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July 19, 2026

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मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को बताया शैतान, कहा- खून का बदला जरूर लेंगे

Mojtaba Khamenei Warns US : मोजतबा खामेनेई ने ईरान के नागरिकों के नाम रविवार को एक लिखित संदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा – “हम अपने पिता और जंग में शहीद हुए लोगों के पवित्र खून का बदला जरूर लेंगे. हमारे देश की भी यही मांग है.” उन्होंने अमेरिका और इजराइल को हत्यारा करार देते हुए कहा- “ये हत्यारे बिस्तर पर शांति से मरने का अपना सपना अब सीधे अपनी कब्र तक ही ले जाएंगे.” मोजतबा ने कहा कि अपराधियों के नाम उनके पास दर्ज हैं. पिता के जनाजे में उमड़ी भीड़ को बताया बदलाव की शुरुआत ईरान और इराक में अपने पिता के अंतिम संस्कार में उमड़े लाखों लोगों के हुजूम का जिक्र करते हुए खामेनेई ने कहा कि इस जनसैलाब ने जागरूकता और सक्रिय भागीदारी का एक नया अध्याय लिख दिया है. उन्होंने कहा: “अमेरिका और उसके सहयोगियों ने इराक-ईरान में इस विशाल जमावड़े को देखा है. दोनों देशों के आपसी संबंधों को कमजोर करने के लिए जो साजिशें रची गई थीं, वे इस जनसैलाब के सामने पूरी तरह से बेकार और बेअसर साबित हुई हैं.” इससे पहले मोजतबा ने 11 जुलाई को ईरानी नागरिकों के नाम संदेश जारी किया था, जिसमें उन्होंने अमेरिका और इजराइल से बदला लेने का संकल्प लिया था. घायल मोजतबा अब तक नहीं आए सामने हवाई हमले में खुद घायल होने के कारण मोजतबा खामेनेई अपने पिता के अंतिम संस्कार के किसी भी कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके थे. हमले के बाद से वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं और न ही उनका कोई वीडियो या ऑडियो जारी हुआ है. अब तक मोजतबा का संदेश लिखित रूप में ही सामने आया है. इस्लामाबाद MoU से पीछे हटा ईरान, खाड़ी में भीषण टकराव ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ होने वाले समझौते से खुद को अलग कर लिया है, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है. अमेरिका ने लगातार 7वीं रात ईरान पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सहयोगियों को निशाना बनाया. ये भी पढ़ें: कुवैत का दावा : ईरानी मिसाइल और ड्रोन से हमला, अलर्ट मोड पर एयर डिफेंस सिस्टम The post मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को बताया शैतान, कहा- खून का बदला जरूर लेंगे appeared first on Naya Vichar.

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कोहली-गंभीर विवाद की खबरें निकली बेबुनियाद, लंदन में दिखी शानदार केमिस्ट्री

हिंदुस्तान के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और मुख्य कोच गौतम गंभीर के बीच अनबन की चर्चाओं को इंग्लैंड दौरे के दौरान एक बार फिर हवा मिली थी. नेट्स में दोनों के बीच कम बातचीत और साथ नजर न आने को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं. हालांकि, लंदन में हिंदुस्तानीय उच्चायोग (Indian High Commission) के कार्यक्रम में दोनों को साथ हंसते-मुस्कुराते देख इन अफवाहों पर काफी हद तक विराम लग गया. हिंदुस्तानीय टीम के हाई कमीशन दौरे के दौरान कोहली और गंभीर को आपस में बातचीत करते और ठहाके लगाते देखा गया. यह दृश्य उन दावों के बिल्कुल उलट था, जिनमें कहा जा रहा था कि दोनों के रिश्ते सामान्य नहीं हैं. इससे पहले कार्डिफ में स्पोर्ट्से गए दूसरे वनडे के बाद बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी ऐसी समाचारों को सिरे से खारिज कर दिया था. मुकाबले से पहले विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच लंबी बातचीत रविवार को लॉर्ड्स में सीरीज के निर्णायक मुकाबले से पहले भी कोहली और गंभीर बाउंड्री लाइन के पास लंबी बातचीत करते नजर आए. दोनों के बीच हुई चर्चा ने यह साफ संकेत दिया कि टीम के भीतर किसी तरह की असहजता नहीं है. पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में सितांशु कोटक ने क्या कहा? पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में सितांशु कोटक ने कहा, “विराट और गौतम ने आज कम से कम 10 बार बात की होगी. मुझे नहीं लगता कि उनके बीच किसी पुल की जरूरत है. ये अफवाहें कहां से आती हैं, मुझे नहीं पता, लेकिन आती जरूर हैं.” 2027 वर्ल्ड कप में एक साल से भी कम समय 2027 वनडे विश्व कप में अब एक साल से भी कम समय बचा है और ऐसे में टीम के वरिष्ठ बल्लेबाज विराट कोहली तथा मुख्य कोच गौतम गंभीर के बीच मजबूत तालमेल हिंदुस्तानीय टीम के लिए बेहद अहम है. बहुत हद से टीम बल्लेबाजी में विराट कोहली पर निर्भर है. वहीं गंभीर भविष्य की योजनाओं को आकार देने में जुटे हैं. दरअसल, गंभीर के 2024 में हिंदुस्तानीय टीम का मुख्य कोच बनने के बाद से ही दोनों के रिश्तों को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं. लेकिन लंदन में सामने आई तस्वीरों और मैदान पर दिखी उनकी सहज बातचीत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि दोनों का पूरा ध्यान हिंदुस्तानीय टीम की सफलता पर है. ये भी पढ़ें: लॉर्ड्स में रोहित शर्मा और गौतम गंभीर की दिखी शानदार बॉन्डिंग, वायरल हुआ वीडियो The post कोहली-गंभीर विवाद की समाचारें निकली बेबुनियाद, लंदन में दिखी शानदार केमिस्ट्री appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर बुलडोजर एक्शन पर हाईकोर्ट की रोक, जानें अदालत ने क्या कहा

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र कार्यालय को तोड़े जाने पर कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने रोक लगा दी है. रविवार (19 जुलाई) को इस मामले में एक विशेष सुनवाई करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर जुलाई के अंत तक यथास्थिति (Status Quo) बनाये रखने का कोर्ट ने आदेश दिया है. जस्टिस राजा बसु चौधरी की एकल पीठ ने रविवार की छुट्टी के दिन विशेष अदालत लगाकर इस मामले को सुना और राज्य प्रशासन को निर्देश दिया कि वह आमतला स्थित इस विवादित इमारत से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज अदालत के समक्ष पेश करे. ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा कोर्ट की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आयी कि जिस इमारत पर बुलडोजर चलाया गया, उसका मालिकाना हक ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ (Leaps and Bounds) कंपनी के पास है. इसी कंपनी की ओर से जिला प्रशासन की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी थी. प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आधिकारिक दावों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेता अभिषेक बनर्जी इसी ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं. विस्तृत सुनवाई नियमित पीठ में होगी : हाईकोर्ट विशेष सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ किया कि जुलाई के अंत तक इस परिसर में कोई भी तोड़फोड़ या बदलाव नहीं किया जायेगा और अब इस मामले की विस्तृत सुनवाई नियमित पीठ (Regular Bench) के समक्ष दोबारा की जायेगी. ये भी पढ़ें: बुलडोजर एक्शन से भड़के अभिषेक बनर्जी, कहा- 2031 में हमारी प्रशासन बनी तो बीजेपी के दफ्तर ऐसे ही तोड़ेंगे प्रशासन और अभिषेक बनर्जी के दावों में विरोधाभास दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने शनिवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अभिषेक बनर्जी के आमतला स्थित कार्यालय को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की थी. जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि यह इमारत कथित तौर पर बिना किसी स्वीकृत भवन योजना (Approved Building Plan) के और नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन करके बनायी गयी थी. इसलिए यह एक्शन लिया गया. ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी के आमतला कार्यालय पर चला प्रशासन का बुलडोजर, BJP कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न अभिषेक बनर्जी ने प्रशासन के दावों पर किया पलटवार डायमंड हार्बर के सांसद और अभिषेक बनर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया था कि यह उनका आधिकारिक निर्वाचन क्षेत्र कार्यालय है. उन्होंने कहा कि इस दफ्तर का निर्माण पूरी तरह से खरीदी गयी वैध जमीन पर कानून के दायरे में रहकर किया गया था और इसके लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियां ली गयीं थीं. हाईकोर्ट के इस स्थगन आदेश के बाद अब इस पूरे नेतृत्वक व कानूनी विवाद पर जुलाई के अंत में होने वाली अगली सुनवाई के दौरान ही स्थिति और स्पष्ट होगी. The post अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर बुलडोजर एक्शन पर हाईकोर्ट की रोक, जानें अदालत ने क्या कहा appeared first on Naya Vichar.

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सोनम वांगचुक मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने निजी अस्पताल में ट्रांसफर की मांग ठुकराई

दिल्ली हाईकोर्ट ने रविवार (19 जुलाई) को सामाजिक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल में ट्रांसफर करने की मांग पर तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है. जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कहा कि फिलहाल इस मामले में किसी अंतरिम आदेश की जरूरत नहीं है. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई तय की है. वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि जे. आंगमो की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र प्रशासन, सफदरजंग अस्पताल और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिका में वांगचुक को उनकी पसंद के निजी अस्पताल में ट्रांसफर करने की अनुमति देने की मांग की गई है. डॉक्टर लगातार कर रहे हैं निगरानी- कोर्ट सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर लगातार सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य निगरानी कर रहे हैं. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि उनके साथ किसी तरह की जबरदस्ती की जा रही है. अदालत ने यह भी माना कि जंतर-मंतर से उन्हें अस्पताल ले जाने की प्रशासनी कार्रवाई को प्रथम दृष्टया मनमाना नहीं कहा जा सकता. परिवार को 24 घंटे मिलने की अनुमति जस्टिस पुष्करणा ने कहा कि वांगचुक की पत्नी, उनके भाई और अन्य परिजनों को उनसे 24 घंटे मिलने की अनुमति दी गई है. अदालत ने यह भी साफ किया कि यदि जरूरत हुई और वांगचुक खुद तैयार होंगे, तो वे डॉक्टरों के इलाज में सहयोग करेंगे. प्रशासन ने कहा- इलाज में सहयोग करें केंद्र प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने अदालत में कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर वांगचुक का उचित इलाज कर रहे हैं और इस पर संदेह की कोई वजह नहीं है. उन्होंने कहा कि बेहतर इलाज के लिए वांगचुक का सहयोग भी जरूरी है. कपिल सिब्बल ने उठाया अधिकार का सवाल वांगचुक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत से कहा कि उनके क्लाइंट को मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया जाए. उन्होंने दलील दी कि सोनम वांगचुक किसी हिरासत में नहीं हैं, इसलिए उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता. 21 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं वांगचुक सोनम वांगचुक को शनिवार को उनकी भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी. वह 28 जून से नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. The post सोनम वांगचुक मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने निजी अस्पताल में ट्रांसफर की मांग ठुकराई appeared first on Naya Vichar.

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‘पापा, माफ कर देना…’ 50 से ज्यादा कोशिशों के बाद टूटा गोल्ड मेडलिस्ट का सपना, सुसाइड नोट पढ़कर रो पड़ा परिवार

UP News: पापा… मुझे माफ करना, मैं सफल नहीं हो पाया. मैं भी भाई-बहन की तरह प्रशासनी नौकरी करना चाहता था. नौकरी पाने के लिए 50 से ज्यादा प्रयास किए… इन शब्दों के साथ छोड़े गए एक सुसाइड नोट ने कानपुर के एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. राज्यपाल के हाथों सम्मानित B.Tech गोल्ड मेडलिस्ट आनंद कुमार (23) अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. मौके से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने अपने करियर को लेकर लंबे समय से किए गए लगातार संघर्षों का जिक्र करते हुए अपने पिता से माफी मांगी है. पुलिस के अनुसार, आनंद लंबे समय से प्रशासनी नौकरी न मिलने को लेकर मानसिक तनाव में था. कौन थे आनंद कुमार कानपुर जिले के गोविंदनगर थाना क्षेत्र स्थित गुजैनी जे-ब्लॉक निवासी आनंद कुमार पढ़ाई में बेहद मेधावी थे. उन्होंने भौंती स्थित पीएसआईटी कॉलेज से वर्ष 2024 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech किया था. उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें अगस्त 2024 में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था. उन्होंने प्रदेश के विश्वविद्यालयों की मेरिट सूची में भी उल्लेखनीय स्थान हासिल किया था. प्रशासनी नौकरी पाने का था सपना परिजनों के अनुसार आनंद प्रशासनी नौकरी करना चाहते थे और इसके लिए लगातार तैयारी कर रहे थे. उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लिया, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी. इसी वजह से वह पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में थे. परिवार का कहना है कि वह अपने बड़े भाई और बहन की तरह प्रशासनी सेवा में जाना चाहते थे. घर में अकेले थे आनंद घटना के समय आनंद घर में अकेला था. उनके पिता राजकुमार गुप्ता और परिवार के अन्य सदस्य बड़े बेटे के विवाह के सिलसिले में बिहार गए हुए थे. शुक्रवार शाम जब घरेलू सहायिका घर पहुंची और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो उसने परिवार के लोगों को इसकी सूचना दी. इसके बाद पुलिस को बुलाया गया. पुलिस को मिला नोट घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घर के अंदर जांच की. कमरे से एक हस्तलिखित नोट बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है. फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं. अधिकारियों के अनुसार नोट में करियर और नौकरी को लेकर निराशा व्यक्त की गई है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है. यह भी पढ़ें: UP की राजधानी में 4 साल की मासूम के साथ हैवानियत, आरोपी स्कूल वैन चालक गिरफ्तार The post ‘पापा, माफ कर देना…’ 50 से ज्यादा कोशिशों के बाद टूटा गोल्ड मेडलिस्ट का सपना, सुसाइड नोट पढ़कर रो पड़ा परिवार appeared first on Naya Vichar.

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Nvidia CEO Jensen Huang की ब्लैक लेदर जैकेट 9.4 करोड़ रुपये में बिकी, अनुमान से 16 गुना ज्यादा मिली कीमत

दुनिया की सबसे मूल्यवान टेक कंपनियों में शामिल Nvidia के CEO जेन्सन हुआंग (Jensen Huang) की पहचान बन चुकी ब्लैक लेदर जैकेट रिकॉर्ड कीमत पर नीलाम हुई है. मशहूर ऑक्शन हाउस Sotheby’s में हुई नीलामी में यह जैकेट 9.60 लाख डॉलर (करीब 9.4 करोड़ रुपये) में बिकी, जो शुरुआती अनुमान से लगभग 16 गुना अधिक है. ऑक्शन से मिली पूरी राशि टेक्नोलॉजी और साइंस के क्षेत्र में काम कर रहे युवा इनोवेटर्स की मदद के लिए दान की जाएगी. अनुमान से कई गुना ज्यादा मिली कीमत नीलामी से पहले इस जैकेट की कीमत 40,000 से 60,000 डॉलर (करीब 33 लाख से 50 लाख रुपये) आंकी गई थी. लेकिन बोली के दौरान इसकी कीमत तेजी से बढ़ती गई और आखिरकार यह करीब 9.60 लाख डॉलर में बिक गई. किस काम आएगा नीलामी का पैसा? रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीलामी से प्राप्त पूरी राशि सैन फ्रांसिस्को स्थित वेंचर कैपिटल फर्म Long Journey Ventures की पहल के तहत Age Institute नामक गैर-लाभकारी संगठन को दी जाएगी. यह संस्था टेक्नोलॉजी, साइंस, संस्कृति और समाज से जुड़े शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और इनोवेटर्स को नए विचारों और रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए सहयोग देती है. इस फंड का इस्तेमाल फेलोशिप और रिसर्च कार्यक्रमों पर किया जाएगा. टेक दुनिया का स्टाइल आइकन बन चुकी है यह जैकेट सिलिकॉन वैली में जैसे स्टीव जॉब्स अपने ब्लैक टर्टलनेक और मार्क जुकरबर्ग अपनी ग्रे टी-शर्ट या हुडी के लिए जाने जाते थे, वैसे ही जेन्सन हुआंग की ब्लैक लेदर जैकेट उनकी पहचान बन चुकी है. वह Nvidia के लगभग हर बड़े प्रोडक्ट लॉन्च, डेवलपर कॉन्फ्रेंस और कीनोट प्रेजेंटेशन में इसी तरह की ब्लैक लेदर जैकेट पहने नजर आते हैं. 2023 के ताइपे इवेंट में पहनी थी यही जैकेट नीलामी में शामिल यह जैकेट लग्जरी फैशन ब्रांड Tom Ford की है. जेन्सन हुआंग ने इसे 18 अक्टूबर 2023 को ताइपे में आयोजित Hon Hai Tech Day के दौरान पहना था. Sotheby’s ने इवेंट की तस्वीरों के जरिए इस जैकेट की पुष्टि की, जबकि इस पर मौजूद जेन्सन हुआंग के हस्ताक्षर का सत्यापन James Spence Authentication ने किया. टॉम फोर्ड जैकेट्स के बड़े प्रशंसक हैं Jensen Huang फैशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, जेन्सन हुआंग लंबे समय से Tom Ford की लेदर जैकेट्स पहनते आ रहे हैं. उनकी कई जैकेट्स की कीमत 10,000 डॉलर (करीब 8.3 लाख रुपये) या उससे भी अधिक होती है. उनकी यह स्टाइल अब टेक इंडस्ट्री में एक अलग ब्रांड पहचान बन चुकी है. दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल हैं Jensen Huang Forbes Real-Time Billionaires List के मुताबिक, Nvidia के CEO जेन्सन हुआंग की कुल संपत्ति करीब 175 अरब डॉलर (लगभग 16.84 लाख करोड़ रुपये) है. इसी के साथ वह दुनिया के सातवें सबसे अमीर व्यक्ति हैं. उनके नेतृत्व में Nvidia ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है और कंपनी का बाजार मूल्य भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है. The post Nvidia CEO Jensen Huang की ब्लैक लेदर जैकेट 9.4 करोड़ रुपये में बिकी, अनुमान से 16 गुना ज्यादा मिली कीमत appeared first on Naya Vichar.

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किचन की सिंपल चीजों से बनाएं ये 5 इंस्टेंट मॉनसून स्नैक्स, स्वाद ऐसा कि बच्चों से लेकर बड़ों तक हर कोई हो जाएगा आपका फैन

Instant Monsoon Snacks: बारिश के इस मौसम में जब हम खिड़की के पास बैठकर बाहर देखते हैं, तो अक्सर कुछ ऐसा खाने का मन करता है जो सिर्फ गरमा-गरम ही न हो, बल्कि चटपटा भी हो. ऐसे में हमें अपना दिमाग तेजी से दौड़ाना पड़ता है कि आखिर क्या बनाया जाए. वैसे तो ज्यादातर घरों में शाम के नाश्ते में चाय के साथ हम पकौड़े ही खाते हैं, क्योंकि ये आसानी से बन जाते हैं और इन्हें बनाने में ज्यादा समय भी बर्बाद नहीं होता. लेकिन अगर आप हर शाम चाय के साथ सिर्फ पकौड़े खाकर बोर हो चुके हैं और इसकी जगह कुछ यूनिक और ज्यादा टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं, तो आज का यह आर्टिकल आपके बड़े काम का है. आज हम आपको 5 ऐसे कमाल के स्नैक्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें तैयार करने में आपको ज्यादा से ज्यादा 15 मिनट का समय लगेगा, लेकिन ये सभी स्नैक्स मानसून के मजे को दोगुना जरूर कर देंगे. तो चलिए, इन स्नैक्स और इन्हें बनाने के तरीके के बारे में विस्तार से जानते हैं. instant snacks ideas क्रिस्पी एंड ऑल टाइम फेवरेट आलू टिक्की चाट अगर आपको बारिश के इस मौसम में चटपटा खाने का मन करे, तो घर पर रखी ब्रेड और आलू से आप मिनटों में टिक्की बना सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले उबले हुए आलू को मैश करें और उसमें थोड़ा सा कॉर्नफ्लोर या ब्रेड क्रम्ब्स मिलाएं ताकि टिक्की ज्यादा क्रिस्पी बने. इसके बाद इसमें नमक, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर टिक्कियां बना लें. इसके बाद तवे पर थोड़ा सा तेल या घी डालकर इन्हें दोनों तरफ से इसे गोल्डन होने तक सेकें. लास्ट में ऊपर से दही, मीठी चटनी, तीखी हरी चटनी और थोड़ा सा चाट मसाला डालकर इसे गर्मागर्म सर्व करें. ये भी पढ़ें: सुबह टिफिन को लेकर होती है टेंशन? 10 मिनट में बन जाएंगे ये 5 टेस्टी ऑप्शन, स्वाद ऐसा कि शिशु हो जाएंगे आपके फैन इंस्टेंट रवा टोस्ट है बिल्कुल लाइट और हेल्दी इंस्टेंट रवा टोस्ट एक बहुत ही लाइट और हेल्दी स्नैक है जो सिर्फ 10 मिनट में बनकर तैयार हो जाता है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले आधा कप सूजी में दो चम्मच मलाई या दही मिक्स करें. अब इसमें अपनी पसंद की बारीक कटी सब्जियां जैसे प्याज, टमाटर, शिमला मिर्च, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें. इसके बाद इसमें स्वादानुसार नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें. अब इस इस पेस्ट को ब्रेड स्लाइस पर एक तरफ अच्छी तरह फैलाएं और फिर तवे पर थोड़ा सा बटर या घी लगाएं और पेस्ट वाली साइड को तवे पर रखकर मीडियम आंच पर सेकें. इसके बाद इसे दूसरी तरफ से भी सेक लें. आपको सुपर लाइट एंड क्रिस्पी रवा टोस्ट तैयार है. अगर कुकिंग नहीं करनी तो मसाला पापड़ ट्विस्ट अगर आपको बिल्कुल भी कुकिंग नहीं करनी है और कुछ बहुत लाइट और चटपटा खाना है, तो मसाला पापड़ सबसे बेस्ट चॉइस है. इसे बनाने के लिए उड़द या मूंग दाल के पापड़ को तवे पर या डायरेक्ट आंच पर सेक लें. इसके बाद एक कटोरी में बारीक कटा प्याज, टमाटर, खीरा, हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाएं. अब इस मिक्चर में थोड़ा सा नींबू का रस, चाट मसाला और प्लेन नमक मिलाएं. इसके बाद सेके हुए पापड़ के ऊपर इस मिक्सचर को फैलाएं और ऊपर से थोड़ी सी बारीक भुजिया या सेव छिड़क दें. इसे आपको तुरंत ही खा लेना होगा ताकि पापड़ क्रिस्पी बनी रहे. ये भी पढ़ें: सुबह ऑफिस की भागदौड़ में नहीं कर पा रहे हैं नाश्ता? 10 मिनट में तैयार करें ये 3 हेल्दी ब्रेकफास्ट नए ट्विस्ट के साथ ट्राई करें चीजी मैगी पकौड़ा मैगी एक ऐसी चीज है जो काफी आसानी से सभी घरों में मिल जाएगी. अगर आपको मैगी पसंद है, तो बारिश के इस मौसम में आप इसका पकौड़ा बनाकर इसे बिल्कुल एक नया ट्विस्ट दे सकते हैं. इसे बनाने के लिए सबसे पहले मैगी को बिना मसाला डाले सादा उबाल लें और उसका पानी छान लें. अब एक बर्तन में उबली हुई मैगी, मैगी मसाला टेस्टमेकर, दो चम्मच बेसन, क्रिस्पिनेस के लिए दो चम्मच चावल का आटा, बारीक कटी प्याज, हरी मिर्च और थोड़ा सा कद्दूकस किया हुआ चीज मिक्स करें. इसके बाद इस मिश्रण के छोटे-छोटे गोले बनाकर गरम तेल में फ्राई कर लें. यह बच्चों और बड़ों, दोनों का पसंदीदा स्नैक बन जाएगा. तली-भुनी चीजों से बचना है तो फ्राइड मसाला मखाना अगर आप बारिश के इन दिनों में तली-भुनी चीजों से बचना चाहते हैं और कुछ हेल्दी ढूंढ रहे हैं, तो मसाला मखाना एक बेहतरीन टी-टाइम स्नैक है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक कढ़ाई में एक चम्मच देसी घी गरम करें. इसके बाद इसमें एक छोटा कप मखाने डालें और धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक कि वे एकदम क्रिस्पी न हो जाएं. जब मखाने अच्छी तरह से भुन जाएं, तो गैस बंद कर दें और कढ़ाई में ही थोड़ा सा नमक, हल्दी पाउडर, चाट मसाला और काली मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह टॉस करें ताकि मसाला मखानों पर चिपक जाए. यह मिनटों में बनने वाला एक बेहद ही लाइट और हेल्दी स्नैक है. ये भी पढ़ें: रात की भूख भी मिटेगी और वजन भी नहीं बढ़ेगा, डिनर में शामिल करें ये 5 सुपर लो कैलोरी फूड्स The post किचन की सिंपल चीजों से बनाएं ये 5 इंस्टेंट मॉनसून स्नैक्स, स्वाद ऐसा कि बच्चों से लेकर बड़ों तक हर कोई हो जाएगा आपका फैन appeared first on Naya Vichar.

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जम्मू-कश्मीर में मानसून का कहर: भारी बारिश और भूस्खलन से 11 की मौत, कई लापता

Jammu Kashmir Heavy Rain: भारी बारिश की वजह से सबसे अधिक तबाही पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में हुई. लगातार बारिश और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ है, हालांकि बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जम्मू-कश्मीर में 23 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं. भूस्खलन की चपेट आया घर, 8 लोग मलबे में दबे सुरनकोट के लोअर मुराह गांव में मूसलाधार बारिश के कारण रविवार को भूस्खलन की चपेट में एक मकान आ गया, जिससे उसमें रह रहे 8 लोग मलबे में दब गए. बचाव दल ने सोफियान यासिर (दो) समेत पांच लोगों के शव बरामद कर लिए हैं, जबकि शेष की तलाश जारी है. संगला गांव में अचानक आई बाढ़ में एक ही परिवार के 4 सदस्य बह गए. लापता लोगों में अब्दुल हमीद, उनकी पत्नी शरीफा बेगम, बेटी अरीबा और बहन मनीरा बेगम शामिल हैं. नूनाबंदी गांव में मकान ढहने से एक की मौत नूनाबंदी गांव में एक मकान ढहने से नाजिया कौसर (28) की मौत हो गई. उनके पति मोहम्मद हाफिज और दो से छह वर्ष की आयु के तीन बच्चों को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया. सुरनकोट के संगलानी क्षेत्र में मकान ढहने से शाहजैब अहमद (22) की मौत हो गई, जबकि मरहोट क्षेत्र में इरम नामक एक नाबालिग लड़की नाले में डूब गई. इसके अलावा, धुंधक लाथूंग पुल के निकट एक नाले से एक अज्ञात स्त्री का शव भी बरामद किया गया. पुंछ जिले की हवेली तहसील में लगभग छह मकान ढह जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया. जम्मू-कश्मीर के राजौरी में बारिश के कारण बाउंड्री वॉल गिरा, राहत-बचाव कार्य करते अधिकारी, फोटो एएनआई राजौरी में रातभर हुई बारिश, नदी में अचानक आई बाढ़ राजौरी में भी रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ के दौरान एक नदी से स्त्री का शव बरामद किया गया. निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा. नदियों और नालों के उफान पर आने तथा तटबंधों के टूटने से कई वाहन बह गए, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ. जम्मू और राजौरी में नदियों में फंसे 14 लोगों को सुरक्षित निकाला गया जम्मू और राजौरी के विभिन्न हिस्सों में उफान पर आई नदियों में फंसे कम से कम 14 लोगों को पुलिस, सेना और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के संयुक्त अभियान में रविवार को सुरक्षित निकाल लिया गया. पुलिस के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि कई घंटे के अभियान में जम्मू में पीर खो मंदिर के निकट तवी नदी में फंसे तीन युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण तीनों नदी के बीच फंस गए थे. जम्मू शहर के रणदीप सिंह और मुनीश शर्मा तथा बिहार निवासी उनके मित्र विकास कुमार को सकुशल निकाल लिया गया. उफनाई धनगरी नदी में फंसे 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया एक अन्य बचाव अभियान में सेना के जवानों ने पुलिस और एसडीआरएफ के साथ मिलकर राजौरी जिले के धनगरी क्षेत्र में बाढ़ से उफनाई धनगरी नदी में फंसे दो लड़कों तथा थानामंडी क्षेत्र में फंसे नौ अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. सीएम उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली दौरा बीच में किया स्थगित दिल्ली गए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारी बारिश की वजह से बिगड़ते हालात को देखते हुए अपना दौरा बीच में ही समाप्त कर दोपहर में जम्मू लौटने का निर्णय लिया. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी बारिश और बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. ये भी पढ़ें: Heavy Rain Warning: 19 से 24 जुलाई तक भारी बारिश, गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल, जानें अगले 5 दिनों का मौसम The post जम्मू-कश्मीर में मानसून का कहर: भारी बारिश और भूस्खलन से 11 की मौत, कई लापता appeared first on Naya Vichar.

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बजट है ₹10 लाख से कम तो कौन-सी 7-सीटर कारें होंगी बेस्ट? Maruti, Mahindra और Renault लिस्ट में शामिल

इंडियन ऑटोमोबाइल मार्केट में भले ही SUV के चर्चे सबसे ज्यादा होते हैं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि MPV शुरुआत से ही काफी ज्यादा लोकप्रिय रही हैं. 7-सीटर कार लोगों को ले-जाने और लाने के लिए बेस्ट मानी जाती है. इसके अलावा पूरी फैमिली को एकसाथ घूमने के लिए भी इसमें पर्याप्त जगह ऑफर करती हैं, वो भी बिना बजट खराब किए. इस आर्टिकल में हम हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा पॉपुलर टॉप 5 किफायती 7-सीटर कार के बारे में बताएंगे, जो आपके लिए बेस्ट चॉइस बन सकती हैं.  Maruti Suzuki Ertiga (LXi) इस लिस्ट में पहले नंबर पर हमने मारुति सुजुकी इस समय मोस्ट पॉपुलर 7-सीटर कार अर्टिगा को रखा है, जो आपके लिए एक बढ़िया ऑप्शन बन सकती है. फैमिली के लिए यह कार मोस्ट चॉइस बनी हुई है. 1.5 लीटर पेट्रोल/सीएनजी ऑप्शन वाला इंजन इसे और अधिक लोकप्रिय बना रहा है. इसके अलावा इसमें 7.8 इंच का प्रो टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है, जो एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले को सपोर्ट करता है. इसमें 6 स्टैन्डर्ड एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), ABS विद EBD और ISOFIX चाइल्ड सीट्स भी मिलेंगे. Renault Triber  सूची में दूसरे नंबर पर Renault Triber का नाम है, जो स्पेशली फैमिली के लिए ही डिजाइन किया गया है. 1.0 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ यह एमपीवी आती है, जिसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 5,80,775 रुपए है. एक बार में 7 लोगों के साथ ट्रेवल करने के लिए इससे बढ़िया बजट फ़्रेंडली कार शायद ही मिल सकता है. इसमें 8 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम लगाया गया है, जो एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले को सपोर्ट करता है. इसके अलावा वायरलेस चार्जर, क्रूज कंट्रोल, एलईडी हेडलैंप, रेन सेन्सिंग वाइपर, 6 एयरबैग्स, ABS के साथ EBD, ट्रैक्शन कंट्रोल, हिल होल्ड और रियर पार्किग सेंसर जैसे फीचर्स मिलेंगे. ये भी पढ़ें: ₹10 लाख से कम बजट में ऑटोमैटिक कार खरीदने का है प्लान? शहर के लिए ये मॉडल बने पहली पसंद, CNG और SUV का भी मिलेगा ऑप्शन Nissan Gravite  तीसरे स्थान पर हमने निसान कंपनी की 7-सीटर ग्रेवाइट को रखा है, जिसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 5,73,400 (Nissan Gravite Visia MT) है. फैमिली वालों के लिए यह कार एक बढ़िया विकल्प है. इसमें 20.32 CM टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलेगा, जो एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले को सपोर्ट करता है. इसके अलावा इसमें 999 सीसी का 3 सिलेंडर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन मिलता है. सेफ्टी के रूप में 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम, हिल स्टार्ट असिस्ट और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम मिलेंगे. Mahindra Bolero NEO महिंद्रा कंपनी की धांसू कार बोलेरो नियो इस लिस्ट में चौथे नंबर पर शामिल है, जिसकी स्टार्टिंग एक्स शोरूम कीमत 8.99 लाख रुपए है. यह कार लोगों के ले जाने और लाने के लिए शानदार है, जो मार्केट में बहुत पॉपुलर भी है. इसमें 9 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है. इसके अलावा क्रूज कंट्रोल, मैकेनिकल लॉकिंग डिफरेंशियल और ड्यूअल एयरबैग्स जैसे शानदार फीचर्स मिलते हैं. इतना ही नहीं, 1493 सीसी mHawk डीजल इंजन लगा है, जो इसकी पावर को दर्शाता है. Mahindra Bolero  महिंद्रा की बोलेरो काफी पुरानी और दमदार गाड़ी है, जो देश में शुरू से ही पॉपुलर है. इसपर हमेशा कंपनी अपडेट लाती रहती है. इस 7-सीट कार की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 8.49 लाख रुपए है. इसमें आपको 1.5 लीटर mHawk75 डीजल इंजन मिलता है, जो 55.9kW पावर और 210 nm टॉर्क जेनरेट करता है. इसमें ड्यूअल एयरबैग्स, ABS विद ABD, रियर पार्किंग सेंसर, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और मैनुअल एसी जैसे फीचर्स मिलेंगे. ये भी पढ़ें: 2.50 लाख रुपए सस्ती हो गई Mahindra की ये दमदार EV, 500+ KM रेंज के साथ मिलते हैं शानदार फीचर्स The post बजट है ₹10 लाख से कम तो कौन-सी 7-सीटर कारें होंगी बेस्ट? Maruti, Mahindra और Renault लिस्ट में शामिल appeared first on Naya Vichar.

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वांगचुक की भूख हड़ताल से बदल सकती है संसद की सियासत, क्या विपक्ष जोड़ पाएगा बिखरी कड़ियां?

Monsoon Session 2026 : पिछले एक दशक में हिंदुस्तानीय नेतृत्व में विपक्ष की भूमिका और उसकी एकजुटता को लेकर यदि आप किसी नेतृत्वक विश्लेषक से सवाल करेंगे, तो संभव है कि उनका जवाब सीधे शब्दों में न मिले. इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि अखबारों की सुर्खियां और कागजी दस्तावेज भले ही विपक्षी गठबंधन के होने का सबूत देते हो, लेकिन राज्यों की नेतृत्व, चुनावी समीकरण, दलों के बीच बढ़ती दूरियां और नेताओं द्वारा एक-दूसरे पर लगाए जाने वाले आरोप,अक्सर इस एकजुटता पर सवाल उठाते हैं. ऐसे में 20 जुलाई (सोमवार) से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और उसके बाद प्रशासन की कार्रवाई विपक्ष के लिए एक ऐसा मुद्दा लेकर आई है, जिस पर लगभग सभी विपक्षी दल सुर में सुर मिलाते नजर आ रहे हैं. कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) और वाम दलों ने केंद्र प्रशासन पर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का आरोप लगाया है. जिसको लेकर नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि मानसून सत्र में यह मुद्दा विपक्ष की साझा रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है. हालांकि, सवाल यह भी है कि, क्या सोनम वांगचुक का मुद्दा संसद के भीतर विपक्ष को एक बार फिर एकजुट कर पाएगा? या पहले से बिखरी हुई विपक्षी एकता, बिखरी हुई ही नजर आएगी? इसे समझने के लिए चलते है एक दिन पीछे यानी कि शनिवार (18 जुलाई 2026) को. संसद के मानसून सत्र से पहले उठे इस सवाल की पूरी कहानी दरअसल बात ये है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर रोक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग…को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे थे. 21 दिनों तक सबकुछ शांतिपूर्ण चल रहा था लेकिन प्रदर्शनकारियों को दिक्कत इस बात से थी कि प्रशासन उनकी सुन नहीं रही.लगातार भूखे रहने के कारण वांगचुक की तबीयत बिगड़ रही थी,  प्रदर्शन स्थल से आने वाली तस्वीर उनकी हालात बयां कर रहा थी. सोशल मीडिया से लेकर हाईकोर्ट तक मामले को लेकर चर्चा हो रही थी. लोग वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील कर रहे थे, लेकिन उनका कहना था कि प्रशासन जब तक उनकी मांगें नहीं मान लेती, उनका भूख हड़ताल जारी रहेगा. इन सब के बीच सेलिब्रिटीज और दूसरे चर्चित चेहरों के साथ नेतृत्वक पार्टियों की गाड़ियां भी जंतर मंतर आंदोलन की तरफ मुड़ने लगी थी. आम आदमी पार्टी, कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल तो वांगचुक का हाल लेने जंतर मंतर भी पहुंच गए. जिसके बाद शनिवार को दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले आई, ताकि उनका इलाज किया जा सके. यहीं से यह मामला सिर्फ एक आंदोलन तक सीमित नहीं रहकर नेतृत्वक बहस का विषय बन गया. प्रशासन की कार्रवाई पर विपक्ष क्यों भड़का हुआ ये कि दिल्ली पुलिस के जवान शनिवार सुबह- सुबह जंतर- मंतर पहुंच गए और वांगचुक को उठाकर अस्पताल ले गए. पुलिस सादे लिबास में आई थी और सफेद पर्दे के पीछे वे वांगचुक को उठाकर ले गए. सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के कुछ ही घंटों के भीतर लगभग पूरा विपक्ष केंद्र प्रशासन पर हमलावर हो गया. कोई प्रशासन को तानाशाह बताने लगा तो कोई इसे प्रशासन की मनमानी बता रहा था. संसद के मानसून सत्र से इसका क्या लेना-देना है? आप सोच रहे होंगे कि सोनम वांगचुके के साथ जो कुछ और उसके बाद देश में जो कुछ चल है वो तो सबको मालूम है…इसमें नया क्या है ? और तो और संसद के मानसून सत्र से इसका क्या लेना-देना ? दरअसल, पूरी कहानी इसी पर टिकी है और यही इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा है. सोमवार से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है और ऊपर हमने आपको ये भी बता दिया कि कैसे वांगचुक को लेकर प्रशासन की कार्रवाई सियासी मुद्दा बन गई है. जिस तरह बजट सत्र केे दौरान मजबूती से विपक्ष ने प्रशासन को जवाब दिया था, उसी एकजुटता की जरूरत फिर आन पड़ी है. आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया तो तृणमूल कांग्रेस और कुछ अन्य दलों के सांसदों ने भी पाला बदला. बजट सत्र के बाद कैसे कमजोर हुआ विपक्ष परिस्थितियों पर अगर गौर करें तो बजट सत्र की एकता बदलते नेतृत्वक परिदृश्य में बदल गई थी. विपक्ष की नेतृत्वक एकजुटता कमजोर पड़ती दिखाई देने लगी थी और संख्या के लिहाज से भी उनकी ताकत कम हुई है.  वैसे तो संसद में संख्या ही सर्वोपरि है लेकिन मौजूदा जो स्थिति है उसमें  सिर्फ संख्या ही नहीं, नेतृत्वक एकजुटता भी कमजोर हुई. तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके जैसे सहयोगी दलों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए. जिस परिसीमन को लेकर प्रशासन को घेरा जा रहा था, उसको लेकर इरादे बदलने लगे और एक देश-एक चुनाव जैसे दूसरे  मुद्दों पर भी विपक्षी दलों की राय अलग-अलग दिखाई देने लगी . जिसका मतलब था कि विपक्ष एकजुट नहीं है. यानी संसद सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी, क्या वह किसी एक मुद्दे पर एकजुट होकर प्रशासन को घेर पाएगा? सोनम वांगचुक का आंदोलन बन सकता है विपक्ष का कॉमन ग्राउंड अब इस सवाल को लेकर जो विश्लेषकों की राय है, वो फिलहाल सकारात्मक नजर आ रही है. जिसका कारण भी साफ है. दरअसल वांगचुक जिस मुद्दे को लेकर अनशन पर हैं, वो  मुद्दा किसी एक राज्य, किसी एक जाति, किसी एक धर्म या किसी एक क्षेत्र से जुड़ा नहीं है. यह सीधे छात्रों, शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और लोकतांत्रिक विरोध जैसे राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़ा हुआ है और हर पार्टी इन मुद्दों को लेकर खुद को जनता का हितैषी मानती है. जिसको लेकर नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा विपक्ष के लिए साझा नेतृत्वक आधार बन सकता है. कांग्रेस हो या आम आदमी पार्टी…तृणमूल कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी… शिवसेना (यूबीटी), वाम दल या शरद पवार की एनसीपी…सभी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए. हां, शब्द अलग अलग जरूर है, लेकिन आरोप एक ही है. मामले को लेकर प्रशासन क्या

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