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June 21, 2026

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सूर्या की नई फिल्म ‘सूर्या 47’ में मोहनलाल की एंट्री? डायरेक्टर ने अफवाहों पर लगाया फुल स्टॉप, बताया सच

Suriya 47: साउथ सुपरस्टार सूर्या की अपकमिंग फिल्म, जिसे फिलहाल ‘सूर्या 47’ कहा जा रहा है, को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर काफी बज बना हुआ है. समाचारें थीं कि इस फिल्म में मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल का कैमियो देखने को मिल सकता है. दो बड़े स्टार्स को एक साथ स्क्रीन पर देखने की बात से फैंस काफी एक्साइटेड थे. इसी बीच फिल्म के डायरेक्टर जितु माधवन का रिएक्शन सामने आया है. साथ ही उन्होंने फिल्म की शूटिंग और बाकी अपडेट्स भी शेयर किए हैं. Suriya 47 Mohanlal Cameo Rumours: क्या सच में फिल्म में नजर आएंगे मोहनलाल? Mohanlal, pc: x Dinamalar की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में मीडिया बातचीत के दौरान डायरेक्टर जितु माधवन ने साफ कहा कि मोहनलाल इस फिल्म का हिस्सा नहीं हैं. उन्होंने कहा, “हमने अभी तक फिल्म का पोस्टर भी रिलीज नहीं किया है. नहीं, लालेट्टन (मोहनलाल) इस फिल्म में नहीं हैं.” जब उनसे पूछा गया कि क्या फिल्म के किसी एक्शन सीन में मोहनलाल की पुरानी फिल्म का गाना इस्तेमाल होगा, तो उन्होंने इस सवाल का जवाब देने से मना कर दिया. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि फिल्म की थोड़ी शूटिंग अभी बाकी है और सही समय पर सभी अपडेट दिए जाएंगे. यह भी पढ़ें: Maa Inti Bangaaram: सामंथा की फिल्म की सफलता पर राम चरण ने लुटाया प्यार, बोले- तुम हमेशा से गरिमा और आत्मविश्वास की मिसाल रही हो Suriya 47 Shooting Update: फिल्म की शूटिंग कहां तक पहुंची? फिल्म में अहम भूमिका निभा रहे एक्टर नासलेन ने Asianet को दिए इंटरव्यू में बताया कि ‘सूर्या 47’ की शूटिंग जून 2026 के आखिर तक पूरी हो जाएगी. उन्होंने कहा कि सूर्या के साथ काम करना उनके लिए एक सपना पूरा होने जैसा है. नासलेन ने बताया कि सूर्या ने उनकी तमिल की तारीफ भी की और वह बहुत ही अच्छे और विनम्र इंसान हैं. What Is Special About The Suriya 47?: फिल्म में क्या होगा खास? Suriya 47, pc: x जितु माधवन ने बताया कि ‘सूर्या 47’ पूरी तरह तमिल दर्शकों के लिए बनाई जा रही है. यह एक एक्शन-कॉमेडी फिल्म होगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म में सूर्या एक अलग अंदाज के पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाएंगे. उनके साथ एक अनोखी टीम होगी. एक बड़ा केस मिलने के बाद उनकी जिंदगी बदल जाती है और यहीं से फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है. Suriya 47 Star Cast: फिल्म में कौन-कौन आएगा नजर? फिल्म में नजरिया नाजिम लीड एक्ट्रेस होंगी, जबकि नासलेन भी अहम भूमिका में नजर आएंगे. यह भी पढ़ें: Toxic New Release Date: बॉक्स ऑफिस हिलाने को तैयार KGF स्टार यश, कई बार टलने के बाद ‘टॉक्सिक’ की फाइनल रिलीज डेट हुई कन्फर्म The post सूर्या की नई फिल्म ‘सूर्या 47’ में मोहनलाल की एंट्री? डायरेक्टर ने अफवाहों पर लगाया फुल स्टॉप, बताया सच appeared first on Naya Vichar.

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फुटबॉल का मैदान में दर्द से तड़पता रहा खिलाड़ी…नहीं दिया रेड कॉर्ड; VIDEO

Josue Casimir: फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप C मुकाबले में स्कॉटलैंड ने हैती को 1-0 से हरा दिया, लेकिन मैच खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जोसुआ कैसीमिर पर हुए एक विवादित टैकल की हो रही है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि हैती के फॉरवर्ड दर्द से मैदान पर पड़े हैं, जबकि रेफरी का फैसला लगातार सवालों के घेरे में है. सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरे थे जोसुआ कैसीमिर जॉन मैक्गिन के 28वें मिनट में किए गए गोल की बदौलत स्कॉटलैंड पूरे मैच में बढ़त बनाए हुए था. दूसरी ओर हैती बराबरी के गोल की तलाश में लगातार हमले कर रहा था. 61वें मिनट में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर उतरे जोसुआ कैसीमिर ने टीम के अटैक में नई ऊर्जा भर दी और स्कॉटिश डिफेंस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. खतरनाक टैकल से मैदान पर दर्द से तड़पते दिखें कैसीमिर मुकाबले के इंजरी टाइम में हैती को बराबरी का गोल करने की उम्मीद थी, तभी स्कॉटलैंड के केनी मैकलीन ने कैसीमिर को रोकने के प्रयास में एक ऊंचा और खतरनाक टैकल किया. टक्कर लगते ही कैसीमिर मैदान पर गिर पड़े और दर्द से कराहते नजर आए. घटना इतनी गंभीर थी कि मेडिकल स्टाफ को तुरंत मैदान पर बुलाना पड़ा. View this post on Instagram A post shared by #1 Haitian-American Platform®️ (@lunionsuite) हैती के खिलाड़ियों ने रेड कार्ड की मांग की हैती के खिलाड़ियों ने रेफरी मुस्तफा घोर्बल से रेड कार्ड की मांग की. उनका मानना था कि यह टैकल खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाला था और सीधे रेड कार्ड के दायरे में आता था. हालांकि रेफरी ने सिर्फ येलो कार्ड दिखाया और VAR समीक्षा की मांग को भी स्वीकार नहीं किया. हैती के खिलाड़ियों ने जताई नाराजगी रेफरी के इस फैसले के बाद हैती के खिलाड़ी काफी नाराज दिखाई दिए. सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में फुटबॉल प्रशंसकों ने फैसले पर सवाल उठाए. कई यूजर्स का कहना था कि अगर VAR की समीक्षा होती तो फैसला अलग हो सकता था. स्कॉटलैंड ने 1-0 से जीता मुकाबला हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद जोसुआ कैसीमिर दोबारा खड़े हुए और मुकाबला पूरा किया, लेकिन यह घटना मैच का सबसे चर्चित पल बन गई. स्कॉटलैंड ने आखिरकार 1-0 से जीत दर्ज कर ली, लेकिन जीत से ज्यादा चर्चा अब उस टैकल और रेफरी के फैसले की हो रही है जिसने फुटबॉल जगत में नई बहस छेड़ दी है. यह भी पढ़ें: फीफा वर्ल्ड कप में नोरा फतेही का कमाल, मैच से पहले बता दिया था नतीजा; 100% सच हुई भविष्यवाणी The post फुटबॉल का मैदान में दर्द से तड़पता रहा खिलाड़ी…नहीं दिया रेड कॉर्ड; VIDEO appeared first on Naya Vichar.

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रेस्टोरेंट में बैठते ही सबसे पहले पानी का ग्लास क्यों दिया जाता है? जानिए इसके पीछे का साइकोलॉजिकल गेम

Do You Know: क्या आपके दिमाग में यह सवाल आया है कि जैसे ही आप किसी रेस्टोरेंट में जाते हैं, तो टेबल पर बैठते ही आपके सामने पानी का ग्लास क्यों रख दिया जाता है? अगर आपके दिमाग में यह सवाल आया है लेकिन आपने इसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया है, तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की हो सकती है. बता दें टेबल पर बैठते ही सबसे पहले पानी देना सिर्फ एक फॉर्मेलिटी नहीं होती है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत ही सोची-समझी साइकोलॉजी और बिजनेस स्ट्रेटेजी काम करती है. तो चलिए जानते हैं कि आखिर क्यों रेस्टोरेंट वाले ऐसा करते हैं और इसके पीछे कौन सी चौंका देने वाली वजहें छिपी हुई होती हैं. मेहमाननवाजी और अपनेपन का अहसास हमारे देश में मेहमान को हमेशा से ही भगवान का रूप माना जाता रहा है. जब भी कोई हमारे घर आता है, हम सबसे पहले उसे पानी देते हैं ताकि उसकी थकावट थोड़ी कम हो जाए और उसे आराम महसूस हो. रेस्टोरेंट वाले भी आपकी इसी आदत का फायदा उठाते हैं. जैसे ही आपके सामने पानी आता है, आपको अच्छा लगता है और लगता है कि आपकी परवाह की जा रही है. इससे आपका मूड बढ़िया हो जाता है और आप वहां आराम से बैठ जाते हैं. भूख और प्यास का कनेक्शन कई बार जब हम बाहर से आते हैं, तो थके होते हैं और हमें प्यास भी लगी हुई होती है. ऐसे में हमारा दिमाग कई बार भूख और प्यास में फर्क नहीं समझ पाता. पानी पीते ही आपकी प्यास बुझती है और दिमाग शांत हो जाता है. जब दिमाग शांत होता है, तो आप बिना किसी जल्दबाजी के आराम से मेन्यू कार्ड देखते हैं और तसल्ली से अपनी पसंद का खाना ऑर्डर करते हैं. ये भी पढ़ें: होटल के बिस्तर पर सिर्फ सफेद चादर ही क्यों बिछाई जाती है? ज्यादातर लोग नहीं जानते इसकी असली वजह भूख बढ़ाने की तरकीब कुछ जानकारों के अनुसार जब हम खाली पेट पानी पीते हैं तो इससे हमारे पेट का सिस्टम एक्टिव हो जाता है. इससे भूख और भी ज्यादा तेज लगने लगती है. अब जाहिर सी बात है कि जब आपको ज्यादा भूख लगेगी, तो आप सिर्फ एक चीज तो ऑर्डर नहीं ही करेंगे. आप सूप, स्टार्टर, मुख्य खाना और बाद में मीठा भी ऑर्डर कर देंगे. इसका साफ मतलब होता है कि पानी आपके पेट को ज्यादा खाने के लिए तैयार कर देता है. इंतजार को आसान बनाना रेस्टोरेंट में ऑर्डर देने के बाद खाना टेबल तक आने में 15 से 20 मिनट का समय लग जाता है. खाली बैठे-बैठे यह इंतजार बहुत लंबा और बोरिंग लगने लगता है. लेकिन जब टेबल पर पानी का ग्लास होता है, तो लोग बातें करते-करते धीरे-धीरे पानी पीते रहते हैं. इससे उनका ध्यान बंटा रहता है और पता ही नहीं चलता कि 15 से 20 मिनट का यह समय कब बीत गया. बातचीत की हो जाती है शुरुआत जब हम दोस्तों या परिवार के साथ किसी रेस्टोरेंट में खाने के लिए जाते हैं, तो शुरुआत में सब थोड़े चुप होते हैं कि बात कहां से शुरू करें. वेटर का आना और पानी देना एक छोटा सा ब्रेक देता है. ऐसे में पानी पीने के बहाने लोग आपस में बात करना शुरू कर देते हैं और माहौल भी पहले की तुलना में ज्यादा लाइट हो जाता है. बिजनेस बढ़ाने का एक स्मार्ट तरीका शुरुआत में फ्री पानी देना रेस्टोरेंट के बिजनेस के लिए बहुत फायदेमंद होता है. जब ग्राहक को अच्छी सर्विस और इज्जत मिलती है, तो वह खुश होकर ज्यादा पैसे खर्च करने को तैयार हो जाता है. एक अच्छा एक्सपीरियंस मिलने पर वह अगली बार भी उसी रेस्टोरेंट में आना पसंद करता है और दूसरों को भी वहां जाने की सलाह देता है. तो अगली बार जब आप किसी रेस्टोरेंट में बैठें और वेटर आपके सामने पानी रखे, तो समझ जाइए कि आपको खुश करने और आपकी भूख बढ़ाने का स्पोर्ट्स शुरू हो चुका है. ये भी पढ़ें: क्या चिप्स के पैकेट में हवा भरकर कंपनियां आपको बना रही हैं बेवकूफ? असली वजह जानकर घूम जाएगा आपका दिमाग The post रेस्टोरेंट में बैठते ही सबसे पहले पानी का ग्लास क्यों दिया जाता है? जानिए इसके पीछे का साइकोलॉजिकल गेम appeared first on Naya Vichar.

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भारी बारिश के बीच जलपाईगुड़ी में भीषण हादसा, बस-ट्रेलर की टक्कर में 4 की मौत, 30 घायल

खास बातें बस का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त ओवरटेक करने के चक्कर में हुआ हादसा स्थानीय लोगों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन, घायलों की हालत नाजुक मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान, हेल्पलाइन नंबर जारी Jalpaiguri Maynaguri Bus Accident: उत्तर बंगाल में जलपाईगुड़ी के मयनागुड़ी में एक भीषण सड़क हादसे में 4 लोगों की मौत हो गयी और 30 अन्य घायल हो गये. मयनागुड़ी प्रखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग पर जैसे ही प्रशासनी बस ने खड़े ट्रेलर को टक्कर मारी, यात्रियों में चीख-पुकार मच गयी. बस का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त स्थानीय लोगों ने बताया कि एक बड़ा मालवाहक ट्रेलर सड़क किनारे खड़ा था. प्रशासनी बस ने पीछे से ट्रेलर में जोरदार टक्कर मार दी. खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के बीच हुए इस हादसे में बस का एक हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. ओवरटेक करने के चक्कर में हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम (NBSTC) की यह प्रशासनी बस सिलीगुड़ी की तरफ से आ रही थी. उल्लाडाबरी के पास ड्राइवर ने आगे निकलने (ओवरटेक करने) के चक्कर में सड़क पर खड़े ट्रेलर को पास काटने की कोशिश की. इसी दौरान बस का बायां हिस्सा ट्रेलर से जा टकराया. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस की खिड़कियों और सीटों के परखच्चे उड़ गये. इसे भी पढ़ें : West Bengal News: कोलकाता में तेज रफ्तार का कहर, सड़क हादसे में बिहार के युवक समेत 5 लोगों की मौत स्थानीय लोगों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन, घायलों की हालत नाजुक हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े. उन्होंने बस की खिड़कियां तोड़कर खून से लथपथ यात्रियों को निकालना शुरू किया. दुर्घटना में एक मासूम बच्चा समेत 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. 30 से अधिक घायल यात्रियों को मयनागुड़ी ग्रामीण अस्पताल और जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत बेहद नाजुक है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान, हेल्पलाइन नंबर जारी हादसे की समाचार मिलते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने गहरी संवेदना व्यक्त की. स्थिति की समीक्षा के लिए उत्तर बंगाल विकास मंत्री नीशीथ प्रमाणिक और परिवहन राज्य मंत्री आनंदमय बर्मन को तुरंत अस्पताल और घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख और मामूली घायलों को 50 हजार रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है. प्रशासन ने आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 8597965016 भी जारी कर दिया है. इसे भी पढ़ें बंगाल में एनएच-12 पर सड़क हादसा, नदिया में तीन लोगों की मौत एनएच-19 पर भीषण सड़क हादसा डंपर चालक की जलने से हुई मौत बंगाल में सड़क हादसा, अंडाल में सब्जी कारोबारी की मौत बंगाल के रानीगंज में सड़क हादसा, टूरिस्ट बस के 16 यात्री घायल The post भारी बारिश के बीच जलपाईगुड़ी में भीषण हादसा, बस-ट्रेलर की टक्कर में 4 की मौत, 30 घायल appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली लौटकर भी आवास नहीं गए पीएम मोदी, NEET परीक्षा के लिए एयरपोर्ट पर ही रुके रहे

NEET Examination: आज दोपहर 1:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद पीएम मोदी सीधे पीएम आवास नहीं गए, बल्कि उन्होंने कुछ देर एयरपोर्ट पर ही रुकने का निर्णय लिया. दरअसल, दोपहर 2:00 बजे से NEET की परीक्षा शुरू होने वाली थी. पीएम मोदी नहीं चाहते थे वीवीआईपी काफिले की वजह से ट्रैफिक जाम लगे पीएम मोदी नहीं चाहते थे कि उनके वीवीआईपी काफिले की वजह से सड़कों पर ट्रैफिक जाम लगे और छात्र परीक्षा केंद्रों तक समय पर न पहुंच पाएं. सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था और छात्रों की सुविधा के लिए ही उन्होंने एयरपोर्ट से निकलने में देरी की. After arriving at Delhi Airport at 1:15 PM today, Prime Minister Narendra Modi chose to wait at the airport instead of heading directly to his residence. With the NEET examination was scheduled to begin at 2 PM, he delayed his departure to ensure students faced no inconvenience… pic.twitter.com/ioyGnJT7g6 — ANI (@ANI) June 21, 2026 कड़ी सुरक्षा के बीच देश और विदेशों में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा शुरू देश और विदेशों में बनाए गए केंद्रों पर रविवार को नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई. प्रश्नपत्र लीक होने के कारण तीन मई को हुई परीक्षा रद्द किए जाने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) आज फिर से नीट-यूजी 2026 परीक्षा का आयोजन कर रही है. पुनर्परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 5.15 बजे तक होगी, जिसमें इस बार 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा. हिंदुस्तान के 551 शहरों में और विदेश में 14 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हो रही यह परीक्षा हिंदुस्तान के 551 शहरों में 5,440 केंद्रों और विदेश में 14 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है. एनटीए के अनुसार, 95,000 से अधिक परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है. पुनर्परीक्षा से पहले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अभ्यर्थियों से किसी तनाव या चिंता के बिना परीक्षा में शामिल होने की अपील की. ये भी पढ़ें: बुरका नहीं उतारूंगी… NEET UG सेंटर में नहीं मिली एंट्री, 18 साल की कुलसुम का छलका दर्द The post दिल्ली लौटकर भी आवास नहीं गए पीएम मोदी, NEET परीक्षा के लिए एयरपोर्ट पर ही रुके रहे appeared first on Naya Vichar.

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₹8 लाख की रेंज में खरीदना चाहते हैं SUV? ये 7 मॉडल बजट में देंगे दमदार फीचर्स और शानदार वैल्यू

हिंदुस्तानीय कार बाजार में SUV की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. पहले जहां SUV खरीदना महंगा सौदा माना जाता था, वहीं अब कई कंपनियां ऐसे मॉडल पेश कर रही हैं जो हैचबैक और सेडान खरीदारों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं. अच्छी ग्राउंड क्लीयरेंस, मजबूत रोड प्रेजेंस और आधुनिक फीचर्स के कारण SUV सेगमेंट तेजी से विस्तार कर रहा है. अगर आपका बजट ₹8 लाख तक है और आप एक नई SUV खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो बाजार में कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं जो कीमत और फीचर्स के बीच बेहतरीन संतुलन पेश करते हैं. कम बजट में SUV का बढ़ता क्रेज पिछले कुछ वर्षों में कॉम्पैक्ट और सब-4 मीटर SUV की मांग में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक ग्राहक अब ऐसी गाड़ियां पसंद कर रहे हैं जो स्टाइलिश होने के साथ-साथ रोजमर्रा की जरूरतों को भी पूरा कर सकें. इसी वजह से कई कंपनियां किफायती कीमत में SUV उपलब्ध करा रही हैं. Tata Punch बनी बजट खरीदारों की पसंद टाटा पंच देश की सबसे लोकप्रिय एंट्री-लेवल SUVs में से एक है. इसकी शुरुआती कीमत लगभग ₹6 लाख एक्स-शोरूम से शुरू होती है. कॉम्पैक्ट साइज, मजबूत डिजाइन और बेहतर सेफ्टी के कारण यह पहली कार खरीदने वाले ग्राहकों के बीच काफी पसंद की जाती है. शहर और छोटे हाईवे ट्रिप्स के लिए यह एक संतुलित विकल्प माना जाता है. Hyundai Exter और Renault Kiger भी मजबूत दावेदार हुंडई एक्सटर अपनी आधुनिक डिजाइन और फीचर-लोडेड केबिन की वजह से चर्चा में रहती है. इसकी शुरुआती कीमत लगभग ₹6 लाख है. वहीं रेनो काइगर उन ग्राहकों को आकर्षित करती है जो कम बजट में बड़ी SUV जैसा लुक चाहते हैं. इसका विशाल केबिन और आकर्षक डिजाइन इसे इस सेगमेंट में अलग पहचान दिलाते हैं. Nissan Magnite और Fronx का स्टाइलिश अंदाज निसान मैग्नाइट अपनी आक्रामक स्टाइलिंग और वैल्यू-फॉर-मनी पैकेज के लिए जानी जाती है. इसकी शुरुआती कीमत करीब ₹6 लाख है. दूसरी ओर मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स SUV और क्रॉसओवर का शानदार मिश्रण पेश करती है. इसका आधुनिक डिजाइन और बेहतर माइलेज इसे युवाओं के बीच लोकप्रिय बना रहा है. Nexon, Sonet और Venue में मिलते हैं प्रीमियम फीचर्स अगर आपका बजट ₹8 लाख के करीब है तो टाटा नेक्सन, किआ सोनेट और हुंडई वेन्यू जैसे मॉडल भी आपकी लिस्ट में शामिल हो सकते हैं. नेक्सन अपनी मजबूत सेफ्टी और फीचर्स के लिए जानी जाती है, जबकि सोनेट और वेन्यू प्रीमियम इंटीरियर, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी और आकर्षक डिजाइन के कारण ग्राहकों को पसंद आती हैं. किसे खरीदना रहेगा सबसे बेहतर? अगर सेफ्टी आपकी प्राथमिकता है तो टाटा पंच और नेक्सन मजबूत विकल्प हैं. बेहतर फीचर्स के लिए सोनेट और वेन्यू पर विचार किया जा सकता है. वहीं माइलेज और भरोसेमंद सर्विस नेटवर्क चाहने वाले ग्राहकों के लिए फ्रॉन्क्स एक आकर्षक विकल्प साबित हो सकती है. अंतिम फैसला आपकी जरूरत, उपयोग और बजट पर निर्भर करेगा. यह भी पढ़ें: Maruti Suzuki ने बढ़ाए eVitara के दाम, खरीदने से पहले देखें नए प्राइस यह भी पढ़ें: 1 जुलाई से MG की कारों के लिए चुकाने होंगे ज्यादा पैसे, 3% तक होगी बढ़ोतरी The post ₹8 लाख की रेंज में खरीदना चाहते हैं SUV? ये 7 मॉडल बजट में देंगे दमदार फीचर्स और शानदार वैल्यू appeared first on Naya Vichar.

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ऑफ-रोडिंग के लिए तैयार है Tata Sierra EV, नए टीजर में AWD सिस्टम की हुई कन्फर्मेशन

टाटा मोटर्स ने अपनी अपकमिंग Sierra.EV का एक नया टीजर जारी किया है. यह इलेक्ट्रिक SUV 30 जून को मुंबई में लॉन्च होने जा रही है. टीजर में Sierra.EV को अलग-अलग रास्तों और मुश्किल इलाकों से गुजरते हुए दिखाया गया है, जहां सड़क का नजारा देखते ही देखते रेतीले ट्रैक में बदल जाता है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि एक फ्रेम में SUV पर QWD (Quad Wheel Drive) बैज भी साफ दिखाई देता है. इससे ये चीज तो कन्फर्म हो गई है कि Sierra.EV, Tata Harrier EV के बाद टाटा मोटर्स की दूसरी इलेक्ट्रिक कार होगी, जिसमें ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) सिस्टम मिलेगा. Tata की नई EV में मिलेगा बेहतर कंट्रोल और परफॉर्मेंस कुछ समय पहले तक ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) टेक्नोलॉजी हिंदुस्तानीय इलेक्ट्रिक कारों में लगभग नदारद थी. लेकिन अब लगता है कि टाटा इस तस्वीर को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है. कंपनी सिर्फ Harrier.ev तक ही डुअल-मोटर टेक्नोलॉजी को सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे अपनी दूसरी लाइफस्टाइल-फोकस्ड EVs में भी लाने की प्लानिंग बना रही है. टीजर में फिलहाल टेक्निकल फीचर्स का खुलासा नहीं किया गया है. लेकिन इसके संकेत काफी दिलचस्प हैं. माना जा रहा है कि इसमें डुअल-मोटर सेटअप मिलेगा, जिसमें एक इलेक्ट्रिक मोटर आगे के एक्सल पर और दूसरी पीछे के एक्सल पर लगी होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कार इलेक्ट्रॉनिक तरीके से चारों पहियों में टॉर्क बांट सकेगी. यह भी पढ़ें: टाटा-महिंद्रा ने कसी कमर, अब लंदन की सड़कों पर दौड़ेंगी हिंदुस्तानीय इलेक्ट्रिक कारें, हिंदुस्तान-ब्रिटेन FTA से खुला रास्ता Harrier EV में पहले ही दिख चुकी है ये टेक्नोलॉजी Tata इस टेक्नोलॉजी की झलक पहले ही Harrier EV में दिखा चुकी है. Harrier EV कंपनी के acti.ev Plus प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है. इसमें 65 kWh और 75 kWh जैसे अलग-अलग बैटरी पैक ऑप्शन दिए गए हैं. उम्मीद की जा रही है कि Sierra EV भी इसी रणनीति को अपनाएगी. यानी पूरी रेंज में एक ही बैटरी पैक देने के बजाय कस्टमर्स को कई ऑप्शन मिल सकते हैं. ऐसे में Sierra EV के शुरुआती वेरिएंट्स में छोटा बैटरी पैक और सिंगल-मोटर सेटअप देखने को मिल सकता है. वहीं टॉप वेरिएंट्स में बड़ा बैटरी पैक और डुअल-मोटर AWD सिस्टम मिलने के चांस हैं. यह भी पढ़ें: Maruti Suzuki ने बढ़ाए eVitara के दाम, खरीदने से पहले देखें नए प्राइस The post ऑफ-रोडिंग के लिए तैयार है Tata Sierra EV, नए टीजर में AWD सिस्टम की हुई कन्फर्मेशन appeared first on Naya Vichar.

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एनकाउंटर पर क्या हैं सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस? भरत तिवारी मामले के बाद तेज हुई बहस

Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब बड़ा सियासी रूप ले लिया है. हर तरफ से उठते सवाल के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की. सीएम ने एक्स पर जानकारी दी कि शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुई इस पुलिस मुठभेड़ की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की देखरेख में कराई जाएगी. इस जांच का असली मकसद घटना की पूरी सच्चाई को पूरी पारदर्शिता के साथ सामने लाना है. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस पर उठे सवाल बिलौटी गांव में 17 जून को पिस्तौल लहराने वाले युवक भरत तिवारी को पुलिस ने गोली मार दी थी. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इसके बाद घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने पुलिस के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. भरत तिवारी की मौत से नाराज स्थानीय लोगों ने पटना-बक्सर नेशनल हाईवे को करीब 6 घंटे तक जाम रखा था. जनता के भारी आक्रोश और बढ़ते विवाद को देखते हुए शाहपुर के थानाध्यक्ष राजेश कुमार मलाकार समेत चार पुलिसकर्मियों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है. सुप्रीम कोर्ट की 2014 वाली एनकाउंटर गाइडलाइंस क्या कहती है? इस घटना के बाद देश में पुलिस मुठभेड़ों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की बनाई गाइडलाइंस पर चर्चा तेज हो गई है. 2014 में कोर्ट ने तय किया था कि जब भी पुलिस को अपराधियों की कोई गुप्त सूचना मिले, तो उसे तुरंत डायरी में दर्ज किया जाए. अगर मुठभेड़ में पुलिस की गोली से किसी की मौत होती है, तो तुरंत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए. इसके अलावा एनकाउंटर की जांच सीआईडी या किसी दूसरे थाने की पुलिस से कराई जाए, जिसका सुपरविजन सीनियर अधिकारी करें. जांच के समय मृतक के रंगीन फोटो लिए जाएं और दो डॉक्टरों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए. अगर जांच में पुलिस दोषी पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए. कोर्ट का यह भी नियम है कि ऐसी घटनाओं के तुरंत बाद पुलिस अधिकारियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन न दिया जाए. कैसा रहा है इतिहास पुलिस एनकाउंटर हमेशा अदालती जांच के दायरे में आते रहे हैं. इतिहास गवाह है कि कई मामलों में पुलिस की कहानियां झूठी साबित हुई हैं, तो कहीं उन्हें क्लीन चिट भी मिली है. 20 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट के जांच कमीशन ने हैदराबाद एनकाउंटर मामले में पुलिस के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए उसे मनगढ़ंत बताया था और कहा था कि पुलिस ने जानबूझकर गोली चलाई थी. वहीं दूसरी तरफ, यूपी के मशहूर विकास दुबे केस में सुप्रीम कोर्ट की कमिटी ने पुलिस को क्लीन चिट दी थी. साल 2009 के दिल्ली के मशहूर बाटला हाउस एनकाउंटर को भी कोर्ट ने सही ठहराते हुए दिल्ली पुलिस को क्लीन चिट दी थी. इसके विपरीत, दिल्ली के बहुचर्चित सीपी शूटआउट केस में सुप्रीम कोर्ट ने एसीपी समेत 10 पुलिसकर्मियों को दोषी माना था, जबकि यूपी के पीलीभीत में 11 सिख युवकों के फर्जी एनकाउंटर मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरोपी पुलिसकर्मियों को गैर-इरादतन हत्या का दोषी पाया था. देहरादून में भी 2009 में एक एमबीए छात्र की फर्जी एनकाउंटर में हत्या की बात सामने आई थी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें अपनों ने ही घेरा, पुलिस ने पीड़ित परिवार पर ही दर्ज कर दी केस भरत तिवारी मुठभेड़ के मामले में बिहार की सम्राट प्रशासन को अपने ही सहयोगियों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. लोजपा (आर) के अध्यक्ष चिराग पासवान, जदयू के संजय झा, भाजपा के विजय सिन्हा, अश्विनी चौबे, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और ऋतुराज सिन्हा जैसे नेताओं ने इस घटना को दुखद बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी. नेताओं का कहना है कि जब युवक ने हथियार डाल दिए थे, तो पुलिस को गोली नहीं चलानी चाहिए थी. दूसरी तरफ, इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन एफआईआर दर्ज की हैं, जिसमें मृतक भरत तिवारी के अलावा उसके पिता और भाई को भी आरोपी बनाया गया है. पुलिस का आरोप है कि इन्होंने घर में अवैध हथियार छिपाए और भरत को संरक्षण दिया. स्थानीय लोगों और परिवार का कहना है कि भरत एक सामाजिक कार्यकर्ता था जो इलाके की समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाता था. इसे भी पढ़ें: बिहार के अमीन और राजस्व कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, प्रशासन ने शुरू की फेजवाइज प्रमोशन प्रोसेस The post एनकाउंटर पर क्या हैं सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस? भरत तिवारी मामले के बाद तेज हुई बहस appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल में भारी बारिश से बिहार पर बाढ़ का खतरा, महानंदा-कोसी उफान पर, कई जिलों में हाई अलर्ट

Bihar Flood Alert: नेपाल और बिहार के सीमांचल इलाके में लगातार हो रही भारी बारिश ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है. महानंदा, कोसी और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और सुपौल समेत कई जिलों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. खतरे के निशान से ऊपर बह रही महानंदा पूर्णिया के डेंगराह और कटिहार क्षेत्र में महानंदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है. बायसी अनुमंडल के निचले इलाकों और दीयारा क्षेत्रों के खेतों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है. इससे आसपास के गांवों में चिंता बढ़ गई है. जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने संवेदनशील तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी शुरू कर दी है. 24 घंटे में 175 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर महानंदा उप प्रमंडल के अधिकारियों के अनुसार नेपाल और पश्चिम बंगाल से भारी मात्रा में पानी आने के कारण नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. पिछले 24 घंटे में महानंदा नदी के जलस्तर में 175 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वहीं तीन से चार दिनों में यह वृद्धि 200 सेंटीमीटर से अधिक पहुंच चुकी है. कटिहार के कई गांवों का टूटा संपर्क महानंदा के बढ़ते जलस्तर का असर कटिहार जिले के कदवा प्रखंड में भी दिखाई देने लगा है. लिलजी धार में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है. धनगामा, शर्मा टोला और यादव टोला समेत कई गांवों का मुख्य बाजार से सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पानी रिहायशी इलाकों तक नहीं पहुंचा है. कटाव रोकने का काम तेजी से चल रहा है. कोसी बराज पर बढ़ा जलप्रवाह उत्तर बिहार की लाइफलाइन कही जाने वाली कोसी नदी भी लगातार उफान पर है. सुपौल के वीरपुर स्थित कोसी बराज पर इस मानसून सीजन में पहली बार जलप्रवाह 50 हजार क्यूसेक के पार पहुंच गया है. शनिवार दोपहर तीन बजे बराज पर 57,435 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया. जल संसाधन विभाग ने रद्द की छुट्टियां बाढ़ की आशंका को देखते हुए जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ सकता है. इसे देखते हुए विभाग के इंजीनियरों और कर्मियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं. सभी अधिकारियों को अपने कार्यस्थल पर मौजूद रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है. तटबंधों पर बढ़ाई गई निगरानी प्रशासन ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी शुरू कर दी है. तटबंधों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. साथ ही निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है. अगले कुछ दिन रहेंगे अहम नेपाल में जारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो सीमांचल और उत्तर बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है. Also Read: पटना में JDU की बड़ी बैठक शुरू, नीतीश के बेटे निशांत कार्यकर्ताओं को करेंगे संबोधित, डिफेंडर से पहुंचे हैं अनंत सिंह The post नेपाल में भारी बारिश से बिहार पर बाढ़ का खतरा, महानंदा-कोसी उफान पर, कई जिलों में हाई अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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बुरका नहीं उतारूंगी… NEET UG सेंटर में नहीं मिली एंट्री, 18 साल की कुलसुम का छलका दर्द

NEET UG 2026 Burqa Controversy: टॉप मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए आज यानी 21 जून 2026 नीट यूजी का री-एग्जाम हुआ. राजस्थान के अजमेर में NEET UG परीक्षा से पहले बुरका पर विवाद देखने को मिला. एग्जाम देने पहुंचीं कुलसुम बानो ने बताया कि शुरुआत में केंद्र के कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें दुपट्टा हटाना होगा. कुलसुम बानो ने कहा कि अगर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA की ओर से इस तरह की पोशाक की अनुमति दी गई है, तो परीक्षा केंद्र के कर्मचारी उन्हें रोक नहीं सकते. छात्रा ने इस पूरे व्यवहार पर नाराजगी जताई. NEET UG 2026 Burqa Controversy: छात्रा ने बुरका को बताया पहचान छात्रा कुलसुम बानो का बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. उन्होंने कहा, “अगर मुझे इसी पोशाक में परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिलेगी तो मैं परीक्षा नहीं दूंगी. परीक्षा मेरे लिए उतनी महत्वपूर्ण नहीं है, जितनी मेरी पहचान और मेरा बुरका.” #WATCH | Ajmer, Rajasthan: A Burqa-wearing candidate was allegedly denied entry at a medical entrance exam centre ahead of the NEET examination today. A candidate, named Kulsum Bano, says, “I have come from Beawar to take the NEET exam. When I took the exam on May 3rd, I was in… pic.twitter.com/3TVNnYk52n — ANI (@ANI) June 21, 2026 उन्होंने यह भी कहा कि 18 साल के छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार करना शर्मनाक है. उनके इस बयान के बाद कई लोग उनके समर्थन में सामने आए हैं, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि सुरक्षा जांच के नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए. NEET परीक्षा में क्या हैं ड्रेस कोड के नियम NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं में सुरक्षा जांच को लेकर सख्त नियम बनाए जाते हैं. परीक्षार्थियों को तय ड्रेस कोड का पालन करना होता है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे. हालांकि धार्मिक पोशाक पहनने वाले उम्मीदवारों के लिए भी अलग दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं. आमतौर पर ऐसे उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर तय समय से पहले पहुंचने की सलाह दी जाती है ताकि अतिरिक्त जांच प्रक्रिया पूरी की जा सके. सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. कुछ लोग इसे धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत पहचान से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. फिलहाल इस मामले में परीक्षा केंद्र प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. यह भी पढ़ें- नौकरी के साथ की तैयारी, सीवान के लाल ने BPSC में किया कमाल! अब बनेंगे DSP The post बुरका नहीं उतारूंगी… NEET UG सेंटर में नहीं मिली एंट्री, 18 साल की कुलसुम का छलका दर्द appeared first on Naya Vichar.

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