेल बाजार को राहत, कच्चे तेल के दाम 4% गिरे, भारत में भी कम होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

Oil Prices US Iran Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने के बाद रविवार को अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिली. निवेशकों ने इसे आपूर्ति संकट कम होने के संकेत के रूप में लिया, जिसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई. ट्रंप ने ईरान पर लगाई गई अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की भी की घोषणा की. इसकी वजह से ब्रेंट क्रूड का भाव रविवार को करीब 3.9 प्रतिशत गिरकर लगभग 84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत में 4.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. यह 4 मार्च के बाद कच्चे तेल का सबसे निचला स्तर होगा. 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत के बाद से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर तेल के दाम 120 डॉलर प्रति बैरल तक चले गए थे. हालांकि मौजूदा गिरावट के बावजूद तेल की कीमतें अभी भी युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर से काफी ऊपर हैं. फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले शुरू होने से पहले कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा था. युद्ध शुरू होने से पहले होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया भर के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस का कारोबार होता था. इस संकरे समुद्री मार्ग पर नाकेबंदी की वजह से दुनिया भर में तेल संकट गहरा गया था. लेकिन अब ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के बाद दुनिया राहत की सांस ले सकती है. हालांकि, शुक्रवार आने में अभी चार दिन हैं. हिंदुस्तान में घटेंगी की तेल की कीमतें! हिंदुस्तान में पेट्रोल और डीजल के दाम इस समय लगभग हर राज्य में करीब 100 रुपये प्रति लीटर हैं. ऐसे में जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की डील फाइनल हो गई है, तो इस गिरे हुए तेल के रेट का फायदा हिंदुस्तान को भी मिलेगा, क्योंकि हिंदुस्तान का तेल बाजार अंतरराष्ट्रीय बाजार से पूरी तरह से जुड़ा हुआ है. हिंदुस्तान अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों और भू-नेतृत्वक उथल-पुथल का सीधा असर घरेलू वित्तीय स्थिति पर पड़ता है. ट्रंप और ईरान दोनों ने दी समझौते की पुष्टि रविवार देर शाम डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान के साथ समझौता अब पूरी तरह तैयार हो चुका है. उन्होंने लिखा, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है. सभी को बधाई. दुनिया के जहाज अपने इंजन शुरू करें. तेल का प्रवाह जारी रहने दें.’ इसके कुछ समय बाद ईरान ने भी पुष्टि की कि अमेरिका के साथ समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप दे दिया गया है. तेहरान ने बताया कि इस दस्तावेज पर शुक्रवार को साइन किया जा सकता है. पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने बताया कि 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है. अमेरिका और ईरान दोनों की ओर से यह संकेत भी दिया गया कि ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी हटाई जाएगी. समझौते की उम्मीद ने पहले ही कम कर दिए थे दाम बाजार में पिछले कुछ दिनों से इस बात की उम्मीद बन रही थी कि इस वीकेंड तक अमेरिका और ईरान के बीच किसी समझौते का प्रारूप तैयार हो सकता है. इसी कारण शुक्रवार को तेल पहली बार युद्ध के शुरुआती सप्ताह के बाद 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बंद हुआ था. राहत के बावजूद सामान्य नहीं हुआ है तेल बाजार बाजार ने समझौते की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत जरूर किया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि तेल आपूर्ति को पूरी तरह सामान्य होने में अभी लंबा समय लग सकता है. सबसे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाना होगा. इसके बाद जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बहाल करनी होगी. साथ ही मध्य पूर्व के कई तेल उत्पादन केंद्रों को दोबारा चालू करना पड़ेगा, रणनीतिक तेल भंडारों को फिर भरना होगा और युद्ध में क्षतिग्रस्त ऊर्जा ढांचे की मरम्मत भी करनी होगी. ये भी पढ़ें:- अमेरिका-ईरान समझौते का ऐलान, ट्रंप-ईरान ने किया कंफर्म; फिर खुलेगा होर्मुज, 19 जून को डील पर होंगे हस्ताक्षर होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने के बाद भी लगेगा समय युद्ध के दौरान मध्य पूर्व के कई तेल कुओं का उत्पादन बंद कर दिया गया था. इन्हें दोबारा पूरी क्षमता तक पहुंचाने में कई सप्ताह लग सकते हैं. कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि कई कुएं युद्ध से पहले के उत्पादन स्तर तक शायद जल्द नहीं पहुंच पाएं. ऊर्जा क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि शुरुआती गिरावट के बाद तेल की कीमतों में फिर तेजी आ सकती है. जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी और देशों को अपने आपातकालीन भंडार दोबारा भरने होंगे, कीमतों पर फिर दबाव बन सकता है. ये भी पढ़ें:- ‘Healthy’ का दावा पड़ा भारी! FSSAI ने 8 फूड कंपनियों को थमाया नोटिस विशेषज्ञों ने भविष्य को लेकर जताई चिंता रैपिडन एनर्जी के अध्यक्ष बॉब मैकनैली ने एबीसी न्यूज के कार्यक्रम ‘दिस वीक’ में कहा, ‘मुझे गंभीर चिंता है कि गर्मियों के आखिर तक तेल की कीमतों में फिर जबरदस्त उछाल आ सकता है. कच्चे तेल का भाव 100 डॉलर के मध्य या उससे ऊपर तक जा सकता है और पेट्रोल की कीमतें फिर रिकॉर्ड स्तर के करीब 5 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच सकती हैं.’ उन्होंने कहा कि यदि आपूर्ति में व्यवधान लंबा खिंचता है और अमेरिका के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार जैसे सुरक्षा कवच कमजोर पड़ जाते हैं, तो बाजार में नई उथल-पुथल देखने को मिल सकती है. विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका-ईरान समझौते पर तय समय के अनुसार हस्ताक्षर हो जाते हैं और समुद्री व्यापार मार्ग सामान्य रूप से खुल जाते हैं, तो वैश्विक वित्तीय स्थिति और ऊर्जा बाजार को राहत मिल सकती है. हालांकि आपूर्ति शृंखला को पूरी तरह सामान्य होने में अभी कई सप्ताह या महीनों का समय लग सकता है. The post अमेरिका-ईरान समझौते के बाद तेल बाजार को राहत, कच्चे तेल के दाम 4% गिरे, हिंदुस्तान में भी कम होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? appeared first on Naya Vichar.

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सीवान में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बढ़ी संस्पेंस, किस सीट पर बचेगी किसकी दावेदारी, जानिए कैसे होगा तय?

सीवान से सच्चेंद्र द्विवेदी की रिपोर्टBihar Panchayat Elections 2026: बिहार में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर नेतृत्वक हलचल तेज हो गई है. सीवान में भी सियासी सरगर्मी देखने को मिल रही है. गांव-गांव में संभावित उम्मीदवार चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है कि किस पंचायत की कौन-सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी. दस साल बाद होने जा रहे रोस्टर बदलाव ने दावेदारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं. अब सभी की निगाहें आरक्षण सूची और निर्वाचन आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं. आरक्षण रोस्टर पर टिकी हजारों दावेदारों की नजर पंचायत चुनाव 2026 को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी माहौल पूरी तरह बन चुका है. राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. फिलहाल आरक्षण और परिसीमन की प्रक्रिया जारी है, जिसके कारण संभावित उम्मीदवारों और आम लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. हर पंचायत में यह चर्चा है कि कौन-सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी और किसकी चुनावी राह आसान या मुश्किल बनेगी. 10 साल बाद बदलेगा स्पोर्ट्स इस बार पंचायत चुनाव में सबसे बड़ा बदलाव आरक्षण रोस्टर को लेकर माना जा रहा है. पिछले दस वर्षों के बाद रोस्टर में परिवर्तन होने जा रहा है, जिससे कई पंचायतों में नेतृत्वक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं. प्रशासनिक स्तर पर नए सिरे से सीटों के आरक्षण और परिसीमन को लेकर व्यापक मंथन चल रहा है. नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि जैसे ही नया रोस्टर जारी होगा, पंचायत चुनाव की वास्तविक तस्वीर साफ हो जाएगी. फोटो पर क्लिक कर रजिस्टर करें पुराने आंकड़ों से तैयार हो रहा नया फार्मूला जानकारी के अनुसार प्रखंड और अनुमंडल स्तर पर आरक्षण रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. वर्ष 2006 और 2016 के पंचायत आरक्षण रोस्टर को राज्य निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है. वर्ष 2016 का रोस्टर 2011 की जनगणना के आधार पर तैयार हुआ था. अब दोनों रोस्टरों का तुलनात्मक अध्ययन कर नया आरक्षण फार्मूला तैयार किया जा रहा है. प्रशासन की गाइडलाइन मिलते ही जारी होगी सूची सूत्रों के मुताबिक राज्य प्रशासन की ओर से आरक्षण संबंधी गाइडलाइन जारी होते ही सभी प्रखंडों से आरक्षण सूची मांगी जाएगी. इसके बाद जिला प्रशासन सूची को अंतिम रूप देकर राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेगा. आयोग की मंजूरी मिलने के बाद ही आरक्षण सूची आधिकारिक रूप से लागू होगी और उसी आधार पर पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. यही सूची तय करेगी कि किस क्षेत्र में कौन चुनाव लड़ पाएगा. दावा-आपत्ति नहीं किया तो बाद में नहीं मिलेगी राहत आरक्षण और परिसीमन प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्ति दर्ज कराने के लिए 15 जून अंतिम तिथि निर्धारित की गई है. ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और संबंधित पक्ष सोमवार तक अपनी आपत्तियां और आवेदन आधिकारिक रूप से जमा कर सकते हैं. प्राप्त सभी आवेदनों और शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटारा किया जाएगा ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे. 21 जून को हो सकता है बड़ा ऐलान चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सभी आपत्तियों के निपटारे के बाद 21 जून 2026 को अंतिम गजट प्रकाशित किया जा सकता है. फाइनल गजट जारी होते ही पंचायत चुनाव को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग जाएगा और उम्मीदवारों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी. मतदान केंद्रों में होगा बड़ा बदलाव? पंच, सरपंच, वार्ड सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद पदों के चुनाव को लेकर मतदान केंद्रों के गठन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव की तुलना में इस बार मतदान केंद्रों और संवेदनशील भवनों की संख्या में बड़ा बदलाव संभव है. जनसंख्या वृद्धि और मतदाता सूची के पुनरीक्षण के आधार पर कई नए बूथ बनाए जा सकते हैं. पहली बार सभी पदों पर EVM से मतदान इस बार पंचायत चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि सभी पदों के लिए मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से कराया जाएगा. राज्य में पहली बार पंचायत चुनाव पूरी तरह ईवीएम आधारित होने जा रहा है. निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं. Also Read: siwan weather:15 जून को कैसा रहेगा सीवान का मौसम The post सीवान में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बढ़ी संस्पेंस, किस सीट पर बचेगी किसकी दावेदारी, जानिए कैसे होगा तय? appeared first on Naya Vichar.

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ना बड़े स्टार, ना बड़ा बजट… फिर भी 10 करोड़ में इस फिल्म ने कमाया 718 परसेंट प्रॉफिट, जानें कैसे

Most Profitable Film: साल 2026 में साउथ सिनेमा की कई बड़ी फिल्में रिलीज हुईं, लेकिन कुछ छोटी फिल्मों ने अपने दमदार कंटेंट के दम पर सबका ध्यान खींचा. ऐसी ही एक तमिल फिल्म ‘थाई किझावी’ है, जिसने सिर्फ 10 करोड़ रुपये के बजट में शानदार कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर बड़ा रिकॉर्ड बना दिया. फिल्म ने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि अपने बजट के मुकाबले कई गुना ज्यादा मुनाफा भी कमाया, जिससे यह साल 2026 की सबसे ज्यादा प्रॉफिट कमाने वाली फिल्मों में शामिल हो गई. 75 दिनों तक सिनेमाघरों में चली ‘थाई किझावी’ निर्देशक शिवाकुमार मुरुगसन के निर्देशन में बनी ‘थाई किझावी’ ने सिनेमाघरों में 75 दिनों तक सफल प्रदर्शन किया. फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला और इसकी मजबूत वर्ड ऑफ माउथ ने इसे लंबी रेस का घोड़ा साबित कर दिया. यही कारण रहा कि फिल्म लगातार टिकट खिड़की पर अच्छी कमाई करती रही. बॉक्स ऑफिस पर की 82 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई MDb के अनुसार, फिल्म का बजट केवल 10 करोड़ रुपये था. वहीं Sacnilk के आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने दुनियाभर में 82.02 करोड़ रुपये का शानदार कारोबार किया. इसके अलावा फिल्म का इंडिया नेट कलेक्शन 62.62 करोड़ रुपये रहा, जबकि इंडिया ग्रॉस कलेक्शन 71.67 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. वहीं, ओवरसीज मार्केट से फिल्म ने 10.35 करोड़ रुपये की कमाई की. 718 प्रतिशत प्रॉफिट के साथ बनाई खास पहचान अगर फिल्म के मुनाफे की बात करें तो ‘थाई किझावी’ ने अपने बजट के मुकाबले करीब 718 प्रतिशत का शानदार प्रॉफिट कमाया. 10 करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म का 82 करोड़ रुपये से ज्यादा का वर्ल्डवाइड कलेक्शन इसे 2026 की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली फिल्मों की लिस्ट में शामिल करता है. कम बजट में इतनी बड़ी सफलता हासिल करना किसी भी फिल्म के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है. ‘थाई किझावी’ में नजर आए ये दमदार कलाकार फिल्म ‘थाई किझावी’ में राधिका सरथकुमार ने (पावुनुथायी) का मुख्य किरदार निभाया है. यह फिल्म 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और 10 अप्रैल 2026 को इसका डिजिटल प्रीमियर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुआ. फिल्म में सिंगम पुली, अरुलदोस, बाला सरवनन, मुनिशकांत, इलावरसु और जॉर्ज मैरीयन जैसे कलाकारों ने भी अहम भूमिकाएं निभाईं, जिन्होंने अपनी शानदार एक्टिंग से फिल्म की कहानी को और मजबूत बनाया. यह भी पढ़ें: ‘कॉकटेल 2’ इवेंट में कृति सेनन ने जीता सबका दिल, बेकाबू भीड़ के बीच रश्मिका मंदाना को किया प्रोटेक्ट The post ना बड़े स्टार, ना बड़ा बजट… फिर भी 10 करोड़ में इस फिल्म ने कमाया 718 परसेंट प्रॉफिट, जानें कैसे appeared first on Naya Vichar.

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पटना में गर्मी का रेड अलर्ट, कई जिलों आंधी-बारिश और वज्रपात की चेतावनी

Patna Weather Upadte: राजधानी पटना में सोमवार को लोगों को गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है. सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. मौसम विभाग के अनुसार दिनभर गर्म और शुष्क हवाएं चलने की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का एहसास होगा. हवा में नमी अधिक रहने के कारण उमस भी परेशान करेगी. दोपहर के समय लू के थपेड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं. मौसम विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. अत्यावश्यक काम होने पर ही दोपहर में घर से बाहर निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की अपील की गई है. हालांकि पटना में फिलहाल बारिश की संभावना बेहद कम है, लेकिन गर्मी और उमस के कारण लोगों को राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं. मौसम विभाग ने लोगों से धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है. इन जिलों में अगले 2-3 घंटे में आंधी-बारिश और वज्रपात की चेतावनी पूर्णिया, कटिहार और भागलपुर के कई प्रखंडों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पटना केंद्र ने बिहार के पूर्णिया, कटिहार और भागलपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों के कुछ हिस्सों में अगले दो से तीन घंटों के भीतर मध्यम दर्जे की मेघ गर्जन, वज्रपात, बारिश और तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है. जारी चेतावनी के मुताबिक तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. कटिहार जिले के सभी 16 प्रखंड, पूर्णिया के 11 प्रखंड और भागलपुर के 12 प्रखंड इस चेतावनी के दायरे में हैं. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. यदि बाहर हों तो सुरक्षित भवन में शरण लें. किसानों को भी मौसम सामान्य होने तक खेतों में नहीं जाने की सलाह दी गई है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में अचानक मौसम बदल सकता है. ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट और चेतावनियों पर नजर बनाए रखें. ALSO READ: 30 दिनों में नक्शा पास नहीं हुआ तो खुद मिल जाएगी मंजूरी, बिहार प्रशासन का बड़ा फैसला The post पटना में गर्मी का रेड अलर्ट, कई जिलों आंधी-बारिश और वज्रपात की चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं सुमित रॉय, जिनकी तलाश में पुलिस ने खटखटाया अभिषेक बनर्जी के घर का दरवाजा, क्यों भड़के कुणाल घोष?

खास बातें आधी रात को कालीघाट में सालबनी पुलिस बगैर चुनाव लड़े चलाया संगठन का सिंडिकेट कद्दावर नेताओं के लिए बने ‘गेटकीपर’ 5-5 घंटे इंतजार के बाद भी अभिषेक से नहीं मिल पाते थे नेता डायमंड हार्बर की समानांतर प्रशासन जमीन घोटाले में फंसा ‘अनटचेबल’ चेहरा कुणाल घोष का तीखा और विस्फोटक प्रहार Who is Sumit Roy TMC: ढह गया अदम्य शक्ति का केंद्र Who is Sumit Roy TMC: पश्चिम बंगाल के सियासी गलियारों से लेकर पुलिस महकमे तक इस वक्त एक ही नाम की सबसे ज्यादा गूंज है- सुमित रॉय (Sumit Roy). तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के इस सबसे भरोसेमंद और रहस्यमयी रणनीतिकार के खिलाफ पुलिसिया हंटर चलने से हड़कंप मच गया है. आधी रात को कालीघाट में सालबनी पुलिस पश्चिमी मेदिनीपुर जिले की सालबनी थाने की पुलिस की एक विशेष टीम ने आधी रात को कोलकाता में अभिषेक बनर्जी के आधिकारिक आवास पर धावा बोल दिया. पुलिस की इस दस्तक ने तृणमूल के शीर्ष नेतृत्व की रात की नींद उड़ा दी. बगैर चुनाव लड़े चलाया संगठन का सिंडिकेट आखिर सुमित रॉय कौन हैं? टीएमसी में उनका क्या वजूद है? आपको जानकर आश्चर्य होगा कि पार्टी में सुमित को किसी चुने हुए जनप्रतिनिधि या मंत्री से भी ज्यादा ताकतवर माना जाता है. वे कभी जनता के सामने नहीं आये. न ही कभी कोई चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें अभिषेक बनर्जी का अदृश्य साया (Shadow) और अघोषित सेकंड-इन-कमांड कहा जाता है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कद्दावर नेताओं के लिए बने ‘गेटकीपर’ स्कूल के दिनों से ही अभिषेक बनर्जी के दोस्त रहे सुमित रॉय ने समय के साथ अभिषेक के दफ्तर और टीएमसी के बड़े-बड़े सांगठनिक फैसलों में अपना एकछत्र एकाधिकार स्थापित कर लिया था. तृणमूल में सुमित रॉय का रसूख इस कदर हावी था कि वे अभिषेक बनर्जी के सबसे बड़े ‘गेटकीपर’ बन चुके थे. जिला स्तर के जमीनी नेताओं से लेकर पार्टी के वरिष्ठ सांसदों तक को अभिषेक से मिलने के लिए सुमित की हरी झंडी का घंटों इंतजार करना पड़ता था. इसे भी पढ़ें : अभिषेक बनर्जी से सीआईडी ने साढ़े 8 घंटे की पूछताछ, कुणाल घोष से भी पूछे सवाल 5-5 घंटे इंतजार के बाद भी अभिषेक से नहीं मिल पाते थे नेता एक जिला स्तर के नेता ने बताया कि वे 5-5 घंटे इंतजार करने के बाद भी सुमित से अप्वाइंटमेंट नहीं ले पाते थे. यहां तक कि राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी और हाई-रैंकिंग पुलिस अफसर भी अभिषेक तक कोई फाइल पहुंचाने के लिए सुमित के सामने कतार में खड़े होने को मजबूर थे. डायमंड हार्बर की समानांतर प्रशासन सुमित रॉय का असली पावर सेंटर अभिषेक बनर्जी का संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर था. स्थानीय टीएमसी नेताओं के मुताबिक, वहां की सांगठनिक नियुक्तियां, प्रशासनिक ट्रांसफर-पोस्टिंग और विकास परियोजनाओं के टेंडर सीधे सुमित के इशारे पर तय होते थे. सोशल मीडिया पर सुमित के नाम से बाकायदा फैन क्लब और सपोर्टर ग्रुप सक्रिय थे, जो उन्हें टीएमसी का अगला बड़ा थिंक-टैंक घोषित कर रहे थे. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची ED की टीम, बंगाल की नेतृत्व में भारी भूचाल जमीन घोटाले में फंसा ‘अनटचेबल’ चेहरा आखिर सालबनी पुलिस को आधी रात को अभिषेक के घर क्यों जाना पड़ा? इसका कनेक्शन पूर्व टीएमसी विधायक और जिला अध्यक्ष सुजॉय हाजरा (Sujoy Hazra) से जुड़ा है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, मेदिनीपुर इलाके में जमीन हड़पने से जुड़े हाई-प्रोफाईल केस और अवैध डीलिंग के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान सुमित रॉय का नाम सामने आया. जांच अधिकारियों ने सुमित को ट्रेस करने की कोशिश की, तो उनकी आखिरी लोकेशन अभिषेक बनर्जी के कोलकाता आवास पर मिली, जिसके बाद सालबनी पुलिस की टीम वहां पहुंची. कुणाल घोष का तीखा और विस्फोटक प्रहार कानूनी चक्रव्यूह में सुमित रॉय के फंसते ही टीएमसी के भीतर दबे सुर खुलेआम विद्रोह में बदल रहे हैं. पार्टी के वरिष्ठ विधायक कुणाल घोष ने आधी रात को पुलिस के पहुंचने के तरीके पर विरोध जताया. सुमित रॉय पर भी तीखा हमला बोला. कुणाल ने कहा- सुमित रॉय जैसे लोगों की वजह से ही तृणमूल कांग्रेस को आज इतना बड़ा सांगठनिक नुकसान उठाना पड़ा है. मुझे सुमित के साथ कोई सहानुभूति नहीं है. पुलिस को न केवल सुमित को ढूंढ़ना चाहिए, बल्कि उन लोगों को भी घसीटकर सलाखों के पीछे डालना चाहिए, जो सुमित का फैन क्लब चलाते थे. इसे भी पढ़ें : समन छोड़ दिल्ली भागे अभिषेक बनर्जी, ममता के आवास पहुंची सीआईडी, ‘साइन-गेट’ में बुरे फंसे टीएमसी के नंबर-2 नेता Who is Sumit Roy TMC: ढह गया अदम्य शक्ति का केंद्र जो सुमित रॉय कल तक तृणमूल कांग्रेस के भीतर ‘अदम्य’ शक्ति का केंद्र माने जाते थे, आज उनके भूमिगत होने और पुलिसिया रडार पर आने से अभिषेक बनर्जी का पूरा कोर सिंडिकेट बिखरने की कगार पर पहुंच गया है. पार्टी के वो नेता, जो अब तक सुमित के खौफ से चुप थे, वे अब खुलकर उनकी तानाशाही और कॉरपोरेट कल्चर के खिलाफ मुंह खोल रहे हैं. इसे भी पढ़ें टीएमसी के बागियों को कुचलने की आखिरी कोशिश, अभिषेक ने ओम बिरला को लिखा- TMC को एक पार्टी मानें ममता बनर्जी को कल्याण के अल्टीमेटम से कालीघाट में खलबली, टीएमसी नेता बोले- अभिषेक को चुनें या हमें ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा 1998 में आंदोलन की कोख से जन्म, सत्ता का घमंड और ऐतिहासिक पतन, पढ़ें ममता बनर्जी की पार्टी TMC की पूरी कहानी The post कौन हैं सुमित रॉय, जिनकी तलाश में पुलिस ने खटखटाया अभिषेक बनर्जी के घर का दरवाजा, क्यों भड़के कुणाल घोष? appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका-ईरान समझौते का ऐलान, ट्रंप-ईरान ने किया कंफर्म; फिर खुलेगा होर्मुज, 19 जून को डील पर होंगे हस्ताक्षर

US Iran Peace Deal: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता पूरा हो गया है. इसके साथ ही उन्होंने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तत्काल प्रभाव से हटाने की अनुमति देने का ऐलान किया. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वॉशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौता पूरा होने की घोषणा के बाद अब ईरान ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी है. ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि तेहरान प्रस्तावित 60 दिन की वार्ता प्रक्रिया में तभी शामिल होगा, जब अमेरिका युद्ध समाप्त करने, नाकेबंदी हटाने और ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने संबंधी अपने वादों को पूरा कर देगा. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो चुका है. सभी को बधाई. मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के पूरी तरह खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तत्काल हटाने की अनुमति देता हूं. दुनिया के जहाज अब अपने इंजन शुरू करें. तेल का प्रवाह जारी रहने दें.’ इस प्रक्रिया में पाकिस्तान की भी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है. “The Deal with Islamic Republic of Iran is now complete. Congratulations to all!” President Donald J. Trump 🇺🇸 pic.twitter.com/RdSwyEdEtO — The White House (@WhiteHouse) June 14, 2026 शहबाज शरीफ ने भी समझौते की पुष्टि की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने का दावा किया. उन्होंने कहा कि लंबी बातचीत और गहन वार्ताओं के बाद दोनों पक्ष सहमत हुए हैं. साथ ही, दोनों देशों ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने की घोषणा की है. शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘गहन बातचीत के बाद हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है. दोनों पक्षों ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य गतिविधियों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने का निर्णय लिया है.’ उन्होंने बताया कि समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में किए जाएंगे. शहबाज शरीफ ने कहा, ‘हम अमेरिका और ईरान दोनों का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने संघर्ष का समाधान कूटनीतिक तरीके से खोजने की प्रतिबद्धता दिखाई. हम इस मध्यस्थता प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए कतर के नेतृत्व के भी आभारी हैं. इसके अलावा सऊदी अरब और तुर्किये के नेतृत्व के योगदान की भी सराहना करते हैं.’ Following intensive talks, we are pleased to announce that the Peace Deal between the United States of America and Islamic Republic of Iran has been REACHED. Both sides have declared the immediate and permanent termination of military operations on all fronts, including in… — Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) June 14, 2026 शुक्रवार को होगा समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर ईरान के प्रशासनी समर्थन वाले चैनल प्रेस टीवी के अनुसार, काजेम गरीबाबादी ने बताया कि समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर शुक्रवार को किए जाएंगे. इसके बाद समझौता ज्ञापन (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) का पूरा मसौदा सार्वजनिक कर दिया जाएगा. गरीबाबादी ने कहा, ‘जिस दुश्मन ने अपने नापाक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए हमला किया था, वह अपने सभी लक्ष्यों में विफल रहा. इस युद्ध में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने बड़ी सफलताएं हासिल की हैं. यह समझौता ज्ञापन केवल कूटनीति का परिणाम नहीं है, बल्कि यह हमारी सैन्य उपलब्धियों और देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों के खून का भी ऋणी है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘शुक्रवार को औपचारिक हस्ताक्षर होंगे और दोनों प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख भविष्य की वार्ता व्यवस्था को लेकर चर्चा करेंगे. हस्ताक्षर के बाद समझौता ज्ञापन का पूरा पाठ सार्वजनिक किया जाएगा.’ अमेरिका को पहले पूरे करने होंगे अपने वादे ईरानी उप विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि अगले चरण की बातचीत में प्रवेश करने से पहले तेहरान यह सुनिश्चित करेगा कि अमेरिका ने अपने दायित्व पूरे किए हैं या नहीं. प्रेस टीवी के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘हम पहले यह सत्यापित करेंगे कि अमेरिका ने युद्ध समाप्त करने, नाकेबंदी हटाने और ईरान की संपत्तियां मुक्त करने से जुड़े अपने दायित्व पूरे किए हैं. 60 दिन की वार्ता प्रक्रिया में शामिल होना अमेरिका द्वारा इन प्रतिबद्धताओं को पूरा किए जाने पर निर्भर करेगा.’ ‘समझौता भरोसे का संकेत नहीं’ गरीबाबादी ने समझौते की प्रकृति पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि मसौदा तैयार करते समय ईरान ने अपनी सभी प्रमुख शर्तों और रणनीतिक हितों को शामिल कराया है. अल जजीरा के हवाले से उन्होंने कहा, ‘इस समझौता ज्ञापन का मतलब यह नहीं है कि हम दुश्मन पर भरोसा कर रहे हैं. हम अमेरिका की सभी प्रतिबद्धताओं के क्रियान्वयन पर लगातार नजर रखेंगे.’ ये भी पढ़ें:- ओमान तट के पास जहाज पर कैसे हुई हिंदुस्तानीय नागरिक की मौत? परिजनों ने शिपिंग कंपनी पर लगाया गंभीर आरोप कतर, सऊदी अरब और तुर्किये की रही अहम भूमिका शहबाज शरीफ ने मध्यस्थता प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए कतर, सऊदी अरब और तुर्किये का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया. रविवार को कतर का एक प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा था. उनके और ईरान के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद ही इस शांति समझौते की रूपरेखा सामने आई है. शरीफ के मुताबिक, औपचारिक हस्ताक्षर से पहले कई प्रारंभिक बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें समझौते के क्रियान्वयन और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा होगी. इन बैठकों का उद्देश्य समझौते को लागू करने के लिए आवश्यक ढांचा तैयार करना और भविष्य की वार्ता प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप देना होगा. समझौते से पहले लेबनान में बढ़ा था तनाव इससे पहले रविवार को डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि समझौता सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन लेबनान में बढ़े तनाव की वजह से इसमें थोड़ी देरी हुई. समाचार वेबसाइट एक्सियोस से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर पहले ही होने वाले थे, लेकिन बेरूत में इजरायली हमले और उसके बाद ईरान की संभावित प्रतिक्रिया की आशंकाओं ने प्रक्रिया को कुछ घंटों के लिए प्रभावित कर दिया. ट्रंप ने कहा, ‘इस घटना की वजह से हस्ताक्षर में कुछ

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गढ़वा में सिस्टम फेल: इलाज के अभाव में बुजुर्ग महिला ने तोड़ा दम, अंतिम संस्कार के लिए भी जुटाया गया चंदा

मेराल से संजय तिवारी की रिपोर्ट Garhwa Health System, गढ़वा: विकास के ऊंचे दावों के बीच गढ़वा जिले के मेराल प्रखंड की पूर्वी पंचायत स्थित खेरवार टोला से एक बेहद दर्दनाक और प्रशासनिक व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला मामला सामने आया है. यहां रहने वाली 63 वर्षीय बुजुर्ग पार्वती मुसहर की रविवार दोपहर इलाज और बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव में मौत हो गई. परिजनों के अनुसार, पार्वती लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार चल रही थीं, लेकिन घर की अत्यधिक गरीबी के कारण उन्हें समय पर उचित स्वास्थ्य सुविधा या दवा उपलब्ध नहीं हो सकी. सही इलाज न मिलने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उन्होंने अपने जर्जर घर में दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद से पूरे टोले में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोगों में प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है. कफन-दफन के लिए भी नहीं थे पैसे महादलित परिवार की पार्वती मुसहर की मृत्यु के बाद इस परिवार की बदहाली और बेबसी का जो मंजर सामने आया, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी ज्यादा कमजोर थी कि मृतका के शव के विधिवत अंतिम संस्कार और कफन-लकड़ी के लिए भी परिजनों के पास पर्याप्त संसाधन या पैसे उपलब्ध नहीं थे. जब इस मर्मांतक स्थिति की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों, समाजसेवियों और पंचायत प्रशासन को मिली, तो उन्होंने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई. समाजसेवी देवव्रत मेहता, देव कुमार राम, विनेश मेहता, दिनेश महतो, विनोद चौधरी तथा पंचायत सचिव राधा कुमारी ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को आर्थिक और अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान किया. इन सभी के सामूहिक प्रयास, तत्परता और चंदे की बदौलत ही पार्वती मुसहर का विधिवत अंतिम संस्कार संपन्न कराया जा सका. Also Read: Lohardaga: लोहरदगा के ग्रेड-ए आम्रपाली आम का स्वाद पहुंचेगा दुबई और इटली आदिम युग जैसी जिंदगी जीने को मजबूर मुसहर समुदाय इस दुखद घटना ने खेरवार टोला में रहने वाले मुसहर समुदाय की बदहाली को पूरी तरह उजागर कर दिया है. स्थानीय ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि वर्षों से इस अंचल में रहने के बावजूद लोग मूलभूत प्रशासनी योजनाओं का लाभ पाने के लिए आज भी दर-दर भटक रहे हैं. चुनाव आते हैं और नेता बड़े-बड़े वादे करके चले जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं होता. ग्रामीणों के अनुसार, खेरवार टोला में रहने वाला यह पूरा समुदाय आज के डिजिटल और आधुनिक दौर में भी आदिम युग जैसी अभावग्रस्त जिंदगी जीने को विवश है. टोले के अधिकांश अत्यंत पिछड़े परिवारों के पास सिर छुपाने के लिए न तो पक्का आवास है, न रोशनी के लिए बिजली का कनेक्शन, न पेट भरने के लिए राशन कार्ड और न ही स्वच्छ पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था है. प्रशासन से उठी मांग बुजुर्ग स्त्री की इस तरह तड़प-तड़प कर हुई मौत के बाद टोले के ग्रामीणों में व्यवस्था के प्रति गहरा असंतोष है. पीड़ित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, उपायुक्त गढ़वा और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से पुरजोर मांग की है कि मुसहर समुदाय की इस बदहाली और दुर्दशा पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए. उन्होंने जिला प्रशासन से अविलंब इस पूरे टोले में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने, सभी वंचित परिवारों के नए राशन कार्ड बनाने, टोले में बिजली के खंभे गाड़कर आपूर्ति बहाल करने, स्वच्छ पेयजल के लिए चापाकल लगवाने और सुदूरवर्ती क्षेत्र में नियमित रूप से प्रशासनी स्वास्थ्य शिविर (मेडिकल कैंप) लगाने की गुहार लगाई है, ताकि भविष्य में किसी अन्य असहाय और गरीब परिवार को ऐसी मर्मांतक परिस्थितियों का सामना न करना पड़े. Also Read: पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी ओवरब्रिज पर मौत का जाल, बिखरी गिट्टी और आवारा पशुओं से बढ़ा हादसों का खतरा The post गढ़वा में सिस्टम फेल: इलाज के अभाव में बुजुर्ग स्त्री ने तोड़ा दम, अंतिम संस्कार के लिए भी जुटाया गया चंदा appeared first on Naya Vichar.

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फीफा वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड के साथ हो गया कांड, खिलाड़ियों के जूते और ट्रेनिंग किट चोरी

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत से ठीक पहले इंग्लैंड की टीम को बड़ा झटका लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम की ट्रेनिंग किट और जरूरी उपकरण चोरी हो गए हैं, जिससे तैयारियों पर असर पड़ सकता है. स्थिति ऐसी है कि खिलाड़ियों के ट्रेनिंग बूट्स तक गायब हो गए हैं और बताया जा रहा है कि टीम के पास अभ्यास के लिए सिर्फ एक फुटबॉल बची है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंग्लैंड टीम का सामान लेकर आ रही गाड़ियों को निशाना बनाया गया, जिसमें मौजूद अधिकांश उपकरण चोरी कर लिए गए. इसके बाद इंग्लिश फुटबॉल एसोसिएशन (FA) को नए सिरे से ट्रेनिंग किट और अन्य सामान की व्यवस्था करनी पड़ रही है. हालांकि नया सामान पहुंचने में समय लग सकता है, जिससे खिलाड़ियों की तैयारियां प्रभावित होने की आशंका है. Two men in Texas have been charged after equipment belonging to England’s World Cup team was stolen during the squad’s journey from Florida to its World Cup base in Kansas City. Authorities say the stolen property, valued at around $18,000, was not essential to England’s… pic.twitter.com/nqfRBumYNX — CGTN America (@cgtnamerica) June 14, 2026 13 जून से इंग्लैंड को करना था अभ्यास इंग्लैंड की टीम को 13 जून को कंसास सिटी स्टेडियम में अभ्यास सत्र करना था, लेकिन सामान चोरी होने के कारण उनकी योजना में बदलाव करना पड़ा. चोरी हुए सामान में ट्रेनिंग किट के अलावा वीडियो विश्लेषण उपकरण, टैक्टिकल व्हाइटबोर्ड और मसाज टेबल जैसी जरूरी चीजें भी शामिल हैं. यह सामान फ्लोरिडा से कंसास सिटी भेजा जा रहा था. पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया मामले की जांच कंसास सिटी पुलिस कर रही है. पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जांच के बाद ही चोरी की सही जानकारी सामने आ सकेगी. 17 जून से क्रोएशिया के साथ होगा मुकाबला इंग्लैंड ने टूर्नामेंट से पहले न्यूजीलैंड और कोस्टा रिका के खिलाफ दो वॉर्म-अप मैच स्पोर्ट्से थे और दोनों में जीत हासिल की थी. टीम ने वेस्ट पाम बीच में अपना तैयारी शिविर भी लगाया था. अब हैरी केन की कप्तानी और मैनेजर साइमन टुचेल के मार्गदर्शन में इंग्लैंड 17 जून को क्रोएशिया के खिलाफ अपना पहला मैच स्पोर्ट्सेगा. ग्रुप-L में हैं इंग्लैंड की टीम ग्रुप एल में इंग्लैंड के साथ क्रोएशिया, घाना और पनामा शामिल हैं. 1966 की विश्व चैंपियन इंग्लैंड की टीम इस बार भी खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है. 2022 में टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी, जबकि 2018 विश्व कप में चौथे स्थान पर रही थी. यह भी पढ़ें: जीत के बाद सड़कों पर उतरे हजारों ऑस्ट्रेलियाई, VIDEO ने इंटरनेट पर लगाई आग The post फीफा वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड के साथ हो गया कांड, खिलाड़ियों के जूते और ट्रेनिंग किट चोरी appeared first on Naya Vichar.

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