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July 23, 2026

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24 जुलाई को CJP का देशव्यापी प्रदर्शन, बड़ी संख्या में छात्रों से शामिल होने की अपील

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ द्वारा जारी एक आधिकारिक पोस्टर के अनुसार, इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य देशभर में पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करना है. क्या है रणनीति और दिशानिर्देश? पोस्टर में प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं. जिसमें देश के सभी छात्र संघों और अन्य नागरिक संगठनों से अपील की गई है कि वे स्थानीय स्तर पर तालमेल बनाकर काम करें. साथ ही विरोध प्रदर्शन के दौरान पूरे जनसमूह के समक्ष छात्रों की मांगों को पढ़कर सुनाया जाएगा और पुलिस बर्बरता का सामना करने वाले पीड़ितों के समर्थन में आवाज उठाई जाएगी. सीजेपी ने प्रशासन को बातचीत के लिए इन दो जगहों पर बुलाया कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने प्रशासन के प्रस्ताव पर कहा, “केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि हम कहीं भी बातचीत कर सकते हैं; तो हमने अपना सुझाव दे दिया है. जंतर-मंतर या कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया जैसी किसी न्यूट्रल जगह पर आएं. हम वहीं मिलेंगे.” उन्होंने आगे कहा, “मुझे अभी तक उनकी तरफ से कोई मैसेज नहीं मिला है. उन्हें हमसे सीधे संपर्क करना चाहिए और चर्चा करनी चाहिए कि कहां मिलना है, कब मिलना है और बातचीत कितनी देर तक चलेगी.” फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान सिर्फ लोगों को गुमराह करने की कोशिशें हैं : सीजेपी पेपर लीक में शामिल लोगों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के पीएम मोदी के ट्वीट पर कहा, “ऐसे ऐलान किसी काम के नहीं हैं. ये सिर्फ लोगों को गुमराह करने की कोशिशें हैं. हम जवाबदेही और जिम्मेदारी चाहते हैं. हम केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र के इस्तीफे के स्तर से नीचे के किसी भी व्यक्ति के साथ इस मामले पर चर्चा नहीं करेंगे.” जेपी नड्डा ने सीजेपी को वार्ता के लिए बुलाया केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को कहा कि प्रशासन प्रदर्शनकारी युवाओं के साथ आगे की बातचीत के लिए तैयार है और यह बातचीत उनके ऑफिस या घर पर हो सकती है. ये भी पढ़ें: आज शाम 6:30 बजे तक कनॉट प्लेस की सभी दुकानें बंद करने का आदेश, CJP ने कहा- प्रशासन क्या करना चाहती है? ये भी पढ़ें: Video: मीडिया के सवाल पर भड़कीं प्रियंका गांधी, बोलीं- आप प्रशासन के जाल में फंसे हुए हैं ये भी पढ़ें: राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सोनम वांगचुक की पत्नी का हमला: कहा- कांग्रेस का विरोध दिखावा, युवा अब बेवकूफ नहीं बनने वाले The post 24 जुलाई को CJP का देशव्यापी प्रदर्शन, बड़ी संख्या में छात्रों से शामिल होने की अपील appeared first on Naya Vichar.

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सिक्किम सुरंग हादसा : बंगाल और झारखंड के श्रमिकों समेत कुल 22 की मौत, पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

पश्चिम बंगाल से सटे सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन एनएचपीसी जलविद्युत परियोजना की सुरंग से अब तक 22 श्रमिकों के शव बरामद किये जा चुके हैं. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. एनएचपीसी की निर्माणाधीन तीस्ता चरण-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग सोमवार अपराह्न एक बजे के कुछ देर बाद संदिग्ध रूप से मीथेन गैस के कारण हुए विस्फोट के बाद ढह गयी थी. उस समय सुरंग में 25 श्रमिक काम कर रहे थे. सुरंग में फंसे 3 श्रमिकों को निकालने की कोशिशें जारी राज्य प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि बचाव अभियान जारी है. विशेष दल बाकी 3 श्रमिकों का पता लगाने एवं उन्हें बाहर निकालने के लिए आपसी समन्वय से काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सिक्किम प्रशासन, जिला प्रशासन और सभी संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं तथा बचाव दलों और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही हैं. बंगाल के 4 श्रमिकों की हुई पहचान इससे पहले, नामची के पुलिस अधीक्षक सोनम डी भूटिया ने मंगलवार को कहा था- सुरंग में फंसे 25 लोगों में से 20 की मौत की पुष्टि हो चुकी है. बुधवार तक 8 शवों की पहचान की जा चुकी थी. इनमें 4 श्रमिक पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के थे. पंजाब, उत्तराखंड, असम और सिक्किम का एक-एक श्रमिक था. ये भी पढ़ें: सिक्किम टनल हादसे में जलपाईगुड़ी के 6 श्रमिकों की मौत, शुभेंदु अधिकारी ने किया 5 लाख मुआवजे का ऐलान झारखंड के भी 4 श्रमिक कर रहे थे काम एक अन्य अधिकारी ने बताया कि झारखंड के खूंटी, हजारीबाग और पश्चिम सिंहभूम जिलों के भी कम से कम 4 श्रमिक परियोजना में काम कर रहे थे. ये भी पढ़ें: 58500 साल पहले दार्जिलिंग से नीचे आ गया था हिमालय का 100 किमी लंबा ग्लेशियर! वैज्ञानिकों की रिसर्च में खुलासा मृतकों के लिए मुआवजे का ऐलान एनएचपीसी ने हादसे में मारे गये प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को 5-5 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की बुधवार को घोषणा की. सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने मंगलवार को हादसे में मारे गये प्रत्येक श्रमिक के निकटतम परिजन को 4-4 लाख रुपए और प्रत्येक घायल को 50-50 हजार रुपए अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 2-2 लाख रुपए और प्रत्येक घायल को 50-50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की. ये भी पढ़ें: बंगाल में तेजी से बदल रहा मौसम, साइलेंट किलर बना ह्यूमिड हीट, घर का तापमान 32 डिग्री सेंटीग्रेड बंगाल के मृतकों के परिजनों को मिलेंगे 16-16 लाख पश्चिम बंगाल के जिन श्रमिकों की मौत हुई है, उन्हें 5-5 लाख रुपए का मुआवजा राज्य प्रशासन देगी. बंगाल के चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को ही इसका ऐलान किया था. इस तरह बंगाल के मृतक श्रमिकों के निकट परिजनों को कुल 16-16 लाख रुपए मिलेंगे. बंगाल प्रशासन परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी देगी. चट्टानों में फंसी मीथेन गैस की वजह से हुआ विस्फोट एनएचपीसी के एक बयान के अनुसार, चट्टानों के भीतर फंसी संदिग्ध मीथेन गैस के अचानक बाहर निकलने से विस्फोट हुआ, जिसके कारण सुरंग में घना धुआं और जहरीली गैसें फैल गयीं. ये भी पढ़ें: जलवायु परिवर्तन से लड़ने पर खर्च होगा बंगाल बजट का 69 प्रतिशत पैसा, सुंदरवन और सौर ऊर्जा पर बड़ा ऐलान The post सिक्किम सुरंग हादसा : बंगाल और झारखंड के श्रमिकों समेत कुल 22 की मौत, पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

राजस्व वसूली और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, आपदा तैयारियों की भी हुई समीक्षा

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर | समस्तीपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बुधवार को समाहरणालय सभागार में आंतरिक संसाधन, राजस्व, आपदा प्रबंधन तथा विभिन्न अवसंरचनात्मक योजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने आंतरिक संसाधनों के सुदृढ़ीकरण और राजस्व संग्रह की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को लक्ष्य के अनुरूप वसूली में तेजी लाने तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व संग्रह में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करें। आपदा प्रबंधन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़, जलजमाव और अन्य संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने को कहा। बैठक में विभिन्न अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन भवनों, सड़कों, पुल-पुलियों और अन्य विकास योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यपालक एजेंसियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को प्रशासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाने, योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन तथा विभागीय समन्वय को और मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया। बैठक में अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी डीसीएलआर, सभी अंचलाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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NSA शक्तियों के विस्तार पर बोली दिल्ली पुलिस, CJP आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं, अफवाहों से बचें

Preventive Detention: दिल्ली के उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत दिल्ली पुलिस की निवारक हिरासत (Preventive Detention) की शक्तियां 18 अक्टूबर तक बढ़ा दी हैं. गृह विभाग ने साफ किया है कि यह हर तीन महीने में होने वाली सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है. दिल्ली पुलिस ने भी कहा कि इसका सीजेपी के मौजूदा विरोध-प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं है. पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर इस आदेश को गलत तरीके से सीजेपी के आंदोलन से जोड़ा जा रहा है, जबकि यह एक नियमित प्रक्रिया के तहत जारी किया गया आदेश है. प्रदर्शन शुरू होने से पहले जारी हुआ था आदेश दिल्ली पुलिस ने बताया कि यह नवीनीकरण (Renewal) 19 जुलाई से 18 अक्टूबर तक की अवधि के लिए है. इसका आदेश 7 जुलाई को जारी किया गया था, जबकि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन बाद में शुरू हुआ था. पुलिस ने कहा कि इस मामले में किसी विशेष अनुरोध के आधार पर यह फैसला नहीं लिया गया है, बल्कि यह हर तीन महीने में होने वाली सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है. दिल्ली पुलिस मीडिया रिपोर्ट्स में गलत अर्थ निकालने का आरोप दिल्ली पुलिस ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में इस नियमित प्रक्रिया को गलत तरीके से पेश किया गया है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों और गलत सूचनाओं से बचें और किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें. रासुका के तहत किन लोगों को हिरासत में ले सकती है पुलिस? 15 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली पुलिस को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की धारा 3(2) के तहत ऐसे लोगों को निवारक हिरासत (Preventive Detention) में लेने का अधिकार दिया गया है, जिनकी गतिविधियां हिंदुस्तान की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती हैं. रासुका में तीन से 12 महीने तक हिरासत का प्रावधान राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत किसी व्यक्ति को तीन महीने से लेकर अधिक से अधिक 12 महीने तक निवारक हिरासत (Preventive Detention) में रखा जा सकता है. हालांकि, अगर जरूरत नहीं रहती है तो हिरासत की अवधि पहले भी खत्म की जा सकती है. सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच आया फैसला यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने संसद तक मार्च करने की कोशिश की थी, जिसके दौरान हिंसा भी हुई. निवारक हिरासत और गिरफ्तारी में क्या है अंतर? रासुका के तहत की गई कार्रवाई सामान्य गिरफ्तारी नहीं, बल्कि निवारक हिरासत (Preventive Detention) होती है. इसमें किसी व्यक्ति को संभावित खतरे को देखते हुए पहले से हिरासत में लिया जा सकता है. ऐसे मामलों में हिरासत में लिए गए व्यक्ति को तुरंत अदालत में पेश करना अनिवार्य नहीं होता. 20 जून से जारी है सीजेपी का आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 20 जून से जंतर-मंतर पर परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया था. इसके बाद से संगठन लगातार प्रशासन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है. Also Read: छात्रों के प्रदर्शन के बीच संजीव मुखिया को क्लीन चिट, CBI ने कहा- NEET पेपर लीक में कोई भूमिका नहीं The post NSA शक्तियों के विस्तार पर बोली दिल्ली पुलिस, CJP आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं, अफवाहों से बचें appeared first on Naya Vichar.

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‘मोदी है तो मुमकिन है’ गाने पर राजकुमार राव का इशारा, बोले- ‘आप उस दबाव को कभी नहीं समझ सकते’

बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव के एक डिलीटेड कमेंट के बाद उनके गाना ‘मोदी है’ में शामिल होने को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है. राव ने हिंट दिया है कि उन पर अन्य कलाकारों के साथ ‘मोदी है तो मुमकिन है’ गाने का हिस्सा बनने के लिए दबाव था. आखिर क्या था वह कमेंट और राव का जवाब? आइए समझते हैं पूरी बात. Rajkummar Rao’s Instagram Viral Comment : राजकुमार राव का डिलीटेड कमेंट वायरल स्त्री एक्टर राजकुमार राव का डिलीटेड कमेंट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. इसमें उन्होंने कहा कि वह कभी अपनी आत्मा से समझौता नहीं कर सकते. उन्होंने यह भी लिखा कि किसी एक गाने से यह तय नहीं होता कि वह कौन हैं, किन चीजों का समर्थन करते हैं या जीवन में उनकी क्या सोच और विचारधारा है. राव ने कहा कि बाहर से लोग उस दबाव को नहीं समझ सकते, जिसका वह सामना कर रहे थे. उन्होंने आगे लिखा कि वह सही चीजों और उन विचारों का समर्थन करते हैं, जो लोगों को इंसान के तौर पर एक-दूसरे से जोड़ते हैं. उनके मुताबिक, जब उनका जमीर साफ है और वह पूरी ईमानदारी से अपना काम कर रहे हैं, तो बाकी चीजें उनके लिए ज्यादा मायने नहीं रखतीं.  उन्होंने उस पोस्ट में यह भी कहा कि जो लोग उन्हें निजी तौर पर जानते हैं, वे उनकी असली सोच और व्यक्तित्व से परिचित हैं.   इस पर राजकुमार राव ने रिप्लाई करते हुए लिखा था, जो की उन्होंने थोड़े देर बाद डिलीट कर दिया था, “आप उस दबाव को कभी नहीं समझ सकते.”  इस लाइन के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने अंदाजा लगाया कि शायद वह ‘मोदी है तो मुमकिन हैं’ गाने में शामिल होने को लेकर किसी तरह के दबाव की बात कर रहे हैं. हालांकि, राव ने न तो अपने कमेंट में इस बात को साफ किया और न ही यह सीधे तौर पर कहा कि उन्हें गाने में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया था. कमेंट डिलीट करने से पहले भी उन्होंने इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी थी. Rajkumar Rao Supported CJP Protest: राजकुमार राव ने किया सीजेपी प्रोटेस्ट को सपोर्ट  राजकुमार राव ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट को सपोर्ट करते हुए कहा कि सभी लोग शांति बनाए रखें और बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की अपील की. उन्होंने कहा कि देश का विकास एक निष्पक्ष और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करता है. उन्होंने छात्रों और अधिकारियों दोनों से अपील की कि वे आपसी टकराव से बचें और एक-दूसरे की बात समझने के लिए संवेदनशीलता और बातचीत का रास्ता अपनाएं. View on Instagram राव ने कहा आगे कहा  कि अगर युवाओं को लगता है कि उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही है, तो समाज को उनकी चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने जोर दिया कि हर व्यक्ति की बात को सम्मान और निष्पक्षता के साथ सुना जाना चाहिए. साथ ही, उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा स्थिति को और खराब करती है और समाधान तक पहुंचने में बाधा बनती है। ऐसे समय में शांति, संवाद और समझदारी से काम लेना सबसे जरूरी है. Modi Hai To Mumkin Hai Song: क्या है मोदी है तो मुमकिन है गाने में  ‘मोदी है तो मुमकिन है’ हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) का एक अत्यंत लोकप्रिय चुनावी अभियान गीत और नारा है, जिसे मुख्य रूप से 2019 के आम चुनावों के दौरान लॉन्च किया गया था. इस गाने में विक्रांत मैसी, अरशद वारसी, राजकुमार राव और कई जाने माने हस्तियां थे. चुनावी रैलियों से लेकर डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक इस गीत को व्यापक पहचान मिली, जिससे यह न केवल एक कैंपेन सॉन्ग बना, बल्कि हिंदुस्तानीय नेतृत्व का एक चर्चित स्लोगन भी बन गया.  यह भी पढ़े: सौरव गांगुली बन छाए Rajkummar Rao, ‘दादा’ के सेट से लीक हुआ फर्स्ट लुक The post ‘मोदी है तो मुमकिन है’ गाने पर राजकुमार राव का इशारा, बोले- ‘आप उस दबाव को कभी नहीं समझ सकते’ appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सोनम वांगचुक की पत्नी का हमला: कहा- कांग्रेस का विरोध दिखावा, युवा अब बेवकूफ नहीं बनने वाले

इंडिया टुडे के साथ बातचीत में गीतांजलि अंग्मो ने आरोप लगाया कि नेतृत्वक दल अब सोनम वांगचुक और उनके आंदोलन की साख का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुआ प्रदर्शन महज एक दिखावा था. अब देश का युवा किसी के बहकावे में नहीं आने वाला. जो लोग दिखावा करेंगे, युवा उन्हें उखाड़ फेंकेंगे.” मंगलवार को राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं ने किया था धरना प्रदर्शन मंगलवार 21 जुलाई को राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में 7 लोक कल्याण मार्ग (पीएम आवास) के पास धरना दिया था. जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था. ‘आंदोलन पूरी तरह से गैर-नेतृत्वक’ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्कॉलर और शिक्षाविद गीतांजलि अंग्मो ने इंडिय टुडे के साथ बातचीत में साफ किया कि सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) का प्रदर्शन किसी भी नेतृत्वक दल के समर्थन से नहीं चल रहा है. “हमारे लिए न कोई विपक्ष है और न ही कोई प्रशासन. हमारे लिए संसद सर्वोच्च संस्था है और हम चाहते हैं कि संसद शिक्षा को देश का मौलिक मुद्दा मानकर इस पर बात करे.” गीतांजलि ने चेतावनी दी कि जो लोग अपने निजी या नेतृत्वक एजेंडे के साथ इस आंदोलन में आएंगे, वे खुद-ब-खुद बाहर हो जाएंगे, क्योंकि यह लड़ाई पूरी तरह से ईमानदारी और पवित्रता पर आधारित है.” सोनम वांगचुक का अनशन 26वें दिन भी जारी जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद सोनम वांगचुक का अस्पताल में भी अनशन जारी है. गुरुवार को उनके अनशन का 26वां दिन है. ये भी पढ़ें: CJP प्रोटेस्ट के बीच PM मोदी का ऐलान: युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले बचेंगे नहीं, बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट ये भी पढ़ें: क/ॉकरोच जनता पार्टी को प्रशासन ने फिर दिया बातचीत का ऑफर, कहा-समय और जगह आप बताएं ये भी पढ़ें: ब/ीजेपी का कांग्रेस पर वार : वित्त मंत्री बोलीं- समाधान नहीं, सिर्फ हंगामा चाहती है कांग्रेस The post राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सोनम वांगचुक की पत्नी का हमला: कहा- कांग्रेस का विरोध दिखावा, युवा अब बेवकूफ नहीं बनने वाले appeared first on Naya Vichar.

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बीजेपी का कांग्रेस पर वार : वित्त मंत्री बोलीं- समाधान नहीं, सिर्फ हंगामा चाहती है कांग्रेस

CJP Protest : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने NEET परीक्षा पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे पर केंद्र प्रशासन का पक्ष रखा. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी हैं, इसलिए प्रशासन ने शुरू से ही इसे गंभीरता से लिया. उन्होंने बताया कि पेपर लीक में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और प्रधानमंत्री मोदी ने अब फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों को जल्द सजा दिलाने का ऐलान किया है. उनका कहना था कि इससे छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा मजबूत होगा. कांग्रेस पर लगाया नेतृत्व करने का आरोप वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रशासन संसद में NEET मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष लगातार नई-नई शर्तें रखकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस संवेदनशील मुद्दे का नेतृत्वक फायदा उठाना चाहती है और चर्चा से बच रही है, क्योंकि बहस में केंद्र प्रशासन की कार्रवाई और सच्चाई सामने आ जाएगी. निर्मला सीतारमण ने कहा पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी हैं, इसलिए प्रशासन ने शुरू से ही इसे गंभीरता से लिया. उन्होंने बताया कि पेपर लीक में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और प्रधानमंत्री मोदी ने अब फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों को जल्द सजा दिलाने का ऐलान किया है. उनका कहना था कि इससे छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा मजबूत होगा. छात्रों के हौसले की भी की तारीफ वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि पेपर लीक की घटना से कई छात्र निराश जरूर हुए, लेकिन बड़ी संख्या में छात्रों ने हार नहीं मानी. उन्होंने दोबारा मेहनत की, बेहतर तैयारी की और अच्छे अंक हासिल किए. उन्होंने ऐसे छात्रों के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि दोबारा परीक्षा समय पर हो, परिणाम घोषित हों और छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो. विपक्ष से बहस में शामिल होने की अपील वित्त मंत्री सीतारमण ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस से संसद में सार्थक चर्चा करने की अपील की. उन्होंने कहा कि यदि और कदम उठाने की जरूरत होगी तो प्रशासन जवाब देने और कार्रवाई करने के लिए तैयार है. उनका कहना था कि देश के युवाओं के भविष्य जैसे गंभीर मुद्दे पर नेतृत्व नहीं, बल्कि समाधान और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए. यह भी पढ़ें- CJP ने PM मोदी को दिया जवाब-फास्ट-ट्रैक कोर्ट नहीं, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आपकी माफी चाहिए The post बीजेपी का कांग्रेस पर वार : वित्त मंत्री बोलीं- समाधान नहीं, सिर्फ हंगामा चाहती है कांग्रेस appeared first on Naya Vichar.

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कॉकरोच जनता पार्टी को सरकार ने फिर दिया बातचीत का ऑफर, कहा-समय और जगह आप बताएं

केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी को बातचीत के लिए एक बार फिर ऑफर दिया है. इस बार प्रशासन की ओर से कहा गया है कि वे जहां चाहते हैं और जिन मुद्दों पर बात करना चाहते हैं, हम बातचीत के लिए तैयार हैं. 24 घंटों में 4 बार दिया गया बातचीत का प्रस्ताव जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के लोगों को पिछले 24 घंटे में 4 बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह बताया है. उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे स्टूडेंट्स से मेरी विनम्र अपील है कि वे जब चाहें, दिन के किसी भी समय और जितने समय के लिए चाहें प्रशासन बातचीत के लिए तैयार है. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हम उन सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं जिस पर आंदोलन हुआ है. इसके अलावा इससे जुड़े अन्य मुद्दों पर भी बात करने के लिए प्रशासन तैयार है. बातचीत खुले मन से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के घर पर हो सकती है और बेशक मैं उनके साथ रहूंगा. बातचीत नड्डा के घर या ऑफिस में या दोनों में से जहां भी आप चाहें हो सकती है. ये भी पढ़ें : CJP ने PM मोदी को दिया जवाब-फास्ट-ट्रैक कोर्ट नहीं, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आपकी माफी चाहिए बातचीत करना प्रशासन के लिए प्रतिष्ठा का विषय नहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोेदी बहुत ही संवेदनशील हैं. वे यह चाहते हैं कि छात्रों की समस्याओं का समाधान हो. प्रशासन ने बातचीत करने को अपनी प्रतिष्ठा से जुड़ा मुद्दा नहीं बनाया है. हम सहजता से यह चाहते हैं कि छात्रों से बातचीत हो. इसकी वजह यह है कि बातचीत होगी, तभी आगे का रास्ता निकलेगा और समस्याओं का समाधान होगा. जितेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर भी बातचीत के ऑफर का वीडियो अपलोड किया है. The post कॉकरोच जनता पार्टी को प्रशासन ने फिर दिया बातचीत का ऑफर, कहा-समय और जगह आप बताएं appeared first on Naya Vichar.

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Video: मीडिया के सवाल पर भड़कीं प्रियंका गांधी, बोलीं- आप सरकार के जाल में फंसे हुए हैं

प्रियंका गांधी से जब पीटीआई के संवाददाता ने पूछा कि लोकसभा की कार्यवाही क्यों नहीं चल पा रही है? इस पर कांग्रेस सांसद भड़क गईं. उन्होंने नाराज होते हुए कहा- “आप हमेशा वही सवाल पूछते हैं जो यह प्रशासन चाहती है कि आप पूछें. आप ये सवाल प्रशासन से क्यों नहीं पूछते? मंत्री बाहर आकर बोल रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री संसद तक नहीं आए हैं. इतना बड़ा आंदोलन चल रहा है, देश भर के युवा विरोध कर रहे हैं, फिर भी प्रधानमंत्री ने सदन को संबोधित नहीं किया है. और आप मुझसे पूछ रहे हैं कि संसद क्यों नहीं चल रही है? मुझसे पूछिए कि छात्रों के लिए क्या किया जा रहा है. पूछिए कि छात्रों की मांगों पर क्या कार्रवाई की जा रही है. ये सवाल आपको पूछने चाहिए. और जब ये मंत्री बाहर आएं, तो उनसे पूछिए- आप कब इस्तीफा देंगे? क्या आपने यह सवाल पूछा है?” क्या आपने धर्मेंद्र प्रधान से पूछा कि वे कब इस्तीफा देने वाले हैं : प्रियंका गांधी प्रियंका गांधी ने मीडिया के सवाल पर कहा, “क्या आपने धर्मेंद्र प्रधान से पूछा है कि वे कब इस्तीफा देने की योजना बना रहे हैं? क्या आपने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पूछा है कि पुलिस ने लाठीचार्ज क्यों किया? क्या आपने उनसे पूछा है कि इतने सारे युवा छात्र अस्पतालों में क्यों हैं? क्या आपने पूछा है कि बाहर विरोध कर रहे छात्र अपने माता-पिता से बात भी क्यों नहीं कर पाए क्योंकि इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं? क्या आपने पूछा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) क्यों लागू किया गया? क्या ये छात्र आतंकवादी हैं? जब आप प्रशासन से ये सवाल पूछना शुरू करेंगे, तब मैं आपके सवालों का जवाब दूंगी.” हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही 24 जुलाई तक के लिए स्थगित नीट पेपर लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के सदस्य लगातार हंगामा कर रहे हैं. हंगामे के कारण लोकसभा की बैठक दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. प्रशासन ने विपक्ष पर लगाया चर्चा से भागने का आरोप प्रशासन ने विपक्ष पर नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में चर्चा से भागने का आरोप लगाया. प्रशासन ने कहा, “हम तत्काल चर्चा के लिए तैयार हैं और विपक्ष को बिना देरी के चर्चा शुरू करानी चाहिए.” संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि विपक्ष से हाथ जोड़कर अनुरोध है कि चर्चा में भाग ले. ये भी पढ़ें: CJP प्रोटेस्ट के दौरान बच्ची का Video Viral: प्रशासन से पूछे सवाल, बोली- जवाबदेही मांगने पर मिल रही लाठियां ये भी पढ़ें: CJP प्रोटेस्ट के बीच PM मोदी का ऐलान: युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले बचेंगे नहीं, बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट The post Video: मीडिया के सवाल पर भड़कीं प्रियंका गांधी, बोलीं- आप प्रशासन के जाल में फंसे हुए हैं appeared first on Naya Vichar.

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पटना में हुए प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, 500 अज्ञात पर FIR, 40 हिरासत में, YouTubers भी रडार पर

Patna Student Protest: पटना में NEET पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. वहीं, अब तक 40 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है. बुधवार को हुए बवाल के बाद पटना के कोतवाली, गांधी मैदान और सचिवालय थाना में करीब 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि हिंसा और प्रशासनी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान की जा रही है. कार्रवाई लगातार जारी है. 40 उपद्रवियों को पुलिस ने लिया हिरासत में पटना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 40 लोगों को हिरासत में लिया है. पूछताछ के आधार पर अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है. पुलिस का कहना है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. कैसे बिगड़े प्रदर्शन के हालात? NEET परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में छात्र और अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे थे. पुलिस के मुताबिक, हालात तब बिगड़े जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधित इलाके की ओर बढ़ने की कोशिश की. इसी दौरान पुलिस की गाड़ियों पर पथराव और तोड़फोड़ की गई. स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. इस दौरान कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल भी हुए. छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े हर एक अपडेट के लिए यहां क्लिक करें हिंसा के पीछे साजिश की जांच पटना के एसएसपी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए थे. उनका आरोप है कि इन्हीं लोगों ने माहौल बिगाड़ने और हिंसा भड़काने की कोशिश की. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल की वीडियोग्राफी के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है. यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया अकाउंट भी जांच के दायरे में पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि हिंसा और तोड़फोड़ के पीछे किसकी भूमिका थी. इसके साथ ही कुछ यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है. पुलिस को शक है कि कुछ लोगों ने अफवाह फैलाने या भीड़ को उकसाने का काम किया हो. हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही उनकी भूमिका स्पष्ट हो सकेगी. Also Read: ‘युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’…, CM सम्राट चौधरी बोले- दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा The post पटना में हुए प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, 500 अज्ञात पर FIR, 40 हिरासत में, YouTubers भी रडार पर appeared first on Naya Vichar.

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