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July 19, 2026

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देवघर : श्रावणी मेला में दो सौ डॉक्टरों की होगी तैनाती, हर पांच किमी पर लगेंगे शिविर

Shravani Mela 2026 : श्रावणी मेला 2026 में श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए झारखंड प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही है. झारखंड में प्रवेश करते ही लोगों को कांवरियों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और उपचार मिले, इसके लिए हर कांवरिया पथ में हर पांच किलोमीटर पर अस्थायी स्वास्थ्य शिविर लगाये जायेंगे. स्वास्थ्य विभाग ने 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले मेले के लिए जिलों से 200 से ज्यादा चिकित्सकों को अस्थाई रूप से पदस्थापित करने पर विचार कर रहा है. डॉक्टरों के 80-80 के बैच का दो शिफ्ट में देवघर में तैनाती की जायेगी. वासुकिनाथ में भी डॉक्टरों की होगी तैनाती  दुमका के वासुकिनाथ में 20-20 चिकित्सकों का शिफ्ट होगा. वहीं, बड़ी संख्या में पैरामेडिकल स्टॉफ की प्रतिनियुक्ति की जायेगी. सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ) के नेतृत्व में एमपीडब्ल्यू स्टॉफ की भी प्रतिनियुक्ति के लिए निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा डॉ सिद्धार्थ सान्याल की ओर से फाइल आगे बढ़ायी गयी है. कावंरिया पथ पर विशेष स्वास्थ्य शिविर स्थापित किये गये हैं. इन शिविरों में 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जायेंगी. 24 घंटे कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं को मिलेगी सेवा  सभी डॉक्टर स्थानीय जिलों के उपायुक्त और सिविल सर्जन के निर्देश पर काम करेंगे, ताकि मुख्य राजमार्गों से इतर सुदूरवर्ती रूटों पर भी शिवभक्तों को मरहम-पट्टी के साथ ही आकस्मिक रूप से कांवरियों को 24 घंटे तत्काल इलाज मिल सके. श्रावणी मेला को लेकर 20 जुलाई को होगी बैठक देवघर जिला परिसदन सभागार कक्ष में श्रावणी मेला, 2026 के सफल आयोजन को लेकर 20 जुलाई यानि सोमवार को बैठक होगी. बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी भी शामिल होंगे. संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला ने उपायुक्त देवघर और संताल परगना के क्षेत्रीय उप निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र लिखा है. इसमें विभाग से संबंधित तैयारियों पर विस्तृत समीक्षा की जायेगी. ये भी पढ़ें- जामताड़ा के सदर अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल, बिना इलाज के गर्भवती को बैरंग लौटाने का आरोप ये भी पढ़ें-चतरा के हंटरगंज में दो लाख की सुपारी देकर दिव्या की कराई गई हत्या, मामले में एक गिरफ्तार The post देवघर : श्रावणी मेला में दो सौ डॉक्टरों की होगी तैनाती, हर पांच किमी पर लगेंगे शिविर appeared first on Naya Vichar.

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Scorpio N Facelift से BE 07 EV तक! अगस्त में Mahindra रिवील कर सकती है 3 नई दमदार SUVs

Mahindra & Mahindra हर साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने फ्यूचर की मोबिलिटी तकनीकों और नए कॉन्सेप्ट गाड़ियों की झलक दिखाने के लिए जानी जाती है. पिछले कुछ सालों में कंपनी ने इसी दिन अपने Born Electric SUV कॉन्सेप्ट (XUV.e और BE), Thar.e, Global Pik Up Concept और NU_IQ प्लेटफॉर्म पर बेस्ड Vision Concept को पेश किया था. अब इस बार भी कंपनी 15 अगस्त 2026 को तीन दिन का मेगा इवेंट करने जा रही है, जहां कई नए मॉडल्स रिवील किये जा सकते हैं. हालांकि, Mahindra ने अभी तक ऑफिशियली लॉन्च होने वाले सभी मॉडल्स को कन्फर्म नहीं किया है, लेकिन रिपोर्ट्स और सामने आई जानकारी के आधार पर इस इवेंट में कई बड़े प्रोडक्ट्स देखने को मिल सकते हैं. Mahindra Scorpio N Facelift से उठ सकता है पर्दा Mahindra अपनी पॉपुलर SUV Scorpio N का फेसलिफ्ट वर्जन 15 अगस्त के आसपास पेश कर सकती है. नई 2026 Scorpio N में डिजाइन और फीचर्स को पहले से ज्यादा प्रीमियम बनाया जाएगा, जबकि इसके इंजन में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है. स्पाई इमेज के मुताबिक, नई Scorpio N में रीडिजाइन फ्रंट ग्रिल, नए LED हेडलैंप और अपडेटेड फ्रंट बंपर देखने को मिल सकते हैं. साइड प्रोफाइल पहले जैसी ही रहेगी, लेकिन इसमें नए डिजाइन के बड़े अलॉय व्हील्स दिए जा सकते हैं. केबिन में भी कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे. SUV में बड़ा 10.25-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, नया डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स और पहली बार पैनोरमिक सनरूफ मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा Mahindra अपने ADAS (Advanced Driver Assistance System) फीचर्स को ज्यादा वेरिएंट्स में उपलब्ध करा सकती है. इंजन की बात करें तो इसमें मौजूदा 2.2-लीटर टर्बो डीजल और 2.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन ही जारी रहने की उम्मीद है. Production Version में आ सकती है Mahindra Vision S Mahindra अपने Vision S Concept पर बेस्ड नई सब-4 मीटर SUV का प्रोडक्शन रेडी मॉडल भी 15 अगस्त को पेश कर सकती है. यह कंपनी के नए NU_IQ प्लेटफॉर्म पर आधारित पहली SUV होगी. डिजाइन की बात करें, तो इसका बॉक्सी और दमदार लुक काफी हद तक कॉन्सेप्ट मॉडल जैसा ही रहने की उम्मीद है. हालांकि, कॉन्सेप्ट में दिखाए गए कुछ एक्सट्रीम डिजाइन एलिमेंट्स जैसे बोनट पर लगे एक्सेसरीज, रूफ-माउंटेड लाइट्स, स्टेप लैडर और जेरी कैन को प्रोडक्शन मॉडल में हटाया जा सकता है या फिर इन्हें एक्सेसरी के तौर पर पेश किया जा सकता है. NU_IQ प्लेटफॉर्म की खासियत यह है, कि यह मल्टी-पावरट्रेन को सपोर्ट करता है. ऐसे में Vision S को पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन ऑपशंस के साथ लाया जा सकता है. Mahindra BE 07 Electric SUV की भी हो सकती है एंट्री Mahindra अपने Born Electric पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए BE 07 इलेक्ट्रिक SUV की नियर-प्रोडक्शन झलक भी इस इवेंट में दिखा सकती है. यह SUV कंपनी के INGLO प्लेटफॉर्म पर तैयार की जाएगी. डिजाइन की बात करें, तो BE 07 में कॉन्सेप्ट मॉडल वाले कई फ्यूचरिस्टिक एलिमेंट्स देखने को मिल सकते हैं. इनमें क्लोज्ड फ्रंट ग्रिल, शार्प LED प्रोजेक्टर हेडलैंप, LED फॉग लैंप, स्पोर्टी फ्रंट बंपर, बड़े अलॉय व्हील्स, कूपे-स्टाइल स्लोपिंग रूफलाइन, वर्टिकली स्टैक्ड LED टेललैंप और कॉम्पैक्ट रियर विंडशील्ड शामिल हो सकते हैं. बैटरी और पावरट्रेन की बात करें, तो BE 07 में वही सेटअप मिलने की उम्मीद है जो XUV 9S इलेक्ट्रिक SUV में दिया जा रहा है. इसमें 59kWh, 70kWh और 79kWh बैटरी पैक के ऑप्शन मिल सकते हैं, जिससे अलग-अलग रेंज और परफॉर्मेंस विकल्प ग्राहकों को उपलब्ध होंगे. 15 अगस्त के इवेंट पर रहेंगी सभी की नजरें Mahindra का स्वतंत्रता दिवस इवेंट हर साल ऑटो इंडस्ट्री के लिए बेहद खास माना जाता है. इस बार भी कंपनी नई तकनीकों, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और अपनी अगली जेनरेशन की SUVs से जुड़े कई बड़े ऐलान कर सकती है. अगर ये सभी मॉडल्स पेश किए जाते हैं, तो आने वाले महीनों में हिंदुस्तानीय SUV और EV बाजार में कॉम्पिटिशन और भी तेज होने की उम्मीद है. यह भी पढ़ें: Baby Defender में मिलेंगे इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड के दोनों ऑप्शन, 4.5 मीटर की दमदार SUV ला रही JLR The post Scorpio N Facelift से BE 07 EV तक! अगस्त में Mahindra रिवील कर सकती है 3 नई दमदार SUVs appeared first on Naya Vichar.

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खान सर ने कहा- जो मुझे जीजा मानता है, वही फैजल खान कहता है, दो आधार कार्ड के आरोपों पर भी दी सफाई

Khan Sir Controversy: पटना कोचिंग विवाद की जांच के बीच खान सर उर्फ फैजल खान का एक नया बयान चर्चा में है. एक पॉडकास्ट में उन्होंने पहली बार अपने नाम और पहचान को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि जिन छात्रों को उन्होंने पढ़ाया है, उनके लिए वह आज भी खान सर हैं और आगे भी खान सर ही रहेंगे. इसी दौरान उन्होंने अपनी शादी का जिक्र करते हुए कहा कि मेरी शादी हो चुकी है. ससुराल वाले मुझे फैजल खान कहते हैं. जो मुझे जीजा मानता है, वही फैजल खान कहता है. उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कोर्ट से मिली राहत का भी किया जिक्र फैजल खान ने कहा कि हाल ही में उन्हें, उनके बॉडीगार्ड और तीन स्टाफ को अदालत से राहत मिली है. उन्होंने बताया कि कोर्ट ने उनके खिलाफ ‘नो कोर्सिव एक्शन’ का आदेश दिया है. इसका मतलब है कि पुलिस फिलहाल उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती. अग्रिम जमानत भी मिल गई है. उन्होंने कहा कि यह किसी प्रभाव का नहीं, बल्कि कानून की प्रक्रिया का मामला है. उनका कहना था कि उन्होंने किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा नहीं किया है और उनका मामला राज्य प्रशासन से जुड़ा है. 2 जून की घटना पर क्या बोले? 2 जून को हुई विवादित घटना पर भी फैजल खान ने अपनी बात रखी. उन्होंने दावा किया कि उनके कैंपस का गार्ड चुनचुन 15 से 20 लोगों से घिर गया था और उसकी पिटाई की जा रही थी. उसे बचाने के लिए उनके लोग पहुंचे. उन्होंने कहा कि उनके बॉडीगार्ड ने चुनचुन की जान बचाने के लिए हवाई फायरिंग की. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि घटना के समय उन्हें फायरिंग की जानकारी नहीं थी. बाद में जब पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज आया, तब उन्हें पूरी जानकारी मिली. फायरिंग को लेकर उठ रहे सवाल फायरिंग को लेकर फैजल खान का यह बयान सवालों के घेरे में भी है. आलोचकों का कहना है कि शुरुआती दौर में उन्होंने फायरिंग की बात स्वीकार नहीं की थी. बाद में सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद उन्होंने कहा कि बॉडीगार्ड ने गार्ड की जान बचाने के लिए गोली चलाई थी. यही वजह है कि इस मामले को लेकर अब भी कई सवाल उठ रहे हैं और जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं. दो आधार कार्ड और अमित सिंह नाम पर जवाब दो आधार कार्ड और अमित सिंह नाम इस्तेमाल करने के आरोपों को फैजल खान ने पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि यह बेबुनियाद आरोप हैं. उनके मुताबिक, कभी-कभी होटल या कमरा लेने के दौरान उन्होंने अमित सिंह नाम बताया था, लेकिन दो आधार कार्ड होने की बात पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनकी सफलता से परेशान हैं और इसी वजह से इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें ’10 से 15 शिक्षक ही लगातार विरोध कर रहे’ शिक्षकों से विवाद के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक उनके विरोधी नहीं हैं. उनके मुताबिक, केवल 10 से 15 लोग ही लगातार विरोध कर रहे हैं. कोचिंग और अस्पताल में सिर्फ कैश लेने के आरोपों पर भी उन्होंने सफाई दी. उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत फीस ऑनलाइन ली जाती है. कैश केवल उन ग्रामीण छात्रों से लिया जाता है, जिनके पास डिजिटल भुगतान की सुविधा नहीं होती. पाकिस्तान भागने और टीवी विवाद पर प्रतिक्रिया फैजल खान ने पाकिस्तान भागने की चर्चाओं को पूरी तरह अफवाह बताया. उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपों का कोई आधार नहीं है. एक टीवी चैनल द्वारा उनके घर की तस्वीरें दिखाने पर उन्होंने नाराजगी जताई. उनका कहना था कि इससे उनकी निजता का उल्लंघन हुआ. फिलहाल पटना कोचिंग विवाद की जांच जारी है. इस बीच फैजल खान का “जो मुझे जीजा मानता है, वही फैजल खान कहता है” वाला बयान सबसे ज्यादा चर्चा में बना हुआ है. Also Read: क्या हमने कहा था कि कमर में पिस्टल लेकर घूमो? कोचिंग विवाद पर पहली बार बोले खान सर, प्रिंस यादव को लेकर किए ये दावे The post खान सर ने कहा- जो मुझे जीजा मानता है, वही फैजल खान कहता है, दो आधार कार्ड के आरोपों पर भी दी सफाई appeared first on Naya Vichar.

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Ramayana: ‘हनुमान जी का किरदार निभाना आसान नहीं’, सनी देओल ने बताई सबसे बड़ी चुनौती, बोले- अभी तो सफर लंबा है

Sunny Deol Ramayana Hanuman: फिल्म ‘रामायण’ में सनी देओल भगवान हनुमान का किरदार निभा रहे हैं. अब उन्होंने पहली बार इस रोल को लेकर खुलकर बात की है. 18 जुलाई को नई दिल्ली के हिंदुस्तान मंडपम में फिल्म के प्रमोशनल इवेंट के दौरान एक्टर ने कहा कि उन्होंने अभी फिल्म पर बहुत कम काम किया है. सनी ने कहा, “सच कहूं तो मैंने अभी फिल्म की सिर्फ थोड़ी-सी शूटिंग की है. मुझे अभी बहुत लंबा सफर तय करना है.” Sunny Deol On Playing Hanuman: सनी देओल बोले- हनुमान जी का किरदार निभाना बड़ी जिम्मेदारी सनी देओल ने फिल्म के मेकर्स का धन्यवाद करते हुए कहा, “मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि मुझे हनुमान जी का किरदार निभाने का मौका मिला. मैं पूरी कोशिश करूंगा कि इस किरदार को पूरी ईमानदारी और सही भावना के साथ पर्दे पर उतार सकूं. हनुमान जी का किरदार निभाना बिल्कुल आसान नहीं है. लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि मैं इसे निभाते हुए बहुत आनंद महसूस करूंगा. वह चंचल हैं, मासूम हैं, बेहद शक्तिशाली हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि वह भगवान श्रीराम के सबसे बड़े भक्त हैं. यही उन्हें सबसे खास बनाता है.” दर्शकों से मांगा आशीर्वाद सनी देओल ने यह भी स्वीकार किया कि बड़े मंच पर लोगों के सामने बोलना उनके लिए हमेशा आसान नहीं होता. उन्होंने कहा, “हमने बहुत बड़ा और खास प्रोजेक्ट अपने हाथ में लिया है. इसे सफल बनाने के लिए आप सभी के आशीर्वाद की जरूरत है. मुझे पूरा विश्वास है कि इस देश का हर हिंदुस्तानीय ‘रामायण’ जरूर देखेगा.” Ramayana Release Date: कब रिलीज होगी ‘रामायण’? निर्देशक नितेश तिवारी की ‘रामायण’ दो भागों में बनाई जा रही है और इसे IMAX फॉर्मेट में शूट किया जा रहा है. फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण और सनी देओल हनुमान जी की भूमिका में नजर आएंगे. फिल्म का पहला भाग 2026 में रिलीज होगा, जबकि इसका दूसरा और अंतिम भाग 2027 में सिनेमाघरों में आएगा. ये भी पढ़ें: अक्षय खन्ना क्यों चाहते थे सनी देओल से पहले सेट पर पहुंचना? ‘इक्का’ डायरेक्टर ने बताया राज The post Ramayana: ‘हनुमान जी का किरदार निभाना आसान नहीं’, सनी देओल ने बताई सबसे बड़ी चुनौती, बोले- अभी तो सफर लंबा है appeared first on Naya Vichar.

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ग्राहक संतुष्टि सर्वे में रांची एयरपोर्ट देश में तीसरे, देवघर आठवें स्थान पर

Ranchi and Deoghar Airport Ranking : हिंदुस्तानीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) द्वारा जनवरी से जून 2026 के बीच कराये गये ग्राहक संतुष्टि सर्वे में झारखंड के दो एयरपोर्ट रांची और देवघर ने शानदार प्रदर्शन किया है. रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को देशभर में तीसरा और देवघर एयरपोर्ट को आठवां स्थान मिला है. वर्ष 2025 में रांची एयरपोर्ट पांचवें और देवघर एयरपोर्ट 9वें स्थान पर था. सर्वे में रांची एयरपोर्ट को 4.96 अंक मिले हैं. पिछली बार 4.95 अंक मिले थे. वहीं, देवघर एयरपोर्ट को 4.91 अंक मिले हैं, जबकि पिछले वर्ष 4.94 अंक मिले थे. 2024 के मुकाबले रांची एयरपोर्ट की रैंकिंग में सुधार  वर्ष 2024 में हुए सर्वे में दोनों एयरपोर्ट टॉप-30 में भी शामिल नहीं थे. सर्वे में वर्ष 2024 के दिसंबर में रांची एयरपोर्ट को 4.69 अंक और देवघर एयरपोर्ट को 4.30 अंक मिले थे. एएआइ हर साल दो बार सर्वे कराता है. इसमें उन एयरपोर्ट को शामिल किया जाता है, जहां सालाना 30 लाख से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है. इस बार देशभर के 63 एयरपोर्ट को सर्वे में शामिल किया गया. सर्वे सैंपलिंग पद्धति पर आधारित होता है. इस बार रांची एयरपोर्ट ने ग्वालियर, गया, कुल्लू मनाली, अयोध्या, हुबली, जम्मू, अगरतला, लेह व जबलपुर एयरपोर्ट को पीछे छोड़ दिया है. उदयपुर व औरंगाबाद एयरपोर्ट पहले नंबर पर उदयपुर और औरंगाबाद एयरपोर्ट ने 4.98-4.98 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया. दूसरे स्थान पर मदुरै व विजयवाड़ा (4.97 अंक), तीसरे स्थान पर भोपाल, वडोदरा, जामनगर व रांची एयरपोर्ट (4.96 अंक), चौथे स्थान पर ग्वालियर व गया (4.95 अंक), पांचवें स्थान पर कुल्लू मनाली और अयोध्या (4.94 अंक), छठे स्थान पर हुबली, जम्मू व अगरतला (4.93 अंक), सातवें स्थान पर लेह व जबलपुर (4.92 अंक), आठवें स्थान पर देवघर व राजमुंदरी (4.91 अंक), नौवें स्थान पर कोल्हापुर, बेलगावी, तूतीकोरिन, प्रयागराज व शिलांग (4.89 अंक) तथा 10वें स्थान पर बरेली, जोधपुर, आगरा व विशाखापट्टनम (4.88 अंक) एयरपोर्ट रहे. इसे भी पढ़ें: रूस की क्रीमिया फेडरल यूनिवर्सिटी से डॉ. अनन्य नमन केशरी बने एमबीबीएस, पिठोरिया में खुशी का माहौल इसे भी पढ़ें: ‘कई अधिकारी न समय पर पत्रों का जवाब देते हैं, ना ही फोन उठाते हैं’, वित्त मंत्री ने अपर मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी The post ग्राहक संतुष्टि सर्वे में रांची एयरपोर्ट देश में तीसरे, देवघर आठवें स्थान पर appeared first on Naya Vichar.

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क्यों होती थी पुराने घरों में खपरैल की छत? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

Old House Roof Design: आज ज्यादातर घरों में RCC और सीमेंट की छतें देखने को मिलती हैं, लेकिन एक समय था जब गांवों और कस्बों के घरों की पहचान खपरैल की छत हुआ करती थी. मिट्टी से तैयार किए गए ये खपरे सिर्फ घर की सुंदरता नहीं बढ़ाते थे, बल्कि मौसम के हिसाब से घर को आरामदायक बनाए रखने में भी मदद करते थे. पुराने लोग बिना आधुनिक सुविधाओं के भी घरों को ठंडा और सुरक्षित रखने के तरीके जानते थे. खपरैल की छत उसी पारंपरिक समझ का एक बेहतरीन उदाहरण थी. आइए जानते हैं, आखिर क्यों सदियों तक इनका इस्तेमाल किया जाता रहा. गर्मी में देती थी प्राकृतिक ठंडक गर्मियों में सीमेंट की छतें जल्दी गर्म हो जाती हैं, लेकिन मिट्टी से बने खपरैल सूरज की तेज गर्मी को कम असर के साथ अंदर पहुंचने देते थे. इसकी वजह से घर का तापमान संतुलित रहता था और अंदर का माहौल ठंडा बना रहता था. खपरैल को एक खास तरीके से जमाया जाता था, जिससे उनके बीच हवा के लिए जगह बनी रहती थी. यह हवा का प्रवाह बनाए रखता था और गर्म हवा को बाहर निकलने में मदद करता था. बारिश के मौसम में भी रहती थी सुरक्षित बारिश वाले इलाकों में खपरैल की छत काफी उपयोगी साबित होती थी. इन्हें थोड़ी ढलान के साथ बनाया जाता था, ताकि पानी छत पर जमा न हो. खपरे एक-दूसरे से जुड़े होने के कारण बारिश का पानी आसानी से नीचे गिर जाता था और घर को नमी से बचाने में मदद मिलती थी. स्थानीय सामान से कम खर्च में तैयार होती थी खपरैल बनाने के लिए मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता था, जो आसानी से उपलब्ध होती थी. गांवों में स्थानीय कारीगर इन्हें तैयार करते थे, जिससे लोगों को ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता था। यही वजह थी कि ये आम लोगों के लिए किफायती विकल्प हुआ करती थीं. टूटने पर पूरी छत बदलने की जरूरत नहीं खपरैल की एक खासियत यह भी थी कि इसकी देखभाल आसान होती थी. अगर कुछ खपरे खराब हो जाते थे, तो सिर्फ उन्हें बदलकर छत को दोबारा ठीक किया जा सकता था. इससे समय और पैसे दोनों की बचत होती थी. पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प मिट्टी से बनने वाली खपरैल प्राकृतिक होती थीं और इन्हें बनाने में आधुनिक निर्माण सामग्री की तुलना में कम संसाधनों की जरूरत पड़ती थी. यही कारण है कि आज भी कई लोग पारंपरिक और पर्यावरण के अनुकूल घरों के लिए खपरैल डिजाइन पसंद करते हैं. पुराने समय की खपरैल छतें सिर्फ मजबूरी का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि मौसम, संसाधन और जरूरत को समझकर बनाई गई एक स्मार्ट तकनीक थीं. यह भी पढ़ें: पुराने घरों के बीच में क्यों होता था आंगन? वजह जानकर कहेंगे- हमारे पूर्वज कितने समझदार थे The post क्यों होती थी पुराने घरों में खपरैल की छत? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान appeared first on Naya Vichar.

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सोनम वांगचुक के इलाज पर बना सस्पेंस : अस्पताल बोला- हर पल कीमती, परिवार की मंजूरी बाकी

सफदरजंग अस्पताल ने शनिवार रात (18 जुलाई) करीब 9 बजे जारी बयान में कहा कि सोनम वांगचुक फिलहाल होश में हैं. उनकी नाड़ी, ब्लड प्रेशर और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य है. लेकिन लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने की वजह से उनके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के लक्षण दिख रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत बिगड़ने से रोकने के लिए तुरंत मुंह या नस के जरिए तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट देना जरूरी है. दिल्ली पुलिस शनिवार को भूख हड़ताल के 21वें दिन सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले गई. वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं. वह नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं. उनके स्वास्थ्य को देखते हुए पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची. स्पेशल डॉक्टर ने भी सोनम वांगचुक की जांच की दिल्ली एम्स के एक स्पेशल डॉक्टर ने भी सोनम वांगचुक की जांच की. उन्होंने सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों की राय से सहमति जताई और कहा कि वांगचुक को बिना देरी किए तरल पदार्थ (फ्लूइड) और इलेक्ट्रोलाइट देना जरूरी है, ताकि उनकी तबीयत और न बिगड़े. सफदरजंग अस्पताल ने बताया कि एम्स के एक डॉक्टर को भी सोनम वांगचुक का इलाज कर रही टीम में शामिल किया गया है. यह डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर रखेंगे और जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज और दूसरी जरूरी मदद उपलब्ध कराएंगे. ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर भड़के राहुल गांधी, कहा- असत्य और हिंसा मोदी प्रशासन के मूल सिद्धांत सोनम वांगचुक के परिवार ने भी नहीं दी इलाज के लिए सहमति अस्पताल ने बताया कि डॉक्टरों और स्पेशल एक्सपर्ट ने कई बार सोनम वांगचुक को इलाज कराने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने ड्रिप, ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) और दूसरी दवाएं लेने से इनकार कर दिया. अस्पताल के मुताबिक, उनके परिवार ने भी अब तक इलाज के लिए अपनी सहमति नहीं दी है. The post सोनम वांगचुक के इलाज पर बना सस्पेंस : अस्पताल बोला- हर पल कीमती, परिवार की मंजूरी बाकी appeared first on Naya Vichar.

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सहरसा के आदित्य कुमार, NEET में पाई सफलता, सच हुआ MBBS का सपना

NEET Success Story: नीट यूजी परीक्षा का रिजल्ट जारी किया जा चुका है. इस बार के रिजल्ट में बिहार के छात्रों का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा. इन्हीं में से एक सहरसा जिले के आदित्य कुमार हैं, जिन्होंने 720 में से 571 मार्क्स लाकर AIR रैंक 22,888 हासिल किया है. अब आदित्य का डॉक्टर बनने का सपना पूरा होगा. इस रैंक पर उन्हें बिहार में कोई मेडिकल कॉलेज मिल जाएगा. गांव से हुई पढ़ाई, NEET की तैयारी के लिए कोटा गए Gen-EWS कैटेगरी रैंक 2,710 के साथ आदित्य का प्रशासनी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन पक्का है. आदित्य के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचने का सपना देखना भी इतना आसान नहीं था. उनकी शुरुआती पढ़ाई उनके गांव लगमा से हुई है. नीट की तैयारी के लिए आदित्य कोटा गए, वहां उन्होंने कड़ी मेहनत की. शुरुआत में आदित्य को थोड़ी दिक्कतें आईं लेकिन समय के साथ उन्होंने खुद को एडजस्ट कर लिया. आदित्य कुमार रिजल्ट माता-पिता ने किया सपोर्ट आदित्य कुमार सहरसा जिले के सोनवर्षा राज प्रखंड स्थित लगमा गांंव के निवासी हैं. उनके पिता मुकेश कुमार और मां मुनचुन देवी ने उन्हें हमेशा अच्छा स्कोर हासिल करने के लिए मोटिवेट किया है. आज इसी का नतीजा है कि उन्होंने नीट में सफलता पाई है. आदित्य भी अपनी सफलता का क्रेडिट माता-पिता को देते हैं. NEET रिजल्ट में बिहार का प्रदर्शन अच्छा रहा आदित्य कुमार ने NEET में सफलता हासिल करके न सिर्फ अपने जिले का बल्कि पूरे बिहार का नाम रोशन किया है. इस बार के रिजल्ट में बिहार का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा. इस बार के रिजल्ट में देशभर के 66 शहरों से टॉपर्स निकले हैं. 705 से अधिक मार्क्स हासिल करने वाले टॉप 17 कैंडिडेट्स आठ राज्यों, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और तेलंगाना से हैं. यह भी पढ़ें- एक ही घर से निकले दो ‘धुरंधर’, भाई-बहन ने अपने दूसरे प्रयास में NEET में पाई सफलता The post सहरसा के आदित्य कुमार, NEET में पाई सफलता, सच हुआ MBBS का सपना appeared first on Naya Vichar.

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हावड़ा में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा दही उत्पादन संयंत्र, अमित शाह आज रखेंगे आधारशिला, अमूल करेगा 700 करोड़ का निवेश

White Revolution 2.0: पश्चिम बंगाल में श्वेत क्रांति (White Revolution) को नया आयाम देने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह रविवार (19 जुलाई 2026) को कोलकाता के न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में एक ऐतिहासिक परियोजना की आधारशिला रखेंगे. अमूल बंगाल डेरी परियोजना के तहत कोलकाता में दुनिया के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र (World’s Largest Curd Production Plant) का भूमिपूजन किया जायेगा. इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सहित सहकारिता क्षेत्र के कई दिग्गज और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे. हावड़ा फूड पार्क में लगेगा संयंत्र, हर दिन 30 लाख लीटर दूध का होगा प्रसंस्करण सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक, अमूल (Amul) राज्य के हावड़ा फूड पार्क में लगभग 700 करोड़ रुपए के भारी-भरकम निवेश के साथ इस महत्वाकांक्षी ‘अमूल बंगाल डेरी परियोजना’ की शुरुआत कर रहा है. संयंत्र अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा और इसकी क्षमताएं इस प्रकार होंगी. दूध प्रसंस्करण : परियोजना के पूरी तरह तैयार हो जाने पर यहां रोजाना लगभग 30 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जा सकेगा. दही का रिकॉर्ड उत्पादन : इस मेगा प्लांट में प्रतिदिन करीब 1,000 टन (10 लाख किलोग्राम) दही और अन्य किण्वित (कल्चर्ड) दुग्ध उत्पाद तैयार किये जायेंगे, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा दही संयंत्र बनायेंगे. अन्य दुग्ध उत्पाद : इसके अलावा यहां हर दिन 10 लाख लीटर पैकेज्ड दूध, 2 लाख लीटर यूएचटी दूध, 1 लाख लीटर आइसक्रीम, 20 टन पनीर, 10 टन घी, 10 टन पारंपरिक मिठाइयां और 2.5 लाख पैक फ्लेवर्ड मिल्क का उत्पादन भी किया जायेगा. ये भी पढ़ें: सिलीगुड़ी के पास BSF चौकी पहुंचे अमित शाह, सीमा सुरक्षा की समीक्षा और ‘चिकन नेक’ पर किया महामंथन 1.25 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ पश्चिम बंगाल में अमूल का नेटवर्क तेजी से मजबूत हो रहा है. वर्तमान में राज्य के 1.25 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक किसान अमूल के सहकारी नेटवर्क से सीधे जुड़े हुए हैं. इनमें 30,000 से अधिक स्त्री किसान हैं. इस सशक्त नेटवर्क के जरिये राज्य से रोजाना करीब 9 लाख लीटर दूध की खरीद की जा रही है, जिसे इस नये प्लांट के आने के बाद और विस्तार मिलेगा. ये भी पढ़ें: अमित शाह की बंगाल यात्रा का मकसद! ‘श्वेत क्रांति 2.0’ और डिजिटल सहकारिता की शुरुआत अपने इस दौरे के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह राज्य को कई अन्य डिजिटल और ढांचागत सौगातें भी देंगे. पंजीकरण प्रमाणपत्र : अमित शाह ‘श्वेत क्रांति 2.0’ के तहत राज्य में नवगठित 200 से अधिक डेरी सहकारी समितियों और 11 बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समितियों में से चुनिंदा समितियों को प्रतीकात्मक रूप से पंजीकरण प्रमाणपत्र सौंपेंगे. e-RCS पोर्टल लांच : बंगाल में सहकारी समितियों के निबंधक (रजिस्ट्रार) कार्यालय के कामकाज को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए विकसित किये गये ‘ई-आरसीएस पोर्टल’ (e-RCS Portal) की शुरुआत की जायेगी. गोदामों की सौगात : अमित शाह राज्य के 10 अलग-अलग जिलों में कुल 1,400 मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता वाले 14 नये गोदामों की भी आधारशिला रखेंगे. हिंदुस्तान टैक्सी के साथ होगा एमओयू इसके साथ ही, कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग और ‘हिंदुस्तान टैक्सी’ के बीच राज्य में ट्रांसपोर्ट व आवागमन सेवाओं के विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी किये जायेंगे. The post हावड़ा में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा दही उत्पादन संयंत्र, अमित शाह आज रखेंगे आधारशिला, अमूल करेगा 700 करोड़ का निवेश appeared first on Naya Vichar.

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FIFA World Cup 2026: रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड की जीत, फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा

FIFA World Cup 2026 third place playoff: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में फुटबॉल प्रेमियों को ऐसा रोमांच देखने को मिला, जिसे वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे यादगार मुकाबलों में लंबे समय तक याद रखा जाएगा. कुल 10 गोलों से भरपूर इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया. इस मैच ने 1982 के बाद वर्ल्ड कप के किसी मुकाबले में सबसे अधिक 10 गोल होने का रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज करा लिया. इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक फुटबॉल स्पोर्ट्सी, पहले हाफ में 4-0 की बढ़त बनाई, जबकि दूसरे हाफ में फ्रांस ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को 4-3 तक पहुंचा दिया. हालांकि अंतिम मिनटों में बुकायो साका की हैट्रिक और जूड बेलिंगहैम के इंजरी टाइम गोल ने इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी. पहले हाफ में इंग्लैंड का दबदबा इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत से ही फ्रांस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. तीसरे मिनट में कप्तानी कर रहे डेक्लान राइस ने लगभग 25 गज की दूरी से शानदार लंबी दूरी का शॉट लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी. 18वें मिनट में राइस के कॉर्नर किक पर एजरी कोन्सा ने बेहतरीन हेडर लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया. फ्रांस की रक्षापंक्ति पूरी तरह बिखरी नजर आई और इंग्लैंड ने इसका पूरा फायदा उठाया. इसके बाद बुकायो साका ने अपना जलवा दिखाया. उन्होंने 37वें और 43वें मिनट में लगातार दो गोल दागकर इंग्लैंड को हाफटाइम तक 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी. पहले 45 मिनट में फ्रांस की टीम पूरी तरह संघर्ष करती नजर आई. डेशॉ के चार बदलावों ने बदली फ्रांस की तस्वीर हाफटाइम के बाद फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशचैम्प्स ने एक साथ चार बदलाव किए. उस्मान डेम्बेले और ब्रैडली बारकोला के मैदान पर आने के बाद फ्रांस के आक्रमण में नई ऊर्जा दिखाई दी. 48वें मिनट में किलियन एम्बाप्पे ने गोल कर फ्रांस की वापसी की शुरुआत की. इसके दस मिनट बाद ब्रैडली बारकोला ने शानदार गोल दागते हुए स्कोर 4-2 कर दिया. 67वें मिनट में एम्बाप्पे ने अपना दूसरा गोल दागकर मुकाबले को 4-3 तक पहुंचा दिया. इसके बाद इंग्लैंड की बढ़त केवल एक गोल रह गई और मुकाबले में रोमांच चरम पर पहुंच गया. एमबाप्पे ने तोड़ा मेसी का रिकॉर्ड अपने दूसरे गोल के साथ किलियन एम्बाप्पे ने वर्ल्ड कप इतिहास में अपने करियर का 22वां गोल पूरा किया. इसके साथ ही उन्होंने लियोनल मेसी के 21 वर्ल्ड कप गोलों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया. इतना ही नहीं, इस टूर्नामेंट में एम्बाप्पे के 10 गोल हो गए और वह गोल्डन बूट की दौड़ में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए. हालांकि उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियां फ्रांस को हार से नहीं बचा सकीं. साका की हैट्रिक फ्रांस की लगातार वापसी के बीच इंग्लैंड को 87वें मिनट में पेनल्टी मिली. बुकायो साका ने पूरी सटीकता के साथ गेंद को गोल में पहुंचाकर अपना तीसरा गोल पूरा किया और हैट्रिक जमाते हुए इंग्लैंड को 5-3 की बढ़त दिला दी. लेकिन मुकाबला अभी खत्म नहीं हुआ था. स्टॉपेज टाइम में उस्मान डेम्बेले ने गोल कर स्कोर 5-4 कर दिया और फ्रांस की उम्मीदें एक बार फिर जगा दीं. इसी दौरान इंजरी टाइम के आठवें मिनट यानी 98वें मिनट में बतौर विकल्प मैदान पर उतरे जूड बेलिंगहैम ने तेज काउंटर अटैक पर शानदार गोल दागकर इंग्लैंड की 6-4 की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित कर दी. 1966 के बाद इंग्लैंड का सर्वश्रेष्ठ वर्ल्ड कप प्रदर्शन इस जीत के साथ इंग्लैंड ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में तीसरा स्थान हासिल किया. 1966 में वर्ल्ड कप चैंपियन बनने के बाद यह टूर्नामेंट में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है. कांस्य पदक जीतकर इंग्लैंड ने यह भी साबित किया कि सेमीफाइनल की निराशा के बाद भी टीम ने मजबूत मानसिकता के साथ वापसी की और टूर्नामेंट का समापन जीत के साथ किया. डेशॉ का भावुक विदाई मैच यह मुकाबला फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशचैम्प्स के कार्यकाल का आखिरी मैच भी साबित हुआ. मैच समाप्त होने के बाद इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस टुकेल ने डेशचैम्प्स को गले लगाकर उनके शानदार करियर को सम्मान दिया. फ्रांस के खिलाड़ियों और स्टाफ ने भी अपने सफल कोच को भावुक विदाई दी. डेशचैम्प्स ने पिछले 14 वर्षों में फ्रांस को वर्ल्ड फुटबॉल की शीर्ष टीमों में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. मैच से पहले एमबाप्पे का भावुक संदेश मुकाबले से पहले फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे ने अपने कोच डिडिएर डेशचैम्प्स के लिए भावुक संदेश साझा किया. उन्होंने कहा, “आपने हमें इतना कुछ दिया है. हमें आपको इससे बेहतर विदाई देनी चाहिए थी, लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके. पिछले 14 वर्षों में आपने फ्रांस के लिए जो किया, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. टीम के पुनर्निर्माण में आपकी भूमिका बेहद बड़ी रही है. लोगों ने हमेशा आपकी महानता की कद्र नहीं की, लेकिन समय और इतिहास जरूर करेगा.” हालांकि फ्रांस अपने अनुभवी कोच को जीत के साथ विदाई नहीं दे सका, लेकिन एमबाप्पे के शब्दों ने डेशचैम्प्स के योगदान को भावनात्मक अंदाज में सम्मान दिया. इसे भी पढ़े- फीफा वर्ल्ड कप: एम्बाप्पे और केन की आखिरी चुनौती, तीसरे स्थान के लिए आमने-सामने फ्रांस-इंग्लैंड The post FIFA World Cup 2026: रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड की जीत, फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा appeared first on Naya Vichar.

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