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July 19, 2026

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बुलडोजर एक्शन से भड़के अभिषेक बनर्जी, कहा- 2031 में हमारी सरकार बनी तो बीजेपी के दफ्तर ऐसे ही तोड़ेंगे

West Bengal Bulldozer Action: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यालय पर बुलडोजर एक्शन से डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी बौखला गये हैं. शनिवार को हुए इस एक्शन पर रविवार को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने प्रतिक्रिया दी. कहा कि हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रशासन के अधीन काम कर रही बंगाल पुलिस अब ‘कानून तोड़ने वाली’ एजेंसी बन गयी है. उन्होंने इस पूरी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर कहा कि यह प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, ‘वर्दी में चोरी’ है. स्वीकृत योजना के उल्लंघन का आरोप, प्रशासन ने दी सफाई शनिवार को जिला प्रशासन ने आमतला स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के सामने वाले हिस्से को बुलडोजर से तोड़ दिया था. अधिकारियों का दावा है कि इस भवन के हिस्से का निर्माण बिना किसी स्वीकृत भवन योजना के और नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन करके किया गया था. राज्य प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए की गयी है. इसके पीछे कोई भी नेतृत्वक प्रतिशोध या मंशा नहीं थी. अभिषेक का गंभीर आरोप- लैपटॉप और दस्तावेज ले गयी पुलिस पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और डायमंड हार्बर से 3 बार के सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करके अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा- यह कोई वैध ध्वस्तीकरण नहीं था. वर्दी पहनकर की गयी चोरी थी. वीडियो में साफ दिख रहा है कि पश्चिम बंगाल पुलिस के जवान भाजपा के गुंडों के साथ मिलकर कार्यालय के भीतर रखे लैपटॉप, प्रिंटर, महत्वपूर्ण दस्तावेज, मेज, कुर्सियां और सामान से भरे बक्से उठाकर ले जा रहे हैं. यह सब तब किया गया, जब मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है. ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी ने कहा- टीएमसी छोड़ने वाले लौट आयें, एक घंटे में इस्तीफा दे दूंगा, रीतब्रत बोले- नौटंकी न करें कानून के रक्षक ही उड़ा रहे कानून की धज्जियां : बनर्जी अभिषेक बनर्जी यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय पहले ही बुलडोजर से की जाने वाली इस तरह की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को असंवैधानिक ठहरा चुके हैं. ऐसे में जिन पर कानून की रक्षा करने की जिम्मेदारी है, वही आज कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं. ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी ने कहा- टीएमसी छोड़ने वाले लौट आयें, एक घंटे में इस्तीफा दे दूंगा, रीतब्रत बोले- नौटंकी न करें कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी टीएमसी अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जिस कार्यालय को तोड़ा गया है, उसका निर्माण खरीदी गयी वैध जमीन पर सभी आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियां प्राप्त करने के बाद हुआ था. उन्होंने इस कार्रवाई को सत्तारूढ़ भाजपा और प्रशासन की मिलीभगत बताते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस इस मामले को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख करेगी. इसके साथ ही उन्होंने भाजपा को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर वर्ष 2031 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में प्रशासन बदली, तो फिर भाजपा के कार्यालयों के साथ भी यही हश्र हो सकता है. ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी का अमित शाह को चैलेंज- हिम्मत है तो 4 मई को कोलकाता में रहें, सूद समेत होगा हिसाब The post बुलडोजर एक्शन से भड़के अभिषेक बनर्जी, कहा- 2031 में हमारी प्रशासन बनी तो बीजेपी के दफ्तर ऐसे ही तोड़ेंगे appeared first on Naya Vichar.

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इंग्लैंड ने टॉस जीता, पहले बल्लेबाजी का फैसला, देखें प्लेइंग इलेवन

हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला लॉर्ड्स में स्पोर्ट्सा जा रहा है. सीरीज में दोनों ही टीमों ने एक-एक मैच जीता है. जिससे सीरीज 1-1 से बराबरी पर है. मैच का पूरा हाल आप यहां देख सकते हैं. The post इंग्लैंड ने टॉस जीता, पहले बल्लेबाजी का फैसला, देखें प्लेइंग इलेवन appeared first on Naya Vichar.

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क्या आप भी रात में देर से खाते हैं खाना? जानिए इससे होने वाले नुकसान

Late Night Dinner Side Effects: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग देर रात तक काम करते हैं या मोबाइल और टीवी देखते-देखते खाना भी देर से खाते हैं. कुछ लोगों के लिए रात 10 या 11 बजे खाना खाना रोज की आदत बन चुकी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत धीरे-धीरे आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकती है? सिर्फ क्या खाते हैं, यह ही नहीं बल्कि कब खाते हैं, यह भी आपकी हेल्थ के लिए उतना ही जरूरी है. आइए जानते हैं कि रात में देर से खाना खाने से (Late Night Dinner Side Effects) शरीर को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं.  डाइजेस्टिव सिस्टम पर बढ़ता है प्रेशर  रात में खाना खाने के बाद हमारा शरीर आराम की तैयारी करने लगता है. ऐसे में अगर आप बहुत देर से या भारी खाना खाते हैं, तो उसे पचाने में ज्यादा समय लगता है. इससे गैस, अपच, पेट फूलना और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई लोगों को सुबह उठते ही पेट भारी महसूस होता है, जिसकी एक वजह देर से डिनर भी हो सकता है.  बढ़ सकता है वजन (Late Night Dinner Side Effects) अगर आप रोज देर रात खाना खाते हैं और उसके तुरंत बाद सो जाते हैं, तो शरीर को कैलोरी बर्न करने का पर्याप्त समय नहीं मिलता. धीरे-धीरे यह आदत वजन बढ़ने का कारण बन सकती है. खासकर अगर रात के खाने में तला-भुना या ज्यादा मीठा खाना शामिल हो, तो वेट और बढ़ जाता है.  नींद की गुणवत्ता हो सकती है खराब देर से खाना खाने के बाद तुरंत बिस्तर पर जाने से कई लोगों को बेचैनी, सीने में जलन या भारीपन महसूस होता है.  इससे नींद बार-बार खुल सकती है या गहरी नींद नहीं आती. अच्छी नींद न मिलने का असर अगले दिन आपकी एनर्जी, मूड और काम करने की कैपेसिटी पर भी पड़ता है.  ब्लड शुगर पर पड़ सकता है असर देर रात खाना खाने की आदत शरीर के ब्लड शुगर लेवल (Late Night Dinner Side Effects) को भी प्रभावित कर सकती है. खासकर जिन लोगों को डायबिटीज है या उसका खतरा है, उन्हें रात में बहुत देर से खाना खाने से बचना चाहिए. सही समय पर भोजन करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर तरीके से काम करता है.  सुबह भूख कम लग सकती है अगर रात में देर से और ज्यादा मात्रा में खाना खाया जाए, तो अगली सुबह भूख कम लग सकती है. इससे लोग नाश्ता छोड़ देते हैं या बहुत हल्का खाते हैं. जबकि हेल्दी नाश्ता पूरे दिन शरीर को एनर्जी देने के लिए जरूरी माना जाता है.  कब खाना खाना सबसे बेहतर माना जाता है? सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले रात का खाना खा लेना बेहतर माना जाता है. इससे शरीर को भोजन पचाने का समय मिल जाता है और नींद भी अच्छी आती है.  यह भी पढ़ें: वेट लॉस से लेकर ग्लोइंग स्किन तक, जानिए आपके लिए कौन-सा सीड्स वॉटर है बेस्ट The post क्या आप भी रात में देर से खाते हैं खाना? जानिए इससे होने वाले नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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केन-बेतवा परियोजना पर टकराव: पुलिस कार्रवाई के बाद खत्म हुआ 15 दिन का आंदोलन

Ken Betwa Link Project : मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड में केन-बेतवा लिंक परियोजना और अन्य सिंचाई योजनाओं के खिलाफ चल रहा एक बड़ा आंदोलन रविवार सुबह अचानक समाप्त हो गया. पिछले 15 दिनों से कुपी गांव के पास बराना नदी के किनारे अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे ग्रामीणों और प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने सुबह-सुबह वहां से हटा दिया. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है. गिरफ्तारी के दावे पर पुलिस का इनकार ​इस पूरी कार्रवाई को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बयानों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे दिव्या अहिरवार जैसी प्रमुख नेताओं का आरोप है कि पुलिस रविवार सुबह करीब 5 बजे हजारों की संख्या में आई और आंदोलन के मुख्य नेता अमित भटनागर सहित अन्य लोगों को जबरन गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने दावा किया कि भटनागर आज मीडिया के सामने केन-बेतवा प्रोजेक्ट में हुए 400 करोड़ रुपये के एक कथित भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा करने वाले थे, इसलिए उन्हें रोका गया. दूसरी तरफ, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है. नदी का बढ़ता जलस्तर और गिरती सेहत बनी वजह ​पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से सुरक्षा और मानवीय आधार पर की गई है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, ग्रामीण जिस जगह पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, वहां एक पुल का निर्माण कार्य चल रहा है. लगातार हो रही बारिश की वजह से बराना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था, जो आंदोलनकारियों के लिए कभी भी जानलेवा साबित हो सकता था. इसके साथ ही, कई दिनों से भूख हड़ताल पर रहने के कारण आंदोलन के नेता अमित भटनागर और अन्य ग्रामीणों का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था. इसलिए डॉक्टरों की टीम के साथ पहुंचकर सभी को ‘प्रेम और शांतिपूर्वक’ वहां से हटाकर अस्पताल और उनके घर भेजा गया है. आदिवासी स्त्रीओं का अनोखा सत्याग्रह ​इस पूरे आंदोलन में मुख्य रूप से आदिवासी स्त्रीओं की बहुत बड़ी भागीदारी देखने को मिली थी. अपनी मांगों को लेकर और पुनर्वास के पुराने वादों को पूरा न किए जाने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने पटरियों और नदी के किनारे अनोखे तरीके अपनाए थे. उन्होंने प्रशासन के खिलाफ ‘जल सत्याग्रह’, ‘चिता सत्याग्रह’ और यहां तक कि प्रतीकात्मक ‘फांसी सत्याग्रह’ करके पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था. आंदोलनकारियों का आरोप है कि विस्थापित होने वाले परिवारों को न तो सही मुआवजा मिला है और न ही प्रशासन ने अप्रैल में दिए गए अपने आश्वासनों को पूरा किया है. क्या है केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट? ​राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना के तहत विकसित की जा रही केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली ऐसी नदी जोड़ो योजना है, जिसका उद्देश्य केन नदी के अतिरिक्त पानी को बेतवा नदी में मोड़ना है. प्रशासन का दावा है कि यह एक बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रोजेक्ट है, जिससे मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के सूखाग्रस्त बुंदेलखंड इलाके में सिंचाई, पीने का पानी और समग्र विकास की रफ्तार तेज होगी. हालांकि, इस प्रोजेक्ट के कारण पन्ना बाघ अभयारण्य (पन्ना टाइगर रिजर्व) के कुछ हिस्सों, जंगलों और वन्यजीवों पर पड़ने वाले बुरे असर के साथ-साथ स्थानीय लोगों के विस्थापन को लेकर पर्यावरण संगठन और स्थानीय ग्रामीण लगातार इसका विरोध कर रहे हैं. मध्यप्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ पिछले 15 दिनों से चल रहा ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन अनशन रविवार सुबह खत्म हो गया. पुलिस और प्रशासन की टीम ने नदी किनारे बने प्रदर्शन स्थल से आंदोलनकारियों को हटाकर उनके गांवों की तरफ भेज दिया है. The post केन-बेतवा परियोजना पर टकराव: पुलिस कार्रवाई के बाद खत्म हुआ 15 दिन का आंदोलन appeared first on Naya Vichar.

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अमित शाह ने कोलकाता में की हाई लेवल रिव्यू मीटिंग, कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा पर किया मंथन

Amit Shah in Bengal: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पश्चिम बंगाल के 3 दिवसीय दौरे के आखिरी दिन रविवार (19 जुलाई) को राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. दक्षिण कोलकाता में आयोजित इस बैठक में गृह मंत्री ने राज्य के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ सीमा सुरक्षा, घुसपैठ और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया. नये कड़े लोक सुरक्षा कानून के बीच बड़ी बैठक इस हाई लेवल रिव्यू मीटिंग में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता सहित कई वरिष्ठ नौकरशाह और पुलिस अधिकारी शामिल हुए. यह बैठक इसलिए भी बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि हाल ही में राज्य में ‘पश्चिम बंगाल लोक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियां नियंत्रण अधिनियम’ पारित किया गया है. क्या है नया कानून? इस नये और कड़े कानून के तहत राज्य प्रशासन को संगठित अपराध (Organized Crime), जबरन वसूली, अवैध खनन, साइबर अपराध और लोक व्यवस्था भंग करने जैसी राष्ट्रविरोधी व असामाजिक गतिविधियों से कड़ाई से निपटने के लिए बेहद व्यापक अधिकार दिये गये हैं. बैठक में इस कानून के क्रियान्वयन को लेकर भी चर्चा हुई. ये भी पढ़ें: हावड़ा में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा दही उत्पादन संयंत्र, अमित शाह आज रखेंगे आधारशिला, अमूल करेगा 700 करोड़ का निवेश घुसपैठ और अधूरी बाड़बंदी को लेकर शाह गंभीर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले भी कई बार पश्चिम बंगाल में घुसपैठ, लचर कानून-व्यवस्था और बांग्लादेश के साथ खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा को लेकर गहरी चिंता प्रकट कर चुके हैं. शाह ने एक बार फिर दोहराया कि बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा का एक बड़ा हिस्सा अब भी ऐसा है जहां बाड़ (Fencing) नहीं लगायी जा सकी है, जो सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चुनौती है. इससे पहले, अपने दौरे के दूसरे दिन शनिवार को अमित शाह ने उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास हिंदुस्तान-बांग्लादेश सीमा का दौरा किया था और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के लिए 77.06 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात दी थी. पश्चिम बंगाल की भौगोलिक स्थिति सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील है, क्योंकि राज्य की 2,217 किलोमीटर लंबी सीमा बांग्लादेश से लगती है और इसके साथ ही इसकी सीमाएं नेपाल और भूटान जैसे देशों से भी सटी हुई हैं. ये भी पढ़ें: सिलीगुड़ी के पास BSF चौकी पहुंचे अमित शाह, सीमा सुरक्षा की समीक्षा और ‘चिकन नेक’ पर किया महामंथन स्वदेशी तकनीक और नये प्रोजेक्ट्स से अभेद्य होगी सीमा केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, सिलीगुड़ी के निकट एक बीएसएफ सीमा चौकी के निरीक्षण के दौरान गृह मंत्री ने घुसपैठ रोकने वाली स्वदेशी और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रौद्योगिकियों का जायजा लिया. रेडियो आधारित अलर्ट सिस्टम : इसमें एक विशेष रेडियो आधारित प्रणाली शामिल है, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा की बाड़ से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या घुसपैठ की कोशिश होते ही अलर्ट मोड पर आ जाती है और पहले से रिकॉर्ड किया गया संदेश प्रसारित कर सुरक्षाकर्मियों को तत्काल सतर्क कर देती है. 47 करोड़ की परियोजनाएं : अमित शाह ने डिजिटल माध्यम से 47 करोड़ रुपए की लागत वाली बीएसएफ की 3 प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी. नया फेंसिंग प्रोजेक्ट : हाल ही में अधिग्रहीत भूमि पर 30 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली 4 किलोमीटर लंबी नयी सीमा बाड़ (Border Fencing) के निर्माण का भी शिलान्यास किया गया. ये भी पढ़ें: अमित शाह के दौरे से पहले कोलकाता में बवाल, डॉ श्यामा प्रसाद की प्रतिमा के चबूतरे पर तोड़फोड़, तनाव The post अमित शाह ने कोलकाता में की हाई लेवल रिव्यू मीटिंग, कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा पर किया मंथन appeared first on Naya Vichar.

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‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने वालों की खैर नहीं; मानसून सत्र के पहले ही दिन कानून लाएंगे गृह मंत्री अमित शाह

Parliament Monsoon Session: 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने वाले इस मानसून सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए रविवार को प्रशासन ने सर्वदलीय बैठक बुलाई. तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) में हुई बगावत के मामलों को लेकर पूरे विपक्ष ने बैठक से कुछ देर के लिए वॉकआउट किया. बैठक में विपक्ष ने इन विषयों को उठाया बैठक अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी, सोनम वांगचुक के अनशन, विदेश नीति, पेपर लीक और कुछ अन्य विषयों को विपक्ष द्वारा उठाया गया. समाजवादी पार्टी ने घोषणा की है कि वह राम मंदिर चढ़ावा मामले को संसद में पुरजोर तरीके से उठाएगा. प्रशासन ने कुछ नए विधेयकों की घोषणा की है जिन्हें आगामी मानसून सत्र के दौरान लोकसभा या राज्यसभा में पेश किया जाएगा. किस बात को लेकर विपक्ष ने जताया विरोध विपक्ष का कड़ा विरोध इस बात पर था कि लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष अंतिम फैसला लंबित होने के बावजूद, टीएमसी के 20 बागी सांसदों के नए गुट ‘नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) को बैठक में क्यों आमंत्रित किया गया. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसे ‘मोदी प्रशासन का तानाशाही फैसला’ बताते हुए विरोध दर्ज कराया, वहीं शिवसेना (UBT) के अरविंद सावंत ने बागी सांसदों को मान्यता देने पर सवाल उठाए. प्रशासन इन विधेयकों को करेगी पेश राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 : यह विधेयक ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971’ में संशोधन के लिए लाया जा रहा है. इसके माध्यम से प्रशासन हमारे राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान को कानूनी रूप से और मजबूत करना चाहती है. इस विधेयक में प्रावधान है- यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है या इसके गायन में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न करता है, तो उसे दंडनीय अपराध माना जाएगा. जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 : यह विधेयक देश में जन्म और मृत्यु के आंकड़ों को अधिक सटीक और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है. इसका मुख्य लक्ष्य जन्म और मृत्यु के देर से होने वाले पंजीकरण पर लगाम लगाना है. इस विधेयक का प्रावधान है, इसके तहत विलंबित पंजीकरण से जुड़े नियमों और कानूनी प्रावधानों को पहले से कहीं अधिक सख्त बनाया जाएगा. आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 : यह विधेयक पहले से जारी एक अध्यादेश (Ordinance) को स्थाई कानून का रूप देने के लिए लाया जा रहा है. इसका उद्देश्य हिंदुस्तान प्रशासन की प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी संस्थागत या व्यक्तिगत निवेशकों को आकर्षित करना. इस विधेयक के तहत प्रशासनी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को मिलने वाली कर छूट के प्रावधानों को औपचारिक और स्थाई रूप दिया जाएगा. बैठक में कौन-कौन थे शामिल? बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू, कांग्रेस नेता जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी और कोडिकुनिल सुरेश, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए. ये भी पढ़ें: मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से विपक्ष का वॉकआउट, NCPI को बुलाए जाने पर आपत्ति The post ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने वालों की खैर नहीं; मानसून सत्र के पहले ही दिन कानून लाएंगे गृह मंत्री अमित शाह appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के मुख्यमंत्री ने संताली फिल्म ‘आंगेन’ के राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर दी बधाई

Angen National Film Award : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संताली फिल्म ‘आंगेन’ के निर्देशक रवि राज मुर्मू को राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर रविवार को बधाई दी. इस फिल्म ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में किसी निर्देशक की सर्वश्रेष्ठ पहली फिल्म का पुरस्कार जीता है. झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को मिली नई मजबूती  पीटीआई न्यूज एजेंसी के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह पुरस्कार मिलना झारखंड से उभर रही ‘‘असीम रचनात्मक प्रतिभा’’ को दर्शाता है और स्वदेशी कला, संस्कृति तथा सिनेमा के एक जीवंत केंद्र के रूप में राज्य की बढ़ती पहचान को और मजबूत करता है. मुख्यमंत्री ने रवि राज मुर्मू को दी बधाई  मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं रवि राज मुर्मू को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देता हूं. प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतना न केवल उनके लिए एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि झारखंड के लोगों और पूरे संताली भाषी समुदाय के लिए भी अत्यधिक गर्व का विषय है.’’उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने ‘आंगेन’ के जरिए राष्ट्रीय मंच पर संथाली भाषा, संस्कृति और किस्सागोई की समृद्ध परंपरा का प्रदर्शन किया है.’’ ये भी पढ़ें- जामताड़ा के सदर अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल, बिना इलाज के गर्भवती को बैरंग लौटाने का आरोप ये भी पढ़ें-चतरा के हंटरगंज में दो लाख की सुपारी देकर दिव्या की कराई गई हत्या, मामले में एक गिरफ्तार The post झारखंड के मुख्यमंत्री ने संताली फिल्म ‘आंगेन’ के राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर दी बधाई appeared first on Naya Vichar.

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Salman Khan Viral Video: चेहरे पर थकान, दुबला दिखा शरीर… क्या सचमुच खराब है सलमान खान की तबीयत? वायरल वीडियो से बढ़ी चर्चा

Fans Reaction on Viral Video, PC: Instagram Salman Khan Upcoming Movies: सलमान खान की अगली फिल्म कौन-सी है? वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान जल्द ही ‘मातृभूमि’ फिल्म में नजर आएंगे. इस फिल्म का पहले नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया. फिल्म में सलमान एक हिंदुस्तानीय सेना के कर्नल की भूमिका निभा रहे हैं. उनके साथ चित्रांगदा सिंह भी अहम रोल में नजर आएंगी. फिलहाल फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान नहीं किया गया है. ‘मातृभूमि’ के बाद सलमान खान निर्देशक वंशी पेडीपल्ली की अगली फिल्म में नजर आएंगे. इस फिल्म में उनके साथ साउथ की मशहूर एक्ट्रेस नयनतारा भी दिखाई देंगी. फिलहाल इस प्रोजेक्ट को SVC63 नाम से जाना जा रहा है और इसे ईद 2027 पर रिलीज करने की तैयारी है. यह भी पढ़ें: Bajrangi Bhaijaan: सलमान खान के हाथ पर हर्षाली को 20 बार थूकना पड़ा था चिकन… को-स्टार ने 10 साल बाद बताई शूटिंग की सच्चाई यह भी पढ़ें: क्या सच में गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं सलमान खान? वायरल पोस्ट में दावा- घरवाले इलाज कराने का दबाव बना रहे हैं The post Salman Khan Viral Video: चेहरे पर थकान, दुबला दिखा शरीर… क्या सचमुच खराब है सलमान खान की तबीयत? वायरल वीडियो से बढ़ी चर्चा appeared first on Naya Vichar.

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सोनम वांगचुक पूरे होश में हैं, सफदरजंग हॉस्पिटल के हेल्थ अपडेट में बताया गया-नॉर्मल हैं जरूरी पैरामीटर

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक शनिवार सुबह से दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती हैं. उनके स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ चारू बाम्बा ने बताया कि वह अभी पूरी तरह होश में हैं, अलर्ट हैं. उनका ब्लड प्रेशर, पल्स रेट, सैचुरेशन यानी ऑक्सीजन लेबल पूरी तरह नाॅर्मल है. सोनम वांगचुक का अनशन अभी भी जारी डॉ चारू बाम्बा ने मीडिया को बताया कि सोनम वांगचुक के जरूरी पैरामीटर नॉर्मल हैं. लेकिन उनके लैब पैरामीटर में थोड़ा बदलाव है, जिसकी वजह से हम उन्हें अस्पताल में जरूरी ट्रीटमेंट दे रहे हैं. चूंकि वे अभी भी अनशन पर हैं, इसलिए वह बहुत कमजोर हैं और इसकी वजह से कुछ कॉम्प्लीकेशंस भी हो सकते हैं. हमें लगता है कि उनकी लगातार मॉनिटरिंग करने की जरूरत है इसलिए हम उन्हें अस्पताल में ही रहने की सलाह देते हैं. इसकी वजह यह है कि अगर उन्हें तत्काल किसी भी तरह के इलाज की जरूरत हो तो उसे अविलंब उपलब्ध कराया जा सके. सोनम की पत्नी ने सफदरजंग अस्पताल पर जताया अविश्वास सोनम की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सफदरजंग अस्पताल पर अविश्वास जताते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है और कोर्ट से यह मांग की है कि उन्हें अपने पति सोनम वांगचुक को किसी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने की इजाजत दी जाए. गीतांजलि का कहना है कि सफदरजंग अस्पताल में इतने पुलिस हैं, जो शक पैदा करते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा मालूम होता है कि सोनम अस्पताल में नहीं बल्कि जेल में हैं. ये भी पढ़ें : सोनम वांगचुक के इलाज पर विवाद: हाईकोर्ट पहुंचीं पत्नी गीतांजलि, बोलीं- सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं The post सोनम वांगचुक पूरे होश में हैं, सफदरजंग हॉस्पिटल के हेल्थ अपडेट में बताया गया-नॉर्मल हैं जरूरी पैरामीटर appeared first on Naya Vichar.

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FIFA World Cup 2026 Final: फाइनल से पहले लियोनेल मेसी का भावुक पोस्ट, टीम के लिए कही यह बड़ी बात

Lionel Messi emotional message: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से ठीक एक दिन पहले अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने अपनी टीम के नाम एक बेहद भावुक संदेश साझा किया है. स्पेन के खिलाफ होने वाले खिताबी मुकाबले से पहले 39 वर्षीय मेसी ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनकी नजर में सबसे बड़ी उपलब्धि सिर्फ ट्रॉफियां नहीं, बल्कि टीम के साथ बिताया गया पूरा सफर और आपसी रिश्ते हैं. मेसी ने अपने संदेश के साथ अर्जेंटीना टीम के खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ की एक ग्रुप फोटो भी साझा की. इस तस्वीर के जरिए उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता और पारिवारिक माहौल है. View on Instagram मेसी का भावुक संदेश अपने भावुक संदेश में मेसी ने लिखा कि बीते वर्षों की सबसे खूबसूरत यादें केवल खिताब जीतने की नहीं हैं, बल्कि टीम के साथ बिताए गए हर पल की हैं. उन्होंने लिखा, “इन सभी वर्षों की सबसे खूबसूरत बात सिर्फ खिताब नहीं रहे, बल्कि पूरा सफर रहा. इस समूह के साथ हर दिन बिताना, साथ मिलकर मुकाबला करना, मुश्किल समय में एक-दूसरे को संभालना और हर कदम का आनंद लेना ही सबसे बड़ी उपलब्धि रही है.” मेसी ने साफ किया कि टीम की असली ताकत खिलाड़ियों के बीच भरोसा, दोस्ती और एक-दूसरे के लिए समर्पण है. कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ का भी जताया आभार मेसी ने अपने संदेश में केवल खिलाड़ियों का ही नहीं, बल्कि कोच लियोनेल स्कालोनी के नेतृत्व वाले कोचिंग स्टाफ और टीम के सपोर्ट स्टाफ का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया. उन्होंने लिखा, “मेरे हर साथी खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ और उन सभी शानदार लोगों का धन्यवाद, जो हर दिन इस राष्ट्रीय टीम को एक परिवार बनाए रखने के लिए मेहनत करते हैं. कल जो भी हो, यह समूह पहले ही ऐसी कहानी लिख चुका है जिसे हम कभी नहीं भूलेंगे और जिसे कोई मिटा नहीं सकता. वामोस अर्जेंटीना.” अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत पिछले कुछ वर्षों में अर्जेंटीना की सफलता के पीछे केवल शानदार प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि टीम के भीतर मजबूत एकता और आपसी विश्वास को भी बड़ी वजह माना जाता है. कप्तान मेसी कई मौकों पर इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि ड्रेसिंग रूम का माहौल और खिलाड़ियों के बीच गहरा जुड़ाव ही टीम को कठिन परिस्थितियों से बाहर निकालता है. फाइनल से पहले आया उनका यह संदेश भी उसी भावना को दर्शाता है और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है. तीसरा वर्ल्ड कप फाइनल स्पोर्ट्सेंगे मेसी स्पेन के खिलाफ होने वाला मुकाबला लियोनेल मेसी के करियर का तीसरा फीफा वर्ल्ड कप फाइनल होगा. इससे पहले वह 2014 में जर्मनी के खिलाफ फाइनल में उतरे थे, जहां अर्जेंटीना को हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद उन्होंने 2022 में अपनी कप्तानी में अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाया और लंबे इंतजार के बाद देश को तीसरा वर्ल्ड कप दिलाया. अब मेसी लगातार दूसरे विश्व कप खिताब के साथ अपने ऐतिहासिक करियर में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ने की कोशिश करेंगे. स्पेन होगी बड़ी चुनौती फाइनल में अर्जेंटीना के सामने मजबूत और संतुलित स्पेनिश टीम होगी. स्पेन पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबले तक पहुंचा है. ऐसे में फुटबॉल प्रेमियों को दो दिग्गज टीमों के बीच बेहद रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है. हालांकि अर्जेंटीना को भरोसा है कि टीम की एकजुटता, अनुभव और मेसी की कप्तानी उन्हें एक बार फिर इतिहास रचने का मौका दे सकती है. इसे भी पढ़े- FIFA World Cup 2026 Closing Ceremony: मेटलाइफ स्टेडियम में जुटेंगे ग्लोबल स्टार्स, जानिए कौन-कौन होंगे शामिल The post FIFA World Cup 2026 Final: फाइनल से पहले लियोनेल मेसी का भावुक पोस्ट, टीम के लिए कही यह बड़ी बात appeared first on Naya Vichar.

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