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June 21, 2026

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RBI ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा, KCC के नियमों में किए कई अहम बदलाव

Kisan Credit Card Rules Revised: देश के किसानों को आसान और समय पर लोन उपलब्ध कराने के लिए हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. यह नया ढांचा कमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) और ग्रामीण सहकारी बैंकों पर लागू होगा. नए नियम 1 जनवरी 2027 से मंजूर होने वाले लोन्स पर लागू होंगे, जबकि पुराने लोन पहले की व्यवस्था के तहत ही चलते रहेंगे. RBI का कहना है कि इन बदलावों का मकसद किसानों को खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए सरल प्रक्रिया के जरिए पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है. क्या बदला है KCC योजना में? नए नियमों के तहत किसान क्रेडिट कार्ड को 6 साल की अवधि वाली एक संयुक्त क्रेडिट सुविधा के रूप में दिया जाएगा. इसके जरिए किसानों को खेती के साथ-साथ अन्य जरूरतों के लिए भी लोन मिल सकेगा. KCC के तहत अब इन जरूरतों को कवर किया जाएगा: फसल की खेती के लिए शॉर्ट-टर्म लोन  पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियां फसल कटाई के बाद के खर्च किसान परिवार की घरेलू जरूरतें कृषि उपकरण और संपत्तियों का रखरखाव फसल, स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा कृषि उत्पादों की मार्केटिंग कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में निवेश फसल सीजन को कैसे किया गया तय? RBI ने पहली बार KCC के लिए फसल सीजन को स्टैंडर्डाइज्ड किया है.  फसल का प्रकार अवधि कम अवधि वाली फसल 12 महीने तक लंबी अवधि वाली फसल 12 से 18 महीने तक फसल सीजन का मतलब बुवाई से लेकर फसल की कटाई और बिक्री तक का पूरा समय होगा. बिना गारंटी कितना मिलेगा लोन? किसानों के लिए राहत की बात यह है कि RBI ने 2 लाख रुपये तक के एग्रीकल्चरल लोन पर गिरवी और मार्जिन की अनिवार्यता नहीं रखी है. मुख्य नियम: 2 लाख रुपये तक के एग्रीकल्चरल लोन पर कोई गारंटी जरूरी नहीं. किसान चाहें तो स्वेच्छा से सोना या चांदी गिरवी रख सकते हैं. 2 लाख रुपये से अधिक के लोन पर बैंक अपनी नीति के अनुसार फैसला करेंगे. कुछ विशेष मामलों में 3 लाख रुपये तक के लोन पर भी गारंटी में छूट दी जा सकती है. RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल बिना गारंटी वाले लोन की सीमा बढ़ाने की कोई योजना नहीं है. किन किसानों को मिलेगा लाभ? यह योजना सिर्फ जमीन मालिक किसानों तक सीमित नहीं रहेगी. इसके दायरे में शामिल होंगे: मालिक किसान बटाईदार किसान किरायेदार किसान मौखिक पट्टेदार स्वयं सहायता समूह (SHG) जॉइंट लाइबिलिटी ग्रुप (JLG) बैंक क्रॉप साइकिल और इंकम के आधार पर रीपेमेंट ड्यूरेशन तय करेंगे. साथ ही समय-समय पर लोन सीमा की समीक्षा और नवीनीकरण भी किया जाएगा. ये भी पढ़ें: पीएम किसान की 23वीं किस्त जारी, खाते में नहीं आए 2000 रुपये तो तुरंत लिस्ट में चेक करें अपना नाम The post RBI ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा, KCC के नियमों में किए कई अहम बदलाव appeared first on Naya Vichar.

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ईरान को मिलेगा 6 अरब डॉलर का फंड, बदले में करना होगा ये काम; बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड पहुंचे जेडी वेंस

US Iran Switzerland Talks: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने की कोशिशों के तहत पहली दौर की बातचीत के लिए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड पहुंच गए हैं. ईरान की ओर से भी प्रतिनिधिमंडल पहुंच गया है, जिसकी अगुवाई ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ कर रहे हैं. इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी पहुंचे हैं.  यह वार्ता पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान द्वारा डील पर डिजिटली साइन करने के बाद हो रही है. इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, जमे हुए वित्तीय संसाधनों और क्षेत्रीय संघर्षों को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है. यह बैठक रविवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में हो सकती है.  6 बिलियन डॉलर के फ्रीज ईरानी संपत्ति मुक्त होंगी! बातचीत का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते को आगे बढ़ाना और भविष्य की वार्ताओं के लिए एक स्पष्ट ढांचा तैयार करना है. अमेरिकी न्यूज वेबसाइट एक्सियोस के मुताबिक अमेरिका चाहता है कि बातचीत के पहले चरण का अंत ईरान की ओर से संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निरीक्षकों को अपने परमाणु ठिकानों का दौरा करने की अनुमति देने के साथ हो. इसके बदले अमेरिका ईरान के कुछ फ्रीज किए गए फंड जारी करने पर विचार कर रहा है. शुरुआत में कतर में रखे गए करीब 6 अरब डॉलर के खाते से राशि जारी की जा सकती है. यह पैसा मानवीय जरूरतों से जुड़ी खरीदारी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. रिपोर्ट के अनुसार, ये वही परमाणु ठिकाने हैं, जिन्हें अमेरिका और इजरायल ने पहले निशाना बनाकर हमला किया था. ट्रंप-पेजेशकियन समझौते के तहत 60 दिन की बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हुए अंतरिम समझौते में 60 दिनों की बातचीत की अवधि तय की गई है. इसका उद्देश्य लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ना है. हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर चिंता भी बनी हुई है कि कहीं इजरायल की ओर से कोई कदम इन वार्ताओं को प्रभावित न कर दे. जेडी वेंस बोले- परमाणु मुद्दे और लेबनान युद्धविराम पर होगी प्रगति जेडी वेंस शनिवार को वॉशिंगटन से रवाना हुए. यात्रा से पहले उन्होंने कहा कि उनका स्विट्जरलैंड दौरा ज्यादा लंबा नहीं होगा. उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘मैं वहां केवल एक या दो दिन रह सकता हूं. मुझे उम्मीद है कि हम परमाणु मुद्दे पर प्रगति करेंगे और लेबनान युद्धविराम के मुद्दे पर भी आगे बढ़ेंगे.’ वेंस ने यह भी कहा कि बातचीत का लक्ष्य केवल चर्चा करना नहीं, बल्कि वार्ता के लिए एक ‘वास्तविक ढांचा’ तैयार करना है. उन्होंने बातचीत से पहले उम्मीद जताते हुए कहा कि मीडिया में जिस तरह की तस्वीर दिखाई जा रही है, उसके बावजूद हालात धीरे-धीरे बेहतर हो रहे हैं और चीजें ‘थोड़ी धीमी हो रही हैं.’ ईरानी प्रतिनिधिमंडल में गालिबाफ और अराघची शामिल ईरान की ओर से बातचीत में संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेममती शामिल हैं. ईरान के प्रशासनी मीडिया IRIB के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य अमेरिका के साथ हुए समझौते में तय प्रतिबद्धताओं को लागू कराने पर चर्चा करना है. इजरायल से वार्ता प्रभावित होने की आशंका अमेरिकी खुफिया आकलन में चेतावनी दी गई है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू घरेलू नेतृत्वक दबाव के कारण अमेरिका-ईरान बातचीत को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू पर लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने का दबाव है. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया कि लेबनान में सैनिकों की मौजूदगी उनके नेतृत्वक भविष्य से जुड़ी हो सकती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इजरायल की लगातार सैन्य गतिविधियां अमेरिका-ईरान वार्ता और ट्रंप के साथ नेतन्याहू के संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं. ये भी पढ़ें:- यूक्रेन के प्रेसिडेंट ने किया ऐसा काम, गुस्से से लाल हुआ पोलैंड; वापस लेगा जेलेंस्की को दिया गया सम्मान ये भी पढ़ें:- मौत से चंद कदम दूर, फिर भी रोज 12 घंटे काम कर रहा चीन का ये बिजनेसमैन; दूसरों की जान बचाने के मिशन में लगा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव जारी अंतरिम समझौते के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बना हुआ है. समझौते के बाद अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी हटने से यह रास्ता कुछ समय के लिए खुला था. हालांकि, ईरान ने कहा था कि उसकी मंजूरी के बिना इस मार्ग से कोई जहाज नहीं गुजर सकता. बाद में लेबनान में इजरायली हमलों और अमेरिका पर समझौते को ईमानदारी से लागू न करने का आरोप लगाते हुए ईरान ने फिर से जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा की. ट्रंप ने कहा- 60 दिन तक होर्मुज में कोई टोल नहीं हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया. उसने कहा कि होर्मुज खुला है और जहाज पार हो रहे हैं. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि 60 दिन के युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि 60 दिन पूरे होने के बाद भी कोई टोल नहीं होगा.  इन दोनों दावों के बीच , फिलहाल, सभी की नजरें स्विट्जरलैंड में होने वाली इस वार्ता पर हैं, जहां परमाणु कार्यक्रम से लेकर क्षेत्रीय शांति तक कई बड़े मुद्दों पर फैसला हो सकता है. The post ईरान को मिलेगा 6 अरब डॉलर का फंड, बदले में करना होगा ये काम; बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड पहुंचे जेडी वेंस appeared first on Naya Vichar.

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खूंटी में पुलिस-PLFI मुठभेड़, भागने की कोशिश में उग्रवादी श्रवण दास को लगी गोली

कर्रा से सगीर अहमद की रिपोर्ट Khunti Police Action:  जरियागढ़ थाना क्षेत्र के इंदवन में रविवार सुबह को पुलिस और पीएलएफआई उग्रवादी के बीच मुठभेड़ में हो गई. मुठभेड़ में पीएलएफआई उग्रवादी संगठन का श्रवण दास घायल हो गया. कुछ उग्रवादियों के गिरफ्तार होने की भी सूचना है. उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया. घटना स्थल से चार छोटे हथियार और 29 गोली बरामद किया गया.  गुप्त सूचना पर गठित हुई थी विशेष टीम  पुलिस अधीक्षक खूंटी ऋषभ गर्ग ने बताया कि शनिवार को गुप्त सूचना मिली की कुछ पीएलएफआई संगठन के लोगों खूंटी जिला क्षेत्र में सक्रिय है. इसके बाद पुलिस अधीक्षक खूंटी ने एक टीम का गठन किया गया. छापामारी दल द्वारा सात उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को छोटा हथियार, गोली, डायरी और पीएलएफआई पर्चा मिला था. पूछताछ के क्रम पीएलएफआई उग्रवादी श्रवण दास ने इंदवन में अतिरिक्त हथियार और गोली छिपाकर रखने का अपराध स्वीकार किया गया था. जिसकी बरामदगी के लिए शनिवार रात को श्रवण दास को पुलिस द्वारा इंदवन लाया गया था जिसके क्रम इंदवन कर्रा से श्रवण दास के निशानदेही पर हथियार और गोली कि बरामदगी कराई गई. ये उग्रवादी हुए गिरफ्तार  पकड़े गए उग्रवादियों में सामु ढोढराय, सुदर्षन सोय, सलीम बोदरा, हर्षित गुड़िया, उमर खान, अलियास नील खान और विष्णु मांझी शामिल हैं.  जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ श्रवण दास रविवार को सुबह-सुबह अंधेरे का फायदा उठाकर पीएलएफआई उग्रवादी श्रवण दास ने एक एस आई का पिस्टल छीनकर गोली चलातें हुए भगाने का प्रयास करने लगा. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई जिससे पीएलएफआई उग्रवादी श्रवण दास के पैर में गोली लगने से घायल हो गया. श्रवण दास की तरफ से दो गोली चलाई जाने कि बात कही जा रही है. पुलिस के द्वारा श्रवण दास को तत्काल इलाज के लिए रिम्स भर्ती कराया गया है.  कई आपराधिक मामलों में शामिल पुलिस अधीक्षक खूंटी ने बताया कि पीएलएफआई संगठन के श्रवण दास कर्रा, खूंटी, तोरपा, मुरहू,  अड़की, रनिया सहित अन्य जगहों कई अपराध में संलिप्त हैं. यह भी पढ़ें: झारखंड पारा मेडिकल परीक्षा की तारीख घोषित, ऑनलाइन होगी परीक्षा, JSSC ने जारी की चेतावनी यह भी पढ़ें: गुमला में भारी बवाल, सिसई में बेकाबू हाइवा ने देवी मंडप मंदिर को किया ध्वस्त, गुस्से में ग्रामीणों ने घेरा वाहन यह भी पढ़ें: प्रभात इंपैक्ट: चतरा में ब्राउन शुगर तस्करों पर बड़ी कार्रवाई, 60 लाख के ब्राउन शुगर के साथ एक गिरफ्तार The post खूंटी में पुलिस-PLFI मुठभेड़, भागने की कोशिश में उग्रवादी श्रवण दास को लगी गोली appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में घर बनाने वालों के लिए बड़ी खबर, कमरे, रसोई और बाथरूम का मानक तय, नियम तोड़ा तो नहीं पास होगा नक्शा

Bihar New Building Rules: अगर आप बिहार में नया मकान बनवाने की योजना बना रहे हैं या फिर कोई अपार्टमेंट प्रोजेक्ट शुरू करना चाहते हैं, तो यह समाचार आपके लिए महत्वपूर्ण है. राज्य प्रशासन ने मकान, अपार्टमेंट, रसोईघर, बाथरूम और शौचालय के आकार और ऊंचाई को लेकर नए मानक तय किए हैं. इन मानकों का पालन नहीं करने पर भवन का नक्शा स्वीकृत नहीं होगा. भवन निर्माण के लिए तय हुए नए मानक नगर विकास एवं आवास विभाग ने नई भवन निर्माण उपविधि के ड्राफ्ट में इन नियमों को शामिल किया है. कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे पूरे बिहार में लागू किया जाएगा. नए नियमों के तहत मकान के हर हिस्से के लिए न्यूनतम क्षेत्रफल, चौड़ाई और ऊंचाई तय की गई है. कमरे की ऊंचाई 9 फीट से कम नहीं होगी ड्राफ्ट के अनुसार रहने योग्य कमरे का क्षेत्रफल कम से कम 97 वर्गफीट होना चाहिए. कमरे की चौड़ाई न्यूनतम 8 फीट और ऊंचाई कम से कम 9 फीट निर्धारित की गई है. इससे छोटे कमरे या कम ऊंचाई वाले निर्माण को मंजूरी नहीं मिलेगी. रसोईघर के लिए भी अलग नियम रसोईघर का क्षेत्रफल कम से कम 48.5 वर्गफीट होना चाहिए. इसकी चौड़ाई 6 फीट और ऊंचाई 9 फीट निर्धारित की गई है. वहीं किचन और डाइनिंग को एक साथ बनाने पर न्यूनतम क्षेत्रफल 81 वर्गफीट रखना होगा. बाथरूम और शौचालय का भी तय हुआ आकार नई उपविधि में बाथरूम और शौचालय के लिए भी स्पष्ट मानक तय किए गए हैं. केवल बाथरूम का क्षेत्रफल कम से कम 20 वर्गफीट होना चाहिए. इसकी चौड़ाई 4 फीट और ऊंचाई 7.25 फीट होगी. वहीं केवल शौचालय का क्षेत्रफल 13 वर्गफीट और चौड़ाई 3 फीट तय की गई है. संयुक्त बाथरूम और शौचालय का क्षेत्रफल कम से कम 30 वर्गफीट होना जरूरी होगा. छत की मुंडेर की ऊंचाई भी तय प्रशासन ने छत की मुंडेर को लेकर भी मानक निर्धारित किए हैं. नई व्यवस्था के तहत मुंडेर की ऊंचाई लगभग 3.95 फीट से 4.92 फीट के बीच रखनी होगी. क्यों लाए जा रहे हैं ये नियम? अक्सर देखा जाता है कि कुछ बिल्डर अधिक फ्लोर बनाने के लिए कमरों की ऊंचाई घटा देते हैं. कई इमारतों में कमरे सिर्फ 8 फीट ऊंचे बनाए जाते हैं. इससे हवा और रोशनी की समस्या होती है. रहने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. प्रशासन का मानना है कि नए नियम लागू होने के बाद ऐसी मनमानी पर रोक लगेगी और लोगों को बेहतर आवास मिल सकेगा. जानिए क्या हैं नए मानक घटक न्यूनतम क्षेत्रफल चौड़ाई ऊंचाई कमरा 97 वर्गफीट 8 फीट 9 फीट रसोई 48.5 वर्गफीट 6 फीट 9 फीट रसोई + डाइनिंग 81 वर्गफीट 7 फीट 9 फीट केवल बाथरूम 20 वर्गफीट 4 फीट 7.25 फीट केवल शौचालय 13 वर्गफीट 3 फीट 7.25 फीट बाथरूम + शौचालय 30 वर्गफीट 4 फीट 7.25 फीट छत की मुंडेर तय नहीं तय नहीं 3.95 से 4.92 फीट नियम लागू होने के बाद क्या बदलेगा? नई भवन निर्माण उपविधि लागू होने के बाद बिल्डरों और मकान मालिकों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा. इससे रहने योग्य जगहों की गुणवत्ता बेहतर होगी और लोगों को अधिक सुरक्षित तथा सुविधाजनक आवास मिल सकेगा. Also Read: 5 बार फेल, टूटने लगी थीं उम्मीदें, पति बोले- मैं हूं, तुम पढ़ाई करो, छठे प्रयास में BPSC अधिकारी बनीं बिहार की बेटी की कहानी The post बिहार में घर बनाने वालों के लिए बड़ी समाचार, कमरे, रसोई और बाथरूम का मानक तय, नियम तोड़ा तो नहीं पास होगा नक्शा appeared first on Naya Vichar.

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देश में नहीं होगी तेल की किल्लत, अमेरिका से कम और इन देशों से ज्यादा तेल मंगा रहा है भारत

Fuel Crisis : हिंदुस्तान ने जून में रूस और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई है. विश्लेषकों के अनुसार, हिंदुस्तानीय रिफाइनरियों ने होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने और खाड़ी देशों से कच्चे तेल की आपूर्ति पूरी तरह बहाल होने से पहले पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने के लिए इम्पोर्ट बढ़ाया है. समुद्री एवं जिंस आसूचना कंपनी केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, 19 जून तक हिंदुस्तान ने रूस से औसतन 26.6 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) कच्चा तेल इम्पोर्ट किया है, जो मई में 19.1 लाख बीपीडी था. इसके साथ ही रूस, हिंदुस्तान का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है. जून में यूएई से आयात 6.36 लाख बीपीडी रहा, जो मई के रिकॉर्ड 6.44 लाख बीपीडी के करीब है. वहीं, वेनेजुएला 2.09 लाख बीपीडी के साथ हिंदुस्तान का चौथा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा. सऊदी अरब से आयात 3.84 लाख बैरल प्रतिदिन रहा. इसके उलट अमेरिका से तेल आयात घटकर 91,000 बीपीडी रह गया, जबकि मई में यह 2.52 लाख बीपीडी था. तेल के लिए सिर्फ एक देश पर निर्भर नहीं रहना चाहता हिंदुस्तान हिंदुस्तान अब तेल खरीदने में सिर्फ एक देश पर निर्भर नहीं रहना चाहता, इसलिए वह अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदने की रणनीति अपना रहा है. रूस से सस्ते दाम पर मिलने वाला तेल अभी भी हिंदुस्तान के लिए फायदे का सौदा है, वहीं यूएई से बढ़ी खरीद ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच आपूर्ति को सुरक्षित रखने में मदद की है. हिंदुस्तान दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा आयातक देश है और अपनी तेल, एलएनजी व एलपीजी की जरूरतों के लिए काफी हद तक खाड़ी देशों पर निर्भर रहता है. यह भी पढ़ें : ईरान पर दबाव बढ़ाने की तैयारी, ट्रंप बोले- डील फेल हुई तो होर्मुज से वसूला जाएगा टोल हाल ही में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान द्वारा होर्मुज को बंद करने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी थी. यह समुद्री मार्ग बेहद अहम है, क्योंकि दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है. ऐसे में हिंदुस्तान पहले से तैयारी कर अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने में जुटा है. हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम समझौते के बाद पिछले सप्ताह से तेल टैंकर की आवाजाही फिर शुरू हो गई. इसके बावजूद संघर्षविराम के टिकने को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. The post देश में नहीं होगी तेल की किल्लत, अमेरिका से कम और इन देशों से ज्यादा तेल मंगा रहा है हिंदुस्तान appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं Parastoo Ahmadi? बिना हिजाब और स्लीवलेस ड्रेस में किया परफॉर्म, सिंगर को मिली 74 कोड़ों की सजा

Parastoo Ahmadi: एक गाना वायरल होने के बाद अगर किसी कलाकार को ऐसी सजा मिले, जिसे सुनकर पूरी दुनिया हैरान रह जाए, तो जाहिर है मामला चर्चा में आएगा. ईरानी सिंगर परस्तू अहमदी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है. 29 साल की इस गायिका ने अपने एक लाइव कॉन्सर्ट से दुनियाभर में पहचान बनाई, लेकिन अब वही परफॉर्मेंस उनके लिए बड़ी परेशानी बन गई है. ईरान की एक अदालत ने परस्तू और उनकी प्रोडक्शन टीम के 8 सदस्यों को 74 कोड़ों की सजा सुनाई है. इस समाचार के सामने आने के बाद दुनियाभर के कलाकार, एक्टिविस्ट और मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. आखिर कौन हैं परस्तू अहमदी और क्यों उन्हें इतनी कठोर सजा मिली? आइए जानते हैं पूरा मामला. Who Is Parastoo Ahmadi: कौन हैं परस्तू अहमदी? परस्तू अहमदी ईरान की जानी-मानी सिंगर हैं, जो अपनी दमदार आवाज और स्टेज परफॉर्मेंस के लिए पहचानी जाती हैं. हालांकि वह पहले से ही ईरान के म्यूजिक सर्कल में लोकप्रिय थी, लेकिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिसंबर 2024 में मिली. दरअसल, उन्होंने यूट्यूब पर एक लाइव कॉन्सर्ट किया था, जो देखते ही देखते वायरल हो गया. इस परफॉर्मेंस में उन्होंने ‘अज खूने जवानाने वतन’ गाना गाया था. यह एक देशभक्ति गीत है. View this post on Instagram A post shared by Fereshteh Habibi (@fereshtehabibi) Parastoo Ahmadi Live Concert Controversy: क्यों विवादों में आया लाइव कॉन्सर्ट? परस्तू अहमदी का यह कॉन्सर्ट सिर्फ गाने की वजह से नहीं, बल्कि उनके लुक को लेकर भी विवादों में आ गया. रिपोर्ट्स के अनुसार, परफॉर्मेंस के दौरान उन्होंने हिजाब नहीं पहना था. ईरान में स्त्रीओं के पहनावे और सार्वजनिक मंच पर उनकी प्रस्तुति को लेकर बेहद सख्त नियम हैं. ऐसे में बिना हिजाब लाइव परफॉर्म करना अधिकारियों की नजर में नियमों का उल्लंघन माना गया. कॉन्सर्ट वायरल होने के कुछ ही समय बाद परस्तू और उनके साथ जुड़े कई संगीतकारों को हिरासत में ले लिया गया था. हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन इस मामले में कानूनी कार्रवाई जारी रही. Parastoo Ahmadi 74 Lashes Punishment: 74 कोड़ों की सजा से मचा हंगामा ईरान के कोम प्रांत की एक अदालत ने परस्तू अहमदी और प्रोडक्शन टीम के आठ सदस्यों को 74 को यानी 74 कोड़ों की सजा सुनाई है. द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने उन पर सार्वजनिक शालीनता का उल्लंघन करने और ऑनलाइन अनैतिक कंटेंट पब्लिश करने का आरोप लगाया है. परस्तू पर दो साल का ट्रैवल बैन भी लगाया गया है. इसके अलावा उन्हें अगले दो सालों तक किसी भी तरह की कलात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेने से रोक दिया गया है. सिंगर को मिली इस सजा के बाद सोशल मीडिया पर #ParastooAhmadi तेजी से ट्रेंड करने लगा. कई यूजर्स ने इसे कलाकारों की अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया. यह भी पढ़ें- समय रैना ने आलिया भट्ट को नहीं बख्शा, ‘जिगरा’ से ‘कान्स’ तक पर किया रोस्ट, एक्ट्रेस ने भी दिए जवाब यह भी पढ़ें- कबड्डी खिलाड़ी से खतरनाक इंसान बनने की कहानी दिखाएगी ‘Lingam’, जानें कब और कहां देखें The post कौन हैं Parastoo Ahmadi? बिना हिजाब और स्लीवलेस ड्रेस में किया परफॉर्म, सिंगर को मिली 74 कोड़ों की सजा appeared first on Naya Vichar.

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ऑनलाइन शॉपिंग बाजार में फ्लिपकार्ट का जलवा, फैशन सेगमेंट में मिंत्रा ने झंडे गाड़े, देखें क्या कहती है रिपोर्ट

देश के ऑनलाइन शॉपिंग बाजार में बढ़ती कड़ी प्रतिस्पर्धा और नए प्लैटफॉर्म्स की एंट्री के बावजूद फ्लिपकार्ट समूह ने अपनी लीडरशिप पोजीशन को और मजबूत कर लिया है. दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) सिक्योरिटीज की ताजा विश्लेषण रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि फ्लिपकार्ट ग्रुप न केवल जनरल रिटेलिंग में सबसे आगे चल रहा है, बल्कि उसकी सहयोगी कंपनी मिंत्रा (Myntra) ने भी ऑनलाइन फैशन और लाइफस्टाइल सेगमेंट में एकतरफा बढ़त बना ली है. हिंदुस्तानीय उपभोक्ताओं की लगातार बढ़ती मांग और मजबूत डिजिटल जुड़ाव के दम पर इस ई-कॉमर्स दिग्गज ने बाजार के बड़े हिस्से पर अपना कब्जा जमाए रखा है, जो आने वाले समय में इसके कारोबार के लिए नए रास्ते खोलेगा. सेंसर टावर के आंकड़ों ने लगाई मुहर, यूजर इंगेजमेंट में फ्लिपकार्ट अव्वल बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज ने इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए सेंसर टावर के डेली एक्टिव यूजर्स (DAU) यानी दैनिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के आंकड़ों और गहन औद्योगिक विश्लेषण का सहारा लिया है. रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 के मध्य तक भी हिंदुस्तानीय ग्राहकों के बीच फ्लिपकार्ट सबसे पसंदीदा और सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला ई-कॉमर्स मंच बना हुआ है. बाजार में कई नए और क्विक-कॉमर्स खिलाड़ियों के आने के बाद भी फ्लिपकार्ट पर ग्राहकों का भरोसा कम नहीं हुआ है. इसके विपरीत, यूजर्स की ऐप पर मौजूदगी और उनके खरीदने के पैटर्न में पहले से ज्यादा मजबूती दर्ज की गई है. प्रीमियम फैशन और ब्यूटी सेगमेंट में मिंत्रा का एकतरफा दबदबा इस रिपोर्ट का सबसे दिलचस्प पहलू फैशन कैटेगरी को लेकर है, जहां फ्लिपकार्ट की ही कंपनी मिंत्रा ने अपने सभी मुख्य कॉम्पिटिटर्स को काफी पीछे छोड़ दिया है. ब्रोकरेज कंपनी बोफा के मुताबिक, देश के प्रीमियम फैशन और ब्यूटी (सौंदर्य) उत्पादों के बाजार में इस समय मिंत्रा को टक्कर देने वाली बेहद सीमित प्रतिस्पर्धा मौजूद है. इसी कम कॉम्पिटिशन का फायदा उठाकर मिंत्रा ने देश के टियर-1 और टियर-2 शहरों के एलीट व यूथ कस्टमर बेस पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है. हाई-एंड ब्रांड्स के साथ एक्सक्लूसिव पार्टनरशिप और आसान यूजर इंटरफेस ने मिंत्रा को फैशन लवर्स की पहली पसंद बना दिया है. महंगाई में राहत और सुधरते आर्थिक हालात से शॉपिंग सेंटिमेंट को बूस्ट फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में फ्लिपकार्ट समूह की इस ग्रोथ रेट में और तेजी देखने को मिल सकती है. बाजार में लंबे समय से बने हुए मुद्रास्फीति (महंगाई) के दबाव में अब धीरे-धीरे कमी आ रही है. इसके साथ ही देश की व्यापक आर्थिक परिस्थितियों और मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर्स में बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है. इस सकारात्मक बदलाव की वजह से आने वाले फेस्टिव सीजन और शॉर्ट-टर्म में आम जनता की खर्च करने की क्षमता (कंजम्पशन ग्रोथ) बढ़ेगी, जिसका सीधा और बड़ा फायदा ऑनलाइन शॉपिंग इंडस्ट्री को मिलने की पूरी उम्मीद है. यह भी पढ़ें : Dark Pattern फ्री हुए ई-कॉमर्स के 26 प्लैटफॉर्म्स, यूजर्स को चूना लगाना हुआ मुश्किल The post ऑनलाइन शॉपिंग बाजार में फ्लिपकार्ट का जलवा, फैशन सेगमेंट में मिंत्रा ने झंडे गाड़े, देखें क्या कहती है रिपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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‘भरत तिवारी को SDM ने दी थी जान से मारने की धमकी, इसीलिए खरीदी पिस्टल’, ग्रामीणों ने किए कई खुलासे

Bharat Tiwari Encounter : (नरेन्द्र प्रसाद सिंह) गंगा कटाव से उजड़े लोगों के हक की लड़ाई लड़ना भरत भूषण तिवारी को इतना महंगा पड़ गया कि उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी. अब उनके एनकाउंटर को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. सीएम सम्राट चौधरी द्वारा हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच कराने के ऐलान के बाद मामला और गरमा गया है. गांव वालों ने खुले तौर पर पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया है और कई चौंकाने वाले दावे किए हैं. गंगा कटाव से उजड़ा गांव, करोड़ों की योजना पर सवाल दरअसल, शाहपुर थाना क्षेत्र के जवईनिया गांव में पिछले साल गंगा नदी के कटाव से आधे से अधिक घर बह गए थे. सैकड़ों लोग बेघर होकर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए थे. प्रशासन ने विस्थापितों के पुनर्वास और सुविधाओं के लिए करोड़ों रुपये जारी किए, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि इस राशि में भारी गड़बड़ी की जा रही थी. क्या बोले ग्रामीण छठू चौधरी—प्रशासन पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त है. प्रशासन द्वारा लोगों की सुविधा के लिए जो राशि दी जाती है, प्रशासन उसे पचा जाने का हर संभव प्रयास होता है. यदि कोई इसका विरोध करता है, तो उसे निपटा देने की कोशिश किया जाता है. मुकेश चौधरी— वह लड़का लोगों की सुविधा के लिए संघर्ष कर रहा था. प्रशासन ने पैसे भेजे थे और उसका कहना था कि उन पैसों को ईमानदारी से उन्हीं लोगों पर खर्च किया जाए, जिनके लिए प्रशासन ने राशि भेजी है. लेकिन ऐसा नहीं हो रहा था. जवईनिया से बिलौटी में बसाए गए करीब 70 परिवारों के लिए बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे थे. ग्रामीण स्त्रीओं के मुताबिक, भरत के प्रयासों से ही उन्हें बिजली और पानी मिल सका. क्षेत्र में विकास कार्यों की निगरानी कर रहे थे और 6 फीट गहरे गड्ढों को भरवाने की मांग कर रहे थे. उपेंद्र गोंड— जगदीशपुर एसडीएम ने उसे मारने की धमकी दी थी. इसी कारण उसने अपने बचाव में पिस्टल खरीदी थी. घटना के समय थाना अध्यक्ष उसके दरवाजे से कुछ ही दूरी पर खड़े थे. अगर वह अपराधी होता, तो पुलिस पर गोली चला देता, लेकिन वह शांति से बात कर रहा था. उमेश बिन—अगर प्रशासन भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों के साथ इसी तरह का व्यवहार करेगा, तो ऐसे सिस्टम का क्या मतलब रह जाएगा. भोजपुर के प्रशासनी महकमे में भ्रष्टाचार चरम पर है. यहां बिना पैसे के कोई काम संभव नहीं है, अधिकारी और कर्मचारी खुलकर पैसे की मांग करते हैं. प्रशासन से टकराव और धमकी के आरोप ग्रामीणों का दावा है कि इसी वजह से प्रशासन उनसे नाराज था. ग्रामीणों का आरोप है कि जगदीशपुर एसडीएम ने उन्हें धमकी भी दी थी. गांव वालों का कहना है कि भरत भूषण तिवारी किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए लड़ रहे थे. एक स्त्री ने रोते हुए कहा कि अगर समाज के लिए लड़ना पागलपन है, तो भरत पागल थे. भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर प्रताड़ना बिलौटी गांव के लोगों का आरोप है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण प्रशासन लगातार उन्हें टॉर्चर कर रहा था. लोगों ने मांग की है कि प्रशासन द्वारा जारी राशि के उपयोग की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके. एनकाउंटर पर उठे गंभीर सवाल एनकाउंटर को लेकर भी ग्रामीणों ने कई सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि अगर भरत अपराधी होते, तो पुलिस पर हमला करते, लेकिन वे बातचीत कर रहे थे. कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्हें पहले से जान का खतरा था, इसी वजह से उन्होंने आत्मरक्षा के लिए हथियार रखा था. Also Read: भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच की मांग तेज, घर पर लग रहा नेताओं का जमावड़ा साजिश के तहत हुई हत्या -ग्रामीणों का आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करने की वजह से ही उन्हें साजिश के तहत फर्जी एनकाउंटर में मार दिया गया. उनका कहना है कि भरत की वजह से गांव में बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचीं और कटाव रोकने के काम में तेजी आई. जांच के ऐलान से बढ़ी उम्मीदें अब पूरे मामले की जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से कराए जाने के ऐलान के बाद लोगों को उम्मीद है कि सच सामने आएगा. वहीं, इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और एनकाउंटर की सच्चाई पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. Also Read: भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, परिवार के आवेदन पर अब तक कार्रवाई नहीं, निलंबित पुलिसवालों की जानकारी भी नहीं मिली The post ‘भरत तिवारी को SDM ने दी थी जान से मारने की धमकी, इसीलिए खरीदी पिस्टल’, ग्रामीणों ने किए कई खुलासे appeared first on Naya Vichar.

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टाटा-महिंद्रा ने कसी कमर, अब लंदन की सड़कों पर दौड़ेंगी भारतीय इलेक्ट्रिक कारें, भारत-ब्रिटेन FTA से खुला रास्ता

हिंदुस्तान और ब्रिटेन के बीच होने जा रहा मुक्त व्यापार समझौता (FTA) देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होने वाला है. इस मेगा डील के आधिकारिक तौर पर लागू होने के बाद हिंदुस्तानीय वाहन निर्माता कंपनियों के लिए ब्रिटेन का विशाल इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार पूरी तरह खुल जाएगा. टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति सुजुकी जैसी दिग्गज घरेलू कंपनियां अब ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर अपनी मेड-इन-इंडिया इलेक्ट्रिक कारों को निर्यात करने की बड़ी योजना पर काम कर रही हैं. यह समझौता न केवल दोनों देशों के बीच व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर हिंदुस्तान को ईवी मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भी स्थापित करेगा. 15 जुलाई से बदलेगी पूरी तस्वीर: द्विपक्षीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार हिंदुस्तान और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के तहत दोनों देशों ने साल 2030 तक अपने आपसी व्यापार को दोगुना करके 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. यह ऐतिहासिक समझौता आने वाली 15 जुलाई से पूरी तरह से प्रभावी होने जा रहा है. हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए यह इसलिए भी सबसे मुफीद मौका है क्योंकि ब्रिटेन भी हिंदुस्तान की तरह ही एक ‘राइट-हैंड-ड्राइव’ मार्केट है. इसका सीधा मतलब यह है कि हिंदुस्तानीय कंपनियों को ब्रिटेन के बाजार के लिए गाड़ियों के स्टीयरिंग व्हील की पोजीशन या बेसिक डिजाइन में कोई बड़ा बदलाव नहीं करना पड़ेगा, जिससे उनका उत्पादन खर्च काफी कम हो जाएगा. कोटा प्रणाली के तहत मिलेगा टैक्स फ्री एंट्री का सबसे बड़ा फायदा इस समझौते के तहत ब्रिटेन हिंदुस्तानीय इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन से चलने वाले यात्री वाहनों को चरणबद्ध तरीके से कस्टम ड्यूटी (आयात शुल्क) से पूरी राहत देने जा रहा है. हालांकि, यह व्यवस्था एक खास कोटा प्रणाली के तहत संचालित होगी, जो समझौते के छठे वर्ष से लागू हो जाएगी. शुरुआती चरण यानी छठे वर्ष में हिंदुस्तान से कुल 17,600 वाहनों को बिना किसी टैक्स के ब्रिटेन में प्रवेश मिलेगा, जो समय के साथ लगातार बढ़ता जाएगा. समझौते के 15वें वर्ष तक इस टैक्स-फ्री एक्सपोर्ट का कोटा बढ़ाकर सालाना 88,000 वाहनों तक कर दिया जाएगा, जो हिंदुस्तानीय ऑटो जगत के लिए एक बेहद बड़ा बाजार तैयार करेगा. बजट और प्रीमियम कैटेगिरी के लिए तय हुईं ये खास शर्तें ब्रिटेन के इस टैक्स-फ्री कोटे का लाभ उठाने के लिए एक मूल्य सीमा भी तय की गई है. इसके तहत केवल 80,000 पाउंड तक की कीमत वाले हिंदुस्तानीय वाहनों को ही निर्धारित कोटा के भीतर शुल्क-मुक्त प्रवेश की अनुमति मिलेगी. इस सीमा के भीतर अलग-अलग बजट श्रेणियों के लिए कोटा तय किया गया है, जिसमें 15वें वर्ष तक ‘20,000 पाउंड से कम’ और ‘20,000 से 40,000 पाउंड’ वाले सेगमेंट के लिए 34,000-34,000 वाहनों की सीमा होगी, जबकि ‘40,000 से 80,000 पाउंड’ वाली प्रीमियम श्रेणी के लिए यह सीमा 20,000 वाहन सालाना होगी. हालांकि, जो गाड़ियां 80,000 पाउंड से अधिक महंगी होंगी, उन्हें इस रियायत का कोई फायदा नहीं मिलेगा. मारुति, टाटा और महिंद्रा ने शुरू की वैश्विक बाजार पर कब्जे की तैयारी हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां इस मौके को भुनाने के लिए पहले से ही रणनीतियां तैयार कर चुकी हैं. मारुति सुजुकी अपनी पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी ‘ई-विटारा’ को यूरोप भेजने की शुरुआत कर चुकी है और कंपनी के लिए ब्रिटेन एक मुख्य टारगेट मार्केट है. दूसरी तरफ, महिंद्रा अपने अपकमिंग इलेक्ट्रिक एसयूवी पोर्टफोलियो के वैश्विक विस्तार के लिए ब्रिटेन को एक बड़े लॉन्चपैड के रूप में देख रही है. टाटा मोटर्स भी इस डील को पर्यावरण के अनुकूल परिवहन और हिंदुस्तानीय इंजीनियरिंग की वैश्विक साख बढ़ाने वाले एक बड़े गेम-चेंजर के तौर पर देख रही है. यह कदम निश्चित रूप से ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान देगा. यह भी पढ़ें: 468km तक की रेंज, कीमत ₹10 लाख से भी कम, ये 5 सस्ती इलेक्ट्रिक कारें बचाएंगी हजारों रुपये The post टाटा-महिंद्रा ने कसी कमर, अब लंदन की सड़कों पर दौड़ेंगी हिंदुस्तानीय इलेक्ट्रिक कारें, हिंदुस्तान-ब्रिटेन FTA से खुला रास्ता appeared first on Naya Vichar.

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इंग्लैंड क्रिकेट के नए स्टार जैकब बेथल को हुआ भारतीय लड़की से प्यार, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर ने मचाया तहलका

Jacob Bethell: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के युवा सनसनी जैकब बेथल इन दिनों मैदान से दूर सोशल मीडिया पर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर छाए हुए हैं. इंटरनेट पर वायरल हो रही एक रोमांटिक तस्वीर ने फैंस के बीच खलबली मचा दी है, जिसमें बेथल अपनी ‘रूमर्ड गर्लफ्रेंड’ के गले में बाहें डाले नजर आ रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर अप्रैल महीने की है, जब बेथल IPL 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जर्सी में जलवा बिखेर रहे थे. इस फोटो के सामने आने के बाद से ही फैंस इस ‘मिस्ट्री गर्ल’ की पहचान उजागर करने के लिए बेताब हो उठे हैं. A few days ago, England’s Jacob Bethell came here to play in the World Cup and stayed for 2 months, then came to play in the IPL and stayed for two months. ​Now, news of his affair is coming to light. ​There’s a lot of buzz on the internet about their affair; the girl is from… pic.twitter.com/Nq1XNjOiJW — Cricket Central (@CricketCentrl) June 20, 2026 जैकब बेथल के साथ वायरल तस्वीर पर सस्पेंस क्रिकेटर जैकब बेथल इन दिनों अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी सुर्खियों में आ गए हैं. सोशल मीडिया पर उनकी एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इस तस्वीर में उनके साथ दिख रही लड़की का नाम अंकिता पटेल है. कौन हैं अंकिता पटेल अंकिता पटेल ग्लैमर इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं. वह एक सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट हैं. उन्होंने बॉलीवुड और मनोरंजन जगत के कई बड़े फिल्म स्टार्स के साथ काम किया है. तस्वीर के पीछे का सच रिपोर्ट के मुताबिक, जैकब बेथल के साथ वायरल हो रही यह फोटो खुद अंकिता ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट की थी. फोटो सामने आने के बाद से ही दोनों के रिलेशनशिप में होने की अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि, अंकिता या उनकी टीम की तरफ से इस रिश्ते पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि नहीं की गई है. लेकिन इस वायरल पोस्ट ने फैंस के बीच उत्सुकता और कौतूहल जरूर पैदा कर दिया है. IPL 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन इस सीजन में आरसीबी ने बेथल पर भरोसा जताते हुए उन्हें कुल 7 मैचों में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनाया. लेकिन वह इन मौकों का फायदा नहीं उठा सके और बेहद साधारण बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 96 रन ही बना पाए. यही वजह रही कि वह टूर्नामेंट के बीच से ही वापस अपने देश लौट गए. हालांकि, इस समय न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के स्क्वाड का हिस्सा हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट में जैकब बेथल का जलवा फॉर्मेट मैच कुल रन टेस्ट क्रिकेट 7 496 वनडे इंटरनेशनल 21 603 टी20 इंटरनेशनल 31 697 इसे भी पढ़े- 29 गेंदें, 8 छक्के और 94 रन…श्रीलंका के खिलाफ वैभव ने मचाई तबाही The post इंग्लैंड क्रिकेट के नए स्टार जैकब बेथल को हुआ हिंदुस्तानीय लड़की से प्यार, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर ने मचाया तहलका appeared first on Naya Vichar.

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