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September 1, 2026

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Video: न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में चाकू लहराती महिला, 20 सेकंड में दो पर हमला; पुलिस ने मार दी गोली

Video : चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस ने स्त्री को घेर लिया और करीब चार मिनट की बातचीत के बाद उसे गोली मार दी. स्थानीय समयानुसार सोमवार शाम करीब 4:30 बजे टाइम्स स्क्वायर के सबसे व्यस्त पैदल चलने वाले इलाके में से एक के पास यह हमला हुआ. उस वक्त वहां हजारों लोग, पर्यटक और परिवार मौजूद थे. महज 20 सेकंड के अंदर स्त्री ने दो लोगों पर चाकू से हमला कर दिया. न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) के मुताबिक, हमले को 49 वर्षीय पामेला सिस्नेरोस ने अंजाम दिया. उसने 32 साल की स्त्री और 68 साल के पुरुष पर चाकू से हमला किया. अधिकारियों ने इसे अचानक और बिना किसी उकसावे के किया गया हमला बताया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में क्या नजर आ रहा है देखें. बताया जा रहा है कि स्त्री के पेट में चाकू से वार किया गया था. उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वहीं, 68 वर्षीय पुरुष के पेट में भी चाकू लगा था. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में स्त्री गुलाबी शर्ट और जींस पहने नजर आ रही है. उसके हाथ में चाकू थे और वह कई पुलिस अधिकारियों के सामने खड़ी थी. आसपास लोगों की भीड़ भी मौजूद थी. पुलिस से सामना होने के दौरान कई गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद स्त्री जमीन पर गिर गई. The post Video: न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में चाकू लहराती स्त्री, 20 सेकंड में दो पर हमला; पुलिस ने मार दी गोली appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का संक्रमण, 30 दिनों में मिले 36 मरीज; बच्चों में संक्रमण ज्यादा

राजीव पांडेय, रांची राज्य में स्वाइन फ्लू (एच1एन1 वायरस) से ग्रसित मरीजों की बढ़ती संख्या स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बन गयी है. विभाग ने राज्य के प्रशासनी और निजी अस्पतालों को सतर्कता बढ़ाने और स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार करने के निर्देश दिये हैं. इधर, राज्य में अब तक स्वाइन फ्लू के 36 मरीजों के मिलने की पुष्टि हो चुकी है. इनमें 18 यानी 50 फीसदी किशोर या छोटे शिशु हैं. दिल्ली समेत पांच राज्यों से लौटे लोगों में संक्रमण की पुष्टि दिल्ली, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और राजस्थान में स्वाइन फ्लू के मामले ज्यादा हैं. वहां से आनेवाले लोग पहले सामान्य फ्लू से पीड़ित हो रहे हैं. जब उनकी जांच करायी जा रही है, तो उनमें स्वाइन फ्लू के संक्रमण की पुष्टि हो रही है. दिल्ली से आये रिम्स के डॉक्टर को पहले सामान्य फ्लू हुआ था. जब उन्होंने जांच करायी तो उनमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई. राहत की बात यह है कि कई मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं. स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या की पुष्टि रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग, एमजीएम कॉलेज जमशेदपुर और रांची स्थित निजी पैथोलॉजी माइक्रोप्रेक्सिस (निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के सैंपल की जांच के आधार पर) हुई है. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग को अब तक रिम्स से आठ और एमजीएम कॉलेज से तीन संक्रमितों के ही आंकड़े मिले हैं. कमजोर इम्युनिटी वाले शिशु-किशोर संक्रमण की चपेट में दिल्ली और अन्य संक्रमित राज्यों से आये मरीजों में हो रही स्वाइन फ्लू की पुष्टि संदिग्ध मरीज के सैंपल की जांच के लिए विभाग ने रांची में रिम्स और जमशेदपुर में एमजीएम को अधिकृत किया है. रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने की वजह से आसानी से संक्रमित हो जाते हैं. नवजात, छोटे शिशु और किशोर 31 अगस्त तक 30 सैंपल की जांच हुई. सोमवार को ‘नया विचार’ ने रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में संदिग्ध मरीजों के सैंपलों की जांच का आंकड़ा खंगाला. साथ ही विभागाध्यक्ष डॉ मनोज कुमार से स्वाइन फ्लू के फैलाव की वजह और इसके प्रभाव की जानकारी ली. विभागाध्यक्ष ने बताया कि चूंकि नवजात व छोटे बच्चों और किशोरों की रोग प्रतिरोधक (इम्युनिटी) कमजोर होती है. इसलिए वे बड़ी आसानी से किसी भी वायरस की चपेट में जल्दी आ जाते हैं. वहीं, वयस्क लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है, क्योंकि वे पहले भी इस तरह के संक्रमण के चपेट आ चुके होते हैं. रिम्स में 30 सैंपल में आठ पॉजिटिव रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 31 अगस्त तक 30 सैंपल की जांच हो चुकी थी. इनमें से आठ पॉजिटिव पाये गये. इनमें से छह संक्रमितों की उम्र आठ वर्ष से 14 वर्ष के बीच है. एक मरीज मेडिसिन ओपीडी में डॉ अजीत डुंगडुंग के परामर्श पर सैंपल देने आये थे. वहीं, एक मरीज क्रिटिकल केयर में डॉ प्रदीप भट्टाचार्या की देखरेख में भर्ती थे, जिनको संदिग्ध पाये जाने पर जांच के लिए सैंपल भेजा गया था. स्वास्थ्य विभाग ने कहा निजी लैब और अस्पताल नहीं दे रहे जानकारी स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि निजी लैब और निजी अस्पताल स्वाइन फ्लू के संक्रमित मरीजों की जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं. ऐसे में संक्रमित मरीजों का सही आंकड़ा नहीं मिल पा रहा है. हालांकि, सभी निजी लैब और अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे संक्रमित मरीज की पूरी जानकारी आइडीएसपी को करायें. स्वास्थ्य विभाग ने जिलों को निर्देश दिया है कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज मिलें, तो उनके सैंपलों की तत्काल जांच करायी जाये. जरूरत पड़ने पर सैंपलों को रिम्स या एमजीएम दोनों में, जो नजदीक हो वहां के लैब में भेजें. घबराने की जरूरत नहीं : डॉ मनोज कुमार रिम्स के डॉ मनोज कुमार, विभागाध्यक्ष, माइक्रोबायोलॉजी ने बताया कि स्वाइन फ्लू भी सामान्य वायरल की तरह ही है. इसमे शरीर का तापमान 104 या 105 हो सकता है, इसलिए ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है. तीन दिनों में वायरस कमजोर पड़ने लगता है और सावधानी बरतने पर स्वतः ठीक हो जाता है. हालाकि, लक्षण के आधार पर बुखार और सर्दी-खासी की दवा लेनी चाहिए. झारखंड के लोगों के फेफड़े मजबूत हैं: डॉ प्रदीप भट्टाचार्य झारखंड के लोगों के फेफड़े मजबूत हैं रिम्स के क्रिटिकल केयर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण ज्यादा है, इसलिए वहां के लोगों के फेफड़े कमजोर हो गये हैं. ऐसे में बदलते मौसम में वहां के लोगों को कोई नया वायरस आसानी से अपनी चपेट में लेता है. वहीं, झारखंड में दिल्ली सहित अन्य महानगरों के मुकाबले प्रदूषण कम है, इसलिए यहां लोगों के फेफड़े तंदुरुस्त है. यही वजह है कि यहां संक्रमण का फैलाव कम है. सावधानी बरतने पर स्थिति नियंत्रित रहेगी. ये भी पढ़ें: जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े पुलिसकर्मी, झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने आंदोलन का दिया अल्टीमेटम The post झारखंड में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का संक्रमण, 30 दिनों में मिले 36 मरीज; बच्चों में संक्रमण ज्यादा appeared first on Naya Vichar.

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September Hindu Calendar 2026: जन्माष्टमी से पितृ पक्ष तक, देखें सितंबर के व्रत-त्योहारों की लिस्ट

September Hindu Calendar 2026: सितंबर का महीना व्रत-त्योहारों से भरा हुआ है. हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, सितंबर के पहले सप्ताह में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, अजा एकादशी व्रत रखा जाएगी. जबकि, दूसरे सप्ताह में दर्श अमावस्या, कुशोत्पाटिनी अमावस्या, हरतालिका तीज, गणेश उत्सव और चौठचंद्र जैसे प्रमुख व्रत-त्योहार पड़ेंगे. इसके अलावा तीसरे सप्ताह में ऋषि पंचमी, विश्वकर्मा पूजा, राधा अष्टमी और परिवर्तिनी एकादशी जैसे व्रत-त्योहार मनाए जाएंगे. सितंबर के आखिरी सप्ताह में वामन जयंती, गुरु प्रदोष व्रत और गणेश प्रतिमा विसर्जन के अलावा पितृ पक्ष का आरंभ होगा. देखिए, सितंबर व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट. सितंबर 2026 के व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट 2 सितंबर, बुधवार- हल षष्ठी 4 सितंबर, शुक्रवार- कृष्ण जन्माष्टमी 5- शनिवार- दही हांडी, गोवत्स द्वादशी या बछ वारस द्वादशी 7 सितंबर, सोमवार- अजा एकादशी 8 सितंबर, मंगलवार- भौम प्रदोष व्रत 10 सितंबर, गुरुवार- दर्श अमावस्या 11 सितंबर, शुक्रवार- भादो (भाद्रपद) अमावस्या, इष्टि, कुशोत्पाटिनी अमावस्या (इस दिन कुश उखाड़ने की परंपरा है.) ये भी पढ़ें: Janmashtami Vrat: जन्माष्टमी व्रत रखने से पहले जान लें 10 खास नियम, श्रीकृष्ण पूरी करेंगे मनोकामना 13 सितंबर, रविवार- वराह जयंती, चंद्र दर्शन 14 सितंबर, सोमवार- हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी, गणेश उत्सव आरंभ, चौठचंद्र 15 सितंबर, मंगलवार- ऋषि पंचमी 16 सितंबर, बुधवार- बलराम जयंती 17 सितंबर, गुरुवार- विश्वकर्मा पूजा, कन्या संक्रांति (सूर्य देव कन्या राशि में प्रवेश करेंगे) 18 सितंबर, शुक्रवार – ललिता सप्तमी, दूर्वा अष्टमी 19 सितंबर, शनिवार- राधा अष्टमी, महालक्ष्मी व्रत आरंभ 22 सितंबर, मंगलवार- परिवर्तिनी एकादशी- इस दिन भगवान विष्णु पाताल लोग में योगनिद्रा के दौरान बाएं से दाएं करवट लेते हैं. 23 सितंबर, मंगलवार- वामन जयंती 24 सितंबर, गुरुवार- गुरु प्रदोष व्रत 25 सितंबर, शुक्रवार- गणेश विसर्जन (गणपति विसर्जन), अनंत चतुर्दशी- इस दिन गणपति की मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा. 26 भाद्रपद, शनिवार- (भादो) पूर्णिमा, पूर्णिमा श्राद्ध 27- सितंबर, रविवार- पितृ पक्ष आरंभ, इष्टि 28 सितंबर, सोमवार- पितृ पक्ष का दूसरा दिन, द्वितीय श्राद्ध- इस दिन उन पूर्वजों के लिए तर्पण किया जाएगा जिनकी मृत्यु कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को हुई थी. ये भी पढ़ें: Janmashtami 2026 Tulsi Rules: जन्माष्टमी के दिन तुलसी तोड़ना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र-पुराण 29 सितंबर, मंगलवार- विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी, पितृ पक्ष का तीसरा दिन (तृतीया श्राद्ध)- कृष्ण पक्ष की तृतीया को जिन पूर्वजों का देहावसान हुआ था, उनका तर्पण इस तिथि को किया जाएगा. 30 सितंबर- बुधवार- पितृ पक्ष का चौथा दिन (चतुर्थी श्राद्ध)- कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को जिन पूर्वजों की ने अपने शरीर को छोड़ा था उनके लिए इसी तिथि को तर्पण किया जाएगा. The post September Hindu Calendar 2026: जन्माष्टमी से पितृ पक्ष तक, देखें सितंबर के व्रत-त्योहारों की लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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सितंबर शुरू होते ही 19 किलो वाली गैस ₹9.50 महंगी, देखें पटना से मुंबई तक कहां कितना हुआ रेट

LPG Price Hike: सितंबर की शुरुआत एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए नई कीमतों के साथ हुई है. तेल कंपनियों ने 1 सितंबर से 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में ₹9.50 तक की बढ़ोतरी कर दी है. नई दरें देशभर में लागू हो चुकी हैं. इसका सीधा असर दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट और ढाबों की गैस लागत पर पड़ सकता है. हालांकि, घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है. वहीं 5 किलो वाले सामान्य और दूसरे छोटे सिलेंडरों के रेट भी अलग-अलग शहरों में तय दरों पर बने हुए हैं. आइए जानते हैं पटना, रांची, दिल्ली, कोलकाता समेत प्रमुख शहरों में इस महीने एलपीजी सिलेंडर कितने का मिल रहा है. 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर कहां कितना महंगा हुआ? 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और कई छोटे कारोबारों में इस्तेमाल होता है. दिल्ली में इसकी कीमत ₹9.50 बढ़कर ₹2,747.50 हो गई है.  दिए गए शहरों में इस महीने 19 किलो सिलेंडर के रेट इस प्रकार हैं: शहर इस महीने का रेट पटना ₹3,029 रांची ₹2,933 नई दिल्ली ₹2,747.50 लखनऊ ₹2,870 कोलकाता ₹2,906 भोपाल ₹2,775 कटक ₹2,917.50 रायपुर ₹2,976 बेंगलुरु ₹2,831 मुंबई ₹2,723 14.2 किलो घरेलू गैस सिलेंडर के क्या रेट हैं? घरों में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमत में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है. अलग-अलग शहरों में इसकी मौजूदा कीमत अलग है. दिए गए शहरों में इस महीने 14.2 किलो सिलेंडर के रेट इस प्रकार हैं: शहर इस महीने का रेट पटना ₹1,040 रांची ₹999.50 नई दिल्ली ₹942 लखनऊ ₹979.50 कटक ₹968.50 भोपाल ₹947.50 कोलकाता ₹968 मुंबई ₹941.50 बेंगलुरु ₹944.50 रायपुर ₹1,013 5 किलो वाला LPG सिलेंडर कितने का मिल रहा है? छोटे सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी शहर के हिसाब से कीमत अलग है. दिए गए रेट के अनुसार, 5 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमत इस महीने इस प्रकार है: शहर इस महीने का रेट पटना ₹382 रांची ₹371.50 नई दिल्ली ₹349.50 लखनऊ ₹363 कटक ₹359.50 कोलकाता ₹358.50 मुंबई ₹349.50 रायपुर ₹374.50 बेंगलुरु ₹350.50 भोपाल ₹351.50 LPG सिलेंडर की कीमत कौन और कब तय करता है? हिंदुस्तान में एलपीजी सिलेंडर की कीमत प्रशासनी तेल कंपनियां तय करती हैं. इनमें इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम शामिल हैं. कीमत तय करते समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस के दाम, डॉलर की कीमत और दूसरे खर्चों जैसे कई पहलुओं को देखा जाता है. आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी कीमतों की समीक्षा के बाद नई दरें जारी की जाती हैं. गौर करने वाली बात यह है कि 1 अगस्त 2026 से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई थी, लेकिन सितंबर की शुरुआत में इसमें फिर बढ़ोतरी हुई है. वहीं घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है. ये भी पढ़ें: LPG Price Hike : सितंबर की शुरुआत में महंगाई का झटका, कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा The post सितंबर शुरू होते ही 19 किलो वाली गैस ₹9.50 महंगी, देखें पटना से मुंबई तक कहां कितना हुआ रेट appeared first on Naya Vichar.

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पटना: माता-पिता की पिटाई से आहत 6 साल का बच्चा धरने पर बैठा, गर्दनीबाग में बोला- ‘मोदी जी से मिलना है, तभी मिलेगा न्याय’

Patna Student Protest : पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर इन दिनों छह साल का एक मासूम बच्चा लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है. आदित्य नाम का यह बच्चा अपने माता-पिता के साथ हुई कथित मारपीट के विरोध में पिछले दो दिनों से धरने पर बैठा है. मासूम का कहना है कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उससे नहीं मिलेंगे और उसे न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह धरना खत्म नहीं करेगा. शिशु के धरने पर बैठने का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं. ‘मोदी जी से मिलेंगे, तभी न्याय मिलेगा’ धरना स्थल पर जब आदित्य से पूछा गया कि वह धरने पर क्यों बैठा है, तो उसने कहा कि उसके माता-पिता के साथ मारपीट हुई है और उसे न्याय चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की बात पर शिशु ने कहा कि वह उनसे मिलकर अपनी बात रखना चाहता है. जब उससे पूछा गया कि उसे किसने बताया कि प्रधानमंत्री से मिलने पर समस्या का समाधान हो जाएगा, तो उसने जवाब दिया कि वह खुद प्रधानमंत्री से मिलने की बात कह रहा है. आदित्य ने यह भी बताया कि वह रात में भी धरना स्थल पर ही रहा. मौसम में उमस और गर्मी के साथ बारिश की संभावना के बावजूद शिशु का धरने पर लगातार बैठे रहना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. माता-पिता की पिटाई के विरोध में धरने पर बैठा बच्चा आदित्य की मां के अनुसार, उनके और उनके पति के साथ कथित तौर पर मारपीट की गयी थी. इसी घटना से नाराज होकर बच्चा धरने पर बैठने की जिद कर रहा है. मां ने बताया कि बच्चा यह मानता है कि उसके माता-पिता उसके कारण मारपीट का शिकार हुए हैं, इसलिए वह उनके लिए आवाज उठा रहा है. हालांकि, सवाल यह भी उठ रहा है कि छह साल की उम्र में शिशु का धरने पर बैठना कितना उचित है. इतनी कम उम्र में शिशु का लंबे समय तक भीड़, गर्मी, उमस और संभावित बारिश के बीच रहना उसकी सेहत पर प्रतिकूल असर डाल सकता है. ‘शिशु को मोहरा नहीं बनाया गया’ मामले को लेकर यह आरोप भी सामने आया कि माता-पिता को खुद धरने पर बैठना चाहिए था, छह साल के शिशु को आगे नहीं करना चाहिए था. इस पर शिशु की मां ने कहा कि बच्चा खुद जिद करके धरने पर बैठा है और उनकी बात नहीं मान रहा है. वहीं, धरना स्थल पर मौजूद अधिवक्ता ने कहा कि शिशु का अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखना अपने आप में गलत नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ है तो उसके पास अपनी बात रखने के लिए लोकतांत्रिक और कानूनी दोनों रास्ते मौजूद हैं. हालांकि, छह साल के शिशु की पढ़ाई और स्वास्थ्य प्रभावित नहीं होना चाहिए. कानूनी लड़ाई का रास्ता भी खुला अधिवक्ता ने बताया कि किसी भी मामले में न्याय पाने के लिए कानूनी प्रक्रिया उपलब्ध है, लेकिन इसमें समय लग सकता है. अदालत की प्रक्रिया में विभिन्न चरणों से गुजरना पड़ता है. ऐसे में पीड़ित पक्ष अपनी शिकायत को लेकर कानूनी कार्रवाई भी आगे बढ़ा सकता है. उन्होंने कहा कि यदि माता-पिता के साथ मारपीट हुई है तो इसकी शिकायत और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. केवल धरने पर बैठना ही न्याय पाने का एकमात्र रास्ता नहीं है. शिशु की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर भी सवाल गर्दनीबाग धरना स्थल पर लगातार मीडिया से बातचीत करते और अपनी बात रखते आदित्य की आंखों में थकान भी नजर आ रही थी. छह साल की उम्र में शिशु के लिए पढ़ाई, स्पोर्ट्स और सामान्य दिनचर्या महत्वपूर्ण होती है. ऐसे में दो दिनों तक धरना स्थल पर रहना उसके स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों के लिहाज से चिंता का विषय बन सकता है. धरना स्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि शिशु की भावनाओं को समझना जरूरी है, लेकिन उसके स्वास्थ्य और शिक्षा की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. शिशु की बात सुनी जाए, लेकिन उसके लिए सुरक्षित और कानूनी रास्ते से समाधान निकालना भी जरूरी है. प्रशासन से संवेदनशील हस्तक्षेप की उम्मीद आदित्य का कहना है कि वह तब तक धरने से नहीं उठेगा, जब तक उसे कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता. अब इस पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गयी है. एक तरफ शिशु और उसके परिवार की शिकायत की निष्पक्ष जांच जरूरी है, वहीं दूसरी तरफ छह साल के शिशु के स्वास्थ्य और पढ़ाई को लेकर भी संवेदनशीलता बरतने की जरूरत है. गर्दनीबाग में अलग-अलग समस्याओं को लेकर लोग धरना देते रहे हैं. लेकिन छह साल के मासूम का न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और शिशु के परिवार की शिकायत का समाधान किस तरह किया जाता है. Also Read : VIDEO: आरक्षण विवाद पर विजय सिन्हा का बयान, बोले- जाति के जहर में बंटा देश गुलाम हो गया; सनातन को लेकर भी कही यह बात The post पटना: माता-पिता की पिटाई से आहत 6 साल का बच्चा धरने पर बैठा, गर्दनीबाग में बोला- ‘मोदी जी से मिलना है, तभी मिलेगा न्याय’ appeared first on Naya Vichar.

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प्रशांत किशोर के विधायक आवास का गायब नेमप्लेट कुछ घंटे बाद मिला, जनसेवा केंद्र की टीम ने जतायी साजिश की आशंका

Prashant Kishor Jan Suraj : पटना के विधायक आवास परिसर में जनसेवा केंद्र संचालित कर रहे जन सुराज के विधायक प्रशांत किशोर के आवास के बाहर लगा नेमप्लेट गायब होने का मामला सामने आने के बाद नेतृत्वक चर्चा तेज हो गयी. हालांकि, मीडिया में समाचार प्रसारित होने के कुछ घंटे बाद वही नेमप्लेट परिसर में ही दूसरी जगह रखा हुआ मिला और बाद में उसे दोबारा आवास के बाहर लगा दिया गया. सुबह गायब मिला नेमप्लेट, टीम ने बनाया वीडियो जनसेवा केंद्र की टीम के अनुसार, सुबह करीब 9 से 9:30 बजे जब वे विधायक आवास परिसर पहुंचे तो उनकी नजर सबसे पहले नेमप्लेट पर गयी. नेमप्लेट वहां नहीं था. टीम का कहना है कि कुछ दिन पहले ही इसे विशेष रूप से तैयार कर आवास के बाहर लगाया गया था और इसके वायरल होने के बाद लोगों का ध्यान भी इस पर गया था. नेमप्लेट गायब मिलने के बाद टीम ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया. मीडिया में समाचार चलने के बाद दूसरी जगह मिला बोर्ड नेमप्लेट गायब होने की समाचार सामने आने के बाद कई मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे. टीम के सदस्यों ने बताया कि इसी दौरान उन्हें आवास से कुछ दूरी पर डस्टबिन के पास नेमप्लेट रखा हुआ दिखाई दिया. इसके बाद उसे वापस लाकर आवास के बाहर लगा दिया गया. टीम ने आसपास के लोगों पर जतायी आशंका जनसेवा केंद्र से जुड़े लोगों ने दावा किया कि यदि कोई बाहरी व्यक्ति नेमप्लेट ले गया होता तो उसके वापस आकर परिसर में रखे जाने की संभावना कम है. टीम ने आशंका जतायी कि किसी ने परेशान करने या जनसेवा केंद्र के संचालन में बाधा डालने के उद्देश्य से ऐसा किया हो सकता है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. जनसेवा केंद्र बंद कराने की कोशिश का लगाया आरोप टीम के एक सदस्य ने कहा कि जनसेवा केंद्र को सुचारू रूप से संचालित करने में पहले से कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार परेशानियां खड़ी कर केंद्र को बंद कराने का प्रयास किया जा रहा है. हालांकि, इस संबंध में किसी व्यक्ति या समूह के खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है. सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाये सवाल नेमप्लेट गायब होने की घटना को लेकर टीम ने विधायक आवास परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाये. टीम के सदस्य ने कहा कि यदि 243 विधायकों के परिसर में किसी विधायक के आवास के बाहर से नेमप्लेट गायब हो सकता है, तो सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए प्रशासन पर भी निशाना साधा. कुछ घंटे बाद वापस मिला नेमप्लेट, जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर फिलहाल नेमप्लेट वापस मिल चुका है. उसके गायब होने और फिर परिसर में दूसरी जगह मिलने की पूरी घटना कैसे हुई, इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है. मामले में किसी तरह की चोरी या साजिश की पुष्टि भी नहीं हुई है. ऐसे में वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. Also Read : VIDEO: आरक्षण विवाद पर चिराग का बयान- ‘दूसरे वर्ग का हक छीनकर नहीं होगा समाधान’, मंत्री पर बोले- दोषी हुआ तो नहीं बचाऊंगा The post प्रशांत किशोर के विधायक आवास का गायब नेमप्लेट कुछ घंटे बाद मिला, जनसेवा केंद्र की टीम ने जतायी साजिश की आशंका appeared first on Naya Vichar.

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जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े पुलिसकर्मी, झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने आंदोलन का दिया अल्टीमेटम

बरवाअड्डा थाना में घुसकर प्रशासनी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की व धमकी देने का आरोप, कल घोषित होगा चरणबद्ध आंदोलन रांची : डुमरी विधायक जयराम महतो के खिलाफ बरवाअड्डा थाना में दर्ज कांड को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है. एसोसिएशन ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग की है. मांग पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी गयी है. एसोसिएशन की विभिन्न शाखाओं, जिला बल और सशस्त्र बल के सदस्यों ने आंदोलन के समर्थन में अपनी सहमति दे दी है. यह भी पढ़ें : पलामू में घूसखोर अधिकारी को 5 साल की जेल, 3 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए थे पूर्व BSO पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और धमकी का लगाया आरोप एसोसिएशन की ओर से आरोप लगाया गया है कि डुमरी विधायक बरवाअड्डा थाना में घुस गये और प्रशासनी काम में बाधा पहुंचायी. इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल करने, धक्का-मुक्की करने और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है. झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अनुसार, मामले में विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसोसिएशन की सभी शाखाओं, जिला बल और सशस्त्र बल के सदस्यों ने आंदोलन पर जाने के लिए सहमति दी है. एसोसिएशन ने कांड के वरीय पर्यवेक्षक पदाधिकारियों से अनुसंधान में किसी तरह की जानबूझकर देरी नहीं करने का अनुरोध किया है. एसोसिएशन का कहना है कि मामले में त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए. एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव-सह-कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पांडेय ने कहा है कि पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में कार्रवाई नहीं होने पर एसोसिएशन आंदोलन का रास्ता अपनायेगा. The post जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े पुलिसकर्मी, झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने आंदोलन का दिया अल्टीमेटम appeared first on Naya Vichar.

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