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June 25, 2026

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भरत तिवारी एनकाउंटर पर पहली बार बोले CM सम्राट चौधरी, कहा- जो गलत होगा उस पर होगी कार्रवाई

Samrat Choudhary On Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से देख रही है और यदि किसी स्तर पर गलती पाई जाती है तो कार्रवाई तय है. उन्होंने यह बात पटना के ज्ञान भवन में आयोजित संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम में कही. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी कोई समस्या सामने आती है, प्रशासन तुरंत चिंतित होकर आगे बढ़ती है. इस मामले में राज्य के सबसे उच्च स्तर के आयोग का गठन किया गया है. जो गलत होगा, उस पर कार्रवाई होगी. न्यायिक जांच शुरू, बिलौटी पहुंचे रिटायर्ड जज भरत तिवारी एनकाउंटर की न्यायिक जांच भी शुरू हो गई है. गुरुवार को पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा अपनी टीम के साथ शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव पहुंचे. उनके साथ शाहाबाद रेंज के DIG सत्य प्रकाश, भोजपुर के DM तनय सुल्तानिया, SP राज और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे. परिजनों से मिले, घटनास्थल का किया निरीक्षण रिटायर्ड जज ने भरत तिवारी के माता-पिता और भाई से मुलाकात की. उन्होंने परिवार का पक्ष सुना और घटना से जुड़े स्थानों का भी निरीक्षण किया. जांच आयोग पूरे मामले की तथ्यात्मक जानकारी जुटाने में लगा है. भरत की मां बोलीं- दोषियों को फांसी मिले जांच टीम से मुलाकात के बाद भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि उन्होंने जज से अपने बेटे की हत्या में शामिल सभी लोगों को फांसी देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मामले की CBI जांच होनी चाहिए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें 8 दिन बाद परिजनों से मिले भोजपुर SP एनकाउंटर के आठ दिन बाद भोजपुर के SP राज भी भरत तिवारी के घर पहुंचे. उन्होंने करीब एक घंटे तक परिवार से बातचीत की. SP ने कहा कि वे परिवार का दर्द और पक्ष सुनने आए हैं. साथ ही निष्पक्ष जांच का भरोसा भी दिलाया. महापंचायत से विधानसभा घेराव की चेतावनी बुधवार को बिलौटी गांव में भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में महापंचायत आयोजित की गई. इसमें शामिल लोगों ने चेतावनी दी कि यदि भरत तिवारी की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो श्राद्धकर्म के बाद विधानसभा का घेराव किया जाएगा. Also Read: भरत की मां रिटायर्ड जज से बोलीं- बेटे के हत्यारों को फांसी हो, SDM भी दोषी, बिलौटी पहुंचकर विनोद कुमार सिन्हा ने की जांच The post भरत तिवारी एनकाउंटर पर पहली बार बोले CM सम्राट चौधरी, कहा- जो गलत होगा उस पर होगी कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाले हैं, तो जानिए आपकी कमाई पर कितना बनेगा टैक्स?

ITR Filing 2026: फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की अंतिम तारीख अब ज्यादा दूर नहीं है. ऐसे में लाखों नौकरीपेशा के मन में एक सवाल है कि आखिर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उनकी टैक्स देनदारी (Tax Liability) कैसे तय करता है. रिटर्न दाखिल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि टैक्स की गणना किन चरणों में होती है और किन बातों का ध्यान रखा जाता है. सबसे पहले क्या देखा जाता है? इनकम टैक्स डिपार्टमेंट सबसे पहले यह तय करता है कि करदाता (Taxpayer) हिंदुस्तान का निवासी (Resident) है या अनिवासी (Non-Resident). निवासी व्यक्ति की वैश्विक आय (Global Income) पर टैक्स लागू हो सकता है. अनिवासी व्यक्ति पर केवल हिंदुस्तान में प्राप्त या अर्जित आय पर टैक्स लगता है. यही आधार आगे की पूरी टैक्स गणना को प्रभावित करता है. कुल इनकम कैसे निकाली जाती है? टैक्स डिपार्टमेंट आपकी इनकम को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर गणना करता है. इसमें मुख्य रूप से 5 स्रोत शामिल होते हैं. इनकम का स्रोत उदाहरण वेतन (Salary) नौकरी से मिलने वाली इनकम  हाउस प्रॉपर्टी किराए की इनकम  बिजनेस या प्रोफेशन व्यापार या पेशे से कमाई कैपिटल गेन शेयर, प्रॉपर्टी आदि बेचने से लाभ अन्य स्रोत ब्याज, एफडी, डिविडेंड आदि इसके बाद विभाग कुछ अन्य जरूरी कदम उठाता है: जरूरत होने पर क्लबिंग ऑफ इनकम लागू की जाती है. पुराने नुकसान (Losses) का सेट-ऑफ और कैरी फॉरवर्ड किया जाता है. धारा 80C, 80D जैसी योग्य कटौतियां (Deductions) घटाई जाती हैं. इसके बाद कुल कर योग्य आय (Total Income) तय होती है. टैक्स देनदारी कैसे तय होती है? कुल इनकम तय होने के बाद उसे दो हिस्सों में बांटा जाता है: सामान्य आय (Normal Income) विशेष दर वाली आय (Special Income) सामान्य इनकम पर चुने गए टैक्स रिजीम और स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है, जबकि कुछ विशेष इनकम पर अलग दरें लागू हो सकती हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि कृषि आय (Agricultural Income) टैक्स मुक्त रहती है, हालांकि कुछ मामलों में टैक्स दर तय करने के लिए इसे गणना में शामिल किया जाता है. अंतिम टैक्स कितना देना होगा? अंतिम टैक्स देनदारी निकालते समय विभाग पहले कुल टैक्स की गणना करता है और फिर पहले से जमा टैक्स को घटाता है. इसमें शामिल हैं: एडवांस टैक्स TDS (Tax Deducted at Source) TCS (Tax Collected at Source) सेल्फ असेसमेंट टैक्स अगर रिटर्न देर से भरा गया है या टैक्स समय पर जमा नहीं किया गया है तो ब्याज और लेट फीस भी जोड़ी जा सकती है. आखिर में सरचार्ज और हेल्थ-एंड-एजुकेशन सेस जोड़कर अंतिम देनदारी तय की जाती है. क्या है आपके लिए जरूरी? ITR भरने से पहले अपनी इनकम, कटौतियों और पहले से कटे हुए TDS का मिलान जरूर कर लें. इससे रिटर्न दाखिल करते समय किसी तरह की गलती या अतिरिक्त टैक्स भुगतान से बचा जा सकता है. सही जानकारी के साथ रिटर्न भरना न सिर्फ आसान होता है, बल्कि भविष्य में नोटिस जैसी परेशानियों की संभावना भी कम हो जाती है. ये भी पढ़ें: Passport मिला तो क्या बन गए पक्के हिंदुस्तानीय? MEA ने दूर किया सालों पुराना कन्फ्यूजन! The post इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाले हैं, तो जानिए आपकी कमाई पर कितना बनेगा टैक्स? appeared first on Naya Vichar.

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क्या गैर-नागरिकों को भी मिल सकता है भारतीय पासपोर्ट? जानिए क्या कहता है पासपोर्ट अधिनियम 1967

Passports: सोशल मीडिया पर बहस छिड़ने के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मोदी प्रशासन ने पिछले 12 सालों में पासपोर्ट को लेकर कोई नया फैसला नहीं लिया है. यह कल तय नहीं किया गया है कि पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं है. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार प्रशासन ने बताया- पासपोर्ट अधिनियम 1967 के अनुसार, गैर-नागरिकों को भी पासपोर्ट दिया जा सकता है. क्या है पासपोर्ट अधिनियम 1967 ? पासपोर्ट अधिनियम 1967 पूरे हिंदुस्तान में विदेश यात्रा और पासपोर्ट से जुड़े नियमों (जैसे पासपोर्ट बनाना, रिन्यू करना या रद्द करना) को संभालता है. इस कानून में एक विशेष नियम है कि प्रशासन जरूरत पड़ने पर किसी विदेशी या गैर-नागरिक को भी पासपोर्ट या यात्रा से जुड़े दस्तावेज दे सकती है. इसी वजह से पासपोर्ट को नागरिकता का अंतिम सबूत नहीं माना जाता. पासपोर्ट आपकी पहचान और विदेश यात्रा के लिए एक जरूरी दस्तावेज है, जो यह तो दिखाता है कि आप नागरिक हो सकते हैं, लेकिन आपकी असली नागरिकता देश के संविधान और नागरिकता कानून (Citizenship Act) से तय होती है, किसी एक पासपोर्ट से नहीं. बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2013 में क्या दिया था फैसला? बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2013 में अपने फैसले में यह स्पष्ट किया था कि हिंदुस्तान में किसी भी व्यक्ति की नागरिकता ‘नागरिकता अधिनियम, 1955’ (The Citizenship Act, 1955) के तहत तय होती है. निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आधार नागरिकता का पक्का सबूत नहीं है, बल्कि सिर्फ पहचान का दस्तावेज है. पीआईबी ने 20 दिसंबर 2019 को नागरिकता को लेकर दिया था जवाब 20 दिसंबर 2019 को प्रशासन की संस्था पीआईबी (PIB) ने एनआरसी और सीएए से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब दिए थे. उन्होंने बताया था कि कोई भी व्यक्ति अपनी जन्म तिथि और जन्म के स्थान का प्रमाण देकर अपनी नागरिकता साबित कर सकता है. पीआईबी ने यह भी साफ किया कि हिंदुस्तान में नागरिकता देने या तय करने का काम नागरिकता नियम 2009 के तहत होता है, जो कि हमारे मूल नागरिकता कानून 1955 पर बने हैं. पासपोर्ट को लेकर विदेश मंत्रालय ने क्या दिया था बयान विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने 24 जून पासपोर्ट सेवा दिवस के दिन बयान दिया कि पासपोर्ट यात्रा का दस्तावेज है, नागरिकता का सबूत नहीं. यह ऐसा दस्तावेज नहीं है जो नागरिकता साबित करता हो. बयान सामने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई. राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने इस मामले पर प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने एक्स पर कहा, तो फिर कौन सा दस्तावेज नागरिकता का साक्ष्य है? बीएलओ मेरी नागरिकता पर शक कर सकता है, मुझे वोट देने से रोक सकता है. नतीजा : भाजपा चुनाव जीत जाती है. MEAJune 24, 2026 : “A passport is a travel document, and not a document of citizenship.” Which document then is proof of citizenship? BLO can doubt my citizenship Deprive me of my vote Result BJP wins the election Over to Supreme Court ! — Kapil Sibal (@KapilSibal) June 24, 2026 भाजपा नेता अमित मालवीय ने क्या कहा? भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने कोई नई नीति घोषित नहीं की है, बल्कि केवल एक स्थापित कानूनी स्थिति को दोहराया है. एक्स पर एक पोस्ट में, उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानीय अदालतों ने बार-बार यह माना है कि पासपोर्ट नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं है, और 2013 के बॉम्बे उच्च न्यायालय के फैसले और बाद के उन कथनों का हवाला दिया है जिनमें कहा गया है कि नागरिकता का निर्धारण नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत पात्रता और सहायक साक्ष्यों के आधार पर किया जाता है. महुआ मोइत्रा ने प्रशासन पर कसा तंज तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा ने इस मुद्दे पर प्रशासन पर तंज कसा. उन्होंने एक्स पर कहा, ऐसा लगता है कि आज हिंदुस्तानीय नागरिकता का एकमात्र सबूत हिंदू और भाजपा का मतदाता होना है. इसके अलावा और कुछ नहीं चलेगा. गीतकार जावेद अख्तर ने विदेश मंत्रालय के बयान को बताया बेतुका गीतकार जावेद अख्तर ने विदेश मंत्रालय के स्पष्टीकरण को बेतुका बताया. उन्होंने एक्स पर कहा, विदेश मंत्रालय का कहना है कि पासपोर्ट यात्रा का दस्तावेज है, नागरिकता का सबूत नहीं. सच में??? तो क्या वे कुछ लोगों को यह यात्रा दस्तावेज पूरी तरह आश्वस्त हुए बिना दे रहे हैं कि यह व्यक्ति हिंदुस्तानीय नागरिक है?? यह बेतुका है. The post क्या गैर-नागरिकों को भी मिल सकता है हिंदुस्तानीय पासपोर्ट? जानिए क्या कहता है पासपोर्ट अधिनियम 1967 appeared first on Naya Vichar.

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AI हब बनेगा बिहार, Google-Microsoft के साथ सम्राट सरकार का मेगा प्लान, नहीं होगी रोजगार की कमी

Bihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनमें बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का केंद्र बनाने, नई टाउनशिप विकसित करने और ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार देने जैसे बड़े फैसले शामिल हैं. AI हब बनेगा बिहार बिहार प्रशासन ने राज्य में AI आधारित इकोसिस्टम विकसित करने का फैसला किया है. इसके लिए Google Cloud India, Microsoft India, Sarvam और CoRover जैसी बड़ी तकनीकी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किया जाएगा. आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि इन कंपनियों के सहयोग से प्रशासनी अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों को AI की ट्रेनिंग दी जाएगी. इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और मेडिकल कॉलेजों के छात्रों के लिए विशेष पाठ्यक्रम भी तैयार होंगे. स्थानीय भाषाओं पर भी होगा काम प्रशासन शोधकर्ताओं को हिंदुस्तानीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों पर AI आधारित रिसर्च के लिए सहयोग देगी. इसके अलावा डेटा सुरक्षा, क्लाउड नीति, डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं के लिए एकीकृत डेटा प्लेटफॉर्म विकसित करने पर भी काम होगा. स्टार्टअप और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा प्रशासन का मानना है कि इन समझौतों से स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत होगा. नए निवेश आएंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. साथ ही तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा. डेहरी में बनेगी नई सैटेलाइट टाउनशिप कैबिनेट ने रोहतास जिले के डेहरी में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने को मंजूरी दे दी है. यह बिहार की 12वीं सैटेलाइट टाउनशिप होगी. टाउनशिप के विकास के लिए हडको से एक लाख करोड़ रुपए तक का दीर्घकालिक ऋण लेने का रास्ता भी साफ कर दिया गया है. शहरों के विकास को मिलेगी रफ्तार प्रशासन का दावा है कि नई टाउनशिप से आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित होगी. इससे निजी निवेश आकर्षित होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे. साथ ही सीतामढ़ी, छपरा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर आयोजना क्षेत्रों के विस्तार को भी मंजूरी दी गई है. इससे इन शहरों में नए आवासीय और व्यावसायिक विकास को गति मिलेगी. पर्यटन के लिए 5 हजार करोड़ का इंतजाम बिहार पर्यटन नीति-2023 के तहत पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम को 5 हजार करोड़ रुपए तक के वित्तपोषण की मंजूरी दी गई है. इस राशि का उपयोग पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं विकसित करने और नए पर्यटन प्रोजेक्ट शुरू करने में किया जाएगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिन रोजगार कैबिनेट ने विकसित हिंदुस्तान-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के तहत नई बिहार राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के गठन को भी मंजूरी दी है. नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र परिवारों को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी मिलेगी. योजनाओं की निगरानी भी होगी मजबूत नई परिषद प्रशासन को योजना से जुड़े मामलों में सलाह देगी. साथ ही निगरानी और शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा भी करेगी. प्रशासन का दावा है कि इससे योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी और समयबद्ध होगा. बिहार प्रशासन के इन फैसलों को राज्य में तकनीकी विकास, शहरी विस्तार और रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. Also Read: भरत की मां रिटायर्ड जज से बोलीं- बेटे के हत्यारों को फांसी हो, SDM भी दोषी, बिलौटी पहुंचकर विनोद कुमार सिन्हा ने की जांच Also Read: मां का साथ बचपन में छूट गया, लेकिन सपना नहीं टूटा, नानी के घर पली हिमाली अब बनेंगी SDM, पढ़िए सफलता की पूरी कहानी The post AI हब बनेगा बिहार, Google-Microsoft के साथ सम्राट प्रशासन का मेगा प्लान, नहीं होगी रोजगार की कमी appeared first on Naya Vichar.

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PoK को तड़पाकर दम लेगी मुनीर की पलटन! विरोध करने की सजा- आटा, तेल और दवाई की नाकेबंदी; हालात बेकाबू

Pakistan Blockade on POK: पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में चल रहे प्रशासन विरोधी आंदोलन के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. स्थानीय लोगों और ट्रक चालकों का आरोप है कि पाकिस्तान प्रशासन इलाके में खाने-पीने की चीजों, ईंधन और दवाओं की सप्लाई रोककर प्रदर्शनकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. हालांकि पाकिस्तान के अधिकारियों ने किसी भी तरह की नाकेबंदी से इनकार किया है. लेकिन बीबीसी उर्दू, डॉन और अंतर्राष्ट्रीय न्यूज एजेंसी की रिपोर्टों के अनुसार, इलाके में जरूरी सामान की कमी बढ़ती जा रही है. अंतर्राष्ट्रीय न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, कई शहरों में ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रदर्शन, धरने और व्यापार बंद होने से लोगों को जरूरी चीजें हासिल करने में मुश्किल हो रही है. पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद में लोगों को एक सप्ताह से ज्यादा समय से परेशानी झेलनी पड़ रही है. बाजार बंद हैं और खाने-पीने की चीजों की कमी बढ़ रही है. मोबाइल इंटरनेट सेवाओं में भी रुकावट की समाचारें सामने आई हैं. हालांकि, स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों का कहना है कि पाकिस्तान प्रशासन ने जानबूझकर खाने, ईंधन और मेडिकल सप्लाई की आवाजाही सीमित कर संकट को और बढ़ा दिया. पेट्रोल के लिए लोग मजबूर ईंधन की कमी गंभीर समस्या बन गई है. डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पुंछ और मुजफ्फराबाद जिलों में पेट्रोल पंप बंद रहे. कई वाहन चालकों ने बताया कि उन्हें गाड़ियों को चलाने के लिए ब्लैक मार्केट से महंगे दामों पर पेट्रोल खरीदना पड़ा. फिर बढ़ी आटे की किल्लत  बीबीसी उर्दू के अनुसार, पुंछ सेक्टर, रावलाकोट, बाग और दूरदराज के नीलम घाटी इलाके में खाने, ईंधन और दवाओं की कमी की शिकायतें सामने आई हैं. नीलम जिले के निवासी अलिफ दीन ने बीबीसी उर्दू से कहा, ‘मैं पिछले 15 दिनों से डिपो में पैसे जमा कर रहा हूं, लेकिन अभी तक मुझे आटा नहीं मिला. मैं हर दिन डिपो जाता हूं, लेकिन मुझे आटा नहीं दिया जाता.’ उन्होंने बताया कि बाजार में उपलब्ध आटे की कीमत भी काफी बढ़ गई है. लोगों का आरोप- जरूरी सामान लेकर लौटने नहीं दिया जा रहा कमी बढ़ने के बाद कई लोग पाकिस्तान के दूसरे इलाकों में जाकर सामान खरीदने लगे. डॉन के अनुसार, मुजफ्फराबाद के लोग खाने और ईंधन के लिए पड़ोसी राज्य खैबर पख्तूनख्वा जा रहे हैं. वहीं पुंछ, रावलाकोट, बाग और नीलम घाटी के लोग आटा, चावल, चीनी, दाल, दवाएं और पेट्रोल खरीदने के लिए रावलपिंडी और इस्लामाबाद तक जा रहे हैं. लेकिन कई लोगों का दावा है कि उन्हें यह सामान वापस POK लाने से रोका जा रहा है. London Kashmiris protest Pakistan’s blockade in POK: no food, no medicine. British nationals trapped. British Azad Kashmiri killed in Kotli. pic.twitter.com/bZ6yYxdvo9 — SILENT BRIEF (@SilentBriefHQ) June 22, 2026 पीओके में चल रही नाकेबंदी के विरोध में इंग्लैंड में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए. यह वीडियो वहीं का है. पुलिस पर सामान रोकने का आरोप बीबीसी उर्दू के अनुसार, कई जगहों पर चेकपोस्ट और सड़क अवरोधों के कारण खाने, दवाओं और ईंधन से भरे वाहनों को रोका जा रहा है. नवीद नाम के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि आजाद पट्टन के पास पुलिस ने उसकी गाड़ी रोक दी और कहा कि वह रावलपिंडी से खरीदा गया खाना, दवा और पेट्रोल फेंक दे, तभी उसे आगे जाने दिया जाएगा. नवीद ने कहा, ‘मैंने पुलिस से बहुत रिक्वेस्ट की कि भगवान के लिए मुझे खाना और पीने का सामान घर ले जाने दें. मेरे घर में अब भूख की स्थिति बन गई है. मेरी पत्नी भी प्रेग्नेंट है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया और कहा कि अगर तुम अपने हाथों से खाना, पीना और दवाएं फेंक देते हो तो जाने दिया जाएगा, नहीं तो वापस जाओ.’ ट्रकों को रोके जाने का दावा बीबीसी उर्दू की रिपोर्ट के अनुसार, आटा, चावल, दाल, सब्जियों और अन्य जरूरी सामान से भरे ट्रकों को आजाद पट्टन और फगवारी के पास रोका गया. कुछ ट्रक चालकों ने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस के जवान उन्हें POK में प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं. इसके कारण कई ट्रक कई दिनों तक रास्ते में खड़े रहे और खराब होने वाला सामान खराब हो गया. सोशल मीडिया पर भी कुछ वीडियो सामने आए हैं जिनमें सड़कों पर ट्रकों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं. पाकिस्तान ने आरोपों को किया खारिज पाकिस्तान प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया है. POK पुलिस प्रमुख और पुंछ, मुजफ्फराबाद और नीलम घाटी के अधिकारियों ने बीबीसी उर्दू को बताया कि जरूरी सामान लेकर आने वाले किसी भी वाहन को नहीं रोका गया और सप्लाई जारी है. हालांकि, डॉन की एक रिपोर्ट में एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से कहा गया कि इस्लामाबाद ने JAAC आंदोलन को कमजोर करने के लिए कई कदम उठाए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, इनमें प्रदर्शनकारियों तक पहुंचने वाली खाद्य सामग्री और अन्य सप्लाई को प्रभावित करने की रणनीति भी शामिल थी. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये कदम केवल रावलाकोट में बैठे प्रदर्शनकारियों तक सीमित थे या पूरे POK को प्रभावित कर रहे थे. ये भी पढ़ें:- ऐसा लग रहा जैसे वेनेजुएला पर हजारों बम बरसे हों, बदहवास अपनों को ढूंढती आंखें; भूकंप से मचा हाहाकार; लगी इमरजेंसी ये भी पढ़ें:- बिल गेट्स ने कबूले तीन अवैध अश्ते, दो रशियन और एक अमीर अमेरिकन; एपस्टीन को लेकर कही ये बात विवाद की शुरुआत कैसे हुई? इस पूरे विवाद की शुरुआत पाक अधिकृत कश्मीर विधानसभा की 12 सीटों को लेकर हुई. ये सीटें हिंदुस्तान प्रशासित कश्मीर से आए शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं. स्थानीय संगठनों का आरोप है कि इस व्यवस्था का इस्तेमाल इस्लामाबाद चुनावों को प्रभावित करने और अपनी पसंद की प्रशासन बनाने के लिए करता है. इसी मुद्दे को लेकर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने आंदोलन शुरू किया. पाकिस्तान प्रशासन ने JAAC को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया और उसके समर्थकों पर कार्रवाई शुरू की. रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान हुई झड़पों में कम से कम 58 लोगों की मौत हुई है. आंदोलन और तेज होने के संकेत इस बीच JAAC का आंदोलन लगातार बढ़ रहा है. रिपोर्टों के अनुसार, POK के कई शहरों और गांवों में प्रदर्शन फैल चुके हैं. रावलाकोट के ईदगाह मैदान में चल

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मिर्जापुर की गद्दी के लिए फिर होगा कालीन भैया-गुड्डू पंडित में संग्राम, देखें भौकाल मचाने वाला टीजर

Mirzapur The Movie Teaser: अमेजन प्राइम वीडियो पर तीन ब्लॉकबस्टर सीजन के बाद, मिर्जापुर अपनी पहली फिल्म के लिए पूरी तरह तैयार है. इसका टीजर फाइनली रिलीज कर दिया गया है. इसमें पंकज त्रिपाठी, कलीन भैया बनकर मिर्जापुर पर राज कर रहे हैं. वहीं अली फजल दुश्मनों का खात्मा करते दिखाई दिए. छोटे से क्लिप में राजेश तैलंग, शीबा चड्ढा और दिव्येंदु जैसे कलाकारों का भी भौकाल देखने को मिल रहा है. रवि किशन भी इस इस फ्रैंचाइज से जुड़ गए हैं. Mirzapur The Movie Teaser: मिर्जापुर का धांसू टीजर आउट करीब 2 मिनट 22 सेकंड लंबे इस टीजर की ओपनिंग कालीन भैया (पंकज त्रिपाठीोतग िोोत) के दमदार सीन से होती है. पूजा-पाठ के बीच वह अपने उत्तराधिकारी को लेकर चिंता जाहिर करते नजर आते हैं. इसके बाद स्क्रीन पर गुड्डू पंडित की एंट्री होती है, जो अपने पिता के सामने सत्ता की भूख को लेकर अपनी सोच रखते हैं. उनका आत्मविश्वास और अंदाज साफ बता देता है कि वह किसी भी कीमत पर टॉप तक पहुंचना चाहते हैं. Film Brings Alive Old Mirzapur Vibes: पुराने मिर्जापुर वाले वाइब्स को जिंदा करती है फिल्म टीजर जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, माहौल और ज्यादा इंटेंस हो जाता है. तभी मुन्ना भैया की एंट्री होती है, जो अपने स्वैग और बेबाक अंदाज से पूरी लाइमलाइट लूट लेते हैं. उनकी मौजूदगी पुराने मिर्जापुर वाले वाइब्स को फिर से जिंदा कर देती है और फैंस की एक्साइटमेंट को अगले लेवल पर पहुंचा देती है. कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना त्रिपाठी की तिकड़ी एक बार फिर दर्शकों को मिर्जापुर की उसी खूंखार दुनिया में लेकर जाती है, जहां सत्ता, बदला और भौकाल हर कहानी का सबसे बड़ा हिस्सा है. Mirzapur The Movie Teaser: कब रिलीज होगी मिर्जापुर अमेजन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट की ओर से प्रस्तुत, मिर्जापुर: द मूवी का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है. इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने इसका निर्माण किया है. फिल्म के सह-निर्माता कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी हैं. मिर्जापुर 4 सितंबर 2026 को हिंदी और तेलुगु में सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है. यह भी पढ़ें- Mirzapur The Film में पहले से ज्यादा दमदार होगा ‘गुड्डू पंडित’ का रोल, अली फजल बोले- दर्शकों को मिलेगा नया एक्सपीरियंस यह भी पढ़ें- ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में क्या होगा खास? गुड्डू पंडित ने फिल्म को लेकर खोले कई राज The post मिर्जापुर की गद्दी के लिए फिर होगा कालीन भैया-गुड्डू पंडित में संग्राम, देखें भौकाल मचाने वाला टीजर appeared first on Naya Vichar.

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KTM 790 Duke हुई अपडेट, 105hp ताकत के साथ मिले बड़े अपडेट, जानिए पूरी डिटेल

परफॉर्मेंस बाइक सेगमेंट में KTM ने अपनी लोकप्रिय 790 Duke को बड़े बदलावों के साथ पेश कर दिया है. कंपनी ने इस मिडिलवेट नेकेड मोटरसाइकिल को सिर्फ कॉस्मेटिक अपडेट तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसके डिजाइन, हैंडलिंग, सस्पेंशन और राइडिंग एक्सपीरियंस में भी कई अहम सुधार किए हैं. नई 790 Duke पहले से ज्यादा आक्रामक दिखती है और KTM का दावा है कि इसका वजन भी पुराने मॉडल की तुलना में कम किया गया है. ऐसे में यह बाइक उन राइडर्स को खास तौर पर आकर्षित कर सकती है जो स्पोर्टी परफॉर्मेंस के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी की तलाश में हैं. पहले से ज्यादा शार्प और अग्रेसिव हुआ डिजाइन नई KTM 790 Duke को देखकर पहली नजर में ही बदलाव साफ दिखाई देते हैं. बाइक में नया LED हेडलाइट सेटअप, ज्यादा आकर्षक फ्रंट प्रोफाइल और रीडिजाइन किया गया फ्यूल टैंक दिया गया है. स्लिम बॉडीवर्क और बड़े फ्रंट काउल के कारण इसकी रोड प्रेजेंस पहले से ज्यादा दमदार नजर आती है. KTM ने डिजाइन को ऐसा बनाया है कि बाइक खड़ी होने पर भी स्पोर्टी और तेज रफ्तार का एहसास कराती है. राइडिंग पोजिशन में बदलाव से बढ़ेगा आराम नई 790 Duke में एर्गोनॉमिक्स पर खास ध्यान दिया गया है. कंपनी ने नया हैंडलबार दिया है जिसका एंगल पहले की तुलना में ज्यादा खुला है. इससे लंबी दूरी की राइडिंग के दौरान बेहतर कंट्रोल और आराम मिलने की उम्मीद है. KTM का मानना है कि यह बदलाव शहर और हाईवे दोनों परिस्थितियों में राइडर का अनुभव बेहतर बनाएगा. 799cc इंजन में बरकरार है दमदार परफॉर्मेंस बाइक में 799cc का LC8c पैरेलल-ट्विन, लिक्विड-कूल्ड इंजन मिलता है जो 105hp की अधिकतम पावर और 87Nm का टॉर्क पैदा करता है. यह आंकड़े कई एंट्री-लेवल कॉम्पैक्ट SUVs के पावर आउटपुट के बराबर माने जा सकते हैं. इंजन के साथ 6-स्पीड गियरबॉक्स और स्लिप-एंड-असिस्ट क्लच दिया गया है, जिससे गियर शिफ्टिंग ज्यादा स्मूद और कंट्रोल्ड रहती है. सस्पेंशन और ब्रेकिंग सिस्टम में बड़ा सुधार नई KTM 790 Duke का एक बड़ा आकर्षण इसका अपडेटेड सस्पेंशन सेटअप है. फ्रंट में 43mm अपसाइड-डाउन फोर्क्स दिए गए हैं जिनमें कंप्रेशन और रीबाउंड एडजस्टमेंट की सुविधा मिलती है. पीछे की तरफ मोनोशॉक यूनिट दी गई है जो प्रीलोड और रीबाउंड एडजस्टमेंट सपोर्ट करती है. इसके अलावा नया 5-क्लिक एडजस्टर राइडर्स को अपनी जरूरत के अनुसार सेटिंग बदलने की सुविधा देता है. ब्रेकिंग सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है. KTM ने इस मॉडल में इन-हाउस विकसित WP रेडियल ब्रेकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया है, जो तेज रफ्तार पर भी बेहतर कंट्रोल और भरोसेमंद ब्रेकिंग देने का दावा करता है. हिंदुस्तान में लॉन्च को लेकर क्या है स्थिति? नई KTM 790 Duke की बिक्री अंतरराष्ट्रीय बाजार में जुलाई के आखिर से शुरू होने वाली है. हालांकि हिंदुस्तानीय बाजार में इसके लॉन्च को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. लेकिन KTM की लोकप्रियता और हिंदुस्तानीय प्रीमियम बाइक सेगमेंट की बढ़ती मांग को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि कंपनी भविष्य में इसे हिंदुस्तानीय ग्राहकों के लिए भी पेश कर सकती है. नई 790 Duke उन राइडर्स के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती है जो सुपरबाइक जैसी परफॉर्मेंस, एडवांस फीचर्स और आधुनिक डिजाइन का बैलेंस्ड पैकेज चाहते हैं. यह भी पढ़ें: स्पोर्टी लुक और दमदार पावर, 2026 में KTM की ये बाइक्स मचा रही हैं धूम यह भी पढ़ें: कम हाइट वाले राइडर्स के लिए आसान हुई ऑफ-रोडिंग, 50mm कम सीट हाइट के साथ आई Kawasaki KLX230 S The post KTM 790 Duke हुई अपडेट, 105hp ताकत के साथ मिले बड़े अपडेट, जानिए पूरी डिटेल appeared first on Naya Vichar.

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वैभव सूर्यवंशी के मुरीद हुए जोस बटलर, भारतीय युवा सनसनी को लेकर कही ये बात

Jos Buttler viral statement: इंग्लैंड के स्टार क्रिकेटर जोस बटलर, जो अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और शानदार कप्तानी के लिए जाने जाते हैं, ने हिंदुस्तानीय युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है. बटलर ने वैभव की स्पोर्ट्स की शैली, बल्लेबाजी में निखार और मैदान पर उनकी मौजूदगी को असाधारण बताया है. इस युवा खिलाड़ी के स्पोर्ट्स से प्रभावित होकर बटलर ने कहा कि वैभव में भविष्य का एक बड़ा सितारा बनने की क्षमता है. वैभव सूर्यवंशी: एक उभरता हुआ सितारा वैभव सूर्यवंशी, एक युवा और प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं जिन्होंने हाल के दिनों में अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है. घरेलू क्रिकेट में उन्होंने कई बार अपनी टीम के लिए मैच जिताऊ पारियां स्पोर्ट्सी हैं. उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ-साथ तकनीक का भी बेहतरीन तालमेल देखने को मिलता है. मैदान पर उनका शांत स्वभाव और दबाव में स्पोर्ट्सने की क्षमता उन्हें और भी खास बनाती है. बटलर की नजर में वैभव का स्पोर्ट्स जोस बटलर, जो खुद एक आक्रामक बल्लेबाज और सफल कप्तान रहे हैं, ने वैभव के स्पोर्ट्स की बारीकियों पर गौर किया है. उन्होंने खासकर वैभव की शॉट सिलेक्शन, रन बनाने की क्षमता और मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की काबिलियत की सराहना की. बटलर ने एक खास बातचीत में बताया, “मैंने वैभव को कुछ बार स्पोर्ट्सते हुए देखा है और मैं उनकी स्पोर्ट्स भावना से बहुत प्रभावित हुआ हूँ. जिस तरह से वह गेंद को हिट करते हैं और जिस तरह से वह मैदान पर अपनी छाप छोड़ते हैं, वह काबिले तारीफ है. उनमें वह सब कुछ है जो एक महान क्रिकेटर बनने के लिए चाहिए.” बटलर ने यह भी कहा कि युवा खिलाड़ियों को ऐसे ही बड़े खिलाड़ी की सलाह और प्रोत्साहन मिलता रहना चाहिए. उनके अनुसार, “जब आपके जैसे अनुभवी खिलाड़ी किसी युवा की तारीफ करते हैं, तो यह उस खिलाड़ी के आत्मविश्वास को बहुत बढ़ाता है. मैं चाहता हूँ कि वैभव इसी तरह मेहनत करता रहे और अपने स्पोर्ट्स को निखारता रहे.” क्रिकेट जगत में हलचल जोस बटलर जैसे दिग्गज खिलाड़ी का किसी युवा हिंदुस्तानीय खिलाड़ी की तारीफ करना अपने आप में एक बड़ी समाचार है. क्रिकेट जगत में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि वैभव सूर्यवंशी आखिर कौन हैं और उनमें ऐसी क्या खास बात है जिसने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान को इतना प्रभावित किया है. यह तारीफ वैभव के करियर के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है. भविष्य की उम्मीदें वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा को बटलर जैसे खिलाड़ी द्वारा पहचाना जाना यह दर्शाता है कि वह सही रास्ते पर हैं. हिंदुस्तानीय क्रिकेट में हमेशा से ही युवा प्रतिभाओं को निखरने का मौका मिलता रहा है, और वैभव भी इस कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं. उनकी यह तारीफ न केवल उन्हें बल्कि देश के दूसरे युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगी कि वे अपने स्पोर्ट्स पर ध्यान केंद्रित करें और मेहनत करते रहें. यह देखना दिलचस्प होगा कि जोस बटलर की यह तारीफ वैभव सूर्यवंशी के भविष्य के करियर पर क्या असर डालती है. हालांकि, एक बात तय है कि इस युवा खिलाड़ी में कुछ खास है, जिसकी झलक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दिग्गजों को भी नजर आ रही है. इसे भी पढ़े- इंटरनेट पर तहलका मचा रही है ‘आकाश-अक्षिता’ की शादी, वीडियो के इस हिस्से को लोग बार-बार देखने पर हुए मजबूर The post वैभव सूर्यवंशी के मुरीद हुए जोस बटलर, हिंदुस्तानीय युवा सनसनी को लेकर कही ये बात appeared first on Naya Vichar.

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पुणे मर्डर केस: शादी से पीछे हटना चाहती थी सिया, केतन नहीं हुआ तैयार

पुणे के 25 साल के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत की जांच में पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी सिया गोयल अपनी सगाई तोड़ना चाहती थी. पुलिस के मुताबिक, सिया इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहती थी, लेकिन केतन लगातार इस संबंध को बनाए रखने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक, 20 साल की सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी 22 वर्षीय चेतन चौधरी पर केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. जांच में दावा किया गया है कि केतन सिया के साथ पुणे के लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए गए थे, जहां सिया ने कथित तौर पर उन्हें खाई में धक्का दे दिया. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान सिया गोयल ने बताया कि वह केतन अग्रवाल के साथ अपनी सगाई से खुश नहीं थी. उसने पुलिस को कहा कि वह इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहती थी और कई बार केतन से शादी का फैसला वापस लेने की बात भी कही थी. सिया का दावा है कि उसने केतन को साफ तौर पर बताया था कि वह यह रिश्ता खत्म करना चाहती है, लेकिन केतन शादी की तैयारियों में बिजी हो गये थे. चेतन के साथ भागने का फैसला सिया ने क्यों नहीं लिया? वहीं पुलिस को पहले से शक था कि सिया कथित तौर पर चेतन चौधरी के साथ संबंधों के कारण इस तय शादी को आगे नहीं बढ़ाना चाहती थी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सामाजिक दबाव और परिवार की प्रतिष्ठा को देखते हुए सिया के पास चेतन के साथ भाग जाने का ऑप्शन नहीं था. पुलिस का मानना है कि इसी वजह से वह शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन परिवार और समाज के दबाव के कारण खुलकर अपने फैसले पर आगे नहीं बढ़ सकी. क्या केतन को था किसी चीज का शक? केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि फरवरी में सगाई होने के बाद केतन और सिया अक्सर मिलते-जुलते थे और साथ में बाहर भी जाते थे. कई बार केतन ने सिया को लेकर अपनी चिंताएं हमारे सामने रखी थीं. वह हमसे पूछता था कि क्या हमने सिया और उसके परिवार के बारे में पूरी तरह जानकारी जुटाई है. उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर मोड़ ले लेगा. यह भी पढ़ें : पुणे मर्डर केसः दीवाली पार्टी में हुई दोस्ती, मंगेतर की मौत तक पहुंची कहानी उन्होंने बताया कि सिया और केतन के बीच अक्सर छोटी-छोटी बातों को लेकर बहस होती रहती थी. केतन के पिता ने यह भी कहा कि सिया अपना काफी समय मोबाइल फोन पर बिताती थी. परिवार का कहना है कि केतन ने कई बार सिया के बिहेव को लेकर अपनी चिंताएं भी उनके साथ शेयर की थीं. The post पुणे मर्डर केस: शादी से पीछे हटना चाहती थी सिया, केतन नहीं हुआ तैयार appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद में प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन, मेधावी स्टूडेंट्स हुए सम्मानित

धनबाद से शोभित रंजन और प्रतीक पोपट की रिपोर्ट Naya Vichar Pratibha Samman: शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नया विचार द्वारा गुरुवार को धनबाद के न्यू टाउन हॉल में भव्य प्रतिभा सम्मान 2026 का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्कूलों के सैकड़ों मेधावी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. समारोह के मुख्य अतिथि राम कुमार सिंह, मनोज कुमार अग्रवाल, प्रभात कुमार और सरिता सिन्हा समेत अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद थे. अतिथियों ने मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करते हुए उनकी उपलब्धियों की सराहना की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं. समारोह के दौरान 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया.   सीबीएसई, सीआईएससीई और जैक बोर्ड के मेधावियों को मिला सम्मान समारोह में सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया. वहीं झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) की 10वीं और 12वीं परीक्षा में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मान दिया गया. सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला. सुबह से चला पंजीकरण, बड़ी संख्या में पहुंचे विद्यार्थी कार्यक्रम को लेकर सुबह 8 बजे से ही न्यू टाउन हॉल परिसर में विद्यार्थियों का पंजीकरण शुरू हो गया था. छात्र-छात्राएं अपने अंकपत्र और जरूरी दस्तावेजों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे. ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था होने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने मौके पर ही अपना पंजीकरण कराया. मुख्य समारोह सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ. शिक्षा और करियर को लेकर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, करियर विकल्प और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई. वक्ताओं ने कहा कि सम्मान केवल उपलब्धि का प्रतीक नहीं है, बल्कि भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा भी देता है. उन्होंने विद्यार्थियों से लगातार मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया. विभिन्न संस्थानों के सहयोग से सफल हुआ आयोजन प्रतिभा सम्मान 2026 के आयोजन में मानव रचना संस्था और गोल एजुकेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड प्रमुख सहयोगी रहे. इसके अलावा शारदा यूनिवर्सिटी, आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी, आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी रांची, ऊषा मार्टिन यूनिवर्सिटी, दिल्ली पब्लिक स्कूल, जेआईएस ग्रुप, केके ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बैंक ऑफ इंडिया समेत कई शिक्षण संस्थानों और प्रतिष्ठानों ने सहयोग प्रदान किया. आयोजकों ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने की यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी. यह भी पढ़ें: एसिड अटैक पीड़ित को मिलेगा 15 लाख का मुआवजा, झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य प्रशासन को दिया आदेश यह भी पढ़ें: धनबाद भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाला मामले में आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई, हाईकोर्ट ने मांगा बिंदुवार जवाब यह भी पढ़ें: लखनऊ हादसे के बाद धनबाद में शैक्षणिक संस्थानों पर शिकंजा, सुरक्षा जांच में तीन संस्थानों को नोटिस The post धनबाद में नया विचार प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन, मेधावी स्टूडेंट्स हुए सम्मानित appeared first on Naya Vichar.

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