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July 16, 2026

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इंग्लैंड में कोहली का विराट रिकॉर्ड, राहुल द्रविड़ को पछाड़कर बने नंबर-1 भारतीय

हिंदुस्तानीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में स्पोर्ट्से जा रहे मुकाबले में कोहली ने जोफ्रा आर्चर की गेंद पर चौका लगाते ही राहुल द्रविड़ का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया. कोहली ने इंग्लैंड की पारी के दौरान 9वें ओवर की चौथी गेंद पर शानदार ऑन-ड्राइव लगाकर चौका जड़ा. इसी के साथ वह इंग्लैंड की सरजमीं पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले हिंदुस्तानीय बल्लेबाज बन गए. कोहली ने राहुल द्रविड को पीछे छोड़ा मैच से पहले कोहली के नाम इंग्लैंड में 2642 रन दर्ज थे, जबकि राहुल द्रविड़ ने 1996 से 2011 के बीच 46 अंतरराष्ट्रीय मैचों की 56 पारियों में 2645 रन बनाए थे. कोहली को यह रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सिर्फ चार रन की जरूरत थी और उन्होंने यह उपलब्धि आसानी से हासिल कर ली. इंग्लैंड में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों की सूची में अब कोहली शीर्ष पर पहुंच गए हैं. इस सूची में राहुल द्रविड़ दूसरे, सचिन तेंदुलकर तीसरे और रोहित शर्मा चौथे स्थान पर हैं. इंग्लैंड में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले हिंदुस्तानीय बल्लेबाज (सभी फॉर्मेट) खिलाड़ी अवधि मैच पारी रन सर्वश्रेष्ठ स्कोर औसत शतक अर्धशतक विराट कोहली 2011-2026 58 74 2646+ 149 40.03 3 18 राहुल द्रविड़ 1996-2011 46 56 2645 217 55.10 8 15 सचिन तेंदुलकर 1990-2011 43 56 2626 193 49.54 7 12 रोहित शर्मा 2009-2026 47 54 2298 140 49.95 9 10 सौरव गांगुली 1996-2007 36 42 1949 183 47.53 4 12 महेंद्र सिंह धोनी 2007-2019 60 59 1869 92 37.38 0 16 रविंद्र जडेजा 2009-2025 44 51 1644 107* 44.43 2 11 केएल राहुल 2018-2026 29 43 1643 149 41.07 6 5 सुनील गावस्कर 1971-1986 34 46 1583 221 36.81 2 11 शिखर धवन 2013-2022 33 40 1478 125 39.94 4 4 विराट कोहली कई और रिकॉर्ड कर सकते हैं अपने नाम विराट कोहली के पास इस मैच में कई अन्य बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का भी मौका है. वह इंग्लैंड में वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले हिंदुस्तानीय बल्लेबाज बनने के करीब हैं. इसके अलावा उन्हें वनडे में विदेशी सरजमीं पर 8000 रन पूरे करने के लिए भी ज्यादा दूर नहीं जाना है. विराट कोहली का इंग्लैंड में रिकॉर्ड फॉर्मेट मैच पारी रन सर्वश्रेष्ठ स्कोर औसत शतक/अर्धशतक टेस्ट 17 33 1096 149 33.21 2/5 वनडे 34 34 1354+ 107 50.14 1/12 टी20I 7 7 192 66 32.00 0/1 कुल 58 74 2646+ 149 40.03 3/18 ये भी पढ़ें: राजस्थान रॉयल्स छोड़कर CSK में क्यों गए संजू सैमसन? पहली बार खुद किया खुलासा The post इंग्लैंड में कोहली का विराट रिकॉर्ड, राहुल द्रविड़ को पछाड़कर बने नंबर-1 हिंदुस्तानीय appeared first on Naya Vichar.

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रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ मामले में ED का एक्शन, बंगाल समेत 4 राज्यों में छापेमारी, फंडिंग नेटवर्क का पर्दाफाश

Bengal ED Raids News Today: बांग्लादेशियों और रोहिंग्या की हिंदुस्तान में अवैध घुसपैठ और मनी लाउंडरिंग (धनशोधन) मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों समेत 4 राज्यों में कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. विदेशी फंडिंग वाले गिरोह का नेटवर्क खंगाल रहा ईडी ईडी से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी विशेष रूप से एक ऐसे गिरोह के वित्तीय नेटवर्क को खंगाल रही है, जो विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के तहत पंजीकृत एक चैरिटेबल ट्रस्ट के जरिये संचालित हो रहा था. इस ट्रस्ट को ब्रिटेन (UK) की कुछ संस्थाओं से मोटी फंडिंग की जा रही है. बंगाल के 3 जिलों समेत 13 ठिकानों पर रेड ईडी के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत शुरू की गयी इस कार्रवाई में पश्चिम बंगाल के 3 सीमावर्ती जिले उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद प्रमुख केंद्र रहे. बंगाल के इन तीन जिलों के अलावा दिल्ली के जामिया नगर, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर (देवबंद) और हरियाणा के बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) में कुल 13 से अधिक ठिकानों पर एक साथ रेड मारी गयी. ये भी पढ़ें: मंगलुरु में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को काम दिलाने वाले रैकेट का पर्दाफाश, बंगाल के 3 आरोपी गिरफ्तार कैसे काम करता था घुसपैठ और बसाने का सिंडिकेट? ईडी द्वारा वर्ष 2024 में दर्ज किया गया यह मामला मूल रूप से उत्तर प्रदेश एटीएस (UP-ATS) की उस एफआईआर पर आधारित है, जिसमें एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट का खुलासा हुआ था. जांच में बंगाल से जुड़े इस नेक्सस के 2 प्रमुख मॉड्यूल सामने आये हैं. सीमा पार से घुसपैठ का पहला चरण : पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में सक्रिय एक समूह रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को अवैध तरीके से हिंदुस्तानीय सीमा में दाखिल कराता था. फर्जी दस्तावेज और पहचान : दूसरा समूह इन घुसपैठियों के लिए जाली पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड और हिंदुस्तानीय पासपोर्ट) तैयार करवाता था. दस्तावेज बनने के बाद इन्हें रोजी-रोटी और रोजगार के बहाने देश के अलग-अलग राज्यों में भेज दिया जाता था. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान-बांग्लादेश सीमा पर रेड फ्लैग लहराया, घुसपैठ को लेकर मालदा बॉर्डर पर हाई अलर्ट 6 से 10 हजार की किस्तों में फंडिंग, ई-रिक्शा देकर स्थायी पुनर्वास एटीएस और ईडी की जांच में सामने आया कि घुसपैठियों को स्थायी रूप से बसाने के लिए एक जटिल वित्तीय ढांचा (Financial Network) तैयार किया गया था. संदिग्धों के खातों, बिचौलियों और फर्जी बैंक अकाउंट्स के माध्यम से 6,000 रुपए, 8,000 रुपए और 10,000 रुपए की छोटी-छोटी किस्तों में पैसे भेजे जाते थे. आर्थिक पुनर्वास की भी की जाती है व्यवस्था मनी लाउंडरिंग के जरिये जुटाये गये इस धन का मुख्य उद्देश्य घुसपैठियों को आर्थिक रूप से मजबूत करना था. ट्रस्ट द्वारा उन्हें नियमित आय सुनिश्चित करने के लिए ई-रिक्शा, नकदी या नौकरियां उपलब्ध करायी जाती थीं. फिलहाल केंद्रीय एजेंसी बंगाल में नेटवर्क से जुड़े स्थानीय बिचौलियों और ट्रस्ट के बैंक खातों के दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है. The post रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ मामले में ED का एक्शन, बंगाल समेत 4 राज्यों में छापेमारी, फंडिंग नेटवर्क का पर्दाफाश appeared first on Naya Vichar.

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17 महीने पुरानी कार नई बताकर बेची: डॉक्टर की शिकायत पर कंज्यूमर आयोग सख्त, नई E20 कार और एक लाख मुआवजे का आदेश

Raipur District Consumer Disputes Redressal Commission : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक कार डीलर और निर्माता कंपनी के खिलाफ सख्त फैसला सुनाया है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, आयोग ने आदेश दिया कि शिकायतकर्ता डॉ प्रेमराज देबता को उसी मॉडल की नई E20 पेट्रोल समर्थित कार 45 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए. ऐसा नहीं होने पर कार की पूरी कीमत लौटानी होगी. साथ ही मानसिक उत्पीड़न के लिए 1 लाख रुपये का मुआवजा भी देने का निर्देश दिया गया है. खरीद के कुछ महीनों बाद शुरू हुई परेशानी शिकायतकर्ता डॉ प्रेमराज देबता ने जून 2024 में करीब 18.29 लाख रुपये में मारुति ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जेटा प्लस खरीदी थी. इसके अलावा उन्होंने बीमा और आरटीओ शुल्क के रूप में लगभग 1.86 लाख रुपये भी चुकाए. करीब पांच महीने में कार 21,913 किलोमीटर चली, लेकिन नवंबर 2024 में अचानक डैशबोर्ड पर इंजन की खराबी का संकेत आया और वाहन बीच रास्ते में बंद हो गया. डीलर ने खराब पेट्रोल को बताया जिम्मेदार डॉ देबता कार को तुरंत शोरूम ले गए, जहां जांच के बाद डीलर ने दावा किया कि मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाले पेट्रोल की वजह से इंजन खराब हुआ है. इसके बाद भी कई बार कार की मरम्मत की गई, लेकिन समस्या खत्म नहीं हुई. बाद में डॉक्टर को बताया गया कि उन्हें पुराना मॉडल बेचा गया था और इसके लिए सेल्स मैनेजर से संपर्क करने को कहा गया. बदलने से इनकार, उल्टा रखी शर्तें जब डॉ प्रेमराज देबता ने कंपनी के जनरल मैनेजर से संपर्क किया तो उन्हें साफ कह दिया गया कि न तो कार बदली जाएगी और न ही पैसे लौटाए जाएंगे. उन्हें कंपनी की ओर से कहा गया कि कार 12 लाख रुपये में बेच दें या फिर 5.30 लाख रुपये खर्च कर इंजन और अन्य हिस्से बदलवाएं. इस बीच कार डीलर के पास प्रतिदिन 200 रुपये के शुल्क पर खड़ी रही, जिसके बाद डॉ देबता ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया. आयोग ने माना डीलर की सेवा में कमी इस मामले की सुनवाई के दौरान उपभोक्ता आयोग ने पाया कि कार का निर्माण जनवरी 2023 में हुआ था, जबकि उसे जून 2024 में नई कार बताकर बेचा गया, यानी करीब 17 महीने पुरानी कार को नया बताकर ग्राहक को सौंपा गया. आयोग ने यह भी माना कि वाहन E20 पेट्रोल के अनुरूप नहीं था, जबकि देश में E20 ईंधन का उपयोग बढ़ाया जा रहा है. ऐसे में इंजन संबंधी समस्या के लिए ग्राहक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. 45 दिन में नई कार या पूरी रकम लौटाने का आदेश उपभोक्ता आयोग ने अपने फैसले में कहा कि डीलर और कंपनी ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार किया है. इसलिए 45 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को उसी मॉडल की नई E20-अनुकूल कार दी जाए. यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो ग्राहक द्वारा चुकाई गई पूरी राशि वापस करनी होगी. इसके अलावा मानसिक पीड़ा के लिए 1 लाख रुपये का मुआवजा भी देना होगा. तय समय में भुगतान न करने पर इस राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना पड़ेगा. यह भी पढ़ें- तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय खोलने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, वकील ने कहा- बच्चों की मुफ्त शिक्षा पर नेतृत्व नहीं The post 17 महीने पुरानी कार नई बताकर बेची: डॉक्टर की शिकायत पर कंज्यूमर आयोग सख्त, नई E20 कार और एक लाख मुआवजे का आदेश appeared first on Naya Vichar.

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पुरी रथ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब: दम घुटने और उमस से कई श्रद्धालु बेहोश, स्ट्रेचर पर ले जाती दिखी टीम

Puri Jagannath Rath Yatra 2026: समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस दौरान उमड़ी भीड़ में कई श्रद्धालु बेहोश हो गए, जिन्हें मौके पर ही तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई. बेहोश होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अभी नहीं दी गई है. पीटीआई द्वारा ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक वीडियो में प्रशासन के कर्मचारी बेहोश श्रद्धालुओं को स्ट्रेचर पर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. एक श्रद्धालु की मौत की समाचार इंडियन एक्सप्रेस की समाचार के अनुसार रथ यात्रा के दौरान भीड़ में दबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. जबकि 30 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुरी में भारी बारिश पुरी में हो रही भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पुरी में पिछले 48 घंटों में 233 मिमी बारिश हुई है. पुरी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई बी खुरानिया ने बताया कि पुरी में कई स्तरों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं और इस उत्सव के लिए हिंदुस्तानीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 19 अधिकारियों और लगभग 13,000 अन्य पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. इसके अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएस), त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) सहित केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियों को रणनीतिक जगहों पर तैनात किया गया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मदद के लिए हिंदुस्तानीय नौसेना, हिंदुस्तानीय तटरक्षक बल और ओडिशा पुलिस समुद्री पुलिस थाना द्वारा संयुक्त गश्त की जा रही है और त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) तैनात की गई हैं. The post पुरी रथ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब: दम घुटने और उमस से कई श्रद्धालु बेहोश, स्ट्रेचर पर ले जाती दिखी टीम appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में चिकित्सा व्यवस्था की एक और भयावह तस्वीर, एंबुलेंस नहीं मिली तो टोटो से पहुंची गर्भवती की मौत

Jharkhand Health System: झारखंड के जामताड़ा से गुरुवार को चिकित्सा व्यवस्था की एक और भयावह तस्वीर सामने आई है. एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण प्रसव पीड़ा से जूझ रही गर्भवती स्त्री को टोटो से सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज में कथित देरी की वजह से उसकी मौत हो गई. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने सदर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जताई. एंबुलेंस नहीं मिली तो टोटो से पहुंची गर्भवती स्त्री जानकारी के अनुसार, जामताड़ा शहर के प्रशासन बांध निवासी कन्हैया रवानी की पत्नी रीना देवी (22) को गुरुवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई. परिजनों ने स्त्री को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस की मांग की, लेकिन समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी. मजबूरी में परिजन गर्भवती स्त्री को टोटो से सदर अस्पताल लेकर पहुंचे. परिजनों का कहना है कि अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती और इलाज शुरू हो जाता तो स्त्री की जान बच सकती थी. इलाज में देरी का लगाया आरोप परिजनों ने सदर अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि टोटो से अस्पताल पहुंचने के बाद भी स्त्री को समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिली. बाद में जांच के बाद चिकित्सकों ने स्त्री के शरीर में खून की कमी बताते हुए उसे धनबाद स्थित एसएनएमएमसीएच रेफर कर दिया. परिजनों के अनुसार, रेफर किए जाने के बाद जब स्त्री को अस्पताल से बाहर ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई. इसके बाद परिजन शव लेकर दोबारा सदर अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे. मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा गर्भवती स्त्री की मौत की समाचार फैलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित लोगों ने सदर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और मुख्य गेट को जाम कर दिया. हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और मामले की जांच का आश्वासन दिया. एंबुलेंस के अभाव में गुमला में 14 वर्षीय बच्ची की मौत पिछले कुछ दिनों में राज्य में एंबुलेंस सुविधा को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं. इससे पहले बुधवार को गुमला जिले के चैनपुर में भी एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एक 14 वर्षीय बच्ची की मौत का मामला सामने आया था. वहां स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस मौजूद होने के बावजूद वह समय पर चालू नहीं हो सकी थी. इसके बाद बच्ची को पिकअप वाहन से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई. जामताड़ा की घटना के बाद एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति कितनी मजबूत है. इसे भी पढ़ें: गुमला: धक्का मारने पर भी नहीं चली एम्बुलेंस, अस्पताल पहुंचने से पहले ही मां की गोद में बेटी ने तोड़ा दम दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई की मांग रीना देवी के परिजनों ने पूरे मामले की जांच कर दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका आरोप है कि समय पर इलाज और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने से स्त्री की जान बचाई जा सकती थी. फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच की जा रही है. घटना के बाद लोगों में नाराजगी है और वे जिले में एंबुलेंस व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें: झारखंड की सड़कों पर दौड़ रहे जर्जर एंबुलेंस, सांसत में मरीजों की जान The post झारखंड में चिकित्सा व्यवस्था की एक और भयावह तस्वीर, एंबुलेंस नहीं मिली तो टोटो से पहुंची गर्भवती की मौत appeared first on Naya Vichar.

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लोहरदगा में NIA की रेड: RSS दफ्तर पर हमला मामले में जांच तेज, SP बोले- हमें कार्रवाई की सूचना नहीं

लोहरदगा से गोपी कृष्ण कुंवर की रिपोर्ट लोहरदगा: रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रांत कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को लोहरदगा में एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की. सुबह करीब चार बजे शुरू हुई एनआईए की यह कार्रवाई कई घंटों तक चली, जिसमें जांच टीम ने संदिग्धों के ठिकानों की गहन तलाशी ली. सैफ और अमन अंसारी के आवास सहित कई ठिकानों पर तलाशी एनआईए की टीम ने इस मामले में पहले से ही न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में बंद आरोपी सैफ अंसारी और अमन अंसारी के आवास सहित कुछ अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया. कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े और व्यापक इंतजाम किए गए थे. पूरे अभियान को अत्यंत गोपनीय तरीके से संचालित किया गया. सुबह-सुबह अचानक भारी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों और जांच अधिकारियों की मौजूदगी देखकर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, और इस छापेमारी को लेकर दिनभर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं. ये भी पढ़ें: कोल इंडिया के एचआर डायरेक्टर डॉ विनय रंजन को नहीं मिलेगा सेवा विस्तार, 27 जुलाई के बाद कार्यकाल समाप्त जब नहीं खुला मुख्य दरवाजा, तो क्रेन की मदद से अंदर घुसी एनआईए छापेमारी के दौरान एक दिलचस्प और चौंकाने वाला वाकया भी सामने आया. तलाशी के दौरान एक संदिग्ध ठिकाने पर जब घर का मुख्य दरवाजा नहीं खुला, तो एनआईए की टीम ने क्रेन का सहारा लिया. टीम क्रेन की मदद से भवन के ऊपरी हिस्से तक पहुंची और वहां से अंदर प्रवेश किया, जिसके बाद तलाशी की प्रक्रिया पूरी की जा सकी. हालांकि, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एजेंसी के अधिकारियों ने मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों से इस कार्रवाई को लेकर कोई भी जानकारी साझा नहीं की. एसपी बोले- स्थानीय पुलिस को नहीं दी गई सूचना सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान एनआईए को कुछ अहम साक्ष्य और डिजिटल सामग्री हाथ लगी है, जिसे एजेंसी ने अपने कब्जे में ले लिया है, हालांकि इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. गौरतलब है कि इससे पहले भी बीती 19 जून को एनआईए ने इसी मामले को लेकर लोहरदगा के कुछ ठिकानों पर छापेमारी की थी और गुरुवार की कार्रवाई को उसी जांच की अगली कड़ी माना जा रहा है. दूसरी ओर, इस पूरी कार्रवाई पर लोहरदगा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सादिक अनवर रिजवी ने बताया कि उन्हें एनआईए की इस छापेमारी के संबंध में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान एनआईए की तरफ से स्थानीय जिला पुलिस से किसी भी प्रकार का तालमेल स्थापित नहीं किया गया और न ही कोई सुरक्षा सहायता मांगी गई थी. ये भी पढ़ें: हजारीबाग में तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने ली बिजली विभाग के कर्मी की जान, ड्राइवर फरार The post लोहरदगा में NIA की रेड: RSS दफ्तर पर हमला मामले में जांच तेज, SP बोले- हमें कार्रवाई की सूचना नहीं appeared first on Naya Vichar.

सड़क दुर्घटना, समस्तीपुर

फॉर्च्यूनर और बाइक की आमने-सामने ट”क्क’र, युवक की मौ”त; दूसरा गं’भीर, सदर अस्पताल में भर्ती

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के गंगापुर चौक के समीप गुरुवार दोपहर फॉर्च्यूनर एसयूवी और बाइक के बीच हुई आमने-सामने की भीषण टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का इलाज समस्तीपुर सदर अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बलभद्रपुर गांव निवासी हरिलाल पासवान के 28 वर्षीय पुत्र रौशन कुमार के रूप में हुई है। वहीं घायल युवक की पहचान मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के गंगापुर गांव निवासी शिबू राय के पुत्र रितेश कुमार के रूप में की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों युवक बाइक से मुसरीघरारी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मुसरीघरारी की ओर से ताजपुर की तरफ जा रही एक फॉर्च्यूनर गाड़ी से गंगापुर चौक के पास उनकी आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों घायलों को उपचार के लिए मुसरीघरारी के एक निजी क्लीनिक पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए समस्तीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद रौशन कुमार को मृत घोषित कर दिया। वहीं रितेश कुमार का इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही दोनों युवकों के परिजन समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंच गए। रौशन कुमार की मौत की समाचार मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल परिसर में भी शोक का माहौल बना रहा। इधर, घटना की सूचना पर मुसरीघरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही दुर्घटना में शामिल फॉर्च्यूनर वाहन के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। टक्कर होते ही फॉर्च्यूनर पर सवार लोग मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। गंगापुर चौक के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने, वाहनों की गति पर नियंत्रण सुनिश्चित करने तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर प्रभावी यातायात व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

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IND vs ENG 2nd ODI Live Score: इंग्लैंड ने जीता टॉस, भारत पहले करेगा बल्लेबाजी; देखें प्लेइंग-11

हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच दूसरा वनडे मैच कार्डिफ में स्पोर्ट्सा जा रहा है. इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है. मैच की पल-पल की जानकारी और दोनों टीमों की प्लेइंग-11 जानने के लिए पढ़ें. The post IND vs ENG 2nd ODI Live Score: इंग्लैंड ने जीता टॉस, हिंदुस्तान पहले करेगा बल्लेबाजी; देखें प्लेइंग-11 appeared first on Naya Vichar.

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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 19वां दिन: 9 KG गिरा वजन, बोले- “अभी दो-चार दिन में नहीं मरने वाला”

Sonam Wangchuk Hunger Strike: अपनी बिगड़ती सेहत को लेकर लोगों की चिंताओं के बीच सोनम वांगचुक ने बुधवार देर रात एक वीडियो संदेश जारी किया. जिसमें उन्होंने कहा, उनके शरीर के अंदरूनी हिस्से, दिल और ईसीजी रिपोर्ट फिलहाल 18 दिनों के उपवास के हिसाब से सामान्य हैं. उन्होंने कहा, “मेरी हालत ऐसी नहीं है कि मैं दो-चार दिन में मर जाऊंगा. मैं इसे और कई दिनों तक जारी रख सकता हूं.” उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे उन्हें भूख हड़ताल खत्म करने के लिए न कहें, क्योंकि प्रशासन से बिना किसी सकारात्मक जवाब के पीछे हटने से गलत संदेश जाएगा. इसके बजाय उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को ‘कॉजपा’ के प्रस्तावित संसद मार्च को मजबूत बनाने की अपील की. दिल्ली हाई कोर्ट ने भी जताई चिंता दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है और अधिकारियों को उनकी नियमित चिकित्सीय निगरानी करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कहा- “हमारा मानना ​​है कि किसी भी नागरिक की जिंदगी कीमती है और प्रशासनी अधिकारियों को उसे बचाने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए.” केंद्र और दिल्ली प्रशासन दोनों ने अदालत को आश्वस्त किया है कि उन्हें वांगचुक की नियमित मेडिकल निगरानी करने में कोई आपत्ति नहीं है. क्या है सोनम वांगचुक की मेडिकल स्थिति? वांगचुक के स्वास्थ्य पर 24 घंटे नजर रख रहे वरिष्ठ जनरल फिजीशियन डॉ सतीश लांबा ने गुरुवार को मेडिकल अपडेट जारी किया. जिसमें बताया गया, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक कम हो गया है. शुगर लेवल 80 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर है और पल्स रेट 72 बीट प्रति मिनट दर्ज की गई है. ब्लड प्रेशर लेटने की अवस्था में 105/61 mmHg और बैठने की अवस्था में 101/65 mmHg मापा गया है. पानी का बेहतर स्तर होने के बाद उनका कीटोन लेवल 3-प्लस से घटकर 2-प्लस पर आ गया है, लेकिन यूरिक एसिड का स्तर काफी अधिक है, जो मांसपेशियों के कमजोर होने का संकेत है. डॉ सतीश लांबा ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दी चेतावनी डॉ सतीश लांबा ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी देते हुए कहा- “शरीर का ग्लूकोज भंडार खत्म होने के बाद अब वसा और मांसपेशियां गल रही हैं. अगला चरण काफी चिंताजनक हो सकता है क्योंकि अंगों पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है. हम प्रशासन से जल्द से जल्द हस्तक्षेप करने की अपील करते हैं.” आंदोलन को मिल रहा है चौतरफा समर्थन जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ताओं, नेतृत्वक नेताओं और फिल्मी हस्तियों का भारी समर्थन मिल रहा है. किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रशासन पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए वांगचुक से मिलने की घोषणा की है. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी प्रदर्शन स्थल पर जाने का कार्यक्रम है. सपा सांसद और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव भी वांगचुक से मिलने पहुंची. अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने वांगचुक के समर्थन में 16 जून को अपने घर पर एक दिन की भूख हड़ताल रखने की घोषणा की है. संगीतकार विशाल ददलानी (अमेरिका से), अभिनेता सयाजी शिंदे, लेखिका शोभा डे सहित ओमी वैद्य, जीनत अमान, सोनी राजदान, शबाना आजमी, अनुराग कश्यप और अभय देओल ने वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए प्रशासन से बातचीत की अपील की है. क्यों हो रहा है प्रदर्शन? नीट (NEET) परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने 6 जून को दिल्ली में पहला प्रदर्शन शुरू किया था. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह आंदोलन 20 जून से अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया. गुरुवार को इस विरोध प्रदर्शन का 27वां दिन है. सोनम वांगचुक 28 जून को इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे और तब से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. 20 जुलाई को संसद मार्च का कार्यक्रम मानसून सत्र के पहले दिन CJP ने “चलो संसद” मार्च का आह्वान किया है, जिसके लिए अब तक करीब 1.5 लाख लोगों ने वेबसाइट और मिस्ड कॉल के माध्यम से अपना पंजीकरण कराया है. ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक भूख हड़ताल : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र प्रशासन से कहा- जिंदगी अनमोल है, वांगचुक की सेहत पर रखें नजर The post सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 19वां दिन: 9 KG गिरा वजन, बोले- “अभी दो-चार दिन में नहीं मरने वाला” appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद के बनगड़िया नवोदय विद्यालय में 10वीं के छात्र के साथ रैगिंग, अस्पताल में भर्ती

धनबाद से अरिंदम और शंकर की रिपोर्ट Dhanbad Student Raging, धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के बेनागड़िया निरसा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. बेनागड़िया निरसा के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में 10वीं के छात्र सुमित कुमार दास (16) के साथ उसके सहपाठियों ने मंगलवार की रात को रैगिंग की है. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है. इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि सुमित कुमार दास नंगा दिखाई दे रहा है और उसके सहपाठी उसे गाली दे रहे हैं और बेल्ट से उसकी पिटाई कर रहे हैं. इसके साथ ही, वाटर बोतल से जबरन कोई पेय पदार्थ भी पिला रहे हैं. मोबाइल में पैसे ट्रांसफर करने को लेकर की पिटाई मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र सुमित कुमार दास मंगलवार रात हॉस्टल में अपने कमरे में था. उसके साथ उसी कमरे में उसके 6 दोस्त भी थे. मोबाइल में पैसे ट्रांसफर करने के कारण बहस छिड़ गई. मामला इतना बढ़ गया कि सुमित के ही कक्षा में पढ़ने वाले विशाल कुमार, अनिकेत कुमार, नमन राज, लक्ष्मण कुमार महतो, अभिजीत सिंह ने देर रात दो बजे सुमित के हाथ रस्सी से बांधकर पिटाई शुरू कर दी. ये भी पढ़ें: देवघर बाबा मंदिर : श्रावणी मेले में नहीं चलेगा VIP कल्चर, रविवार-सोमवार को शीघ्रदर्शनम भी बंद छात्रों ने सुमित का वीडियो बनाया इसके बाद, इन छात्रों ने मोबाइन से सुमित कुमार दास का वीडियो भी बनाया. इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि इन छात्रों द्वारा डराते-धमकाते हुए यह किसी को न बताने को कहा गया. पीड़ित छात्र दो दिन तक किसी को कुछ नहीं बताया और स्कूल में नर्स से दवाई खाने लगा. पीड़ित छात्र गोविंदपुर के नगरक्यारी गांव का रहने वाला है. कैसे खुली बात? इस बीच सुमित कुमार दास ने फोन करके अपने परिवार से बात की और ठीक होने की बात कही. उसने फोन पर कहा कि वह ठीक है और अच्छे तरीके से पढ़ाई कर रहा है. लेकिन, इसके बाद तबीयत ज्यादा बिगड़ने के कारण सुमित कुमार दास ने परिजन को कॉल कर पूरे मामले की जानकारी दी. परिवार स्कूल पहुंचे. तब जाकर विद्यालय प्रबंधन को जानकारी मिली. तत्काल उसे पांडरा उप-स्वास्थ्य केंद्र उपचार के लिए भेजा गया. छात्र की स्थिति गंभीर होने के कारण एसएनएमएमसीएच धनबाद भेज दिया गया है. विद्यालय में मोबाइल रखने की अनुमति नहीं: प्रबंधक विद्यालय के प्रबंधक सीके यादव ने कहा कि स्कूल में किसी भी छात्र को मोबाइल रखने की अनुमति नहीं है. इसके बावजूद बच्चों के पास मोबाइल होते हैं. बच्चों के परिजन खुद चोरी-छिपे बच्चों को मोबाइल दे देते हैं. उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए कमेटी बनाकर छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि विद्यालय और छात्रावास में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं और पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाती है. प्राइवेसी के कारण क्लास रूम में कैमरे नहीं लगाए गए है. ये भी पढ़ें: धनबाद के आकाश किनारी में अंधेरे में डूबी आधा दर्जन कॉलोनियां, आक्रोशित लोगों ने बीसीसीएल के खिलाफ किया प्रदर्शन The post धनबाद के बनगड़िया नवोदय विद्यालय में 10वीं के छात्र के साथ रैगिंग, अस्पताल में भर्ती appeared first on Naya Vichar.

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