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August 11, 2026

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घर के मेन गेट पर लगाएं ये 4 पौधे, वास्तु में माना जाता है शुभ

Vastu Tips For Main Door: वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को खास जगह माना गया है. माना जाता है कि घर में आने वाली सकारात्मकता पर मुख्य द्वार का असर पड़ता है. वास्तु विशेषज्ञ बाबा बिमलेश के अनुसार, मुख्य द्वार के पास कुछ खास पौधे लगाना शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं ऐसे 4 पौधों के बारे में. तुलसी का पौधा तुलसी को घर के लिए शुभ+ पौधा माना जाता है. वास्तु मान्यता के अनुसार, इसे मुख्य द्वार के पास रखने से घर में सुख-शांति बनी रहती है. तुलसी के लिए उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा को अच्छा माना जाता है. इसके आसपास साफ-सफाई रखना भी जरूरी है. शमी का पौधा शमी का पौधा भी घर के लिए शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता में इसका संबंध शनि देव और भगवान शिव से बताया गया है. इसे घर के मुख्य द्वार के पास रखा जा सकता है. पौधे की नियमित देखभाल करने से यह हरा-भरा बना रहता है. मनी प्लांट मनी प्लांट को घर की खुशहाली और धन से जोड़कर देखा जाता है. वास्तु के अनुसार, इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है. मुख्य द्वार के पास इसे साफ जगह पर रखें और इसकी बेल को सही तरीके से सहारा दें. जेड प्लांट जेड प्लांट देखने में सुंदर होने के साथ घर की सजावट के लिए भी अच्छा विकल्प है. वास्तु मान्यता के अनुसार, इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है. इसे मुख्य द्वार के पास ऐसी जगह रखें, जहां इसे पर्याप्त रोशनी मिल सके. पौधों को लेकर इन बातों का रखें ध्यान पौधों के आसपास हमेशा सफाई रखें. सूखा या मुरझाया पौधा समय पर हटा दें. पौधे की जरूरत के अनुसार पानी दें. मुख्य द्वार के पास कांटेदार पौधे लगाने से बचें. पौधों को ऐसी जगह रखें, जहां उन्हें सही रोशनी और हवा मिल सके. यह भी पढ़ें: रसोई से आती है घर में खुशहाली, सुबह-शाम करें ये 3 आसान वास्तु उपाय The post घर के मेन गेट पर लगाएं ये 4 पौधे, वास्तु में माना जाता है शुभ appeared first on Naya Vichar.

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श्रीलंका की धरती पर कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड? 2017 में किया था क्लीन स्वीप

श्रीलंका में जाकर टेस्ट क्रिकेट स्पोर्ट्सना आसान नहीं रहा है. अब एक बार फिर हिंदुस्तानीय टीम श्रीलंका में टेस्ट मैच स्पोर्ट्सने को लिए पूरी तरह से तैयार है. 15 अगस्त से शुरू होने वाले दो मैचों की टेस्ट सीरीज में शुभमन गिल पहली बार श्रीलंका में बतौर टेस्ट कप्तान टीम की अगुवाई करेंगे. ऐसे में उनके सामने सिर्फ सीरीज जीतने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि पुराने दबदबे को कायम रखने की भी जिम्मेदारी होगी. श्रीलंका में हिंदुस्तान के टेस्ट रिकॉर्ड की बात करें तो हिंदुस्तानीय टीम का पलड़ा भारी रहा है. हिंदुस्तान ने श्रीलंका की धरती पर अब तक 24 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से हैं. इनमें टीम इंडिया ने 9 मुकाबले जीते, जबकि 7 में उसे हार का सामना करना पड़ा. वहीं 8 टेस्ट ड्रॉ रहे. यानी श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पोर्ट्सने के बावजूद हिंदुस्तानीय टीम ने हार से ज्यादा जीत हासिल की है. 2017 के दौरे में कोहली की टीम ने मचाया था धमाल श्रीलंका में हिंदुस्तान के सबसे यादगार दौरों में 2017 का दौरा भी शामिल है. विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने उस सीरीज में ऐसा प्रदर्शन किया था. शानदार प्रदर्शन के कारण श्रीलंकाई टीम के पास ज्यादा मौके ही नहीं बचे. हिंदुस्तान ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में श्रीलंका का 3-0 से क्लीन स्वीप किया था. उस दौरे पर हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया था. टेस्ट के लिए 9 साल बाद हिंदुस्तानीय टीम कर रही है श्रीलंका का दौरा अब करीब नौ साल बाद हिंदुस्तानीय टीम टेस्ट स्पोर्ट्सने फिर श्रीलंका पहुंची है. इस बार कप्तान विराट कोहली नहीं, बल्कि शुभमन गिल हैं. गिल के लिए यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि टेस्ट कप्तान के रूप में उनके नेतृत्व की असली परीक्षा विदेशी परिस्थितियों में होगी. ये भी पढ़ें: अजीत अगरकर की जगह चीफ सेलेक्टर नहीं बनना चाहते VVS लक्ष्मण? BCCI के सामने बढ़ी चुनौती ओवरऑल रिकॉर्ड में भी हिंदुस्तान का पलड़ा भारी हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच टेस्ट क्रिकेट का इतिहास देखें तो हिंदुस्तानीय टीम का दबदबा और साफ नजर आता है. दोनों टीमों के बीच अब तक 46 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से गए हैं. इनमें हिंदुस्तान ने 22 मैच जीते हैं, जबकि श्रीलंका को सिर्फ 7 मुकाबलों में जीत मिली है. यानी टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ हिंदुस्तान का रिकॉर्ड काफी मजबूत है. दोनों टीमों की आखिरी टेस्ट भिड़ंत 2022 में हुई थी. तब रोहित शर्मा की कप्तानी में हिंदुस्तान ने श्रीलंका को दो मैचों की सीरीज में 2-0 से मात दी थी. इस लिहाज से पिछले कुछ वर्षों में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में हिंदुस्तान का पलड़ा लगातार भारी रहा है. इस रिकॉर्ड को बढ़ाने की जिम्मेदारी गिल के कंधों पर अब इस रिकॉर्ड को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी शुभमन गिल के कंधों पर है. कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के बाद यह उनके लिए एक और अहम पड़ाव है. हिंदुस्तान अगर श्रीलंका में अच्छी शुरुआत करता है तो गिल के नेतृत्व को भी मजबूती मिलेगी. अभ्यास मैच में हिंदुस्तानीय टीम ने हासिल की जीत सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया ने तीन दिवसीय अभ्यास मैच में श्रीलंका क्रिकेट इलेवन को 6 विकेट से हराकर अपनी तैयारियों का अच्छा संकेत दिया है. अभ्यास मैच में यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, रवींद्र जडेजा और खुद कप्तान शुभमन गिल अच्छी लय में नजर आए. खास तौर पर पडिक्कल ने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 142 रन की नाबाद पारी स्पोर्ट्सी. अब अभ्यास मैच में मिली इस लय को हिंदुस्तानीय टीम 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट में भी बरकरार रखना चाहेगी. ये भी पढ़ें: ICC प्लेयर ऑफ द मंथ के लिए ये तीन खिलाड़ी हुए नॉमिनेट, एक ने तो हिंदुस्तानीय टीम के खिलाफ मचाई थी तबाही The post श्रीलंका की धरती पर कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड? 2017 में किया था क्लीन स्वीप appeared first on Naya Vichar.

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15 अगस्त स्पेशल: 5 मिनट में ऐसे तैयार करें जोशीला स्पीच, नहीं छूटेगा एक भी पॉइंट

Independence Day Speech in Hindi: 15 अगस्त का दिन हिंदुस्तान के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है. इसी दिन साल 1947 में हमारे देश को वर्षों की गुलामी के बाद आजादी मिली थी. इस खास मौके पर देश भर के स्कूलों, कॉलेजों में स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. इस दौरान मंच पर जाकर स्पीच देना हर छात्र और वक्ता के लिए एक बड़ा और गर्व का अनुभव होता है. अगर आपको भी 15 अगस्त के दिन मंच पर बोलना है और समझ नहीं आ रहा कि शुरुआत कैसे करें, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. Independence Day Speech तैयार करने के लिए बस 5 मिनट का एक सरल ढांचा समझ लें. इससे आपका एक भी पॉइंट नहीं छूटेगा और आपका भाषण लोगों के दिलों को छू जाएगा. 5 मिनट का स्पीच तैयार करने का सही तरीका किसी भी सफल स्पीच को मुख्य रूप से 3 भागों में बांटा जाता है- शुरुआत (1 मिनट): अतिथियों का अभिवादन करें और एक देशभक्ति शायरी या नारे से शुरुआत करें. मुख्य विषय (3 मिनट): आजादी के इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और देश की प्रगति पर बात करें. निष्कर्ष व अंत (1 मिनट): देश के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प लें, धन्यवाद कहें और ‘जय हिंद’ के नारे के साथ भाषण समाप्त करें. ये भी पढ़ें: क्या आप जानते हैं हिंदुस्तान की आजादी से जुड़े इन 10 सवालों के जवाब? स्पोर्ट्सें ये आसान Independence Day Quiz 5 मिनट की स्पीच स्क्रिप्ट आप नीचे दी गई स्क्रिप्ट का इस्तेमाल सीधे अपने भाषण के लिए कर सकते हैं: शुरुआत (अभिवादन): आदरणीय मुख्य अतिथिगण, आदरणीय शिक्षकगण और मेरे प्यारे दोस्तों, आप सभी को 79वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि की शान का है, हम लहराएंगे हर जगह यह तिरंगा, नशा यह हिंदुस्तान की शान का है. मुख्य भाषण (इतिहास व बलिदान): आज हम सब यहां अपने देश का स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं. 15 अगस्त 1947 को हिंदुस्तान अंग्रेजों की लगभग 200 वर्षों की गुलामी से आजाद हुआ था. इस आजादी को पाने के लिए हमारे देश के वीर सपूतों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान दे दिया था. महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद और रानी लक्ष्मीबाई जैसे अनगिनत वीरों के कड़े संघर्ष और बलिदान की बदौलत ही आज हम आजाद हिंदुस्तान में सांस ले पा रहे हैं. आजादी का यह दिन हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलने और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की याद दिलाता है. देश का विकास और हमारी जिम्मेदारी: आज हमारा हिंदुस्तान विज्ञान, तकनीक, स्पोर्ट्स और रक्षा के क्षेत्र में दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहा है. लेकिन एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारा यह कर्तव्य है कि हम देश में फैली गरीबी, अशिक्षा और गंदगी जैसी समस्याओं को मिटाने में अपना योगदान दें. जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करेगा, तभी हमारा हिंदुस्तान सही मायनों में विश्व गुरु बनेगा. समापन: आइए आज इस पावन अवसर पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपने देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा हमेशा करेंगे. मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए – हिंदुस्तान माता की जय. जय हिंद. जय हिंदुस्तान. ये भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस पर स्पेशल 20+ GK के सवाल! क्या आप दे सकते हैं इन 30 सवालों के सही जवाब? The post 15 अगस्त स्पेशल: 5 मिनट में ऐसे तैयार करें जोशीला स्पीच, नहीं छूटेगा एक भी पॉइंट appeared first on Naya Vichar.

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5G डेटा इतनी तेजी से क्यों खत्म हो रहा है? अपने फोन का बैकग्राउंड डेटा और बैटरी ड्रेन ऐसे करें फिक्स

हिंदुस्तान में 5G नेटवर्क का विस्तार होने के बाद से मोबाइल इंटरनेट का दायरा काफी बदल चुका है. जहां एक तरफ पलक झपकते ही 4K वीडियो प्ले हो रहे हैं और फाइलें डाउनलोड हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्मार्टफोन यूजर्स एक नई सिरदर्दी से जूझ रहे हैं. लगभग हर दूसरा यूजर शिकायत कर रहा है कि 5G इस्तेमाल करने के बाद उनका दैनिक डेटा कोटा समय से पहले ही खत्म हो जाता है और फोन की बैटरी भी तेजी से ड्रेन होने लगती है. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो समस्या आपके नेटवर्क में नहीं बल्कि आपके हैंडसेट के अंदर चल रहे बैकग्राउंड प्रॉसेस और सेटिंग्स में छिपी है. क्यों 5G नेटवर्क पर उड़ जाता है इंटरनेट डेटा और तेजी से घटती है बैटरी? 5G तकनीक की मूल कार्यप्रणाली ही 4G की तुलना में काफी अलग है. जब आप 5G स्पीड पर सर्फिंग करते हैं, तो इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे ऐप्स ऑटोमैटिकली बिना आपकी अनुमति के हाई-डेफिनिशन (HD) या 4K में कंटेंट लोड करना शुरू कर देते हैं. जो वीडियो 4G पर 480p या 720p में चलता था, वही अब 1080p या हाई रेजॉल्यूशन में रेंडर होता है, जिससे डेटा की खपत दोगुनी से तीन गुनी हो जाती है. इसके साथ ही, 5G नेटवर्क के अस्थिर कवरेज के कारण फोन का मॉडेम बार-बार 5G और 4G के बीच स्विच करता रहता है. यह लगातार सर्चिंग प्रॉसेस फोन के प्रॉसेसर पर भारी लोड डालती है, जिससे डिवाइस गर्म होता है और बैटरी पलक झपकते ही खाली हो जाती है. बैकग्राउंड डेटा की चोरी ऐसे रोकें: चुटकियों में बचेगी MB अगर आप चाहते हैं कि जब आप फोन का इस्तेमाल न कर रहे हों तब इंटरनेट खर्च न हो, तो बैकग्राउंड डेटा ऐक्सेस को ब्लॉक करना जरूरी है. इसके लिए अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन की Settings में जाएं और Network & Internet (या Connection & Sharing) के अंदर Data Usage विकल्प पर टैप करें. यहां आपको उन ऐप्स की लिस्ट दिखेगी जो सबसे ज्यादा इंटरनेट की खपत कर रहे हैं. सोशल मीडिया और शॉपिंग ऐप्स पर क्लिक करके Allow Background Data Usage टॉगल को ऑफ (Disable) कर दें. इससे ऐप्स केवल तभी डेटा का इस्तेमाल करेंगे जब वे स्क्रीन पर खुले होंगे, जिससे फालतू डेटा ड्रेन पूरी तरह थम जाएगा. 5G बैटरी ड्रेन को रोकने वाली 3 जादुई सेटिंग्स बैटरी की लाइफ को दोगुना करने के लिए फोन में कुछ बेसिक बदलाव करने होंगे. सबसे पहले, सेटिंग्स में Mobile Network में जाकर Smart 5G (या Auto 5G) मोड ऑन करें, जिससे नेटवर्क स्थिर न होने पर फोन जबरदस्ती 5G से कनेक्ट रहने के बजाय अपने आप 4G पर शिफ्ट हो जाए. दूसरी अहम सेटिंग Wi-Fi & Bluetooth Scanning को बंद करना है; लोकेशन सेटिंग्स में जाकर इसे ऑफ कर देने से फोन बैकग्राउंड में नेटवर्क सर्च करना बंद कर देगा. इसके अतिरिक्त, सेटिंग्स के Battery सेक्शन में जाकर गैर-जरूरी ऐप्स के लिए Restricted Battery Usage या Auto-Optimize विकल्प चुनें, ताकि स्क्रीन लॉक होने के बाद ऐप्स पावर न खींचें. डेटा सेवर मोड और ऑटो-अपडेट्स का सही इस्तेमाल स्मार्टफोन में मौजूद Data Saver फीचर को ऑन करना 5G डेटा बचाने का सबसे आसान और प्रभावी उपाय है. इसे चालू करते ही सिस्टम-वाइड बैकग्राउंड सिंक सीमित हो जाता है. साथ ही, गूगल प्ले स्टोर (Play Store) और ऐप स्टोर की सेटिंग्स में जाकर Auto-update apps को Over Wi-Fi only पर सेट करें. अक्सर 5G नेटवर्क मिलते ही प्ले स्टोर बैकग्राउंड में भारी-भरकम ऐप अपडेट्स डाउनलोड करने लगता है, जिससे कुछ ही मिनटों में 1GB से 2GB तक डेटा साफ हो जाता है. इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर आप बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपने 5G डेटा और बैटरी दोनों को पूरे दिन के लिए सुरक्षित रख सकते हैं. ये भी पढ़ें: क्या मैग्नेट से खराब हो सकता है आपका स्मार्टफोन? जानिए क्या है सच और किन बातों का रखना चाहिए ध्यान ये भी पढ़ें: क्या मोबाइल नंबर से लाइव लोकेशन ट्रैक हो सकता है? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती? The post 5G डेटा इतनी तेजी से क्यों खत्म हो रहा है? अपने फोन का बैकग्राउंड डेटा और बैटरी ड्रेन ऐसे करें फिक्स appeared first on Naya Vichar.

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11 अगस्त की टॉप 20 खबरें: छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ बीजेपी का आज झारखंड बंद, कोलंबिया में भूकंप के तेज झटके

1. JPSC JSSC Protest: छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ बीजेपी का हल्लाबोल, 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान JPSC-JSSC आंदोलन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का ऐलान किया है. जानें बंद का समय और आंदोलन से जुड़ी पूरी जानकारी. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 2. विधानसभा में आंदोलनकारियों पर फिर बरसा पुलिस का डंडा, छात्र नेता बोले- अब सीधे CM से बात होगी झारखंड विधानसभा के बाहर जेपीएससी और जेएसएससी आंदोलनकारी छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे भगदड़ मच गई. छात्रों ने प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से सीधी बात करने की मांग की है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. Jharkhand Vidhan Sabha March: छात्रों पर लाठी चार्ज के बाद बोले छात्र नेता झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. 10 अगस्त 2026 को आंदोलनकारी छात्रों ने विधानसभा का घेराव किया. पुलिस ने आंदोलनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया. वाटर कैनन से पानी की बौछार की. छात्रों ने रेन डांस किया. दिनभर छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहा और वे विधानसभा के गेट नंबर-1 पर डटे रहे, लेकिन शाम सात बजे के बाद पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज कर छात्रों को विधानसभा से खदेड़ दिया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से दहशत, 20 की मौत; इक्वाडोर-पनामा तक कांपी धरती कोलंबिया में सोमवार को 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे देश के कई हिस्सों में दहशत फैल गई. प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है. भूकंप के झटके राजधानी बोगोटा समेत कई बड़े शहरों में महसूस किए गए. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. Video : उत्तराखंड में उफान पर आया तमक नाला, बाढ़ के पानी में बह गया पुल; यातायात बाधित चमोली जिले में भारी बारिश के कारण तमक नाला उफान पर आ गया है, जिससे एक महत्वपूर्ण पुल क्षतिग्रस्त हो गया. इस घटना के कारण मलारी से आगे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. JPSC परीक्षा विवाद में बड़ी कार्रवाई, पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते गिरफ्तार झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को JPSC-JSSC परीक्षा विवाद के बीच गिरफ्तार कर लिया गया है. जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मामले की गहराई से जांच कर रही है. इस गिरफ्तारी को मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. ‘विपक्ष के बहकावे में न आएं’- बवाल के बाद CM हेमंत का छात्रों को संदेश, लाठी चार्ज पर क्या बोले सिटी एसपी जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर हुए विधानसभा घेराव और बवाल के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से संवाद का न्योता दिया है. उन्होंने विपक्ष के भड़काने वाले मनसूबों से सावधान रहने की अपील की. वहीं, सिटी एसपी पारस राणा ने बल प्रयोग की वजह बताई. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. भरत तिवारी एनकाउंटर केस : आरोपी अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की फैली अफवाह, जानिए क्या है सच भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है. एसडीएम और थानाध्यक्ष के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की समाचार का कोर्ट ने खंडन किया है. जानें न्यायिक जांच की ताजा स्थिति. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. 2130 करोड़ से बदलेगी बिहार के इन 3 पर्यटन स्थलों की तस्वीर, जानिए प्रशासन का मेगा प्लान बिहार के गयाजी-बोधगया और नालंदा-राजगीर के लिए 2130 करोड़ रुपये की योजना तैयार हुई है. बोधगया में हेरिटेज हाट और इंटरनेशनल फूड कोर्ट भी प्रस्तावित है. बेगूसराय के सिमरिया घाट के लिए 12.16 करोड़ की योजना बनी है. अब केंद्र की मंजूरी का इंतजार है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. हाथरस की रैली में गरजे आकाश आनंद,राहुल-अखिलेश को कहा अंकल, भाजपा से मांगा 10 साल का हिसाब बहुजन समाज पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने हाथरस के सादाबाद से 2027 विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी अभियान की शुरुआत की. उन्होंने भाजपा प्रशासन के साथ-साथ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी तीखे नेतृत्वक हमले किए. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. एक बार फिर बढ़ी सपा नेता आजम खान की मुश्किलें: 20 साल पुराने पार्क कब्जे मामले में SIT गठित, सामने आया नाम प्रयागराज में पार्क की जमीन पर कथित कब्जे का 20 साल पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में है. इस मामले में सपा नेता आजम खान का नाम सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. अब 88 जगहों से हिंदुस्तान आ सकेंगे e-वीजा वाले यात्री, 11 नए इंटरनेशनल पोर्ट जोड़े गए हिंदुस्तान ने विदेशी यात्रियों के लिए e-वीजा की सुविधा का विस्तार किया है, जिसमें 11 नए इंटरनेशनल पोर्ट जोड़े गए हैं. अब कुल 88 पोर्ट से e-वीजा धारक हिंदुस्तान में प्रवेश कर सकते हैं. यह कदम वीजा प्रक्रिया को और सुगम बनाएगा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. राहुल गांधी ने अमित शाह से पूछा, पैलेट गन और छात्रों को लाठियों से पीटने का आदेश किसने दिया? दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुए लाठीचार्ज, पैलेट गन के इस्तेमाल और अयोध्या राम मंदिर में हुई कथित चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र प्रशासन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री से तीन प्रमुख मांगों को लेकर जवाब मांगा है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. JPSC Protest: राहुल गांधी ने छात्रों पर लाठीचार्ज को बताया गलत, हेमंत प्रशासन से कहा- तुरंत निकालें हल राहुल गांधी ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग की आलोचना की है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा- लोकतंत्र में छात्रों को अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है, और किसी भी स्थिति में उनके खिलाफ बल प्रयोग करना सरासर गलत है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 15. स्वतंत्रता दिवस समारोह: पहली बार

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कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भीषण भूकंप: 111 की मौत, मलबे में दबे दर्जनों लोग, देखें भयावह वीडियो

कोलंबिया में सोमवार (10 अगस्त) को आए 7.4 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है. राष्ट्रपति एबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 111 लोगों की मौत हो चुकी है और 87 लोग घायल हैं. भूकंप के तेज झटकों के कारण 61 से अधिक इमारतें ढह गईं, जिनके मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है. अमरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप सुबह स्थानीय समयानुसार 7:34 बजे चोको प्रांत के सैन जोस डेल पाल्मार से 5 किमी पूर्व में आया था. इसका केंद्र जमीन से करीब 107 किमी गहराई में था. राहत और बचाव कार्य जारी हैं. भूकंप के बाद का भयावह वीडियो लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं. भूकंप प्रभावित इलाकों में तबाही के आकलन के बाद मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने नेशनल इमरजेंसी की घोषणा कर दी है. इसके तेज झटके कोलंबिया के अलावा पड़ोसी देशों वेनेजुएला, इक्वाडोर और पनामा में भी महसूस किए गए. हालांकि, अमेरिकी सुनामी अलर्ट सिस्टम (US Tsunami Warning System) के अनुसार कोलंबिया के प्रशांत महासागरीय तट (Pacific Coast) पर सुनामी का कोई खतरा या चेतावनी जारी नहीं की गई है. फिलहाल, कई शहरों में भारी नुकसान की समाचारें आ रही हैं और प्रशासन राहत अभियानों में जुटा है. ये भी पढ़ें: कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से दहशत, 20 की मौत; इक्वाडोर-पनामा तक कांपी धरती इमरजेंसी टीम बचे हुए लोगों की तलाश के लिए प्रभावित इलाकों में पहुंचीं. इससे वहां हुई भीषण तबाही का असली मंजर सामने आने लगा है. ढही हुई इमारतों के मलबे में अभी भी कई लोग फंसे हुए हैं, जिसे देखते हुए अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्यों को पहली प्राथमिकता पर रखा है. काली शहर के मेयर एलेजांद्रो एडर के अनुसार, भूकंप के कारण शहर में कम से कम 20 इमारतें गिर गई हैं. इन ढही हुई इमारतों के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने का काम जारी है. The post कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भीषण भूकंप: 111 की मौत, मलबे में दबे दर्जनों लोग, देखें भयावह वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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मौसम : बिहार-झारखंड में बारिश का अलर्ट, जानें 15 अगस्त तक कहां होगी भारी बारिश

Weather Forecast : मौसम विभाग ने प्रेस रिलीज जारी करके बताया कि 11 से 13 अगस्त के दौरान उत्तर और पूर्वी हिंदुस्तान के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है. 11 अगस्त और 13 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के सभी इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. वहीं 11 से 12 अगस्त के दौरान पूर्वी राजस्थान और 14 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकतर इलाकों में वर्षा होने के आसार हैं. 11 से 12 अगस्त तक पश्चिमी मध्य प्रदेश और 10 से 16 अगस्त तक पूर्वी मध्य प्रदेश के सभी इलाकों में बारिश होने के आसार हैं. वहीं छत्तीसगढ़ में 13 से 16 अगस्त के दौरान जबकि विदर्भ में 13 व 14 अगस्त को काफी बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश हो सकती है. झारखंड का कैसा रहेगा मौसम ? झारखंड में 11 से 14 अगस्त 2026 के दौरान आमतौर पर बादल छाए रहने का अनुमान है. 11 अगस्त को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की राजस्थान का मौसम कैसा रहेगा ? राजस्थान में 11 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश का अनुमान है, जबकि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर और अजमेर संभागों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके बाद 12 और 13 अगस्त को भारी बारिश में कमी आएगी लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहेगी. वहीं 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान और 15 अगस्त से पूर्वी राजस्थान के अधिकांश भागों में बारिश में कमी देखी जाएगी. The post मौसम : बिहार-झारखंड में बारिश का अलर्ट, जानें 15 अगस्त तक कहां होगी भारी बारिश appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में मस्जिदों-मदरसों का बनेगा डेटाबेस, शुभेंदु सरकार ने कमिश्नर-एसपी को सौंपी जिम्मेदारी

Mosque Survey West Bengal: पश्चिम बंगाल में मस्जिदों, इदगाहों, दरगाहों, मजारों और मस्जिदों का डेटाबेस बनाने का कार्य शुरू हो गया है. इसके लिए एक तैयार प्रोफॉर्मा राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को भेजा गया है. इसमें कुल 20 से 26 प्रकार की जानकारियां मांगी गयी है. अत्यावश्यक आधार पर सर्वे करने के लिए सभी पुलिस आयुक्तों और अधीक्षकों को भेजा गया पत्र मस्जिद, इदगाह, दरगाह व मजार से जुड़ी कुल 21 जानकारी लेकर तैयार प्रोफॉर्मा भरकर भेजने का निर्देश मदरसों के सर्वे के लिए अलग प्रोफॉर्मा, इसमें मांगी गयी हैं कुल 26 प्रकार की जानकारियां मस्जिद, ईदगाह, दरगाह व मजार से मांगी ये सूचनाएं मस्जिद, ईदगाह, दरगाह व मजार से संबंधित जो जानकारियां मांगी गयी हैं, वह इस प्रकार है. कितने वर्ष पुराने हैं सीमा से दूरी (एरियल) कितनी है किस प्रकार की जमीन (सराकरी, वक्फ भूमि, निजी, अतिक्रमित) पर बने हैं. क्या रजिस्टर्ड है? वैध या अवैध? भवन का क्षेत्रफल कितना है? कितनी मंजिल है? फंडिंग का सोर्स (यदि विदेशी फंडिंग है, तो उसका विवरण) क्या है? आवासीय घर है या नहीं? क्या कोई चहारदीवारी है? यदि है, तो उसकी ऊंचाई कितनी है? पिछले 3 वर्षों में क्या कोई विदेशी नागरिक यहां आया है? इंटेलिजेंस विभाग को भेजनी है जानकारी निर्देश दिया गया है कि उपरोक्त सारी जानकारियां जगह की तस्वीर के साथ प्रोफॉर्मा में भरकर राज्य के इंटेलिजेंस विभाग को भेजें. इसे मोस्ट अर्जेंट (अत्यावश्यक) मानकर काम करें. हालांकि, यह आंकड़ा क्यों संग्रह किया जा रहा है? इस बारे में कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है. मदरसों का भी शुरू हुआ सर्वेक्षण राज्य के मदरसों के सर्वे को लेकर भी प्रोफॉर्मा तैयार किया गया है, जिसमें कुल 26 प्रकार की जानकारियां मांगी गयी है. इसमें प्रमुख सवाल इस प्रकार हैं. मदरसा का नाम और उसका प्रकार (जूनियर, हाई, सीनियर) क्या है? प्रशासनी मान्यताप्राप्त है या खारीजी है? पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन से मान्यता है या नहीं? यदि है तो मान्यता कितने दिनों तक वैलिड है? जीपीएस को-ऑर्डिनेट के साथ पूरा पता. धार्मिक अनुमोदन (बरेलवी, डियोबंदी, अहले हदीस, शिया, जुह अन्य) किसका है? स्थापना का साल. सीमा से दूरी (एरियल) कितनी है. प्रतिष्ठान के प्रमुख का विवरण. फंडिंग का सोर्स ( सराकरी एडेड, निजी, स्पॉन्सर, विदेशी फंड) क्या है? किस जमीन (प्रशासनी, वक्फ, निजी, अतिक्रमित) पर निर्मित है? विद्यार्थियों की कुल संख्या (लड़का, लड़की, विदेशी शिशु) कितनी है? कर्मियों की संख्या (टीचिंग और नन टीचिंग) कितनी है? आवासीय है या नहीं? आवासीय है तो कितने रूम हैं? पढ़ाने की भाषा क्या है? कोर्स और विषयों का डिटेल्स? नजदीकी शिक्षण प्रतिष्ठान (प्रशासनी स्कूल ) की दूरी कितनी है? पहले क्या कोई अनहोनी हुई है? चहारदीवारी है या नहीं? यदि है तो उसकी ऊंचाई कितनी है? प्रतिष्ठान से जुड़ा अदालत में कोई मामला यदि चल रहा है, तो उसका पूर्ण विवरण. प्रतिष्ठान के बोर्ड या फैकल्टी में किसी एफआईआर में नामजद या चार्जशीटेड व्यक्ति का नाम है या नहीं? है तो पूरा विवरण. प्रतिष्ठान का कोई पूर्व छात्र किसी नेतृत्वक पार्टी में सांगठनिक पद पर है? अगर हां, तो उसका पूरा विवरण. क्या प्रतिष्ठान किसी दूसरे देशों के साथ फॉरेन एक्सचेंज प्रोग्राम चला रहा है? यदि हां, तो उसका पूरा विवरण. The post बंगाल में मस्जिदों-मदरसों का बनेगा डेटाबेस, शुभेंदु प्रशासन ने कमिश्नर-एसपी को सौंपी जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

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यूपी चुनाव से पहले नई सियासी एंट्री, करणी सेना के इस फैसले से यूपी की सियासत में हलचल

UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गयी है. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के खिलाफ अब करणी सेना ने भी चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है. करणी सेना के अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू ने कहा है कि संगठन यूपी की 50 से 70 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकता है. उन्होंने सत्ता पक्ष में बैठे “घमंडी लोगों” का घमंड चूर करने की बात भी कही. लखनऊ में बैठक के बाद अम्मू का बड़ा ऐलान लखनऊ में आयोजित बैठक में सूरजपाल सिंह अम्मू ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति का संकेत दिया. उन्होंने कहा कि करणी सेना चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है और 50 से 70 सीटों पर उम्मीदवार मैदान में उतारे जा सकते हैं. हालांकि उन्होंने किसी पार्टी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनके बयान का निशाना भाजपा की ओर माना जा रहा है. अम्मू ने कहा कि सत्ता पार्टी में बैठे घमंडी लोगों का घमंड चूर किया जायेगा. ऐसे में अगर करणी सेना चुनावी मैदान में उतरती है तो कई विधानसभा सीटों पर इसका असर देखने को मिल सकता है. MLC चुनाव में स्मिता मिश्रा को समर्थन करणी सेना अध्यक्ष ने स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर भी अपना रुख साफ किया. उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी डॉ. स्मिता मिश्रा को समर्थन करेगी. इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद पर भी नाराजगी जतायी. उनका आरोप है कि मामले में अभी तक सिर्फ कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है, जबकि कुछ अन्य लोगों पर भी सवाल उठते हैं. आरक्षण पर भी अम्मू ने रखी अपनी बात सूरजपाल सिंह अम्मू ने आरक्षण के मौजूदा स्वरूप पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि गरीब किसी भी सामाजिक वर्ग से हो सकता है. उनके मुताबिक आरक्षण का लाभ उसी व्यक्ति को मिलना चाहिए जिसे वास्तव में इसकी जरूरत है. अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना अम्मू ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के PDA को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने PDA की अपनी व्याख्या करते हुए कहा कि इसमें ‘P’ का मतलब पीड़ित है. उन्होंने सपा-बसपा प्रशासनों के दौरान लगे नारों और अपने समाज के कथित अपमान का मुद्दा उठाया. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि योगी “बगैर मूंछ वाले ठाकुर” हैं. राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर उन्होंने कहा कि राम उनके आराध्य हैं और उनके आराध्य के घर में चोरी होना गंभीर मामला है. 50-70 सीटों पर उतरने से बदलेंगे समीकरण? 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले करणी सेना का यह ऐलान यूपी की सियासत में नया कोण जोड़ सकता है. खासकर उन सीटों पर जहां सामाजिक समीकरण बेहद करीबी हैं, वहां अलग उम्मीदवार के मैदान में आने से प्रमुख दलों के वोट समीकरण प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि करणी सेना वास्तव में कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारती है और किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा. यह भी पढ़ें: सपा सांसद अफजाल अंसारी की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, तीनों FIR पर प्रशासन से मांगा जवाब The post यूपी चुनाव से पहले नई सियासी एंट्री, करणी सेना के इस फैसले से यूपी की सियासत में हलचल appeared first on Naya Vichar.

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UPI यूजर्स को नहीं देना होगा कोई चार्ज, जानें दुकानदारों पर कैसे पड़ेगा MDR का असर

अगर आप रोजाना UPI से पेमेंट करते हैं, तो आपके लिए राहत की समाचार है. फिलहाल UPI से पेमेंट करने पर आपको कोई MDR यानी Merchant Discount Rate नहीं देना होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया है कि अगर भविष्य में MDR लागू किया भी जाता है, तो इसका बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा. यह चार्ज मर्चेंट यानी दुकानदारों और कारोबारियों पर लागू होगा. यह सफाई Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 को लेकर उठी उन चिंताओं के बाद आई है, जिनमें आशंका जताई जा रही थी कि UPI पेमेंट करने वाले ग्राहकों से भी शुल्क लिया जा सकता है. हालांकि, फिलहाल ऐसा कोई शुल्क लागू नहीं किया गया है. क्या प्रशासन UPI पर MDR लगाने जा रही है? नहीं. सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि 2026 का यह बिल UPI पर कोई नया MDR लागू नहीं करता. इसमें किसी खास शुल्क की रकम भी तय नहीं की गई है. बिल सिर्फ ऐसा कानूनी रास्ता तैयार करता है, जिससे प्रशासन आगे चलकर नोटिफिकेशन के जरिए मौजूदा जीरो-MDR व्यवस्था में बदलाव कर सके. यानी अभी UPI यूजर्स के लिए पेमेंट का तरीका पहले जैसा ही रहेगा. वित्त मंत्री ने कहा है कि अगर भविष्य में MDR लागू करने का फैसला होता है, तो यह ग्राहकों के बजाय मर्चेंट पर लागू होगा. MDR आखिर होता क्या है? MDR यानी Merchant Discount Rate वह फीस है, जो डिजिटल पेमेंट को प्रोसेस करने के बदले मर्चेंट की तरफ से बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और दूसरे संबंधित पक्षों को दी जाती है. आसान भाषा में समझें तो जब कोई ग्राहक डिजिटल पेमेंट करता है, तो इस फीस का असर आमतौर पर पेमेंट पाने वाले मर्चेंट पर होता है. ग्राहक सीधे MDR नहीं देता. UPI ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने में शामिल अलग-अलग पक्षों के बीच यह फीस व्यवस्था के हिसाब से बांटी जा सकती है. इसमें एक्वायरिंग बैंक, इश्यूइंग बैंक, पेमेंट नेटवर्क और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर शामिल हो सकते हैं. ये भी पढ़ें: UPI पर MDR को लेकर क्या है नया नियम? जानें ग्राहक देंगे चार्ज या मर्चेंट अभी UPI यूजर्स को क्या करना होगा? फिलहाल कुछ भी बदलने वाला नहीं है. UPI से पेमेंट करने वाले ग्राहक बिना MDR दिए ट्रांजैक्शन कर सकते हैं. प्रशासन के मुताबिक Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 के संसद से पास होने के बाद ही UPI and Services Steering Committee इस मुद्दे की जांच करेगी. इस कमेटी की अध्यक्षता National Payments Corporation of India (NPCI) करता है. अगर भविष्य में कोई नया नियम आता है, तो उसमें यह तय होगा कि किन ट्रांजैक्शन पर चार्ज लागू हो सकता है, इसका खर्च कौन उठाएगा और किन मामलों में छूट मिलेगी. क्या हर UPI पेमेंट पर MDR लग सकता है? ऐसा जरूरी नहीं है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर भविष्य में MDR को लेकर कोई व्यवस्था बनाई जाती है, तो हर UPI ट्रांजैक्शन पर एक जैसा चार्ज लगाने के बजाय अलग-अलग ट्रांजैक्शन के हिसाब से नियम तय किए जा सकते हैं. Dhruva Advisors के पार्टनर संदीप भल्ला ने कहा कि यह संशोधन सिर्फ प्रशासन को आगे फैसला लेने की सुविधा देता है, अपने आप UPI पर MDR लागू नहीं करता. वहीं CMS INDUSLAW के पार्टनर राघव मुथन्ना के मुताबिक, Person-to-Person यानी P2P पेमेंट और कम रकम वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लगने की संभावना कम है. ये भी पढ़ें: NCDC Amendment Bill 2026: आज लोकसभा में हो सकता है पेश, जानें क्या बदलेगा और किसे होगा फायदा The post UPI यूजर्स को नहीं देना होगा कोई चार्ज, जानें दुकानदारों पर कैसे पड़ेगा MDR का असर appeared first on Naya Vichar.

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