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August 12, 2026

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आज लग रहा है साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें भारत में सूतक काल मान्य होगा या नहीं

Surya Grahan 2026: आज यानी 12 अगस्त 2026 को श्रावण अमावस्या के दिन साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लग रहा है. यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा. हिंदुस्तानीय समय के अनुसार, ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त को देर रात 1:27 बजे समाप्त होगा. शास्त्रों के अनुसार, सूर्य ग्रहण शुरू होने से करीब 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है. इस दौरान पूजा-पाठ और कई धार्मिक कार्यों को लेकर कुछ नियम बताए गए हैं. क्या हिंदुस्तान में मान्य होगा सूतक काल? शास्त्रों और वैदिक पंचांग के अनुसार, हिंदुस्तान में इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा. मान्यता है कि ग्रहण का सूतक केवल उन्हीं स्थानों पर माना जाता है, जहां ग्रहण दिखाई देता है. चूंकि यह सूर्य ग्रहण हिंदुस्तान में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. यह भी पढ़ें: रात 9:04 बजे से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, जानिए कहां और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ नजारा! सूतक काल लगने पर क्या होता है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ, मंदिर में प्रवेश, यात्रा और अन्य शुभ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है. इस दौरान भगवान का नाम लेने और मंत्र जाप करने को शुभ माना जाता है. हालांकि, हिंदुस्तान में इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा. कहां-कहां दिखाई देगा यह सूर्य ग्रहण? यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से यूरोप और उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. पूर्ण सूर्य ग्रहण: स्पेन, आइसलैंड, ग्रीनलैंड और आर्कटिक के कुछ क्षेत्रों में पूर्ण सूर्य ग्रहण नजर आएगा. आंशिक सूर्य ग्रहण: यूरोप के कई अन्य देशों, उत्तरी अमेरिका और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में ग्रहण आंशिक रूप से दिखाई देगा. यह भी पढ़ें: रिश्तों पर न लगने दें मनमुटाव का ‘ग्रहण’, आज साल के अंतिम सूर्यग्रहण पर पति-पत्नी साथ मिलकर करें ये सरल उपाय The post आज लग रहा है साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें हिंदुस्तान में सूतक काल मान्य होगा या नहीं appeared first on Naya Vichar.

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सरफराज खान के बाल काटते दिखे मोहम्मद सिराज, वीडियो हुआ वायरल

Sarfaraz Khan haircut viral video: हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया के खिलाड़ी मैदान के बाहर भी जमकर मस्ती करते नजर आ रहे हैं. श्रीलंका के खिलाफ पहला टेस्ट मैच 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाना है. इससे पहले हिंदुस्तानीय टीम ने अभ्यास मैच में दमदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की है. अब सीरीज की शुरुआत से पहले खिलाड़ियों का एक मजेदार वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में हिंदुस्तानीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज अपने साथी खिलाड़ी सरफराज खान के बाल काटते हुए नजर आ रहे हैं. सिराज के इस अंदाज को देखकर वहां मौजूद खिलाड़ी भी हंसी-मजाक करते दिखाई दिए. वीडियो सामने आने के बाद फैंस भी इस पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और टीम इंडिया के खिलाड़ियों की बॉन्डिंग की खूब चर्चा हो रही है. छुट्टी के दिन सैलून पहुंचे हिंदुस्तानीय खिलाड़ी दरअसल, यह वीडियो कोलंबो का बताया जा रहा है. टीम इंडिया को एक दिन की छुट्टी मिली थी, जिसका खिलाड़ियों ने अपने अंदाज में लुत्फ उठाया. इसी दौरान कप्तान शुभमन गिल, विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत और सरफराज खान एक स्थानीय हेयर स्टाइलिस्ट के पास हेयरकट कराने पहुंचे. तीनों खिलाड़ियों ने अपने लुक में बदलाव कराया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय हेयर स्टाइलिस्ट के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और उनके काम की तारीफ की. हालांकि, सैलून में सबसे ज्यादा चर्चा मोहम्मद सिराज की मस्ती ने बटोरी. सिराज ने हाथ में उठा लिया ट्रिमर वीडियो में देखा जा सकता है कि मोहम्मद सिराज अचानक ट्रिमर अपने हाथ में उठा लेते हैं और सरफराज खान के बाल काटने की कोशिश करने लगते हैं. सिराज को देखकर सरफराज थोड़ा सहमे हुए नजर आते हैं। सिराज ट्रिमर की सेटिंग को लेकर भी पूछते दिखाई देते हैं. कुछ सेकंड तक यह मजेदार सिलसिला चलता है. इसके बाद सिराज ट्रिमर वापस रख देते हैं और सरफराज की हेयरकटिंग का जिम्मा दोबारा स्थानीय हेयर स्टाइलिस्ट संभाल लेते हैं. इस पूरे घटनाक्रम ने सैलून के माहौल को काफी मजेदार बना दिया. इसे भी पढ़े- स्पोर्ट्सो इंडिया यूथ गेम्स 2026 की मेजबानी तेलंगाना को, CM रेवंत रेड्डी ने लिया तैयारियों का जायजा गिल और पंत ने भी कराया नया हेयरकट सैलून में सिर्फ सरफराज ही नहीं, बल्कि शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने भी नया हेयरकट कराया. तीनों हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने स्थानीय हेयर स्टाइलिस्ट के साथ तस्वीरें खिंचवाईं. टीम इंडिया के खिलाड़ियों का यह अंदाज सोशल मीडिया पर फैंस को काफी पसंद आ रहा है. मैदान पर गंभीर और प्रतिस्पर्धी नजर आने वाले हिंदुस्तानीय खिलाड़ी जब मैदान के बाहर इस तरह मस्ती करते दिखते हैं, तो उनकी आपसी बॉन्डिंग भी साफ नजर आती है. यही वजह है कि सिराज और सरफराज का यह छोटा-सा मजेदार वीडियो फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया है. लंबे समय बाद टीम इंडिया में लौटे सरफराज सरफराज खान के लिए यह श्रीलंका दौरा खास है. वह मूल हिंदुस्तानीय टेस्ट स्क्वॉड का हिस्सा नहीं थे, लेकिन साई सुदर्शन के चोटिल होकर बाहर होने के बाद उन्हें रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर टीम में शामिल किया गया है. लंबे समय बाद टीम इंडिया में वापसी करने वाले सरफराज अब इस मौके को भुनाना चाहेंगे. ऐसे में गाले में होने वाला पहला टेस्ट उनके लिए खुद को साबित करने का एक बड़ा मौका हो सकता है. हालांकि, अंतिम एकादश में उनकी जगह तय होना टीम प्रबंधन के फैसले पर निर्भर करेगा. टेस्ट सीरीज पर टीम इंडिया की नजर अभ्यास मैच में जीत के बाद हिंदुस्तानीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है. अब सभी की नजरें 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाले पहले टेस्ट पर हैं. टीम इंडिया जहां सीरीज की शुरुआत जीत के साथ करना चाहेगी, वहीं श्रीलंकाई टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर हिंदुस्तान को कड़ी चुनौती देने की कोशिश करेगी. फिलहाल मैच से पहले खिलाड़ियों का यह हल्का-फुल्का अंदाज टीम के माहौल को जरूर दिखाता है. सिराज का ट्रिमर लेकर सरफराज के बाल काटने वाला वीडियो इसी मस्ती और टीम बॉन्डिंग की एक मजेदार झलक बनकर सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. इसे भी पढ़े- इंग्लैंड टेस्ट से पहले पाकिस्तान को राहत, बल्लेबाज शान मसूद ने शुरू की प्रैक्टिस The post सरफराज खान के बाल काटते दिखे मोहम्मद सिराज, वीडियो हुआ वायरल appeared first on Naya Vichar.

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पटना के पास बनेगी बिहार की नई स्पोर्ट्स सिटी, 651 एकड़ में तैयार होगा खेलों का हब, जानिए क्या-क्या होगा

Bihar Sports City: पटना के पास विकसित होने वाली पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप अब सिर्फ रहने और आधुनिक शहरी सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेगी. इसे बिहार के बड़े स्पोर्ट्स हब के तौर पर भी विकसित करने की तैयारी है. टाउनशिप की समेकित योजना में स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए कुल 651 एकड़ जमीन रिजर्व की गई है. यहां खिलाड़ियों के प्रशिक्षण से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन तक की सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है. इस योजना को लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा और स्पोर्ट्स मंत्री श्रेयसी सिंह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई. इसमें प्रस्तावित स्पोर्ट्स सुविधाओं की योजना पर विस्तार से चर्चा की गई. 651 एकड़ में तीन हिस्सों में विकसित होगा स्पोर्ट्स क्षेत्र पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में स्पोर्ट्स सुविधाओं को तीन प्रमुख हिस्सों में विकसित करने की योजना है. 225 एकड़ में बनेगी अत्याधुनिक स्पोर्ट्स सिटी करीब 225 एकड़ जमीन में आधुनिक स्पोर्ट्स सिटी विकसित की जाएगी. यहां खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर होगा. खिलाड़ियों के रहने और ट्रेनिंग की व्यवस्था भी स्पोर्ट्स सिटी का अहम हिस्सा होगी. 187 एकड़ में बनेगा गोल्फ कोर्स टाउनशिप में 187 एकड़ क्षेत्र गोल्फ कोर्स के लिए रखा गया है. इससे पटना और बिहार में गोल्फ से जुड़ी स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. 239 एकड़ में मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सबसे बड़ा हिस्सा 239 एकड़ का होगा. इस जमीन पर अलग-अलग स्पोर्ट्सों के लिए सुविधाओं वाला बड़ा कॉम्प्लेक्स तैयार किया जाएगा. यानी एक ही जगह पर कई तरह के स्पोर्ट्सों के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना है. ओलिंपिक स्तर की होंगी सुविधाएं स्पोर्ट्स मंत्री श्रेयसी सिंह ने बैठक में साफ कहा कि प्रस्तावित स्पोर्ट्स सुविधाओं को ओलिंपिक मानकों के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया जाएगा. इसका मकसद सिर्फ खिलाड़ियों को मैदान उपलब्ध कराना नहीं है. कोशिश ऐसी सुविधाएं तैयार करने की है, जहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकें. इससे बिहार को बड़े स्पोर्ट्स आयोजनों की मेजबानी का मौका मिल सकता है. खिलाड़ियों को मिलेगा ट्रेनिंग का आधुनिक प्लेटफॉर्म स्पोर्ट्स सिटी में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. खिलाड़ियों के रहने और ट्रेनिंग के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है. इससे राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने ही राज्य में बेहतर माहौल मिल सकेगा. अभी कई खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है. नई व्यवस्था बनने के बाद उन्हें बिहार में ही आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहेगी योजना प्रशासन की योजना केवल पाटलिपुत्र टाउनशिप तक सीमित नहीं है. स्पोर्ट्स मंत्री ने कहा कि राज्य में प्रस्तावित सभी टाउनशिप में स्पोर्ट्स सुविधाओं के लिए जमीन चिन्हित की जाएगी. इसका मतलब है कि आने वाले समय में बिहार के अलग-अलग शहरों में भी स्पोर्ट्स के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा सकता है. बिहार के खिलाड़ियों के लिए क्यों खास है यह योजना? अगर यह योजना प्रस्ताव के मुताबिक जमीन पर उतरती है तो बिहार में स्पोर्ट्सों के लिए एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. एक तरफ खिलाड़ियों को आधुनिक ट्रेनिंग सुविधाएं मिलेंगी. दूसरी तरफ बड़े स्पोर्ट्स आयोजनों के लिए राज्य में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा. इससे खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, प्रतियोगिताओं के आयोजन और स्पोर्ट्स पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है. यानी पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में बस एक नई कॉलोनी नहीं, बल्कि 651 एकड़ में स्पोर्ट्सों का ऐसा बड़ा केंद्र विकसित करने की तैयारी है, जहां बिहार के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने का लक्ष्य रखा गया है. Also Read: 10 साल, शराबबंदी और हजारों करोड़ का नुकसान… बिहार में आखिर क्या बदला? पूरी तस्वीर आंकड़ों में समझिए The post पटना के पास बनेगी बिहार की नई स्पोर्ट्स सिटी, 651 एकड़ में तैयार होगा स्पोर्ट्सों का हब, जानिए क्या-क्या होगा appeared first on Naya Vichar.

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हड़प्पा सभ्यता से जुड़े 25+ सवाल-जवाब, SSC CGL परीक्षा के लिए GK गाइड

SSC CGL परीक्षा अगस्त से सितंबर महीने में आयोजित की जा सकती है. इस परीक्षा में इतिहास से जुड़े जनरल नॉलेज के सवाल आते हैं. किसी घटना से लेकर, लैंग्वेज और सभ्यता तक, इस परीक्षा में इतिहास से जुड़े कई सवाल पूछे जाते हैं. अगर आप भी SSC CGL परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो यहां आपके लिए जनरल नॉलेज का पूरा गाइड है. SSC CGL 2026: हड़प्पा सभ्यता से जुड़े ये 25 GK सवाल-जवाब जरूर पढ़ें SSC CGL जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में इतिहास और प्राचीन हिंदुस्तान से जुड़े सवाल अक्सर पूछे जाते हैं. हड़प्पा सभ्यता (सिंधु घाटी सभ्यता) से जुड़े प्रश्न खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं. इस सभ्यता के लोगों के ट्रेड रिलेशन दूर-दराज के क्षेत्रों से थे और सोना, चांदी, तांबा, लाजवर्द जैसे कई कच्चे माल अलग-अलग क्षेत्रों से प्राप्त किए जाते थे. ऐसे में अगर आप SSC CGL की तैयारी कर रहे हैं, तो इन 25 सवाल-जवाब को जरूर पढ़ लें. ये भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस पर स्पेशल 20+ GK के सवाल! क्या आप दे सकते हैं इन सवालों के सही जवाब? History GK Questions: हड़प्पा सभ्यता से जुड़े 25 महत्वपूर्ण GK सवाल-जवाब 1.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता को और किस नाम से जाना जाता है? उत्तर: सिंधु घाटी सभ्यता. 2.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता का प्रमुख काल किसे माना जाता है? उत्तर: लगभग 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व. 3.प्रश्न: हड़प्पा स्थल की खोज किसने की थी? उत्तर: दयाराम साहनी ने 1921 में. 4.प्रश्न: मोहनजोदड़ो की खोज किसने की थी? उत्तर: राखालदास बनर्जी ने 1922 में. 5.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता का प्रमुख बंदरगाह स्थल कौन-सा था? उत्तर: लोथल. 6.प्रश्न: लोथल वर्तमान में किस राज्य में स्थित है? उत्तर: गुजरात. 7.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता में सोने का प्रमुख स्रोत कौन-सा क्षेत्र था? उत्तर: कोलार (कर्नाटक) के अलावा अफगानिस्तान और फारस से भी सोना प्राप्त किया जाता था. 8.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता में चांदी कहां से प्राप्त की जाती थी? उत्तर: अफगानिस्तान, फारस और दक्षिण हिंदुस्तान से. 9.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता में तांबे का प्रमुख स्रोत कौन-सा था? उत्तर: खेतड़ी (राजस्थान), बलूचिस्तान और अरब क्षेत्र. 10.प्रश्न: खेतड़ी किस खनिज के लिए प्रसिद्ध था? उत्तर: तांबा. 11.प्रश्न: लाजवर्द (Lapis Lazuli) का प्रमुख स्रोत क्षेत्र कौन-सा था? उत्तर: बदख्शां, अफगानिस्तान. 12.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता में नीलम (Sapphire) का स्रोत किस क्षेत्र को माना जाता है? उत्तर: बदख्शां (अफगानिस्तान). इतिहास से जुड़ी जानकारी (AI Generated Image) 13.प्रश्न: जाडे या हरे पत्थर (Jade) का स्रोत कहां था? उत्तर: मध्य एशिया. 14.प्रश्न: सेलखड़ी (Steatite) कहां से प्राप्त की जाती थी? उत्तर: शहर-ए-सोख्ता (ईरान) और किरथर पहाड़ियों (पाकिस्तान) से. 15.प्रश्न: एमथिस्ट या जामुनिया पत्थर का स्रोत कौन-सा क्षेत्र था? उत्तर: महाराष्ट्र. 16.प्रश्न: अकीक (Agate) और कार्नेलियन (Carnelian) का प्रमुख स्रोत क्षेत्र कौन-सा था? उत्तर: सौराष्ट्र और पश्चिमी हिंदुस्तान. 17.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के लोग किन क्षेत्रों से कच्चा माल प्राप्त करते थे? उत्तर: हिंदुस्तान के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ अफगानिस्तान, ईरान, मध्य एशिया और अन्य पश्चिमी क्षेत्रों से. 18.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता में मनके बनाने के लिए कौन-से पत्थर महत्वपूर्ण थे? उत्तर: कार्नेलियन, अकीक और अन्य अर्ध-कीमती पत्थर. 19.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता का प्रसिद्ध जल निकासी तंत्र किस विशेषता को दर्शाता है? उत्तर: उन्नत नगर नियोजन और स्वच्छता व्यवस्था. 20.प्रश्न: मोहनजोदड़ो का प्रसिद्ध विशाल स्नानागार किस नाम से जाना जाता है? उत्तर: महान स्नानागार (Great Bath). 22.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता की लिपि की क्या विशेषता थी? उत्तर: यह मुख्य रूप से चित्रात्मक/चिह्नात्मक थी और अभी तक पूरी तरह पढ़ी नहीं जा सकी है. 23.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता में व्यापार का प्रमुख आधार क्या था? उत्तर: कृषि उत्पाद, शिल्प वस्तुएं, धातुएं, मनके और अन्य कच्चे माल. 24.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता में किस धातु का व्यापक उपयोग होता था? उत्तर: तांबा और कांसा. 25.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता का व्यापार किन क्षेत्रों तक फैला हुआ था? उत्तर: हिंदुस्तान के विभिन्न हिस्सों के अलावा अफगानिस्तान, ईरान और मेसोपोटामिया तक व्यापारिक संपर्क थे. 26.प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के अध्ययन में कच्चे माल के स्रोतों की जानकारी क्यों महत्वपूर्ण है? उत्तर: इससे पता चलता है कि हड़प्पावासियों के व्यापारिक और सांस्कृतिक संपर्क दूर-दराज के क्षेत्रों तक फैले हुए थे. कौन सा धातु कहां से मंगवाया जाता था? टेबल में देखें सामग्री / धातु (Material) कहां से मंगवाया जाता था (Source / Origin) सोना (Gold) कोलार (कर्नाटक), अफगानिस्तान, फारस (ईरान) चांदी (Silver) अफगानिस्तान, फारस (ईरान), दक्षिण हिंदुस्तान तांबा (Copper) खेतड़ी (राजस्थान), बलूचिस्तान, अरब टिन (Tin) अफगानिस्तान, बिहार लाजवर्द (Lapis Lazuli) और नीलम (Sapphire) बदख्शां (अफगानिस्तान) जाडे / हरा पत्थर (Jade) मध्य एशिया सेलखड़ी (Steatite) शहर-ए-सोख्ता (ईरान), किरथर पहाड़ियां (पाकिस्तान) एमथिस्ट / जामुनिया पत्थर (Amethyst) महाराष्ट्र अकीक / गोमेद (Agate, Chalcedonies and Carnelians) सौराष्ट्र और पश्चिमी हिंदुस्तान SSC CGL के लिए याद रखने वाली ट्रिक सोना – कोलार तांबा- खेतड़ी लाजवर्द – बदख्शां जाडे – मध्य एशिया सेलखड़ी  – ईरान/किरथर एमथिस्ट – महाराष्ट्र अकीक/कार्नेलियन -सौराष्ट्र ये भी पढ़ें: पहली बार में क्रैक होगा UPSC मेन्स! NCERT सिलेबस से जुड़े इन सवालों को जरूर पढ़ें The post हड़प्पा सभ्यता से जुड़े 25+ सवाल-जवाब, SSC CGL परीक्षा के लिए GK गाइड appeared first on Naya Vichar.

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जल्द आ रहा है Ather Konarc इलेक्ट्रिक स्कूटर, लॉन्च से पहले जानें इसकी 5 खास बातें

देश में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. इसी बीच ग्राहकों के बीच अपनी अलग क्रेज बन चुकी एथर कंपनी अपना नया मास-मार्केट फैमिली स्कूटर आने वाले 29 अगस्त, 2026 को लॉन्च करेगी. आने वाले न्यू स्कूटर का नाम एथर कोनार्क होगा, जो ब्रांड के नए EL01 प्लेटफॉर्म पर बना पहला प्रोडक्शन मॉडल है. हिंदुस्तानीय खरीदारों के लिए, जो रिज्ता की कीमत के चलते नहीं खरीद पाते हैं, लेकिन फिर भी एथर के सॉफ्टवेयर और बिल्ड क्वालिटी को पसंद करते हैं, ऐसे में कंपनी के द्वारा एक इंपोर्टेंट अनाउंसमेंट है, क्योंकि कोनार्क की कीमत रिज्ता से काफी कम होने की उम्मीद है. यह स्कूटर उस कीमत में आएगा, जिसमें टीवीएस, बजाज और हीरो विदा के बीच कड़ी टक्कर चल रही है. आइए स्कूटर के ऑफीशियल रूप से लॉन्च होने से पहले इसके 5 खास बातों के बारे में जानते हैं, जो आपको जरूर जानना चाहिए.  एथर कोनार्क इलेक्ट्रिक स्कूटर: प्लेटफॉर्म और डिजाइन  कोनार्क को बेस देने वाला EL01 प्लेटफॉर्म इतना फ्लेक्सिबल होने के लिए डिजाइन किया गया है कि यह फैमिली मॉडलों के अलावा कई प्रकार के स्कूटरों का सपोर्ट करता है, जिसमें स्पोर्टी और मैक्सी वेरिएंट शामिल हैं.  एंगुलर स्टाइलिंग अपोजिट 450 सीरीज कोनार्क में ट्रेडिशनल और प्रैक्टिकल डिजाइन अपनाया गया है, जिसमें हैंडलबार पर लगा हेडलैंप और साथ ही फ्रंट एप्रन पर एक चौड़ी LED डे-टाइम रनिंग लाइट स्ट्रिप शामिल हैं.  यह प्लेटफॉर्म 2kWh और 5kWh तक के बैटरी पैक को करता है. हालांकि, एथर ने अभी तक यह पुष्टि नहीं है कि कोनार्क किस स्पेसिफिक पैक साइज के साथ लॉन्च होगा. ये भी पढ़ें: Ather Konarc Electric Scooter: 29 अगस्त को होगी एंट्री, नए EL प्लैटफॉर्म पर बनेगा कंपनी का सबसे किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटर एथर कोनार्क इलेक्ट्रिक स्कूटर: हार्डवेयर और ब्रेकिंग सेटअप इसमें 12 इंच और 14 इंच अलॉय व्हील लगे हैं, साथ ही टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क भी है. यह डेली शहर में राइड करने के लिए स्टेबिलिटी देगा, न की परफॉर्मेंस राइडिंग के लिए. इसमें ब्रेकिंग के लिए फ्रंट डिस्क और रियर में ड्रम ब्रेक सिस्टम दिया गया है, जो एथर के एडवांस्ड इलेक्ट्रिक सिस्टम को सपोर्ट करता है. पहली बार किसी एथर मॉडल में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग को ट्रेडिशनल ब्रेकिंग के साथ मिलता है. इस इलेक्ट्रिक स्कूटर से यह उम्मीद की जा रही है कि इसमें लगने वाला मोटर एथर की 450 सीरीज में इस्तेमाल होने वाली मोटर से ली जाएगी, लेकिन इसे डेली कम्यूट के लिए सूटेबल, स्मूद एंड अधिक एक्सेसीबल डिलीवरी के लिए दोबारा ट्यून किया जाएगा, न की सीधे एक्सलरेशन के लिए.  ये भी पढ़ें: Electric Scooter खरीदने जा रहे हैं? पहले जानिए कौन-सी बैटरी है सबसे भरोसेमंद, वरना बाद में होगा बड़ा नुकसान एथर कोनार्क इलेक्ट्रिक स्कूटर: संभावित कीमत और कंपटीशन  एथर की ओर से अभी तक कोनार्क इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत को लेकर कोई ऑफीशियल पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इसकी उम्मीद लगा जा रही है कि इसकी एक्स शोरूम कीमत 1 लाख से लेकर 1.25 लाख रुपये तक हो सकती है. इस कीमत पर टीवीएस ऑर्बिटर, बजाज चेतक C2501 और हीरो विडा VX2 को टक्कर देगा. ये सभी स्कूटर्स मार्केट में इसी कीमत पर जलवा बिखेर रहे हैं. The post जल्द आ रहा है Ather Konarc इलेक्ट्रिक स्कूटर, लॉन्च से पहले जानें इसकी 5 खास बातें appeared first on Naya Vichar.

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बाजार की उठापटक के बीच SIP पर भरोसा कायम, जुलाई में ₹31,961 करोड़ का निवेश

शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों का भरोसा बना हुआ है. जुलाई 2026 में Systematic Investment Plan यानी SIP के जरिए निवेश बढ़कर ₹31,961 करोड़ पहुंच गया. जून में यह आंकड़ा ₹31,781 करोड़ था. यानी एक महीने में करीब ₹180 करोड़ की बढ़ोतरी हुई. यह अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है और बताता है कि बाजार की हलचल के बावजूद निवेशक नियमित निवेश से पीछे नहीं हट रहे हैं. SIP में निवेश क्यों बढ़ रहा है? SIP की खासियत यह है कि इसमें निवेशक हर महीने तय रकम म्यूचुअल फंड में लगाता है. इससे बाजार ऊपर हो या नीचे, निवेश जारी रहता है. जुलाई के आंकड़े बताते हैं कि निवेशकों ने बाजार की उठापटक के बीच भी इस तरीके पर भरोसा बनाए रखा है. जुलाई में SIP के जरिए आया निवेश ₹31,961 करोड़ रहा, जबकि जून में यह ₹31,781 करोड़ था. पिछले साल जुलाई में SIP के जरिए ₹28,464 करोड़ जमा हुए थे. यानी सालाना आधार पर भी SIP निवेश करीब 12% बढ़ा है. इक्विटी फंड में निवेश क्यों घटा? SIP के आंकड़ों में मजबूती के उलट इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश कुछ कम हुआ है. जुलाई में इक्विटी फंड में ₹24,697 करोड़ का निवेश आया, जबकि जून में यह ₹28,973 करोड़ था. यानी महीने-दर-महीने करीब 15% की गिरावट रही. इसका मतलब यह नहीं है कि निवेशकों ने शेयर बाजार से पूरी तरह दूरी बना ली है. बल्कि आंकड़े दिखाते हैं कि लोग एकमुश्त निवेश के बजाय नियमित SIP के जरिए निवेश जारी रखना पसंद कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: SBI की इस स्कीम में हर महीने ₹610 करें जमा, मैच्योरिटी पर पाएं ₹1 लाख म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का AUM कितना पहुंचा? जुलाई के अंत तक म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल AUM यानी Assets Under Management बढ़कर करीब ₹85.76 लाख करोड़ पहुंच गया. जून के अंत में यह ₹82.22 लाख करोड़ था. यानी एक महीने में इसमें करीब ₹3.53 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई. वहीं, डेट फंड में जुलाई के दौरान ₹1.88 लाख करोड़ का निवेश आया. इसमें लिक्विड फंड का हिस्सा करीब ₹1.19 लाख करोड़, ओवरनाइट फंड का ₹40,413 करोड़ और मनी मार्केट फंड का करीब ₹21,300 करोड़ रहा. निवेशकों ने किन इक्विटी फंड्स को ज्यादा पसंद किया? इक्विटी कैटेगरी में भी निवेशकों की पसंद एक जैसी नहीं रही. जुलाई में स्मॉल-कैप फंड्स में करीब ₹7,768 करोड़ का निवेश आया, जो जून के ₹5,602 करोड़ से ज्यादा है. मिड-कैप फंड्स में भी करीब ₹6,792 करोड़ का निवेश हुआ. दूसरी ओर, लार्ज-कैप फंड्स में करीब ₹1,322 करोड़ की निकासी हुई. करीब 30 महीने बाद इस कैटेगरी में पहली बार निकासी देखने को मिली. निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है? जुलाई के आंकड़ों से एक बात साफ है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद SIP निवेशकों का भरोसा कायम है. हालांकि इक्विटी फंड में एकमुश्त निवेश घटा है, लेकिन हर महीने SIP के जरिए पैसा लगाने का सिलसिला जारी है. इससे पता चलता है कि कई निवेशक बाजार की छोटी अवधि की हलचल के बजाय नियमित निवेश पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: किराए का घर छोड़ते समय सिक्योरिटी डिपॉजिट में कटेगा कितना पैसा? जानिए क्या कहता है कानून The post बाजार की उठापटक के बीच SIP पर भरोसा कायम, जुलाई में ₹31,961 करोड़ का निवेश appeared first on Naya Vichar.

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शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 82 अंक लुढ़का, निफ्टी 30 पॉइंट डाउन

हिंदुस्तानीय शेयर बाजार ने बुधवार को कम जोर शुरुआत की. कारोबार शुरू होते ही BSE सेंसेक्स 81.87 अंक यानी 0.10% गिरकर 78,072.38 पर आ गया. वहीं, NSE निफ्टी 50 भी 29.70 अंक यानी 0.12% की गिरावट के साथ 24,442.00 पर रहा. बाजार पर ग्लोबल तनाव और महंगे कच्चे तेल का दबाव देखने को मिला. बाजार में गिरावट की वजह क्या है? घरेलू बाजार में बिकवाली के पीछे सबसे अहम वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और भू-नेतृत्वक तनाव है. ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं हुई है. इससे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है और क्रूड की कीमतें ऊंची हैं. Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, बाजार फिलहाल ऊपर की तरफ ब्रेकआउट नहीं कर पा रहा है और एक दायरे में कारोबार कर रहा है. उन्होंने कहा कि ब्रेंट क्रूड के फिर 89 डॉलर के ऊपर जाने से बाजार में तेजी पर दबाव बना हुआ है. बुधवार को रिपोर्टिंग के समय ब्रेंट क्रूड 1.01% चढ़कर 90.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं, क्रूड ऑयल 1.10 डॉलर बढ़कर 84.30 डॉलर प्रति बैरल रहा. क्या हिंदुस्तान की ग्रोथ बाजार को सहारा दे सकती है? कच्चे तेल और भू-नेतृत्वक तनाव से दबाव के बावजूद हिंदुस्तान की आर्थिक ग्रोथ को लेकर उम्मीद बनी हुई है. विजयकुमार ने बताया कि SBI की ताजा रिपोर्ट में FY27 के लिए हिंदुस्तान की GDP ग्रोथ 8% रहने का अनुमान लगाया गया है. यह RBI के 6.7% के अनुमान से ज्यादा है. अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो FY27 में कंपनियों की कमाई उम्मीद से बेहतर रह सकती है. इससे शेयर बाजार को आगे सपोर्ट मिल सकता है. इस बीच मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी अच्छी गतिविधि देखने को मिल रही है. सोने और विदेशी बाजारों में क्या हुआ? सोने की कीमत भी बढ़त के साथ कारोबार कर रही थी. रिपोर्टिंग के समय गोल्ड 0.77% चढ़कर 4,403.84 डॉलर पर पहुंच गया. Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, निवेशक अमेरिका-ईरान समझौते की संभावना, तेल की कीमत और अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर नजर रख रहे हैं. अमेरिकी बाजार में भी कमजोरी रही. मंगलवार के कारोबार में Nasdaq 0.60% गिरकर 26,445.45 और S&P 500 0.32% टूटकर 7,728.20 पर बंद हुआ. ये भी पढ़ें: बाजार की उठापटक के बीच SIP पर भरोसा कायम, जुलाई में ₹31,961 करोड़ का निवेश एशियाई बाजारों का रुख कैसा रहा? एशिया के प्रमुख बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा. बाजार बदलाव जापान का Nikkei 225 +0.53% दक्षिण कोरिया का KOSPI +4.35% हांगकांग का Hang Seng -1.15% इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि अमेरिका और ईरान किसी समझौते के करीब हैं. हालांकि, ईरान का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए अमेरिका को नाकेबंदी हटाने और युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा देना होगा. यही अनिश्चितता क्रूड और ग्लोबल बाजारों के लिए अहम बनी हुई है. ये भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका में समझौते की उम्मीद से थमी तेल की तेजी, ब्रेंट 89 डॉलर के करीब The post शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 82 अंक लुढ़का, निफ्टी 30 पॉइंट डाउन appeared first on Naya Vichar.

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क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने जॉर्जिना रोड्रिगेज से की शादी, 10 साल बाद बने पति-पत्नी

Cristiano Ronaldo wedding: पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपनी लंबे समय से पार्टनर और मॉडल-इन्फ्लुएंसर जॉर्जिना रोड्रिगेज के साथ शादी कर ली है. पुर्तगाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों ने 11 अगस्त को पुर्तगाल के तटीय शहर कैस्केस में एक सिविल समारोह (प्रशासनी अधिकारी के सामने की गई कानूनी शादी) में शादी की. इस खास मौके पर उनके पांचों बच्चों के भी मौजूद रहने की बात कही जा रही है. View on Instagram रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर शेयर किया फोटो रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा कर अपनी शादी की समाचार को सार्वजनिक किया. तस्वीर में दो हाथ नजर आ रहे हैं, जिनमें शादी की अंगूठियां दिखाई दे रही हैं. माना जा रहा है कि इनमें से एक हाथ रोनाल्डो और दूसरा जॉर्जिना का है. पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पोस्ट किए जाने के महज 30 मिनट के भीतर इसे 30 लाख से ज्यादा लाइक्स मिल चुके थे. शादी के बंधन में बंधे रोनाल्डो-जॉर्जिना क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जॉर्जिना रोड्रिगेज करीब एक दशक से साथ हैं. दोनों की मुलाकात मैड्रिड में हुई थी. उस समय जॉर्जिना एक गुच्ची स्टोर में काम करती थीं, जबकि रोनाल्डो स्पेनिश क्लब रियल मैड्रिड के लिए स्पोर्ट्स रहे थे. समय के साथ दोनों का रिश्ता मजबूत होता गया और जॉर्जिना रोनाल्डो के निजी जीवन के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन में भी लगातार उनके साथ नजर आती रहीं. दोनों ने अपने रिश्ते और परिवार की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं. पिछले साल किया था सगाई का ऐलान रोनाल्डो और जॉर्जिना ने पिछले साल 11 अगस्त को अपनी सगाई की घोषणा की थी. जॉर्जिना ने उस समय सोशल मीडिया पर एक बड़ी अंगूठी वाली तस्वीर साझा की थी. उन्होंने स्पेनिश भाषा में लिखा था, जिसका अर्थ था-“हां, मैं करती हूं. इस जीवन में भी और अपनी सभी जिंदगियों में भी.” सगाई के बाद से ही दोनों की शादी को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं. अब करीब एक साल बाद उनके शादी करने की समाचार सामने आई है. पांचों शिशु भी समारोह में रहे मौजूद रोनाल्डो और जॉर्जिना के परिवार की बात करें तो दोनों के पांच शिशु हैं और रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के समारोह में शिशु भी शामिल हुए. रोनाल्डो अपने पारिवारिक जीवन को लेकर काफी निजी रहे हैं, हालांकि जॉर्जिना के साथ वह अक्सर परिवार की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हैं. जॉर्जिना ने रोनाल्डो के बच्चों की परवरिश में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और दोनों लंबे समय से एक परिवार के रूप में साथ नजर आते रहे हैं. करीब 1,000 गोल के बेहद करीब रोनाल्डो फुटबॉल के मैदान पर भी रोनाल्डो का शानदार करियर जारी है. पुर्तगाली स्टार ने अपने करियर में स्पोर्टिंग लिस्बन, मैनचेस्टर यूनाइटेड, रियल मैड्रिड, जुवेंटस और सऊदी अरब के अल-नस्र जैसे बड़े क्लबों के लिए स्पोर्ट्सा है. वह पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के भी लंबे समय से प्रमुख खिलाड़ी रहे हैं. रोनाल्डो अपने करियर में करीब 1,000 गोल के आंकड़े तक पहुंचने के बेहद करीब हैं. उनकी गोल स्कोरिंग क्षमता ने उन्हें फुटबॉल इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल किया है. छठे वर्ल्ड कप में उतरकर बनाया रिकॉर्ड रोनाल्डो ने हाल ही में अपने छठे फीफा वर्ल्ड कप में भी हिस्सा लिया. पुरुष वर्ल्ड कप के इतिहास में छह अलग-अलग संस्करणों में स्पोर्ट्सने का रिकॉर्ड उनके नाम है, जिसे वह अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी के साथ साझा करते हैं. फुटबॉल के मैदान पर लगातार रिकॉर्ड बनाने वाले रोनाल्डो के लिए अब निजी जिंदगी में भी एक बड़ा अध्याय जुड़ गया है. करीब 10 साल लंबे रिश्ते के बाद जॉर्जिना रोड्रिगेज के साथ उनकी शादी ने उनके प्रशंसकों के बीच भी खुशी की लहर पैदा कर दी है. सोशल मीडिया पर छाई शादी की समाचार रोनाल्डो की शादी की समाचार सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रशंसकों और फुटबॉल जगत में इसकी चर्चा तेज हो गई. शादी की आधिकारिक घोषणा के तौर पर साझा की गई अंगूठियों वाली तस्वीर ने कुछ ही समय में लाखों लोगों का ध्यान खींच लिया. रोनाल्डो और जॉर्जिना की प्रेम कहानी लंबे समय से उनके प्रशंसकों के बीच लोकप्रिय रही है. अब शादी के बाद दोनों के रिश्ते ने एक नए पड़ाव में प्रवेश किया है. इसे भी पढ़े- हिंदुस्तानीय स्पोर्ट्स जगत में 12 अगस्त क्यों है खास? जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी The post क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने जॉर्जिना रोड्रिगेज से की शादी, 10 साल बाद बने पति-पत्नी appeared first on Naya Vichar.

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10 साल, शराबबंदी और हजारों करोड़ का नुकसान… बिहार में आखिर क्या-क्या बदला? पूरी तस्वीर आंकड़ों में समझिए

Bihar Sharabbandi: बिहार में शराबबंदी को लागू हुए 10 साल हो चुके हैं. 1 अप्रैल 2016 को जब तत्कालीन नीतीश कुमार प्रशासन ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी, तब इसे सिर्फ शराब की बिक्री रोकने वाला कानून नहीं बताया गया था. इसके पीछे एक महत्वपूर्ण सामाजिक उद्देश्य था. प्रशासन का तर्क था कि अगर शराब आसानी से उपलब्ध नहीं होगी तो घरेलू हिंसा कम होगी, स्त्रीओं के खिलाफ अपराध घटेंगे, परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और शराब पर खर्च होने वाला पैसा बच्चों की पढ़ाई और घर की दूसरी जरूरतों पर खर्च होगा. शुरुआत में इस फैसले को स्त्रीओं का व्यापक समर्थन भी मिला. लेकिन 10 साल बाद तस्वीर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. क्या बिहार में शराबबंदी ने अपने उन सामाजिक लक्ष्यों को हासिल किया, जिनके लिए इसे लागू किया गया था? क्या शराब पीने वालों की संख्या वास्तव में कम हुई? क्या घरेलू हिंसा और स्त्रीओं के खिलाफ अपराध घटे? क्या परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधरी? या फिर शराब की मांग खत्म होने के बजाय उसका रास्ता बदल गया और वैध शराब की जगह अवैध शराब, तस्करी और दूसरे नशीले पदार्थों ने ले ली? इन्हीं सवालों के बीच देश की प्रतिष्ठित आर्थिक नीति अनुसंधान संस्था नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च यानी NCAER की एक रिसर्च ने बिहार की शराबबंदी को लेकर बहस फिर तेज कर दी है. इंडिया पॉलिसी फोरम में पेश किए गए रिसर्च पेपर ‘बिहार के विकास का व्यापक परिप्रेक्ष्य: उपलब्धियां, अपूर्ण एजेंडा और आगे की राह’ में रत्ना सहाय के नेतृत्व में अर्थशास्त्रियों की टीम ने बिहार के विकास से जुड़े कई पहलुओं का स्टडी किया है. रिपोर्ट में शराबबंदी को लेकर शोधकर्ताओं ने बेहद महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं और प्रशासन को पूर्ण शराबबंदी खत्म कर नियंत्रित या विनियमित बिक्री की दिशा में जाने की सलाह दी है. लेकिन कहानी इतनी सीधी भी नहीं है. क्योंकि दूसरी तरफ NFHS के आंकड़े बताते हैं कि शराब की खपत में बड़ी गिरावट आई है. तो फिर असली तस्वीर क्या है? आइए आंकड़ों और दावों के जरिए समझते हैं कि बिहार में शराबबंदी के 10 साल में आखिर बदला क्या? पहले समझिए, शराबबंदी लागू करने की जरूरत क्यों महसूस हुई थी? 1 अप्रैल 2016 को बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई. उस समय प्रशासन का सबसे बड़ा तर्क था कि शराब सिर्फ व्यक्ति की आदत नहीं, बल्कि परिवार और समाज की समस्या है. मान्यता यह थी कि शराब की वजह से घरेलू हिंसा बढ़ती है. शराब पर पैसा खर्च होने से परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ती है और इसका सबसे ज्यादा असर स्त्रीओं और बच्चों पर पड़ता है. प्रशासन को उम्मीद थी कि शराब की उपलब्धता बंद होने के बाद परिवार की आय का इस्तेमाल दूसरी जरूरतों के लिए होगा. यही वजह थी कि शराबबंदी को सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि स्त्री सुरक्षा, परिवार की आर्थिक स्थिति और सामाजिक सुधार का फैसला बताया गया. स्त्रीओं ने भी इस फैसले का बड़े स्तर पर समर्थन किया. लेकिन सवाल यही है कि 10 साल बाद उस समर्थन और उम्मीद का परिणाम क्या निकला? सांकेतिक फोटो घरेलू हिंसा का आंकड़ा क्या कहता है? NFHS के आंकड़े एक दिलचस्प तस्वीर सामने रखते हैं. NFHS-4 में अत्यधिक शराब पीने वाले पतियों की 83.1 प्रतिशत पत्नियों ने शारीरिक या यौन हिंसा का अनुभव होने की बात कही थी. वहीं शराब नहीं पीने वाले पतियों के मामलों में यह आंकड़ा 31.7 प्रतिशत था. NFHS-5 में अत्यधिक शराब पीने वाले पतियों के मामलों में यह आंकड़ा 83.3 प्रतिशत रहा, जबकि शराब नहीं पीने वाले पतियों के मामलों में यह 33.8 प्रतिशत दर्ज किया गया. यानी शराब और घरेलू हिंसा के बीच संबंध जरूर दिखाई देता है. लेकिन दूसरी तरफ यह भी स्पष्ट है कि शराब न पीने वाले परिवारों में भी घरेलू हिंसा के मामले मौजूद हैं. इसलिए सवाल यह नहीं है कि शराब घरेलू हिंसा का कारण है या नहीं. सवाल यह है कि क्या शराब बंद करने भर से घरेलू हिंसा खत्म हो सकती है? NCAER की रिसर्च इसी बिंदु पर शराबबंदी की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है. गर्भावस्था के दौरान हिंसा में क्या हुआ? NFHS-5 के अनुसार बिहार में गर्भावस्था के दौरान हिंसा के मामलों में 2 प्रतिशत की कमी आई. तुलना करें तो उत्तर प्रदेश में यह कमी 0.7 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 1.5 प्रतिशत रही. यानी इस मोर्चे पर बिहार में गिरावट पड़ोसी राज्यों की तुलना में ज्यादा रही. इस आंकड़े को शराबबंदी के सकारात्मक प्रभाव के रूप में भी देखा जा सकता है. लेकिन पूरी तस्वीर में अवैध शराब, अपराध और नशे के दूसरे रूपों की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. शराब की जगह दूसरे नशे का खतरा शराबबंदी की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक यह भी है कि शराब की उपलब्धता कम होने के बाद कुछ लोग दूसरे नशीले पदार्थों की तरफ बढ़े. NCAER की रिसर्च में दावा किया गया है कि शराब की जगह सिंथेटिक ड्रग्स, नशीली गोलियों और कफ सिरप जैसे दूसरे नशीले पदार्थों का इस्तेमाल बढ़ा है. अगर ऐसा है तो यह प्रशासन के लिए और बड़ी चुनौती है. क्योंकि सवाल सिर्फ शराब रोकने का नहीं रह जाता. सवाल यह बन जाता है कि क्या शराब की जगह उससे भी ज्यादा खतरनाक नशे ने ले ली है? अवैध शराब का नेटवर्क अलग. नशीले पदार्थों का बाजार अलग. और इन दोनों के साथ अपराध तथा भ्रष्टाचार का खतरा अलग. यानी शराबबंदी ने नशे की समस्या खत्म करने के बजाय उसके स्वरूप को बदल दिया हो, यह चिंता अब बहस का बड़ा हिस्सा बन चुकी है. सम्राट चौधरी NDA के अंदर भी एक राय नहीं शराबबंदी के मुद्दे पर एनडीए के घटक दलों के बीच भी पूरी तरह एकमत स्थिति नहीं है. मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह कई बार शराबबंदी खत्म करने की मांग उठा चुके हैं. उनका तर्क है कि शराबबंदी के कारण दूसरे प्रकार के नशे बढ़ रहे हैं, जो समाज के लिए ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकते हैं. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी भी शराबबंदी के कानून को लेकर अलग रुख रखते हैं. उनका कहना है कि नशाबंदी का कानून ठीक है, लेकिन इसे लागू करने में पुलिस और प्रशासन के

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ईरान-अमेरिका में समझौते की उम्मीद से थमी तेल की तेजी, ब्रेंट 89 डॉलर के करीब

कच्चे तेल की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से जारी तेजी पर बुधवार को थोड़ी राहत दिखी है. इसकी वजह ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर संभावित समझौते की उम्मीद है. हालांकि, इस अहम समुद्री रास्ते से तेल की आवाजाही अभी भी बुरी तरह प्रभावित है. यही वजह है कि तेल की कीमतें अभी भी कई महीनों के ऊंचे स्तर के करीब बनी हुई हैं. ब्रेंट क्रूड करीब 89 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. पिछले पांच कारोबारी सत्रों में इसकी कीमत करीब 12% चढ़ चुकी है. वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड 83 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है. अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है? पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि अमेरिका और ईरान किसी तरह के समझौते के करीब पहुंच रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि हालात शांति की तरफ बढ़ रहे हैं. पाकिस्तान दोनों देशों के बीच बातचीत में मदद कर रहा है. इसके अलावा, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत भी आगे बढ़ी है. अल जजीरा ने कतर के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी है. तेल बाजार में फिलहाल सबसे ज्यादा नजर इसी बात पर है कि हॉर्मुज से सामान्य आवाजाही कब शुरू होती है. समझौते की उम्मीद बढ़ते ही तेल की कीमतों पर दबाव आ सकता है, जबकि बातचीत रुकने की आशंका कीमतों को फिर ऊपर धकेल सकती है. हॉर्मुज से तेल की सप्लाई क्यों अहम है? अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य मदद के साथ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से करीब 90 लाख बैरल तेल रोजाना गुजर रहा है. लेकिन इलाके में हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं. स्थिति कितनी तनावपूर्ण है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी नौसेना के एक हेलिकॉप्टर ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे पनामा-फ्लैग वाले एक कार्गो जहाज पर दो हेलफायर मिसाइलें दागी. इस सप्लाई संकट का असर कच्चे तेल के साथ-साथ पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर भी पड़ा है. इस साल अब तक क्रूड की कीमतें 40% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी सप्लाई की परेशानी ने डीजल की कीमतों पर भी दबाव बढ़ाया है. ये भी पढ़ें: क्रूड ऑयल 2% से अधिक महंगा, US-ईरान तनाव से तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका अमेरिका के तेल भंडार में कितना बदलाव आया? अमेरिका के तेल भंडार का आंकड़ा भी बाजार के लिए अहम है. अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट के मुताबिक, पिछले हफ्ते अमेरिका में कच्चे तेल का स्टॉक 91 लाख बैरल बढ़ा है. अगर प्रशासनी आंकड़ों में भी इसकी पुष्टि होती है, तो यह फरवरी के बाद एक हफ्ते में सबसे बड़ी बढ़ोतरी होगी. ज्यादा स्टॉक का मतलब बाजार में सप्लाई बेहतर रहने की उम्मीद हो सकती है, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव बन सकता है. आगे तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा? अमेरिकी एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन का अनुमान है कि ईरान से जुड़े संघर्ष की वजह से तेल की सप्लाई में रोजाना करीब 6 लाख बैरल की कमी 2027 के अंत तक बनी रह सकती है. बुधवार को इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी और OPEC की मासिक रिपोर्ट भी आने वाली है. इनमें दुनिया में तेल की मांग और सप्लाई को लेकर नए अनुमान मिलेंगे. इसलिए आने वाले समय में तेल की कीमतों की दिशा तय करने में हॉर्मुज की स्थिति, अमेरिका के तेल भंडार और OPEC-IEA के अनुमान अहम रहेंगे. ये भी पढ़ें: ईरान पर ट्रंप की नई शर्त से बढ़ी टेंशन, फिर चढ़ा कच्चा तेल, ब्रेंट 88 डॉलर के करीब The post ईरान-अमेरिका में समझौते की उम्मीद से थमी तेल की तेजी, ब्रेंट 89 डॉलर के करीब appeared first on Naya Vichar.

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