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September 1, 2026

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बीरभूम में अपने आवास पर मृत मिलीं ममता बनर्जी की भतीजी वृष्टि मुखर्जी, पुलिस जांच में जुटी

बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी की भतीजी वृष्टि मुखर्जी मंगलवार को अपने घर में मृत मिलीं. मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कुसुम्बा गांव स्थित घर से पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. परिवार के सदस्यों ने बताया कि वृष्टि मुखर्जी पिछले कुछ वर्षों से अवसाद से जूझ रही थीं. उनका इलाज चल रहा था. शादी के बाद से परेशान रहती थी वृष्टि बताया जा रहा है कि वृष्टि का एक 12 साल का बेटा है. वृष्टि के घर रसोइया के रूप में काम करने वाली दीपाली के अनुसार, शादी के बाद से वृष्टि काफी परेशान रहती थीं. उनके वैवाहिक जीवन में तनाव था. शादी टूटने की नौबत आ गयी थी. हालांकि, इन परिस्थितियों का उनकी मौत से कोई सीधा संबंध था या नहीं, यह अभी जांच का विषय है. वृष्टि अपने कमरे में अकेली रहती थीं. हमसे ज्यादा बात नहीं करती थीं. पिछले कुछ दिनों में हममें से किसी ने भी उन्हें बाहर नहीं देखा. वह पारिवारिक और पेशेवर कारणों से तनाव में थीं. तलाक की प्रक्रिया की वजह से वह ज्यादा परेशान रहने लगीं थीं. -रिश्तेदार जांच में जुटी पुलिस, परिवार और पड़ोसियों से हो रही पूछताछ पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने जांच के तहत परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस ने कहा है कि यह आत्महत्या का मामला हो सकता है. हालांकि, मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. घटना के बाद कुसुम्बा गांव से लेकर रामपुरहाट तक शोक का माहौल है. ये भी पढ़ें: बंगाल के 32 हजार शिक्षकों को बड़ी राहत, नियुक्ति रद्द करने के फैसले को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने किया खारिज मार्च 2023 में चली गयी थी वृष्टि की नौकरी कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि वृष्टि मुखर्जी (28) ने बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित अपने घर में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद उनकी नौकरी चली गयी थी. हालांकि, पुलिस ने यह नहीं बताया है कि वृष्टि ने कैसे आत्महत्या की. स्कूल में नॉन-टीचिंग स्टाफ थी ममता की भतीजी ग्रामीणों ने बताया कि वृष्टि मुखर्जी एक स्कूल में नॉन-टीचिंग स्टाफ थीं. सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के स्कूलों में हुई नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश दिये थे. कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी नियुक्तियों में कथित अनियमितता के आरोपों के बाद तमाम नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश दिये थे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से चली गयी थी 26000 लोगों की नौकरी इस आदेश के तहत 26,000 शिक्षकों और गैर-शिक्षकों यानी टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ की नौकरी चली गयी थी, क्योंकि इनलोगों पर गैरकानूनी तरीके से नौकरी हासिल करने के आरोप थे. आरोप यह भी था कि बड़े पैमाने पर नेताओं के करीबी लोगों को चेहरा देखकर नौकरी दी गयी थी. बड़ी संख्या में लोगों ने रिश्वत देकर नौकरी ली थी. ये भी पढ़ें: खुशसमाचारी! 12,445 शिक्षकों की भर्ती के लिए मेरिट लिस्ट जारी, इसी माह होंगे इंटरव्यू ममता बनर्जी से क्या है रिश्ता? वह तृणमूल कांग्रेस के रामपुरहाट नंबर-1 ब्लॉक के पूर्व अध्यक्ष निहार मुखोपाध्याय की बेटी थीं. स्थानीय स्तर पर निहार मुखोपाध्याय की पहचान पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ममेरे भाई और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के मामा के रूप में है. इसी रिश्ते के आधार पर वृष्टि को ममता बनर्जी की भतीजी बताया जा रहा है. हालांकि, इस रिश्ते की पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गयी है. नेतृत्व में सक्रिय हैं वृष्टि के माता-पिता निहार मुखोपाध्याय कुसुम्बा पंचायत क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय नेतृत्व में हैं. जनवरी 2024 में उन्हें रामपुरहाट नंबर-1 ब्लॉक का तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था. उनकी पत्नी पम्पा मुखोपाध्याय भी पंचायत नेतृत्व से जुड़ी रही हैं. The post बीरभूम में अपने आवास पर मृत मिलीं ममता बनर्जी की भतीजी वृष्टि मुखर्जी, पुलिस जांच में जुटी appeared first on Naya Vichar.

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PM Modi Gift Photos : PM मोदी ने SCO नेताओं को दिए खास तोहफे, महाभारत से लेकर संतूर और कांगड़ा चाय तक शामिल

PM Modi Gift : प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति को विवेक देबरॉय द्वारा किए गए महाहिंदुस्तान के 10 खंडों वाले अंग्रेजी अनुवाद की प्रति भेंट की. यह अनुवाद महाहिंदुस्तान की मूल कथा के साथ उसके दार्शनिक विचारों, वंशावली, संवाद और सहायक कहानियों को भी बिना काट-छांट के प्रस्तुत करता है. महाहिंदुस्तान को हिंदुस्तान की साहित्यिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. पांडवों और कौरवों की कथा के माध्यम से यह धर्म, कर्तव्य, न्याय, नैतिकता, निष्ठा और शासन जैसे विषयों को सामने रखता है. हिंदुस्तानीय साहित्य, रंगमंच, प्रदर्शन कला और दृश्य कला पर भी इसका व्यापक प्रभाव रहा है. किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री को डोकरा कलाकृति किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री मोदी ने ‘पारंपरिक संगीतकारों की जोड़ी’ थीम वाली डोकरा कलाकृति भेंट की. यह कलाकृति हिंदुस्तान की प्राचीन धातु-कास्टिंग परंपरा और लोक कला को दर्शाती है. इसमें दो संगीतकारों को पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाते हुए दिखाया गया है. उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री ने लकड़ी के नक्काशीदार बक्से में प्रीमियम कांगड़ा चाय भी भेंट की. इसमें कांगड़ा फर्स्ट फ्लश ब्लैक टी और कांगड़ा ग्रीन टी के दो डिब्बे शामिल थे. हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी में चाय की खेती 19वीं सदी से होती आ रही है. कांगड़ा फर्स्ट फ्लश ब्लैक टी अपने हल्के स्वाद, फूलों जैसी खुशबू और हल्की मिठास के लिए जानी जाती है, जबकि कांगड़ा ग्रीन टी अपने ताजगी भरे और सौम्य स्वाद के लिए पहचानी जाती है. फूलों के डिजाइन हिंदुस्तानीय कला परंपरा में सुंदरता, जीवन, समृद्धि और प्रकृति के साथ सामंजस्य का प्रतीक माने जाते हैं. यह ब्रोच हिंदुस्तान की पारंपरिक धातु-कला और सजावटी शिल्प की झलक पेश करता है. उज्बेक राष्ट्रपति को जावोखिर सिंदारोव की ओरिजिनल स्कोरशीट प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को शतरंज ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव की हाथ से लिखी ओरिजिनल स्कोरशीट भी भेंट की. यह स्कोरशीट 2025 में गोवा में हुए FIDE वर्ल्ड कप फाइनल से जुड़ी है. मार्बल इनले कला का संबंध खास तौर पर आगरा से है. संगमरमर पर रंगीन पत्थरों से की जाने वाली यह बारीक कारीगरी हिंदुस्तान की पारंपरिक शिल्प विरासत का हिस्सा है. उज्बेकिस्तान की वास्तु परंपरा में भी संगमरमर का महत्वपूर्ण स्थान रहा है, जिससे यह उपहार दोनों देशों की कलात्मक परंपराओं के बीच समानता को दर्शाता है. उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री को मार्बल इनले सजावटी प्लेट प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री को मार्बल इनले से बनी सजावटी प्लेट भी भेंट की. सफेद संगमरमर पर नीले, हरे और लाल रंगों के पत्थरों से फूलों और पत्तियों के बारीक डिजाइन तैयार किए गए हैं. यह कारीगरी मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा से जुड़ी है और इसे पीढ़ियों से चली आ रही हिंदुस्तानीय पत्थर नक्काशी की परंपरा का उदाहरण माना जाता है. प्लेट पर बने फूलों के डिजाइन सुंदरता, नई शुरुआत और प्रकृति के साथ सामंजस्य का प्रतीक हैं. इन उपहारों के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने SCO देशों के नेताओं के साथ हिंदुस्तान की विविध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कला, संगीत, साहित्य और हस्तशिल्प को साझा किया. इन उपहारों में हिंदुस्तान के अलग-अलग क्षेत्रों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है. ये भी पढ़ें: SCO में PM मोदी का आतंकवाद पर कड़ा संदेश, सामने बैठे थे शहबाज शरीफ; बोले- आतंकवाद पर ‘डबल स्टैंडर्ड’ नहीं चलेगा The post PM Modi Gift Photos : PM मोदी ने SCO नेताओं को दिए खास तोहफे, महाहिंदुस्तान से लेकर संतूर और कांगड़ा चाय तक शामिल appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO : नेपाल बाढ़ का खौफनाक मंजर, अस्पतालों में कम पड़ रही जगह; जंगलों में दफनाई जा रही लाशें

Nepal Floods : नेपाल में आई भीषण बाढ़ के एक हफ्ते बाद हालात बेहद दर्दनाक मोड़ पर पहुंच गए हैं. भोटे कोशी नदी के सैलाब में बहे सैकड़ों लोगों के शव लगातार मिलने से राजधानी काठमांडू समेत पूरे देश के अस्पतालों में लाशें रखने की जगह खत्म हो गई है. मजबूरी में प्रशासन को काठमांडू के बाहरी इलाके गोकर्ण के जंगलों में अज्ञात शवों को एक साथ जमीन में दफनाने का काम शुरू करना पड़ा है. पीपीई किट पहनकर जंगलों में दफनाए जा रहे शव न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार बारिश और कीचड़ के बीच सुरक्षाबल पीपीई (PPE) किट पहनकर बॉडी बैग्स को जंगलों में ले जा रहे हैं और गड्ढे खोदकर उन्हें दफना रहे हैं. हर बैग पर एक खास पहचान टैग और मार्कर लगाया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि दफनाने से पहले सभी शवों के डीएनए (DNA) सैंपल सुरक्षित रख लिए गए हैं, ताकि भविष्य में जब कोई परिवार अपने लापता परिजन की तलाश में आए, तो डीएनए मैच कराकर शव को वापस बाहर निकालकर परिजनों को सौंपा जा सके. देशभर में सिर्फ 350 लाशें रखने की क्षमता, चितवन में सबसे बुरा हाल नेपाल के अस्पतालों में पूरे देश को मिलाकर केवल 350 शव सुरक्षित रखने की व्यवस्था है, जबकि बाढ़ से मरने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है. रसुवा और नुवाकोट से बहकर आए शव निचले इलाकों में मिल रहे हैं. अकेले चितवन जिले से सबसे ज्यादा 321 शव बरामद किए गए हैं, जिससे वहां के सभी शवगृह पूरी तरह भर चुके हैं और प्रशासन को अस्थाई व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं. प्रशासन ने नियमों में किया बदलाव लाशों के बढ़ते ढेर को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने कैबिनेट बैठक बुलाकर लावारिस शव प्रबंधन से जुड़े 2021 के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. नए नियमों के तहत आपदा में मारे गए अज्ञात लोगों के शवों की लंबी कानूनी औपचारिकताओं के बजाय सिर्फ पहचान से जुड़े जरूरी टेस्ट और डीएनए सैंपल लेकर उन्हें सुरक्षित तरीके से जमीन में दफनाने (अस्थाई प्रबंधन) की छूट दी गई है. ये भी पढ़ें: नेपाल में बाढ़ से 1003 की मौत, PM बालेन शाह ने बयां किया दर्द, बोले- ‘पहाड़ों पर ऐसी बर्बादी पहले नहीं देखी’ The post VIDEO : नेपाल बाढ़ का खौफनाक मंजर, अस्पतालों में कम पड़ रही जगह; जंगलों में दफनाई जा रही लाशें appeared first on Naya Vichar.

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Bank Closed: 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल, लगातार 4 दिन बंद रह सकते हैं बैंक; जानें वजह

Bank Closed: संगठन ने हफ्ते में 5 दिन काम की व्यवस्था लागू करने में देरी, प्रदर्शन पर मिलने वाले बोनस (PLI) योजना में मतभेद और पेंशन से जुड़े मुद्दों समेत कई पुरानी मांगों को लेकर 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का फैसला किया है. हड़ताल के कारण लगातार 4 दिन बंद हो जाएंगे बैंक यह हड़ताल होने पर खासतौर से प्रशासनी बैंकों का कामकाज देश के कई हिस्सों में चार दिन तक प्रभावित हो सकता है. हड़ताल शुक्रवार के दिन तय है, जिसके बाद दो दिन शनिवार और रविवार की छुट्टी रहेगी. वहीं, कुछ राज्यों में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी की छुट्टी है. 28 सितंबर से तीन दिन की एक और हड़ताल की चेतावनी सात बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठनों के समूह UFBU ने 28 सितंबर से तीन दिन की एक और देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है. यह हड़ताल आधे साल के हिसाब-किताब (छमाही क्लोजिंग) के समय होगी. सोमवार से शुक्रवार तक काम का समय 40 मिनट बढ़ाने का प्रस्ताव रुका हुआ है अखिल हिंदुस्तानीय बैंक अधिकारी संगठन (AIBOC) के महासचिव रूपम रॉय ने कहा कि 5 दिन का बैंकिंग हफ्ता लागू करने के प्रस्ताव पर बैंक एसोसिएशन (IBA) ने 8 मार्च, 2024 को हुए समझौते में सहमति जताई थी. इसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक काम का समय 40 मिनट बढ़ाने का प्रस्ताव था. रॉय ने कहा कि इसे प्रशासन के पास भेजा गया था, लेकिन दो साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी यह प्रस्ताव अटका हुआ है. प्रशासन की बोनस (PLI) योजना पर भी ऐतराज बैंक संगठनों ने अधिकारियों के लिए प्रशासन की PLI योजना पर भी ऐतराज जताया है. उनका कहना है कि तय समझौते के मुताबिक PLI बैंक के कुल प्रदर्शन से जुड़ा होना चाहिए और सभी कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए एक जैसा होना चाहिए. PLI योजना पर क्यों है ऐतराज? प्रशासन की योजना के तहत बड़े अधिकारियों को उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर ज्यादा बोनस (अधिकतम 365 दिन के मूल वेतन के बराबर) मिल सकता है, जबकि सामान्य कर्मचारियों और छोटे अधिकारियों के लिए यह बहुत कम (अधिकतम 15 दिन के मूल वेतन और महंगाई भत्ते तक) तय किया गया है. बोनस (PLI) का मुद्दा दिल्ली हाई कोर्ट में अटका अखिल हिंदुस्तानीय बैंक कर्मचारी संघ (AIBEA) के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने कहा कि PLI का मुद्दा श्रम आयुक्त के सामने बातचीत के दौर में है और दिल्ली हाई कोर्ट में भी अटका है. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद प्रशासनी विभाग ने बैंकों को यह योजना लागू करने की सलाह दी है. पेंशन में सुधार की मांग बैंक संगठनों की अन्य पुरानी मांगों में पेंशन को बढ़ाना और सुधारना, सभी पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते की एक जैसी गिनती करना और नई पेंशन योजना (NPS) वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने का मौका देना शामिल है. ये भी पढ़ें: Delhi Onion Price: दिल्ली में यहां 35 रुपये किलो मिल रहा प्याज, जानें पूरा डिटेल्स The post Bank Closed: 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल, लगातार 4 दिन बंद रह सकते हैं बैंक; जानें वजह appeared first on Naya Vichar.

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SCO में PM मोदी का आतंकवाद पर कड़ा संदेश, सामने बैठे थे शहबाज शरीफ; बोले- आतंकवाद पर ‘डबल स्टैंडर्ड’ नहीं चलेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद सख्त संदेश दिया. उन्होंने कहा कि युद्ध के मैदान में किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता. सभी युद्ध और विवादों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाना चाहिए. पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों से एकजुट होकर लड़ने की अपील भी की. शहबाज शरीफ की मौजूदगी में आतंकवाद पर निशाना पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा, “हमें एक आवाज में कहना चाहिए कि आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं हो सकती.” पीएम मोदी ने आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने की जरूरत बताई, जिसमें आतंकवाद की फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराना शामिल है. खास बात यह रही कि जब पीएम मोदी यह बात कह रहे थे, उसी हॉल में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद थे. पाकिस्तान की नीति पर हिंदुस्तान का पुराना आरोप प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान हिंदुस्तान की उस लंबे समय से चली आ रही शिकायत के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, जिसमें पाकिस्तान पर हिंदुस्तान के खिलाफ आतंकी संगठनों को समर्थन देने के आरोप लगते रहे हैं. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुए पर्यटकों पर आतंकी हमले के बाद हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था. पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम आतंकी हमले के बाद हिंदुस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में आतंकी ढांचे तथा पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था. हिंदुस्तान ने इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति का हिस्सा बताया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया था. CPEC को लेकर भी हिंदुस्तान ने जताई आपत्ति पीएम मोदी ने SCO मंच से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सहयोग की बात कही, लेकिन इसके साथ एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी. उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएं तभी आगे बढ़नी चाहिए, जब वे दूसरे देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें. इसे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को लेकर हिंदुस्तान के रुख से जोड़कर देखा जा रहा है. PoK से होकर गुजरता है CPEC CPEC करीब 3,000 किलोमीटर लंबा बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट है, जो चीन के शिनजियांग क्षेत्र को पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ने की योजना का हिस्सा है. हिंदुस्तान लगातार इस परियोजना का विरोध करता रहा है, क्योंकि इसका एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से होकर गुजरता है. हिंदुस्तान इसे अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन मानता है. SCO के मंच से हिंदुस्तान ने रखा अपना पक्ष SCO में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी के बीच पीएम मोदी का यह संदेश हिंदुस्तान के आधिकारिक रुख को सीधे और स्पष्ट तरीके से सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर था. हिंदुस्तान ने आतंकवाद और संप्रभुता के मुद्दे पर अपनी स्थिति को एक बार फिर स्पष्ट किया. SCO का मकसद क्या है? शंघाई सहयोग संगठन का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास, मित्रता और अच्छे पड़ोसी संबंधों को मजबूत करना है. इसके साथ ही संगठन आर्थिक, सुरक्षा और दूसरे क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर देता है. ऐसे में पीएम मोदी का आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कार्रवाई का आह्वान SCO के मूल उद्देश्यों के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है. 10 देशों का संगठन है SCO SCO की स्थापना वर्ष 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने मिलकर की थी. हिंदुस्तान और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद ईरान 2023 में और बेलारूस 2024 में संगठन में शामिल हुआ. वर्तमान में SCO के कुल 10 पूर्ण सदस्य हैं. SCO-Plus फॉर्मेट में कई देशों के नेता शामिल इस बार SCO शिखर सम्मेलन का आयोजन विस्तारित ‘SCO-Plus’ फॉर्मेट में किया जा रहा है. इसमें एक दर्जन से अधिक अन्य संबद्ध देशों के नेता भी हिस्सा ले रहे हैं. इनमें तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन, अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान, मंगोलिया के राष्ट्रपति उखनागिन खुरेलसुख, लाओस के राष्ट्रपति थोंगलून सिसोलिथ और टोगो के राष्ट्रपति फॉरे ग्नासिंगबे शामिल हैं. ये भी पढ़ें: S-500 और Su-57 पर रूस का बड़ा दांव, हिंदुस्तान को देगा मेगा ऑफर! पुतिन के दिल्ली दौरे से पहले बढ़ी हलचल The post SCO में PM मोदी का आतंकवाद पर कड़ा संदेश, सामने बैठे थे शहबाज शरीफ; बोले- आतंकवाद पर ‘डबल स्टैंडर्ड’ नहीं चलेगा appeared first on Naya Vichar.

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स्मार्टफोन खरीदने से पहले जान लें ये 4 बातें, वरना नो-कॉस्ट ईएमआई में भी हो जाएगा भारी नुकसान

आने वाले दिनों में यदि आप नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो जेब ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए. वैश्विक बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग और चिप संकट के कारण स्मार्टफोन निर्माताओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है. वनप्लस, शाओमी, रियलमी, वीवो, मोटोरोला और नथिंग जैसे प्रमुख ब्रांड्स ने अपने मिड-रेंज स्मार्टफोन्स की कीमतों में ₹500 से लेकर ₹5,000 तक की बढ़ोतरी कर दी है. बीबॉम और काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, एक जैसी स्पेसिफिकेशन्स होने के बावजूद अब यूजर्स को उन्हीं स्मार्टफोन्स के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है. क्यों महंगे हो रहे हैं स्मार्टफोन? समझें असली वजह लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन महंगे होने की सबसे मुख्य वजह AI इंफ्रास्ट्रक्चर में आया अचानक उछाल है. काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के मुताबिक, AI बूम के कारण प्रोसेसर्स और मेमोरी चिप्स की मांग आसमान छू रही है. इसके चलते मेमोरी चिप्स के दाम 4 गुना तक बढ़ चुके हैं और आने वाले समय में ये 5 गुना तक जा सकते हैं. टेक ब्रांड्स इस स्थिति से निपटने के लिए दो तरह के तरीके अपना रहे हैं: सीधे कीमतें बढ़ाना: स्मार्टफोन के दाम बिना स्पेसिफिकेशन बदले ₹500 से ₹5,000 तक बढ़ा दिए गए हैं. स्पेसिफिकेशन्स में कटौती (साइलेंट डाउनग्रेड): मिड-रेंज सेगमेंट (₹15,000 से ₹45,000) में कंपनियां दाम वही रख रही हैं, लेकिन फीचर्स घटा रही हैं. उदाहरण के तौर पर, रियलमी 16 प्रो को उसके पुराने मॉडल 15 प्रो की ही कीमत पर लॉन्च किया गया, लेकिन इसमें कमजोर चिपसेट और लो-रिजॉल्यूशन कैमरा दिया गया. त्योहारी सीजन और दिवाली ऑफर्स का सच यदि आप यह सोच रहे हैं कि दिवाली की सेल में फोन काफी सस्ता मिल जाएगा, तो एक्सपर्ट्स आपको सचेत कर रहे हैं. तरुण पाठक का मानना है कि इस बार दिवाली ऑफर्स पिछले साल की तुलना में 5 से 10 फीसदी तक कम आकर्षक होंगे. त्योहारी सीजन आते-आते बेस प्राइज और बढ़ चुके होंगे, जिससे डिस्काउंट के बाद भी आपको ज्यादा कीमत ही चुकानी पड़ेगी. ऐसे में नया फोन खरीदने के लिए अभी का समय ही सबसे बेहतर माना जा रहा है. स्मार्टफोन बायर्स बदल रहे हैं अपना ट्रेंड महंगाई के इस दौर में हिंदुस्तानीय यूजर्स काफी सोच-समझकर फैसले ले रहे हैं. ईएमआई और फाइनेंस का सहारा: नकद भुगतान के बजाय लोग आसान किस्तों पर फोन खरीद रहे हैं. अनुमान है कि 2026 में हिंदुस्तान में स्मार्टफोन की कुल बिक्री में ईएमआई और फाइनेंस ऑप्शन्स की हिस्सेदारी बढ़कर 42 फीसदी हो जाएगी, जो 2025 में 35 फीसदी थी. रिपेयरिंग और पुराना फोन चलाना: लोग नया फोन खरीदने के बजाय अपने मौजूदा स्मार्टफोन को रिपेयर कराकर लंबे समय तक इस्तेमाल करने को प्राथमिकता दे रहे हैं. रिफर्बिश्ड और पुराने फ्लैगशिप बन रहे हैं पहली पसंद कैशिफाई के सह-संस्थापक नकुल कुमार के अनुसार, नए मिड-रेंज फोन खरीदने के बजाय यूजर्स पिछले साल के टॉप मॉडल (फ्लैगशिप फोन) या रिफर्बिश्ड (Refurbished) फोन की तरफ रुख कर रहे हैं. 1-2 साल पुराने फ्लैगशिप फोन्स में कम कीमत पर ही बेहतरीन प्रोसेसर और प्रीमियम कैमरा मिल जाता है. स्मार्ट खरीदारी के लिए एक्सपर्ट टिप्स स्पेसिफिकेशन शीट ध्यान से पढ़ें: केवल फोन का नाम और प्राइज टैग न देखें, प्रोसेसर और कैमरे की बारीकियां जरूर जांचें. सॉफ्टवेयर अपडेट का ध्यान रखें: रिफर्बिश्ड फोन खरीदते समय यह समझ लें कि सॉफ्टवेयर अपडेट का समय फोन के ओरिजिनल लॉन्च डेट से गिना जाता है, आपकी खरीद की तारीख से नहीं. फाइनेंस की छिपी लागत: नो-कॉस्ट ईएमआई चुनते समय प्रोसेसिंग फीस और जीएसटी (GST) जैसे चार्जेज जरूर चेक करें. बैटरी और वारंटी: सेकंड हैंड या रिफर्बिश्ड फोन लेते समय बैटरी हेल्थ और सर्टिफाइड सेलर की गारंटी जरूर देखें. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) {“type”:”faq”,”question”:”1. स्मार्टफोन महंगे होने का मुख्य कारण क्या है?”,”answer”:”ग्लोबल मार्केट में AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग के कारण प्रोसेसर्स और मेमोरी चिप्स की भारी कमी हो गई है, जिससे मेमोरी के दाम 4 से 5 गुना बढ़ चुके हैं.”}{“type”:”faq”,”question”:”2. क्या दिवाली सेल का इंतजार करना नया फोन खरीदने के लिए सही रहेगा?”,”answer”:”एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दिवाली तक फोन्स के बेस प्राइज और बढ़ जाएंगे. ऐसे में डिस्काउंट मिलने के बावजूद नेट प्राइज ज्यादा ही रहेगा, इसलिए नया फोन खरीदने के लिए अभी का समय सही है.”}{“type”:”faq”,”question”:”3. रिफर्बिश्ड (Refurbished) फोन खरीदते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए?”,”answer”:”रिफर्बिश्ड फोन लेते समय सॉफ्टवेयर अपडेट की समयसीमा, बैटरी हेल्थ, वारंटी कवरेज और सेलर का सर्टिफाइड होना जरूर चेक करना चाहिए.”} ये भी पढ़ें: Samsung Galaxy S26 FE vs Galaxy S25 FE: नया प्रोसेसर या सस्ता पुराना मॉडल? खरीदने से पहले जानें कौन है बेहतर ये भी पढ़ें: क्या फिर महंगे होंगे आईफोन? iPhone 16 पर मिल रही इस समय की सबसे बड़ी डील The post स्मार्टफोन खरीदने से पहले जान लें ये 4 बातें, वरना नो-कॉस्ट ईएमआई में भी हो जाएगा भारी नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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IND vs AFG: अफगानिस्तान सीरीज से 8 खिलाड़ियों की छुट्टी, जानें किसकी लगी लॉटरी?

India T20I Squad: अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो चुका है. जिम्बाब्वे दौरे पर कई युवा और बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने के बाद चयनकर्ताओं ने अब टीम को एक बार फिर लगभग पूरी ताकत के साथ उतारने का फैसला किया है. इस टीम में संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह की वापसी हुई है. जबकि पिछले टी20 सीरीज से 8 खिलाड़ियों को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. संजू सैमसन की हुई वापसी जिम्बाब्वे दौरे के लिए जब संजू सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह को चुना गया था, तब उनकी टीम से गैरमौजूदगी को लेकर काफी सवाल उठे थे. अब सैमसन की वापसी हो गई है. इसके साथ ही टीम इंडिया के सामने एक बार फिर ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर दिलचस्प सवाल खड़ा हो गया है. अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन में से किन दो बल्लेबाजों को पारी की शुरुआत करने का मौका मिलेगा, इस पर सभी की नजरें रहेंगी. बुमराह की नजरें फिटनेस क्लियरेंस पर स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी टीम में लौटे हैं. हालांकि, उनकी उपलब्धता BCCI की मेडिकल टीम से फिटनेस क्लियरेंस मिलने पर निर्भर करेगी. वह मार्च के बाद पहली बार टी20 इंटरनेशनल टीम में वापसी कर रहे हैं. इसके अलावा नितीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर और हर्षित राणा को भी फिटनेस क्लियरेंस के अधीन टीम में शामिल किया गया है. ये भी पढ़ें: IND vs AFG: अफगानिस्तान के खिलाफ T20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, बुमराह की वापसी; वैभव सूर्यवंशी भी शामिल अक्षर पटेल ने भी की वापसी जिम्बाब्वे दौरे से बाहर रहने वाले अक्षर पटेल को भी टीम में वापस बुलाया गया है. उनके बाहर होने के बाद ऐसी चर्चा थी कि चयनकर्ता RCB के क्रुणाल पंड्या को लेकर विचार कर रहे हैं. हालांकि, अब अक्षर ने अपनी जगह बरकरार रखी है. 8 खिलाड़ियों की टीम से छुट्टी अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम में 8 नए बदलाव किए गए हैं. संजू सैमसन, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा की वापसी हुई है. वहीं, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव और प्रभसिमरन सिंह को बाहर कर दिया गया है. ये भी पढ़ें: Ranji Trophy 2026-27 से पहले मुंबई ने बदला अपना कप्तान, शार्दुल ठाकुर की हुई छुट्टी; इस खिलाड़ी को मिली कमान रिंकू सिंह और मयंक यादव पर भी बड़ा फैसला 2024 टी20 विश्व कप जीतने वाली हिंदुस्तानीय टीम का हिस्सा रहे रिंकू सिंह को एक बार फिर टीम से बाहर किया गया है. इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल वह चयनकर्ताओं की नजर में फ्रिंज खिलाड़ियों की श्रेणी में हैं. वहीं, तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पिछले कुछ समय में प्रभावित किया है, लेकिन उन्हें अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे गेंदबाजों को पीछे छोड़ने के लिए अभी और प्रभावशाली प्रदर्शन करना होगा. अफगानिस्तान के खिलाफ हिंदुस्तान की पूरी टीम श्रेयरस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह*, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा (फिटनेस के आधार पर). ये भी पढ़ें: VIDEO: रजत पाटीदार ने बाउंड्री के करीब छलांग लगाकर पकड़ा हैरतअंगेज कैच, वैभव सूर्यवंशी को 40 रन पर भेजा पवेलियन The post IND vs AFG: अफगानिस्तान सीरीज से 8 खिलाड़ियों की छुट्टी, जानें किसकी लगी लॉटरी? appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल में बाढ़ से 1003 की मौत, PM बालेन शाह ने बयां किया दर्द, बोले- ‘पहाड़ों पर ऐसी बर्बादी पहले नहीं देखी’

Nepal Floods death toll rises : नेपाल के रसुवा में भोटे कोशी नदी की बाढ़ से भारी बर्बादी हुई है. सात दिन बीत जाने के बाद भी हालात बेहद खराब हैं. नदियों और बिजली प्रोजेक्ट की सुरंगों में फंसे लोगों और शवों को निकालने के लिए टीमें रात-दिन मलबा हटाने में लगी हैं. प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने फेसबुक पर बताया कि यह कोई आम बाढ़ नहीं थी, बल्कि पहाड़ों पर बर्फ और चट्टानें खिसकने से आई इस इलाके की सबसे बड़ी तबाही है. 1003 शव मिले, 11 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया गया नेपाली सेना और पुलिस ने मिलकर अब तक 11,379 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. हालांकि 3,925 लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश चल रही है. अस्पतालों में भर्ती 279 घायलों में से 168 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं. पीएम ने बताया कि अब तक 1003 शव बरामद हुए हैं, जिनकी पहचान कर उन्हें उनके परिवारों को सौंपा जा रहा है. टनल में फंसे लोगों को निकालने में हिंदुस्तान भी कर रहा मदद बाढ़ से कई बिजली प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान हुआ है. द काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार नेपाली सेना ने अलग-अलग प्रोजेक्ट्स से 279 मजदूरों और कर्मचारियों को बाहर निकाला है. सुरंगों के रास्ते खोलने के लिए हिंदुस्तानीय और चीनी टीमें भी मदद कर रही हैं. पुल टूट जाने की वजह से रास्ते बंद हो गए थे, जिन्हें दोबारा शुरू करने के लिए हिंदुस्तान प्रशासन ने एक 230 फीट का स्टील पुल और सात अतिरिक्त बेली पुल देने का वादा किया है, जबकि चीन से भी 30 पुल मिलने वाले हैं. बिजली-पानी और रास्तों को ठीक करने का काम जारी बाढ़ से कटे इलाकों में अब तक 3,600 से ज्यादा लोगों तक राशन और जरूरी सामान पहुंचाया गया है. हिंदुस्तान, चीन, अमेरिका और यूएई समेत कई देशों से मदद आ रही है. त्रिशूली नदी के किनारे टूटी सड़कों को जोड़कर फिर से चालू कर दिया गया है ताकि गाड़ियां आ-जा सकें. धादिंग और नुवाकोट में ज्यादातर जगहों पर बिजली और मोबाइल नेटवर्क चालू कर दिया गया है. बेघर हुए लोगों को दोबारा बसाएगी प्रशासन प्रधानमंत्री ने कहा कि राहत फंड में देश-विदेश से मदद आ रही है. उन्होंने साफ कहा कि अब प्रशासन का सबसे बड़ा काम उन हजारों लोगों को दोबारा बसाना है जिनके घर-बार और परिवार इस भयानक आपदा में उजड़ गए हैं. ये भी पढ़ें: MP Weather Kal Ka Mausam: कल 2 सितंबर को फिर बरसेंगे बादल, कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट; जानें अपने जिले का हाल The post नेपाल में बाढ़ से 1003 की मौत, PM बालेन शाह ने बयां किया दर्द, बोले- ‘पहाड़ों पर ऐसी बर्बादी पहले नहीं देखी’ appeared first on Naya Vichar.

बिहार, समस्तीपुर

समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की मंजूरी, 233 करोड़ होंगे खर्च

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर । हिंदुस्तानीय रेलवे ने पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल में सिग्नलिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंडल के 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली लगाने के लिए कुल 233 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना के तहत इन स्टेशनों पर वर्तमान पैनल इंटरलॉकिंग व्यवस्था को हटाकर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस योजना में मधुबनी, अंगार घाट, बदला घाट, धमारा घाट, रुसेरा घाट, रामगढ़वा, भगवानपुर देसुआ, नरहन, नया नगर, राजनगर, सलौना, इमली, ओलापुर, कोपरिया, सिमरी बख्तियारपुर, सोनबरसा कचहरी, पंडौल, डॉ. श्रीकृष्ण सिंह नगर गढ़पुरा, बैजनाथपुर, बुधमा और मुरलीगंज स्टेशन शामिल हैं। कवच प्रणाली के कार्यान्वयन में मिलेगी मदद रेलवे अधिकारियों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली लागू होने से इन स्टेशनों की सिग्नलिंग व्यवस्था अधिक आधुनिक और विश्वसनीय होगी। साथ ही, हिंदुस्तानीय रेलवे की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ के कार्यान्वयन में भी इससे मदद मिलेगी। आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था से ट्रेनों के परिचालन को अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाने में सहायता मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग कंप्यूटर आधारित आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली है। यह पुरानी रिले आधारित इंटरलॉकिंग व्यवस्था की तुलना में अधिक विश्वसनीय मानी जाती है। इसमें सिग्नल और ट्रेन परिचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को तकनीकी रूप से नियंत्रित किया जाता है। इससे खराबी की पहचान और उसे दूर करने में कम समय लगने के साथ रखरखाव भी आसान होता है। सुरक्षा और परिचालन क्षमता होगी बेहतर रेलवे की इस परियोजना से समस्तीपुर मंडल में सिग्नलिंग बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। आधुनिक प्रणाली के लागू होने से ट्रेन परिचालन में सुरक्षा बढ़ाने, सिग्नलिंग संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर करने और परिचालन दक्षता में सुधार की उम्मीद है। रेलवे द्वारा पूरे नेटवर्क में सिग्नलिंग व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर लगातार जोर दिया जा रहा है। समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की स्वीकृति इसी अभियान का हिस्सा है। इससे भविष्य में आधुनिक ट्रेन सुरक्षा तकनीकों को लागू करने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना भी तैयार होगी ।

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SCO Summit: PM मोदी को तस्वीर से हटाकर पाक PMO ने की ओछी हरकत, बेइज्जती के बाद शहबाज ने किया डैमेज कंट्रोल

SCO Summit: पाक पीएमओ ने SCO समिट की तस्वीर को अपने एक्स अकाउंट पर शेयर किया. लेकिन फोटो क्रॉप की हुई थी, जिसमें हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तस्वीर से हटा दिया गया था. फोटो के साथ पाक पीएमओ ने लिखा, “प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ 1 सितंबर 2026 को किर्गिस्तान के बिश्केक में SCO काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट समिट में राष्ट्राध्यक्षों के साथ एक ग्रुप फोटो में.” पाक पीएमओ की बेइज्जती पर शहबाज को संभालना पड़ा मोर्चा पाक पीएमओ ने क्रॉप की हुई तस्वीर को एक्स पर जैसे ही शेयर किया, यूजर्स ने पाकिस्तान को ट्रोल करना शुरू कर दिया. एक्स पर कई मीम वायरल होने लगे. एक मीम में शहबाज शरीफ भीख के कटोरे के साथ नजर आ रहे हैं. एक अन्य मीम में शहबाज शरीफ को पीएम मोदी के ठीक आगे जमीन पर बैठा दिया गया. जब सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की बेइज्जती होने लगी, तो पाक पीएम शहबाज शरीफ को मोर्चा संभालना पड़ा. उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से SCO समिट की पूरी तस्वीर शेयर की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नजर आ रहे हैं. पीएम मोदी ने पहले ही पूरी तस्वीर कर दी थी पोस्ट पाक पीएमओ ने सुबह 11:42 बजे क्रॉप की हुई तस्वीर पोस्ट की थी. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10:40 बजे ही अपने एक्स अकाउंट पर SCO समिट की पूरी तस्वीर पोस्ट कर दी थी. ये भी पढ़ें: सिंधु के पानी पर PAK की बढ़ी बेचैनी, SCO में शहबाज ने कहा- ‘पानी क्षेत्र की Lifeblood’, हिंदुस्तान को दिया इशारा The post SCO Summit: PM मोदी को तस्वीर से हटाकर पाक PMO ने की ओछी हरकत, बेइज्जती के बाद शहबाज ने किया डैमेज कंट्रोल appeared first on Naya Vichar.

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