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October 7, 2026

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Bihar Domicile Rule: बिहार में शिक्षक बनने का है सपना, शादीशुदा महिलाओं के लिए डोमिसाइल का नया नियम समझिए

Bihar Domicile Rule: बिहार में प्रशासनी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहीं शादीशुदा स्त्रीओं के लिए एक नया नियम आया है. अगर कोई विवाहित स्त्री शिक्षक भर्ती में आरक्षण का लाभ लेना चाहती है, तो उसके जाति, निवास और नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्र पिता के स्थायी पते के आधार पर होने चाहिए. सिर्फ बिहार में शादी हो जाने या पति के बिहार का रहने वाला होने से स्त्री को बिहार के आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा. उसके अपने मूल निवास की स्थिति भी देखी जाएगी. आखिर यह नियम क्यों चर्चा में है? इस नियम की चर्चा इसलिए ज्यादा है क्योंकि बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 चल रही है. शुरुआत में इस भर्ती में 32388 पद थे. अब 932 और पद जोड़ दिए गए हैं. इसके बाद कुल पदों की संख्या बढ़कर 33320 हो गई है. नए 932 पदों में 493 पद कक्षा 9 से 10 और 439 पद कक्षा 11 से 12 के शिक्षकों के हैं. हजारों उम्मीदवारों के लिए इस समय शिक्षक बनने का मौका है. ऐसे में प्रमाणपत्र से जुड़ा यह नियम उम्मीदवारों के लिए समझना बहुत जरूरी हो गया है. शादी के बाद पति का पता इस्तेमाल करने से क्या होगा? मान लीजिए कोई स्त्री बिहार की रहने वाली नहीं है. उसकी शादी बिहार के किसी युवक से हुई है और शादी के बाद वह बिहार में रहने लगी. उसके पति के पास बिहार का निवास प्रमाणपत्र है. सिर्फ पति के बिहार के पते के आधार पर स्त्री बिहार की मूल निवासी नहीं मानी जाएगी. अगर वह बिहार के आरक्षण का लाभ लेना चाहती है, तो उसे अपने मूल निवास की शर्त पूरी करनी होगी. BPSC से जुड़े नियमों में शादीशुदा स्त्री के लिए जाति, निवास और नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्र पिता के नाम और पिता के स्थायी पते से जारी होने की बात साफ की गई है. बिहार की बेटी के लिए क्या है नियम? अगर किसी स्त्री का मायका यानी पिता का स्थायी पता बिहार में है और वह बिहार की मूल निवासी है, तो शादी के बाद भी उसके लिए यह प्रमाणपत्र पिता के स्थायी पते से बनाया जाएगा. इसका मतलब यह है कि शादी के बाद उसका पता बदलने से उसके मूल निवास का आधार पति का पता नहीं हो जाता. आरक्षण के लिए उसके पिता के स्थायी पते से जुड़ा रिकॉर्ड जरूरी है. यही वजह है कि आवेदन भरते समय स्त्री उम्मीदवारों को अपने प्रमाणपत्रों की जानकारी बहुत ध्यान से देखनी होगी. कौन-कौन से प्रमाणपत्र जरूरी हैं? शादीशुदा स्त्री अगर आरक्षण का दावा कर रही है, तो नियम के मुताबिक मुख्य रूप से तीन प्रमाणपत्र महत्वपूर्ण हैं- जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र और नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्र. इन प्रमाणपत्रों में पिता का स्थायी पता आधार बनेगा. पति के पते से बने प्रमाणपत्र को आरक्षण के लिए आधार नहीं बनाया जा सकता. EWS यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मामले में अलग व्यवस्था है. प्रशासनी नियम के अनुसार विवाहित स्त्री का आय और संपत्ति प्रमाणपत्र पति के स्थायी निवास वाले स्थान से जारी हो सकता है, अगर वह पति के साथ रह रही है. लेकिन बिहार की मूल निवासी होने का प्रमाण पिता के स्थायी निवास से देना जरूरी है. इसका सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ेगा? इस नियम को समझने के लिए दो अलग स्थिति देखना जरूरी है. पहली स्थिति में स्त्री खुद बिहार की मूल निवासी है और उसकी शादी बिहार में हुई है. ऐसी स्त्री अपने पिता के स्थायी पते से जरूरी प्रमाणपत्र देकर आरक्षण का दावा कर सकती है. दूसरी स्थिति में स्त्री किसी दूसरे राज्य की मूल निवासी है और उसकी शादी बिहार में हुई है. केवल शादी के बाद बिहार में रहने लगने से उसे बिहार की मूल निवासी स्त्रीओं वाला आरक्षण नहीं मिल जाता. यानी यहां सबसे अहम बात शादी नहीं, बल्कि मूल निवास है. बिहार में स्त्रीओं को कितना आरक्षण मिलता है? बिहार प्रशासन ने जुलाई 2025 में प्रशासनी सेवाओं में सीधी नियुक्ति के लिए राज्य की मूल निवासी स्त्री उम्मीदवारों को 35 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया था. इसका मतलब यह आरक्षण बिहार की मूल निवासी स्त्रीओं के लिए है. इसलिए शादीशुदा स्त्री उम्मीदवार के मामले में यह देखना जरूरी है कि वह बिहार की मूल निवासी है या नहीं. यही कारण है कि सिर्फ पति का बिहार का पता होने से किसी स्त्री को इस 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल जाता. TRE-4 में कितनी है भर्ती? TRE-4 में पहले 32388 शिक्षक पदों पर भर्ती होनी थी. 6 अक्टूबर 2026 को BPSC ने 932 और पद जोड़ दिए. इसके बाद कुल रिक्तियों की संख्या 33320 हो गई है. इनमें 9वीं-10वीं के 493 और 11वीं-12वीं के 439 अतिरिक्त पद शामिल हैं. BPSC ने इन नई रिक्तियों का विषय और श्रेणी के हिसाब से विवरण भी जारी किया है. भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू हो चुकी है. आवेदन की आखिरी तारीख 26 अक्टूबर 2026 बताई गई है. परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है. प्रशासन का क्या मकसद है बिहार ने 2025 में प्रशासनी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के नियमों में बदलाव किया था. इसके तहत राज्य के स्थायी निवासियों को शिक्षक भर्ती में प्राथमिकता देने की व्यवस्था की गई. प्रशासन ने इस बदलाव का उद्देश्य बिहार के स्थानीय उम्मीदवारों को शिक्षक भर्ती में प्राथमिकता देना बताया था. यह व्यवस्था TRE-4 और आगे की शिक्षक भर्तियों में लागू होनी है. पहले की शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में दूसरे राज्यों के उम्मीदवार भी बड़ी संख्या में नियुक्त हुए थे. अब नई डोमिसाइल व्यवस्था के कारण आवेदन और आरक्षण से जुड़े नियम पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं. उम्मीदवार आवेदन से पहले क्या जांच लें? शादीशुदा स्त्री उम्मीदवारों को सबसे पहले यह देखना चाहिए कि वह बिहार की मूल निवासी हैं या नहीं. अगर वह बिहार की मूल निवासी हैं और आरक्षण का दावा कर रही हैं, तो जाति, निवास और नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्र में पिता के स्थायी पते से जुड़ी जानकारी सही होनी चाहिए. सिर्फ पति के बिहार वाले पते पर बने प्रमाणपत्र के भरोसे आवेदन करना सही नहीं होगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें असली बात क्या है? इस पूरे नियम का सबसे आसान

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कभी स्कॉलरशिप के सहारे पढ़े, 22 की उम्र तक नहीं देखा शहर, फिर 1.8 लाख रुपये से खड़ी कर दी HCL

आज जब हिंदुस्तान की बड़ी IT कंपनियों का नाम लिया जाता है, तो HCL का नाम भी सामने आता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि HCL की शुरुआत किसी बड़े ऑफिस, करोड़ों रुपये या किसी बड़े कारोबारी परिवार से नहीं हुई थी. इसकी शुरुआत दिल्ली की एक छोटे-से कमरे से हुई थी, जहां कुछ दोस्तों के पास बड़ा सपना तो था, लेकिन पैसे बहुत कम थे. इस कहानी के केंद्र में शिव नादर हैं. एक ऐसे लड़के की कहानी, जिसने गांव और छोटे शहरों में पढ़ाई की, तमिल माध्यम से पढ़े, 22 साल की उम्र में पहली बार शहर देखा और आगे चलकर हिंदुस्तान की कंप्यूटर क्रांति के शुरुआती दौर में बड़ी भूमिका निभाई. दिलचस्प बात यह है कि खुद शिव नादर मानते हैं कि उनकी सफलता की शुरुआत कारोबार से नहीं, बल्कि एक स्कॉलरशिप से हुई थी. ‘टेक टाइकून्स की कहानी’ की इस कड़ी में आइए जानते हैं शिव नादर के बारे में. आठ भाई-बहनों में सातवें नंबर पर थे शिव नादर शिव नादर का जन्म 14 जुलाई 1945 को तमिलनाडु के एक गांव में हुआ. उनके पिता जज थे और नौकरी की वजह से उनका परिवार अलग-अलग जगहों पर जाता रहा. इसी कारण नाडर की पढ़ाई भी एक ही जगह नहीं हुई. लेकिन उनकी जिंदगी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि उन्होंने अपनी पढ़ाई तमिल में की थी. अंग्रेजी उनके लिए बचपन से पढ़ाई की भाषा नहीं थी. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और उन्होंने अंग्रेजी में नहीं, बल्कि तमिल में पढ़ाई की. यहां तक कि उन्होंने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी शहर को तब देखा, जब वह 22 साल के थे. पिता के निधन के बाद परिवार पर आया आर्थिक संकट शिव नादर की जिंदगी में एक और बड़ा मोड़ तब आया, जब स्कूल के आखिरी वर्षों में उनके पिता का निधन हो गया. परिवार के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई. इसी दौरान उन्हें पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिली और उन्होंने PSG College of Technology से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. बाद में एक इंटरव्यू में नाडर ने बताया कि स्कॉलरशिप उनके लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं थी, बल्कि आजादी जैसी थी. इससे वह पैसों की चिंता किए बिना अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सके. दिल्ली पहुंचे तो जिंदगी बदल गई 1960 के दशक में शिव नादर नौकरी के लिए दिल्ली पहुंचे. उन्होंने DCM में काम शुरू किया. यही वह जगह थी जहां उनकी मुलाकात उन लोगों से हुई, जो आगे चलकर HCL की नींव रखने वाले थे. DCM में नादर ने इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर से जुड़ा काम शुरू किया. उस समय हिंदुस्तान में कंप्यूटर आज की तरह आम चीज नहीं थे. बल्कि कंप्यूटर को देखकर ज्यादातर लोग यही सोचते थे कि इसका इस्तेमाल आखिर करेगा कौन? लेकिन नादर और उनके साथियों को माइक्रोप्रोसेसर में भविष्य दिखाई दे रहा था. उन्होंने महसूस किया कि आने वाले समय में कंप्यूटर दुनिया बदल सकते हैं. यही सोच उन्हें अपनी सुरक्षित नौकरी छोड़ने की तरफ ले गई. HCL के पास पहले ग्राहक नहीं, सिर्फ एक सपना था जब HCL ने अपना पहला कंप्यूटर बनाने की योजना बनाई, तब मशीन तैयार भी नहीं हुई थी. इसके बावजूद कंपनी की टीम ग्राहकों के पास पहुंचने लगी. उनके पास एक ब्रोशर था, जिसमें उस प्रोडक्ट का मॉडल दिखाया गया था. HCL की इस सोच का फायदा भी मिला. शुरुआती ग्राहकों में IIT Kharagpur और IIT Madras जैसे संस्थान शामिल रहे. उस समय हिंदुस्तान में कंप्यूटर की पहुंच बेहद सीमित थी. नादर के मुताबिक, लोग कंप्यूटर को जरूरत नहीं बल्कि सुविधा समझते थे. IBM के हिंदुस्तान से बाहर जाने के बाद हिंदुस्तानीय कंपनियों के सामने बाजार बनाने की बड़ी चुनौती भी आ गई थी. एक गलती जिसे शिव नादर आज भी मानते हैं शिव नादर की कहानी सिर्फ सफलता की कहानी नहीं है. इसमें एक बड़ी गलती भी शामिल है, जिसे वह खुद स्वीकार करते हैं. जब 1990 के दशक के आखिर और 2000 के आसपास Y2K का दौर आया, तब दुनिया भर में कंप्यूटर सिस्टम को अपडेट करने की जरूरत बढ़ गई थी. हिंदुस्तान की IT कंपनियों के लिए यह बहुत बड़ा मौका था. लेकिन HCL इस मौके को उतना नहीं भुना पाया, जितना उसके प्रतियोगियों ने किया. एक इंटरव्यू में नाडर ने साफ कहा था कि Y2K का मौका गंवाना “big mistake” था. उनके मुताबिक अगर HCL ने उस मौके को पकड़ लिया होता तो कंपनी नंबर एक तक पहुंच सकती थी. मां ने सिखाया कि पैसा सिर्फ अपने लिए नहीं होता शिव नादर की जिंदगी का एक और बेहद व्यक्तिगत हिस्सा उनकी मां से जुड़ा है. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि बचपन से उन्होंने अपनी मां को मुश्किल समय में भी कुछ न कुछ दूसरों को देने के लिए अलग रखते देखा था. यही आदत आगे चलकर उनकी सोच का हिस्सा बन गई. नादर ने कहा था कि उनकी मां ने उन्हें याद दिलाया कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी क्या है और शिक्षा वह क्षेत्र है जिसमें उन्हें वापस देना चाहिए. 1994 में उन्होंने Shiv Nadar Foundation की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने सिर्फ पैसे दान करने के बजाय संस्थान बनाने का रास्ता चुना. क्यों बनवाए इतने स्कूल और कॉलेज? नादर के लिए शिक्षा सिर्फ किताब और नौकरी पाने का जरिया नहीं रही. उन्होंने SSN College of Engineering से शुरुआत की. बाद में VidyaGyan, Shiv Nadar University, Shiv Nadar School और दूसरे संस्थानों के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा नेटवर्क खड़ा किया. Foundation के मुताबिक, इसका मकसद सिर्फ ज्यादा बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे संस्थान बनाना है जो लंबे समय तक काम करते रहें और आने वाली पीढ़ियों को भी फायदा दें. SSN के जरिए हजारों छात्रों को स्कॉलरशिप भी दी गई है. Foundation के अनुसार, SSN के स्कॉलरशिप प्रोग्राम से 5,000 से ज्यादा छात्र लाभान्वित हो चुके हैं, जिनमें 2,000 से ज्यादा फर्स्ट-जनरेशन हैं. बेटी ने कहा, “मैं आपकी जगह नहीं लेना चाहती” शिव नादर और उनकी बेटी रोशनी नादर मल्होत्रा की बातचीत भी उनकी कहानी का दिलचस्प हिस्सा है. एक इंटरव्यू में नादर ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी से पूछा था कि वह जिंदगी में क्या करना चाहती हैं. रोशनी ने

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7 अक्टूबर की टॉप 20 खबरें : ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक का मार्च, दिल्ली में भूकंप के झटके; भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI का छापा

1. चुनाव आयोग के बाहर डटे राहुल गांधी : बोले- ‘मोदी-शाह ने वोट चोरी कर देश को किया हाईजैक, हम उन्हें खत्म कर देंगे’ राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं. उन्होंने BJP और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष सिर्फ बीजेपी का मुकाबला नहीं कर रहा, बल्कि उसे ‘खत्म कर देगा’. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 2. VIDEO: दिल्ली पुलिस ने राहुल और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया, 8 घंटे के धरने के बाद न्यू पुलिस लाइन लाए गए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया. ‘इंडिया’ ब्लॉक के नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 3. पंजाब CM भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI का छापा, OSD और 5 अन्य के खिलाफ FIR दर्ज पंजाब के CM भगवंत मान के कैंप ऑफिस और OSD राजबीर सिंह घुम्मन के घर CBI ने छापेमारी की. हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हुई. जानें आरोपों का पूरा विवरण. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 4. स्मृति मंधाना बनीं हिंदुस्तानीय स्त्री टीम की कप्तान, हरमनप्रीत कौर की जगह संभालेंगी कमान स्मृति मंधाना को हिंदुस्तानीय स्त्री क्रिकेट टीम की नई फुल-टाइम व्हाइट-बॉल कप्तान बनाया गया है. हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने के बाद BCCI ने स्मृति के नाम का ऐलान किया. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 5. दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.9 रही तीव्रता Earthquake On Delhi-NCR : दिल्ली-NCR में मंगलवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के चमोली में था. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 6. राहुल गांधी के प्रदर्शन के बीच CJP चीफ का दावा- दिल्ली आंदोलन में शामिल नहीं होने का बनाया जा रहा दबाव एसआईआर और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी के आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने महाराष्ट्र के सीएम पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि उनके कार्यकर्ताओं और समर्थकों को परेशान करने की बजाय उन्हें (दीपके को) गिरफ्तार किया जाये. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 7. बंगाल उपचुनाव : नंदीग्राम में 79.39 प्रतिशत और रेजीनगर में 78.42 प्रतिशत वोट, रिजल्ट 9 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल उपचुनाव में नंदीग्राम और रेजीनगर में 79% मतदान हुआ. हुमायूं कबीर की गिरफ्तारी पर रिपोर्ट तलब की गयी है. दोनों सीटों के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित होंगे. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 8. Naya Vichar Special: झारखंड में स्कूल छोड़ने की दर हो गई खत्म, लेकिन 99,000 से अधिक शिक्षकों के पद अब भी खाली झारखंड में प्राथमिक स्कूल छोड़ने की दर अब शून्य हो गई है. नीति आयोग की रिपोर्ट में सेकेंडरी स्तर पर भी भारी सुधार दिखा है, पर शिक्षकों की भारी कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 9. रोहतास में बनेगी नई टाउनशिप, शाहाबाद को मिलेगा एयरपोर्ट, सम्राट चौधरी का ऐलान Samrat Choudhary: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को सासाराम में रोहतास के विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए. जिले में नई रोहतास टाउनशिप और शाहाबाद में एयरपोर्ट विकसित करने की बात कही. सासाराम-औरंगाबाद तक सोन का पानी पहुंचाने और पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने का भी प्लान बताया. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 10. रूस में ‘प्लेग’ की आशंका से अमेरिका अलर्ट, क्या हिंदुस्तान में भी लौट सकता है 1994 वाला खौफ? साइबेरिया में प्लेग की आशंका से चिंता बढ़ी. 200 लोग निगरानी में रखे गए हैं. अमेरिका इसपर नजर बनाए हुए है. रूस में 28 साल की स्त्री की मौत के बाद मामला समाचारों में आया और उसकी मौत के पीछे प्लेग की आशंका बताई जा रही है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 11. PoK में पाकिस्तान के खिलाफ फिर भड़का आंदोलन, JAAC ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का किया ऐलान पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में JAAC ने अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान किया है. चार महीने से लंबित मांगों पर प्रशासन की निष्क्रियता के चलते यह कदम उठाया गया. जानें पूरा मामला. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 12. होर्मुज में जहाज पर हमला, 11 हिंदुस्तानीय घायल; हिंदुस्तान बोला- जहाजों पर हमले तुरंत बंद हों स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यावसायिक जहाज MT On Peace पर मिसाइल हमला हुआ, जिसमें 11 हिंदुस्तानीय नाविक घायल हो गए. हिंदुस्तान ने तुरंत हमले रोकने की मांग की. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 13. ‘रिश्ते के पहले ही हफ्ते में पूछा- AIDS तो नहीं?’: बिग बॉस से बाहर होते ही छलका गायत्री का दर्द; पढ़िए टॉक्सिक प्यार का सच गायत्री सुरेश ने बिग बॉस से बाहर निकलते ही अपनी पर्सनल लाइफ का दर्द बयां किया. जानिए कैसे उनके पार्टनर ने रिश्ते के पहले ही हफ्ते में पूछा था ‘क्या तुम्हें AIDS है?’ पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 14. 618km रेंज मिलेगा, 9 एयरबैग और सिर्फ 5 सेकंड में 100kmph की स्पीड… हिंदुस्तान में 1,000+ लोगों ने खरीद ली ये अमेरिकी कार टेस्ला मॉडल Y हिंदुस्तान में 1000 से अधिक यूनिट बेचकर ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंची. 681 किमी रेंज, 5.9 सेकंड में 100 किमी/घंटा स्पीड और 9 एयरबैग्स के साथ लग्जरी ईवी सेगमेंट में मजबूत स्थिति. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 15. एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित होंगे अगले वायुसेना प्रमुख, 31 अक्टूबर को संभालेंगे पद एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 31 अक्टूबर से हिंदुस्तानीय वायुसेना के अगले प्रमुख होंगे. जानें उनके चार दशक के अनुभव और विशेषज्ञता के बारे में. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 16. IND vs WI: श्रेयस अय्यर के तूफानी शतक में उड़ा वेस्टइंडीज, हिंदुस्तान ने 8 विकेट से दर्ज की जीत श्रेयस अय्यर के तूफानी शतक के दम पर टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को पहले T20I में 8 विकेट से हराया. इस जीत के साथ हिंदुस्तान ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 17. VIDEO: दिल्ली पुलिस ने राहुल और प्रियंका गांधी को हिरासत में

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Zaheer Khan 48th Birthday: इंजीनियरिंग छोड़ क्रिकेट में बनाया करियर, 2011 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेकर बने भारत के हीरो

Zaheer Khan Birthday: हिंदुस्तानीय क्रिकेट में कुछ तेज गेंदबाज ऐसे रहे हैं, जिन्होंने अपनी गेंदबाजी से न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी नई राह दिखाई. जहीर खान उन्हीं खिलाड़ियों में शामिल हैं. बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने हिंदुस्तानीय क्रिकेट को लंबे समय तक अपनी स्विंग, सटीक लाइन-लेंथ और मुश्किल परिस्थितियों में विकेट निकालने की क्षमता से मजबूत किया. जहीर खान आज अपना 48वां जन्मदिन मना रहे हैं. क्रिकेट तक पहुंचने की उनकी कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है, जितना उनका अंतरराष्ट्रीय करियर. अच्छे नंबर आने के बावजूद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़ दी और क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला किया. इंजीनियरिंग छोड़ क्रिकेट को बनाया करियर महाराष्ट्र के श्रीरामपुर से आने वाले जहीर खान ने 12वीं की पढ़ाई के बाद इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया था. परिवार के लिए यह एक सामान्य और सुरक्षित करियर विकल्प था, लेकिन जहीर का मन क्रिकेट में था. उनके पिता बख्तियार खान ने बेटे की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें क्रिकेट में आगे बढ़ने का मौका दिया. करीब 17 साल की उम्र में जहीर अपने पिता के साथ मुंबई पहुंचे, जहां उन्होंने एमआरएफ पेस फाउंडेशन के ट्रायल में हिस्सा लिया. यहां उनकी प्रतिभा पर कोच टीए सेकर और डेनिस लिली की नजर पड़ी. इसके बाद जहीर ने मुंबई के क्लब क्रिकेट में खुद को साबित किया और धीरे-धीरे घरेलू क्रिकेट के रास्ते हिंदुस्तानीय टीम तक पहुंचे. साल 2000 में हुआ इंटरनेशनल डेब्यू जहीर खान ने साल 2000 में हिंदुस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा. उन्होंने 25 अक्टूबर 2000 को केन्या के खिलाफ नैरोबी में अपना वनडे डेब्यू किया. इसके बाद वह हिंदुस्तानीय तेज गेंदबाजी के अहम चेहरों में शामिल होते चले गए. जहीर की सबसे बड़ी ताकत दोनों तरफ गेंद को स्विंग कराने की क्षमता थी. नई गेंद के साथ-साथ पुरानी गेंद से भी वह बल्लेबाजों को परेशान करते थे. बाएं हाथ से आने वाला उनका एंगल और लंबा रन-अप बल्लेबाजों के लिए लगातार चुनौती बना रहता था. ये भी पढ़ें: Washington Sundar Birthday: एक कान से नहीं सुन सकते, नाम का उड़ा मजाक; आज हिंदुस्तान के भरोसेमंद ऑलराउंडरों में होती है गिनती खराब दौर में खोजी नकल बॉल हर बड़े खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं और जहीर खान भी इससे अछूते नहीं रहे. 2004-05 के आसपास उनका करियर मुश्किल दौर से गुजर रहा था और उन्हें हिंदुस्तानीय टीम से बाहर भी होना पड़ा. लेकिन जहीर ने इस दौर को कमजोरी बनने नहीं दिया. उन्होंने अपनी गेंदबाजी पर काम किया और एक नई वैरिएशन विकसित की, जिसे बाद में नकल बॉल के नाम से पहचान मिली. गेंद की रफ्तार और रिलीज में बदलाव करने वाली इस गेंद ने बल्लेबाजों को काफी परेशान किया. 2011 वर्ल्ड कप में बने हिंदुस्तान की गेंदबाजी के सबसे बड़े हथियार जहीर खान के करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में 2011 वनडे वर्ल्ड कप सबसे ऊपर आता है. हिंदुस्तान ने घरेलू मैदान पर महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में विश्व कप जीता और इस अभियान में जहीर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही. उन्होंने टूर्नामेंट में 9 मैच स्पोर्ट्से और 21 विकेट अपने नाम किए. वह पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी के साथ संयुक्त रूप से टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. 2002-03 चैंपियंस ट्रॉफी में भी दिखाया दम 2011 से पहले जहीर खान 2002-03 की चैंपियंस ट्रॉफी में भी अपना प्रभाव छोड़ चुके थे. उन्होंने टूर्नामेंट में 5 मैचों में 8 विकेट हासिल किए और हिंदुस्तान के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. इस टूर्नामेंट में हिंदुस्तान और श्रीलंका संयुक्त विजेता बने थे. जहीर के प्रदर्शन ने हिंदुस्तानीय टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया. जहीर खान का अंतरराष्ट्रीय करियर फॉर्मेट मैच पारी रन गेंद विकेट सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी गेंदबाजी औसत इकॉनमी 5 विकेट 4 विकेट टेस्ट 92 165 10,247 18,785 311 7/87 32.94 3.27 15 11 वनडे 200 197 8,301 10,097 282 5/42 29.43 4.93 7 1 टी20 इंटरनेशनल 17 17 448 352 17 4/19 26.35 7.63 1 0 ये भी पढ़ें: Rishabh Pant 29th Birthday: हादसे में मरते-मरते बचे थे ऋषभ पंत, डॉक्टर से पूछा था- ‘क्या मैं फिर क्रिकेट स्पोर्ट्स पाऊंगा?’ जब सचिन के साथ मिलकर बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड जहीर खान को आमतौर पर उनकी गेंदबाजी के लिए याद किया जाता है, लेकिन बल्ले से भी उन्होंने कुछ खास पारियां स्पोर्ट्सी हैं. 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैच में उन्होंने 115 गेंदों पर 75 रन की शानदार पारी स्पोर्ट्सी. इस दौरान उन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर 133 रन की साझेदारी की. यह हिंदुस्तान की ओर से टेस्ट क्रिकेट में 10वें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बनी और लंबे समय तक यह रिकॉर्ड कायम रहा. हेनरी ओलोंगा के खिलाफ लगातार चार छक्के साल 2000 में जहीर ने बल्ले से एक ऐसा कारनामा किया, जिसे क्रिकेट फैंस आज भी याद करते हैं. जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे मैच में हिंदुस्तानीय टीम 49.2 ओवर के बाद 258/8 के स्कोर पर थी. इसके बाद जहीर ने हेनरी ओलोंगा की लगातार चार गेंदों पर चार छक्के जड़ दिए. उनकी इस आक्रामक बल्लेबाजी ने हिंदुस्तान के स्कोर को अचानक गति दे दी. आखिरी टेस्ट में भी झटके पांच विकेट जहीर खान ने टेस्ट क्रिकेट को भी यादगार अंदाज में अलविदा कहा. 2014 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन के बेसिन रिजर्व में स्पोर्ट्से गए टेस्ट मैच में उन्होंने पांच विकेट हासिल किए. हालांकि हिंदुस्तान इस मुकाबले को जीत नहीं सका और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ. उन्होंने हिंदुस्तान के लिए 92 टेस्ट मैचों में 311 विकेट लिए. वहीं 200 वनडे मैचों में उनके नाम 282 विकेट दर्ज हैं. ये भी पढ़ें: 6 मेडन, 5 विकेट… कभी हिंदुस्तान को डराता था यह तेज गेंदबाज, आज टीम इंडिया का बॉलिंग कोच The post Zaheer Khan 48th Birthday: इंजीनियरिंग छोड़ क्रिकेट में बनाया करियर, 2011 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेकर बने हिंदुस्तान के हीरो appeared first on Naya Vichar.

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Aaj Ka Rashifal 7 October 2026: कन्या के दायित्व पूरे, तुला की बढ़ेगी व्यस्तता, यहां से पढ़ें आज का राशिफल

Aaj Ka Rashifal 7 October 2026: आज बुधवार 7 अक्टूबर 2026 का दिन सभी 12 राशियों के लिए क्या लेकर आया है? जानें मेष से मीन तक का राशिफल, शुभ रंग, अंक और करियर-व्यापार के संकेत.. यहां ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा बता रहे हैं आज का राशिफल. आज का मेष राशिफल आज बुधवार 7 अक्टूबर 2026 के दिन मेष रााशि वालों की परिस्थितियों में सुधार होगा और नौकरी में बदलाव की संभावना बन सकती है. उच्च पद पर बैठे लोगों से संपर्क बनाने की कोशिश सफल रहेगी. कारोबार में सफलता और आर्थिक लाभ मिलेगा. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहेगा. शुभ रंग: पिंक, शुभ अंक: 8 आज का वृष राशिफल आज बुधवार 7 अक्टूबर को वृषभ राशि वालों को रोजगार के क्षेत्र में सफलता मिलेगी और कोई अच्छा काम करने का अवसर प्राप्त होगा. नेतृत्वक क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है. कार्यक्षेत्र में संतोषजनक प्रगति होगी और धन लाभ के योग हैं. आपके महत्वपूर्ण काम समय पर पूरे होते नजर आएंगे. शुभ रंग: गहरा लाल, शुभ अंक: 6 आज का मिथुन राशिफल आज 4 अक्टूबर, रविवार का दिन मिथुन राशि वालों को प्रभावशाली लोगों के सहयोग से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा हो सकता है. परिवार में सुख-सौहार्द बढ़ेगा और मांगलिक कार्य होने के योग हैं. परीक्षा-प्रतियोगिता में सफलता मिल सकती है. धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी. शुभ रंग: नारंगी, शुभ अंक: 6 आज का कर्क राशिफल आज बुधवार 7 अक्टूबर 2026 को कर्क राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और धन-दौलत से जुड़ा लाभ मिल सकता है. कोई शुभ समाचार मिलने से मन प्रसन्न रहेगा. नए कारोबार या उद्योग की योजनाएं सफल हो सकती हैं. वाहन, मकान या जमीन से जुड़े सौदे कर सकते हैं. यात्रा भी सफल रहने के योग हैं. शुभ रंग: वाइन रेड, शुभ अंक: 1 आज का सिंह राशिफल आज 4 अक्टूबर 2026, रविवार को सिंह राशि वाले सक्रिय बने रहें, क्योंकि कोशिश करने पर आपके सभी काम धीरे-धीरे पूरे होंगे. बेरोजगार लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं. आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी, लेकिन प्रेम संबंधों में उलझन हो सकती है. नौकरी में अधिकारियों से विवाद और विरोधियों से परेशानी हो सकती है. शुभ रंग: पीला, शुभ अंक: 2 आज का कन्या राशिफल आज बुधवार 7 अक्टूबर 2026 को कन्या राशि वालों के परिवार से जुड़े दायित्व पूरे होंगे. जीवनसाथी की सलाह आपके लिए फायदेमंद साबित होगी. जमीन-मकान से जुड़े काम पूरे हो सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों की सेवा शर्तों में सुधार होने के योग हैं. विद्यार्थियों के लिए समय उत्साह बढ़ाने वाला रहेगा. शुभ रंग: चारकोल ग्रे, शुभ अंक: 8 ये भी पढ़ें: 9 अक्टूबर से ‘षडाष्टक योग’: बुध-शनि बढ़ाएंगे इन 5 राशि वालों की बढ़ेगी टेंशन, जानें क्या होगा असर आज का तुला राशिफल आज बुधवार 7 अक्टूबर 2026 को तुला राशि वालों के कामकाज की स्थिति में सुधार होगा, हालांकि काम की व्यस्तता काफी अधिक रहेगी. आमदनी के नियमित स्रोत मिलने के योग हैं. नेतृत्व से जुड़े लोगों को प्रभावशाली पद मिल सकता है. कोई लाभदायक और प्रेरणादायक अवसर आपकी स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करेगा. शुभ रंग: लैवेंडर, शुभ अंक: 5 आज का वृश्चिक राशिफल आज बुधवार 7 अक्टूबर 2026 को वृश्चिक राशि वाले आपके सोचे हुए काम पूरे होंगे और अचानक धन लाभ भी हो सकता है. परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलेगा. मान-सम्मान, पद और प्रतिष्ठा बढ़ेगी. कोई शुभ समाचार या अच्छा संवाद प्राप्त हो सकता है. उत्साह बना रहेगा और अपनी क्षमता दूसरों के सामने साबित करने में सफल होंगे. शुभ रंग: रुपहला, शुभ अंक: 3 आज का धनु राशिफल आज बुधवार 7 अक्टूबर 2026 को धनु राशि वालों को विद्या, बुद्धि और प्रतिभा का विकास होगा. परीक्षा-प्रतियोगिता में सफलता मिलने के योग हैं. जमीन-जायदाद से जुड़े कामों में आ रही रुकावट दूर होगी. विरोधियों और शत्रुओं पर दबाव बनाए रखने में सफल रहेंगे. आपकी कोई महत्वपूर्ण महत्वाकांक्षा पूरी हो सकती है. शुभ रंग: मैजेंटा, शुभ अंक: 2 आज का मकर राशिफल आज बुधवार 7 अक्टूबर 2026 को मकर राशि वालों के प्रयास सफल होंगे और कोई खुशी देने वाली समाचार मिल सकती है. विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा रहेगा, इसलिए पढ़ाई पर ध्यान दें. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और एक से अधिक स्रोतों से आमदनी होने के योग हैं. परिवार में मांगलिक कार्य हो सकता है. शुभ रंग: नेवी ब्लू, शुभ अंक: 1 आज का कुंभ राशिफल आज बुधवार 7 अक्टूबर 2026 को कुंभ राशि वालों का स्वास्थ्य में सुधार होगा और मानसिक तनाव दूर होने से राहत मिलेगी. पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा. संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है. धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी. लंबे समय से अटके कई महत्वपूर्ण काम पूरे होने की संभावना है. शुभ रंग: हरा, शुभ अंक: 4 आज का मीन राशिफल आज बुधवार 7 अक्टूबर 2026 को मीन राशि वालों को आपके प्रयास सफल होंगे और कारोबार में लाभ मिलेगा. समस्याओं का समाधान होगा और नौकरी में कुछ उन्नति होने की संभावना है. जीवन में सुख-सुविधाओं के साधन बढ़ेंगे. परिवार का सहयोग मिलेगा और पारिवारिक जीवन सुखद बना रहेगा. शुभ रंग: लाल,शुभ अंक: 7 The post Aaj Ka Rashifal 7 October 2026: कन्या के दायित्व पूरे, तुला की बढ़ेगी व्यस्तता, यहां से पढ़ें आज का राशिफल appeared first on Naya Vichar.

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Video: प्रियंका बोलीं- यह डंडा नहीं, झंडा है; मोदी-शाह, पुलिस को फर्क समझाओ

View on Instagram दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को दिल्ली में माहौल गरमा गया. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बातचीत हुई. राहुल गांधी बैरिकेडिंग के पास बैठे दिखाई दिए और पुलिस से सवाल किया कि आखिर उन्हें कहां बैठकर विरोध करना चाहिए. इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा भी पुलिस से बातचीत करती नजर आईं. “घर चले जाइए” पर राहुल का सवाल- फिर कहां बैठें? वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी राहुल गांधी से घर जाने के लिए कहते सुनाई देते हैं. इस पर राहुल गांधी सवाल करते हैं कि अगर उन्हें यहां से हटाया जा रहा है तो वह देश में किसी दूसरी जगह बैठकर विरोध क्यों नहीं कर सकते. राहुल कहते हैं कि वे एक नेतृत्वक व्यक्ति हैं और घर के बाहर बैठकर अपनी बात रखना चाहते हैं. उन्होंने पुलिस से कहा कि घर को छोड़कर कोई दूसरी जगह बता दीजिए, वे वहां चले जाएंगे. हम 300 सांसद हैं, बैठने की जगह बता दो राहुल गांधी ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि उनके साथ करीब 300 विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च कर रहे हैं. उनका कहना था कि सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं, लेकिन उन्हें रास्ते में रोक दिया गया. इससे पहले राहुल गांधी ने भी कहा था कि 300 से अधिक विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से मिलने के लिए मार्च में शामिल हुए थे. प्रियंका बोलीं- “प्रोटेस्ट करना हर नागरिक का अधिकार” बातचीत में प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिसकर्मी से कहा कि अगर देश का कोई नागरिक किसी मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन करना चाहता है तो यह उसका अधिकार है. उन्होंने पुलिस को संविधान का सिपाही बताते हुए कहा कि पुलिस को संविधान के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, न कि सत्ता में बैठे लोगों के प्रति. वायरल वीडियो में उनका यह हस्तक्षेप भी चर्चा का विषय बना हुआ है. “झंडा है, इसे मत छुओ”, बैरिकेड पर चढ़कर राहुल ने लहराया तिरंगा प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए और हाथ में तिरंगा लेकर उसे लहराते नजर आए. इसी दौरान राहुल और पुलिस के बीच झंडे को लेकर भी तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. स्वतंत्र रिपोर्टों ने भी राहुल गांधी के बैरिकेड पर चढ़कर तिरंगा लहराने की पुष्टि की है. ये भी पढ़ें: VIDEO: 8 घंटे के धरने के बाद राहुल-प्रियंका गांधी हिरासत में, इंडिया ब्लॉक के नेताओं को भी ले गई दिल्ली पुलिस The post Video: प्रियंका बोलीं- यह डंडा नहीं, झंडा है; मोदी-शाह, पुलिस को फर्क समझाओ appeared first on Naya Vichar.

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