Hot News

October 13, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जंतर-मंतर अब बना इतिहास का हिस्सा. किसान आंदोलन, अन्ना के भूख हड़ताल से लेकर CJP Protest तक की पूरी कहानी

सत्ता के खिलाफ प्रदर्शन, जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे, मंत्रियों के इस्तीफे की मांग, भूख हड़ताल और लाठीचार्ज. विरोध की ये तस्वीरें जेहन में आते ही दिल्ली के जंतर-मंतर की याद आती है. अन्ना आंदोलन, लोकपाल की मांग, पहलवानों का धरना और CAA विरोध जैसे कई बड़े आंदोलनों का गवाह रहा दिल्ली का जंतर-मंतर अब निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर हो गया है. आखिर, यह जगह विरोध की आवाज का प्रमुख केंद्र कैसे बनी और यहां कौन-कौन से बड़े आंदोलन हुए? जानिए पूरी कहानी. {“type”:”faq”,”question”:”बोट क्लब से जंतर-मंतर तक कैसे पहुंची विरोध की आवाज?”,”answer”:”1988 में किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में हजारों किसानों ने दिल्ली के बोट क्लब पर डेरा डाला. करीब एक सप्ताह चले इस आंदोलन में लगभग पांच लाख किसानों के शामिल होने का उल्लेख मिलता है. प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन खत्म हुआ, लेकिन इसने दिल्ली में प्रदर्शनों के लिए तय जगहों की व्यवस्था बदलने की नींव रखी.nn1993 में जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा. इसके बाद तीन दशक से ज्यादा समय तक यहां किसानों, छात्रों, खिलाड़ियों और सामाजिक संगठनों ने अपनी मांगें उठाईं.”}{“type”:”faq”,”question”:”1993 में जंतर-मंतर कैसे बना विरोध प्रदर्शनों का केंद्र?”,”answer”:”18वीं सदी में जयपुर के महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने जंतर-मंतर का निर्माण खगोलीय गणनाओं के लिए कराया था. लेकिन समय के साथ यह जगह विरोध प्रदर्शनों के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान बनाने लगी.n1988 में किसानों के बड़े आंदोलन के बाद दिल्ली के बोट क्लब पर प्रदर्शनों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई. ऐसे में प्रदर्शनकारियों को अपनी मांगें उठाने के लिए वैकल्पिक जगह की जरूरत थी. संसद और प्रशासनी कार्यालयों के नजदीक होने के कारण जंतर-मंतर इसके लिए उपयुक्त जगह बनकर उभरा. यहां से प्रदर्शनकारी अपनी आवाज प्रशासन और मीडिया तक पहुंचा सकते थे. इसी वजह से 1993 से जंतर-मंतर पर धरने, भूख हड़ताल और जन आंदोलन होने लगे. हालांकि, इसे औपचारिक रूप से धरना स्थल घोषित करने को लेकर लंबे समय तक स्थिति स्पष्ट नहीं थी.”}{“type”:”faq”,”question”:”अन्ना आंदोलन से AAP के गठन तक, कैसे बदली देश की नेतृत्व?”,”answer”:”5 अप्रैल 2011 को सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ और जन लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की. इस आंदोलन को देशभर में समर्थन मिला. अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता इससे जुड़े. आंदोलन ने भ्रष्टाचार और प्रशासनी जवाबदेही को राष्ट्रीय बहस का प्रमुख मुद्दा बना दिया. nnहालांकि, आंदोलन के दौरान ही इसके समर्थकों के बीच नेतृत्वक रास्ता अपनाने को लेकर मतभेद सामने आए. इसके बाद अरविंद केजरीवाल समेत कुछ कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व में उतरने का फैसला किया. नवंबर 2012 में आम आदमी पार्टी (AAP) का गठन हुआ, जिसने आगे चलकर दिल्ली की नेतृत्व में अहम भूमिका निभाई.”}{“type”:”faq”,”question”:”निर्भया केस से CAA विरोध तक, जंतर-मंतर पर कब-कब हुए प्रदर्शन?”,”answer”:”2012 में दिल्ली के निर्भया गैंगरेप मामले के बाद जंतर-मंतर पर न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए. 2014 में अरुणाचल प्रदेश के छात्र नीडो तानिया की मौत के बाद भी यहां विरोध दर्ज कराया गया. इन प्रदर्शनों ने स्त्री सुरक्षा, नस्लीय भेदभाव और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर देश का ध्यान खींचा.nnमार्च-अप्रैल 2017 में तमिलनाडु के किसानों ने कर्ज माफी, सूखा राहत और कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर करीब 40 दिनों तक धरना दिया. दिसंबर 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुए. इस तरह यह जगह अलग-अलग सामाजिक और नेतृत्वक मुद्दों पर विरोध की अहम आवाज बनी रही.”}{“type”:”faq”,”question”:”NGT ने क्यों लगाया प्रदर्शनों पर रोक?”,”answer”:”अक्टूबर 2017 में NGT ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों पर रोक लगाने और प्रदर्शनकारियों को रामलीला मैदान में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया. स्थानीय निवासियों ने शोर और गंदगी की शिकायत की थी. इस फैसले के बाद प्रदर्शनकारियों के विरोध के अधिकार को लेकर बहस तेज हो गई और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा.nnजुलाई 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर और बोट क्लब क्षेत्र में प्रदर्शनों पर पूर्ण प्रतिबंध को स्वीकार नहीं किया. अदालत ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और आम लोगों की सुविधा के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया. साथ ही प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए उचित दिशा-निर्देश तय करने की जरूरत भी बताई.”}{“type”:”faq”,”question”:”पहलवानों के धरने से CJP Protest तक, जंतर-मंतर पर किन मुद्दों ने खींचा देश का ध्यान?”,”answer”:”अप्रैल 2023 में ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया समेत कई पहलवानों ने जंतर-मंतर पर धरना दिया. उन्होंने हिंदुस्तानीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की. इस प्रदर्शन ने स्पोर्ट्स प्रशासन और स्त्री खिलाड़ियों की सुरक्षा को राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बना दिया.nn2026 में कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई. इसके बाद पार्टी ने 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में दूसरा प्रदर्शन प्रस्तावित किया. हालांकि, पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के कारण प्रदर्शन नहीं हो सका और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की समाचारें सामने आईं.”}{“type”:”faq”,”question”:”अब दिल्ली में कहां कर सकेंगे प्रदर्शन?”,”answer”:”दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया. पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के आदेश के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान तय किए गए हैं.nnइनमें मध्य दिल्ली का रामलीला मैदान, उत्तर दिल्ली का बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं. इन जगहों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जाएगी. इसके तहत प्रदर्शनों की अनुमति और आयोजन से जुड़े नियम तय होंगे.”} The post जंतर-मंतर अब बना इतिहास का हिस्सा. किसान आंदोलन, अन्ना के भूख हड़ताल से लेकर CJP Protest तक की पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बांकीपुर के सबक से बदला सियासी मिजाज, बिहार MLC चुनाव में सवर्णों पर मेहरबान हुए दल, महागठबंधन ने एनडीए को भी पछाड़ा

Bihar MLC Election: बिहार की नेतृत्व में जब भी वोटों के गणित की बात होती है, तो जातीय समीकरणों की चर्चा सबसे ऊपर रहती है. हाल ही में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में सवर्ण मतदाताओं ने एनडीए के प्रति जो नाराजगी दिखाई थी, उसने सभी प्रमुख नेतृत्वक दलों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है. उस चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज के मजबूत उभार ने एनडीए और महागठबंधन दोनों के पारंपरिक गणित को हिलाकर रख दिया था. इसी सबक को ध्यान में रखते हुए बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर हो रहे चुनाव में सवर्णों को अपने पाले में लाने की खुली होड़ मच गई है. महागठबंधन का चौकाने वाला दांव आमतौर पर सामाजिक न्याय और पिछड़े-दलित समीकरणों पर ध्यान देने वाले महागठबंधन ने इस बार एनडीए को भी पीछे छोड़ दिया है. एनडीए ने जहां 8 एमएलसी सीटों में से 5 पर सवर्ण चेहरों को मौका दिया है, वहीं महागठबंधन ने एक कदम आगे बढ़कर 6 सीटों पर सवर्ण उम्मीदवार उतार दिए हैं. इस नए दांव से बिहार का नेतृत्वक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है. पटना और दरभंगा में राजद ने स्पोर्ट्सा सवर्ण कार्ड राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने पटना और दरभंगा सीट पर सवर्ण प्रत्याशियों को उतारकर सबको चौंका दिया है. पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजद ने डॉ. संजीव कुमार सिंह को टिकट दिया है. डॉ. संजीव कुमार पूर्व मंत्री आर एन सिंह के बेटे हैं और परबत्ता से विधायक रह चुके हैं. अक्टूबर 2025 में जदयू छोड़कर राजद में शामिल हुए डॉ. संजीव पेशे से चिकित्सक हैं. उन्होंने अगुआनी-सुल्तानगंज पुल निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का मुद्दा उठाकर अपनी ही तत्कालीन प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया था. दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से राजद ने अनिल कुमार झा को अपना उम्मीदवार बनाया है. अनिल कुमार झा लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय हैं और उन्होंने इस चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. तिरहुत में डॉ. रश्मि विनायक गौतम पर राजद का भरोसा तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से राजद ने डॉ. रश्मि विनायक गौतम को मैदान में उतारकर लड़ाई को काफी कड़ा बना दिया है. वे मुजफ्फरपुर के कद्दावर नेता रहे दिवंगत रघुनाथ पांडेय के परिवार से ताल्लुक रखती हैं. पिछले उपचुनाव में वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उपविजेता रही थीं. इस बार राजद के चुनाव चिह्न पर उतरने से उन्हें पार्टी के पारंपरिक एमवाई (MY) वोट बैंक के साथ-साथ सवर्ण, विशेषकर भूमिहार समाज का समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है. कांग्रेस ने भी पुराने दिग्गजों पर लगाया दांव महागठबंधन की सहयोगी कांग्रेस ने भी सवर्ण चेहरों पर ही भरोसा जताया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा एक बार फिर मैदान में हैं. मणिगाछी से पूर्व विधायक रहे मदन मोहन झा मई 2014 से लगातार विधान परिषद के सदस्य हैं. वे दरभंगा शिक्षक सीट से तीसरी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इसके अलावा, कांग्रेस ने दरभंगा स्नातक सीट से बिहार प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष रजनीकांत पाठक को टिकट दिया है. रजनीकांत पाठक 2020 में इसी सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं और संगठन में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है. वामदल भी पीछे नहीं महागठबंधन के घटक दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रो. संजय कुमार सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है. संजय कुमार सिंह इस सीट से 2014 और 2020 में लगातार दो बार जीत हासिल कर चुके हैं. वे बिहार यूनिवर्सिटी टीचर एसोसिएशन (BUTA) और FUSTAB के जनरल सेक्रेटरी भी रह चुके हैं, जिससे शिक्षकों के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. एनडीए की तरफ से बीजेपी और जदयू की रणनीति एनडीए की बात करें तो हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने अपने कोटे से 2 सवर्ण प्रत्याशियों को उतारा है. बीजेपी ने दरभंगा स्नातक सीट से सर्वेश कुमार और तिरहुत शिक्षक सीट से नरेंद्र प्रसाद सिंह पर दांव लगाया है. दूसरी तरफ, जनता दल यूनाइटेड ने अपने 4 में से 3 उम्मीदवार सवर्ण समाज से बनाए हैं. जदयू ने पटना स्नातक सीट से पूर्व मंत्री नीरज कुमार, तिरहुत स्नातक सीट से अभिषेक झा और सारण शिक्षक सीट से आनंद पुष्कर को टिकट दिया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें जदयू के अंदर सुगबुगाहट और आगे का नेतृत्वक समीकरण जदयू द्वारा 4 में से 3 सवर्णों को टिकट दिए जाने के बाद पार्टी के भीतर दबी जुबान से विरोध भी शुरू हो गया है. पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं का तर्क है कि जदयू के पारंपरिक वोट बैंक यानी कुर्मी समाज से किसी को मौका नहीं मिला, जबकि विपक्षी दल राजद ने पटना स्नातक सीट से दिलीप कुमार उर्फ दिलीप पटेल को मैदान में उतार दिया है. कुल मिलाकर, इस बार का एमएलसी चुनाव केवल शिक्षकों या स्नातकों का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह सवर्ण मतदाताओं के विश्वास को जीतने की बड़ी नेतृत्वक परीक्षा बन चुका है. The post बांकीपुर के सबक से बदला सियासी मिजाज, बिहार MLC चुनाव में सवर्णों पर मेहरबान हुए दल, महागठबंधन ने एनडीए को भी पछाड़ा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कार स्टार्ट नहीं हो रही, सेल्फ लगाने पर सिर्फ आवाज आ रही है या बार-बार बैटरी डिस्चार्ज हो रही है? हमारे ‘ऑटो डॉक्टर’ से जानें वजह और बचाव के तरीके

अक्सर एक समस्या है जो हमारी गाड़ियों में देखने को मिलती है, और वो है बैटरी की समस्या. अक्सर या तो गाड़ी स्टार्ट नहीं होती या सेल्फ बटन दबाने पर सिर्फ आवाज आती है या बार-बार बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है. हमारे ऑटो डॉक्टर राजीव चक्रवर्ती की मानें, तो ये समस्याएं गाड़ी की बैटरी कमजोर होने का संकेत भी हो सकती हैं. कई बार लोग बिना जांच कराए ही नई बैटरी लगवा लेते हैं, जबकि परेशानी अल्टरनेटर, वायरिंग या किसी इलेक्ट्रिकल डिवाइस में भी हो सकती है. इन्हीं समस्याओं पर हमारे ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट राजीव चक्रवर्ती से बात की ताकि आपको अगर ऐसी ही कोई परेशानी आ रही हो, या आगे कभी आए तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार साबित हो सके. सवाल 1: कार की बैटरी कितने साल चलती है? जवाब: ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट राजीव चक्रवर्ती, के मुताबिक सामान्य तौर पर कार में इस्तेमाल होने वाली 12V लेड-एसिड बैटरी करीब 3 से 4 साल तक चल सकती है. हालांकि, इसकी वास्तविक उम्र कार के इस्तेमाल, मौसम, ड्राइविंग पैटर्न और मेंटेनेंस पर निर्भर करती है. कुछ बैटरियां इससे पहले भी खराब हो सकती हैं, जबकि अच्छी परिस्थितियों में कुछ ज्यादा समय तक चल सकती हैं. हिंदुस्तान में गर्मी, ट्रैफिक और बार-बार छोटी दूरी तय करने से बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. इसलिए सिर्फ बैटरी की उम्र देखकर उसे बदलने का फैसला नहीं करना चाहिए. समय-समय पर बैटरी की हेल्थ और चार्जिंग सिस्टम की जांच कराना बेहतर है. सवाल 2: कार की बैटरी खराब होने के शुरुआती संकेत क्या हैं? जवाब: बैटरी पूरी तरह खराब होने से पहले कुछ संकेत दे सकती है. इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जैसे: इंजन स्टार्ट होने में परेशानी: सेल्फ लगाने पर इंजन धीरे घूमता है या स्टार्ट होने में सामान्य से ज्यादा समय लगता है. लाइट की रोशनी कम होना: हेडलाइट या केबिन लाइट की रोशनी कमजोर दिखाई दे सकती है. इलेक्ट्रिकल फीचर्स में दिक्कत: पावर विंडो या अन्य इलेक्ट्रिकल फीचर्स सामान्य से धीमे काम कर सकते हैं. बैटरी वार्निंग लाइट: डैशबोर्ड पर बैटरी का निशान दिखाई दे सकता है. हालांकि, इसका मतलब केवल बैटरी खराब होना नहीं है; चार्जिंग सिस्टम में भी परेशानी हो सकती है. बार-बार जंप स्टार्ट की जरूरत: अगर कार की बैटरी बार-बार डिस्चार्ज हो रही है, तो इसकी जांच करानी चाहिए. इनमें से कोई संकेत दिखने पर सीधे बैटरी बदलवाने के बजाय पहले उसकी टेस्टिंग कराएं. सवाल 3: कार की बैटरी बार-बार डिस्चार्ज क्यों होती है? जवाब: इसके कई कारण हो सकते हैं. सबसे आम कारण हैं- हेडलाइट या केबिन लाइट चालू रह जाना, लंबे समय तक कार खड़ी रखना, बार-बार छोटी दूरी तय करना और बैटरी का पुराना होना. इसके अलावा, खराब अल्टरनेटर बैटरी को ठीक से चार्ज नहीं कर पाता. किसी खराब वायरिंग, इलेक्ट्रिकल डिवाइस या आफ्टरमार्केट एक्सेसरी के कारण भी इंजन बंद होने के बाद बैटरी से बिजली खर्च हो सकती है. अगर नई बैटरी भी बार-बार डिस्चार्ज हो रही है, तो केवल बैटरी को दोष देना सही नहीं है. ऐसी स्थिति में चार्जिंग सिस्टम और इलेक्ट्रिकल लीकेज की जांच करानी चाहिए. सवाल 4: क्या गर्मियों में कार की बैटरी जल्दी खराब होती है? जवाब: हां, ज्यादा तापमान बैटरी की उम्र कम कर सकता है. गर्मी के कारण बैटरी के अंदर रासायनिक प्रतिक्रियाएं तेज होती हैं, जिससे समय के साथ उसके आंतरिक हिस्सों में घिसावट बढ़ सकती है. कुछ बैटरियों में इलेक्ट्रोलाइट का स्तर घटने और प्लेटों में जंग लगने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. कई बार गर्मियों में बैटरी कमजोर होने लगती है, लेकिन इसकी परेशानी सर्दियों में इंजन स्टार्ट करते समय ज्यादा स्पष्ट होती है. इसलिए बैटरी की जांच केवल सर्दियों में ही नहीं, गर्मियों में भी करानी चाहिए. कार को संभव हो तो छायादार जगह पर पार्क करें. बैटरी के आसपास अनधिकृत बदलाव न करें और उसकी नियमित जांच कराएं. सवाल 5: क्या रोजाना छोटी दूरी तक कार चलाने से बैटरी खराब होती है? जवाब: बार-बार छोटी दूरी तय करने से बैटरी को पर्याप्त चार्ज मिलने का समय नहीं मिल सकता. इंजन स्टार्ट करते समय बैटरी से बिजली खर्च होती है. इसके बाद अल्टरनेटर उसे दोबारा चार्ज करता है. अगर कार हर बार थोड़ी दूरी चलाकर बंद कर दी जाए, तो बैटरी द्वारा खर्च की गई ऊर्जा पूरी तरह वापस नहीं मिल पाती. यह समस्या पुरानी बैटरी या ज्यादा इलेक्ट्रिकल लोड वाली कार में अधिक हो सकती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर कार को रोज लंबी दूरी चलाना जरूरी है. बैटरी की स्थिति और कार के इस्तेमाल के अनुसार चार्जिंग की जरूरत तय होती है. सवाल 6: क्या कार बंद होने पर AC, म्यूजिक सिस्टम और मोबाइल चार्जिंग से बैटरी डिस्चार्ज हो सकती है? जवाब: हां, अगर इंजन बंद होने के बाद कार का म्यूजिक सिस्टम, लाइट या कोई दूसरा इलेक्ट्रिकल उपकरण चलता रहता है, तो बैटरी से बिजली खर्च होती है. लंबे समय तक ऐसा होने पर बैटरी डिस्चार्ज हो सकती है. कुछ कारों में इंजन बंद होने के बाद भी कुछ समय तक इलेक्ट्रिकल फीचर्स काम करते हैं. इसलिए कार छोड़ते समय लाइट और अन्य एक्सेसरीज बंद होने की जांच करें. मोबाइल चार्जिंग या म्यूजिक सिस्टम का इस्तेमाल करते समय यह भी देखें कि कार का इंजन चालू है या बंद. केवल इग्निशन ऑन रखने से भी बैटरी खर्च हो सकती है. सवाल 7: कार में कौन-सी बैटरी लगवानी चाहिए? जवाब: सही बैटरी चुनने के लिए कार के मॉडल, इंजन, इलेक्ट्रिकल लोड और निर्माता की सिफारिश को देखना जरूरी है. पारंपरिक लेड-एसिड बैटरी: कई सामान्य कारों में इस्तेमाल होती है. EFB बैटरी: कुछ स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम वाली कारों में इस्तेमाल की जाती है. AGM बैटरी: अधिक इलेक्ट्रिकल मांग और कुछ विशेष स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम वाली कारों के लिए इस्तेमाल होती है. हर कार में महंगी AGM बैटरी लगवाना जरूरी नहीं है. अगर कार निर्माता ने किसी विशेष प्रकार की बैटरी निर्धारित की है, तो उसी स्पेसिफिकेशन का पालन करना चाहिए. बैटरी की क्षमता, आकार, टर्मिनल और अन्य तकनीकी मानक भी सही होने चाहिए. सवाल 8: कार की बैटरी बदलवाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब: बैटरी बदलवाते समय केवल कीमत या ब्रांड देखकर फैसला नहीं करना चाहिए. सबसे पहले कार के लिए निर्धारित बैटरी स्पेसिफिकेशन की

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नौ शक्ति नौ उड़ान: 6 अटेम्प्ट और 3 इंटरव्यू के बाद UPSC में गाड़ा झंडा, प्रिया मीणा बनीं IRS अधिकारी

UPSC Success Story: IRS प्रिया मीणा ने संघर्षों को कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाया और करीब 7 साल की तैयारी, 6 प्रयास और 3 इंटरव्यू के बाद उन्होंने UPSC CSE 2024 में सफलता हासिल की और IRS अफसर बनने का अपना सपना पूरा किया. उनकी कहानी बताती है कि जब इंसान ठान लेता है, तो परिस्थितियां भी उसके हौसले के आगे छोटी पड़ जाती हैं. आइए उनकी कहानी को करीब से जानते हैं. About IRS Priya Meena: कौन हैं IRS प्रिया मीणा? प्रिया मीणा का जन्म साल 1992 में राजस्थान के कोटा में हुआ है. उनके पिता गंगा सहाय मीणा दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं. प्रिया मीणा का पालन-पोषण और स्कूली शिक्षा दिल्ली में हुई. पिता से मिली देश सेवा की प्रेरणा प्रिया मीणा ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है, कि मैंने अपने पिता को देश के लिए बहुत मेहनत और निस्वार्थ भाव से काम करते देखा है. उनके समर्पण को देखकर ही मुझे जन-सेवा की प्रेरणा मिली और मैं भी उसी भावना को आगे ले जाना चाहता हूं. इसके अलावा मैं दिल्ली पुलिस परिवार का हिस्सा बनकर बहुत आभारी और गर्व महसूस कर रही हूं. नौ शक्ति, नौ उड़ान की इस विशेष कड़ी में हम नवरात्रि के नौ दिन देवियों के नौ रूप के अनुसार उन खास 9 स्त्रीओं की बात कर रहे हैं जिन्होंने अपनी योग्यता के आधार पर नया कीर्तिमान रचा है. इस सेग्मेंट में आप अगली कहानी पढ़ेंगे डॉ संजीवनी शर्मा की जिनकी कहानी मां दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप के नई सोच और क्रिएटिविटी शक्ति को दर्शाती है. The post नौ शक्ति नौ उड़ान: 6 अटेम्प्ट और 3 इंटरव्यू के बाद UPSC में गाड़ा झंडा, प्रिया मीणा बनीं IRS अधिकारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सुबह चाय-बिस्किट छोड़ खाएं मुट्ठीभर भुनी मूंगफली, मिलेंगे ये फायदे

Roasted Peanuts Benefits: सुबह की चाय के साथ बिस्किट खाने की आदत मेरी भी कई लोगों की तरह आम हो सकती है, लेकिन कभी सोचा है कि दिन की शुरुआत मुट्ठीभर भुनी मूंगफली से की जाए तो कैसा रहेगा? यह खाने में टेस्टी होती है और शरीर को प्रोटीन, हेल्दी फैट समेत कई जरूरी पोषक तत्व भी देती है. लेकिन क्या सुबह खाली पेट मूंगफली खाना सही है या इसे रातभर भिगोकर खाना ज्यादा बेहतर है? रांची की डायटीशियन मोनिका से जानते हैं कि सुबह मूंगफली खाने के क्या फायदे हैं और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. शरीर को मिलती है एनर्जी (Roasted Peanuts Benefits) भुनी हुई मूंगफली में प्रोटीन, हेल्दी फैट और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं. सुबह नाश्ते में थोड़ी मूंगफली शामिल करने से दिन की शुरुआत में कुछ पौष्टिक खाने का विकल्प मिल सकता है. इसमें मौजूद फैट और प्रोटीन के कारण पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है. हालांकि, केवल मूंगफली खाकर पूरा नाश्ता छोड़ देना सही नहीं है. इसे संतुलित नाश्ते के साथ खाना बेहतर रहेगा. मसल्स के लिए फायदेमंद है प्रोटीन मूंगफली में अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है. शरीर को मसल्स बनाने और उनकी मरम्मत करने के साथ-साथ टिश्यू के विकास के लिए भी प्रोटीन की जरूरत होती है. ऐसे में मूंगफली को अपनी डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है. अगर आप सुबह कुछ ऐसा खाना चाहते हैं, जो स्वादिष्ट होने के साथ पोषण भी दे, तो सीमित मात्रा में भुनी मूंगफली खा सकते हैं. PC: AI पेट को लंबे समय तक रख सकती है भरा सुबह जल्दी भूख लगने या बार-बार कुछ खाने का मन करने पर मूंगफली एक अच्छा स्नैक हो सकती है. इसमें मौजूद प्रोटीन, फैट और फाइबर पेट को कुछ समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद करते हैं. इससे बार-बार स्नैकिंग करने की आदत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति की डाइट और शरीर की जरूरतों पर निर्भर करता है. Roasted Peanuts Benefits: शरीर को मिलते हैं जरूरी पोषक तत्व मूंगफली में सिर्फ प्रोटीन और हेल्दी फैट ही नहीं, बल्कि विटामिन ई, मैग्नीशियम और दूसरे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. ये शरीर के सामान्य कामकाज में अहम भूमिका निभाते हैं. इसलिए सीमित मात्रा में मूंगफली खाना संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकता है. भुनी या भीगी मूंगफली, क्या खाना है बेहतर? रांची की डायटीशियन मोनिका के मुताबिक, मूंगफली को रातभर भिगोकर सुबह खाना भी एक विकल्प है. हालांकि, भीगी मूंगफली हर किसी के लिए भुनी मूंगफली से ज्यादा फायदेमंद हो, ऐसा जरूरी नहीं है. आप अपनी पसंद और पाचन के हिसाब से दोनों में से कोई विकल्प चुन सकते हैं. अगर मूंगफली खाने से पेट में भारीपन या परेशानी होती है, तो इसके सेवन पर ध्यान देना चाहिए. View on Instagram सुबह मूंगफली खाते समय इन बातों का रखें ध्यान डायटीशियन मोनिका के अनुसार, हर किसी को सुबह मूंगफली खाना सूट नहीं करता. इसलिए अपनी सेहत और पाचन को ध्यान में रखकर ही इसे डाइट में शामिल करें. मूंगफली में कैलोरी अधिक होती है, इसलिए बहुत ज्यादा मात्रा में खाने से बचें. शुरुआत थोड़ी मात्रा से करें और बिना नमक वाली या कम नमक की मूंगफली चुनें. अगर आपको मूंगफली से एलर्जी है, तो इसका सेवन बिल्कुल न करें. यह भी पढ़ें: मीठे की क्रेविंग और वजन बढ़ने का डर? जानिए कितनी डार्क चॉकलेट खाना है सही The post सुबह चाय-बिस्किट छोड़ खाएं मुट्ठीभर भुनी मूंगफली, मिलेंगे ये फायदे appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

13 अक्टूबर सुबह की टॉप 20 खबरें : सुप्रीम कोर्ट के सामने ‘INDIA’ ब्लॉक की 8 मांगें, रामलीला मैदान में प्रदर्शन के लिए देने होंगे ₹1.21 लाख, 6 राज्यों के बदले गए गवर्नर

1. सुप्रीम कोर्ट के सामने INDIA ब्लॉक ने रखी 8 मांगें, कहा- SIR पर अंतरिम रोक और वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर लगे पाबंदी INDIA Bloc Protest: राहुल गांधी और विपक्ष के 10 अन्य नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. याचिका में चुनाव आयोग की ओर से SIR से जुड़े फैसले लेने के तरीके, मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए गए हैं. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 2. जंतर-मंतर पर अब कोई नहीं कर पायेगा प्रोटेस्ट, रामलीला मैदान में प्रदर्शन के लिए देने होंगे ₹1.21 लाख दिल्ली का जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल के रूप में जाना जाता था. जिसे दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए तय स्थानों की सूची से बाहर कर दिया है. तीन नए जगहों की लिस्ट दी गई है, जिसमें से एक है रामलीला मैदान. लेकिन यहां प्रदर्शन करने के लिए जेब पर मार पड़ सकती है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 3. 6 राज्यों के बदले गए गवर्नर: प्रकाश माथुर को केरल, आर्लेकर को तमिलनाडु की जिम्मेदारी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की है, जबकि कुछ राज्यपालों का तबादला भी किया गया है. ओम प्रकाश माथुर को केरल और राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. जानिए, किसे किस राज्य का राज्यपाल बनाया गया है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 4. CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सारी याचिकाएं मंजूर, 27 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि CEC के खिलाफ सारी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी. यह सुनवाई 27 अक्टूबर को की जाएगी. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 5. IND vs WI: चौथे टी20 मैच से पहले वेस्टइंडीज के लिए बुरी समाचार, ICC ने 2 स्टार खिलाड़ियों पर लगाया जुर्माना वेस्टइंडीज के रोवमैन पॉवेल और शेरफेन रदरफोर्ड पर ICC की कार्रवाई. जानें क्यों मिले डिमेरिट पॉइंट और क्या है इसकी वजह. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 6. Nobel Prize 2026: रॉबर्ट ई हॉल और माइकल वुडफोर्ड को मिला 2026 इकोनॉमिक्स का नोबेल पुरस्कार Nobel Prize 2026: अर्थशास्त्र के क्षेत्र में साल 2026 के नोबेल पुरस्कार का ऐलान कर दिया गया है. इस साल रॉबर्ट ई हॉल और माइकल वुडफोर्ड को संयुक्त रूप से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार देने का फैसला लिया गया है. दोनों अर्थशास्त्रियों को मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरीकरण के माइक्रोइकॉनॉमिक आधार पर उनके काम के लिए चुना गया है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 7. नेपाल के अरबपति बिनोद चौधरी बने कांग्रेस के उपाध्यक्ष, गगन थापा की नई टीम में मिली बड़ी जिम्मेदारी नेपाल के अरबपति उद्योगपति बिनोद चौधरी नेपाली कांग्रेस के उपाध्यक्ष चुने गए. गगन थापा पार्टी अध्यक्ष बने, जबकि चंद्र भंडारी और मधु आचार्य ने भी जीत दर्ज की. जानिए पूरी चुनावी नतीजे. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 8. CJI सूर्यकांत पर केरल कांग्रेस की टिप्पणी से विवाद, ‘इस्तीफा दीजिए’ वाला पोस्ट डिलीट; BJP ने साधा निशाना हिंदुस्तान के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत पर कांग्रेस की केरल इकाई की टिप्पणी से सोमवार को विवाद खड़ा हो गया. दिल्ली में प्रदर्शन पर लगी पाबंदियों को लेकर सीजेआई ने कहा था कि यह कानून-व्यवस्था का मामला है और उनके अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है. इसके बाद कांग्रेस की केरल इकाई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर उनसे इस्तीफा देने तक की मांग कर दी. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 9. सुप्रीम कोर्ट मार्च पर भड़के सुधांशु त्रिवेदी, बोले- बिगड़ गया है राहुल गांधी का मानसिक संतुलन सुधांशु त्रिवेदी ने INDIA ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च को न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश बताया. राहुल गांधी के ‘मानसिक संतुलन’ पर सवाल भी उठाया है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 10. दिल्ली पुलिस का सोशल मीडिया पर एक्शन, अफवाह फैलाने वाले 300 पोस्ट हटवाए; AI वीडियो मामले में भी जांच तेज दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने वाले 300 पोस्ट हटवाए हैं. AI से फर्जी वीडियो बनाने के आरोप में भी जांच जारी है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 11. अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी को बताया ‘हवा-हवाई’, कहा- कोर्ट को डराने की कोशिश कर रही कांग्रेस Anurag Thakur Attack Rahul Gandhi : बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने राहुल गांधी को ‘हवा-हवाई’ नेता बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी मांगें मनवाने के लिए न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है. ठाकुर ने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में नहीं है, तो वह अराजकता फैलाने की कोशिश करती है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 12. JPSC परीक्षा रद्द करने के मामले में सुनवाई पूरी, झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित जेपीएससी, सीडीपीओ और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षाओं को रद्द करने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 13. IIIT रांची में दूसरे दिन भी बवाल, 50 मीटर की दूरी पर चेयरपर्सन और छात्र आमने-सामने, इस्तीफे पर अड़े विद्यार्थी IIIT रांची में छात्र आदित्य की मौत के बाद प्रदर्शन जारी है. हॉस्टल की आपातकालीन व्यवस्था में लापरवाही के आरोप में छात्र निदेशक के इस्तीफे पर अड़े हैं. जानिए पूरा मामला. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 14. राम पुकार सिन्हा रालोमो से छह साल के लिए निलंबित, बोले- चुनाव जीतकर बड़े भाई उपेंद्र कुशवाहा से लूंगा आशीर्वाद Saran Teachers Constituency: सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे RLM के प्रदेश महासचिव सह प्रवक्ता राम पुकार सिंह को छह साल के लिए निलंबित किया गया है. कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत पंकज ने आदेश जारी किया. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 15. 25 अक्टूबर को नहीं होगी BPSC 72वीं पीटी परीक्षा, अभ्यर्थियों को नयी तिथि का इंतजार, जानिए क्या है वजह BPSC 72वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है. 5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की ऐसे करें पूजा, जानें प्रिय भोग और मंत्र

Shardiya Navratri Day 3 2026 Maa Chandraghanta Puja: शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन 13 अक्टूबर 2026 को मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. माता का यह स्वरूप साहस, शक्ति और शांति का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा की आराधना करने से भय दूर होता है और भक्तों को आत्मविश्वास मिलता है. उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है. इसी कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है. आइए जानते हैं मां चंद्रघंटा की पूजा विधि, मंत्र, प्रिय भोग और शुभ रंग के बारे में. मां चंद्रघंटा का स्वरूप और धार्मिक महत्व मां चंद्रघंटा सिंह पर सवार रहती हैं और उनकी दस भुजाएं हैं. उनके हाथों में त्रिशूल, तलवार, गदा, धनुष-बाण, कमल, कमंडल और जपमाला जैसे अस्त्र-शस्त्र व प्रतीक दिखाई देते हैं. देवी का यह स्वरूप बताता है कि शक्ति के साथ विवेक और धैर्य भी जरूरी है. मार्कण्डेय पुराण के अंतर्गत वर्णित देवी माहात्म्य यानी दुर्गा सप्तशती में देवी की शक्ति और असुरों के विनाश का वर्णन मिलता है. View on Instagram मां चंद्रघंटा की पूजा विधि सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें. पूजा स्थल की सफाई करें और मां चंद्रघंटा के सामने दीपक जलाएं. माता को लाल फूल, अक्षत, धूप और चंदन अर्पित करें. मां को दूध या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं. माता के मंत्रों का जाप करें और दुर्गा सप्तशती या मां चंद्रघंटा की व्रत कथा का पाठ करें. अंत में कपूर जलाकर मां की आरती करें. मां चंद्रघंटा पूजा विधि मां चंद्रघंटा का मंत्र माता की पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप किया जा सकता है: पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता मान्यता है कि इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने से मन को शांति मिलती है और भक्त मां का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं. मां चंद्रघंटा को कौन-सा भोग लगाएं? मां चंद्रघंटा को दूध और दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाना शुभ माना जाता है. भक्त माता को खीर, रबड़ी या अन्य दूध से बनी मिठाई अर्पित कर सकते हैं. कुछ परंपराओं में शहद का भोग लगाने की भी मान्यता है. ये भी पढ़ें: मां चंद्रघंटा के दस हाथों में कौन-कौन से अस्त्र हैं, जानें हर प्रतीक का धार्मिक महत्व पूजा में कौन-सा रंग पहनें? नवरात्रि के तीसरे दिन ग्रे यानी धूसर रंग को शुभ माना जाता है. यह रंग संतुलन और सौम्यता का प्रतीक है. हालांकि, पूजा में सबसे जरूरी बात श्रद्धा और स्वच्छ मन से माता की आराधना करना है. 13 अक्टूबर 2026 के शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:54 से 5:43 बजे तक प्रातः संध्या: सुबह 5:19 से 6:32 बजे तक अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:01 से 12:48 बजे तक विजय मुहूर्त: दोपहर 2:22 से 3:09 बजे तक गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:17 से 6:42 बजे तक ध्यान दें: शुभ मुहूर्त स्थान के अनुसार बदल सकते हैं. पूजा से पहले अपने शहर के पंचांग से समय की पुष्टि कर लें. अगर आपके मन में नवरात्रि से संबंधित पूजा पाठ से जुड़े कोई भी सवाल हो तो , अपना सवाल हमें astrology.digital@prabhatkhabar.in पर भेजें. आपके सवाल का जवाब हमारे ज्योतिषाचार्य के माध्यम से दिया जाएगा. The post नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की ऐसे करें पूजा, जानें प्रिय भोग और मंत्र appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Aaj Ka Rashifal 13 October 2026: नवरात्रि के तीसरे दिन इन राशियों पर बरसेगी मां चंद्रघंटा की कृपा, धन और सम्मान में होगी वृद्धि

Aaj Ka Rashifal 13 October 2026: आज का दिन मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 है. आज नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी. पंचांग के अनुसार, आज आश्विन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पूरे दिन रहेगी. आज चित्रा नक्षत्र शाम 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा, इसके बाद स्वाती नक्षत्र शुरू होगा. चंद्रमा तुला राशि में संचार करेंगे. आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 27 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा. राहुकाल दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल में शुभ कार्यों से बचना चाहिए. आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से कि आज का दिन मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहने वाला है. आज का मेष राशिफल मेष राशि वालों की बुद्धि और प्रतिभा में निखार आएगा. धन कमाने की कोशिशें सफल हो सकती हैं. परिवार में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है. हालांकि, जमा पूंजी खर्च होने की संभावना है. जमीन-जायदाद से जुड़े विवाद सुलझ सकते हैं और सुख-सुविधाओं के साधन बढ़ेंगे. आज का वृषभ राशिफल वृषभ राशि वालों को पढ़ाई-लिखाई और नई चीजें सीखने में आपकी रुचि बढ़ेगी. मन में नई उम्मीदें जागेंगी और लाभ कमाने के प्रयास सफल हो सकते हैं. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. धन लाभ के साथ उपहार या पुरस्कार भी मिल सकता है. विरोधियों पर आप भारी पड़ेंगे. आज का मिथुन राशिफल मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन रोजगार से जुड़े कामों में व्यस्तता बढ़ सकती है. आर्थिक मामलों में सफलता मिलने के योग हैं. विरोधियों की चाल नाकाम हो सकती है. माता-पिता का सहयोग मिलेगा और प्रभावशाली लोगों से मदद मिल सकती है. इससे आपका मन प्रसन्न रहेगा. आज का कर्क राशिफल कर्क राशि वालों को आज पढ़ाई, भाषण और धार्मिक प्रवचन जैसे कामों में आपकी रुचि बढ़ सकती है. व्यापार में सफलता मिलने के योग हैं. घर के लिए जरूरी सामान खरीद सकते हैं. परिवार में सुख-शांति रहेगी और भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी हो सकती है. आपकी मनोकामनाएं पूरी होने की संभावना है. आज का सिंह राशिफल सिंह राशि वालों को आज आमदनी होने के बावजूद बचत करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. कामकाज में आ रही रुकावटें दूर होंगी और बिगड़े हुए काम बन सकते हैं. कारोबार में अच्छा मुनाफा मिलने की उम्मीद है. परिवार के साथ घूमने-फिरने या मनोरंजन की योजना बन सकती है. वाहन सुख भी मिल सकता है. आज का कन्या राशिफल कन्या राशि वालों के लिए आज प्रशासनी अधिकारियों के बीच आपका प्रभाव बढ़ सकता है. मन में नई उम्मीदें जागेंगी और सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी. मित्रों और परिचितों का सहयोग मिलेगा. धैर्य और हिम्मत से आप अपने काम पूरे कर पाएंगे. दांपत्य जीवन सुखद रहेगा और सेहत भी ठीक रह सकती है. ये भी पढ़ें: नवरात्र में गजकेसरी राजयोग से चमकेगी इन 6 राशि वालों की किस्मत, धन और ऐश्वर्य में होगी वृद्धि आज का तुला राशिफल तुला राशि वालों को आज मेहनत के दम पर सफलता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे. आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखने में सफल हो सकते हैं. हालांकि, परिवार की जिम्मेदारियों पर खर्च बढ़ सकता है. संतान और भाई-बहनों से सुख मिलेगा. अपनों के साथ समय बिताने का मौका मिल सकता है. आज का वृश्चिक राशिफल वृश्चिक राशि वाले अपनी बुद्धि और हुनर से लोगों की तारीफ बटोर सकते हैं. लंबे समय से मन में चल रही कोई इच्छा पूरी होने की संभावना है. कारोबार में बदलाव आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. धन लाभ के साथ मान-सम्मान भी बढ़ेगा. मित्रों और रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा. जमीन-जायदाद से जुड़े काम बन सकते हैं. आज का धनु राशिफल धनु राशि वालों को कोई अच्छी समाचार मिल सकती है. सामाजिक और नेतृत्वक क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा. किसी बड़ी योजना को पूरा करने में दूसरों का सहयोग मिल सकता है. विद्यार्थियों को परीक्षा और प्रतियोगिता में अनुकूल परिणाम मिलने की उम्मीद है. आज का मकर राशिफल मकर राशि वालों को रहन-सहन, खानपान और घर से जुड़ी सुख-सुविधाओं का लाभ मिलेगा. आत्मविश्वास बढ़ेगा और परिवार में सुख के साधन बढ़ सकते हैं. विरोधियों पर जीत हासिल करने में सफल रहेंगे. सामाजिक और नेतृत्वक संपर्कों से फायदा मिल सकता है. रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है. आज का कुंभ राशिफल कुंभ राशि वाले अपने काम पर पूरा ध्यान दें. कार्यक्षेत्र में आपको अच्छा प्रदर्शन करने का मौका मिल सकता है. आपके धैर्य और समझदारी से परिवार का कोई महत्वपूर्ण काम पूरा होगा. घर या निजी जरूरतों का सामान खरीदने पर खर्च बढ़ सकता है. सोच-समझकर पैसे खर्च करना आपके लिए बेहतर रहेगा. आज का मीन राशिफल मीन राशि वालों को आज परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है. मेहनत का फल मिलेगा और कार्यक्षेत्र में आपके काम की तारीफ हो सकती है. परिवार की किसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को धैर्य और समझदारी से पूरा करेंगे. कठिन परिस्थितियों में शांत रहना आपके लिए फायदेमंद होगा. अपनों का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा. आज का पंचांग: 13 अक्टूबर 2026 दिन: मंगलवार तिथि: शुक्ल पक्ष की तृतीया, पूरे दिन नक्षत्र: चित्रा शाम 5:59 बजे तक, फिर स्वाती चंद्र राशि: तुला सूर्योदय: सुबह 6:27 बजे सूर्यास्त: शाम 5:59 बजे राहुकाल: दोपहर 2:12 बजे से 3:40 बजे तक अगर आपके जीवन से जुड़ी कोई उलझन है और आप राशिफल के जरिए उसका समाधान जानना चाहते हैं, तो अपना नाम, जन्मतिथि (साल सहित), अपना सवाल astrology.digital@prabhatkhabar.in पर भेजें. आपके सवाल का जवाब प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा के माध्यम से दिया जाएगा. The post Aaj Ka Rashifal 13 October 2026: नवरात्रि के तीसरे दिन इन राशियों पर बरसेगी मां चंद्रघंटा की कृपा, धन और सम्मान में होगी वृद्धि appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CJI सूर्यकांत पर केरल कांग्रेस की टिप्पणी से विवाद, ‘इस्तीफा दीजिए’ वाला पोस्ट डिलीट; BJP ने साधा निशाना

पोस्ट पर विवाद बढ़ने और बीजेपी सहित कई लोगों की आलोचना के बाद कांग्रेस ने इसे डिलीट कर दिया. पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह पोस्ट प्रदेश नेतृत्व की जानकारी और मंजूरी के बिना किया गया था. विवादित पोस्ट के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को भी जिम्मेदारी से हटा दिया गया है. कांग्रेस ने पोस्ट में क्या लिखा था? कांग्रेस की केरल इकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सीजेआई को संबोधित करते हुए लिखा था, “प्रिय सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था आपका विषय नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दीजिए. हम आपकी जगह किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढ लेंगे, जो इसे संभाल सके.” इस पोस्ट को लेकर न्यायिक जगत और नेतृत्वक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई. बीजेपी ने कांग्रेस पर देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया. दिल्ली में प्रदर्शन पर सीजेआई ने क्या कहा था? सीजेआई सूर्यकांत सोमवार को दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रम में शामिल हुए थे. कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने उनसे दिल्ली में हाल के प्रदर्शनों और उन पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर सवाल किया. इस पर उन्होंने कहा, “यह कानून-व्यवस्था का मामला है. यह मेरा विषय नहीं है.” दरअसल, दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं. विपक्षी दलों और कॉकroach जनता पार्टी (CJP) से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं. खरगे और राहुल गांधी से मिलने से क्यों किया इनकार? सीजेआई सूर्यकांत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के अनुरोध को भी ठुकरा दिया था. दोनों नेताओं ने 12 अक्टूबर को उनसे मिलने और अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा था. सीजेआई ने अपने जवाब में कहा कि जिन मुद्दों पर विपक्षी नेता चर्चा करना चाहते हैं, वे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं. ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर बैठक करना शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत के अनुरूप नहीं होगा. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हर नागरिक के लिए खुले हैं. कोई आम नागरिक हो या निर्वाचित प्रतिनिधि, हर व्यक्ति कानून के अनुसार अपनी शिकायत लेकर अदालत पहुंच सकता है. अदालत मामले पर कानूनी प्रक्रिया के तहत विचार करेगी. किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर साधा निशाना केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश की संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस का अगला निशाना न्यायपालिका है. उन्होंने यह भी कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों के खिलाफ देशभक्त नागरिक एकजुट होंगे. सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के संगठन ने भी जताई आपत्ति सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने सीजेआई सूर्यकांत के इस्तीफे की मांग करने वाली सोशल मीडिया पोस्ट की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया. संगठन के अनुसार, न्यायपालिका से जुड़ी किसी शिकायत को उचित कानूनी और संवैधानिक माध्यमों से उठाया जाना चाहिए. इस तरह की सार्वजनिक टिप्पणियां न्यायिक पद की गरिमा और न्यायपालिका पर जनता के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं. एसोसिएशन ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का सम्मान करने और सुप्रीम कोर्ट की गरिमा बनाए रखने की अपील की. कांग्रेस ने दी सफाई, जिम्मेदार व्यक्ति को हटाया कांग्रेस की केरल इकाई के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल से विवादित पोस्ट प्रदेश नेतृत्व की जानकारी, सहमति या परामर्श के बिना किया गया था. उन्होंने बताया कि पोस्ट के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को उसकी जिम्मेदारी से हटा दिया गया है. पार्टी इस बात की भी जांच करेगी कि पोस्ट किन परिस्थितियों में किया गया. जोसेफ ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस को न्यायपालिका की निष्पक्षता पर कोई आपत्ति नहीं है और सोशल मीडिया पर की गई ऐसी टिप्पणियां प्रदेश नेतृत्व के रुख को नहीं दर्शाती हैं. SIR के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे विपक्षी नेता इस बीच, INDIA ब्लॉक के नेताओं ने सोमवार को ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के तहत सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया और चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका दायर की. विपक्ष ने मतदाता सूची में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नाम हटाने और पुनरीक्षण प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है. 11 विपक्षी सांसदों की ओर से दायर याचिका में SIR कराने के फैसले को अमान्य घोषित करने और इसकी कानूनी वैधता की न्यायिक समीक्षा करने की मांग की गई है. याचिका में दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर पाबंदियों, हिरासत में लिए जाने और सुरक्षा बैरिकेडिंग का मुद्दा भी उठाया गया है. ये भी पढ़ें: SIR के खिलाफ 7 दिन में 5वां प्रदर्शन… इंडिया ब्लॉक की नैरेटिव जीत या अभी बाकी है लड़ाई? The post CJI सूर्यकांत पर केरल कांग्रेस की टिप्पणी से विवाद, ‘इस्तीफा दीजिए’ वाला पोस्ट डिलीट; BJP ने साधा निशाना appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top