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July 5, 2026

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Bullet Train : समंदर के नीचे दौड़ेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन, 7 किमी लंबे सुरंग का काम होगा शुरू

Bullet Train : इस परियोजना के लिए जर्मनी में तैयार की गई दो अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) मार्च 2026 में चीन से समुद्री रास्ते हिंदुस्तान लाई गई थीं. ये मशीनें एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास हैं, जो 20.37 किलोमीटर लंबी सुरंग बना रही है. इसमें करीब 7 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे होगा, जबकि पूरी सुरंग जमीन से लगभग 65 मीटर की गहराई में बनाई जाएगी. रेल मंत्री एक बटन दबाएंगे और टीबीएम के संचालन की शुरुआत करेंगे नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के एक अधिकारी ने बताया कि रेल मंत्री एक बटन दबाकर टीबीएम के संचालन की शुरुआत करेंगे. यह मशीन विक्रोली में जमीन के स्तर से 56.6 मीटर की गहराई में तैनात की गई है. अधिकारियों के मुताबिक पहली टीबीएम, विक्रोली से बीकेसी स्टेशन की ओर सुरंग खोदने का काम शुरू करेगी, जो लगभग 5.8 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. यह भी पढ़ें : बिहार में बुलेट ट्रेन के लिए बिछेगा 400 किमी लंबा ट्रैक, इन 3 जिलों में बनेंगे स्टेशन, हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी सावली से विक्रोली तक 9.7 किलोमीटर लंबे हिस्से की होगी खुदाई वहीं, दूसरी टीबीएम के कलपुर्जों को वर्तमान में सावली में जोड़ा जा रहा है और इसके एक सप्ताह के भीतर तैयार होने की उम्मीद है. यह मशीन सावली से विक्रोली तक 9.7 किलोमीटर लंबे हिस्से की खुदाई करेगी, जिसमें सात किलोमीटर लंबा समुद्र के नीचे का हिस्सा भी शामिल है. उन्होंने बताया कि कुल लंबाई में से, बीकेसी और सावली के बीच 15.4 किलोमीटर हिस्से की खुदाई टीबीएम का उपयोग करके की जाएगी. सावली से शिलफाटा तक का शेष 4.8 किलोमीटर का हिस्सा ‘ड्रिल-एंड-ब्लास्ट’ पद्धति का उपयोग करके पहले ही पूरा किया जा चुका है. यह भी पढ़ें : Bullet Train: हवाई जहाज जैसी रफ्तार, 100 मिनट में जेवर से लखनऊ पहुंचाएगी बुलेट ट्रेन बुलेट ट्रेन का हिंदुस्तान के लोग बहुत ही बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. हिंदुस्तान की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलेगी. The post Bullet Train : समंदर के नीचे दौड़ेगी हिंदुस्तान की पहली बुलेट ट्रेन, 7 किमी लंबे सुरंग का काम होगा शुरू appeared first on Naya Vichar.

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ग्लोबल वार्मिंग का यूरोपीय ट्रेलर भारत के लिए 3 मोर्चे पर तबाही के संकेत, कोलकाता में हीट इंडेक्स का जानलेवा जाल

मिथिलेश झा Global Warming Impact on India : पर्यावरण और मानव सभ्यता इस समय इतिहास के सबसे भीषण संकट के दौर से गुजर रही है. यूरोपीय संघ (EU) और फ्रांस के नेशनल सेंटर फॉर साइंटिफिक रिसर्च (CNRS) द्वारा वित्त पोषित क्लाइमामीटर (ClimaMeter) टीम के वैज्ञानिकों ने जून 2026 के आखिरी हफ्तों में पश्चिमी यूरोप को झुलसाने वाली अभूर्वपूर्ण हीटवेव (लू) पर एक रिपोर्ट पेश की है, जो बेहद डरावनी है. इस रिपोर्ट ने साबित कर दिया है कि ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) की वजह से मौसम जानलेवा हो गया है. हिंदुस्तान भी इससे अछूता नहीं है. हिंदुस्तान में 3 मोर्चे पर तबाही के संकेत दिख रहे हैं. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी हीट इंडेक्स का जानलेवा जाल फैल रहा है. हिंदुस्तान से है क्लाइमामीटर की रिपोर्ट का सीधा संबंध यूरोप को 1990 के दशक के बाद से सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप माना जा रहा है. लेकिन इस वैश्विक रिपोर्ट का सीधा संबंध हिंदुस्तान और दक्षिण एशिया के भविष्य से जुड़ा है. हिंदुस्तान में कहां-कहां चुनौतियां आने वाली हैं, उसके बारे में विस्तार से यहां जानें. 1. कोलकाता जैसे शहरों में ‘हीट इंडेक्स’ और ‘वेट बल्ब’ का जानलेवा जाल यूरोप की तरह हिंदुस्तान में भी अर्बन हीट आइलैंड्स (Urban Heat Islands) का असर बढ़ रहा है. कोलकाता, दिल्ली और मुंबई जैसे हिंदुस्तान के महानगर कंक्रीट के जंगल बन चुके हैं. जब ग्लोबल वार्मिंग के कारण बेसलाइन तापमान बढ़ता है, तो हिंदुस्तानीय शहरों में उमस और गर्मी मिलकर ‘वेट बल्ब टेम्परेचर’ को पार कर जाती हैं, जहां इंसान के शरीर का पसीना सूखना बंद हो जाता है और बैठे-बैठे ही स्ट्रोक से मौत हो जाती है. 2. कृषि और खाद्य सुरक्षा (Food Security) पर सीधा प्रहार क्लाइमामीटर की रिपोर्ट के अनुसार, हाई टेम्परेचर के साथ-साथ जमीन का सूखा (Drier Land) होना आपदा को बढ़ाता है. हिंदुस्तान एक कृषि प्रधान देश है. यदि वैश्विक तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो मानसून का चक्र पूरी तरह ध्वस्त हो जायेगा. बेमौसम बारिश और चरम हीटवेव के कारण गेहूं, धान और दलहन की फसलें खेतों में ही जल जायेंगी, जिससे देश में खाद्य सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है. 3. स्वास्थ्य प्रणालियों का ध्वस्त होना और आर्थिक नुकसान जैसा कि आईएनजीवी, इटली की वैज्ञानिक डॉ अल्बेर्टी ने आगाह किया कि यह गर्मी सीधे तौर पर स्वास्थ्य प्रणालियों को क्रैश करती है. हिंदुस्तान जैसे घनी आबादी वाले देश में जहां स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा पहले से ही बहुत कमजोर है, वहां चरम हीटवेव के दौरान अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या लाखों में पहुंच सकती है. ग्रिड फेल होने और बिजली की मांग (Power Demand) बढ़ने से उत्पादन ठप हो सकता है. इसे भी पढ़ें : क्लाइमेट चेंज से रोटी पर संकट, रात की गर्मी से खतरे में खाद्य सुरक्षा रिपोर्ट के 3 सबसे खौफनाक आंकड़े क्लाइमामीटर के कॉपरनिकस ERA5 री-एनालिसिस डेटा और एनालॉग पद्धति के विश्लेषण से जो आंकड़े सामने आये हैं, वे किसी भी देश की रूह कंपा देगी. 32.7 करोड़ आबादी खतरे में : यूरोप में हीट डोम (Heat Dome) के कारण 32.7 करोड़ (327 मिलियन) लोग और 15.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की आर्थिक गतिविधियां सीधे तौर पर प्रभावित हुईं. 81 फीसदी आबादी ‘एक्स्ट्रीम’ कैटेगरी में : हीट डोम से प्रभावित कुल आबादी में 81 प्रतिशत लोग (करीब 26.4 करोड़) और 86 प्रतिशत संपत्ति (13.4 ट्रिलियन डॉलर) सबसे खतरनाक यानी ‘एक्स्ट्रीम’ (Extreme) श्रेणी की जानलेवा गर्मी की चपेट में रहे. मुल्कों से बड़ी त्रासदी : यदि इस हीटवेव की सबसे भीषण श्रेणी से प्रभावित 26.4 करोड़ लोगों को एक जगह मिला दिया जाये, तो यह आबादी हिंदुस्तान, चीन, अमेरिका और इंडोनेशिया के बाद दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश बन जायेगी. यह संख्या पश्चिमी यूरोप के सबसे घने शहर पेरिस की कुल आबादी से 23 गुना अधिक है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 2.5 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक गर्म हुआ वातावरण वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में जो मौसम की परिस्थितियां बन रही हैं, वे महज 30 साल पहले की तुलना में 2.5 डिग्री सेंटीग्रेड अधिक गर्म हैं. 50 साल पहले की तुलना में हमारी धरती 3.5 डिग्री सेंटीग्रेड अधिक गर्म हो चुकी हैं. इसे भी पढ़ें : बंगाल में तेजी से बदल रहा मौसम, साइलेंट किलर बना ह्यूमिड हीट, घर का तापमान 32 डिग्री सेंटीग्रेड Global Warming Impact on India : क्या कहते हैं विशेषज्ञ? CNRS-IPSL, फ्रांस के मार्को जांची कहते हैं कि वायुमंडल में ‘ब्लॉकिंग एंटी-साइक्लोन’ हमेशा से बनते रहे हैं. लेकिन इंसानी गतिविधियों (जीवाश्म ईंधन जलाने) के कारण अब बेसलाइन तापमान इतना बढ़ चुका है कि जो हवा पहले सामान्य गर्मी लाती थी, वह अब जमीन को सुखाकर रिकॉर्डतोड़ तापमान दे रही है. ये हीटवेव अब पहले से कहीं अधिक लंबी खिंच रही हैं. INGV, इटली के वैज्ञानिक टॉमासो अल्बेर्टी ने कहा- हमें इसे ‘असाधारण घटना’ कहना बंद करना होगा. यह हमारा न्यू नॉर्मल (New Normal) है, जो आ चुका है. इसके कारण स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी दबाव, बिजली कटौती (Power Outages), अस्पतालों में भारी भीड़ और अत्यधिक मौतें (Excess Mortality) हो रही हैं. ICTP, इटली की वैज्ञानिक एरिका कोपोला कहती हैं- यूरोप में रिकॉर्डतोड़ ट्रॉपिकल नाइट्स (बेहद गर्म रातें, जहां तापमान कम नहीं होता) का यह सिलसिला एक गंभीर चेतावनी है कि अब कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए इंतजार नहीं किया जा सकता. अब नहीं संभले तो इतिहास बन जाएगी सभ्यता लेसेस्टर विश्वविद्यालय के प्रो वैलेरियो लुकारिनी ने साफ-साफ कहा है कि वर्ष 2026 की गर्मी, आने वाले दशकों या सदियों की सबसे ‘भीषण’ गर्मी साबित होने वाली है. इस बयान से स्पष्ट है कि अगर वैश्विक स्तर पर और हिंदुस्तान ने अपनी ऊर्जा प्रणालियों को तुरंत रिन्यूएबल (नवीकरणीय ऊर्जा) पर शिफ्ट नहीं किया और शहरी हीट एक्शन प्लान (Urban Heat Action Plans) को सख्ती से लागू नहीं किया , तो आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती पर जीवन जीना असंभव हो जायेगा. इसे भी पढ़ें क्यों खत्म हुआ 45 फीसदी ‘क्लाइमेट फाइनेंस’ का लक्ष्य! हिंदुस्तान पर क्या होगा इसका असर? फीफा वर्ल्ड कप पर जलवायु परिवर्तन की मार : 4 जुलाई के वीकेंड से पहले नॉर्थ अमेरिका में लू, 5 गुणा बढ़ी गर्मी जलवायु परिवर्तन से लड़ने पर खर्च होगा बंगाल बजट का 69 प्रतिशत पैसा,

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10 लाख से कम कीमत वाली ये 5 CNG कारें बचाएंगी फ्यूल का खर्च, 1kg गैस में चलेंगी 34km तक

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच अगर आप रोजाना कार से ऑफिस जाते हैं या महीने में लंबी दूरी तय करते हैं, तो फ्यूल का खर्च आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. ऐसे में CNG कार आपके महीने के खर्च को कम करने में मदद कर सकती है. खास बात यह है कि कम रनिंग कॉस्ट के लिए आपको कार के बजट से समझौता करने की जरूरत नहीं है. हिंदुस्तानीय बाजार में 10 लाख रुपये से कम कीमत में कई ऐसी CNG कारें मौजूद हैं, जो 30km/kg से ज्यादा तक का माइलेज देने का दावा करती हैं. Maruti Suzuki Celerio CNG अगर आपकी प्रायोरिटी ज्यादा से ज्यादा माइलेज और कम रनिंग कॉस्ट है, तो Maruti Suzuki Celerio CNG एक दमदार ऑप्शन हो सकती है. यह देश की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली CNG कारों में शामिल है. कंपनी के मुताबिक, Celerio CNG 34.43km/kg तक का माइलेज देती है. इसकी शुरुआती कीमत 5.98 लाख रुपये है. कॉम्पैक्ट साइज की वजह से इसे शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर चलाना और छोटी जगह में पार्क करना आसान हो सकता है. बेहतर माइलेज और कम कीमत के कारण यह पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों और रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले यूजर्स के लिए बढ़िया ऑप्शन बन सकती है. Maruti Suzuki WagonR CNG अगर आपको माइलेज के साथ ज्यादा केबिन स्पेस और हेडरूम चाहिए, तो Maruti Suzuki WagonR CNG को आप ऑप्शन के तौर पर रख सकते हैं. इसका टॉल-बॉय डिजाइन पैसेंजर्स को बेहतर हेडरूम देता है और कार में बैठना व बाहर निकलना भी आसान बनाता है. कंपनी के मुताबिक, WagonR CNG 34.05km/kg तक का माइलेज दे सकती है. इसकी CNG रेंज की शुरुआती कीमत 5.94 लाख रुपये है. Hyundai Exter Hy-CNG अगर आपको हैचबैक या सेडान के बजाय SUV जैसा डिजाइन पसंद है, तो Hyundai Exter Hy-CNG भी एक अच्छा ऑप्शन है. इसका बॉक्सी डिजाइन, ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस और SUV जैसा स्टांस इसे इस लिस्ट की दूसरी कारों से अलग बनाता है. Exter Hy-CNG 27.10km/kg तक का माइलेज देने का दावा करती है. इसकी शुरुआती कीमत करीब 7 लाख रुपये है. इसके चुनिंदा वेरिएंट में सनरूफ, वॉयस-इनेबल्ड फीचर्स और BlueLink कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी जैसी सुविधाएं मिलती हैं. Maruti Suzuki Dzire CNG अगर आप हैचबैक के बजाय एक सेडान खरीदना चाहते हैं और साथ ही फ्यूल का खर्च भी कम रखना चाहते हैं, तो Maruti Suzuki Dzire CNG एक ऑप्शन है. इसमें सेडान वाला डिजाइन और केबिन स्पेस मिलने के साथ CNG की कम रनिंग कॉस्ट का फायदा भी मिलता है. Dzire CNG 33.73km/kg तक का माइलेज देने का दावा करती है. इसकी शुरुआती कीमत 8.10 लाख रुपये है. Toyota Glanza CNG ऐसे ग्राहक जो माइलेज के साथ ज्यादा फीचर्स वाली प्रीमियम हैचबैक चाहते हैं, उनके लिए Toyota Glanza CNG एक अच्छा ऑप्शन है. यह Maruti Suzuki Baleno पर बेस्ड है और इसका CNG मॉडल 30.61km/kg तक का माइलेज देने का दावा करता है. Toyota Glanza CNG की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 8.17 लाख रुपये है. इसका माइलेज Celerio और WagonR से कम है, लेकिन इसके बदले खरीदारों को प्रीमियम हैचबैक वाला एक्सपीरियंस और अच्छी फीचर लिस्ट मिलती है. आपके लिए कौन सी CNG कार बेहतर? अगर आपकी पहली प्रायोरिटी ज्यादा माइलेज है, तो Celerio CNG और WagonR CNG आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकती है. सेडान पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए Dzire CNG अच्छा ऑप्शन है, जबकि ज्यादा फीचर्स और प्रीमियम हैचबैक एक्सपीरियंस के लिए Glanza CNG देखी जा सकती है. SUV जैसा डिजाइन और ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस चाहने वाले खरीदारों के लिए Exter Hy-CNG बढ़िया ऑप्शन है. यह भी पढ़ें: ₹5 लाख से भी कम में मिलती हैं Maruti Suzuki की CNG कारें, जबरदस्त माइलेज के साथ खर्च होगा आधा The post 10 लाख से कम कीमत वाली ये 5 CNG कारें बचाएंगी फ्यूल का खर्च, 1kg गैस में चलेंगी 34km तक appeared first on Naya Vichar.

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पंडवानी की बुलंद आवाज हुई खामोश, प्रख्यात लोकगायिका तीजन बाई का निधन

एम्स रायपुर के डॉक्टरों के मुताबिक, पद्म विभूषण से सम्मानित मशहूर लोकगायिका तीजन बाई ने रविवार तड़के करीब 3:15 बजे अंतिम सांस ली. वह 27 मई से अस्पताल में भर्ती थीं और लंबे समय से इलाज चल रहा था. दुर्ग जिले की रहने वाली तीजन बाई ने अपनी दमदार आवाज, शानदार मंच प्रस्तुति और भावपूर्ण अंदाज से पंडवानी गायन को देश ही नहीं, दुनिया भर में नई पहचान दिलाई. पंडवानी छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला है, जिसमें महाहिंदुस्तान की कहानियों को गीत, संगीत और दमदार अंदाज में सुनाया जाता है. तीजन बाई ने अपनी अनोखी प्रस्तुति से इस लोककला को दुनिया भर में पहचान दिलाई. उनके कार्यक्रमों ने देश-विदेश के लोगों का दिल जीता और उन्हें देश के सबसे सम्मानित लोक कलाकारों में शामिल कर दिया. हिंदुस्तानीय लोककला में उनके अमूल्य योगदान के लिए तीजन बाई को हिंदुस्तान प्रशासन ने पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया.  VIDEO | Raipur: On the passing away of Veteran Pandavani singer Teejan Bai after prolonged illness, Chhattisgarh CM Vishnu Deo Sai says, “She brought glory to Chhattisgarh’s name across the country and the world. We humbly pay our respects to her.” pic.twitter.com/bcB5XlRdWt — Press Trust of India (@PTI_News) July 5, 2026 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजन बाई के निधन पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने अपनी कला से छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश और दुनिया में रोशन किया. मुख्यमंत्री ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा. The post पंडवानी की बुलंद आवाज हुई खामोश, प्रख्यात लोकगायिका तीजन बाई का निधन appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के वित्त मंत्री ने आवास के बाहर से भी हटवाए गार्ड, दूर से निगरानी कर रहे सुरक्षाकर्मी

Radha Krishna Kishore: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर अपनी सुरक्षा को लेकर जिद पर अड़ गए हैं. उन्होंने शनिवार को स्पेशल ब्रांच के आइजी प्रभात कुमार और जैप-1, डोरंडा के कमांडेंट सह रांची के एसएसपी राकेश रंजन को पत्र लिखकर अपने आवास के बाहर तैनात वाइ श्रेणी की सुरक्षा लौटा दी. उन्होंने आवास के बाहर भी सुरक्षाकर्मियों के रहने पर आपत्ति जताई है. इसके बाद मंत्री को प्रोटोकॉल के तहत कुछ दूरी बनाकर सुरक्षा दी जा रही है.  मंत्री शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे कुछ देर के लिए प्रोजेक्ट भवन गए थे. उस दौरान भी सुरक्षाकर्मी दूरी बनाकर उनके पीछे-पीछे चलते रहे. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय जाने पर भी सुरक्षाकर्मियों ने दूरी बनाकर उनकी सुरक्षा की. शाम को जब मंत्री अशोक नगर स्थित अपने आवास पर थे, तब उनके आवास से कुछ दूरी पर सुरक्षाबल के जवान तैनात रहे. गरिमा से बड़ा कोई प्रोटोकॉल नहीं- वित्त मंत्री  मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा है कि आप लोग अपनी सुरक्षा वापस ले जाइए. अब से मेरी सुरक्षा की जिम्मेदारी वाइ श्रेणी के सुरक्षाकर्मियों की नहीं होगी. इसके बाद उनकी सुरक्षा में तैनात वाइ श्रेणी के 16 पुलिसकर्मी वहां से हट गए. मंत्री ने सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराई गई तीन बोलेरो और एक जिप्सी भी लौटा दी. मंत्री ने आईजी और कमांडेंट को लिखे पत्र में कहा कि उन्होंने 29 जून को ही डीजीपी तदाशा मिश्र को पत्र लिखकर सुरक्षा लौटा दी थी. उन्हें सुरक्षा नहीं चाहिए. मंत्री ने कहा कि वह उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र से आते हैं. वह उग्रवादियों और अपराधियों से लड़ना जानते हैं. उनकी गरिमा से बड़ा कोई प्रोटोकॉल नहीं है.  दूरी बनाकर करते रहे सुरक्षा  शनिवार दोपहर मंत्री के आवास के बाहर जैप या स्पेशल ब्रांच का कोई सुरक्षाकर्मी नहीं दिखा. शाम में पुलिस अधिकारियों ने प्रोटोकॉल के तहत वित्त मंत्री के आवास के बाहर फिर से वाइ श्रेणी की सुरक्षा तैनात कर दी. रांची जिला बल की ओर से मंत्री की सुरक्षा में एक-चार की सुरक्षा व्यवस्था रखने के लिए पुलिस के एक अधिकारी ने मंत्री के निजी सचिव से संपर्क किया है. हालांकि इसे लेकर मंत्री कार्यालय से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.  यह भी पढ़ें: बड़कागांव में अवैध कोयला खदान का चाल धंसने से दो मजदूरों की मौत, पहले भी हो चुका है हादसा यह भी पढ़ें: उत्तरी छोटानागपुर के शिक्षा विभाग में 74 कर्मियों का महा-तबादला, हजारीबाग DEO दफ्तर के पुराने चेहरे साफ यह भी पढ़ें: जमशेदपुर बंद पर अमर बाउरी का हमला, बोले- जनता ने तोड़ा हेमंत प्रशासन के साढ़े छह साल का अहंकार The post झारखंड के वित्त मंत्री ने आवास के बाहर से भी हटवाए गार्ड, दूर से निगरानी कर रहे सुरक्षाकर्मी appeared first on Naya Vichar.

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आमिर खान की शादी आज, अगर नहीं जानते तो जानिए कौन हैं उनकी होने वाली दुल्हन गौरी स्प्रैट

Who is Gauri Spratt: आज 5 जुलाई को आमिर खान की तीसरी शादी है. आमिर आज अपनी लॉन्गटाइम गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. शादी मुंबई स्थित आमिर खान के घर पर बेहद प्राइवेट तरीके से हो रही है, जिसमें सिर्फ करीबी लोग और परिवार शामिल हैं. अगर आप नहीं जानते कि गौरी स्प्रैट कौन हैं, तो चलिए आपको उनके बारे में बताते हैं. Who is Gauri Spratt: कौन हैं गौरी स्प्रैट? गौरी स्प्रैट का ताल्लुक बेंगलुरु से है, जहां उन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा बिताया. उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने ब्लू माउंटेन्स स्कूल से पढ़ाई की है और इसके बाद 2004 में यूनिवर्सिटी ऑफ द आर्ट्स लंदन से FDA स्टाइलिंग और फोटोग्राफी की पढ़ाई की. वह फिलहाल मुंबई में एक बीब्लंट सैलून को मैनेज करती हैं. गौरी की मां रीता स्प्रैट भी पहले बेंगलुरु में एक सैलून चलाती थी. वह एक 6 साल के शिशु की मां भी हैं. उनके पहले पति के बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं है. Aamir Khan Love Story with Gauri Spratt: कैसे शुरू हुई आमिर और गौरी की लव स्टोरी? आमिर खान ने गौरी स्प्रैट को पहली बार अपने 60वें जन्मदिन के मौके पर 2025 में दुनिया से मिलवाया था. उस समय उन्होंने मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान अपने रिश्ते की पुष्टि की थी. आमिर ने बताया था कि दोनों की मुलाकात करीब 25 साल पहले हुई थी, लेकिन करीब डेढ़ साल पहले फिर से संपर्क में आने के बाद उनका रिश्ता धीरे-धीरे आगे बढ़ा. आमिर ने कहा था, “हम दोनों की मुलाकात अचानक हुई थी, फिर हम संपर्क में रहे और सब कुछ अपने आप धीरे-धीरे आगे बढ़ा.” उन्होंने यह भी कहा था कि गौरी ने उनकी सिर्फ कुछ ही फिल्में देखी हैं, जैसे ‘लगान’ और ‘दंगल.’ वह अभी बॉलीवुड की दुनिया को समझने की कोशिश कर रही हैं.” Aamir khan gauri spratt, photo- instagram Aamir Khan Personal Life: आमिर खान की पर्सनल लाइफ आमिर खान की यह तीसरी शादी है. इससे पहले उन्होंने रीना दत्ता से 1986 में शादी की थी. उनके दो शिशु हैं- इरा खान और जुनैद खान. दोनों का तलाक 2002 में हो गया था. इसके बाद 2005 में उन्होंने फिल्ममेकर किरण राव से शादी की थी. साल 2021 में दोनों ने अलग होने की घोषणा की. इस रिश्ते से उनका एक बेटा आजाद है. आमिर आज भी अपनी दोनों पूर्व पत्नियों रीना दत्ता और किरण राव के साथ अच्छे रिश्ते शेयर करते हैं. Aamir Khan Gauri Spratt Wedding at Mumbai: शादी का पूरा प्लान आमिर खान ने खुद पुष्टि की है कि शादी बेहद छोटी और निजी रखी गई है. उन्होंने कहा था,“हां, मेरी शादी 5 जुलाई को हो रही है… बहुत ही छोटी सी शादी है. घर पर ही कर रहे हैं.” इस शादी में सिर्फ परिवार और बेहद करीबी दोस्त ही शामिल होंगे. View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) यह भी पढ़ें- आमिर खान ने बताई तीसरी वेडिंग की पूरी प्लानिंग, कहा- परिवार और करीबी दोस्त होंगे शामिल, फैंस से मांगा आशीर्वाद यह भी पढ़ें- जब बारिश में चप्पल और शॉर्ट्स पहन कॉलेज पहुंचे आमिर खान, फिर जो हुआ उसने सबको चौंका दिया The post आमिर खान की शादी आज, अगर नहीं जानते तो जानिए कौन हैं उनकी होने वाली दुल्हन गौरी स्प्रैट appeared first on Naya Vichar.

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8th Pay Commission: क्या सच में ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 होगी बेसिक सैलरी? समझिए पूरा गणित 

8th Pay Commission: सोशल मीडिया से लेकर ऑफिस की कैफेटेरिया की टेबल तक इसी बात की चर्चा है. लेकिन यहां एक बात समझना बहुत जरूरी है कि ₹69,000 की सैलरी अभी तय नहीं हुई है. यह सिर्फ कर्मचारी संगठनों की तरफ से रखी गई एक मांग है. प्रशासन ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है. अगर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं तो इसका असर करीब 1.20 करोड़ लोगों पर पड़ सकता है. इनमें लगभग 50 लाख केंद्रीय प्रशासनी कर्मचारी और करीब 70 लाख पेंशनर्स शामिल हैं. यानी यह सिर्फ प्रशासनी कर्मचारियों की नहीं, बल्कि लाखों मिडिल क्लास परिवारों के बजट से जुड़ा बड़ा मुद्दा है. ₹69,000 का आंकड़ा आखिर आया कहां से? इस पूरी चर्चा की वजह है फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor). आसान भाषा में समझें तो फिटमेंट फैक्टर वही फार्मूला है, जिससे प्रशासन नई बेसिक सैलरी तय करती है. इसी के आधार पर बेसिक पे, पेंशन और कई तरह के भत्ते दोबारा तय किए जाते हैं. 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था. इसी वजह से न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हुई थी. अब केंद्रीय कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने प्रशासन से 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है. अगर यह मांग मान ली जाती है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी करीब ₹69,000 तक पहुंच सकती है. सिर्फ सैलरी ही नहीं, परिवार की गणना भी बदल सकती है? कर्मचारी संगठनों ने वेतन तय करने के तरीके में भी बदलाव की मांग की है. 7वें वेतन आयोग में वेतन की गणना 3 यूनिट वाले परिवार के आधार पर की गई थी. जिसमें कर्मचारी, उनके पार्टनर और दो बच्चों को शामिल किया गया था. अब मांग की गई है कि इसे 5 यूनिट माना जाए ताकि आश्रित माता-पिता और जरूरत पड़ने पर सास-ससुर को भी इसमें शामिल किया जा सके. प्रस्तावित यूनिट इस तरह होगी— कर्मचारी – 1 यूनिट पति/पत्नी – 1 यूनिट (पहले 0.8 यूनिट) दो शिशु – 0.8-0.8 यूनिट (कुल 1.6) आश्रित माता-पिता या सास-ससुर – 0.8 यूनिट कुल मिलाकर यह 5.2 यूनिट बनती है, जिसे कर्मचारी संगठनों ने वेतन गणना के लिए 5 यूनिट मानने का सुझाव दिया है. और किन खर्चों को बढ़ाने की मांग हुई है? कर्मचारी संगठनों का कहना है कि आज के समय में महंगाई पहले जैसी नहीं रही, इसलिए वेतन तय करने का तरीका भी बदला जाना चाहिए. इसके लिए ये सुझाव दिए गए हैं— भोजन और कपड़ों का खर्च ICMR की नई सिफारिशों के आधार पर तय किया जाए, जिसमें रोजाना 3,490 कैलोरी की जरूरत मानी गई है. मकान पर होने वाला खर्च 3% से बढ़ाकर 7.5% माना जाए. फ्यूल, पानी और बिजली का खर्च कुल लागत का 20% जोड़ा जाए. स्किल डेवलपमेंट के लिए 25% खर्च शामिल किया जाए. त्योहार, शादी और दूसरी सामाजिक जिम्मेदारियों के लिए 5% अतिरिक्त खर्च जोड़ा जाए. क्या प्रशासन 3.83 फिटमेंट फैक्टर मान लेगी? यही सबसे बड़ा सवाल है. कई एक्स्पर्ट्स का मानना है कि अगर 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया तो केंद्र प्रशासन पर बहुत बड़ा आर्थिक बोझ पड़ेगा. इसका असर उन राज्य प्रशासनों पर भी पड़ सकता है, जो बाद में अपने कर्मचारियों के वेतन में भी बदलाव करती हैं. इसी वजह से कई जानकारों का अनुमान है कि अंतिम फिटमेंट फैक्टर 2.0 से 2.1 के बीच रह सकता है. वहीं कुछ एक्स्पर्ट्स का यह भी कहना है कि अगर प्रशासनी वित्तीय स्थिति बेहतर रही तो इसे मौजूदा 2.57 के आसपास भी रखा जा सकता है. आखिर कर्मचारियों की जेब में कितना पैसा आएगा? 8वें वेतन आयोग का असर सिर्फ बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं रहेगा. नई बेसिक पे तय होने के बाद इन पर भी सीधा असर पड़ेगा— हाउस रेंट अलाउंस (HRA) ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) पेंशन ग्रेच्युटी रिटायरमेंट से जुड़े कई दूसरे लाभ यानी अगर फिटमेंट फैक्टर कर्मचारी संगठनों की मांग से कम भी रहता है, तब भी बेसिक पे बढ़ने पर कुल इन-हैंड सैलरी और पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. ये भी पढ़ें: 8th Pay Commission: कर्मचारियों के लिए जरूरी अपडेट, डेटा जमा करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई तक बढ़ी The post 8th Pay Commission: क्या सच में ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 होगी बेसिक सैलरी? समझिए पूरा गणित  appeared first on Naya Vichar.

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भारतीय सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च : पीएम ने जमशेदपुर की तनीषा को सराहा, बोले- झारखंड की बेटियों ने सबसे अधिक प्रभावित किया

Tanisha Gautam Jamshedpur: देश के सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 4 जुलाई का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ. गुजरात के साणंद स्थित सीजी सेमीकॉन ओसैट प्लांट से पहली ‘मेड इन इंडिया’ कॉमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप की पहली खेप अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए रवाना की गई. इस ऐतिहासिक अवसर पर जमशेदपुर की बेटी तनीषा गौतम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे संवाद कर पूरे झारखंड का मान बढ़ाया. पीएम मोदी ने झारखंड की बेटियों की प्रतिभा को सराहा  प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में झारखंड से आई बेटियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका आत्मविश्वास, सीखने की क्षमता और तकनीकी समझ उन्हें बेहद प्रभावित कर गई. उन्होंने कहा कि साधारण परिवारों से आने वाली ये बेटियां आइटीआइ और डिप्लोमा जैसी पढ़ाई के बाद आज देश के सबसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि झारखंड की बेटियों ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया है. पीएम से संवाद कर उत्साहित दिखी तनीषा जमशेदपुर के बागबेड़ा की रहनेवाली तनीषा गौतम का चयन कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी से बातचीत के लिए किया गया था. उन्होंने पीएम को अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि, जमशेदपुर में हुई शिक्षा, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई और गुजरात स्थित सेमीकंडक्टर प्लांट तक के अपने प्रेरणादायक सफर के बारे में विस्तार से बताया. तनीषा ने बताया कि कैसे एक साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने अपने सपनों को साकार किया और आज हिंदुस्तान के सबसे महत्वाकांक्षी सेमीकंडक्टर मिशन का हिस्सा बनी हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और उनके आत्मविश्वास, तकनीकी समझ और उपलब्धियों की सराहना की. यह भी पढ़ें: झारखंड: वित्त विभाग में लटक रही योजनाओं की फाइल, तीन मंत्रियों ने जताई आपत्ति यह भी पढ़ें: उत्तरी छोटानागपुर के शिक्षा विभाग में 74 कर्मियों का महा-तबादला, हजारीबाग DEO दफ्तर के पुराने चेहरे साफ यह भी पढ़ें: जमशेदपुर बंद पर अमर बाउरी का हमला, बोले- जनता ने तोड़ा हेमंत प्रशासन के साढ़े छह साल का अहंकार The post हिंदुस्तानीय सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च : पीएम ने जमशेदपुर की तनीषा को सराहा, बोले- झारखंड की बेटियों ने सबसे अधिक प्रभावित किया appeared first on Naya Vichar.

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RJD के 30वें स्थापना दिवस पर लालू यादव बोले- BJP तानाशाही के बल पर देश को पीछे धकेल रही, कार्यकर्ताओं को दिया यह टास्क

RJD Foundation Day: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) रविवार को अपना 30वां स्थापना दिवस मना रहा है. 5 जुलाई 1997 को बनी इस पार्टी ने तीन दशक पूरे कर लिए हैं. इस मौके पर पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बिहार की जनता और कार्यकर्ताओं के नाम लंबा संदेश जारी किया. उन्होंने राजद की नेतृत्वक यात्रा को याद किया और आगे की रणनीति का भी संकेत दिया. ‘गरीबों और वंचितों की आवाज बनने के लिए बनी थी राजद’ अपने संदेश में लालू यादव ने कहा कि राजद की स्थापना गरीबों, शोषितों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई के लिए हुई थी. उन्होंने कहा कि 5 जुलाई 1997 सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि बिहार और देश की नेतृत्व में बदलाव का दिन था. लालू ने लिखा कि पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं के संघर्ष, त्याग और समर्पण से ही राजद आज इस मुकाम तक पहुंची है. उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार भी जताया. ‘सामाजिक न्याय हमारी सबसे बड़ी प्रतिबद्धता’ लालू यादव ने कहा कि राजद की नेतृत्व हमेशा सामाजिक न्याय और बराबरी के सिद्धांत पर आधारित रही है. पार्टी का मकसद सिर्फ बड़े-बड़े विकास कार्य नहीं, बल्कि समाज के आखिरी व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा, जब गरीब, मजदूर, किसान और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए. BJP पर लगाए गंभीर आरोप अपने संदेश में लालू यादव ने हिंदुस्तानीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है. लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है और सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार तथा अल्पसंख्यकों के मुद्दों को पीछे धकेला जा रहा है. उन्होंने कहा कि सत्ता और पूंजी के सहारे लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश हो रही है. उन्होंने आगे कहा कि साथियों विगत कई राज्यों के चुनाव नतीजों की अगर पड़ताल करें तो मालूम होगा कि बीजेपी संवैधानिक संस्थाओं को कब्जे में लेकर संविधान को दरकिनार कर तानाशाही के बल पर देश को फिर से पीछे धकेलने का प्रयास कर रही है. हमारी नेतृत्व हमें इस परिस्थिति को स्वीकार करने की इजाजत नहीं देती. ‘कार्यकर्ता सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए नहीं हैं’ लालू यादव ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि राजद सिर्फ चुनाव लड़ने वाली पार्टी नहीं है. उन्हें जनता के बीच रहकर उनके मुद्दों के लिए संसद से लेकर सड़क तक संघर्ष करना होगा. उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से समाज के विभिन्न वर्गों से लगातार संवाद बनाए रखने की अपील की. ‘आने वाली लड़ाई पहले से अलग होगी’ लालू यादव ने कहा कि आने वाले समय की नेतृत्वक लड़ाई पहले से अलग होगी. उनके अनुसार यह लड़ाई सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की है. उन्होंने कहा कि सभी मतभेद भुलाकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें सभी जिलों में मनाया जा रहा स्थापना दिवस राजद का 30वां स्थापना दिवस बिहार के सभी जिलों में मनाया जा रहा है. पार्टी के नेता और कार्यकर्ता विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. अपने संदेश के अंत में लालू यादव ने सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि राजद आगे भी गरीबों, किसानों, वंचितों और आम लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी. Also Read: बांकीपुर उपचुनाव में BJP की साख दांव पर, प्रशांत किशोर उतरे तो उनके लिए भी होगी अग्निपरीक्षा The post RJD के 30वें स्थापना दिवस पर लालू यादव बोले- BJP तानाशाही के बल पर देश को पीछे धकेल रही, कार्यकर्ताओं को दिया यह टास्क appeared first on Naya Vichar.

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चंद्रचूड़ सिंह के घर के बाहर चला बुलडोजर, वीडियो में पहचानना मुश्किल, इस एक हादसे से करियर पर लगा था ब्रेक

Chandrachur Singh video: बॉलीवुड एक्टर चंद्रचूड़ सिंह के गुरुग्राम में उनके घर के बाहर चल रहे डिमोलिशन ड्राइव का एक वीडियो सामने आया है. टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की टीम ने चंद्रचूड़ के घर के बाहर कथित अवैध निर्माण को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की. वीडियो में देखा जा सकता है कि चंद्रचूड़ डीटीपी अधिकारी से बेहद शांत तरीके से बातचीत कर रहे हैं. उन्होंने बिना किसी गुस्से या बहस के सिर्फ यह पूछा कि कितनी जगह तक तोड़फोड़ की जाएगी. वीडियो में चंद्रचूड़ प्रशासनी अधिकारियों से बेहद विनम्रता से बात करते नजर आ रहे हैं. चंद्रचूड़ सिंह ने अधिकारियों से पूछा- घर सेफ है ना? डिमोलिशन कार्रवाई के दौरान चंद्रचूड़ सिंह खुद घर के बाहर मौजूद नजर आए. ‘ग्रेटर नोएडा वेस्ट’ ने एक्स पर वीडियो शेयर किया है. वीडियो में चंद्रचूड़ सिंह अधिकारियों के पास जाकर उनसे हाथ मिलाते हैं और कहते हैं कि सबसे जरूरी बात यह है कि उनका घर पूरी तरह सुरक्षित रहे. इस पर वहां मौजूद अधिकारी भी उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि घर को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचेगा और वह पूरी तरह सुरक्षित है. Gurugram: DLF Phase 3 में अभिनेता Chandrachur Singh के घर के बाहर चला DTP का बुलडोजर।सड़क की जमीन पर बनी दीवार और पेड़-पौधे हटाए गए।DTP Amit Madholia ने कार्रवाई की जानकारी फिल्म अभिनेता को दी। pic.twitter.com/crlubZDldu — Greater Noida West (@GreaterNoidaW) July 3, 2026 Chandrachur Singh Career: इस हादसे के बाद चंद्रचूड़ सिंह के करियर पर लगा ब्रेक चंद्रचूड़ सिंह ने 90 के दशक में ‘माचिस’, ‘जोश’, ‘दाग: द फायर’ और ‘क्या कहना’ जैसी फिल्मों से पहचान बनाई थी. फिल्म ‘जोश’ की शूटिंग के दौरान गोवा में एक दिन समुद्र में उनके साथ गंभीर हादसा हो गया. एक्टर ने एक इंटरव्यू में बताया था, “समुद्र में करीब दो किलोमीटर अंदर मेरे साथ पानी में हादसा हुआ था. मेरा कंधा इतनी बुरी तरह डिसलोकेट हो गया था कि ऐसा लग रहा था जैसे हाथ शरीर से अलग हो जाएगा.” चंद्रचूड़ सिंह बोले- सर्जरी के बाद भी चोट पूरी तरह ठीक नहीं हुई उन्होंने कहा कि इस चोट के बाद उन्हें सर्जरी करानी पड़ी. लंबे समय तक फिजियोथेरेपी और इलाज चला. एक्टर ने बताया, “कुछ समय के लिए फिल्मों की शूटिंग रुक गई थी. मैं एक्सरसाइज नहीं कर पा रहा था, इसलिए मेरा वजन भी बढ़ गया. सर्जरी के बाद भी चोट पूरी तरह ठीक नहीं हुई. मुझे उसी परेशानी के साथ काम करना पड़ा.” हालांकि चंद्रचूड़ का मानना है कि सिर्फ यही हादसा उनके करियर में दूरी की वजह नहीं बना. उन्होंने कहा, “इसके पीछे कई कारण थे. सफलता, असफलता, कुछ गलत फैसले… इन सब चीजों ने मिलकर असर डाला.” पिछली बार वह डिज्नी+ हॉटस्टार की वेब सीरीज ‘आर्या’ में नजर आए थे. यह भी पढ़ें- शादी से पहले स्त्रीओं के साथ रिश्ते में थी, गौरव खन्ना से तलाक के बीच आकांक्षा का खुलासा, कहा- लड़कियां पसंद हैं यह भी पढ़ें– गौरव खन्ना शिशु चाहते हैं, लेकिन मैं उन्हें वो खुशी नहीं दे सकती, आकांक्षा चमोला ने तलाक पर तोड़ी चुप्पी The post चंद्रचूड़ सिंह के घर के बाहर चला बुलडोजर, वीडियो में पहचानना मुश्किल, इस एक हादसे से करियर पर लगा था ब्रेक appeared first on Naya Vichar.

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