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August 10, 2026

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भारत तक पहुंचने के लिए कोई भी विकल्प मंजूर, होर्मुज को बायपास करने के लिए रूस ने बनाया जमीनी प्लान

2022 से शुरू हुए यूक्रेन युद्ध ने रूस के सामने कई मोर्चों पर मुश्किलें खड़ी कीं. वैश्विक वित्तीय स्थिति की आर्थिक नाकेबंदी, तो वह पहले ही झेल रहा था, युद्ध के बाद उसके ऊपर व्यापारिक सैंक्शन भी डाल दिए गए. अब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव ने होर्मुज संकट पैदा कर दिया है. इसने दुनिया के सामने समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिम बढ़ा दिए हैं. ऐसे हालात में रूस अब ऐसे वैकल्पिक रास्तों की तलाश में जुटा है, जिनके जरिए वह रणनीतिक समुद्री मार्गों पर अपनी निर्भरता कम कर सके. हिंदुस्तान तक पहुंच रूस के लिए क्यों है इतनी अहम? रूस के लिए तेल सबसे महत्वपूर्ण निर्यात उत्पादों में से एक है. यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने रूसी ऊर्जा क्षेत्र पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए. हिंदुस्तान और चीन जैसे बड़े खरीदार भी अमेरिकी और पश्चिमी दबाव के दायरे में आए. चीन के मामले में रूस को भौगोलिक फायदा मिलता है, क्योंकि दोनों देश जमीन से जुड़े हुए हैं. लेकिन हिंदुस्तान तक रूसी सामान और ऊर्जा पहुंचाने के लिए समुद्री मार्ग की भूमिका काफी अहम है. अब होर्मुज क्षेत्र में तनाव बढ़ने से समुद्री रास्ते की अनिश्चितता रूस के लिए एक नई चुनौती बन गई है. यही वजह है कि मॉस्को हिंदुस्तान तक पहुंचने के लिए जमीन आधारित विकल्पों पर भी विचार कर रहा है. इसी कड़ी में रूस ने हिंद महासागर तक पहुंचने के लिए रेल कनेक्टिविटी विकसित करने की संभावना पर विचार शुरू किया है.  रूस ने सुझाया हिंदुस्तान तक पहुंचने वाला नया रेल रूट रूसी उप प्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने कहा है कि हिंदुस्तान तक पहुंच बनाने वाले नए रेल मार्ग की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. खुसनुलिन ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य और बॉस्फोरस जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम करने के लिए रूस को हिंद महासागर तक रेल मार्ग बनाने की जरूरत है. खुसनुलिन की यह टिप्पणी पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध की पृष्ठभूमि में आई है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है. होर्मुज जलडमरूमध्य एक अहम जलमार्ग है, जिससे सामान्य दिनों में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लगभग पांचवें हिस्से का परिवहन होता है. खुसनुलिन ने बृहस्पतिवार को रूस की प्रशासनी समाचार एजेंसी ‘तास’ से बातचीत में कहा, ‘हिंद महासागर तक रेल संपर्क की संभावना भी तलाशी जानी चाहिए. बॉस्फोरस और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों के कारण तुर्कमेनिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होकर गुजरने वाले वैकल्पिक रास्तों की जरूरत पड़ सकती है. हिंदुस्तान तक पहुंच प्रदान करने वाला कोई भी विकल्प स्वीकार्य है.’ ये भी पढ़ें:- ईरान की अमेरिका को धमकी, कहा- सेना पूरी तरह तैयार, हमारी जमीन पर कदम रखा तो देंगे करारा जवाबहोर्मुज और बोस्फोरस क्यों हैं रूस के लिए चिंता? रूस के इस विचार के पीछे सबसे बड़ी वजह दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर बढ़ता रणनीतिक जोखिम माना जा रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है. दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है. किसी भी तरह का सैन्य तनाव या यहां जहाजों की आवाजाही में बाधा आने से तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई प्रभावित हो सकती है. दूसरी ओर, बोस्फोरस जलडमरूमध्य काला सागर को मरमारा सागर से जोड़ता है. यह रूस के लिए भी महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, लेकिन इस जलमार्ग पर तुर्की का नियंत्रण है. ऐसे में मॉस्को लंबे समय से अपने व्यापार और परिवहन के लिए वैकल्पिक मार्गों को रणनीतिक महत्व देता रहा है. पहले भी किया गया है ऐसा प्रयास रूस, ईरान और हिंदुस्तान के बीच इस तरह की कनेक्टिविटी का प्रयास पहले भी किया गया था. 2020 में तीनों देशों ने मिलकर नॉर्थ साउथ ट्रांजिट कॉरिडोर बनाने की पहल की थी. इसके तहत 7200 किमी का मल्टीमॉडल शिप, रेल और रोड नेटवर्क बनाने की योजना थी. इसमें रूस के सेंट पीटर्सबर्ग से ईरान के बंदर अब्बास और फिर हिंदुस्तान के मुंबई पोर्ट तक आगे बढ़ाया जाता. लेकिन 6 साल भी यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी. अब होर्मुज स्ट्रेट में पैदा हुए नए तरह के संकट ने नई मुश्किल पैदा की है. इसलिए अब रोड नेटवर्क बनाने की योजना पर काम किया जा सकता है. अमेरिकी टैरिफ की धमकी के बीच आई रूस की टिप्पणी यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब रूस के ऊर्जा निर्यात को लेकर पश्चिमी देशों का दबाव बढ़ रहा है. अमेरिकी सीनेट ने 29 जुलाई को एक विधेयक आगे बढ़ाया है, जिसके तहत हिंदुस्तान समेत उन देशों पर भारी शुल्क (टैरिफ) लगाने का प्रावधान है, जो रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदना जारी रखते हैं. ऐसे माहौल में रूस के लिए केवल नए ग्राहक ढूंढना ही पर्याप्त नहीं है. उसे अपने व्यापार के लिए ऐसे परिवहन रास्ते भी चाहिए, जो नेतृत्वक तनाव या समुद्री प्रतिबंधों के कारण अचानक बाधित न हों. ये भी पढ़ें:- बदलता एशिया और हिंदुस्तान की नई कूटनीति -1: कहां चीन, कहां हम? हिंदुस्तान के लिए भी खुल सकता है नया रास्ता इस रेल कोरिडोर प्रस्ताव के बड़े भू-नेतृत्वक निहितार्थ भी हो सकते हैं, क्योंकि इसके ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होकर गुजरने तथा रूस को हिंद महासागर तक जमीन के रास्ते एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग प्रदान करने की संभावना है.  अगर रूस की यह योजना भविष्य में वास्तविक रेल कॉरिडोर में बदलती है, तो इसका फायदा सिर्फ रूस को ही नहीं, बल्कि हिंदुस्तान को भी मिल सकता है. रूस को हिंद महासागर क्षेत्र तक पहुंचने के लिए समुद्री रास्तों के अलावा एक वैकल्पिक जमीन आधारित नेटवर्क मिल सकता है. वहीं, हिंदुस्तान के लिए रूस और मध्य एशिया के साथ व्यापारिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने का एक नया रास्ता खुल सकता है. यह कॉरिडोर भविष्य में माल ढुलाई और क्षेत्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को लेकर देश समुद्री मार्गों के विकल्प तलाश रहे हैं. लेकिन रास्ते में हैं कई बड़ी चुनौतियां इस प्रस्ताव को जमीन पर उतारना आसान नहीं होगा. प्रस्तावित रेल नेटवर्क को कई देशों से होकर गुजरना होगा और हर देश में अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा,

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बदलता एशिया और भारत की नई कूटनीति -2: कहां चीन, कहां हम?

दुनिया की नेतृत्व का अगला निर्णायक अध्याय एशिया में लिखा जा रहा है. चीन की आर्थिक और सैन्य ताकत,  नया विचार IR & Geopolitics स्पेशल : Indonesia : पीएम मोदी की यात्राएं टूरिज्म ट्रिप नहीं, चीन के लिए जाल ‌बिछा रहे हैं नया विचार IR & Geopolitics स्पेशल : Qatar : जब रेगिस्तान से निकला पेट्रोल और गैस से भी बड़ा खजाना… कहानी Qatar, Al-Jazeera और Sheikh Hamad की नया विचार IR & Geopolitics स्पेशल : अमेरिका-ईरान में फिर बमबारी… दूसरा ‘रूस-यूक्रेन’ बनाने पर आमादा क्यों है अमेरिका? The post बदलता एशिया और हिंदुस्तान की नई कूटनीति -2: कहां चीन, कहां हम? appeared first on Naya Vichar.

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JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में अब ED की एंट्री, PMLA के तहत केस दर्ज

रांचीः 14वीं JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) की परीक्षा में अनियमितता के मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है. केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत केस दर्ज किया है. ईडी की ओर से यह कार्रवाई JPSC परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े आर्थिक लेन-देन और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए की गई है. अब एजेंसी मामले में आर्थिक गतिविधियों और कथित अवैध लेन-देन की जांच करेगी. ये भी पढ़ें- झारखंड विधानसभा मॉनसून सत्र का तीसरा दिन आज, सदन में हंगामे के आसार रांची की यूनिट से पांच सदस्यीय टीम पहुंची मामले की जांच के लिए ED की रांची यूनिट से पांच सदस्यीय टीम पहुंच गई है. जिसमें एक असिस्टेंट डायरेक्टर और 4 इंस्पेक्टर शामिल हैं. यह टीम परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच करेगी और आवश्यकतानुसार मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल भी की जा सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, JPSC परीक्षा में धांधली के मामले को लेकर ED ने एक सप्ताह पहले ही केस दर्ज कर लिया था. इस पूरे मामले में पैसों के लेन-देन और इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका की ED जांच करेगी. ये भी पढ़ें- रामगढ़ में कुजू के श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट के फर्नेस में धमाका, नौ घायल, 2 की हालत गंभीर वार्ता में प्रशासन ने दिया था ईडी से जांच का आश्वासन बता दें कि रविवार (9 अगस्त 2026) को रांची में JPSC परीक्षा विवाद को लेकर आंदोलनरत छात्रों और प्रशासन के प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब पांच घंटे तक वार्ता हुई थी. इस दौरान प्रशासन की ओर से छात्रों को बताया गया था कि परीक्षा में हुई धांधली की CID जांच कर रही है. छात्रों से यह भी कहा गया था कि जांच के दौरान यदि वित्तीय घोटाले से संबंधित कोई मामला सामने आता है, तो प्रशासन उसकी जांच ED से कराने का अनुरोध करेगी. हालांकि, ED ने प्रशासन के इस आश्वासन से पहले ही मामले में ECIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. The post JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में अब ED की एंट्री, PMLA के तहत केस दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand Vidhan Sabha March Live: देवेंद्र महतो एंबुलेंस से विधानसभा रवाना, प्रदर्शन में गुलाब लेकर पहुंचा छात्र

झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन ते हो गया है. आज, 10 अगस्त को छात्र विधानसभा का घेराव करने रांची पहुंच रहे हैं. The post Jharkhand Vidhan Sabha March Live: देवेंद्र महतो एंबुलेंस से विधानसभा रवाना, प्रदर्शन में गुलाब लेकर पहुंचा छात्र appeared first on Naya Vichar.

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Parliament Live: राम मंदिर चढ़ावा विवाद और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर हंगामा, लोकसभा 12 बजे तक स्थगित

Parliament Live: संसद का मानसून सत्र अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और केवल चार कामकाजी दिन बचे हैं. NEET विवाद और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष के हंगामे और विरोध के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है. इस कारण स्त्री आरक्षण, परिसीमन और FCRA से जुड़े अहम विधेयकों पर भी सहमति नहीं बन सकी है. संसद की हर समाचार के लिए बने रहे Naya Vichar डॉट कॉम के साथ. The post Parliament Live: राम मंदिर चढ़ावा विवाद और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर हंगामा, लोकसभा 12 बजे तक स्थगित appeared first on Naya Vichar.

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यूपी में बीजेपी को चुनौती देगी करणी सेना, 50-70 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान, अम्मू बोले- घमंड चूर करेंगे

UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले एक और सियासी मोर्चा खुलता नजर आ रहा है. करणी सेना ने यूपी विधानसभा चुनाव में उतरने का ऐलान किया है. करणी सेना अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू ने लखनऊ में आयोजित एक बैठक में कहा कि उनकी पार्टी प्रदेश की 50 से 70 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है. अम्मू ने आरक्षण, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और अखिलेश यादव के PDA को लेकर भी निशाना साधा. अम्मू ने किसी नेतृत्वक दल या नेता का सीधे नाम लिए बिना सत्तारूढ़ बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे कुछ घमंडी लोगों का घमंड चूर किया जाएगा. करणी सेना के इस ऐलान को यूपी की चुनावी नेतृत्व में एक नए समीकरण की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. स्नातक MLC चुनाव में डॉ. स्मिता मिश्रा को समर्थन लखनऊ में हुई बैठक के दौरान सूरजपाल सिंह अम्मू ने स्नातक MLC चुनाव को लेकर भी अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि करणी सेना डॉ. स्मिता मिश्रा का समर्थन करेगी. अम्मू ने इस दौरान कई नेतृत्वक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि करणी सेना आने वाले समय में किसानों और अन्य मुद्दों को लेकर भी सक्रिय भूमिका निभाएगी. राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर अम्मू का हमला राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर भी करणी सेना प्रमुख ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी तक केवल कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोगों पर भी सवाल उठाए. अम्मू ने कहा कि राम उनके आराध्य हैं और उनके आराध्य के घर में चोरी होना गंभीर मामला है. उन्होंने इस मामले में कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए. बांकीपुर और दतिया उपचुनाव का भी किया जिक्र मीडिया से बातचीत के दौरान सूरजपाल अम्मू ने बिहार के बांकीपुर और मध्य प्रदेश के दतिया में हुए उपचुनावों का भी जिक्र किया. उन्होंने इन सीटों पर बीजेपी के प्रदर्शन को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह जनता के विरोध को दर्शाता है. उन्होंने किसानों के मुद्दे पर भी बड़ा ऐलान किया. अम्मू ने कहा कि किसानों के हित में 21 सितंबर को सहारनपुर से दिल्ली तक पदयात्रा निकाली जाएगी. आरक्षण को लेकर बोले- जरूरतमंद को ही मिले लाभ आरक्षण के मुद्दे पर सूरजपाल सिंह अम्मू ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरक्षण का लाभ वास्तविक जरूरतमंद लोगों को मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि गरीब किसी भी जाति का हो सकता है, चाहे वह ब्राह्मण हो या बनिया. उन्होंने कहा कि आरक्षण का आधार जरूरतमंद व्यक्ति होना चाहिए और इसका लाभ उसी को मिलना चाहिए, जिसे वास्तव में इसकी आवश्यकता है. अखिलेश यादव के PDA पर भी साधा निशाना सपा प्रमुख अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर भी अम्मू ने निशाना साधा. उन्होंने PDA की अपनी अलग व्याख्या करते हुए पंडित समाज का जिक्र किया. अम्मू ने सपा प्रशासन के दौर के कथित नारों का हवाला देते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उनकी प्रशासन के दौरान ठाकुर समाज को लेकर भी टिप्पणियां की गईं. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि “ठाकुरों की प्रशासन है और योगी जी बगैर मूंछ वाले ठाकुर हैं.” 50-70 सीटों पर उम्मीदवार उतारने से बढ़ेगी सियासी हलचल करणी सेना के 50 से 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद यूपी की सियासत में हलचल बढ़ सकती है. हालांकि, पार्टी किन सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी और उसका चुनावी गठजोड़ किसके साथ होगा, इसको लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है. Also Read : पति से हुआ विवाद… स्त्री सिपाही ने खाया सल्फास, इलाज के दौरान मौत The post यूपी में बीजेपी को चुनौती देगी करणी सेना, 50-70 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान, अम्मू बोले- घमंड चूर करेंगे appeared first on Naya Vichar.

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साबुन-बिस्किट खरीदना पड़ेगा महंगा, FMCG कंपनियां सितंबर में फिर बढ़ा सकती हैं दाम

अगर आप बिस्किट, साबुन, शैंपू, चाय-कॉफी या रोजमर्रा के दूसरे FMCG प्रोडक्ट्स खरीदते हैं, तो आने वाले महीनों में आपकी जेब पर थोड़ा और असर पड़ सकता है. कमोडिटी की बढ़ती लागत और जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच कई बड़ी FMCG कंपनियां सितंबर तिमाही में फिर से कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं. हालांकि, कंपनियों का कहना है कि डिमांड अभी मजबूत बनी हुई है. कंपनियां कीमत क्यों बढ़ा रही हैं? FMCG कंपनियों ने जून तिमाही में औसतन 2-5 फीसदी तक कीमतें बढ़ाई थीं. अब सितंबर तिमाही में भी इसी तरह की चुनिंदा प्राइसिंग देखने को मिल सकती है. कंपनियां सिर्फ कीमत बढ़ाने के बजाय श्रिंकफ्लेशन (Shrinkflation) का सहारा भी ले रही हैं. यानी प्रोडक्ट की कीमत वही रहती है, लेकिन पैकेट में सामान की मात्रा यानी ग्रामेज कम कर दी जाती है. कंपनियां शुगर, पाम ऑयल, क्रूड ऑयल और दूसरे इनपुट कॉस्ट पर नजर बनाए हुए हैं. इसके साथ ही मानसून और अल नीनो जैसे मौसम से जुड़े जोखिम भी चिंता का कारण हैं. ब्रिटानिया के बिस्किट पैकेट में क्या बदलेगा? ब्रिटानिया को सितंबर तिमाही में करीब 1.5-2 फीसदी और प्राइसिंग एक्शन की उम्मीद है. इसका असर मुख्य रूप से 5 और 10 रुपये वाले बिस्किट पैक्स में श्रिंकफ्लेशन के जरिए दिख सकता है. कंपनी के एमडी और सीईओ रक्षित हरगेव ने कहा कि पहली तिमाही में प्राइसिंग से जुड़ी ग्रोथ मुख्य रूप से श्रिंकफ्लेशन से आई. उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा तिमाही में भी करीब 1.5-2 फीसदी का और असर देखने को मिल सकता है. हालांकि, कंपनी के मुताबिक डिमांड का माहौल मजबूत है और इनपुट कॉस्ट ज्यादा रहने के बावजूद FY27 में EBITDA मार्जिन को FY26 के स्तर पर बनाए रखने की कोशिश रहेगी. ये भी पढ़ें: मच्छर भगाने से लेकर नहाने तक का बढ़ा खर्च, Godrej के कई प्रोडक्ट्स हुए महंगे साबुन और दूसरे FMCG प्रोडक्ट्स भी होंगे महंगे? गॉडरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने जून तिमाही में करीब 5 फीसदी औसत कीमत बढ़ाई थी. कंपनी सितंबर तिमाही में भी इसी तरह की बढ़ोतरी कर सकती है, लेकिन क्रूड ऑयल की कीमतों को लेकर ज्यादा स्पष्टता का इंतजार है. डाबर इंडिया भी मान रही है कि इनपुट कॉस्ट का दबाव अभी कुछ समय रह सकता है. ऐसे में कंपनी कीमतों में चुनिंदा बढ़ोतरी के साथ कॉस्ट कटिंग और प्रोडक्टिविटी पर फोकस करेगी. कंपनी ने FY27 में डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ का भरोसा जताया है. हिंदुस्तान यूनिलीवर यानी HUL ने भी सितंबर तिमाही में कई कैटेगरी में कीमत बढ़ाने के संकेत दिए हैं. कंपनी को अप्रैल-जून के मुकाबले सितंबर तिमाही में 2-5 फीसदी की सीक्वेंशियल इन्फ्लेशन की उम्मीद है. टाटा और नेस्ले का क्या कहना है? टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो आगे भी कीमतों में बदलाव किया जा सकता है, क्योंकि इनपुट कॉस्ट लगातार बदल रही है. कंपनी वेस्ट एशिया की स्थिति पर भी नजर रख रही है. वहीं, नेस्ले इंडिया ने जियोपॉलिटिकल और महंगाई से जुड़े दबाव को चिंता का विषय बताया है. कंपनी के मुताबिक इन परिस्थितियों में शॉर्ट टर्म में ओवरऑल कंजम्पशन कुछ नरम पड़ सकता है. वेस्ट एशिया संघर्ष और अल नीनो का मानसून पर संभावित असर भी आने वाले समय में FMCG ग्रोथ के लिए अहम रहेगा. ये भी पढ़ें: त्योहारी सीजन से पहले कंपनियां बढ़ाएंगी दाम! टूथपेस्ट से लेकर पेंट और टायर तक हो सकते हैं महंगे The post साबुन-बिस्किट खरीदना पड़ेगा महंगा, FMCG कंपनियां सितंबर में फिर बढ़ा सकती हैं दाम appeared first on Naya Vichar.

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शकील नूरानी पर रेप का आरोप, 33 साल की एक्ट्रेस की शिकायत पर गिरफ्तारी, सातारा फार्महाउस से पकड़े गए

Shakeel Noorani Arrested: बॉलीवुड फिल्ममेकर शकील नूरानी पर एक 33 वर्षीय अभिनेत्री ने रेप और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत के बाद मुंबई की मालवणी पुलिस ने 73 वर्षीय फिल्ममेकर को सातारा स्थित उनके फार्महाउस से गिरफ्तार किया है. 2016 में हुई थी अभिनेत्री से मुलाकात पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, अभिनेत्री की मुलाकात शकील नूरानी से साल 2016 में हुई थी. अभिनेत्री ने आरोप लगाया है कि इसके बाद नूरानी ने कथित तौर पर कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया. शिकायत में नशीला पदार्थ देने और धमकाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं. सातारा के फार्महाउस से हुई गिरफ्तारी मामले की जांच के दौरान पुलिस को शकील नूरानी के सातारा स्थित फार्महाउस में होने की जानकारी मिली. इसके बाद मालवणी पुलिस ने वहां कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उनसे जुड़े सबूतों की जांच कर रही है. वकील ने आरोपों से किया इनकार वहीं, शकील नूरानी के वकील ने अभिनेत्री के आरोपों को खारिज किया है. आरोपी पक्ष ने इन आरोपों से इनकार किया है. ऐसे में पुलिस की जांच इस मामले में बेहद अहम हो गई है. फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है. कौन हैं शकील नूरानी? शकील नूरानी बॉलीवुड के पुराने फिल्ममेकर हैं. वह ‘बड़े दिलवाला’ और ‘जोरू का गुलाम’ जैसी फिल्मों से जुड़े रहे हैं. फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले नूरानी अब गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में हैं. आरोप साबित होना अभी बाकी अभिनेत्री की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है. हालांकि, लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं. अदालत में दोष साबित होने तक शकील नूरानी को आरोपी के तौर पर ही देखा जाएगा. पुलिस इस मामले में शिकायत और उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की जांच कर रही है. The post शकील नूरानी पर रेप का आरोप, 33 साल की एक्ट्रेस की शिकायत पर गिरफ्तारी, सातारा फार्महाउस से पकड़े गए appeared first on Naya Vichar.

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WTC टेबल में सबसे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, भारत को क्वालिफाई करने के लिए जीतने होंगे 9 में से 8 मैच

WTC 2025-2027: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 में मुकाबला अब रोमांचक दौर में पहुंच गया है. ऑस्ट्रेलिया 87.50 प्रतिशत अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर है. हिंदुस्तान 48.15 प्रतिशत के साथ पांचवें नंबर पर है और उसे फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए आगामी मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करनी होगी. 9 टेस्ट मैचों में से कम से कम 7 से 8 मैच जीतने होंगे. यदि हिंदुस्तान 7 मैच जीतता है, तो उसे अन्य टीमों के प्रदर्शन पर निर्भर रहना पड़ सकता है. 13 से शुरू होगा एक्शन वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में अब अगला एक्शन 13 अगस्त से देखने को मिलेगा, जहां बांग्लादेश टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर होगी. यह दो मैचों की टेस्ट सीरीज है. वहीं टीम इंडिया 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ उनके घर में दो टेस्ट मैचों की सीरीज स्पोर्ट्सेगी. दूसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका ऑस्ट्रेलिया ने आठ में से सात टेस्ट जीतकर शानदार शुरुआत की है. टीम की नजर लगातार तीसरी WTC फाइनल में जगह बनाने पर है. ट्रेविस हेड इस चक्र में 853 रन और मिचेल स्टार्क 46 विकेट ले चुके हैं. डिफेंडिंग चैंपियन दक्षिण अफ्रीका ने चार में तीन टेस्ट जीते हैं और वे दूसरे स्थान पर है. Also Read: वर्ल्ड कप चयन पर बोले भुवनेश्वर कुमार, कहा- मेरा काम सिर्फ स्पोर्ट्सना है, आगे क्या होगा नहीं बता सकता तीसरे स्थान पर पहुंचा न्यूजीलैंड न्यूजीलैंड चार जीत के साथ तीसरे स्थान पर है. टीम ने इंग्लैंड को उसके घर में 2-1 से हराकर अपनी स्थिति मजबूत की है. वहीं 13 टेस्ट में सिर्फ चार जीत के कारण इंग्लैंड सातवें स्थान पर है. न्यूजीलैंड से 1-2 की हार ने उसकी फाइनल की राह और मुश्किल कर दी है. रैंक टीम मैच जीत हार ड्रॉ डिड अंक PCT 1 ऑस्ट्रेलिया 8 7 1 0 0 84 87.50% 2 दक्षिण अफ्रीका 4 3 1 0 0 36 75.00% 3 न्यूजीलैंड 6 4 1 1 0 52 72.22% 4 बांग्लादेश 4 2 1 1 0 28 58.33% 5 हिंदुस्तान 9 4 4 1 0 52 48.15% 6 श्रीलंका 4 1 1 2 0 20 41.67% 7 इंग्लैंड 13 4 8 1 14 38 24.36% 8 पाकिस्तान 6 2 4 0 8 16 22.22% 9 वेस्टइंडीज 12 2 8 2 2 30 20.83% वेस्टइंडीज टीम WTC से बाहर पाकिस्तान छह टेस्ट में दो जीत के साथ आठवें स्थान पर है. वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज ड्रॉ कराने के बाद टीम ने कुछ राहत जरूर हासिल की है. 12 टेस्ट में दो जीत के साथ वेस्टइंडीज सबसे नीचे है. पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज ड्रॉ रहने के बाद टीम को अब सिर्फ बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज स्पोर्ट्सनी है. ऐसे में वेस्टइंडीज टीम WTC से पूरी तरह बाहर हो गई है. Also Read: बीच मैदान पर आखिर श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने क्यों किया सिराज का बैट चेक, जानें क्या था पूरा मामला The post WTC टेबल में सबसे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, हिंदुस्तान को क्वालिफाई करने के लिए जीतने होंगे 9 में से 8 मैच appeared first on Naya Vichar.

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Exclusive: CINTAA में ‘मैडम जी’ कल्चर! पूनम ढिल्लों पर उपासना सिंह के गंभीर आरोप, बोलीं- ‘जो उनकी बात माने, उसे मौका… विरोध किया तो रातोंरात पद बदल दिया’

CINTAA Controversy: सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) में अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आता दिख रहा है। एग्जीक्यूटिव कमेटी के कई सदस्यों के इस्तीफे के बीच अभिनेत्री और CINTAA की पूर्व जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह ने नया विचार से एक्सक्लूसिव बातचीत में संगठन के भीतर चल रही कथित खींचतान और कामकाज के तरीके को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। उपासना सिंह का आरोप है कि CINTAA में लंबे समय से चुपचाप बैठकें होती थीं, फैसले लिए जाते थे और सभी सदस्यों को इसकी जानकारी तक नहीं होती थी। उन्होंने मौजूदा नेतृत्व पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग ‘मैडम जी’ की बात के मुताबिक काम करते थे, उनके लिए सब ठीक रहता था, लेकिन जो किसी मुद्दे पर विरोध करते, उन्हें परेशान किया जाता था। ‘चुपचाप मीटिंग होती थी’ उपासना सिंह ने बातचीत में आरोप लगाया कि कमेटी की बैठकों और फैसलों को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती जाती थी। उनके मुताबिक, कुछ मीटिंग्स चुपचाप हो जाती थीं और बाद में सदस्यों को उनके फैसलों की जानकारी मिलती थी। उन्होंने कहा कि कमेटी के भीतर सभी की राय लेने के बजाय कुछ लोगों के हिसाब से फैसले किए जाने लगे थे, जिससे धीरे-धीरे असंतोष बढ़ता गया। ‘मैडम जी कहकर उनके हिसाब से चलो तो ठीक…’ उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लों के बारे में बात करते हुए कहा कि जो लोग उन्हें ‘मैडम जी’ कहकर उनके अनुसार काम करते थे, उनके साथ कथित तौर पर सब ठीक रहता था। लेकिन अगर कोई उनके फैसले या किसी मुद्दे पर विरोध करता था, तो उसके लिए परिस्थितियां मुश्किल हो जाती थीं। उनका दावा है कि विरोध करने वाले लोगों को परेशान किया जाता था और कभी-कभी रातोंरात उनकी पोजिशन तक बदल दी जाती थी। ‘अपने लोगों को मौके दिए जाते थे’ उपासना सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि CINTAA में कुछ खास लोगों को प्राथमिकता और मौके दिए जाते थे। वहीं, कई दूसरे सदस्यों के साथ कथित तौर पर अलग व्यवहार किया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों के CINTAA कार्ड तक कैंसिल कर दिए गए, जिससे सदस्यों के बीच असंतोष और बढ़ा। CINTAA के पैसों के इस्तेमाल पर भी सवाल एक्सक्लूसिव बातचीत में उपासना सिंह ने CINTAA को मिले पैसों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन को मिले पैसों का गलत इस्तेमाल (misuse) हुआ है। हालांकि, इन वित्तीय आरोपों को लेकर उन्होंने जिन विशेष लेनदेन या रकम का उल्लेख किया है, उन्हें प्रकाशित करने से पहले दस्तावेजी पुष्टि जरूरी होगी। ‘सिर्फ एक-दो लोग नहीं, 11 सदस्य परेशान थे’ उपासना सिंह के मुताबिक, यह किसी एक व्यक्ति या दो लोगों की नाराजगी नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि कमेटी के सभी 11 सदस्य किसी न किसी स्तर पर परेशान थे और इसी वजह से सामूहिक रूप से यह कदम उठाने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि सदस्यों ने मिलकर फैसला किया कि मौजूदा व्यवस्था को खत्म कर एक निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नई कमेटी का गठन होना चाहिए. अब क्या चाहते हैं सदस्य? उपासना सिंह के मुताबिक, उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं बल्कि CINTAA में निष्पक्ष व्यवस्था और सही तरीके से चुनाव सुनिश्चित करना है. वह चाहती हैं कि अब पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो, सभी सदस्यों को समान अवसर मिले और नई कमेटी नए तरीके से गठित की जाए, ताकि संगठन दोबारा अपने मूल उद्देश्य के साथ काम कर सके. The post Exclusive: CINTAA में ‘मैडम जी’ कल्चर! पूनम ढिल्लों पर उपासना सिंह के गंभीर आरोप, बोलीं- ‘जो उनकी बात माने, उसे मौका… विरोध किया तो रातोंरात पद बदल दिया’ appeared first on Naya Vichar.

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