JPSC Protest: Students ने कहा ‘आंदोलन में घुस आए उपद्रवी’, छात्रों से की आगे नहीं बढ़ने की अपील
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रांचीः JPSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़ रहे छात्र सातवें और आखिरी बैरिकेड तक पहुंच गए. छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन से पानी की तेज बौछार की. पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर तनाव बढ़ गया. ये भी पढ़ें- JPSC Protest: ‘भइया, थोड़ा और प्रेशर मारो न’…वाटर कैनन खुलते ही झूमने लगे आंदोलनकारी छात्र लाठीचार्ज के बाद छात्रों ने पुलिस की ओर फेंकी बोतलें JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर विधानसभा घेराव कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर तनाव बढ़ गया. इसके बाद कुछ छात्रों ने पुलिस की ओर बोतलें फेंकीं. मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है. विधानसभा घेराव के दौरान पुलिसकर्मी घायल रांची में छात्रों के विधानसभा घेराव के दौरान एक पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना है. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हुई. इसी दौरान पुलिसकर्मी घायल हो गया. मौके पर मौजूद अन्य जवानों ने स्थिति संभाली. घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई. बैरिकेड तोड़ उसपर बैठे छात्र The post JPSC Student Protest: लाठीचार्ज और वाटर कैनन के बाद भी नहीं हटे छात्र, पुलिस पर फेंकी बोतलें appeared first on Naya Vichar.
रांचीः जेपीएससी परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में छात्रों का The post JPSC Protest: ‘भइया, थोड़ा और प्रेशर मारो न’…वाटर कैनन खुलते ही झूमने लगे आंदोलनकारी छात्र appeared first on Naya Vichar.
Tiranga Yatra Patna: पटना में जेपी गोलंबर से लेकर कारगिल चौक तक तिरंगा यात्रा निकाली गई. इसमें सीएम सम्राट चौधरी भी शामिल हुए. हाथों में तिरंगा लेकर सीएम सम्राट चौधरी लगभग डेढ़ किलोमीटर पैदल चले. जेपी गोलंबर पहुंचने के बाद उन्होंने जेपी के मूर्ति पर माल्यार्पण किया है. इस दौरान हजारों की संख्या में हाथों में तिरंगा लिए लोग चौक पर हिंदुस्तान माता की जय का जयघोष करते हुए दिखे. अपने भाषण में सीएम सम्राट ने क्या-क्या कहा? अपने भाषण में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, तिरंगा को ‘एकता, अखंडता और संप्रभुता’ का प्रतीक है. तिरंगा हमारे लिए जीने और मरने का प्रतीक है. तिरंगे की आन के लिए हमारे लाखों सैनिक अपनी प्राणों की आहूति दे दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान शांति चाहता है लेकिन अगर हमसे कोई लड़ने की कोशिश करता है तो हम लोग भी उसे कड़ा जवाब देते हैं. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान 2047 में सबसे शक्तिशाली देश के रूप में उभर कर सामने आएगा. सीएम सम्राट ने यह भी कहा कि आज का तिरंगा यात्रा केवल तीन रंगों का ध्वज नहीं है बल्कि हमारे पूर्वजों और स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी प्राणों की आहूति दे कर लोकतंत्र की स्थापना की और इस तिरंगा को स्थापित किया. मुख्यमंत्री ने 10 से 17 अगस्त तक चलने वाली तिरंगा यात्रा में ज्यादा से ज्यादा लोगों को शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा, इस मुहिम को सफल बनाएं और प्रखंड स्तर पर हो रहे इस कार्यक्रम में शामिल हो कर तिरंगे की शान में अपनी उपस्थिती दर्ज कराएं. बिहार की अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें इस वजह से निकाली जा रही तिरंगा यात्रा जानकारी के मुताबिक, 14 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा अभियान’ निकाला जाएगा. इस यात्रा का मकसद लोगों के बीच देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देना और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हर घर तिरंगा अभियान को हर एक शख्स तक पहुंचाना है. जेपी गोलंबर से लेकर कारगिल चौक तक पूरे इलाके में तिरंगी ही दिख रहा था. इसमें मंत्री रामकृपाल यादव, विजय सिन्हा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत अन्य नेता भी शामिल हुए. यात्रा को लेकर ट्रैफिक रूट में किया गया था बदलाव सोमवार को तिरंगा यात्रा को लेकर पहले से ही सुरक्षा के सभी इंतजाम कर लिए गए थे. सुबह 7 बजे से ही गांधी मैदान, डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, कारगिल चौक और बुद्ध मार्ग के आसपास गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगा दी गई थी. लेकिन इसके बदले वैकल्पिक रूट की व्यवस्था की गई थी, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं झेलनी पड़े. तिरंगा यात्रा खत्म होने के बाद यातायात पहले की तरह सुचारू रूप से चालू कर दिया गया. Also Read: जल्द नये रूप में दिखेगा सोनपुर, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और हरिहरनाथ कॉरिडोर बनेगा गेम चेंजर, मास्टर प्लान पर हुई बात The post ‘2047 में सबसे शक्तिशाली देश बनेगा हिंदुस्तान’, CM सम्राट ने तिरंगा यात्रा में कहा- इस मुहिम को सफल बनाएं appeared first on Naya Vichar.
Narender Berwal: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाले बॉक्सर नरेंदर बरवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान अपने बॉक्सिंग करियर का एक दिलचस्प किस्सा सुनाया. संडे को नई दिल्ली में पीएम मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों से मुलाकात की. इसी दौरान नरेंदर ने 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में पाकिस्तान के एक बॉक्सर को हराने के बाद हुई मजेदार बातचीत का जिक्र किया, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक सके. ‘मुझे नरेंद्र नाम से नफरत’ नरेंदर बरवाल ने पीएम मोदी को बताया कि 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में उन्होंने एक पाकिस्तानी बॉक्सर को मुकाबले में हराया था. मैच के बाद दोनों के बीच हुई बातचीत को याद करते हुए उन्होंने बताया कि सामने वाला बॉक्सर उनकी जिंदगी में बार-बार ‘नरेंद्र’ नाम आने से हैरान था. बरवाल ने कहा, ‘पाकिस्तानी बॉक्सर ने मुझसे कहा- आपका नाम नरेंदर है, आपके कोच का नाम नरेंदर है, आपके पीएम का नाम नरेंद्र है. मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है…’ नरेंदर के इस किस्से को सुनकर पीएम मोदी भी मुस्कुराते और हंसते नजर आए. बॉक्सिंग में हिंदुस्तान का शानदार प्रदर्शन नरेंदर बरवाल ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों के 90+ किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर हिंदुस्तान के शानदार प्रदर्शन में योगदान दिया. इस बार हिंदुस्तानीय मुक्केबाजों ने कुल 10 पदक अपने नाम किए, जो कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में हिंदुस्तान का बॉक्सिंग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा. Also Read: WTC टेबल में सबसे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, हिंदुस्तान को क्वालिफाई करने के लिए जीतने होंगे 9 में से 8 मैच हिंदुस्तान के नाम रहें थे 39 मेडल हिंदुस्तान ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुल 39 पदक जीते थे. इसमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे. वहीं हिंदुस्तान पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा. 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन के साथ ही 2030 में होने वाले अगले बड़े संस्करण की मेजबानी हिंदुस्तान को मिली. स्कॉटलैंड ने कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज और सेरेमोनियल बैटन हिंदुस्तान को सौंपा. 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स की शताब्दी संस्करण आयोजित किया जाएगा. Also Read: IND vs SL Xl: प्रैक्टिस मैच में ऋषभ पंत स्पोर्ट्सने लगे फुटबॉल, वीडियो देखकर आपकी भी छूट जाएगी हंसी The post पाकिस्तानी बॉक्सर ने कहा, मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है… बातें सुनकर हंस पड़े पीएम मोदी appeared first on Naya Vichar.
नवीन शर्मा की रिपोर्ट BJP Leaders Detained: झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच आज सियासी हलचल भी तेज हो गई. छात्रों के विधानसभा घेराव कार्यक्रम के बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा विधायक, नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पहुंचे. इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की. मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के बाद पुलिस ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, भाजपा विधायकों और अन्य नेताओं-कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. सभी को रांची के स्पोर्ट्सगांव ले जाया गया, जहां उन्हें डिटेन किया गया है. हिरासत में लिए गए BJP विधायक विधानसभा सत्र में नहीं पहुंच सके भाजपा विधायकों के हिरासत में लिए जाने का असर विधानसभा की कार्यवाही पर भी पड़ा. पार्टी के सभी विधायक हिरासत में होने के कारण आज विधानसभा सत्र में शामिल नहीं हो सके. भाजपा नेताओं का आरोप है कि राज्य प्रशासन छात्रों के मुद्दे पर पूरी तरह विफल रही है. प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर छात्रों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और उनके इस्तीफे की मांग की. ये भी पढ़ें- The post बीजेपी विधायक विधानसभा सत्र में नहीं हो पाए शामिल, बाबूलाल मरांडी समेत सभी नेता स्पोर्ट्सगांव में डिटेन appeared first on Naya Vichar.
शुभंकर, सुलतानगंज, भागलपुर Sawan 2026: सावन में शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाने की परंपरा सदियों पुरानी है. भक्त दूर-दूर से गंगाजल लाकर भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भगवान शिव को गंगाजल इतना प्रिय क्यों है? इसके पीछे केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि समुद्र मंथन से जुड़ी एक ऐसी पौराणिक कथा है, जिसमें हलाहल विष, नीलकंठ महादेव और मां गंगा का गहरा संबंध बताया गया है. जब संकट में पड़ी थी सृष्टि, तब शिव ने बचाया था संसार धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, अमृत प्राप्त करने के लिए देवताओं और असुरों ने मंदार पर्वत को मथनी बनाकर समुद्र मंथन किया था. लेकिन अमृत निकलने से पहले समुद्र से भयंकर हलाहल विष प्रकट हुआ. विष की ज्वाला इतनी प्रचंड थी कि तीनों लोकों में त्राहिमाम मच गया और पूरी सृष्टि विनाश के कगार पर पहुंच गई. ऐसे समय में देवताओं ने भगवान शिव की शरण ली. लोककल्याण के लिए महादेव ने बिना किसी हिचकिचाहट के हलाहल विष का पान कर लिया. उन्होंने विष को न निगला और न ही बाहर निकाला, बल्कि अपने कंठ में ही धारण कर लिया. विष के प्रभाव से उनका कंठ नीला पड़ गया और तभी से वे ‘नीलकंठ महादेव’ कहलाए. गंगा की शीतल धारा ने शांत की महादेव की दाह पौराणिक मान्यता के अनुसार, विषपान के बाद भगवान शिव के शरीर में भयंकर ताप उत्पन्न हो गया. तब उनकी जटाओं में विराजमान मां गंगा की शीतल धारा ने उस ताप को शांत किया. इसी मान्यता के कारण गंगाजल को भगवान शिव के लिए विशेष प्रिय माना जाता है. विशेष रूप से उत्तरवाहिनी गंगा के जल को अत्यंत पवित्र और मोक्षदायी माना जाता है. यही वजह है कि सावन के पूरे महीने शिवभक्त उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यह पवित्र जल केवल शिवलिंग पर नहीं चढ़ता, बल्कि उनके जीवन के दुख, रोग, शोक और संकट भी अपने साथ बहा ले जाता है. यह भी पढ़ें: कांवड़ यात्रा में भूलकर भी न करें ये काम, जानें क्या है सही नियम सुलतानगंज से शुरू होती है आस्था की अनूठी यात्रा देश के कई हिस्सों में गंगा नदी बहती है, लेकिन सुलतानगंज की विशेष धार्मिक पहचान यहां गंगा के उत्तरवाहिनी स्वरूप से जुड़ी है. इसी कारण यह स्थान शिवभक्तों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यहीं स्थित बाबा अजगैवीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और संकल्प लेने के बाद लाखों कांवरिये कांवर में गंगाजल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर प्रस्थान करते हैं. करीब 98 किलोमीटर की इस यात्रा में न थकान उन्हें रोक पाती है और न ही मौसम की चुनौती. हर कदम पर गूंजता ‘बोल बम’ का जयघोष उनके लिए नई ऊर्जा का स्रोत बन जाता है. कांवर में सिर्फ गंगाजल नहीं, आस्था लेकर चलते हैं भक्त धर्माचार्यों के अनुसार, कांवर में भरा जल श्रद्धालुओं के लिए केवल पानी नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास, तपस्या और समर्पण का प्रतीक है. कांवरिये इसे पूरी पवित्रता, संयम और नियमों के साथ बाबा बैद्यनाथ के चरणों तक पहुंचाते हैं. मान्यता है कि जो श्रद्धालु सच्चे मन, निर्मल भाव और पूर्ण आस्था के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करता है, उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसी विश्वास के साथ हर साल देश के कोने-कोने से लाखों शिवभक्त सुलतानगंज पहुंचते हैं. कोई संतान सुख की कामना लेकर आता है, कोई रोगमुक्ति के लिए, कोई परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करता है, तो कोई केवल भोलेनाथ के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त करने के लिए यह कठिन यात्रा करता है. सावन में क्यों बढ़ जाता है गंगाजल से अभिषेक का महत्व? सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है. इस दौरान शिवलिंग पर जल चढ़ाने की विशेष धार्मिक मान्यता है. ऐसे में सुलतानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम तक पहुंचने वाली कांवर यात्रा श्रद्धा का अनूठा उदाहरण बन जाती है. सावन के पूरे महीने उत्तरवाहिनी गंगा के तट से उठने वाली आस्था की यह अविरल धारा और ‘बोल बम’ का अनंत जयघोष यही संदेश देता है कि जब श्रद्धा सच्ची हो, संकल्प अटूट हो और विश्वास भोलेनाथ पर हो, तो कठिन से कठिन यात्रा भी आसान लगने लगती है. यह भी पढ़ें: दूसरी सोमवारी पर देवघर में रिकॉर्ड भीड़, 20 किलोमीटर लंबी लाइन, श्रावणी मेले का अद्भुत नजारा The post भगवान शिव को क्यों प्रिय है गंगाजल? हलाहल विष से जुड़ा है इसका रहस्य appeared first on Naya Vichar.
केंद्र प्रशासन सोमवार, 10 अगस्त को नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NCDC) अमेंडमेंट बिल, 2026 लोकसभा में पेश करने जा रही है. इस बिल का मकसद NCDC को सहकारी क्षेत्र के लिए फंडिंग करने में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देना है. प्रस्तावित बदलावों के बाद NCDC सिर्फ सहकारी समितियों के जरिए ही नहीं, बल्कि सहकारी क्षेत्र के विकास से जुड़े दूसरे संस्थानों को भी सीधे लोन और ग्रांट दे सकेगा. इसका मतलब साफ है कि सहकारी क्षेत्र से जुड़े कामों के लिए पैसा पहुंचाने का दायरा पहले से ज्यादा व्यापक हो सकता है. NCDC क्या है और अभी क्या करता है? नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NCDC) सहकारिता मंत्रालय के तहत काम करने वाली एक वैधानिक संस्था है. इसकी स्थापना 1963 में नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन एक्ट, 1962 के तहत हुई थी. अभी NCDC मुख्य तौर पर कृषि उपज, खाद्य सामग्री और दूसरी अधिसूचित वस्तुओं से जुड़े उत्पादन, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग, स्टोरेज और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट कार्यक्रमों की प्लानिंग, प्रमोशन और फाइनेंसिंग करता है. इसमें सहकारी समितियों की अहम भूमिका रहती है. प्रशासन अब इसी दायरे को बढ़ाने की तैयारी कर रही है. बिल पास हुआ तो NCDC के काम में क्या बदलेगा? प्रस्तावित संशोधन में NCDC की भूमिका को सिर्फ सहकारी समितियों के जरिए चलने वाले कार्यक्रमों से आगे बढ़ाकर कोऑपरेटिव डेवलपमेंट से जुड़े कार्यक्रमों तक करने का प्रस्ताव है. इसके तहत NCDC सीधे उन संस्थाओं को भी लोन और ग्रांट दे सकेगा, जो खुद रजिस्टर्ड कोऑपरेटिव सोसाइटी नहीं हैं, लेकिन सहकारी क्षेत्र के विकास में काम कर रही हैं. शर्त यह रहेगी कि मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कोऑपरेटिव कामों के लिए किया जाए. प्रशासन के मुताबिक, आज सहकारी क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे कामों में राज्य प्रशासन की एजेंसियां, वैधानिक संस्थाएं और स्पेशलाइज्ड संस्थाएं भी शामिल हैं. मौजूदा नियमों के तहत रजिस्टर्ड कोऑपरेटिव सोसाइटी नहीं होने पर ऐसी संस्थाओं को सीधे NCDC से वित्तीय मदद मिलने में दिक्कत हो सकती है. ये भी पढ़ें: साबुन-बिस्किट खरीदना पड़ेगा महंगा, FMCG कंपनियां सितंबर में फिर बढ़ा सकती हैं दाम क्या NCDC सहकारी संस्थाओं में निवेश भी कर सकेगा? हां. बिल में NCDC को कोऑपरेटिव और कोऑपरेटिव डेवलपमेंट से जुड़ी दूसरी संस्थाओं के शेयर कैपिटल में हिस्सा लेने की अनुमति देने का भी प्रस्ताव है. हालांकि, इसके लिए केंद्र प्रशासन की मंजूरी जरूरी होगी. प्रशासन का कहना है कि सहकारी समितियां आगे भी NCDC की मुख्य लाभार्थी रहेंगी. बदलाव का मकसद सिर्फ उन संस्थागत रास्तों को बढ़ाना है, जिनके जरिए सहकारी क्षेत्र तक वित्तीय मदद पहुंचाई जा सके. और कौन-कौन से बदलाव प्रस्तावित हैं? बिल में कई दूसरे बदलाव भी शामिल हैं: “फूडस्टफ्स” की परिभाषा को बढ़ाने का प्रस्ताव है. इसमें केंद्र प्रशासन की ओर से अधिसूचित किए जाने वाले दूसरे खाद्य पदार्थ भी शामिल हो सकेंगे. इंडस्ट्रियल गुड्स से जुड़ी मौजूदा भौगोलिक पाबंदी हटाने का प्रस्ताव है. इससे ऐसी गतिविधियों के लिए NCDC की सहायता जगह की सीमा से बंधी नहीं रहेगी. NCDC को अपने कामकाज के लिए जरूरी अतिरिक्त अधिकार देने का भी प्रस्ताव है. प्रशासन अभी बदलाव क्यों चाहती है? प्रशासन ने इन बदलावों को सहकारी क्षेत्र के लगातार फैलते दायरे से जोड़ा है. खास तौर पर जून 2021 में सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद कोऑपरेटिव सेक्टर में कई तरह की संस्थाओं की भागीदारी बढ़ी है. बिल के स्टेटमेंट ऑफ ऑब्जेक्ट्स एंड रीजन के मुताबिक, सहकारी क्षेत्र अब पहले से ज्यादा विविध हो चुका है. इसलिए NCDC को भी ऐसा कानूनी ढांचा देने की जरूरत है, जिससे वह बदलती जरूरतों के हिसाब से समय पर और सीधे वित्तीय मदद दे सके. NCDC एक्ट में इससे पहले 1973, 1974 और 2002 में भी संशोधन हो चुके हैं. इन बदलावों के जरिए NCDC के फंड के स्रोत बढ़ाने और उसकी गतिविधियों का दायरा बढ़ाने जैसे कदम उठाए गए थे. ये भी पढ़ें: सैलरी बढ़ेगी या फिर करना होगा इंतजार? 8th Pay Commission की बैठक में इन मांगों पर जोर The post NCDC Amendment Bill आज लोकसभा में हो सकता है पेश, जानें क्या बदलेगा और क्यों है खास appeared first on Naya Vichar.
UP News : अरुणाचल प्रदेश के एक युवक की सोशल मीडिया पोस्ट को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शेयर किया है. पोस्ट में युवक ने चीन के अरुणाचल प्रदेश में कथित हस्तक्षेप और जमीन पर कब्जे को लेकर चिंता जताते हुए भावुक पोस्ट लिखा है. वीडियो में युवक कह रहा है कि ‘अलविदा हिंदुस्तान… बहुत दुख हो रहा है दोस्तों, चीन में मिलेंगे’. अगर स्थिति ऐसी ही रही तो चीन पूरे अरुणाचल प्रदेश पर कब्जा कर सकता है. अखिलेश यादव ने शेयर किया पोस्ट समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अरुणाचल प्रदेश के एक युवक की पोस्ट साझा की है. युवक ने अपनी पोस्ट में हिंदुस्तान-चीन सीमा और अरुणाचल प्रदेश की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है. अखिलेश यादव ने पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “परिसीमन की नहीं, सीमाओं की चिंता करो!”उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर नेतृत्वक बहस तेज हो गई है. युवक ने पोस्ट में क्या लिखा? अरुणाचल प्रदेश के युवक ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि चीन लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश में गतिविधियां कर रहा है और यहां की जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है. युवक ने प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. पोस्ट में युवक ने आशंका जताई कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले वर्षों में चीन अरुणाचल प्रदेश के बड़े हिस्से पर कब्जा कर सकता है. इसी आशंका को जाहिर करते हुए उसने लिखा कि भविष्य में अरुणाचल प्रदेश के लोगों को चीन में देखा जा सकता है. ‘अलविदा हिंदुस्तान… चीन में मिलेंगे’ युवक ने अपनी पोस्ट में भावुक अंदाज में लिखा, “अलविदा हिंदुस्तान, बहुत दुख हो रहा है दोस्तों, चीन में मिलेंगे.”उसने आगे कहा कि अगर मौजूदा स्थिति जारी रही तो आने वाले समय में परिस्थितियां और गंभीर हो सकती हैं. पोस्ट में युवक ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि फिलहाल उसे ऐसा नहीं दिख रहा कि इस मुद्दे पर पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं. इसी वजह से उसने अपनी पोस्ट के अंत में “अग्रिम विदाई” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. परिसीमन को लेकर अखिलेश यादव ने साधा निशाना अखिलेश यादव ने इस पोस्ट को शेयर करते हुए केंद्र प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि प्रशासन को परिसीमन की नेतृत्व के बजाय देश की सीमाओं की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए. अखिलेश यादव की इस टिप्पणी को आगामी नेतृत्वक बहस के संदर्भ में भी देखा जा रहा है. उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर समर्थकों और विरोधियों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी हालांकि, सोशल मीडिया पोस्ट में अरुणाचल प्रदेश में जमीन पर कब्जे और चीन की गतिविधियों को लेकर किए गए सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में पोस्ट में किए गए दावों को तथ्य के तौर पर देखने के बजाय युवक की चिंता और आरोप के रूप में देखना जरूरी है. हिंदुस्तान-चीन सीमा से जुड़े मामलों में आधिकारिक जानकारी और प्रशासनी बयानों को ही अंतिम आधार माना जाता है. Also Read : यूपी में बीजेपी को चुनौती देगी करणी सेना, 50-70 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान, अम्मू बोले- घमंड चूर करेंगे The post ‘अलविदा हिंदुस्तान… चीन में मिलेंगे’अरुणाचल के युवक के भावुक पोस्ट पर अखिलेश यादव बोले- ‘परिसीमन की नहीं, सीमाओं की चिंता करो’ appeared first on Naya Vichar.
Rishabh Pant Viral Ball Kicking Video: हिंदुस्तान और श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के बीच स्पोर्ट्से गए अभ्यास मैच के तीसरे दिन ऋषभ पंत ने अपनी बल्लेबाजी के साथ एक मजेदार अंदाज से भी फैंस का खूब मनोरंजन किया. पंत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह बल्लेबाजी के दौरान गेंद को बल्ले से स्पोर्ट्सने के बजाय पैर से किक करते नजर आए. उनका यह फुटबॉल वाला अंदाज देखकर मैदान पर मौजूद लोग भी हंस पड़े. वाइड गेंदों को पैर से किया किक दरअसल, दूसरी पारी में पंत शुरुआत में बेहद संभलकर बल्लेबाजी कर रहे थे. उन्होंने अपनी पहली 21 गेंदों पर कोई रन नहीं बनाया. इसी बीच स्पिनर दिलुम सुदीरा ने लेग साइड की तरफ लगातार कुछ गेंदें वाइड फेंकीं. पंत ने इन गेंदों को जाने देने के बजाय मजेदार अंदाज में पैर से किक करना शुरू कर दिया. वीडियो हुआ इंटरनेट पर वायरल ऋषभ पंत का यह अंदाज देखकर मैदान में मौजूद कमेंटेटर्स भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. देखते ही देखते उनकी यह ‘फुटबॉल’ क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी. फैंस सोशल मीडिया पर इससे रिलेटेड वीडियो देखने के बाद लोग इसे जमकर एक-दूसरे को शेयर कर रहें है. पंत के लिए यह पल इसलिए भी खास रहा क्योंकि वह पहली पारी में सस्ते में आउट होने के बाद दूसरी पारी में काफी सतर्क होकर स्पोर्ट्स रहे थे. Also Read: प्रैक्टिस मैच से बेहतर तैयारी नहीं हो सकती… जानें श्रीलंका के खिलाफ जीत पर हिंदुस्तानीय बैटिंग कोच ने क्या कहा 21 गेंद डॉट स्पोर्ट्सने के बाद बदला अंदाज शुरुआत में पंत के डिफेंसिव रवैये पर ड्रेसिंग रूम में मौजूद मुख्य कोच गौतम गंभीर की प्रतिक्रिया भी देखने को मिली. हालांकि, कुछ ही देर बाद पंत अपने पुराने आक्रामक अंदाज में लौट आए. उन्होंने केशरा नुवांता की गेंद पर जोरदार छक्का जड़ा. इसके बाद दिलुम सुदीरा को भी पंत ने निशाना बनाया और उनके दूसरे ही ओवर में छक्का लगा दिया. पंत ने अपनी पारी में कुल तीन छक्के लगाए. इस तरह उन्होंने पहले धैर्य दिखाया और फिर अपने ट्रेडमार्क आक्रामक अंदाज में लौटकर फैंस का मनोरंजन किया. Also Read: बीच मैदान पर आखिर श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने क्यों किया सिराज का बैट चेक, जानें क्या था पूरा मामला The post IND vs SL Xl: प्रैक्टिस मैच में ऋषभ पंत स्पोर्ट्सने लगे फुटबॉल, वीडियो देखकर आपकी भी छूट जाएगी हंसी appeared first on Naya Vichar.