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July 11, 2026

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ताड़ी बेचने वाले का बेटा बनेगा SDM, 4 बार फेल होने के बाद BPSC में मिली सफलता

BPSC Success Story: मुश्किलें कितनी भी होगी अगर एक बार मन में ठान लिया जाए तो बड़ी-से-बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है. कुछ ऐसी ही कहानी बिहार के बेगूसराय जिले के रहने वाले सूरज कुमार की है, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और संकल्प से BPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर ली. सूरज कुमार के पिता ने ताड़ी बेचकर उन्हें पढ़ाया. आज पूरा परिवार सूरज की इस सफलता से खुश है. सूरज कुमार ने BPSC 70वीं CCE परीक्षा में 1274 वीं रैंक हासिल की है. अनुसूचित जाति से आने वाले सूरज का सेलेक्शन अब SDM पद के लिए होगा. सूरज एक गरीब परिवार से आते हैं. ऐसे में उनकी इस सफलता से माता-पिता भी काफी खुश हैं.  ताड़ी बेचकर पिता ने पढ़ाया  सूरज बेगूसराय के नावकोठी गांव के रहने वाले हैं. सूरज कुमार के पिता रामचंद्र चौधरी ताड़ी बेचकर परिवार चलाते हैं. ऐसे में सूरज के पास सीमित संसाधन थे. लेकिन उनके पिता ने कभी मनोबल टूटने नहीं दिया और उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए प्रेरित करते रहे. रामचंद्र चौधरी ने हर मुश्किल का सामना किया लेकिन कभी बेटे की पढ़ाई से समझौता नहीं किया.  तमिलनाडु के इस फेमस यूनिवर्सिटी से की है पढ़ाई सूरज की शुरुआती पढ़ाई नावकोठी के एक स्कूल से हुई. 10वीं के बाद 12वीं उन्होंने जीडी कॉलेज बेगूसराय से की. इसके बाद तमिलनाडु की फेमस अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में BE की डिग्री हासिल की.  पहले चार प्रयास में मिली असफलता BTech की पढ़ाई करके भी सूरज संतुष्ट नहीं थे. उन्होंने दिल्ली जाकर सिविल सेवा की पढ़ाई करने का मन बनाया. वे तैयारी में जुट गए. लेकिन इस दौरान उन्हें संघर्ष करना पड़ा. पिछले चार अटेंप्ट में सूरज को असफलता मिली थी. बार-बार मिल रही असफलता से टूट चुके थे जब-जब वे परीक्षा में असफल होते तब तब परिवार और समाज की नजर में एक ही सवाल होता है कि क्या वे काबिल नहीं हैं. परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था तो ऐसे में नौकरी लेकर सेटल होना ही उनकी प्राथमिकता थी. लेकिन परीक्षा की तैयारी करते हुए सूरज कुछ इस हद तक जुनूनी हो गए थे कि उन्हें हर हाल में सिविल सेवा में ही सफलता हासिल करनी थी. उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार अपने पांचवें प्रयास में BPSC परीक्षा में सफलता हासिल की.  सूरज ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया सूरज ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता और पूरे परिवार को दिया है. उनका मानना है कि परिवार ने अगर उनमें हिम्मत नहीं दिखाई होती तो वे शायद आज इस मुकाम पर नहीं पहुंच पाते. 5वें प्रयास में सूरज ने अपनी गलतियों से सीख लेकर फिर से तैयारी की. वे अन्य अभ्यर्थियों को भी यही सलाह देते हैं कि अपनी गलतियों से सबक लेकर आगे बढ़ें. यह भी पढ़ें- IIT से लेकर IIIT तक, जानें बिहार के बेस्ट BTech कॉलेज में कैसे मिलता है एडमिशन The post ताड़ी बेचने वाले का बेटा बनेगा SDM, 4 बार फेल होने के बाद BPSC में मिली सफलता appeared first on Naya Vichar.

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ईरान को अमेरिका का अल्टीमेटम, कहा- अगर नहीं रोका होर्मुज पर हमला तो…

US Iran Conflict : अमेरिका ने ईरान को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए होर्मुज स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) पर हमले रोकने को कहा है. अमेरिका ने अल्टीमेटम जारी करते हुए मांग की है कि ईरान जल्द से जल्द होर्मुज के रास्ते को जहाजों के लिए खोल दे. साथ ही तेल कंटेनरों में लगातार कर रहे हमलों को रोके. ऐसा नहीं करने पर ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. युद्धविराम समाप्ति की घोषणा अमेरिका की ओर से यह चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है जब डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध विराम के समाप्ति की घोषणा कर दी है. उन्होंने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुआ युद्धविराम समाप्त हो गया है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए बताया कि हालिया दुश्मनी के बावजूद ईरान ने बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया था. उन्होंने लिखा कि अमेरिका इसके लिए सहमत है, लेकिन उन्हें बता दिया गया है कि अब युद्धविराम खत्म हो गया है. ईरान से आधिकारिक बयान की मांग हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिकी अधिकारी ईरान से सार्वजनिक घोषणा की मांग कर रहे हैं. जिसमें ईरान बताए कि वह होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर गोलीबारी नहीं करेगा. साथ ही उनसे कोई भी ट्रांजिट शुल्क नहीं लिया जाएगा. समझौते पर पहुंचने का सीमित समय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि तेहरान के साथ बातचीत सफल रही. ट्रंप प्रशासन ईरान को एक सीमित समय दे रही है, जिससे वे अपने विकल्पों पर विचार कर लें. ईरान ने किया अमेरिकी दावों को खारिज ईरान ने वाशिंगटन द्वारा किए जा रहे इस दावे को खारिज कर दिया है कि उसने यूएस के साथ बातचीत शुरू करने का अनुरोध किया था. ईरान ने अमेरिका से सीधे बातचीत के बजाए कतर की मध्यस्थता पर स्वीकृति जाहिर की है. चेतावनी दी है कि अमेरिकी किसी भी प्रकार से अगर उग्रता दिखाता है तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा. अमेरिकी मांगो पर जताया विरोध तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर की जाने वाली अमेरिकी मांगो पर कड़ा विरोध जताया है. इस बात पर जोर दिया है कि जलडमरूमध्य पर होने वाली कोई भी गतिविधि ईरान के अधिकार क्षेत्र में आती हैं. उनका कहना है कि बाहरी शक्तियों का होर्मुज स्ट्रेट प्रबंधन पर हस्तक्षेप पहले के समझौतों का उल्लंघन है. इससे इलाके में तनाव घटने के बजाए और बढ़ेगा. हमलों के पीछे ईरानी प्रशासन नहीं कोई और ! अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान ने स्वीकार किया कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों के पीछे बागी समूह का हाथ है. इस पर अमेरिका का साफ रुख है कि चाहे ईरान की प्रशासन इसमें इनवॉल्व न हो लेकिन इसका जिम्मेदार उन्हें ही ठहराया जाएगा. नई वार्ता की योजना हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया कि कतर के अधिकारी अमेरिका-ईरान तनाव कम करने को लेकर चर्चा करने तेहरान गए. वहीं इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची होर्मुज के प्रशासन और सुरक्षित मार्गों पर बातचीत करने ओमान जाने वाले हैं. क्यों है होर्मुज स्ट्रेट का महत्व? होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जो ओमान की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ता है. अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष से पहले विश्व के कुल तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा रोज इसी रास्ते से होकर गुजरता था. हाल में हुए जहाजों पर हमले के बाद तेल की कीमतें भी बढ़ गई हैं. इसलिए इस युद्ध की समाप्ति बेहद जरूरी बताई जा रही है. The post ईरान को अमेरिका का अल्टीमेटम, कहा- अगर नहीं रोका होर्मुज पर हमला तो… appeared first on Naya Vichar.

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187KM रेंज के साथ आया Hero का नया EV स्कूटर, मिलेगा फास्ट चार्जिंग वाली रिमूवेबल बैटरी का दम

हिंदुस्तानीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार तेज हो रही है और इसी बीच हीरो मोटोकॉर्प के इलेक्ट्रिक ब्रांड वीडा ने ग्राहकों के लिए नया VIDA VX2 Plus 4.4 kWh पेश कर दिया है. यह नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खास तौर पर उन लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो लंबी दूरी तय करते हैं और बार-बार चार्जिंग की परेशानी से बचना चाहते हैं. कंपनी का दावा है कि नया मॉडल लंबी रेंज, तेज चार्जिंग और मजबूत चार्जिंग नेटवर्क के साथ रोजमर्रा के इस्तेमाल को और आसान बना देगा. सबसे खास बात यह है कि इसी स्कूटर ने 12,111 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी अपनी जगह बनाई है. 187 किलोमीटर की रेंज और रिमूवेबल बैटरी का फायदा VIDA VX2 Plus 4.4 kWh में कुल 4.4 kWh क्षमता का बैटरी पैक दिया गया है. इसमें 2.2 kWh की दो रिमूवेबल बैटरियां मिलती हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर अलग से भी चार्ज किया जा सकता है. कंपनी के मुताबिक यह स्कूटर एक बार फुल चार्ज होने पर 187 किलोमीटर तक की IDC सर्टिफाइड रेंज देने में सक्षम है. जो लोग रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं या चार्जिंग की सुविधा हर जगह नहीं मिलती, उनके लिए रिमूवेबल बैटरी बड़ा फायदा साबित हो सकती है. बैटरी को घर या ऑफिस में आसानी से चार्ज किया जा सकता है. सिर्फ 65 मिनट में होगी फास्ट चार्जिंग चार्जिंग के मामले में भी कंपनी ने इस स्कूटर को काफी मजबूत बनाया है. 1kW पोर्टेबल चार्जर से बैटरी 0 से 80 प्रतिशत तक लगभग 3 घंटे 30 मिनट में चार्ज हो जाती है. वहीं डीसी फास्ट चार्जर की मदद से यही काम केवल 65 मिनट में पूरा किया जा सकता है. तेज चार्जिंग की यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी होगी जिन्हें दिनभर में कई बार स्कूटर का इस्तेमाल करना पड़ता है. देशभर में मिलेगा बड़ा चार्जिंग और सर्विस नेटवर्क Hero MotoCorp ने नए VIDA VX2 Plus के साथ मजबूत आफ्टर सेल्स सपोर्ट पर भी जोर दिया है. कंपनी के अनुसार देशभर में 6,000 से अधिक फास्ट चार्जिंग स्टेशन और 700 से ज्यादा सर्विस टचपॉइंट उपलब्ध हैं. इसके अलावा कंपनी Battery-as-a-Service (BaaS) प्लान भी ऑफर कर रही है. इस सुविधा के जरिए ग्राहक बैटरी से जुड़े खर्च को अधिक लचीले तरीके से मैनेज कर सकते हैं, जिससे शुरुआती लागत भी कम हो सकती है. 12,111 किलोमीटर चलकर बनाया नया रिकॉर्ड स्कूटर की विश्वसनीयता साबित करने के लिए वीडा ने राइडर गिरीश शेट के साथ एक खास अभियान चलाया. इस यात्रा की शुरुआत बेंगलुरु से हुई और इसका समापन दिल्ली में हुआ. कुल 52 दिनों के दौरान स्कूटर ने 12,111 किलोमीटर की दूरी तय की. इस सफर के दौरान यह विभिन्न शहरों से होकर गुजरा और इसी उपलब्धि के दम पर “इलेक्ट्रिक स्कूटर द्वारा सबसे लंबी यात्रा” का रिकॉर्ड बनाते हुए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया. कीमत और उपलब्धता की बात Hero VIDA VX2 Plus 4.4 kWh की दिल्ली एक्स-शोरूम कीमत 1,43,990 रुपये रखी गई है. कंपनी का कहना है कि यह स्कूटर जुलाई 2026 के अंत तक देशभर की अधिकृत डीलरशिप पर बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाएगा. अगर आप लंबी रेंज, फास्ट चार्जिंग, रिमूवेबल बैटरी और मजबूत सर्विस नेटवर्क वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो नया VIDA VX2 Plus आपके लिए एक मजबूत विकल्प बन सकता है. ये भी पढ़ें: EV Scooter Buying Guide 2026: बजट, रेंज और भरोसे पर चुनें अपना बेस्ट मॉडल; यहां देखें टॉप ऑप्शंस ये भी पढ़ें: Electric Scooter खरीदने जा रहे हैं? पहले जानिए कौन-सी बैटरी है सबसे भरोसेमंद, वरना बाद में होगा बड़ा नुकसान The post 187KM रेंज के साथ आया Hero का नया EV स्कूटर, मिलेगा फास्ट चार्जिंग वाली रिमूवेबल बैटरी का दम appeared first on Naya Vichar.

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8th Pay Commission: सिर्फ फिटमेंट फैक्टर नहीं, रेलवे इंजीनियरों को अब वेतन और प्रमोशन में भी चाहिए बराबरी

8th Pay Commission: इस बार सिर्फ फिटमेंट फैक्टर ही नहीं, बल्कि रेलवे इंजीनियरों ने वेतन, प्रमोशन और करियर ग्रोथ से जुड़े कई पुराने मुद्दे भी आयोग के सामने रखे हैं. उनका कहना है कि 6वें वेतन आयोग के बाद उनकी स्थिति पहले जैसी नहीं रही और अब 8वें वेतन आयोग से उन्हें बड़ी उम्मीद है. भुवनेश्वर में हुई बैठक के दौरान रेलवे इंजीनियरों के संगठनों ने आयोग को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा. हालांकि, अभी किसी भी मांग पर फैसला नहीं हुआ है. आयोग फिलहाल देशभर से कर्मचारियों और पेंशनर्स की राय जुटा रहा है. कहां हुई बैठक और किसने रखीं मांगें? 8वें वेतन आयोग ने 6 और 7 जुलाई को ओडिशा के भुवनेश्वर में कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स के साथ स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन किया. इस बैठक में ऑल इंडिया रेलवे इंजीनियर्स फेडरेशन (AIREF) और ईस्ट कोस्ट रेलवे इंजीनियर्स एसोसिएशन (ECoREA) ने आयोग के सदस्य सचिव पंकज जैन को अपना ज्ञापन सौंपा. AIREF के महासचिव बी.पी. दाश ने कहा कि रेलवे इंजीनियर रेलवे के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन 6वें वेतन आयोग के बाद उनकी वेतन व्यवस्था कमजोर हुई. उनका दावा है कि आज भी उन्हें गैर-तकनीकी और गैर-सुरक्षा कैडर के कई कर्मचारियों की तुलना में कम अनुकूल वेतन मिलता है. रेलवे इंजीनियरों ने क्या-क्या मांग रखी? रेलवे इंजीनियरों ने आयोग के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें सबसे बड़ी मांग वेतन समानता और करियर ग्रोथ की रही. मांग क्या चाहते हैं इंजीनियर? वेतन समानता 6वें वेतन आयोग से पहले जैसी पे स्ट्रक्चर दोबारा लागू की जाए. ग्रुप B स्टेटस अन्य केंद्रीय प्रशासनी विभागों की तरह रेलवे इंजीनियरों को भी ग्रुप B का दर्जा मिले. ग्रुप B पद बढ़ें रेलवे में ग्रुप B पदों की हिस्सेदारी 0.29% से बढ़ाकर 7.5% की जाए. प्रमोशन लंबे समय से रुके प्रमोशन और करियर में आ रही रुकावट को दूर किया जाए. बैठक के दौरान AIREF के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी जनरल सिवाकांत सिंह ने भी कहा कि रेलवे इंजीनियर लंबे समय से करियर स्टैगनेशन यानी प्रमोशन और ग्रोथ रुकने की समस्या झेल रहे हैं. क्या सिर्फ रेलवे कर्मचारियों की मांगें सुनी जा रही हैं? नहीं. 8वां वेतन आयोग देशभर में अलग-अलग कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स से सुझाव ले रहा है. इससे पहले दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख में भी बैठकें हो चुकी हैं. भुवनेश्वर के बाद आयोग ने 10 जुलाई को कोलकाता में अंतिम दौर की चर्चा करने की योजना बनाई है. इन बैठकों में सिर्फ रेलवे कर्मचारियों की ही नहीं, बल्कि दूसरे कर्मचारी संगठनों ने भी फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने, भत्तों में संशोधन, पेंशन सुधार, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बदलाव और Modified Assured Career Progression (MACP) व्यवस्था में सुधार जैसी मांगें रखी हैं. क्या अभी कोई फैसला हो गया है? अभी नहीं. ये बैठकें सिर्फ सुझाव और मांगें जुटाने के लिए हो रही हैं. आयोग सभी कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर्स से मिले सुझावों पर विचार करने के बाद अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करेगा. इसलिए फिलहाल वेतन, पेंशन, भत्तों या प्रमोशन से जुड़ा कोई नया फैसला लागू नहीं हुआ है. गौरतलब है कि 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था. आयोग का काम केंद्र प्रशासन के कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, पेंशन और भत्तों की समीक्षा करना है. साथ ही कर्मचारियों की मांगों और प्रशासन की वित्तीय स्थिति के बीच संतुलन बनाते हुए अपनी अंतिम सिफारिशें देना भी इसकी जिम्मेदारी है. ये भी पढ़ें: 8th Pay Commission: 65% तक सैलरी बढ़ाने की मांग, ₹9000 ट्रांसपोर्ट अलाउंस का भी प्रस्ताव The post 8th Pay Commission: सिर्फ फिटमेंट फैक्टर नहीं, रेलवे इंजीनियरों को अब वेतन और प्रमोशन में भी चाहिए बराबरी appeared first on Naya Vichar.

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बचे हुए चावल से मिनटों में बनाएं क्रिस्पी कटलेट, स्वाद ऐसा कि हर कोई करेगा तारीफ

Leftover Rice Cutlet Recipe: अक्सर घर में खाना खाने के बाद थोड़ा-बहुत चावल बच जाता है. कई लोग इसे दोबारा खाने की बजाय फेंक देते हैं, लेकिन अगर थोड़ी-सी क्रिएटिविटी दिखाई जाए तो यही बचे हुए चावल एक स्वादिष्ट और क्रिस्पी स्नैक में बदल सकते हैं. अगर शाम की चाय के साथ कुछ टेस्टी और झटपट बनाना चाहते हैं, तो लेफ्टओवर राइस कटलेट एक बेहतरीन ऑप्शन है. इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता और घर में मौजूद सामान्य सामग्री से ही यह आसानी से तैयार हो जाता है.  कटलेट बनाने के लिए जरूरी सामग्री 2 कप बचे हुए पके चावल 2 उबले हुए आलू 1 बारीक कटा प्याज 2 हरी मिर्च बारीक कटी हुई 1 छोटा चम्मच अदरक का पेस्ट 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर ½ छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर ½ छोटा चम्मच गरम मसाला नमक स्वादानुसार 3 से 4 बड़े चम्मच ब्रेड क्रम्ब्स या सूजी तलने या शैलो फ्राई करने के लिए तेल PC: AI Generated स्वाद बढ़ाने के आसान टिप्स कटलेट में कद्दूकस की हुई गाजर, शिमला मिर्च या मटर मिलाने से स्वाद और पोषण दोनों बढ़ जाते हैं.  हल्का-सा चाट मसाला ऊपर से छिड़कने पर कटलेट का स्वाद और भी मजेदार हो जाता है.  अगर चीज पसंद है, तो बीच में थोड़ा-सा चीज भरकर भी कटलेट बना सकते हैं.  कटलेट को एयर फ्रायर में भी बनाया जा सकता है, जिससे यह कम तेल में तैयार होगा.  यह भी पढ़ें: बिहार की स्पेशल खुरमा रेसिपी, इस आसान तरीके से घर पर बनाएं भोजपुर की फेमस और रसीली मिठाई नया विचार की पेशकश The post बचे हुए चावल से मिनटों में बनाएं क्रिस्पी कटलेट, स्वाद ऐसा कि हर कोई करेगा तारीफ appeared first on Naya Vichar.

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क्या आपको याद हैं ‘संस्कारी बाबूजी’ आलोक नाथ? MeToo विवाद के बाद बदल गई पूरी जिंदगी, दोस्त ने कहा- अब घर से बाहर नहीं निकलते

क्या आपको बॉलीवुड के ‘संस्कारी बाबूजी’ आलोक नाथ याद हैं? एक समय ऐसा था जब शायद ही कोई पारिवारिक फिल्म या टीवी शो होता, जिसमें आलोक नाथ पिता या बड़े बुजुर्ग के किरदार में नजर न आते हो. लेकिन साल 2018 में MeToo विवाद के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई. अब लंबे समय बाद उनके बचपन के दोस्त और एक्टर राजेश पुरी ने बताया है कि इस विवाद के बाद आलोक ने खुद को दुनिया और फिल्म इंडस्ट्री दोनों से लगभग अलग कर लिया है. अब वह बेहद शांत और अकेली जिंदगी जी रहे हैं. MeToo विवाद के बाद बदल गए आलोक नाथ मनी कंट्रोल को दिए इंटरव्यू में राजेश पुरी ने कहा, “जब आलोक नाथ पर MeToo के आरोप लगे तो हर कोई हैरान रह गया, क्योंकि उनकी पहचान एक ‘संस्कारी’ एक्टर की थी. इन आरोपों के बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह दुनिया से अलग कर लिया. वह लगभग इंडस्ट्री से गायब हो चुके हैं और ज्यादातर समय अपने घर में ही रहते हैं.” राजेश ने बताया कि अब आलोक नाथ बहुत कम लोगों से मिलते हैं और पब्लिक कार्यक्रमों में भी नजर नहीं आते. View on Instagram राजेश पुरी बोले- गलतियां हुई होंगी, लेकिन दिल के बहुत अच्छे इंसान हैं राजेश पुरी ने कहा कि उनके दोस्त में अब काफी बदलाव आ चुका है. उन्होंने कहा, “आलोक बहुत साफ दिल के इंसान हैं. अब वह पूरी तरह बदल चुके हैं. उन्होंने शराब पीना भी छोड़ दिया है. वह बेहद प्यार करने वाले इंसान हैं, लेकिन उनकी दो कमजोरियां थी. पहली वह अपने खिलाफ कुछ भी बर्दाश्त नहीं कर पाते थे और दूसरी शराब. वह बहुत ज्यादा शराब पीते थे और उसी का असर उनके व्यवहार पर भी पड़ता था.” राजेश ने यह भी बताया कि उन्होंने कई आउटडोर शूट्स में कभी आलोक को किसी के साथ गलत व्यवहार करते नहीं देखा. हालांकि, उनके मुताबिक शराब पीने के बाद उनका स्वभाव बदल जाता था और वह काफी आक्रामक हो जाते थे. दोस्त से भी मिलने से बचते हैं आलोक नाथ राजेश पुरी ने बताया कि उन्होंने कई बार आलोक नाथ को अपने घर और फार्महाउस आने के लिए इनवाइट किया, लेकिन हर बार उन्होंने मना कर दिया. उन्होंने कहा, “मैं उनसे कहता हूं कि घर आओ, फार्महाउस चलते हैं, लेकिन वह हर बार टाल देते हैं. कभी फोन पर अच्छी बात करते हैं, लेकिन अक्सर लगता है कि इतना अच्छा कलाकार यूं ही बर्बाद हो रहा है. वह काम के ऑफर भी स्वीकार नहीं करते और कहते हैं कि घर से ही काम कर रहे हैं. मुझे नहीं लगता कि इस समय वह ज्यादा काम कर रहे हैं, क्योंकि वह अंदर से बहुत दुखी हैं.” View on Instagram आध्यात्म की ओर बढ़े आलोक नाथ राजेश पुरी ने बताया कि पिछले कुछ सालों में आलोक नाथ आध्यात्म की ओर भी बढ़े हैं. उन्होंने कहा, “जो हुआ, सो हुआ. बिना आग के धुआं नहीं उठता. उन्हें अपनी कुछ बातों का पछतावा है और जो कुछ हुआ, वह अच्छा नहीं था. अब वह किसी का सामना नहीं करना चाहते. हम दोनों एक ही गुरु को मानते हैं. आलोक भी उनके मार्गदर्शन में आए, लेकिन जब सत्संग हुआ तब भी वह वहां नहीं पहुंचे.” ये भी पढ़ें: अजय देवगन की कॉमेडी फिल्म ‘धमाल 4’ हुई पास या फेल? फर्स्ट शो के बाद सामने आए ऐसे रिएक्शन The post क्या आपको याद हैं ‘संस्कारी बाबूजी’ आलोक नाथ? MeToo विवाद के बाद बदल गई पूरी जिंदगी, दोस्त ने कहा- अब घर से बाहर नहीं निकलते appeared first on Naya Vichar.

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रांची-डालटनगंज शटल ट्रेन के लिए करना होगा इंतजार, तीसरी लाइन बनने के बाद ही होगा परिचालन

Jharkhand Railway News: रांची-लोहरदगा-डालटनगंज के बीच शटल ट्रेन सेवा शुरू होने की आस लगाए लोगों को और इंतजार करना पड़ेगा. फिलहाल दक्षिण-पूर्व मुख्यालय ने पूर्व-मध्य रेलवे (इसीआर) के आग्रह पर रांची रेल मंडल के इस प्रस्ताव को स्थगित कर दिया है. प्रस्ताव के जवाब में मुख्यालय ने रांची रेल मंडल को जानकारी दी गयी है कि उक्त रूट पर टोरी से बरवाडीह के बीच इसीआर की ओर से तीसरी रेल लाइन बिछाने का काम चल रहा है. इसे पूरा होने में अभी छह से आठ माह और लगेंगे. ऐसे में शटल ट्रेन सेवा उक्त अवधि के बाद ही शुरू की जा सकती है.  फरवरी में भेजा गया था प्रस्ताव मालूम हो कि रांची रेल डिविजन ने इस रूट पर दो ट्रिप शटल ट्रेन चलाने की योजना बनाई है. मंडल ने इसका प्रस्ताव फरवरी 2026 में ही दक्षिण-पूर्व रेल मुख्यालय को भेज दिया था. इस ट्रेन के चलने से रांची से डालटनगंज के बीच रोजाना करीब चार हजार यात्री आना-जाना कर सकेंगे. इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, इलाज के लिए रांची आने वाले मरीजों और व्यापारियों को विशेष लाभ मिलेगा. रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस ट्रेन के शुरू होने से क्षेत्रीय व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी. लातेहार, बरवाडीह और लोहदरगा जैसे इलाकों के लोगों को रांची आने-जाने में समय और खर्च दोनों की बचत होगी. अधिकारी ने बताया कि टोरी-बरवाडीह के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण सोन नगर-पतरातू तीसरी लाइन परियोजना का एक प्रमुख हिस्सा है. यह रूट देश के सबसे व्यस्त कोयला परिवहन मार्गों (कोल इंडिया कोर सेक्शन) में शामिल है. भारी मालगाड़ियों के आवागमन और यात्री ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए इस निर्माण कार्य को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है.  परियोजना की मुख्य विशेषताएं सोननगर से पतरातू तक की कुल परियोजना 291 किलोमीटर की है. यह खंड पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद डिवीजन के अंतर्गत आता है. बरवाडीह से टोरी (लगभग 73 किमी) का हिस्सा इस विशाल परियोजना का पैकेज है. इसके निर्माण होने से कोयला ढुलाई को रफ्तार देने, मालगाड़ियों के दबाव को कम करने और यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी दूर कर समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह तीसरी लाइन बिछायी जा रही है. अधिकारी ने बताया कि इस ट्रैक पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम और भारी कंक्रीट स्लीपर्स का उपयोग किया जा रहा है, ताकि ट्रेनें 100 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ सकें. यात्रियों को निराश होने की जरूरत नहीं : डीआरएम डीआरएम करुणानिधि सिंह ने कहा है कि रांची रेल मंडल यात्रियों को सुविधाएं और सहूलियत मुहैया कराने को लेकर कटिबद्ध है. रांची-लोहरदगा-डालटनगंज के बीच शटल ट्रेन सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहे लोगों को निराश होने की जरूरत नहीं है. छह से आठ माह में तीसरी रेल लाइन के निर्माण का कार्य पूरा हो जायेगा. हमारी कोशिश होगी कि उसके तुरंत बाद ही इस रूट पर शटल ट्रेन का परिचालन शुरू कराया जाये. जैसे ही निर्माण कार्य पूरा होगा मुख्यालय को दोबारा प्रस्ताव भेजेंगे.  ये भी पढ़ें: जंगल में बैठकर फर्जी APK से करते थे ठगी, गिरिडीह पुलिस ने पांच साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार ये भी पढ़ें: ग्रेजुएट ट्रेंड टीचरों को मिलेगा समान वरीयता और अपग्रेड वेतन का लाभ, झारखंड हाईकोर्ट का आदेश The post रांची-डालटनगंज शटल ट्रेन के लिए करना होगा इंतजार, तीसरी लाइन बनने के बाद ही होगा परिचालन appeared first on Naya Vichar.

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Asian Games 2026: सलीमा टेटे को मिली भारतीय महिला हॉकी टीम की कमान, 20 सदस्यीय टीम का ऐलान

Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होगा, जबकि स्त्री हॉकी प्रतियोगिता 18 सितंबर से 2 अक्टूबर तक काकामिगाहारा स्थित गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में स्पोर्ट्सी जाएगी. 𝐂𝐡𝐚𝐬𝐢𝐧𝐠 𝐀𝐬𝐢𝐚𝐧 𝐆𝐥𝐨𝐫𝐲. 🇮🇳✨ Twenty players. One badge. One dream. Presenting the Indian Women’s Hockey Team selected for the Asian Games 2026, ready to give their all for the tricolour. 💙🏑 Join us in wishing the team the very best!#HockeyIndia #IndiaKaGame… pic.twitter.com/xx4KC6ooxp — Hockey India (@TheHockeyIndia) July 10, 2026 “> LA 2028 ओलंपिक के लिए भी बेहद अहम होगा टूर्नामेंट 2026 के एशियन गेम्स हिंदुस्तानीय स्त्री हॉकी टीम के लिए बेहद अहम हैं क्योंकि यह टूर्नामेंट उनके लिए केवल स्वर्ण पदक जीतने का मौका नहीं, बल्कि 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में सीधे प्रवेश पाने का एक सुनहरा अवसर भी है. इस प्रतियोगिता में जो टीम स्वर्ण पदक जीतेगी, उसे 2028 ओलंपिक का टिकट सीधे मिल जाएगा. इसलिए, हिंदुस्तानीय टीम का पूरा ध्यान इस बार एशियन गेम्स में जीत हासिल करने पर है, ताकि उन्हें ओलंपिक में अपनी जगह पक्की करने के लिए बाद में किसी भी अन्य लंबी और कठिन क्वालीफाइंग प्रोसेस से न गुजरना पड़े. उभरती प्रतिभाओं को मिला मौका हॉकी इंडिया ने इस बार ऐसी टीम चुनी है जिसमें अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उभरती प्रतिभाओं को भी पर्याप्त अवसर दिया गया है. हाल ही में न्यूजीलैंड में आयोजित FIH नेशंस कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले अधिकांश खिलाड़ियों को टीम में बरकरार रखा गया है. चयनकर्ताओं का मानना है कि मौजूदा टीम में अनुभव, गति और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन मौजूद है. सविता पुनिया और बिचू देवी संभालेंगी मोर्चा गोलकीपिंग की जिम्मेदारी अनुभवी सविता पुनिया और बिचू देवी खरीबाम संभालेंगी. हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित सविता हिंदुस्तानीय स्त्री हॉकी की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हैं. उन्होंने हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में हिंदुस्तानीय टीम की कप्तानी करते हुए टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. उनके अनुभव के साथ बिचू देवी की फुर्ती टीम की बड़ी ताकत मानी जा रही है. डिफेंस में फिर दिखा युवाओं पर भरोसा डिफेंस में सुषिला चानू पुखरामबाम और ज्योति जैसी अनुभवी खिलाड़ियों को शामिल किया गया है. इनके अलावा लालथांतलुआंगी और शिल्पी डबास ने FIH नेशंस कप के दौरान सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था और अपने प्रभावशाली प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का विश्वास जीत लिया. दोनों खिलाड़ियों को एक बार फिर टीम में मौका मिला है. मिडफील्ड की कमान कप्तान सलीमा टेटे के हाथों में हिंदुस्तानीय टीम की मिडफील्ड की जिम्मेदारी कप्तान सलीमा टेटे संभालेंगी. उनके साथ अनुभवी निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, नेहा और दीपिका सोरेंग टीम को मजबूती देंगी. सलीमा अपनी तेज रफ्तार, शानदार बॉल कंट्रोल और नेतृत्व क्षमता के लिए जानी जाती हैं। मिडफील्ड हिंदुस्तानीय टीम की सबसे मजबूत कड़ी मानी जा रही है. हिंदुस्तानीय स्त्री हॉकी टीम का लक्ष्य हिंदुस्तानीय स्त्री हॉकी टीम की फॉरवर्ड लाइन इस समय काफी मजबूत और आक्रामक नजर आ रही है. टीम के मुख्य आक्रमण का जिम्मा लालरेमसियामी, नवनीत कौर और दीपिका संभालेंगी. इनके अलावा रुतुजा पिसाल, इशिका, बलजीत कौर और ब्यूटी डुंगडुंग भी विपक्षी टीम के डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती साबित होंगी. पिछले कुछ महीनों में हिंदुस्तानीय टीम ने लगातार शानदार स्पोर्ट्स दिखाया है और पूरी टीम यही उम्मीद कर रही है कि वे अपनी इसी बेहतरीन फॉर्म को एशियन गेम्स में भी बरकरार रखेंगी. मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने जताया पूरा भरोसा हिंदुस्तानीय स्त्री हॉकी टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने टीम की घोषणा के बाद कहा कि हाल के महीनों में खिलाड़ियों ने बेहतरीन फिटनेस और शानदार फॉर्म का प्रदर्शन किया है. उन्होंने विश्वास जताया कि यह टीम एशियन गेम्स जैसी बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और स्वर्ण पदक जीतने की क्षमता रखती है. एशियन गेम्स 2026 के लिए हिंदुस्तानीय स्त्री हॉकी टीम विभाग खिलाड़ी गोलकीपर सविता पुनिया, बिचू देवी खारीबाम डिफेंडर इशिका चौधरी, सुषिला चानू पुखरामबाम, लालथांतलुआंगी, ज्योति, शिल्पी डबास मिडफील्डर निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, सलीमा टेटे (कप्तान), नेहा, दीपिका सोरेंग फॉरवर्ड लालरेमसियामी हमारजोते, रुतुजा पिसाल, नवनीत कौर, दीपिका, इशिका, बलजीत कौर, ब्यूटी डुंगडुंग हिंदुस्तानीय स्त्री हॉकी का एशियन गेम्स में शानदार इतिहास हिंदुस्तानीय स्त्री हॉकी टीम का एशियन गेम्स में शानदार इतिहास रहा है. जिसमें 1982 का स्वर्ण पदक सहित कुल 7 पदक शामिल हैं (1 स्वर्ण, 2 रजत, 4 कांस्य). 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में टीम ने कांस्य पदक जीता था. अब सलीमा टेटे की कप्तानी में टीम का लक्ष्य 44 साल बाद फिर से स्वर्ण पदक जीतना है, ताकि वे सीधे 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर सकें. इसे भी पढ़े- FIFA World Cup 2026: कोलंबियाई खिलाड़ी जामिंटन कैंपाज को मिली जान से मारने की धमकी, महासंघ ने जताई कड़ी आपत्ति The post Asian Games 2026: सलीमा टेटे को मिली हिंदुस्तानीय स्त्री हॉकी टीम की कमान, 20 सदस्यीय टीम का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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Ashadha Amavasya 2026: सोमवती और भौमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग, जानें तिथि, मुहूर्त और महत्व

Ashadha Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना गया है, लेकिन वर्ष 2026 की आषाढ़ अमावस्या कई मायनों में बेहद खास रहने वाली है. पंचांग के अनुसार आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 13 जुलाई 2026, सोमवार को शाम 6:50 बजे प्रारंभ होगी और 14 जुलाई 2026, मंगलवार को दोपहर 3:14 बजे समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार यह पर्व 14 जुलाई को मनाया जाएगा. सोमवती और भौमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग इस बार अमावस्या तिथि सोमवार और मंगलवार दोनों दिनों में पड़ रही है. यही कारण है कि श्रद्धालुओं को सोमवती अमावस्या और भौमवती अमावस्या दोनों का पुण्य फल प्राप्त होगा. धार्मिक दृष्टि से यह संयोग अत्यंत शुभ माना जाता है. मंगलवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को भौमवती अमावस्या कहा जाता है, जिसका संबंध मंगल ग्रह और हनुमान जी की उपासना से माना जाता है. आषाढ़ अमावस्या पर स्नान-दान का शुभ मुहूर्त धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व होता है. आषाढ़ अमावस्या 2026 पर सुबह 4:30 बजे से 10:43 बजे तक स्नान, जप, तप और दान-पुण्य के लिए शुभ समय रहेगा. इस अवधि में किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष फल प्राप्त होने की मान्यता है. आषाढ़ अमावस्या पर आर्थिक समृद्धि के लिए महाउपाय यदि लंबे समय से आर्थिक परेशानियां बनी हुई हैं, तो आषाढ़ अमावस्या की संध्या में मां लक्ष्मी के समक्ष घी का दीपक जलाएं. इसके बाद श्रीसूक्त का पाठ करें या ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें. अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या धन का दान करना भी शुभ माना गया है. आषाढ़ अमावस्या पर पितृ तर्पण और अमावस्या का महत्व शास्त्रों में आषाढ़ अमावस्या को पितरों की तृप्ति और आशीर्वाद प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर बताया गया है. इस दिन पवित्र जल में स्नान, तर्पण और श्राद्ध कर्म करने से पितृ दोष शांत होने तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आने की मान्यता है. जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है. The post Ashadha Amavasya 2026: सोमवती और भौमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग, जानें तिथि, मुहूर्त और महत्व appeared first on Naya Vichar.

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40 साल बाद न्यूजीलैंड की यात्रा करने वाले पहले PM बने नरेंद्र मोदी, 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना करने का टारगेट

PM Modi New Zealand Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड के दौरे पर हैं. वे पिछले 40 सालों में न्यूजीलैंड की यात्रा करने वाले पहले हिंदुस्तानीय बन गए हैं. पिछली बार वर्ष 1986 में राजीव गांधी ने न्यूजीलैंड की हिंदुस्तानीय प्रधानमंत्री के तौर पर यात्रा की थी. पीएम मोदी का ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरे पर न्यूजीलैंड के पीएम द्वारा दोनों देशों को मजबूत करने के लिए रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की गई. जिसका उद्देश्य व्यापार, निवेश, शिक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है. व्यापार बढ़ाने पर जोर प्रधानमंत्री लक्सन ने कहा कि दोनों देशों ने हाल ही में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किया था. जिसके बाद काफी प्रगति हुई है. अब हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड अन्य क्षेत्रों में भी मिलकर काम करेंगे. वहीं पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करना है. इसके साथ ही न्यूजीलैंड की ओर से हिंदुस्तान में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता भी जताई गई. युवा कारोबारियों के लिए पीएम मोदी का सुझाव ऑकलैंड में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के युवा उद्यमियों के लिए एक खास सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि 35 साल से कम उम्र के बिजनेस पर्सन का एक प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) न्यूजीलैंड से हिंदुस्तान और हिंदुस्तान से न्यूजीलैंड भेजा जाए. इससे युवा उद्यमियों को नए व्यापारिक अवसर और नए विचार सीखने का मौका मिलेगा. हिंदुस्तानीय समुदाय को भी करेंगे संबोधित प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान न्यूजीलैंड के प्रमुख उद्योगपतियों और स्पोर्ट्स जगत की हस्तियों से भी मुलाकात करेंगे. इसके अलावा वे वहां रहने वाले हिंदुस्तानीय समुदाय के एक बड़े कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे. लक्सन ने जताया आभार प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने पिछले साल हिंदुस्तान यात्रा के दौरान मिले गर्मजोशी भरे स्वागत को याद करते हुए पीएम मोदी का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के रिश्तों को मजबूत बनाने में प्रधानमंत्री मोदी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है. ये भी पढ़ें : अमेरिका के नए रूसी प्रतिबंध कानून से बढ़ सकती हैं हिंदुस्तान की मुश्किलें, जानिए पूरा मामला The post 40 साल बाद न्यूजीलैंड की यात्रा करने वाले पहले PM बने नरेंद्र मोदी, 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना करने का टारगेट appeared first on Naya Vichar.

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