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July 9, 2026

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मानसून में कान बंद होने की समस्या से हैं परेशान? अपनाएं ये आसान उपाय

Ear Blockage in Monsoon: मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी लेकर आता है. इस मौसम में हवा में नमी बढ़ने के कारण त्वचा, बाल और गले के साथ-साथ कानों पर भी असर पड़ता है. कई लोग बारिश के दिनों में कान बंद होने, भारीपन महसूस होने या हल्के दर्द की शिकायत करते हैं. अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए, तो संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है. मानसून में क्यों होती है यह परेशानी? विशेषज्ञों के अनुसार, कान के अंदर का हिस्सा सामान्य रूप से सूखा रहना चाहिए. लेकिन बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने से कान के अंदर मौजूद वैक्स नरम हो सकती है. इससे कई बार कान बंद होने जैसा महसूस होता है. जिन लोगों को पहले से कान की कोई समस्या है, उनमें बैक्टीरिया या फंगल संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है. इसके अलावा सर्दी, जुकाम, एलर्जी या गले में संक्रमण होने पर भी कानों में दर्द या भारीपन महसूस हो सकता है. कानों को सुरक्षित रखने के आसान उपाय बारिश में भीगने के बाद कानों को अच्छी तरह सुखाना बेहद जरूरी है. अगर कान में पानी चला जाए, तो सिर को हल्का झुकाकर पानी निकालने की कोशिश करें. जरूरत पड़ने पर हेयर ड्रायर को कम तापमान पर रखकर सुरक्षित दूरी से हल्की हवा देकर कान के आसपास की नमी सुखाई जा सकती है. हालांकि, ड्रायर का इस्तेमाल बहुत सावधानी से करें और तेज गर्म हवा से बचें. घरेलू उपाय जो दे सकते हैं राहत अगर कान में हल्का दर्द या भारीपन महसूस हो रहा है, तो गुनगुने कपड़े से कान के आसपास हल्की सिकाई की जा सकती है. 5 से 10 मिनट तक भाप लेने से भी राहत मिल सकती है. इसके अलावा गुनगुने पानी से गरारे करने से गले और कान की नली पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है. ये उपाय शुरुआती असुविधा में मदद कर सकते हैं. कब डॉक्टर से मिलना चाहिए? यदि कान में तेज दर्द, लगातार भारीपन, सुनाई कम देना, कान से पानी या पस निकलना, बुखार या चक्कर आने जैसी समस्या हो, तो घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें. ऐसे मामलों में जल्द से जल्द ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है. मानसून में थोड़ी सी सावधानी और सही देखभाल अपनाकर कानों को संक्रमण और अन्य समस्याओं से काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है. यह भी पढ़ें: बारिश में वायरल इंफेक्शन से बचना है? आज ही अपनाएं ये 6 हेल्थ टिप्स The post मानसून में कान बंद होने की समस्या से हैं परेशान? अपनाएं ये आसान उपाय appeared first on Naya Vichar.

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मौसम: बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में 14 जुलाई तक भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

Very Heavy Rain: झारखंड में 9-10 जुलाई और फिर 12-14 जुलाई के दौरान ज्यादातर इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है. 8 और 12 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट है. इसके अलावा, 8 से 12 जुलाई के बीच तेज गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. बिहार में 9 से 10 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट बिहार में 10 और 11 जुलाई को व्यापक बारिश होगी. मौसम विभाग ने 9 से 10 जुलाई के बीच राज्य में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. 9 और 10 जुलाई को राज्य में बिजली गिरने (वज्रपात) की तीव्र गतिविधि देखी जा सकती है, इसलिए खेतों में काम करने वाले लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है. पश्चिम बंगाल, ओडिशा और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9 से 14 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होगी. गांगेय पश्चिम बंगाल में 10 से 14 जुलाई तक बारिश की रफ्तार बढ़ेगी. ओडिशा: पूरे हफ्ते (9 से 14 जुलाई) ओडिशा में छिटपुट से लेकर मध्यम बारिश होगी. इस दौरान 9 से 12 जुलाई के बीच 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में बारिश की संभावना उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में 9 से 13 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जिसमें 10-12 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. पश्चिमी यूपी में 9-10 जुलाई तक भारी बारिश होगी. दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: इन क्षेत्रों में 9 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी. 9 से 12 जुलाई के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना है. पंजाब: पंजाब में 9 जुलाई को व्यापक बारिश होगी, जबकि 10-14 जुलाई के बीच छिटपुट बारिश के आसार हैं. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 14 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना उत्तराखंड: पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में 9 से 14 जुलाई तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा. 10 जुलाई को यहां ‘बहुत भारी बारिश’ का ऑरेंज अलर्ट है। पूरे हफ्ते पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (landslide) के प्रति सावधान रहने को कहा गया है. जबकि हिमाचल में भी 9 से 14 जुलाई तक लगातार भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट मध्य प्रदेश में 9 जुलाई को ‘बहुत भारी बारिश’ का अनुमान है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 9 से 10 जुलाई के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में 9, 13 और 14 जुलाई को व्यापक बारिश होगी, जबकि 12-14 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. राजस्थान और गुजरात में बारिश की संभावना राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 9 जुलाई को व्यापक बारिश होगी और 10 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है. पश्चिमी राजस्थान में 9 जुलाई को 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी और बिजली चमकने के आसार हैं. जबकि गुजरात क्षेत्र में 9 जुलाई को भारी बारिश होगी. महाराष्ट्र और गोवा में भारी बारिश की संभावना कोंकण और गोवा: इस क्षेत्र में 9 से 14 जुलाई तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी. जबकि मध्य महाराष्ट्र 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. असम और मेघालय बारिश की संभावना असम और मेघालय: 9 से 12 और 14 जुलाई को व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. जबकि अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9 से 14 जुलाई के दौरान लगातार भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है. कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश और आंधी तूफान की संभावना तटीय कर्नाटक में 9 से 14 जुलाई तक भारी बारिश होगी. जबकि केरल में 9-11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी. केरल और तमिलनाडु में 9 से 10 और 12 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं और थंडरस्कॉल की स्थिति बनी रहेगी. ये भी पढ़ें: देशभर में मानसून का कहर: दिल्ली-मुंबई में जलभराव, पुणे में इमारत गिरने से 11 लोग फंसे, देहरादून में स्कूल बंद The post मौसम: बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में 14 जुलाई तक भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Mumbai : दरवाजे पर आई कर्ज की एक गुहार ने 17 साल के अयान को झकझोरा, 750 घरेलू कामगारों की बदल दी जिंदगी

स्वप्निल श्रीवास्तव Mumbai : हमारी सुबह जिन चेहरों की खामोश मेहनत से रोशन होती है- जो हमारे जागने से पहले घर बुहार जाते हैं, चाय का पहला कप थमाते हैं और बच्चों को संभालते हैं. क्या हम कभी उन घरेलू कामगारों के सुरक्षित भविष्य के बारे में सोचते हैं? मुंबई के रहने वाले 17 वर्षीय अयान वाधवा ने न सिर्फ यह सोचा, बल्कि एक अभूतपूर्व बदलाव की नींव रख दी. इस कहानी की शुरुआत उनके अपने घर के दरवाजे पर हुई, जब उनके यहां काम करने वाली स्त्री ने बीमार मां के इलाज के लिए अयान की मां से कर्ज मांगा. उस असहज करने वाले पल ने अयान को झकझोर दिया. उसने सोचा कि यदि उनका परिवार मदद न करता, तो उस स्त्री का क्या होता? यहीं से अयान की क्रमिक जिज्ञासा एक बड़े आंदोलन में बदल गयी. करा चुके हैं 700 से अधिक पंजीकरण उसने रिसर्च किया तो पाया कि प्रशासन ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए ‘ई-श्रम कार्ड’ जैसी कई कल्याणकारी योजनाएं बनाई हैं, जो दुर्घटना बीमा, आवास अनुदान और पेंशन की गारंटी देती हैं. लेकिन, इन कामगारों को इसकी भनक तक नहीं थी. अपनी मां पिंकी पंजवानी के सहयोग से 15 साल की उम्र से ही अयान ने शून्य से शुरुआत की. उसने जटिल प्रशासनी योजनाओं को सरल भाषा में ढालकर हिंदी और मराठी में बुकलेट तैयार किया और हाउसिंग सोसायटियों में वर्कशॉप आयोजित करने लगा. साल 2026 की शुरुआत से अब तक अयान मुंबई में पांच वर्कशॉप के जरिए 750 से अधिक घरेलू कामगारों का पंजीकरण इन योजनाओं में करा चुके हैं. आसान नहीं थी राह, आईं तमाम मुश्किलें अयान ने जब घरेलू कामगारों का पंजीकरण विभिन्न योजनाओं में करना शुरू किया, तो उनके सामने तमाम दिक्कतें आयीं. कामगारों को जानकारी ही नहीं थी कि पहचान पत्रों में दर्ज गलत विवरणों को कैसे सुधारा जाए. पहचान नंबर से अन्य जरूरी दस्तावेजों और बैंक खातों को जोड़ने की प्रक्रिया से वे पूरी तरह अनजान थे. कई स्त्रीओं के पहचान पत्र उनके पतियों के मोबाइल नंबर से लिंक थे, जिससे पंजीकरण के समय रियल-टाइम में ओटीपी प्राप्त करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी. एक कैंप से बदल गया जीवन पश्चिमी मुंबई के वंचित समुदाय से आने वाली 32 वर्षीय मनीषा ढेकडे पिछले 10 सालों से घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही हैं. बिना किसी पेड-लीव या मेडिकल सुरक्षा के छह दिन काम करने वाली मनीषा को मौखिक प्रचार से अयान के कैंप का पता चला. मनीषा कहती हैं, ‘पहले मुझे ई-श्रम कार्ड या पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं के बारे में कुछ पता नहीं था. कैंप में एक शिशु ने लैपटॉप लेकर मुझे सब कुछ बहुत धैर्य से सिखाया.’ आज मनीषा के पास न केवल अपना ई-श्रम कार्ड है, बल्कि प्रशासनी लाभ भी सीधे उनके घर तक पहुंच रहे हैं. इंटरनेशनल स्तर पर सराहना, ग्लोबल फंड से मिला 1.6 लाख का अनुदान अयान वाधवा की इस मुहिम ‘वर्कर्स ऑफ इंडिया’ की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दे रही है. दुनिया भर से आए 1,100 से अधिक छात्र-नेतृत्व वाले आवेदनों में से चुनिंदा 100 प्रोजेक्ट्स में अयान के प्रोजेक्ट को चुना गया है. इसके तहत उन्हें ‘ग्लोबल यूथ एक्शन फंड’ से लगभग 1.6 लाख रुपये का अनुदान मिला है. इस राशि का उपयोग वे एक एआई-पावर्ड व्हाट्सएप चैटबॉट विकसित करने में कर रहे हैं, जहां कामगार केवल अपनी भाषा में वॉयस नोट भेजकर अपना रोजगार अनुबंध तैयार कर सकेंगे. The post Mumbai : दरवाजे पर आई कर्ज की एक गुहार ने 17 साल के अयान को झकझोरा, 750 घरेलू कामगारों की बदल दी जिंदगी appeared first on Naya Vichar.

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देशभर में मानसून का कहर: दिल्ली-मुंबई में जलभराव, पुणे में इमारत गिरने से 11 लोग फंसे, देहरादून में स्कूल बंद

महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ (मोशी इलाका) में एक तीन मंजिला प्रशासनिक इमारत पर कूड़े का पहाड़ गिरने से वह ढह गई. इस मलबे में कम से कम 11 लोगों के फंसे होने की आशंका है. मुंबई और उपनगरों में भारी बारिश के कारण लोकल ट्रेनें 25 से 30 मिनट की देरी से चल रही हैं. वसई-विरार खंड और भोर घाट क्षेत्र में भूस्खलन व जलभराव के कारण गुजरात और पुणे की ओर जाने वाली लंबी दूरी की रेलगाड़ियां प्रभावित हुईं. खराब मौसम और कम दृश्यता (लो विजिबिलिटी) के कारण मुंबई आने वाली 9 उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा, हालांकि बाद में वे सुरक्षित उतर गईं. गोदावरी, कड़वा और गिरणा नदियां उफान पर नासिक में गोदावरी, कड़वा और गिरणा नदियां उफान पर हैं. बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण प्रशासन ने तटीय इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है. रायगढ़ में भी उल्हास नदी का पानी ट्रैक पर आने से रेल सेवा बाधित रही. गुजरात: सूरत में बाढ़ जैसे हालात, 9 लोगों की मौत सूरत में पिछले 24 घंटों में 358 मिमी रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है, जिससे पूरा शहर जलमग्न हो गया है. बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं (करंट लगने, पेड़ गिरने और डूबने) के कारण कम से कम 9 लोगों की मौत हो चुकी है. प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए निचले इलाकों से 3,800 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और 3,400 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया है. जलमग्न इलाकों की ऊंची इमारतों में फंसे लोगों तक भोजन के पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं. दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा: जलभराव और भारी जाम राजधानी में लगातार बारिश से सदर बाजार, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर सहित कई इलाके घुटनों तक पानी में डूब गए। रोहिणी में एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. धौला कुआं, महिपालपुर और रजोकरी (NH-48) पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं. एमसीडी और एनडीएमसी को जलभराव और पेड़ गिरने की कई शिकायतें मिली हैं. पिछले 33 घंटों में 115 मिमी से अधिक बारिश के कारण दिल्ली-जयपुर हाईवे की सर्विस लेन सहित प्रमुख मार्ग घंटों जाम रहे. यातायात व्यवस्था संभालने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने 260 अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं. पहाड़ी राज्य: केरल, हिमाचल और उत्तराखंड में अलर्ट वायनाड में एक सुरंग निर्माण परियोजना स्थल पर खुदाई की गई मिट्टी का ढेर ढहने से लापता हुए 5 लोगों की तलाश जारी है. मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की. जबकि शिमला के रामपुर में अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) से कई सड़कें टूट गईं. गणवी खड्ड पर बना अस्थायी पुल बहने से क्याओ और कुट पंचायतों का संपर्क देश से कट गया है. उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी, ऑरेंज अलर्ट जारी देहरादून में मौसम विभाग द्वारा भारी से अत्यंत भारी बारिश के ‘ऑरेंज अलर्ट’ को देखते हुए जिला प्रशासन ने 9 जुलाई को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी है. राजस्थान: मानसून सक्रिय राजस्थान में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है. कोटा के रामगंजमंडी में सबसे अधिक 10 सेमी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के ऊपर बने गहरे निम्न दबाव के कारण अगले दो-तीन दिनों तक राज्य में भारी बारिश जारी रहेगी. ये भी पढ़ें: दिल्ली में भारी बारिश के बीच गिरी बिल्डिंग, एक की मौत, कई लोगों के फंसे होने की आशंका The post देशभर में मानसून का कहर: दिल्ली-मुंबई में जलभराव, पुणे में इमारत गिरने से 11 लोग फंसे, देहरादून में स्कूल बंद appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के वित्त मंत्री दिल्ली में मौजूद, लेकिन सरकार के कार्यक्रम से रखी दूरी

Jharkhand Finance Minister: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर दिल्ली में हैं. दिल्ली में राज्य प्रशासन ने भी नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेंशन कार्यक्रम का आयोजन किया है. लेकिन इसमें प्रशासन के वरिष्ठ व वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर नहीं दिखे. दिल्ली में रहते हुए भी वित्त मंत्री द्वारा दूरी बनाए जाने की सियासी गलियारे में चर्चा है. इस मामले में पूछने पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि दिल्ली के कार्यक्रम की हमें कोई सूचना नहीं है. मैं दो दिनों से रांची में नहीं हूं. कार्यक्रम से संबंधित कोई पत्र हमें नहीं मिला है. हालांकि कांग्रेस कोटे से मंत्री दीपिका पांडेय और डॉ इरफान अंसारी कार्यक्रम में शामिल हुए. कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भी कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाई थीं.  कांग्रेस मुख्यालय में मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश से की मुलाकात  वित्त मंत्री दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय जरूर पहुंचे. इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और आला केंद्रीय नेता जयराम रमेश से मुलाकात की. वित्त मंत्री ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिलकर संगठन और प्रशासन को लेकर चर्चा की. मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि संगठन बेहतर तरीके से काम कर रहा है. प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम हो रहा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ मिलकर विकास योजनाओं को गति देने का कार्य हो रहा है. पार्टियों के घोषणा पत्र और नीतियों को सामूहिक रूप से लागू करने का प्रयास जारी है.  विभागीय सचिव का अब तक नहीं मिला जवाब वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पिछले दिनों गाड़ी वापस करने को लेकर विभाग के संयुक्त सचिव पंकज सिंह के पत्र पर सवाल उठाया था. इस संबंध में विभागीय सचिव को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था. लेकिन उन्हें विभाग की ओर से इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है. ये भी पढ़ें: झारखंड: कुड़ू के आवासीय स्कूल में घुसा करैत सांप, रात को सो रही 4 छात्राओं को काटा, एक की मौत ये भी पढ़ें: चक्रधरपुर में 8 साल से अधूरी है 7.33 किमी सड़क, आरईओ ऑफिस के बाहर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा ये भी पढ़ें: ‘मंत्री महोदया, सिमडेगा के गांवों को टापू बनने से बचाएं’, दीपिका पांडेय सिंह से मिले विधायक भूषण बाड़ा The post झारखंड के वित्त मंत्री दिल्ली में मौजूद, लेकिन प्रशासन के कार्यक्रम से रखी दूरी appeared first on Naya Vichar.

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बारिश में कुछ नया खाने का है मन? नोट करें पोहा कटलेट की आसान रेसिपी

Poha Cutlet Recipe: बारिश की हल्की फुहार, ठंडी-ठंडी हवा और हाथ में गरमा-गरम चाय… ऐसे मौसम में कुछ कुरकुरा और स्वादिष्ट खाने का मन लगभग हर किसी का करता है. अगर आप इस बार पकौड़े या समोसे से हटकर कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो पोहा कटलेट एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम होता है. साथ ही इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता. घर में मौजूद सामान्य सामग्री से तैयार होने वाली यह रेसिपी बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आएगी. पोहा कटलेट बनाने के लिए सामग्री 1 कप पोहा 2 उबले और मैश किए हुए आलू ½ कप बारीक कटी सब्जियां (गाजर, शिमला मिर्च और उबले मटर) 1 छोटा बारीक कटा प्याज 2 बारीक कटी हरी मिर्च 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट बारीक कटा हरा धनिया ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर ½ छोटा चम्मच चाट मसाला ¼ छोटा चम्मच गरम मसाला स्वादानुसार नमक 1 छोटा चम्मच नींबू का रस ब्रेड क्रम्ब्स या सूजी तलने के लिए तेल ऐसे बनाएं स्वादिष्ट पोहा कटलेट इसके बाद इसमें लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला, गरम मसाला, नमक, नींबू का रस और हरा धनिया मिलाएं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर मुलायम मिश्रण तैयार करें. इसके बाद इसमें लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला, गरम मसाला, नमक, नींबू का रस और हरा धनिया मिलाएं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर मुलायम मिश्रण तैयार करें. अब हाथों पर थोड़ा सा तेल लगाएं और मिश्रण से छोटे-छोटे हिस्से लेकर मनचाहे आकार के कटलेट बना लें. तैयार कटलेट्स को ब्रेड क्रम्ब्स या सूजी में अच्छी तरह लपेट दें. इससे कटलेट फ्राई होने के बाद ज्यादा कुरकुरे बनते हैं. एक पैन में तेल गर्म करें और मीडियम आंच पर कटलेट्स को दोनों तरफ से सुनहरा होने तक शैलो फ्राई या डीप फ्राई करें. ऐसे करें सर्व गरमा-गरम पोहा कटलेट को हरी चटनी, टमाटर सॉस या मसाला चाय के साथ परोसें. चाहें तो ऊपर से थोड़ा चाट मसाला और बारीक कटा हरा धनिया भी डाल सकते हैं. यह आसान रेसिपी आपके मानसून ब्रेकफास्ट या शाम के स्नैक को और भी स्वादिष्ट बना देगी. यह भी पढ़ें: Immunity Boosting Kadha: मॉनसून में इम्यूनिटी मजबूत करेंगे ये 3 ट्रेडिशनल काढ़े, डॉक्टर के चक्कर होंगे कम और बीमारियां रहेंगी दूर The post बारिश में कुछ नया खाने का है मन? नोट करें पोहा कटलेट की आसान रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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Dhamaal 4 Box Office: क्या ‘वेलकम टू द जंगल’ की सक्सेस दिलाएगी फिल्म को बंपर ओपनिंग? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

फिल्म क्रिटिक जोगिंदर टुटेजा का अनुमान है कि ‘धमाल 4’ पहले दिन हिंदुस्तान में 13 से 15 करोड़ रुपये के बीच ओपनिंग कर सकती है. हालांकि उनका कहना है कि फिल्म की असली कमाई उसके रिलीज होने के बाद दर्शकों के रिव्यू और वर्ड ऑफ माउथ पर निर्भर करेगी. अगर फिल्म लोगों को हंसाने में सफल रही, तो यह बॉक्स ऑफिस पर लंबी रेस का घोड़ा साबित हो सकती है. Welcome To The Jungle Box Office: फिल्म ने कितनी कमाई की? ‘वेलकम टू द जंगल‘ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है. फिल्म ने रिलीज के महज 12 दिनों में हिंदुस्तान में 120 करोड़ रुपये से ज्यादा की नेट कमाई कर ली है, जबकि दुनियाभर में इसका ग्रॉस कलेक्शन 170 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है. फिल्म की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि दर्शक आज भी परिवार के साथ बैठकर हल्की-फुल्की कॉमेडी फिल्में देखना पसंद करते हैं. यही वजह है कि अब ट्रेड एक्सपर्ट्स को ‘धमाल 4’ से भी बड़ी उम्मीदें हैं. यह भी पढ़ें: Welcome To The Jungle Success: अक्षय कुमार ने इन दो एक्टर्स को दिया फिल्म की सफलता का क्रेडिट, कहा- इनके आशीर्वाद से मिल रहा है इतना प्यार यह भी पढ़ें: Welcome to the Jungle के असली बजट से डायरेक्टर ने उठाया पर्दा, ‘वेलकम 4’ पर बोले- जॉन अब्राहम भी दिख सकते हैं The post Dhamaal 4 Box Office: क्या ‘वेलकम टू द जंगल’ की सक्सेस दिलाएगी फिल्म को बंपर ओपनिंग? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका ने ईरान पर दागीं मिसाइलें, ट्रंप ने तस्वीरें शेयर कर दी धमकी, तो तेहरान ने बताया फर्जी

ईरान की प्रशासनी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के तटीय इलाकों में अफरा-तफरी मच गई. रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बंदर अब्बास और सीरिक इलाके को अमेरिकी मिसाइलों ने निशाना बनाया. इसके अलावा, अबू मूसा द्वीप, चाबहार और कोनारक में भी कम से कम 10 जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई. जब वे हम पर हमला करेंगे, तो हम उन पर 20 हमले करेंगे ईरान पर और हमले करने के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हमने उन्हें 20 के मुकाबले एक के हिसाब से जवाब दिया. हर बार जब वे हम पर हमला करेंगे, तो हम उन पर 20 हमले करेंगे… यह पिछली रात का बदला था. असल में उन्होंने तीन नावों पर हमला किया था, दो पर नहीं. जब वे हमला करते हैं, तो हम कहीं ज्यादा जोरदार जवाब देते हैं.” अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले की पुष्टि की अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि की है. सेंटकॉम ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा- “अमेरिकी सेना प्रमुख के निर्देश पर, अमेरिकी केंद्रीय कमान बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन (जहाजों की आवाजाही) की स्वतंत्रता को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को कमजोर करने के लिए अतिरिक्त हमले किए हैं. अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक दल के खिलाफ किए गए अनुचित आक्रमण के लिए ईरान को जवाबदेह ठहराया जा रहा है.” ट्रंप ने शेयर किया हमले का फोटो, दी सख्त चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस सैन्य कार्रवाई के कई फोटो साझा किया. फोटो के साथ ट्रंप ने लिखा— “यह ईरान द्वारा कल जहाजों पर किए गए बम हमले का बदला है. अगर ऐसा दोबारा हुआ, तो हालात और भी खराब हो जाएंगे!” हालांकि, तेहरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए ट्रंप द्वारा शेयर किए गए वीडियो को ‘फर्जी’ और प्रोपेगैंडा करार दिया है. ईरान पर हमलों का मतलब फिर से युद्ध की शुरुआत नहीं: ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य हमले करने की चेतावनी दी. उन्होंने इससे पहले कहा था कि ईरान के हमलों से युद्धविराम समाप्त होने का संकेत मिला है. ट्रंप ने हालांकि यह भी कहा कि ईरान के साथ हालिया संघर्ष का यह सिलसिला युद्ध की फिर से शुरुआत का संकेत नहीं है. ट्रंप ने कहा, “जो कुछ भी होगा, वह बहुत तेजी से होगा.” ईरान का करारा पलटवार: कार्रवाई से देंगे जवाब अमेरिका की इस कार्रवाई और ट्रंप के बयानों पर ईरान के विदेश मंत्री ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है. उन्होंने ट्रंप की धमकियों को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की गीदड़भभकियों से ईरानी लोगों की महानता को कम नहीं किया जा सकता. ईरानी विदेश मंत्री ने स्पष्ट लहजे में कहा: “हम किसी की अभद्रता का जवाब बातों से नहीं, बल्कि अपनी ठोस सैन्य कार्रवाई से देते हैं.” The post अमेरिका ने ईरान पर दागीं मिसाइलें, ट्रंप ने तस्वीरें शेयर कर दी धमकी, तो तेहरान ने बताया फर्जी appeared first on Naya Vichar.

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फीफा वर्ल्ड कप 2026: क्वार्टर फाइनल में फिर यूरोपीय टीमों का दबदबा, खिताब की दौड़ में अर्जेंटीना सबसे आगे

फीफा विश्व कप 2026 अब अपने सबसे रोमांचक चरण में प्रवेश कर चुका है. 48 टीमों से शुरू हुए इस महाकुंभ में अब सिर्फ आठ टीमें बची हैं. क्वार्टर फाइनल में फ्रांस, मोरक्को, स्पेन, बेल्जियम, नॉर्वे, इंग्लैंड, अर्जेंटीना और स्विट्जरलैंड ने जगह बनाई है. इनमें से छह टीमें यूरोप की हैं, जो एक बार फिर विश्व फुटबॉल में महाद्वीप के दबदबे को दर्शाता है. हालांकि खिताब की दौड़ में सबसे ज्यादा चर्चा गत चैंपियन अर्जेंटीना, फ्रांस, इंग्लैंड और स्पेन की हो रही है. वहीं मोरक्को, बेल्जियम, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड को उलटफेर करने वाली टीमों के रूप में देखा जा रहा है. गोल्डन बूट की रेस में भी सुपरस्टार्स का कब्जा क्वार्टर फाइनल में पहुंची टीमों के पास दुनिया के सबसे बड़े सितारे मौजूद हैं. अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी 8 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं. फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे और नॉर्वे के एर्लिंग हॉलैंड 7-7 गोल कर चुके हैं, जबकि इंग्लैंड के हैरी केन के नाम 6 गोल हैं. अब तक क्वार्टर फाइनल में पहुंची आठ टीमों ने कुल 89 गोल किए हैं, जिनमें से 42 गोल जर्सी नंबर 9 और 10 पहनने वाले खिलाड़ियों ने दागे हैं. फ्रांस बनाम मोरक्को: एम्बाप्पे के सामने मोरक्को की दीवार फ्रांस ने अब तक 14 गोल किए हैं और उसका आक्रमण पूरे टूर्नामेंट में सबसे खतरनाक रहा है. किलियन एम्बाप्पे, उस्मान डेम्बेले और माइकल ओलीसे की तिकड़ी किसी भी रक्षा पंक्ति को तोड़ सकती है. दूसरी ओर मोरक्को ने 10 गोल किए हैं और उसकी सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासित डिफेंस है. इस्माइल साइबारी और यूसेफ एन-नेसिरी शानदार फॉर्म में हैं. यदि मुकाबला खुला स्पोर्ट्सा गया तो फ्रांस को फायदा होगा, लेकिन रक्षात्मक लड़ाई में मोरक्को फिर से चौंका सकता है. स्पेन बनाम बेल्जियम: कब्जे की फुटबॉल बनाम काउंटर अटैक स्पेन ने अपने पारंपरिक पजेशन-आधारित स्पोर्ट्स से सभी को प्रभावित किया है. मिकेल ओयारजाबाल, लमीन यामाल और दानी ओल्मो टीम के प्रमुख हथियार हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि गोलकीपर उनाई सिमोन अभी तक टूर्नामेंट में क्लीन शीट बरकरार रखे हुए हैं. बेल्जियम ने अमेरिका को 4-1 से हराकर अपनी ताकत दिखाई. रोमेलु लुकाकु, जेरेमी डोकू और केविन डी ब्रूने जैसे अनुभवी खिलाड़ी किसी भी मैच का रुख बदल सकते हैं. नॉर्वे बनाम इंग्लैंड: हॉलैंड और केन की गोल्डन बूट जंग क्वार्टर फाइनल का सबसे रोमांचक मुकाबला नॉर्वे और इंग्लैंड के बीच माना जा रहा है. एर्लिंग हॉलैंड 7 गोल और हैरी केन 6 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में शामिल हैं. नॉर्वे ने अब तक 12 गोल किए हैं, जबकि इंग्लैंड का संतुलित मिडफील्ड और गहराई उसे मजबूत बनाती है. यह मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि दुनिया के दो सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों के बीच भी होगा. अर्जेंटीना बनाम स्विट्जरलैंड: मेसी की चमक पर टिकी निगाहें टूर्नामेंट में अब तक अर्जेंटीना ने 14 गोल किए हैं और वह सबसे खतरनाक टीमों में शामिल है. लियोनेल मेसी 8 गोल के साथ शानदार फॉर्म में हैं. उनके अलावा जूलियन अल्वारेज और एंजो फर्नांडीज भी लगातार प्रभाव छोड़ रहे हैं. स्विट्जरलैंड की ताकत उसकी सामूहिक रणनीति और अनुशासन है. टीम ने कोलंबिया को पेनाल्टी शूटआउट में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई. लेकिन कागज पर अर्जेंटीना का पलड़ा भारी दिखाई देता है. खिताब के सबसे बड़े दावेदार कौन? मौजूदा फॉर्म, अनुभव और स्टार खिलाड़ियों को देखते हुए अर्जेंटीना और फ्रांस खिताब के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. इंग्लैंड और स्पेन भी चुनौती पेश करने की स्थिति में हैं. वहीं मोरक्को, नॉर्वे, बेल्जियम और स्विट्जरलैंड को कम आंकना किसी भी टीम के लिए भारी पड़ सकता है. यह भी पढ़ें: फीफा वर्ल्ड कप: 60 साल बाद बना रिकॉर्ड, फिर भी नहीं टूटी स्पेन की दीवार; रोनाल्डो का विश्व कप सपना खत्म The post फीफा वर्ल्ड कप 2026: क्वार्टर फाइनल में फिर यूरोपीय टीमों का दबदबा, खिताब की दौड़ में अर्जेंटीना सबसे आगे appeared first on Naya Vichar.

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मुख्यमंत्री ने दिया दार्जिलिंग को नया बैली ब्रिज, पर्यटन को मिलेगा बूस्ट

दार्जिलिंग के लोगों और पर्यटकों के लिए राहत भरी समाचार है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को दूधिया में बालासन नदी पर बने नये बैली ब्रिज को जनता को समर्पित कर दिया. इस पुल के शुरू होते ही मिरिक से सिलीगुड़ी तक का सफर फिर से आसान हो गया है. 20 दिन में तैयार हुआ ब्रिज : राजू बिष्ट कार्यक्रम में दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि पुल बहने के सिर्फ 20 दिन के अंदर इसे बनाकर शुरू कर देना बताता है कि बंगाल की नयी प्रशासन जनता की समस्या के समाधान के लिए कितनी तत्पर है. पुल बनने से पर्यटन को मिलेगी नयी रफ्तार पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों मिरिक, दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों में आने वाले पर्यटकों के लिए यह पुल बहुत जरूरी था. अब मानसून में भी आवागमन बाधित नहीं होगा. इस पुल के शुरू हो जाने से होटल, होम-स्टे, टैक्सी और लोकल कारोबार से जुड़े लोगों ने भी राहत की सांस ली है. पर्यटकों के आने का सीधा लाभ उन्हें मिलेगा. ये भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी प्रशासन बदलेगी पहाड़ों की सूरत, दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी समेत 5 शहर बनेंगे ‘हिमालयी पर्वतीय शहर’ पहाड़ के विकास और विश्वास की नयी शुरुआत : सांसद सांसद राजू बिष्ट ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा- यह सिर्फ एक पुल नहीं है. यह पहाड़ के विकास और विश्वास की नयी शुरुआत है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में अब पहाड़, तराई और डुआर्स को प्राथमिकता मिल रही है. रंग लायी सेना और प्रशासन की मेहनत इस पुल को रिकॉर्ड समय में बनाने में हिंदुस्तानीय सेना की ईस्टर्न कमांड, जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की टीम ने अथक परिश्रम किया. सांसद ने सभी का आभार जताते हुए इसे नागरिक-सेना समन्वय का शानदार उदाहरण बताया. ये भी पढ़ें: अश्विनी वैष्णव की बड़ी घोषणाएं- कोलकाता में दौड़ेंगी नयी पीढ़ी की 60 ट्रेनें, सिलीगुड़ी से दिल्ली तक चलेगी बुलेट ट्रेन हिल डेस्टिनेशन बनेगा दार्जिलिंग : बिष्ट राजू बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में दार्जिलिंग को एक सुरक्षित, समृद्ध और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसे हिल डेस्टिनेशन बनाने का काम तेजी से हो रहा है. अब मिरिक की झील, चाय बागान और पहाड़ों की वादियां पर्यटकों के लिए फिर से खुल गयी हैं. The post मुख्यमंत्री ने दिया दार्जिलिंग को नया बैली ब्रिज, पर्यटन को मिलेगा बूस्ट appeared first on Naya Vichar.

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