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July 18, 2026

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Vikram-1 Launched: स्काईरूट टीम को पीएम मोदी ने किया फोन, कहा- 25 से 30 साल के युवा दिख रहे थे मुझे

Vikram-1 Launched: हिंदुस्तान की पहली प्राइवेट कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस के ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम से फोन पर बात कर बधाई दी. विक्रम-1 ने अपनी उड़ान सफलतापूर्वक पूरी करते हुए 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर पेलोड को कक्षा में स्थापित किया. इस कामयाबी के साथ हिंदुस्तान दुनिया का तीसरा देश बन गया है, जिसने किसी प्राइवेट कंपनी के जरिए ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करने की उपलब्धि हासिल की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम से फोन पर कहा कि सबसे पहले आप सभी को बहुत-बहुत बधाई. आपने दो बड़े काम किए हैं. एक तो आसमान में पौधे गाड़ दिए हैं. दूसरा उसके रूट को आपने जमीन पर भी मजबूती दी है. आपकी यह उपलब्धि देश के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देगी. पीएम ने कहा कि लॉन्चिंग के दौरान वह पूरी प्रक्रिया देख रहे थे. उन्हें सबसे ज्यादा खुशी इस बात की हुई कि टीम के ज्यादातर सदस्य 25 से 30 साल के युवा थे, जिन्होंने अपने दम पर यह इतिहास रच दिया. देखें वीडियो. विक्रम-1 के लॉन्च के समय स्काईरूट एयरोस्पेस के दोनों संस्थापक इसरो के मिशन कंट्रोल सेंटर में मौजूद थे. सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन कर बधाई दी और कहा कि ‘मिशन आगमन’ की तरह आगे भी आपकी हर उड़ान सफल रहे. पीएम ने कहा कि यह मिशन दिखाता है कि हिंदुस्तान अपनी ताकत के दम पर बड़े टारगेट हासिल कर सकता है. इस पर स्काईरूट के संस्थापक ने बताया कि विक्रम-1 पूरी तरह हिंदुस्तान में डिजाइन और तैयार किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी का ‘वंदे मातरम्’ वाला पोस्टकार्ड भी रॉकेट के साथ 450 किलोमीटर ऊंचाई पर पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंच गया है. ये भी पढ़ें: Video : हिंदुस्तान का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट Vikram-1 लॉन्च The post Vikram-1 Launched: स्काईरूट टीम को पीएम मोदी ने किया फोन, कहा- 25 से 30 साल के युवा दिख रहे थे मुझे appeared first on Naya Vichar.

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पत्नी, बच्चे और माता-पिता, जानिए सोनम वांगचुक की फैमिली में कौन-कौन हैं?

Sonam Wangchuk Family : देश भर में चर्चा में चल रहे सोनम वांगचुक का जन्म लद्दाख के लेह जिले में उलेतोकपो गांव में 1 सितंबर 1966 को हुआ. उनकी शुरुआती पढ़ाई 9 साल की उम्र तक घर पर ही हुई. अपने कई इंटरव्यू में सोनम बता चुके हैं कि उनकी इस शुरुआती पढ़ाई में उनकी मां का बड़ा योगदान रहा. वहीं पिता सोनम वांग्याल भी सामाजिक कार्यकर्ता और बड़े नेता के तौर पर काफी प्रचलित थे. बताते चलें कि सोनम वांगचुक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 21 दिनों से आमरण अनशन पर हैं. उन्हें पुलिस ने शनिवार सुबह जबरन अस्पताल में भर्ती कराया है. पिता सोनम वांग्याल भी रहे बड़े जननेता सोनम वांगचुक के पिता सोनम वांग्याल लद्दाख के प्रमुख नेतृत्वक नेताओं में गिने जाते थे. वे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस और बाद में कांग्रेस पार्टी से जुड़े. अपने नेतृत्वक जीवन में वे जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सदस्य (MLA) रहे और 1975 में राज्य प्रशासन में कैबिनेट मंत्री भी बने. वर्ष 1984 में उन्होंने लद्दाख के लोगों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर लेह में आमरण अनशन शुरू किया था. उनकी बिगड़ती तबीयत की समाचार मिलने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी खुद दिल्ली से लेह पहुंचीं और उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया. इस आंदोलन के कुछ साल बाद 1989 में लद्दाख को एसटी का दर्जा मिला. उनका निधन 1998 में हुआ. सोनम वांगचुक के पिता सोनम वांग्याल (फोटो : X) ये भी पढ़ें : अभिजीत दीपके का ऐलान: सोनम वांगचुक गए तो क्या, अब मैं बैठूंगा अनशन पर सोनम वांग्याल नाम के एक और शख्स ने बनाया था इतिहास सोनम वांग्याल नाम से एक और प्रसिद्ध शख्स लद्दाख से ही आते हैं, लेकिन उनका सोनम वांगचुक के परिवार से संबंध नहीं है. वे हिंदुस्तान के जाने-माने पर्वतारोही और हिंदुस्तान-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के पूर्व जवान रहे हैं. मई 1965 में कैप्टन एम.एस. कोहली के नेतृत्व वाले हिंदुस्तान के पहले सफल एवरेस्ट अभियान में उन्होंने महज 23 साल की उम्र में माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रच दिया था. इसके लिए उन्हें पद्म श्री, अर्जुन पुरस्कार और वर्ष 2017 में तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार (लाइफटाइम अचीवमेंट) से सम्मानित किया गया. बाद में वे खुफिया ब्यूरो (IB) में सहायक निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए. मां ने घर पर ही दी थी शुरुआती शिक्षा सोनम वांगचुक की मां सेरिंग वांगमो ने उनके बचपन और शिक्षा की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई. उस समय उनके गांव उलेतोकपो में कोई स्कूल नहीं था. ऐसे में करीब 9 साल की उम्र तक उन्होंने अपने बेटे को घर पर ही पढ़ाया. सेरिंग वांगमो ने उन्हें मातृभाषा लद्दाखी में पढ़ना-लिखना सिखाया और जीवन से जुड़े कई व्यावहारिक सबक भी दिए. सोनम वांगचुक कई बार कह चुके हैं कि अपनी मातृभाषा में मिली शुरुआती शिक्षा ने उनकी सोच और व्यक्तित्व को मजबूत बनाया. ये भी पढ़ें : जंतर मंतर से सोनम वांगचुक को हटाया गया, अस्पताल ले गई पुलिस, CJP ने लगाया लाठीचार्ज का आरोप प्रकृति से जुड़ाव की सीख भी मां से मिली स्कूल न होने की वजह से सोनम वांगचुक अपना अधिकतर समय अपनी मां के साथ बिताते थे. वे खेती-बाड़ी और घर के दूसरे कामों में उनका हाथ बंटाते थे, जिससे बचपन से ही उनका प्रकृति और स्थानीय जीवनशैली से गहरा जुड़ाव बना. यही अनुभव आगे चलकर उनके पर्यावरण और टिकाऊ विकास से जुड़े कामों की प्रेरणा भी बने. छेरिंग वांगमो का अब निधन हो चुका है, लेकिन सोनम वांगचुक आज भी कई मौकों पर अपनी मां को अपनी पहली शिक्षिका और सबसे बड़ी प्रेरणा बताते हैं. कौन हैं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि? सोनम वांगचुक की पत्नी का नाम गीतांजलि जे. एंगमो है, जो पेशे से एक सोशल एंटरप्रेन्योर और एजुकेशनिस्ट हैं. ओड़िशा के बालासोर में एक पंजाबी-जैन परिवार में जन्मीं गीतांजलि की बचपन से ही सामाजिक विकास में गहरी रुचि थी. उन्होंने ओड़िशा फकीर मोहन विश्वविद्यालय से भौतिकी में डिग्री प्राप्त की और उसके बाद भुवनेश्वर के जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से मार्केटिंग और फाइनेंस में एमबीए किया.  ये भी पढ़ें : PHOTO : ह्यूमन चेन, सफेद पर्दा और पुलिस का घेरा… ऐसे जंतर-मंतर से हटाए गए सोनम वांगचुक, देखें तस्वीरें वर्ल्ड चैंपिंयन रह चुकी हैं गीतांजलि एक सामाजिक उद्यमी और शिक्षिका के रूप में उनका करियर सोनम के प्रेरक जीवन के साथ काफी मेल खाता है. शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के साथ-साथ वह कराटे में ब्लैक बेल्ट भी हैं और 2009 में वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं. सोनम वांगचुक के बच्चों या अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है. इसका कारण यह कि उन्होंने अपने निजी जीवन के बारे में अधिक जानकारियां साझा नहीं की है. The post पत्नी, शिशु और माता-पिता, जानिए सोनम वांगचुक की फैमिली में कौन-कौन हैं? appeared first on Naya Vichar.

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सोनम वांगचुक के अनशन आंदोलन को कौन-कौन दे रहे समर्थन? झारखंड का ये विधायक भी पहुंचा जंतर-मंतर

शनिवार सुबह 7:40 बजे सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. वह 28 जून से जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे हैं. यह आंदोलन नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और इस विवाद से जुड़े छात्रों की मौत के मामलों को लेकर चल रहा है. इनकी मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. वांगचुक के अनशन को नेताओं के अलावा मनोरंजन जगत के लोगों का भी समर्थन मिला. वांगचुक के अनशन के समर्थन में अरविंद केजरीवाल 16 जुलाई को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल जंतर-मंतर पहुंचे और सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनके आंदोलन का समर्थन किया. उन्होंने नीट पेपर लीक के आरोपों को लेकर केंद्र प्रशासन पर निशाना साधा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. केजरीवाल ने कहा कि हर साल परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होते हैं और इसकी कीमत युवाओं को चुकानी पड़ती है. मैं प्रशासन से अपील करता हूं कि वह छात्रों और वांगचुक की बात सुने. डिंपल यादव पहुंचीं जंतर-मंतर समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने 16 जुलाई को केंद्र प्रशासन से सोनम वांगचुक के साथ बातचीत शुरू करने और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ द्वारा उठाई गई मांगों का समाधान करने का आग्रह किया. डिंपल ने केंद्र की मोदी प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह वांगचुक द्वारा किए जा रहे अनिश्चितकालीन अनशन और नीट प्रश्नपत्र के कथित लीक से जुड़ी छात्रों की मौत के बावजूद संवेदनहीन बनी हुई है. सपा सांसद जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन स्थल पर पहुंची और वांगचुक से उनके अनिश्चितकालीन अनशन के 19वें दिन मुलाकात की. कांग्रेस का समर्थन मिला सोनम वांगचुक को 17 जुलाई को कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा भी जंतर-मंतर पहुंचे और सोनम वांगचुक से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रशासन का सबसे बड़ा कर्तव्य लोगों की आवाज सुनना है. खेड़ा ने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी सेहत सबसे ज्यादा जरूरी है. साथ ही उन्होंने केंद्र प्रशासन से भी आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुनने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की. वांगचुक से मिलने जंतर-मंतर पहुंचे झारखंड के विधायक जयराम झारखंड के डुमरी विधायक जयराम महतो भी दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात की. 17 जुलाई को उन्होंने वांगचुक का हालचाल जाना और उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई. जयराम महतो ने केंद्र प्रशासन से अपील की कि वह इस मामले में सकारात्मक पहल करे और बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकाले. उद्धव ठाकरे भी सोनम वांगचुक के समर्थन में सोनम वांगचुक के आंदोलन और सीजेपी की मांगों का समर्थन करने वाले नेताओं में उद्धव ठाकरे भी प्रमुख चेहरों में शामिल हैं. उन्होंने खुलकर वांगचुक के आंदोलन का समर्थन किया और उनकी मांगों के प्रति अपनी एकजुटता जताई. शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अभिजीत दीपके से फोन पर बात कर सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई. उन्होंने वांगचुक से आमरण अनशन खत्म करने की अपील की और कहा कि उनकी सेहत सबसे ज्यादा जरूरी है. ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक को अस्पताल ले गई पुलिस, पत्नी बोलीं- मेरी मंजूरी के बिना कोई दवा न दी जाए टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने किया समर्थन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी शुरू से ही सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन किया है. उन्होंने 16 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की. महुआ ने लिखा कि आपके आंदोलन ने देश के युवाओं को न्याय की लड़ाई में एकजुट किया है. प्रशासन भले आपकी परवाह न करे, लेकिन आपकी जिंदगी हमारे लिए बेहद अहम है. उन्होंने वांगचुक से अनशन खत्म कर आंदोलन जारी रखने का आग्रह किया. सांसद चंद्रशेखर आजाद के अलावा ये नेता भी पहुंचे जंतर-मंतर भीम आर्मी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद, सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और अजेंद्र सिंह लोधी, टीएमसी की राज्यसभा सांसद डोला सेन, कांग्रेस सांसद प्रशांत यादवराव पडोले और सीपीआई के राज्यसभा सांसद संदोष कुमार भी जंतर-मंतर पहुंचे. सभी नेताओं ने सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनके आंदोलन का समर्थन किया और उनकी मांगों पर प्रशासन से सकारात्मक पहल की अपील की. किरण राव ने सोनम वांगचुक के अनशन के बीच उनका समर्थन किया फिल्म निर्माता किरण राव ने अनशन कर रहे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का समर्थन किया और प्रशासन से “प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत शुरू करने” का आग्रह किया है. किरण राव ने 17 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ पर वांगचुक की एक तस्वीर शेयर की, जिस पर लिखा था कि मैं सोनम का समर्थन करती हूं. View on Instagram कॉमेडियन कुणाल कामरा भी पहुंचे थे समर्थन करने कॉमेडियन कुणाल कामरा भी दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और सोनम वांगचुक के अनशन का समर्थन किया. इस दौरान उन्होंने केंद्र प्रशासन पर तीखा तंज कसते हुए आंदोलन के समर्थन में अपनी बात रखी. उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी काफी चर्चा होने लगी और वह एक बार फिर सुर्खियों में आ गए. एक्टर प्रकाश राज पहुंचे जंतर-मंतर 11 जुलाई को एक्टर प्रकाश राज भी दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और सोनम वांगचुक व सीजेपी के आंदोलन में शामिल हुए. उन्होंने सोशल मीडिया पर वांगचुक के साथ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि जंतर-मंतर पर देश के युवाओं के साथ एकजुटता में. मौके पर प्रकाश राज प्रदर्शनकारियों से बातचीत करते नजर आए और वांगचुक के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं.  The post सोनम वांगचुक के अनशन आंदोलन को कौन-कौन दे रहे समर्थन? झारखंड का ये विधायक भी पहुंचा जंतर-मंतर appeared first on Naya Vichar.

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कोसी, कमला और बलान उफनाई, 20+ गांव जलमग्न, 6 टापू में तब्दील, नाव एकमात्र सहारा

Bihar Flood Alert: नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार में साफ दिखने लगा है. कोसी बराज से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद दरभंगा में बाढ़ के हालात गंभीर हो गए हैं. जिले के 20 से अधिक गांव जलमग्न हो चुके हैं, जबकि कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के छह गांव पूरी तरह टापू में तब्दील हो गए हैं. गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है और लोगों की आवाजाही अब केवल नाव के सहारे हो रही है. दरभंगा के कई गांवों का सड़क संपर्क टूटा बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद नाव से जाते लोग, फोटो- नया विचार ग्रामीणों का कहना है कि बाजार जाने, दवा लाने, बैंक का काम करने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए अब सिर्फ नाव ही एकमात्र विकल्प बचा है. निजी नाव संचालक एक बार आने-जाने के लिए प्रति व्यक्ति 40 रुपये किराया ले रहे हैं. बाढ़ के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है. बिहार के कई जिलों में बारिश से राहत इधर शनिवार सुबह बगहा, पूर्णिया, अररिया, बक्सर, जहानाबाद, खगड़िया और बेतिया समेत कई जिलों में बारिश हुई. ठंडी हवाएं चलने और आसमान में बादल छाए रहने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है. 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 20 जुलाई से और सक्रिय होगा मानसून मौसम विभाग ने शनिवार को बिहार के पांच जिलों के लिए आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार 20 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय होने की संभावना है. इसके बाद राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश हो सकती है. बारिश बढ़ने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिलेगी. यह भी पढे़ं: जलस्तर घटने के बाद भी बाढ़ का संकट बरकरार, नाव के सहारे आवागमन को मजबूर लोग The post कोसी, कमला और बलान उफनाई, 20+ गांव जलमग्न, 6 टापू में तब्दील, नाव एकमात्र सहारा appeared first on Naya Vichar.

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क्या हमने कहा था कि कमर में पिस्टल लेकर घूमो? कोचिंग विवाद पर पहली बार बोले खान सर, प्रिंस यादव को लेकर किए ये दावे

Khan Sir Coaching Controversy: पटना के चर्चित कोचिंग फायरिंग विवाद पर खान सर ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है. एक पॉडकास्ट में उन्होंने रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत और पूरे विवाद के बारे में बात की है. खान सर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें बेवजह इस मामले में घसीटा जा रहा है. ‘क्या हमने उसे नेपाल भेजा था?’ पॉडकास्ट में खान सर से पूछा गया कि रौशन आनंद का आरोप है कि 2 जून की घटना के बाद उनके बयान की वजह से प्रिंस यादव नेपाल गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई. इस पर खान सर ने साफ कहा कि यह आरोप गलत है. उन्होंने कहा कि क्या हमने उसे नेपाल भेजा था? क्या हमने कहा था कि किसी का अपहरण करो, कमर में पिस्टल लेकर घूमो या रंगदारी मांगो? हमने ऐसा कुछ नहीं कहा. प्रिंस यादव पर लगाए गंभीर आरोप खान सर ने दावा किया कि प्रिंस यादव के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे. उनके अनुसार, अपहरण और आर्म्स एक्ट समेत कई मामलों में पुलिस उसकी तलाश कर रही थी. उन्होंने कहा कि इन्हीं मामलों के दबाव में वह नेपाल गया था. पॉडकास्ट के दौरान फैजल खान ने अपने दावों के समर्थन में कुछ FIR की कॉपी भी लाए थे. ‘मुझे बेवजह दोषी बनाया जा रहा’ जब इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि किसी मृत व्यक्ति पर इस तरह के आरोप लगाना क्या सही है, तो खान सर ने कहा कि वह केवल जांच से जुड़ी बातों का जिक्र कर रहे हैं. उनका कहना था कि बिना किसी आधार के उन्हें पूरे मामले का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. क्या है पूरा कोचिंग फायरिंग विवाद? 2 जून 2026 की रात पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग पर 15 से 20 लोगों ने हमला किया. इस दौरान पथराव और तोड़फोड़ हुई. एक सुरक्षा गार्ड की पिटाई भी की गई. इसके बाद खान सर के गार्डों ने हवा में फायरिंग की, जिससे मामला और बढ़ गया. खान सर ने इस हमले के पीछे प्रतिद्वंद्वी ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद का हाथ होने का आरोप लगाया. इसके बाद पुलिस ने रौशन आनंद को गिरफ्तार किया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें जांच में बदला केस का रुख शुरुआत में पुलिस ने फायरिंग से इनकार किया था. लेकिन बाद में वीडियो सामने आने के बाद खान सर के सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार किया गया. 4 जून को खान सर और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई. इसी दौरान रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इसके बाद रौशन आनंद को जमानत मिली. उन्होंने खान सर पर अपने भाई की हत्या कराने का आरोप लगाया. कोर्ट में विचाराधीन है मामला खान सर को 9 जून को अंतरिम अग्रिम जमानत मिली थी, जिसे बाद में कई बार बढ़ाया गया. 13 जुलाई 2026 को पटना सेशंस कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी. वहीं, उनके दोनों सुरक्षा गार्डों को भी नियमित जमानत मिल चुकी है. फिलहाल यह पूरा मामला अदालत में विचाराधीन है. दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं और मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है. Also Read: AI की राह पर बिहार: सीएम सम्राट की मौजूदगी में दो कंपनियों से करार, प्रशासन ने गूगल से भी की बातचीत The post क्या हमने कहा था कि कमर में पिस्टल लेकर घूमो? कोचिंग विवाद पर पहली बार बोले खान सर, प्रिंस यादव को लेकर किए ये दावे appeared first on Naya Vichar.

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रसोई में इस दिशा में रखें गैस चूल्हा और सिंक, घर में बनी रहेगी खुशहाली

Kitchen Vastu Tips: रसोई घर का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है. यहीं पूरे परिवार के लिए भोजन तैयार होता है, इसलिए वास्तु शास्त्र में किचन की दिशा और उसमें रखी चीजों का खास महत्व बताया गया है. खासकर गैस स्टोव और सिंक की सही जगह को लेकर कई नियम बताए गए हैं. अगर ये दोनों सही दिशा में हों, तो घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है. आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार रसोई में गैस और सिंक किस दिशा (Kitchen Vastu Tips) में होने चाहिए.  गैस स्टोव किस दिशा में रखें? वास्तु शास्त्र के अनुसार गैस स्टोव को रसोई के दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना सबसे शुभ माना जाता है. यह दिशा अग्नि तत्व का प्रतीक मानी जाती है. इस दिशा में खाना बनाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.  अगर दक्षिण-पूर्व दिशा उपलब्ध न हो, तो उत्तर-पश्चिम दिशा भी एक विकल्प हो सकती है. खाना बनाते समय कोशिश करें कि आपका मुख पूर्व दिशा की ओर रहे. ऐसा करना शुभ माना जाता है.  सिंक किस दिशा में होना चाहिए? सिंक का संबंध जल तत्व से होता है. वास्तु के अनुसार इसे उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा में रखना अच्छा माना जाता है. इस दिशा में पानी का स्थान होने से घर में संतुलन बना रहता है और पॉजिटिव माहौल बना रहता है.  Kitchen Vastu Tips: गैस और सिंक को साथ क्यों नहीं रखना चाहिए? वास्तु शास्त्र में अग्नि और जल को विपरीत तत्व माना गया है. इसलिए गैस स्टोव और सिंक को बिल्कुल पास-पास रखने से बचने की सलाह दी जाती है. अगर दोनों साथ होंगे, तो अग्नि और जल तत्व के बीच असंतुलन माना जाता है.  अगर किचन छोटा है और दोनों को दूर रखना संभव नहीं है, तो इनके बीच थोड़ा-सा गैप रखें. चाहें तो बीच में लकड़ी का चॉपिंग बोर्ड या कोई छोटा पार्टिशन भी रखा जा सकता है.  किचन में इन बातों का भी रखें ध्यान रसोई हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें.  गैस स्टोव के ऊपर सीधे पानी की टंकी या भारी सामान न रखें.  सिंक में लंबे समय तक गंदे बर्तन जमा न रहने दें.  पीने के पानी का फिल्टर उत्तर-पूर्व दिशा में रखना बेहतर माना जाता है.  यह भी पढ़ें: घर में एक्वेरियम रखना शुभ है या नहीं? जानिए किस दिशा में रखने से बढ़ती है सुख-समृद्धि The post रसोई में इस दिशा में रखें गैस चूल्हा और सिंक, घर में बनी रहेगी खुशहाली appeared first on Naya Vichar.

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India’s Got Latent 2: बिहार की साक्षी झा के ‘मैन हेटर’ बयान से मचा हंगामा, बोली- पति को दारू पीकर मारना है

India’s Got Latent Season 2 Sakshi Jha: समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लैटेंट सीजन 2’ का तीसरा एपिसोड रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है. इस बार शो की कंटेस्टेंट साक्षी झा ने अपने परफॉर्मेंस के दौरान खुद को मर्दों से नफरत करने वाली बताया. साक्षी बिहार की रहने वाली है और एक टीचर और सोशल मीडिया क्रिएटर भी हैं. Sakshi Jha Calls Herself Man-Hater During Act: साक्षी झा ने खुद को बताया ‘मैन हेटर’ अपने ऑडिशन की शुरुआत करते हुए साक्षी ने कहा, “हाय, मैं साक्षी हूं और मैं मर्दों से नफरत करती हूं. मुझे लगता है कि मर्दों के घमंड को तोड़ने में मुझे मजा आता है. मेरे दोस्त कहते हैं कि साक्षी, तू बहुत अजीब है. ठीक है, मैं हूं. मुझे लगता है कि मैं चाहे कितनी भी कोशिश कर लूं, मैं बड़ी इंसान नहीं बन सकती क्योंकि मैं एक औरत हूं. और इस पीढ़ी में औरत होना एक ट्रॉमा जैसा है.” साक्षी ने आगे कहा, “मैं किसी जाति से नफरत नहीं करती, लेकिन मैं मर्दों से नफरत करती हूं. मर्दों में ऐसा क्या है कि वह कहते हैं कि मैं मर्द हूं. भाई, क्या तुम अपने पिता के पेट से पैदा हुए थे? तुम्हें भी एक औरत ने ही जन्म दिया है.” उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सोच सिर्फ आम पुरुषों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके पिता और भाई को लेकर भी उनके मन में नाराजगी है. The post India’s Got Latent 2: बिहार की साक्षी झा के ‘मैन हेटर’ बयान से मचा हंगामा, बोली- पति को दारू पीकर मारना है appeared first on Naya Vichar.

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आमिर खान को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से मिली धमकी, कहा- बहुत जल्द उन्हें जवाब मिलेगा

सलमान खान के बाद बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान अब लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर आ गए हैं. आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर एक पोस्ट और उसके साथ एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रही है, जिसे शेयर करने वाले लोग खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बता रहे हैं. हालांकि, इस पोस्ट और ऑडियो की सच्चाई की अब तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है और न ही यह साफ हो पाया है कि ये वास्तव में किसने जारी किए हैं. Aamir Khan Threat From Lawrence Bishnoi Gang: आमिर खान को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से मिली धमकी वायरल पोस्ट में लिखा है, “जय श्रीराम! जय सीताराम! मैं आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई (लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप) की तरफ से कहना चाहता हूं कि आमिर खान जैसे लोग, जो हमारे मुताबिक इस देश में हमारी संस्कृति के खिलाफ ‘लव जिहाद’ जैसी चीजों को बढ़ावा दे रहे हैं, उन्हें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बहुत जल्द उन्हें इसका जवाब मिलेगा. हमारे हिसाब से यह सनातन धर्म और देश के खिलाफ है. हम अपने सभी भाई-बहनों और देशवासियों से वादा करते हैं कि जो भी ऐसे कामों को सपोर्ट करेगा, उसे हमारे तरीके से जवाब दिया जाएगा. अपनी स्टार पावर का इस्तेमाल कर इस तरह की चीजों को प्रमोट करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा.” आमिर ने गौरी से की है तीसरी शादी आमिर खान ने 5 जुलाई को अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट संग शादी की. उनकी वेडिंग मुंबई के बांद्रा स्थित घर में बेहद प्राइवेट और सिंपल तरीके से हुई, जिसमें क्लोज फ्रेंड्स और फैमिली वाले मौजूद थे. इस खास दिन पर आमिर के करीबी दोस्त और पूर्व हिंदुस्तानीय क्रिकेटर इरफान पठान भी मौजूद रहे. मार्च 2025 में आमिर ने अपने 60वें जन्मदिन के मौके पर गौरी को पहली बार मीडिया से अपनी “पार्टनर” के तौर पर मिलवाया था. आमिर खान की पहली दो शादियों के बारे में आमिर खान इससे पहले दो बार शादी कर चुके हैं. उनकी पहली शादी साल 1986 में रीना दत्ता से हुई थी, जिनसे उनके दो शिशु हैं, जुनैद खान और इरा खान. करीब 16 साल साथ रहने के बाद साल 2002 में दोनों का तलाक हो गया. इसके बाद 2004 में आमिर की जिंदगी में फिल्ममेकर किरण राव की एंट्री हुई. दोनों ने 2005 में शादी रचा ली. साल 2011 में सरोगेसी के जरिए उनके बेटे आजाद का जन्म हुआ. हालांकि, 2021 में आमिर और किरण ने अलग होने का फैसला किया. हालांकि एक्टर का दोनों एक्स वाइफ्ज से आज भी रिश्ता काफी अच्छा है. ये भी पढ़ें: आमिर खान-गौरी स्प्रैट की शादी में क्यों नहीं पहुंचीं रीना दत्ता और किरण राव, करीबी दोस्त ने बताई वजह ये भी पढ़ें: पता नहीं डिटेल्स कैसे हुई लीक, गौरी स्प्रैट संग शादी की चर्चाओं पर बोले आमिर खान The post आमिर खान को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से मिली धमकी, कहा- बहुत जल्द उन्हें जवाब मिलेगा appeared first on Naya Vichar.

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दुमका: विधानसभा के कर्मचारी विवेक राउत के आवास पर वन विभाग और पुलिस का छापा

Dumka Raid at Pankaj Raut House: दुमका के महुआडंगाल इलाके में शनिवार सुबह वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने विवेक राउत के आवास के घर पर छापेमारी की. विवेक राउत दिशोम गुरु एवं झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन के पूर्व पर्सनल सेक्रेटरी थे. कार्रवाई के दौरान इलाके में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा. प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई जानकारी के अनुसार छापेमारी का नेतृत्व प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी ने किया. संयुक्त टीम में 20 से 25 फॉरेस्ट गार्ड, स्त्री पुलिसकर्मी, नगर थाना और मुफस्सिल थाना की पुलिस शामिल थी. टीम ने घर को चारों ओर से घेरने के बाद अंदर सघन तलाशी अभियान चलाया. तलाशी कई घंटों तक जारी रही. घर के अंदर की गई गहन तलाशी छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने घर के विभिन्न हिस्सों की बारीकी से जांच की. हालांकि कार्रवाई के दौरान क्या-क्या जांच की गई और टीम किस उद्देश्य से पहुंची थी, इस संबंध में किसी अधिकारी ने आधिकारिक जानकारी नहीं दी. तलाशी के बाद स्थानीय लोगों ने उठाई मांग सर्च अभियान समाप्त होने के बाद स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से लिखित रूप में यह प्रमाणित करने की मांग की कि जांच के दौरान घर से कोई आपत्तिजनक या अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई है. इस संबंध में अधिकारियों ने मौके पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की. कार्रवाई के कारणों पर विभाग की चुप्पी वन विभाग और पुलिस की ओर से अब तक छापेमारी के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है. यह कार्रवाई किस मामले में की गई और जांच का आधार क्या था, इसे लेकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. ऐसे में पूरे मामले को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. यह भी पढ़ें: धनबाद के पाथरडीह में बेल्ट से बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल, तीन युवक लापता यह भी पढ़ें: हजारीबाग में बढ़ा रसेल वाइपर का आतंक, मुफस्सिल थाने के सिरिस्ता से लेकर शिक्षक के घर तक पहुंचा जहरीला सांप The post दुमका: विधानसभा के कर्मचारी विवेक राउत के आवास पर वन विभाग और पुलिस का छापा appeared first on Naya Vichar.

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‘विक्रम-1’ ने श्रीहरिकोटा से भरी उड़ान, अंतरिक्ष तक पहुंचेगा ‘वंदे मातरम्’ का मैसेज

विक्रम-1 हिंदुस्तान का पहला प्राइवेट कंपनी द्वारा विकसित ऐसा रॉकेट है, जिसे सैटेलाइट को पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाने के लिए बनाया गया है. यह दिखाता है कि अब प्रशासनी एजेंसियों के साथ-साथ प्रइवेट कंपनियां भी स्पेस मिशनों में बड़ी भूमिका निभा रही हैं. मिशन आगमन स्काईरूट एयरोस्पेस का पहला ऑर्बिटल टेस्ट मिशन है. इसके जरिए पहली बार कोई हिंदुस्तानीय प्राइवेट कंपनी अपने रॉकेट से पृथ्वी की कक्षा तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. खास बात यह है कि इसके साथ अंतरिक्ष में एक छोटी कलाकृति वाला पेलोड भी भेजा गया है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने हाथों से लिखा ‘वंदे मातरम्’ मैसेज वाला पोस्टकार्ड भी इस मिशन का हिस्सा है. इसके अलावा कई इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और हिंदुस्तानीय अंतरिक्ष यात्रियों के हाथ से लिखे पोस्टकार्ड भी अंतरिक्ष की यात्रा पर भेजा गया है, जिससे यह मिशन और भी खास बन गया है. करीब सात मंजिला ऊंचाई वाला है विक्रम-1 रॉकेट 17 जुलाई को कंपनी ने बताया था कि चार स्टेप वाला यह रॉकेट इसरो के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया जाएगा. विक्रम-1 रॉकेट करीब सात मंजिला ऊंचाई वाला है. उड़ान भरने के बाद विक्रम-1 करीब 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचेगा. वहां यह ग्रहा स्पेस, कॉसमोसर्व, डीक्यूब्ड और स्काईरूट के ‘स्कोप’ समेत कई छोटे सैटेलाइट और तकनीकी परीक्षण के लिए तैयार उपकरणों को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित करेगा. किया जाएगा तकनीकी आंकड़ों का बारीकी से अध्ययन स्काईरूट एयरोस्पेस के मुताबिक, इस टेस्ट फ्लाइट से मिलने वाले सभी तकनीकी आंकड़ों का बारीकी से अध्ययन किया जाएगा. इससे रॉकेट की गाइडेंस और नेविगेशन सिस्टम की क्षमता जांची जाएगी. इन नतीजों के आधार पर जरूरी सुधार किए जाएंगे, ताकि भविष्य में कमर्शियल सैटेलाइट मिशनों को और ज्यादा सुरक्षित, भरोसेमंद और सफल बनाया जा सके. ये भी पढ़ें: विक्रम-1 ने खोला हिंदुस्तान का नया अंतरिक्ष युग कंपनी के मुताबिक, विक्रम-1 रॉकेट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह 350 किलोग्राम तक के सैटेलाइट और दूसरे पेलोड को अंतरिक्ष की कक्षा में ले जा सके. The post ‘विक्रम-1’ ने श्रीहरिकोटा से भरी उड़ान, अंतरिक्ष तक पहुंचेगा ‘वंदे मातरम्’ का मैसेज appeared first on Naya Vichar.

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