Hot News

June 19, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कैमूर में मंत्री मिथिलेश तिवारी का बड़ा बयान, बोले- सरस्वती माता के मंत्रालय में लक्ष्मी माता की आराधना नहीं चलेगी

रामगढ़ (कैमूर) से संजय जायसवाल की रिपोर्टEducation Minister Mithilesh Tiwari : बिहार प्रशासन के शिक्षा मंत्रालय की कमान मिलने के बाद मिथिलेश तिवारी पहली बार रामगढ़ पहुंचे. पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह व बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बड़े फूलों का हार पहनाकर स्वागत किया. सभा को संबोधित करते मंत्री ने कहा मैंने विभाग के लोगों को साफ तौर पर कह दिया है, यह सरस्वती माता का मंत्रालय है, लक्ष्मी माता को प्रणाम करना है, तो दूसरे विभाग में चले जाइए, यहां सरस्वती माता की आराधना करनी होगी. सूबे की शिक्षा में गुणवत्ता पूर्ण सुधार लाने को लेकर मैंने कई अहम फैसले लिए है. स्त्री शिक्षकों की पोस्टिंग उनके बगल के पंचायत में उन्होंने कहा कि मैंने देखा है, रामगढ़ जैसी जगह से शिक्षक बनी बहु-बेटियों को दूर भागलपुर जैसे जगहों पर रहकर स्कूल जाना पड़ रहा है. जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. मुख्यमंत्री जी से मिलकर हमने निर्णय लिया कि स्त्री शिक्षकों की पोस्टिंग उनके बगल के पंचायत में, जबकि पुरुष शिक्षकों की पोस्टिंग उनके बगल के प्रखंड में किया जाएगा. शिक्षकों का जिला कैडर बनाने की घोषणा – Education Minister Mithilesh Tiwari उन्होंने कहा कि शिक्षकों को जिला कैडर करने जा रहे हैं, जो शिक्षक इस बार जिस जिला के लिए चयन करेंगे वह उसी जिले का होकर रह जाएंगे. बीच में अगर वह जिला छोड़कर किसी दूसरे जिले में जाएंगे तो उस शिक्षक की सीनियरिटी लॉस हो जाएगी. एक स्वीकृति पत्र पर एक ही शिक्षक रहेंगे, इसका भी हमने इंतजाम किया है. हम शिक्षकों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखेंगे किंतु पढ़ाई में कोई ढिलाई भी नहीं होगी. मंत्री ने आगे कहा कि शिक्षक अब शिक्षा विभाग के पोर्टल पर हाजिरी बनाकर ससुराल नहीं बल्कि बच्चों की पढ़ाई के लिए नियमित स्कूल जायेगे. बच्चों के प्रोग्रेस रिपोर्ट पर ही शिक्षकों का मूल्यांकन किया जाएगा. रामगढ़ में कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखते हुए मंत्री ने कहा रामगढ़ में दीनदयाल जी का अंत्योदय दिखता है, यहां हर गांव, हर वर्ग में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद है जिसे बड़े भाई अशोक सिंह ने सिंचने का काम किया. हर प्रखंड में एक मॉडल स्कूल चयनित किया गया है. अगर आपको लगता है रामगढ़ में कोई और एक स्कूल छूट गया है, तो आप चिन्हित करके दीजिए उसे बनाने का काम करेंगे. साथ ही प्रखंड के भूमिहीन विद्यालय, अपग्रेडेड होने वाले विद्यालयों की भी सूची दें, उसे पूरा कराया जाएगा. विपक्ष पर साधा निशाना विपक्ष पर निशान साधते हुए मंत्री ने कहा बक्सर के एक पूल क्षतिग्रस्त होने पर बक्सर सांसद द्वारा दूसरे के सर इसका ठीकरा फोड़ा जा रहा. भाई मोदी जी ने सड़क बनने के लिए रुपए दिए, बनवाने की जिम्मेदारी सांसद की होती है. यहां के कार्यकर्ताओं के प्रेम को देखकर अभिभूत हूं, विधानसभा में हुई एक छोटी सी गलती को अब दुबारा नहीं दोहराया जाएगा, मुख्यमंत्री आपके हैं, रामगढ़ का कोई भी कार्य बाधित नहीं होगा इस बात की मैं आपसे गारंटी देता हूं. पूर्व विधायक क्या बोले सभा को पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह ने सम्बोधित करते हुए कहा मिथलेश जी को शिक्षा मंत्री का पद मिलने के बाद सबसे ज्यादा खुशी बिहार के बीजेपी कार्यकर्ताओं को है, जिनके यह सबसे करीब है. सभा के दक्षता नगर अध्यक्ष संजय जयसवाल संचालक राजीव श्रीवास्तव ने किया. मौके पर पूर्व प्रमुख संजय सिंह, जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश पांडेय, मंडल अध्यक्ष आनंद सिंह, परशुराम तिवारी, तरुण सिंह, बबलू राय, मुखिया जय प्रकाश राय, संदेश चौधरी, बीडीसी विकास टावर सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे. Also Read: कैमूर में दो अलग-अलग हादसों का कहर, स्त्री के सिर और हाथ में लगी गंभीर चोट, तड़पती हालत में भभुआ रेफर The post कैमूर में मंत्री मिथिलेश तिवारी का बड़ा बयान, बोले- सरस्वती माता के मंत्रालय में लक्ष्मी माता की आराधना नहीं चलेगी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बच्चे हो जाएंगे खुश और पति भी करेंगे जमकर तारीफ, इस मानसून घर पर बनाएं ये 5 तरह के क्रिस्पी पकौड़े

Monsoon Snack Ideas: रिमझिम बारिश के मौसम में जब खिड़कियों से ठंडी हवा अंदर आती है और हाथों में गर्म चाय की कुल्हड़ होती है, तो इससे बेहतर फीलिंग और कुछ हो ही नहीं सकती. लेकिन जब इस चाय के साथ पकौड़े मिल जाते हैं, तो इसका मजा समझो चार गुना बढ़ जाता है. बारिश के मौसम और पकौड़ों का रिश्ता बहुत ही पुराना है और जैसे ही आसमान में काले-काले बादल छाते हैं, हमारे मन में कुछ तीखा और चटपटा खाने की इच्छा खुद ही जाग जाती है. अगर आप भी बारिश के दिनों में अपनी शाम की चाय को और भी ज्यादा मजेदार बनाना चाहते हैं, तो आज हम आपके लिए 5 बेहद ही आसान और क्रिस्पी पकौड़ों की रेसिपी बताने जा रहे हैं जिन्हें आप काफी कम समय में तैयार कर सकते हैं. इन पकौड़ों की सबसे खास बात है कि इन्हें बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता है और न ही ज्याद मेहनत करनी पड़ती है. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से. ट्राय करें एवरग्रीन क्रिस्पी प्याज के पकौड़े बारिश के दिनों में प्याज के पकौड़े हर घर की पहली पसंद बन जाते हैं. इसे बनाने के लिए सबसे पहले प्याज को पतले और लंबे टुकड़ों में काट लें. अब इसमें थोड़ा सा नमक, हरी मिर्च, अजवाइन, बारीक कटा हरा धनिया और हल्दी मिलाएं. इसके बाद इसमें थोड़ा सा बेसन और क्रिस्पिनेस के लिए एक चम्मच चावल का आटा डालें. इस बात का ख्याल रखें कि इसमें पानी बहुत कम या न के बराबर मिलाना है, क्योंकि प्याज खुद पानी छोड़ता है. अब इन्हें गर्म तेल में गोल्डन होने तक तलें. आपकी कड़क चाय के साथ ये लच्छेदार क्रिस्पी पकोड़े एकदम परफेक्ट पार्टनर साबित होंगे. स्पाइसी आलू के पकौड़े भी आएंगे सभी को पसंद आलू के पकोड़े ऐसे होते हैं जिनका स्वाद बड़ों से लेकर बच्चों तक, हर किसी को बहुत ही ज्यादा पसंद आता है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले आलू को धोकर पतले-पतले गोल स्लाइस में काट लें. अब एक बर्तन में बेसन, थोड़ा सा जीरा, लाल मिर्च पाउडर, हींग, नमक और पानी मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार कर लें. अब आलू के स्लाइस को इस घोल में डुबोकर गर्म तेल में डीप फ्राई करें और जब ये पकोड़े तेल में जाकर गुब्बारे की तरह फूलते हैं, तो इन्हें देखकर ही भूख बढ़ जाती है. इन्हें पुदीने की तीखी चटनी के साथ गर्मागर्म परोसें और पूरे परिवार के साथ खिड़की के बाहर देखते-देखते एन्जॉय करें. हेल्दी और टेस्टी पालक के पकौड़े अगर आप स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी थोड़ा ख्याल रखना चाहते हैं, तो पालक के पकौड़े एक बेहतरीन चॉइस हैं. इसके लिए फ्रेश पालक के पत्तों को अच्छे से धोकर बारीक काट लें. इसके बाद इसमें बेसन, चावल का आटा, कुटी हुई लाल मिर्च, अमचूर पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाएं. अब थोड़ा सा पानी छिड़क कर इसका एक ड्राई मिक्सचर तैयार कर लें. इसके बाद इनसे छोटे-छोटे पकौड़े बनाकर तेल में क्रिस्पी होने तक तल लें. पालक के ये पकौड़े बाहर से बहुत क्रिस्पी और अंदर से बेहद सॉफ्ट होते हैं, जो चाय के स्वाद को दोगुना कर देते हैं. चीजी कॉर्न पकौड़े बच्चों को आएंगे पसंद मानसून के मौसम में बाजार में फ्रेश भुट्टे या मक्के खूब मिलते हैं. ऐसे में इस बार सिंपल पकौड़े से हटकर कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं तो आपको चीजी कॉर्न पकौड़ों को ट्राय करना चाहिए. इसे बनाने के लिए सबसे पहले उबले हुए कॉर्न के दानों को थोड़ा सा दरदरा पीस लें. इसके बाद इसमें बेसन, कद्दूकस किया हुआ चीज, बारीक कटी शिमला मिर्च, काली मिर्च पाउडर और नमक मिलाएं. इस मिश्रण से छोटी-छोटी टिक्कियां या बॉल्स बनाकर गर्म तेल में फ्राई करें. जब आप इन पकौड़ों को आप तोड़ेंगे, तो अंदर से पिघला हुआ चीज निकलेगा, जो बच्चों को बेहद पसंद आएगा. चटपटे ब्रेड पकौड़े मिटाएंगे शाम की भूख अगर आपको बहुत तेज भूख लगी है और आप कुछ हैवी स्नैक खाना चाहते हैं, तो ब्रेड पकोड़ा सबसे बेस्ट ऑप्शन है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले उबले हुए आलुओं में उबली मटर, हरी मिर्च, गरम मसाला, अमचूर और नमक मिलाकर एक बढ़िया स्टफिंग तैयार करें. अब ब्रेड के स्लाइस के बीच में इस आलू के मसाले को भरें और उसे ट्रायंगल शेप में काट लें. इस ब्रेड को बेसन के गाढ़े घोल में लपेटकर मीडियम आंच पर गोल्डन होने तक तलें. इसके बाद इसे बीच से काटकर टोमैटो केचप के साथ खाएं. आपको इसकी हर बाइट में एक अलग ही मजा आएगा. ये भी पढ़ें: बिना प्याज-लहसुन के भी बन सकता है लाजवाब डिनर, ट्राई करें ये 3 टेस्टी रेसिपीज जिन्हें हर कोई करेगा पसंद The post शिशु हो जाएंगे खुश और पति भी करेंगे जमकर तारीफ, इस मानसून घर पर बनाएं ये 5 तरह के क्रिस्पी पकौड़े appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Jio IPO को बोर्ड की मंजूरी, 27 करोड़ नए शेयर होंगे जारी, जानें कंपनी की 5 बड़ी प्राथमिकताएं

Jio IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) के निदेशक मंडल ने कंपनी के IPO को मंजूरी दे दी है. कंपनी ने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) हिंदुस्तानीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI), बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में दाखिल करने का फैसला किया है. इस घोषणा के साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बाजार में इनलिस्ट होने का रास्ता करीब-करीब साफ हो गया है. निवेशक लंबे समय से इस आईपीओ का इंतजार कर रहे थे. बाजार के जानकारों की माने तो यह IPO इंडियन शेयर मार्केट के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बनने जा रहा है. IPO के तहत जारी होंगे 27 करोड़ नए शेयर कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आईपीओ के तहत 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे. शेयरों का अंतिम निर्गम मूल्य (Final Issue Price) बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए तय किया जाएगा. हालांकि कंपनी ने अभी तक आईपीओ के मूल्य दायरे (Price Band) और कुल इश्यू साइज का खुलासा नहीं किया है. AGM में मुकेश अंबानी ने किया बड़ा ऐलान रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना बैठक में चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने जियो आईपीओ की घोषणा करते हुए इसे कंपनी का इस साल का सबसे महत्वपूर्ण मूल्य-सृजन (Value Creation) कार्यक्रम बताया. उन्होंने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की प्रस्तावित लिस्टिंग हिंदुस्तान की तकनीकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगी. अंबानी ने कहा- जियो की प्रस्तावित सूचीबद्धता दुनिया को दिखाएगी कि हिंदुस्तान वैश्विक स्तर की प्रौद्योगिकी कंपनियां, वैश्विक क्षमता और वैश्विक मूल्य का निर्माण कर सकता है. Board of Directors of Jio Platforms Limited (JPL) has today approved the Draft Red Herring Prospectus to be filed with the Securities and Exchange Board of India, BSE Limited and National Stock Exchange of India Limited in connection with its proposed Initial Public Offer. pic.twitter.com/BXP9FxkqTW — ANI (@ANI) June 19, 2026 आकाश, ईशा और अनंत अंबानी संभालेंगे IPO प्रक्रिया मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो के अगले चरण के विकास और मूल्य सृजन (value Creation) की जिम्मेदारी आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी संभाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि आईपीओ प्रक्रिया का नेतृत्व भी यही नई पीढ़ी कर रही है, जो कंपनी को भविष्य के विकास की दिशा में आगे बढ़ाएगी. हिंदुस्तान का सबसे बड़ा IPO बन सकता है जियो इश्यू बाजार के जानकारों का मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ हिंदुस्तानीय इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम (IPO) साबित हो सकता है. कंपनी का संभावित मूल्यांकन 130 अरब डॉलर से 180 अरब डॉलर के बीच हो सकता है. वहीं आईपीओ का आकार करीब 4 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि कंपनी ने अभी इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. #WATCH | At the 49th AGM of the company, Reliance Industries Limited Chairman and Managing Director Mukesh Ambani says, “10 years ago, Jio began its journey with an audacious dream to remove digital inequality from India. At that time, voice was costly, data was expensive, and… pic.twitter.com/UvDiSaQ7Y2 — ANI (@ANI) June 19, 2026 रिलायंस के पास है 66.43% हिस्सेदारी वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पास जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है. आईपीओ के बाद भी रिलायंस कंपनी में नियंत्रणकारी हिस्सेदारी बनाए रख सकती है. Jio की 5 बड़ी रणनीतिक प्राथमिकताएं आईपीओ की घोषणा के साथ जियो ने भविष्य की विकास रणनीति भी पेश की है. कंपनी ने अगले कुछ वर्षों के लिए पांच प्रमुख प्राथमिकताएं तय की हैं. 5G नेटवर्क का तेजी से विस्तार जियो का लक्ष्य 2030 तक अपने पूरे ग्राहक आधार को 5G नेटवर्क पर स्थानांतरित करना है. साथ ही कंपनी 6G तकनीक के विकास में हिंदुस्तान की भूमिका को मजबूत बनाने की दिशा में भी काम करेगी. Jio AirFiber का विस्तार कंपनी Jio AirFiber के जरिए हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार करेगी. जियो के अनुसार- 90% से अधिक इंस्टॉलेशन 24 घंटे के भीतर पूरे किए जा रहे हैं. प्रतिदिन लगभग 60,000 नए होम ब्रॉडबैंड कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं. MSME सेक्टर का डिजिटलीकरण जियो छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) को डिजिटल बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है. इसके लिए JioPC जैसे उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा. JioPC सेट-टॉप बॉक्स के जरिए उपलब्ध क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा है, जो छोटे व्यवसायों को कम लागत पर डिजिटल समाधान उपलब्ध कराती है. AI आधारित सेवाओं का विस्तार कंपनी उपभोक्ता सेवाओं, नेटवर्क प्रबंधन और ग्राहक सहायता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को और बढ़ाने की योजना बना रही है. वैश्विक बाजार में तकनीकी प्लेटफॉर्म का व्यावसायीकरण जियो हिंदुस्तान में विकसित अपने 5G, फिक्स्ड वायरलेस और AI आधारित तकनीकी प्लेटफॉर्म को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराने की योजना बना रही है. ARPU बढ़ाने पर रहेगा फोकस मुकेश अंबानी ने कहा कि प्रीमियम 5G सेवाओं, AI-सक्षम उत्पादों और एंटरप्राइज समाधानों के विस्तार के साथ प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) में वृद्धि होने की उम्मीद है. उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा- मैं आपको और सभी संभावित नए निवेशकों को आश्वस्त करता हूं कि जियो का भविष्य और अधिक उज्ज्वल है. निवेशकों की नजरें जियो IPO पर रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM में जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग सबसे चर्चित विषय रही. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह आईपीओ हिंदुस्तानीय पूंजी बाजार के इतिहास में नया रिकॉर्ड बना सकता है. अगर जियो का मूल्यांकन अनुमानित स्तर तक पहुंचता है, तो यह न केवल हिंदुस्तान बल्कि दुनिया के सबसे बड़े तकनीकी आईपीओ में भी शामिल हो सकता है. The post Jio IPO को बोर्ड की मंजूरी, 27 करोड़ नए शेयर होंगे जारी, जानें कंपनी की 5 बड़ी प्राथमिकताएं appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार में दाखिल-खारिज में गड़बड़ी, रिश्वतखोरी और लापरवाही, राजस्व मंत्री ने 10 अधिकारियों पर की कार्रवाई

Bihar Revenue Department Action: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है. विभागीय मामलों की समीक्षा के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने 10 अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक और अनुशासनिक कार्रवाई को मंजूरी दी है. मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पटना सिटी की डीसीएलआर पर 15 लाख रिश्वत लेने का आरोप सबसे चर्चित मामला पटना सिटी की भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) अभिलाषा सिन्हा से जुड़ा है. उन पर दाखिल-खारिज अपील मामले के निपटारे के बदले बिचौलिए के माध्यम से 15 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है. मामले में आरोप पत्र गठित करते हुए उनके निलंबन की अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी गई है. हाजीपुर के तत्कालीन सीओ पर भी कार्रवाई हाजीपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी मुकुल कुमार झा के खिलाफ निगरानी थाना में दर्ज भ्रष्टाचार मामले के आधार पर आरोप पत्र गठित किया गया है. वहीं औरंगाबाद के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी नीलकमल कुमार सिन्हा पर मुख्यालय के एक अधिकारी को ऑनलाइन माध्यम से रिश्वत देने की कोशिश करने का आरोप है. उनके खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है. सीतामढ़ी और किशनगंज के अधिकारियों पर गंभीर आरोप सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर में तैनात राजस्व अधिकारी विश्वामित्र खरवार पर बिना पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य के आवेदन खारिज करने और अमीन के माध्यम से 5 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है. किशनगंज सदर के अंचल अधिकारी राहुल कुमार पर दाखिल-खारिज मामलों को गलत तरीके से अस्वीकृत करने और उचित जांच के बिना प्रशासनी जमीन को रैयती घोषित करने के आरोप लगे हैं. उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. संपतचक और कुढ़नी के अधिकारियों पर भी गिरी गाज पटना के संपतचक अंचल अधिकारी अमित कुमार पर दाखिल-खारिज मामलों में अनावश्यक आपत्तियां लगाने और परिमार्जन आवेदनों के निष्पादन में देरी करने का आरोप है. वहीं मुजफ्फरपुर के कुढ़नी के तत्कालीन राजस्व अधिकारी धीरज कुमार पर मुख्यालय से अनधिकृत अनुपस्थिति, कार्यों में लापरवाही और दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता बरतने के आरोप में विभागीय आरोप पत्र स्वीकृत किया गया है. बांका में पदस्थापित अधिकारी के खिलाफ भी जांच वर्तमान में बांका में अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के रूप में कार्यरत रंजीत कुमार के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई चल रही है.उन पर सहरसा में पदस्थापना के दौरान अतिक्रमण मामलों में नियमों के विपरीत आदेश देने और गलत जानकारी देकर वरीय अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप है. समस्तीपुर की सीओ की वेतन वृद्धि रोकी गई समस्तीपुर की अंचल अधिकारी पुष्पलता कुमारी पर दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता के आरोप साबित होने के बाद एक वेतन वृद्धि रोकने का दंड दिया गया है. यह दंड संचयी प्रभाव के बिना लगाया गया है. बगहा की सीओ पर भी आरोप पत्र पश्चिम चंपारण के बगहा-1 की अंचल अधिकारी नर्मदा श्रीवास्तव पर भी कई गंभीर आरोप लगे हैं. उन पर दाखिल-खारिज मामलों को लंबित रखने, प्रशासनी राजस्व को नुकसान पहुंचाने और न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं करने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है. ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर प्रशासन कायम राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है. उन्होंने कहा कि जनता को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं देना प्रशासन की प्राथमिकता है. किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अपने पद का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. एक महीने में 60 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई विभाग लगातार भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई कर रहा है. 12 जून को भी आठ अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई को मंजूरी दी गई थी. इन मामलों में रिश्वतखोरी, प्रशासनी जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी, दाखिल-खारिज में अनियमितता और कर्तव्य में लापरवाही जैसे आरोप शामिल थे. राजस्व विभाग के अनुसार पिछले एक महीने में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में कुल 60 अधिकारियों और कर्मचारियों पर दंडात्मक एवं अनुशासनिक कार्रवाई की जा चुकी है. पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर प्रशासन का कहना है कि विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी. भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. Also Read: अब पटना में नहीं चलेंगे कोचिंग सेंटर, शहर के बाहर बनेगा हब, खान सर-रौशन आनंद विवाद के बीच CM सम्राट का बड़ा ऐलान The post बिहार में दाखिल-खारिज में गड़बड़ी, रिश्वतखोरी और लापरवाही, राजस्व मंत्री ने 10 अधिकारियों पर की कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘जेल में आत्महत्या करने वाला था…’ स्पॉट-फिक्सिंग विवाद पर छलका श्रीसंत का दर्द

S Sreesanth: हिंदुस्तान को 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जिताने वाली टीम का हिस्सा रहे पूर्व तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत ने अपनी जिंदगी के सबसे दर्दनाक दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है. 2013 आईपीएल स्पॉट-फिक्सिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद जेल में बिताए दिनों को याद करते हुए श्रीसंत ने कहा कि एक समय ऐसा आ गया था जब उनके मन में आत्महत्या तक का ख्याल आने लगा था. लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में श्रीसंत ने बताया कि उस मुश्किल समय में उनकी पत्नी भुवनेश्वरी उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर खड़ी रहीं. उन्होंने कहा कि अगर भुवनेश्वरी का साथ नहीं होता तो शायद वह उस दौर से बाहर नहीं निकल पाते. श्रीसंत ने कहा, “जब मैं जेल में था, तब मैंने आत्महत्या नहीं की, इसकी सबसे बड़ी वजह भुवनेश्वरी थीं. मैंने 2010 में उनसे वादा किया था कि अगर हम 2011 वर्ल्ड कप जीतेंगे तो मैं उनसे शादी करूंगा.” श्रीसंत ने अपनी लव स्टोरी को लेकर किया खुलासा पूर्व हिंदुस्तानीय गेंदबाज ने अपनी लव स्टोरी के बारे में भी खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि पहली बार उनकी मुलाकात भुवनेश्वरी से एक स्कूल कार्यक्रम में हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और कई वर्षों तक संपर्क बना रहा. श्रीसंत ने बताया कि उनकी पांचवीं मुलाकात उनकी रोका सेरेमनी के दौरान हुई थी, जब वह जमानत पर बाहर आए थे. कठिन समय में भी भुवनेश्वरी ने साथ नहीं छोड़ा श्रीसंत ने यह भी बताया कि 2012 में पैर की गंभीर सर्जरी के बाद वह व्हीलचेयर पर थे. डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि इस ऑपरेशन के बाद लकवा मारने का भी खतरा था. ऐसे कठिन समय में भी भुवनेश्वरी और उनके परिवार ने उनका साथ नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा, “मैंने उनकी मां से कहा था कि मैं अभी शादी नहीं कर सकता क्योंकि मुझे नहीं पता था कि मैं दोबारा क्रिकेट स्पोर्ट्स पाऊंगा या नहीं. लेकिन इसके बावजूद उनके परिवार ने शादी का फैसला नहीं बदला.” 2022 में प्रोफेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास गौरतलब है कि मई 2013 में आईपीएल स्पॉट-फिक्सिंग मामले में एस. श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंदीला को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद बीसीसीआई ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाया था, जिसे बाद में हटा दिया गया. श्रीसंत ने क्रिकेट में वापसी भी की, लेकिन मार्च 2022 में उन्होंने पेशेवर क्रिकेट से संन्यास ले लिया. यह भी पढ़ें: अफगानिस्तान के खिलाफ आखिरी मैच से पहले हिंदुस्तानीय टीम में अचानक बदलाव, इस घातक गेंदबाज की हुई एंट्री The post ‘जेल में आत्महत्या करने वाला था…’ स्पॉट-फिक्सिंग विवाद पर छलका श्रीसंत का दर्द appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार के मजदूरों के लिए चलेगा बड़ा अभियान, गांव-गांव लगेगा कैंप, इन योजनाओं का मिलेगा लाभ

Bihar Migrant Workers Registration: (प्रह्लाद कुमार, पटना) बिहार के श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने शुक्रवार को सूचना भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और नई योजनाओं की जानकारी दी. विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने कहा कि राज्यभर में विशेष कैंप लगाकर श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक मजदूर प्रशासनी योजनाओं का लाभ उठा सकें. प्रवासी श्रमिकों के लिए लॉन्च हुआ नया ऐप अपर मुख्य सचिव ने बताया कि बिहार के प्रवासी श्रमिकों का डाटा तैयार करने के लिए “बिहार प्रवासी कामगार ऐप” शुरू किया गया है. इस ऐप के माध्यम से 10 जून से अब तक 6 लाख 84 हजार 708 प्रवासी श्रमिकों का निबंधन किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि यह ऐप राज्य के बाहर और विदेशों में काम करने वाले बिहार के मजदूरों तक प्रशासनी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद करेगा. प्रवासी मजदूरों के लिए बढ़ी अनुदान राशि प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों के हित में बड़ा फैसला लिया है. अब किसी प्रवासी मजदूर की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को मिलने वाली सहायता राशि 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी गई है. इसके अलावा राज्य के बाहर या विदेश में कार्यरत किसी प्रवासी मजदूर की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उसके पार्थिव शरीर को घर तक लाने का पूरा खर्च भी प्रशासन वहन करेगी. दुर्घटना अनुदान योजना से सैकड़ों परिवारों को मदद विशेष सचिव-सह-बोर्ड सुनील कुमार यादव ने बताया कि बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 446 लाभुकों को 8 करोड़ 67 लाख 35 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई. वहीं वर्ष 2026-27 में अब तक 168 लाभुकों को 3 करोड़ 35 लाख 12 हजार 500 रुपये का अनुदान दिया जा चुका है. बाल श्रम उन्मूलन पर भी फोकस श्रमायुक्त बिहार राजेश हिंदुस्तानी ने बताया कि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास के लिए राज्य प्रशासन लगातार काम कर रही है. पटना, गया और सीतामढ़ी में विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. वर्ष 2025-26 में कुल 1054 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया. 126 बच्चों के लिए कराई गई एफडी वर्ष 2026-27 में बाल एवं किशोर श्रमिकों के पुनर्वास के लिए 126 बच्चों के खातों में सावधि जमा (एफडी) के रूप में 31 लाख 50 हजार रुपये जमा किए गए हैं. इसके अलावा तत्काल सहायता के तौर पर 103 बाल श्रमिकों को 3 लाख 9 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है. जिन बच्चों की एफडी अभी नहीं हो पाई है, उनकी प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी. नौ प्रमंडलों में बन रहे श्रम सेवा सुविधा केंद्र राज्य प्रशासन श्रमिकों को एक ही जगह पर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए श्रम सेवा सुविधा केंद्र भी स्थापित कर रही है. योजना के तहत नौ प्रमंडलों में 10 श्रम सेवा सुविधा केंद्र खोले जाने हैं. फिलहाल पटना, कैमूर, सारण, सहरसा और दरभंगा में ये केंद्र पूरी तरह संचालित हो रहे हैं. इन केंद्रों पर निर्माण श्रमिकों का निबंधन, नवीकरण और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है. श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर विभाग का कहना है कि निबंधन अभियान, प्रवासी कामगार ऐप और श्रम सेवा सुविधा केंद्रों के जरिए अधिक से अधिक श्रमिकों को प्रशासनी योजनाओं से जोड़ा जाएगा. प्रशासन का लक्ष्य राज्य और राज्य के बाहर काम करने वाले सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है. Also Read: गिग वर्कर्स को AC लाउंज, गंगा किनारे जिग-जैग पार्क, मीठापुर को कॉमन सर्विस सेंटर, CM सम्राट ने पटना को दी करोड़ों की सौगात The post बिहार के मजदूरों के लिए चलेगा बड़ा अभियान, गांव-गांव लगेगा कैंप, इन योजनाओं का मिलेगा लाभ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गौतम देब का सिलीगुड़ी मेयर पद से इस्तीफा, ममता बनर्जी का ‘आखिरी किला’ भी ढहा

कोलकाता से विकास कुमार गुप्ता की रिपोर्ट Gautam Deb : उत्तर बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के आखिरी गढ़ सिलीगुड़ी नगर निगम में बड़ा नेतृत्वक फेरबदल देखने को मिला है. तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज नेता माने जाने वाले पूर्व मंत्री गौतम देब ने सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है. शुक्रवार सुबह उन्होंने अपना त्यागपत्र नगर निगम के कमिश्नर को भेज दिया. हालिया विधानसभा चुनाव में उत्तर बंगाल के सभी प्रमुख जिलों में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद इस इस्तीफे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विधानसभा चुनाव में हार के बाद बढ़ा था दबाव हाल ही में संपन्न हुए साल 2026 के विधानसभा चुनाव में दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर और कूचबिहार जैसे जिलों में तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा. सिताई सीट से पार्टी के टिकट पर जीतीं संगीता बसुनिया के भी बागी सुर देखने को मिल रहे हैं. ऐसे में उत्तर बंगाल में सत्ता के नाम पर तृणमूल के पास एकमात्र सहारा सिलीगुड़ी नगर निगम ही बचा था. खुद गौतम देब सिलीगुड़ी विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे, जिसके बाद से ही नगर निगम बोर्ड पर संकट के बादल मंडराने लगे थे. मेयर के फैसले पर पार्षदों में आपसी मतभेद गौतम देब ने गुरुवार को नगर निगम के मेयर-इन-परिषद के सदस्यों के साथ एक अहम बैठक की थी. इस बैठक में जब उन्होंने इस्तीफा देने की इच्छा जताई, तो तृणमूल कांग्रेस के पार्षदों के बीच आपसी फूट खुलकर सामने आ गई. सिलीगुड़ी नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल अभी एक साल से ज्यादा का बचा हुआ है, इसलिए कई पार्षद नहीं चाहते थे कि मेयर पद छोड़ें. पार्षदों के विरोध और मतभेदों के बावजूद गौतम देब अपने फैसले पर अड़े रहे और शुक्रवार को पद से इस्तीफा दे दिया. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें संगठन में मिली नई जिम्मेदारी, गढ़ बचाने की चुनौती एक तरफ जहां चुनावी हार के बाद उनके इस्तीफे को लेकर अटकलें तेज थीं, वहीं दूसरी तरफ पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी है. बुधवार को ही गौतम देब को दार्जिलिंग जिला तृणमूल कांग्रेस (मैदानी क्षेत्र) का चेयरमैन नियुक्त किया गया है. नेतृत्व का मानना है कि वे अब प्रशासनिक कार्यों से अलग होकर उत्तर बंगाल में संगठन को दोबारा मजबूत करने पर ध्यान दें. हालांकि, इस इस्तीफे के बाद सिलीगुड़ी नगर निगम बोर्ड का भविष्य अधर में लटक गया है और उत्तर बंगाल में तृणमूल के वजूद पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है. Also Read: बालू दा ने भी छोड़ा ममता दीदी का साथ, ज्योतिप्रिया मल्लिक ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा The post गौतम देब का सिलीगुड़ी मेयर पद से इस्तीफा, ममता बनर्जी का ‘आखिरी किला’ भी ढहा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद इरफान अंसारी का छलका दर्द, बोले- हार का दुख नहीं, अपनों ने तोड़ दिया भरोसा

Rajya Sabha Election: झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी भावुक नजर आए. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर धनबल, छल और साजिश की नेतृत्व करने का आरोप लगाया. इरफान अंसारी ने कहा कि उन्हें चुनाव में हार का उतना दुख नहीं है, जितना अपने ही लोगों द्वारा विश्वास तोड़े जाने का दर्द है. राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद महागठबंधन के भीतर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. ऐसे माहौल में इरफान अंसारी की भावुक प्रतिक्रिया ने नेतृत्वक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है. नेतृत्व में हार के बाद बयान भी उतनी ही तेजी से आते हैं, जितनी तेजी से जीत के बाद मिठाइयां बांटी जाती हैं. भाजपा पर लगाया धनबल और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप इरफान अंसारी ने कहा कि यदि सभी लोग एकजुट रहते और साथ खड़े होते, तो हिंदुस्तानीय जनता पार्टी यह चुनाव नहीं जीत पाती. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने धनबल, छल और सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर जीत हासिल की है. उन्होंने कहा कि आज भाजपा अपनी जीत का जश्न मना रही है, लेकिन यह जीत जनभावनाओं की नहीं, बल्कि धनबल और सत्ता के दुरुपयोग की जीत है. उनके मुताबिक लोकतंत्र में जनादेश सर्वोपरि होता है, लेकिन नेतृत्वक परिस्थितियों ने इस चुनाव को अलग दिशा दे दी. ‘दिल आहत है, लेकिन हिम्मत नहीं टूटी’ स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनका मन आहत है, लेकिन वह निराश नहीं हैं. उन्होंने कहा कि संघर्ष उनकी पहचान है और जनता का विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने कहा कि नेतृत्वक जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और जीत-हार स्थायी नहीं होती. इरफान अंसारी ने कहा कि आज परिस्थितियां उनके पक्ष में नहीं रहीं, लेकिन भविष्य में हालात बदलेंगे. उन्होंने भरोसा जताया कि जनता का समर्थन उनके साथ है और वह लगातार संघर्ष करते रहेंगे. इसे भी पढ़ें: झारखंड में नेतृत्वक भूचाल! आरजेडी विधायक सुरेश पासवान ने कांग्रेस प्रभारी के. राजू को बताया ‘सबसे बड़ा गद्दार’ आज उनका दिन है, कल हमारा भी आएगा: इरफान अंसारी अपने संदेश में इरफान अंसारी ने कहा कि नेतृत्व में किसी की जीत या हार हमेशा के लिए नहीं होती. उन्होंने कहा कि आज भाजपा का दिन है, लेकिन आने वाले समय में परिस्थितियां बदलेंगी और उनका भी समय आएगा. उन्होंने कहा कि वह किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने वाले नहीं हैं और जनता के हितों तथा अपने नेतृत्वक सिद्धांतों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे. उनकी इस प्रतिक्रिया को राज्यसभा चुनाव के बाद महागठबंधन के भीतर बढ़ती बेचैनी और असंतोष के रूप में भी देखा जा रहा है. इसे भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव: प्रणव झा की हार के बाद कांग्रेस में बौखलाहट, बोले के राजू – आरजेडी और माले ने हमें दिया धोखा The post राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद इरफान अंसारी का छलका दर्द, बोले- हार का दुख नहीं, अपनों ने तोड़ दिया भरोसा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ईरान-अमेरिका समझौते पर साइन कर ट्रंप ने पाकिस्तान को किया चारों खाने चित्त, ऐसे फेल हुआ शहबाज शरीफ का प्लान?

US- Iran Peace Deal : पश्चिम एशिया में जारी तनाव को समाप्त करने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की थी. पाकिस्तान ने यह कोशिश की थी कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता करवा कर वह विश्व की नजर में शांति का दूत बन जाए और उसपर आतंकवादियों को शरण देने वाले देश का ठप्पा भी मिट जाए. इस समझौते के बहाने पाकिस्तान, अमेरिका का करीबी भी बनना चाहता था, लेकिन उसके मनसूबे पर अस्थिर सोच वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पानी फेर दिया है. पाकिस्तान को अमेरिका ने दिया झटका ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कराने के लिए पाकिस्तान ने एड़ी-चोटी एक की. दोनों देशों के प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद आमंत्रित किया था और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस मौके को लपकने की हर संभव कोशिश की थी. ईरान और अमेरिका के बीच जो शांति समझौता हुआ है, उसे शुरू करने में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई थी. दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुंचाने का काम भी पाकिस्तान ने किया था. उसे उम्मीद थी कि जब यह समझौता होगा तो विश्व पटल पर अमेरिका की साख बढ़ेगी, लेकिन जब समझौता हुआ तो अमेरिका के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान को दरकिनार कर दिया और फ्रांस में शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिया. परिणाम यह हुआ कि पाकिस्तान को उपलब्धि के नाम पर कुछ भी नहीं मिला और उसका इस्लामाबाद मेमोरेंडम से फायदा उठाने का विचार धरा रह गया. पाकिस्तान का दांव कैसे हुआ फेल ईरान और अमेरिका के बीच जो शांति समझौता होना था उसका नाम रखा गया है-इस्लामाबाद मेमोरेंडम आॅफ अंडरस्टैडिंग. इसके लिए दोनों देश 19 जून को स्विटरलैंड में शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले थे. पाकिस्तान इसकी तैयारी भी कर रहा था. 15 जून को शहबाज शरीफ ने कार्यक्रमक की आधिकारिक जानकारी भी दी थी, लेकिन उससे पहले ही 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने डिजिटली हस्ताक्षर कर दिए. राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके बारे में फ्रांस के वर्साय में घोषणा भी कर दी. परिणाम यह हुआ कि 19 जून का कार्यक्रम जिसे पाकिस्तान अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहता था, वह पूरी तरह फेल हो गया. इस फैसले ने पाकिस्तान को असहज स्थिति में डाल दिया, जिस कार्यक्रम में वह स्वयं को केंद्र में देखने की उम्मीद कर रहा था, वह उसके बिना ही पूरा हो गया. ट्रंप ने अंतिम समय में बदला दांव और पाकिस्तान को हुआ नुकसान पाकिस्तान यह उम्मीद कर रहा था कि ईरान-अमेरिका समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभाकर वह उनकी नजर में बेहतर बन जाएगा और उसकी छवि सुधरेगी. पाकिस्तान शायद यह भूल गया कि अपने अप्रत्याशित फैसलों के लिए मशहूर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप उन्हें इतनी आसानी से इतने बड़े अवसर का श्रेय नहीं लेने देंगे. हुआ भी यही. ट्रंप अंतिम समय में फैसला बदला और समय से पहले ही समझौते पर हस्ताक्षर करके यह साबित किया कि पश्चिम एशिया में शांति उनके और ईरान के प्रयासों से आ रही है. ट्रंप के इस फैसले से पाकिस्तान को बड़ा नुकसान हो गया, उसकी कूटनीति इतनी सक्षम नहीं निकली कि वह उसके वैश्विक छवि को सुधार सके. इतना ही नहीं ट्रंप ने समझौते पर हस्ताक्षर से पहले जी-7 समिट के दौरान हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक तौर पर तारीफ की इससे पाकिस्तान में निराशा और बढ़ी है. कोई भी अंतरराष्ट्रीय समझौता कराने की पाकिस्तान की हैसियत नहीं :डाॅ धनंजय त्रिपाठी साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डाॅ धनंजय त्रिपाठी कहते हैं कि विश्व की नेतृत्व में पाकिस्तान की ऐसी हैसियत ही नहीं है कि वह कोई समझौता करवा पाए. हां, ईरान और अमेरिका के बीच जो समझौता हुआ है, उसके लिए पाकिस्तान ने जो प्रयास किए, उससे उसका डेप्लोमेटिक आइसोलेशन खत्म हुआ है. पाकिस्तान ने इस समझौते में अपनी भूमिका को हाइप देने की कोशिश की, लेकिन उसकी भूमिका तथ्यों से परे थी. यही वजह है कि उसे इस समझौते से कोई फायदा नहीं हुआ. वैसे भी वह किसी डील का मेकर नहीं हो सकता. ईरान उसपर कभी भरोसा नहीं करता था. अमेरिका का वह पिछलग्गू है, तो उसकी भूमिका अहम कैसे हो सकती है. हां, यह समझौता न्यूट्रल ग्राउंड पर हो रहा था और उसमें भागीदारी निभाकर पाकिस्तान ने अपना आइसोलेशन ब्रेक किया है, बस इतना ही है, वह कोई डील ब्रेकर तो था नहीं कि उसके बिना समझौता नहीं होता. ये भी पढ़ें : RSS ने खुद को रजिस्टर्ड संगठन क्यों नहीं बनाया है? 100 साल बाद क्यों उठा ये सवाल History of Munda Tribes 4 : मुंडा समाज में कानून की दस्तक था ‘किलि’, जानें कैसे हुई थी शुरुआत The post ईरान-अमेरिका समझौते पर साइन कर ट्रंप ने पाकिस्तान को किया चारों खाने चित्त, ऐसे फेल हुआ शहबाज शरीफ का प्लान? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

इस संडे घर पर बनाएं बंगाली स्टाइल ‘चिंगरी मलाई करी’, स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे सब

Chingri Malai Curry Recipe: जब भी बंगाली खाने की बात आती है, तो ‘चिंगरी मलाई करी’ का नाम सबसे पहले जुबान पर आता है. यह बंगाल की एक बहुत फेमस और ट्रेडिशनल डिश है, जिसे खास मौकों, शादियों और त्योहारों पर बड़े चाव से बनाया जाता है.’चिंगरी’ का मतलब होता है झींगा (Prawns) और ‘मलाई करी’ का मतलब है नारियल के दूध (Coconut Milk) से बनी मखमली ग्रेवी.  नारियल के दूध की हल्की मिठास और बंगाली गरम मसालों का तीखापन मिलकर इस डिश को ऐसा लाजवाब स्वाद देते हैं कि खाने वाला तारीफ किए बिना नहीं रह पाता. अगर आप भी नॉन-वेज खाने के शौकीन हैं और इस वीकेंड कुछ बेहद खास और रेस्टोरेंट जैसा बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए ही है. आइए जानते हैं इसे बनाने (Chingri Malai Curry Recipe) की सबसे आसान और पारंपरिक विधि.  Chingri Malai Curry Recipe: सामग्री जो आपको चाहिए इसे बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा तामझाम की जरूरत नहीं है. नीचे दी गई चीजें आसानी से आपकी रसोई में मिल जाएंगी: झींगा (Prawns): 500 ग्राम (अच्छे से साफ किए और धोए हुए) नारियल का दूध: 1 बड़ा कप (फ्रेश या रेडीमेड) सरसों का तेल: 3-4 चम्मच  प्याज का पेस्ट: 1 बड़ा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट: 1 चम्मच साबुत गरम मसाले: 2 हरी इलायची, 1 टुकड़ा दालचीनी, 2-3 लौंग और 1 तेजपत्ता पाउडर मसाले: आधा चम्मच हल्दी, आधा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच जीरा पाउडर हरी मिर्च: 3-4 (बीच से कटी हुई) घी और चीनी: आधा चम्मच घी और आधा चम्मच चीनी (स्वाद को बैलेंस करने के लिए) नमक: स्वादानुसार PC: Freepik स्टेप 1: झींगे को मैरीनेट और फ्राई करें सबसे पहले साफ किए हुए झींगों (Prawns) में आधा चम्मच हल्दी और थोड़ा सा नमक मिलाकर 10-15 मिनट के लिए रख दें. अब एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. तेल जब अच्छे से गर्म हो जाए और धुआं निकलने लगे, तो झींगों को कड़ाही में डालें. झींगों को सिर्फ 2 से 3 मिनट के लिए ही हल्का फ्राई करना है. अगर आप इन्हें ज्यादा पकाएंगे, तो ये रबर की तरह सख्त हो जाएंगे. हल्का सा रंग बदलते ही इन्हें प्लेट में निकाल लें.  स्टेप 2: खड़े मसालों का तड़का लगाएं झींगे निकालने के बाद उसी बचे हुए तेल में आधा चम्मच घी डालें (इससे खुशबू बहुत अच्छी आती है). अब इसमें तेजपत्ता, दालचीनी, लौंग और इलायची डालकर कुछ सेकंड के लिए भूनें, ताकि तेल में मसालों की खुशबू बैठ जाए. इसके बाद इसमें आधा चम्मच चीनी डालें. तेल में चीनी डालने से ग्रेवी (Chingri Malai Curry Recipe) का रंग बहुत खूबसूरत आता है.  स्टेप 3: मसाला भूनें अब कड़ाही में प्याज का पेस्ट डालें और इसे तब तक भूनें जब तक कि इसका कच्चापन दूर न हो जाए और यह हल्का सुनहरा न दिखने लगे. इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट डालें और 1 मिनट तक चलाएं. अब हल्दी, कश्मीरी लाल मिर्च और जीरा पाउडर को थोड़े से पानी में मिलाकर पेस्ट बना लें और कड़ाही में डाल दें. मसालों को धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक कि मसाला तेल न छोड़ दे.  PC: Freepik स्टेप 4: नारियल का दूध और झींगा मिलाएं जब मसाला अच्छे से भून जाए, तो आंच को बिल्कुल धीमा कर दें और कड़ाही में नारियल का दूध डालें. स्वाद के अनुसार नमक और बीच से कटी हुई हरी मिर्चें भी डाल दें. ग्रेवी को अच्छे से मिलाएं और इसमें उबाल आने दें. अब ग्रेवी उबलने लगे, तो इसमें पहले से फ्राई करके रखे हुए झींगे (Chingri Malai Curry Recipe) डाल दें.  स्टेप 5: धीमी आंच पर पकाएं झींगे डालने के बाद कड़ाही को ढक दें और इसे धीमी आंच पर 5 से 7 मिनट के लिए पकने दें ताकि ग्रेवी का सारा स्वाद झींगों के अंदर तक चला जाए. अंत में ऊपर से थोड़ा सा बंगाली गरम मसाला पाउडर और आधा चम्मच घी डालें, गैस बंद करें और 2 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें.  यह भी पढ़ें: ओट्स का बोरिंग दलिया छोड़ें, Weight Loss के लिए ट्राई करें ये 5 चटपटी डिशेज The post इस संडे घर पर बनाएं बंगाली स्टाइल ‘चिंगरी मलाई करी’, स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे सब appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top