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June 24, 2026

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वायरल वीडियो ने बढ़ाई भगवंत मान की मुश्किलें; क्यों हो रहा है पंजाब में सीएम का बहिष्कार?

Bhagwant Mann Viral Video: विवादित वीडियो में भगवंत मान को सिख गुरुओं की तस्वीरों का अपमान करते हुए दिखाया गया. जिसके बाद उनका विरोध शुरू हो गया है. बवाल बढ़ने के बाद CM भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. जिसमें उन्होंने कहा, कुछ दिन पहले एक फर्जी वीडियो फैलाया गया जिसमें दावा किया गया कि वह मैं हूं. मुझे फंसाने के लिए वह वीडियो वायरल किया गया था. बाद में हमने फोरेंसिक लैब में इसकी जांच करवाई, और अब लैब मालिकों पर भी BJP हमला कर रही है, क्योंकि पंजाब में SAD, BJP और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया है. इस पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है… सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ झूठे वीडियो फैलाए जाते हैं, लेकिन वे मुझे तोड़ नहीं सकते. मैं लोगों के लिए काम करता रहूंगा. कांग्रेस ने मान का मांगा इस्तीफा पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा- मुख्यमंत्री भगवंत मान को इस्तीफा दे देना चाहिए और अकाल तख्त व पंजाब की जनता से माफी मांगनी चाहिए. जब ​​नियमों का उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ कोई कार्रवाई ही नहीं हो रही है, तो बेअदबी-रोधी कानून बनाने की क्या जरूरत थी? #WATCH | Chandigarh: Over purported video allegedly showing desecration of Sikh Guru photos by him, Punjab CM Bhagwant Mann says, “… A few days ago, a fake video was circulated claiming it was me. That video was made viral to frame me. We later had it checked in a forensic lab,… pic.twitter.com/eah0sPRr84 — ANI (@ANI) June 24, 2026 बीजेपी ने AAP पर अकाल तख्त को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया बीजेपी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP पर अकाल तख्त को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया. बीजेपी ने इसको लेकर मान और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वीडियो वायरल होने के बाद अकाल तख्त ने मान को बताया खालसा विरोधी अकाल तख्त ने इस महीने की शुरुआत में एक वीडियो को लेकर मान को गुरु दोखी (गुरु-द्रोही) और खालसा पंथ विरोधी घोषित किया था. वीडियो में कथित तौर पर मान जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति सिख गुरुओं और मारे गए आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त दिखाई दे रहा है. AAP नेताओं ने अकाल तख्त के निष्कर्षों को गलत ठहराने की कोशिश की : सिरसा दिल्ली प्रशासन में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया कि AAP नेताओं ने पश्चाताप करने के बजाय सिखों की सर्वोच्च संस्था के निष्कर्षों को गलत ठहराने की कोशिश की. सिरसा ने कहा, उन्होंने जो पाप किया, उसके लिए पश्चाताप करने के बजाय उनके मंत्री हरपाल चीमा ने 18 जून को संवाददाता सम्मेलन करके कहा कि यह वीडियो फर्जी है. उन्होंने दावा किया कि चीमा ने वीडियो के 1,191 ‘फ्रेम’ की जांच पर आधारित एक फोरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि यह वीडियो असली नहीं है. सिरसा ने कहा कि अकाल तख्त के पांच सिंह साहिबान ने एक आदेश जारी कर निर्देश दिया था कि कोई भी सिख मान से किसी तरह का संबंध न रखे. उन्होंने कहा, अकाल तख्त साहिब ने 15 जून को भगवंत मान को गुरु-द्रोही और खालसा पंथ विरोधी घोषित किया, उन्हें सिख समुदाय से निष्कासित कर दिया और दुनियाभर के सिखों को आदेश दिया कि कोई भी सिख भगवंत मान से किसी तरह का संबंध न रखे. ये भी पढ़ें: शिवसेना (UBT) को बड़ा झटका: 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल, स्पीकर के दरबार पहुंची ठाकरे सेना The post वायरल वीडियो ने बढ़ाई भगवंत मान की मुश्किलें; क्यों हो रहा है पंजाब में सीएम का बहिष्कार? appeared first on Naya Vichar.

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‘Peddi’ के विवाद के बीच राम चरण की बेटी ने ‘पापा’ बोलने से किया इनकार, एक्टर बोले- वह भी मुझे भूल गई है

Peddi Success Event: साउथ सुपरस्टार राम चरण और जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘पेड्डी’ बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त धमाल मचा रही है. 4 जून को रिलीज हुई इस फिल्म ने दुनियाभर में 332 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है और यह साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्मों में शामिल हो गई है. हालांकि, फिल्म को लेकर कुछ विवाद भी देखने को मिले, खासकर जाह्नवी कपूर के किरदार को लेकर. इसी बीच हैदराबाद में फिल्म की सक्सेस पार्टी आयोजित की गई, जहां राम चरण ने अपनी बेटी क्लिन कारा से जुड़ा एक ऐसा मजेदार किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर हर कोई हंस पड़ा. आइए जानते हैं आखिर एक्टर ने क्या कहा. बेटी क्लिन कारा ने पिता को ‘नान्ना’ (पापा) बोलने से क्यों किया इनकार? सक्सेस इवेंट में राम चरण ने हंसते हुए बताया कि इस फिल्म ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी है. उन्होंने एक मजेदार बात शेयर करते हुए कहा, “आप लोगों ने इस फिल्म को इतनी बड़ी हिट बना दिया है कि मुझे डर है कहीं आप राम चरण को भूलकर सिर्फ पेड्डी को ही याद न रखें. ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मेरे घर पर भी ऐसा ही हो रहा है. मेरी छोटी बेटी, क्लिन कारा, फिल्म रिलीज होने से पहले तक मुझे ‘नान्ना’ (तेलुगु में पापा) बुलाती थी. लेकिन अब वह मुझे देखकर कहती है- ‘ऐ पेड्डी.’ जब मैं उसे मना करता हूं, तो वह मुझे ‘पेड्डी नान्ना’ बोलने लगती है. ऐसा लगता है जैसे वह भी मुझे भूल गई है.” जब राम चरण यह बात बता रहे थे, तो स्टेज पर मौजूद उनके पिता और सुपरस्टार चिरंजीवी भी मुस्कुराने लगे. यह भी पढ़ें: ’32 इडियट्स’ मिलकर बनाएंगे 2000 करोड़ की फ्लॉप फिल्म… अक्षय कुमार ने ‘Welcome to the Jungle’ को लेकर खोला बड़ा राज Peddi Controversy Ram Charan Reaction: फिल्म को लेकर क्या था विवाद और राम चरण ने इसपर क्या कहा? फिल्म ‘पेड्डी‘ कमाई के मामले में तो बहुत आगे रही, लेकिन रिलीज के बाद इसके कुछ सीन्स पर लोगों ने आपत्ति जताई थी. दर्शकों का कहना था कि जाह्नवी कपूर के कुछ सीन अच्छे नहीं लग रहे हैं. इस विवाद के बाद फिल्म बनाने वालों ने तुरंत एक्शन लिया और जाह्नवी वाले उन आपत्तिजनक सीन्स को फिल्म से हटा दिया. इतना ही नहीं, दो हफ्ते बाद फिल्म में कुछ नए और अच्छे सीन्स भी जोड़े गए. राम चरण ने कहा कि चाहे किसने भी जो कुछ कहा हो या जैसे भी रिव्यू लिखे हों, यह फिल्म अब उनकी नहीं बल्कि दर्शकों की हो चुकी है क्योंकि दर्शकों ने इसे बहुत प्यार दिया है. ‘पेड्डी’ बनी राम चरण के लिए गेम चेंजर राम चरण की पिछली कुछ फिल्में, जैसे ‘गेम चेंजर’ और ‘आचार्य’, बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थीं. ऐसे में ‘पेड्डी’ की शानदार सफलता उनके करियर के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है. फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है और कमाई के मामले में भी यह नए रिकॉर्ड बना रही है. बुची बाबू सना के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दमदार कहानी के साथ-साथ ए.आर. रहमान का शानदार म्यूजिक भी लोगों को खूब पसंद आ रहा है. यह भी पढ़ें: 100 करोड़ क्लब की ओर बढ़ी शाहिद कपूर की ‘कॉकटेल 2’, सामंथा की ‘मां इनती बंगाराम’ ने भी पकड़ी रफ्तार, जानें बाकी फिल्मों का हाल The post ‘Peddi’ के विवाद के बीच राम चरण की बेटी ने ‘पापा’ बोलने से किया इनकार, एक्टर बोले- वह भी मुझे भूल गई है appeared first on Naya Vichar.

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किले पर ट्रेकिंग, हुडी पहन पीछा और खाई में धकेलना.. CCTV फुटेज से ऐसे सुलझी केतन मर्डर मिस्ट्री

Pune Murder Mystery: पुणे के लोहागढ़ किले घूमने गए कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत की गुत्थी एक सीसीटीवी फुटेज ने जरिए खुली. शुरुआत में इस घटना को महज एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन जांच के दौरान सामने आए सबूतों ने इसे सुनियोजित हत्या (Well Planned Murder) साबित कर दिया. जांच के दौरान पुलिस ने लोहागढ़ किले के पास काउंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. फुटेज में केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया गोयल एक साथ किले की ओर जाते दिखाई दिए. इसी दौरान पुलिस की नजर एक ऐसे युवक पर पड़ी जो दोनों से कुछ दूरी पर लगातार उनका पीछा करता नजर आ रहा था. बाद में इस शख्स की पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई. पुलिस के अनुसार, यही फुटेज जांच में सबसे अहम सबूत साबित हुई. 33 डिग्री तापमान में हुडी पहनना बना शक की वजह पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिस दिन घटना हुई उस समय उस जगह का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था. इसके बावजूद फुटेज में दिखाई दे रहा युवक शॉर्ट्स और हुडी पहनकर घूम रहा था. अधिकारियों ने बताया कि उसने हुडी का अगला हिस्सा इस तरह नीचे कर रखा था कि उसका चेहरा नजर नहीं आ रहा था. इतना ही नहीं, उसने हुडी के ऊपर हेडसेट भी लगा रखा था. उसकी गतिविधियां और हाव-भाव जांचकर्ताओं को संदिग्ध लगे, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की. सिया के पीछे मुड़ते ही बैठ गया आरोपी पुलिस ने यह भी बताया कि एक अन्य सीसीटीवी फुटेज में सिया अचानक पीछे मुड़कर देखती है और उसी समय हुडी पहना युवक भी अचानक नीचे बैठ जाता है. जांच अधिकारियों का मानना है कि यह संयोग नहीं था और इससे दोनों के बीच संपर्क होने का संदेह और मजबूत हुआ. इसे भी पढ़ें पुणे मर्डर मिस्ट्री: करोड़ों में की गई थी शादी के लिए हॉल की बुकिंग, मंगेतर ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कर दी हत्या!पुणे मर्डर केस: 14 जून को सिया की पहली कोशिश हुई थी फेल, 18 को खाई में धकेलकर ली केतन की जान पूछताछ में खुला पूरा मामला तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) स्थानीय अपराध शाखा (Local Crime Branch) और लोनावला ग्रामीण पुलिस से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने चेतन चौधरी का पता लगाया और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. पूछताछ में हादसे की पूरी कलई खुलती चली गई और चेतन ने कबूल किया की केतन संतुलन बिगड़ने से नहीं गिरा था बल्कि उसे धक्का दिया गया था. बाद में पुलिस ने सिया को भी गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है. कॉल रिकॉर्ड से खुला प्रेम संबंध का राज केतन मर्डर केस में चेतन और सिया की पुलिस ने कॉल डिटेल भी खंगाली. कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल संचार से जुड़े सबूतों की भी जांच की. जांच में पता चला कि सिया लगातार चेतन चौधरी के संपर्क में थी. पुलिस को संदेह हुआ कि दोनों के बीच प्रेम संबंध है और इसी एंगल से जांच को आगे बढ़ाया गया. पढ़ें नया विचार की खास समाचार सोनम, मुस्कान और सिया: क्या कहती हैं ये चर्चित हत्याएं? 14 जून को भी की गई थी हत्या की कोशिश पुलिस की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सिया 14 जून को भी केतन को लोहागढ़ किला लेकर गई थी. आरोप है कि उस दिन उसने केतन को चट्टान से नीचे धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन केतन ने समय रहते एक झाड़ी पकड़ ली और खुद को बचा लिया. जब केतन ने सिया से इस बारे में सवाल किया तो उसने वहां सांप होने की बात कहकर खुद को बचाने की कोशिश की और दावा किया कि वह उसे खतरे से बचा रही थी. पहले हादसा माना गया था मामला केतन अग्रवाल की इसी साल सिया गोयल से सगाई हुई थी. 18 जून को दोनों लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए गए थे. उसी दौरान केतन एक चट्टान से नीचे खाई में गिर गए थे. घटना के बाद इसे दुर्घटना मानकर मामला दर्ज किया गया था. सिया ने केतन के परिजनों को बताया था कि ट्रेकिंग के दौरान उनका पैर फिसल गया, जिससे वह खाई में गिर गए. Also Read: सांप से बचाने के नाम पर सिया ने दिया था केतन को धक्का, उसने परिवार से की थी शिकायत The post किले पर ट्रेकिंग, हुडी पहन पीछा और खाई में धकेलना.. CCTV फुटेज से ऐसे सुलझी केतन मर्डर मिस्ट्री appeared first on Naya Vichar.

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वैभव सूर्यवंशी ही नहीं छोटे भाई भी हैं तबाही, आशीर्वाद ने जड़ दिए 19 चौके और 6 छक्के

Vaibhav Sooryavanshi Younger Brother: हिंदुस्तान की टी20 टीम में चयनित युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इन दिनों सुर्खियों में हैं, लेकिन अब उनके छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी भी अपने प्रदर्शन से चर्चा का विषय बन गए हैं. महज 10 साल की उम्र में आशीर्वाद ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है. आशीर्वाद ने एक स्थानीय मुकाबले में 168 रन की पारी स्पोर्ट्सकर सभी को आकर्षित किया. 119 गेंदों में बनाए 168 रन समस्तीपुर में स्पोर्ट्से गए एक स्थानीय मुकाबले में ऋषभ-11 गंगापुर की ओर से स्पोर्ट्सते हुए आशीर्वाद सूर्यवंशी ने रौशन-11 वैशाली के खिलाफ 119 गेंदों पर 168 रन बनाए. अपनी इस विस्फोटक पारी के दौरान उन्होंने 19 चौके और 6 छक्के जड़े. उनकी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत टीम ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की. आशीर्वाद ने अपनी इस पारी की जानकारी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए भी साझा की, जिसके बाद उनकी बल्लेबाजी की चर्चा सोशल मीडिया पर तेज हो गई. लगातार दूसरे मैच में लगाया बड़ा स्कोर यह पहला मौका नहीं है जब आशीर्वाद ने बल्ले से धमाल मचाया हो. इससे पहले इसी महीने उन्होंने समस्तीपुर में आयोजित एक अभ्यास मैच में ताजपुर क्रिकेट अकादमी की ओर से स्पोर्ट्सते हुए 87 गेंदों पर 103 रन बनाए थे. उस पारी में उन्होंने 20 चौके और एक छक्का लगाया था. लगातार दो बड़ी पारियों ने यह संकेत दे दिया है कि सूर्यवंशी परिवार का एक और युवा खिलाड़ी तेजी से क्रिकेट में अपनी पहचान बना रहा है. पिता ने जताई खुशी आशीर्वाद के पिता संजीव सूर्यवंशी ने बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की. उन्होंने लिखा, “आशीर्वाद सूर्यवंशी का एक और शतक, 168 रन (119 गेंद), 19 चौके और 6 छक्के.” इससे पहले उनके शतक के बाद भी संजीव ने फेसबुक पर पोस्ट कर बेटे के प्रदर्शन पर गर्व जताया था और लोगों से आशीर्वाद और प्यार बनाए रखने की अपील की थी. वैभव की राह पर चल रहे हैं आशीर्वाद वैभव सूर्यवंशी जहां बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, वहीं आशीर्वाद दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं. हालांकि दोनों भाइयों की बल्लेबाजी शैली आक्रामक की है. आशीर्वाद भी शुरुआत से ही तेज रन बनाने में विश्वास रखते हैं और अपनी शानदार टाइमिंग, शॉट चयन तथा पावर-हिटिंग क्षमता से प्रभावित कर रहे हैं. हिंदुस्तान डेब्यू की तैयारी में हैं वैभव एक तरफ आशीर्वाद घरेलू स्तर पर रन बरसा रहे हैं, वहीं उनके बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी हिंदुस्तानीय टीम के साथ अपने पहले अंतरराष्ट्रीय दौरे की तैयारी कर रहे हैं. उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए हिंदुस्तान की टी20 टीम में शामिल किया गया है. दौरे की शुरुआत 26 जून से बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ होने वाले मुकाबलों से होगी, जिसके बाद हिंदुस्तान इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज स्पोर्ट्सेगा. यह भी पढ़ें: LSG ने कहा शुक्रिया…ऋषभ पंत ने दिया ऐसा जवाब, पहला रिएक्शन हुआ वायरल The post वैभव सूर्यवंशी ही नहीं छोटे भाई भी हैं तबाही, आशीर्वाद ने जड़ दिए 19 चौके और 6 छक्के appeared first on Naya Vichar.

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रात की भूख भी मिटेगी और वजन भी नहीं बढ़ेगा, डिनर में शामिल करें ये 5 सुपर लो कैलोरी फूड्स

Low Calorie Dinner: आज के समय में बढ़ता हुआ वजन और पेट में जमी हुई जिद्दी चर्बी हर दूसरे व्यक्ति की समस्या बन चुकी है. अक्सर ऐसा होता है कि हम अपनी दिनभर की डाइट तो कंट्रोल कर लेते हैं, लेकिन रात के खाने में कुछ हैवी या फिर बहुत ज्यादा कैलोरी वाली कोई चीज खाकर पूरे दिन की मेहनत पर पानी फेर देते हैं. आपको शायद यह जानकर हैरानी हो, लेकिन रात के समय हमारा मेटाबोलिज्म काफी स्लो हो जाता है, जिस वजह से हमारा शरीर हैवी चीजों को आसानी से डाइजेस्ट नहीं कर पाता है और यह फैट के रूप में हमारे शरीर में इकट्ठा होने लग जाता है. आज का यह आर्टिकल हर उस व्यक्ति के लिए है, जो सच में अपने पेट को स्लिम और खुद को फिट बनाकर रखना चाहते हैं. आज हम आपको कुछ ऐसे लो कैलोरी डिनर आइडियाज बताने जा रहे हैं, जो आपके पेट पर जमी चर्बी को पिघलाने में और साथ ही डाइजेशन को भी बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं. इन रेसिपीज की सबसे खास बात यह है कि इनका स्वाद जबरदस्त होता है, लेकिन इनमें कैलोरीज काफी कम होती हैं. तो चलिए जानते हैं इन लो कैलोरी डिनर आइडियाज के बारे में विस्तार से. लाइट और न्यूट्रिशियस मूंग दाल की खिचड़ी रात के खाने के लिए मूंग दाल की खिचड़ी एक बेहतरीन और ट्रेडिशनल ऑप्शन है. आपके शरीर के लिए इसे डाइजेस्ट करना बहुत आसान होता है और इसमें कैलोरीज भी बहुत ही कम होती है. मूंग दाल में आपको भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है. जब आप डिनर में खिचड़ी खाते हैं, तो आपको रात में बेवजह भूख नहीं लगती, जिससे आप एक्स्ट्रा कैलोरी खाने से बच जाते हैं. आप अगर चाहें तो इसमें थोड़ा सा घी और जीरे का तड़का लगाकर आप इसे और टेस्टी बना सकते हैं. ये भी पढ़ें: बिना प्याज-लहसुन के भी बन सकता है लाजवाब डिनर, ट्राई करें ये 3 टेस्टी रेसिपीज जिन्हें हर कोई करेगा पसंद स्टिर-फ्राइड वेजीज भी हैं अच्छा चॉइस अगर आप वजन कम करने निकल पड़े हैं, तो रंग-बिरंगी सब्जियां आपकी सबसे अच्छी दोस्त साबित हो सकती हैं. ब्रोकली, गाजर, बीन्स, शिमला मिर्च और बंदगोभी जैसी सब्जियों को हल्का उबालकर या बहुत कम तेल में सौते करके खाएं. बता दें सब्जियों में पानी और फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जबकि कैलोरी ना के बराबर होती है. इनके सेवन से आपके शरीर को जरूरी विटामिंस और मिनरल्स मिलते हैं और पेट की चर्बी को बढ़ने का मौका भी नहीं मिलता है. प्रोटीन से भरपूर पनीर या टोफू टिक्का जब आप अपना वजन घटाने की कोशिश कर रहे होते हैं तो आपके शरीर में प्रोटीन की कमी बिलकुल भी नहीं होनी चाहिए. प्रोटीन आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है, जिससे फैट बर्न होने की स्पीड ज्यादा तेज होती है. रात के खाने में आप कम फैट वाले पनीर या फिर टोफू के टुकड़ों को जरूर शामिल करना चाहिए. आप अगर चाहें तो इन्हें दही और हल्के मसालों के साथ मिलाकर नॉन-स्टिक पैन या ओवन में ग्रिल कर सकते हैं. यह लो कैलोरी डिनर न सिर्फ खाने में टेस्टी होता है, बल्कि आपकी मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाने और पेट को स्लिम रखने में भी मदद करता है. ये भी पढ़ें: घर में रखे उबले आलू से मिनटों में बनाएं ये 5 चटपटे स्नैक्स, स्वाद ऐसा कि हर कोई हो जाएगा आपका फैन फाइबर का पावरहाउस ओट्स या दलिया आमतौर पर लोग ओट्स या दलिया को नाश्ते में खाना पसंद करते हैं, लेकिन डिनर के लिए भी यह एक जबरदस्त चॉइस है. आप चाहें तो रात में सब्जियों से लोडेड नमकीन ओट्स या वेजिटेबल दलिया भी बना सकते हैं. इसमें मौजूद सॉल्युबल फाइबर डाइजेशन को बेहतर रखता है और शरीर में फैट को जमा होने से रोकता है. इसे खाने से पेट साफ रहता है और सुबह आप खुद को लाइट और एनर्जेटिक महसूस करते हैं. सबसे लाइट डिनर गर्मागर्म वेजिटेबल सूप अगर आपको रात में बहुत कम भूख लगी है या आप कुछ बहुत ही लाइट खाना चाहते हैं, तो मिक्स वेजिटेबल सूप सबसे बेस्ट ऑप्शन है. टमाटर, पालक, कॉर्न और मशरूम जैसी सब्जियों से बना सूप न सिर्फ शरीर को हाइड्रेटेड रखता है बल्कि कैलोरी काउंट को भी बेहद कम रखता है. इस बात का ख्याल रहे कि सूप में ऊपर से क्रीम या बटर न डालें, बल्कि नींबू का रस और काली मिर्च मिलाकर इसे हेल्दी बना लें. ये भी पढ़ें: शाम की छोटी सी भूख को मिनटों में करें शांत, सूजी से बनाएं ये 3 सुपर क्रिस्पी और टेस्टी स्नैक्स The post रात की भूख भी मिटेगी और वजन भी नहीं बढ़ेगा, डिनर में शामिल करें ये 5 सुपर लो कैलोरी फूड्स appeared first on Naya Vichar.

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पहले अटेम्प्ट में BPSC फतह, गया की तृप्ति APO में टॉपर

BPSC Success Story Tripti Kumari: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) की तरफ से 70वीं कंबाइंड परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है. दो साल के इंतजार के बाद इस परीक्षा का रिजल्ट जारी हुआ, जिसमें 2009 कैंडिडेट्स का सेलेक्शन हुआ है. बिहार के गया की रहने वाली तृप्ति कुमारी की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने पहले ही प्रयास में ना सिर्फ पूरे प्रदेश में रैंक 40 हासिल किया है बल्कि असिस्टेंट प्लानिंग ऑफिसर (APO) के पद पर टॉपर भी रहीं हैं. आइए उनकी जर्नी (BPSC Success Story) को करीब से देखते हैं. BPSC Success Story Tripti Kumari: कौन हैं तृप्ति कुमारी? तृप्ति कुमारी का होम टाउन गया है. हालांकि, उनकी स्कूलिंग कई शहरों में हुई है. तृप्ति की मां शशि कुमारी नवादा में बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि पिता संजीव कुमार सिन्हा ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया. उनके भाई बेंगलुरु में इंजीनियर हैं. पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन तृप्ति ने 12वीं की परीक्षा कैमूर में रहकर पास की. इसके बाद रांची के मशहूर सेंट जेवियर्स कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. यही विषय आगे चलकर उनकी सिविल सेवा की तैयारी में भी काफी मददगार साबित हुआ. सिविल सर्विस की तैयारी ग्रेजुएशन के बाद से ही तृप्ति ने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी. उन्होंने साल 2024 में पहली बार UPSC की परीक्षा भी दी थी. 2024 में ही उन्होंने पहली बार BPSC 70वीं परीक्षा के लिए भी आवेदन किया था, जिसका रिजल्ट अब जारी हुआ है. तृप्ति ने प्रीलिम्स की तैयारी के लिए किसी भी कोचिंग का सहारा नहीं लिया. उन्होंने खुद पर भरोसा रखा और घर पर रहकर ही पढ़ाई की. हां, मेन्स एग्जाम के समय उन्होंने अपनी तैयारी को परखने के लिए सिर्फ एक टेस्ट सीरीज की मदद ली थी. फिक्स्ड टाइम टेबल नहीं तृप्ति की तैयारी का तरीका भी काफी दिलचस्प रहा. उनका कोई फिक्स्ड टाइम टेबल नहीं था. वे घंटों की गिनती करने के बजाय यह देखती थीं कि सिलेबस का कौन सा हिस्सा बाकी है और उसे कैसे बेहतर तरीके से पूरा किया जाए. Bpsc 70th रिजल्ट में तृप्ति कुमारी का नाम पढ़ाई के बीच तनाव कम करने के लिए वे वेब सीरीज देखती थीं. इतना ही नहीं, वे सोशल मीडिया से भी पूरी तरह दूर नहीं हुईं. उनका मानना है कि संतुलन बनाकर चलना जरूरी है, ताकि दिमाग तरोताजा रहे और पढ़ाई बोझ न लगे. UPSC का लक्ष्य BPSC में शानदार सफलता (BPSC Success Story) के बाद भी तृप्ति की मंजिल अभी बाकी है. उनका अगला लक्ष्य UPSC परीक्षा को क्रैक करना है. तृप्ति बताती हैं कि उन्हें सबसे ज्यादा सपोर्ट अपने माता-पिता से मिला. वहीं उनके मामा जो रांची में एक कोचिंग क्लास चलाते हैं उन्होंने भी सही मार्गदर्शन देकर उनकी तैयारी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई. यह भी पढ़ें: बिहार में SDM बनेंगी यूपी की लड़कियां, प्रतापगढ़ की श्रद्धा को BPSC में रैंक 1, उपासना और नेहा राय भी लिस्ट में The post पहले अटेम्प्ट में BPSC फतह, गया की तृप्ति APO में टॉपर appeared first on Naya Vichar.

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कौन है सिया गोयल, जिसने कर दी शादी से पहले मंगेतर की हत्या ?

Pune Crime News:पुणे के युवा कारोबारी और रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक केतन अग्रवाल की मौत ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. पहले इस मौत को एक दुर्घटना के नजरिए से देखा जा रहा था, लेकिन पुलिस की जांच में मामला हत्या की साजिश तक पहुंच गया. इस मामले में उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर गंभीर आरोप लगे हैं. कौन है सिया गोयल सिया गोयल ( 20 ) पुणे के एक संपन्न कारोबारी परिवार से ताल्लुकात रखती हैं. उनकी शादी कुछ महीनों बाद केतन अग्रवाल से होने वाली थी. दोनों परिवारों के बीच रिश्ते तय हो चुके थे और शादी की तैयारियां भी चल रही थीं. लेकिन अब सिया खुद अपने मंगेतर की हत्या की साजिश के आरोपों का सामना कर रही हैं. पुलिस जांच में सामने आई साजिश पुलिस जांच के दौरान पता चला कि सिया गोयल बार-बार लोहगढ़ किले जाने की जिद कर रही थीं. इसके अलावा केतन का पासपोर्ट गायब मिला और घटनास्थल के आसपास कई संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सामने आई. पुलिस ने सिया और चेतन से पूछताछ की गई. जिसके बाद दोनों केतन को किले से धक्का देने की बात स्वीकार की. कई सुरागों ने खोला राज पुलिस को एक और अहम सुराग चेतन चौधरी के कपड़ों से मिला. चेतन ने भीषण गर्मी में हुडी पहन रखी थी, जिससे वह अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा था और मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूतों ने भी जांच को नई दिशा दी. राजा रघुवंशी केस से हो रही तुलना इस मामले की तुलना पिछले वर्ष चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से की जा रही है, जिसमें पत्नी पर पति की हत्या करवाने का आरोप लगा था. दोनों मामलों में प्रेम संबंध और शादी से जुड़ा विवाद जांच का प्रमुख हिस्सा बने हैं. फिलहाल क्या है स्थिति पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है. अदालत में पेश किए जा रहे सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी. फिलहाल यह मामला पुणे के सबसे चर्चित अपराध मामलों में शामिल हो गया है. ये भी पढ़ें : सांप से बचाने के नाम पर सिया ने दिया था केतन को धक्का, उसने परिवार से की थी शिकायत सोनम, मुस्कान और सिया: क्या कहती हैं ये चर्चित हत्याएं? सिया ही निकली केतन की कातिल, इंस्टाग्राम पर दिखाती रही प्यार, बॉयफ्रेंड संग रची साजिश; ऐसे पकड़ी गई The post कौन है सिया गोयल, जिसने कर दी शादी से पहले मंगेतर की हत्या ? appeared first on Naya Vichar.

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सोनम, मुस्कान और सिया: क्या कहती हैं ये चर्चित हत्याएं?

Ketan Agarwal Murder : हाल के महीनों में, हिंदुस्तान में हत्या के कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं, जिनमें स्त्रीओं पर अपने पति या मंगेतर की हत्या का आरोप है. इन घटनाओं ने लोगों के बीच इस बात पर ज़ोरदार बहस छेड़ दी है कि आखिर कौन सी मनोवैज्ञानिक वजहें लोगों को ऐसे भयानक कदम उठाने के लिए उकसाती हैं. सबसे ज़्यादा चर्चा में रहे मामलों में से एक इंदौर का राजा रघुवंशी मर्डर केस था, जिसमें नई-नवेली दुल्हन सोनम रघुवंशी पर हनीमून के दौरान अपने पति की हत्या की साज़िश रचने का आरोप लगा था. एक और मामला जिसने पूरे देश को चौंका दिया, वह मेरठ का चर्चित मुस्कान रस्तोगी “ब्लू ड्रम” मर्डर केस था, जिसमें एक स्त्री पर अपने प्रेमी की मदद से पति की हत्या करने और लाश को एक ड्रम में छिपाने का आरोप लगा था. और फिर कल, पुणे में पुलिस ने लोहगढ़ किले के पास एक स्त्री (सिया) और उसके कथित प्रेमी को उसके मंगेतर (केतन) की हत्या के आरोप में गिरफ़्तार किया. जांच करने वालों के मुताबिक, शादी से पहले पीड़ित को रास्ते से हटाने के लिए कथित तौर पर यह हत्या की गई थी. हालांकि ऐसे कई मामलों में अभी भी जांच और अदालती कार्यवाही चल रही है, लेकिन ये घटनाएं एक अहम सवाल खड़ा करती हैं: आखिर वे कौन सी मनोवैज्ञानिक वजहें हैं जो आज की पीढ़ी की स्त्रीओं को ऐसी हत्या करने के लिए उकसा सकती हैं? सामाजिक संरचना में बदलाव जानेमाने मनोवैज्ञानिक डॉ. पवन बर्नवाल के अनुसार, पहले हिंदुस्तानीय समाज ज्यादा स्थिर और पारंपरिक था. पुरुषों और स्त्रीओं का कामकाज बटा हुआ था. स्त्रीओं के जीवन और सामाजिक जिम्मेदारियों पर कई तरह की सीमाए थीं. समय के साथ शिक्षा का फैलाव हुआ और स्त्रीओं को अधिक अवसर मिलने लगे. हालांकि, शिक्षा और विवेक हमेशा एक ही बात नहीं होते. शिक्षित होना व्यक्ति को सक्षम बना सकता है, लेकिन सही निर्णय लेने की क्षमता कई अन्य सामाजिक और पारिवारिक बातों पर भी निर्भर करती है. डॉ. बर्नवाल का मानना है कि पहले संयुक्त परिवारों का ढांचा मजबूत था. शिशु दादा-दादी, चाचा-चाची और अन्य रिश्तेदारों के बीच बड़े होते थे. आज अधिकांश परिवार एकल परिवार बन गए हैं. कामकाजी माता-पिता के कारण बच्चों को पहले जैसी पारिवारिक निकटता नहीं मिल पाती. इससे कई बार सामाजिक व्यवहार, भावनात्मक समझ और रिश्तों को संभालने की क्षमता प्रभावित होती है. नार्सिसिज्म: व्यक्तित्व में छिपा आत्ममोह नार्सिसिज्म एक ऐसा व्यक्तित्व गुण है जिसमें व्यक्ति स्वयं को सबसे अधिक महत्व देता है और दूसरों की भावनाओं को कम महत्व देता है. ऐसे लोगों में अक्सर नियंत्रण रखने की प्रवृत्ति, अत्यधिक आत्मकेंद्रित सोच और सामाजिक व्यवहार की कमी दिखाई देती है.  डॉ. बर्नवाल के अनुसार, कई बार ऐसे व्यक्तित्व लक्षण बचपन या युवावस्था में स्पष्ट नहीं दिखते. परिवार भी उन्हें पहचान नहीं पाता. लेकिन जब किसी व्यक्ति की इच्छाएँ और जुनून अत्यधिक बढ़ जाते हैं, तब यह समस्या सामने आती है. कुछ मामलों में यह प्रवृत्ति इतनी गहरी हो सकती है कि व्यक्ति कानून, सामाजिक आलोचना या नैतिक जिम्मेदारियों की भी परवाह नहीं करता. जब किसी व्यक्ति में सहानुभूति की कमी आ जाती है, तो वह अपने जीवनसाथी को एक इंसान के रूप में नहीं बल्कि अपनी इच्छाओं के रास्ते की बाधा के रूप में देखने लगता है. यही सोच आगे चलकर खतरनाक और आपराधिक व्यवहार का आधार बन सकती है. ‘कैंसल कल्चर’ और आभासी जीवन का प्रभाव आज के दौर में कुछ लोग अपनी इच्छाओं और अपेक्षाओं को सर्वोपरि मानने लगे हैं. यदि कोई व्यक्ति उनकी सोच या पसंद के अनुरूप नहीं होता, तो उसे जीवन से बाहर कर देने की मानसिकता विकसित हो जाती है. इसे व्यापक रूप से कैंसल कल्चर की प्रवृत्ति के रूप में देखा जा सकता है. सोशल मीडिया और डिजिटल दुनिया ने भी इस सोच को प्रभावित किया है. कुछ लोग आभासी दुनिया में दिखने वाली विलासितापूर्ण जीवनशैली को वास्तविक जीवन मान बैठते हैं. जब वास्तविक जीवन उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं होता, तो उनमें निराशा, असंतोष और रिश्तों के प्रति नकारात्मक भावनाएं पैदा हो सकती हैं. धीरे-धीरे वे व्यावहारिक जीवन की चुनौतियों को स्वीकार करने की बजाय उन्हें हटाने की कोशिश करने लगते हैं. त्वरित समाधान की मानसिकता आधुनिक मनोविज्ञान में इसे इंस्टैंट ग्रैटिफिकेशन कहा जाता है. ऐसे लोग हर समस्या का तत्काल समाधान चाहते हैं. वे रिश्तों में आने वाली कठिनाइयों, तलाक, पारिवारिक विरोध या सामाजिक आलोचना का सामना करने से बचना चाहते हैं. कई बार वे यह मान बैठते हैं कि किसी व्यक्ति को रास्ते से हटाने से उनकी सभी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी. लेकिन वास्तविकता में ऐसे निर्णय न केवल अपराध की ओर ले जाते हैं, बल्कि कई परिवारों और जीवनों को भी बर्बाद कर देते हैं. अपराध कथाओं और सोशल मीडिया का प्रभाव अपराध विज्ञान के विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार अपराध संबंधी समाचारें, वेब सीरीज़ और सनसनीखेज सामग्री देखने से कुछ लोगों में यह गलत धारणा बन सकती है कि वे अपराध करके बच सकते हैं. हालांकि अधिकांश लोग ऐसी सामग्री को केवल मनोरंजन के रूप में देखते हैं, लेकिन जिन व्यक्तियों में पहले से ही चालाकी, हेरफेर या नैतिक कमजोरी की प्रवृत्ति होती है, उनमें यह सामग्री जोखिमपूर्ण सोच को बढ़ावा दे सकती है. क्या यह केवल स्त्रीओं का मुद्दा है? विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि यह केवल स्त्रीओं से जुड़ा मुद्दा नहीं है. हिंदुस्तान और दुनिया भर के आंकड़े बताते हैं कि जीवनसाथी की हत्या के मामलों में पुरुषों की संख्या अभी भी अधिक है. हाल के कुछ चर्चित मामलों में स्त्री आरोपियों के सामने आने से यह धारणा बन सकती है कि यह स्त्रीओं से जुड़ी नई प्रवृत्ति है, लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अधिक जटिल है. इस विषय पर मनोवैज्ञानिक डॉ. भूमिका सच्चार बताती हैं कि इन घटनाओं के पीछे पारिवारिक उपेक्षा एक महत्वपूर्ण कारण है, जिसे वे साइलेंट क्राइसिस कहती हैं. परिवार कई बार बच्चों या युवाओं के व्यवहार संबंधी संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं. पहचान का दमन, भावनात्मक सहयोग की कमी, पारिवारिक तनाव, गुस्से की समस्या, रिश्तों को संभालने में कठिनाई और इम्पल्सिव व्यवहार जैसे संकेतों को अक्सर गंभीरता से नहीं लिया जाता. उनका मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी और सोशल मीडिया का

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खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे पीएम मोदी? ईरान के राष्ट्रपति ने भेजा विशेष न्योता

Iran Invites PM Modi: खामनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ीं रस्में पांच से नौ जुलाई तक होंगी. खामेनेई ने तीन दशकों तक ईरान पर शासन किया. वह 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका द्वारा संयुक्त रूप से ईरान पर किये गए हमले में मारे गए थे. खामनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम पांच, छह और सात जुलाई को तेहरान और कोम में आयोजित किये जाएंगे, जबकि अंतिम कार्यक्रम नौ जुलाई को मशहद शहर में होगा. ईरान-अमेरिका के बीच हुआ समझौता, होर्मुज भी खुला अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो चुका है. होर्मुज स्ट्रेट पर से जहाजों की आवाजाही शुरू हो चुकी है. युद्ध खत्म करने के अंतरिम समझौते के तहत अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में 60 दिन की छूट देने वाला लाइसेंस जारी किया. खास बात यह है कि इस लाइसेंस से ईरानी तेल का अमेरिका में आयात किया जा सकेगा. अमेरिका ने 1990 के दशक के बाद से ईरानी तेल का बड़े पैमाने पर आयात नहीं किया है. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान के टैरिफ को लेकर मंत्री पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, कहा-मुझे झूठे आंकड़े मत दो The post खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे पीएम मोदी? ईरान के राष्ट्रपति ने भेजा विशेष न्योता appeared first on Naya Vichar.

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महापंचायत में भरत तिवारी को याद कर फूट-फूटकर रो पड़े पिता, बोले- यहां खड़े हर युवा में मुझे मेरा बेटा नजर आ रहा है

Bharat Tiwari Encounter Case: भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में आयोजित महापंचायत के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिला. हजारों लोगों की मौजूदगी में जब भरत तिवारी के पिता मंच पर पहुंचे, तो बेटे को याद करते हुए खुद को संभाल नहीं सके. भरत के पिता काशीनाथ तिवारी ने कहा कि उनका बेटा भरत देशभक्त था. वह हमेशा गांव, समाज और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए खड़ा रहता था. लोगों की समस्याओं को उठाना ही उसकी पहचान थी. यहां खड़े हर युवा में मुझे भरत तिवारी मेरा बेटा नजर आ रहा है. इतना कहते-कहते उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और वे मंच पर ही फूट-फूटकर रोने लगे. शाहपुर, आरा: हिंदुस्तान भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बुलाई गई महापंचायत. भीड़ के सामने ही फूट फूटकर रोने भरत तिवारी के पिता.#BiharNews #Mahapanchayat #YouthVoice #bharattiwari #prabhatkhabar pic.twitter.com/xGKfwz6ejw — Naya Vichar (@prabhatkhabar) June 24, 2026 कुछ देर के लिए भावुक हो गया माहौल ग्राउंड जीरो पर पहुंचे राजकमल ने बताया कि भरत के पिता के भावुक होने के बाद महापंचायत में मौजूद लोग भी भावुक नजर आए. कुछ देर के लिए पूरा माहौल गमगीन हो गया. हालांकि, भीड़ लगातार “भरत तिवारी अमर रहे” के नारे लगाती रही. लोगों ने भरत को न्याय दिलाने की मांग दोहराई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. भोजपुर (आरा): भरत तिवारी मामले को लेकर आयोजित महापंचायत में उनके पिता हुए भावुक और फूट-फूटकर रो पड़े.#BiharNews #Mahapanchayat #JusticeForBharat #prabhatkhabar pic.twitter.com/DnRGSfzLi4 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) June 24, 2026 महापंचायत में जुटी हजारों की भीड़ भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में आयोजित इस महापंचायत में हजारों लोग पहुंचे हैं. भोजपुर के अलावा आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से भी लोग कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे. महापंचायत का मुख्य मुद्दा भरत तिवारी को न्याय दिलाना और एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कराना है. प्रशांत किशोर ने परिवार से की मुलाकात जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी महापंचायत में शामिल हुए. कार्यक्रम से पहले उन्होंने भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया. उन्होंने परिजनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और मामले की जांच को लेकर अपनी बात रखी. जांच को लेकर उठाए सवाल महापंचायत को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जांच केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री की भूमिका की जांच होगी या नहीं? उस एसटीएफ अधिकारी की जांच होगी या नहीं, जिस पर आदेश देने का आरोप है? उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए. भाई चंदन ने क्या मांग की? भरत तिवारी के भाई चंदन ने कहा कि उनके भाई बाढ़ पीड़ितों और गांव के लोगों की समस्याओं के लिए लगातार संघर्ष कर रहे थे. उन्होंने मांग की कि जिन मुद्दों को लेकर भरत आवाज उठा रहे थे, उन्हें जल्द पूरा किया जाए. साथ ही एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. देशभर से पहुंचे लोगों ने जताया समर्थन महापंचायत में शामिल लोगों ने भी भरत तिवारी के समर्थन में अपनी बात रखी. नालंदा से पहुंचे मन्नु यादव ने कहा कि भरत का बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणा है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. वहीं दिल्ली से पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता रवीश भारद्वाज ने कहा कि जिस गांव की समस्याओं को लेकर भरत संघर्ष कर रहे थे, वहां विकास कार्य और सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए. न्याय की मांग के साथ जारी है महापंचायत बिलौटी गांव में चल रही महापंचायत का केंद्र बिंदु भरत तिवारी को न्याय दिलाना है. मंच से लगातार निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और गांव की समस्याओं के समाधान की मांग उठ रही है. फिलहाल पूरे इलाके की नजर इस महापंचायत और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है. Also Read: भरत तिवारी के घर पहुंचे प्रशांत किशोर, महापंचायत में उमड़ा जनसैलाब, गांव में जुटे हजारों लोग Also Read: भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में महापंचायत, हजारों गाड़ियां पहुंचीं, गांव में लगा ‘शहीद भरत नगर’ का बोर्ड The post महापंचायत में भरत तिवारी को याद कर फूट-फूटकर रो पड़े पिता, बोले- यहां खड़े हर युवा में मुझे मेरा बेटा नजर आ रहा है appeared first on Naya Vichar.

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