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October 17, 2026

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नेहा बोरा हुईं रिहा, रातभर हिरासत के बाद सुबह पुलिस ने छोड़ा, जानें पूरी रात थाने में रखने पर क्या बोलीं AISA अध्यक्ष

रिहाई के बाद नेहा बोरा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि आम नागरिकों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है और लोगों को रातभर हिरासत में रखा जा रहा है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया रोकने की मांग भी की. ‘रातभर हिरासत में रखना किस कानून के तहत जायज?’ नेहा बोरा ने लोगों को हिरासत में लेने और उन्हें रातभर थाने में रखने की कार्रवाई पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि आखिर किस कानून या आदेश के तहत लोगों को पूरी रात हिरासत में रखा जा रहा है. उन्होंने स्त्रीओं की गिरफ्तारी और हिरासत से जुड़े कानूनी प्रावधानों का भी जिक्र किया. उन्होंने दिल्ली में यातायात और रास्तों पर पाबंदियों को लेकर भी नाराजगी जताई. बोरा ने आरोप लगाया कि राजधानी में लोगों को काम पर जाने के लिए रास्ते बंद मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि अराजकता फैलाने का आरोप लगाने से पहले पुलिस और प्रशासन को अपनी कार्रवाई पर विचार करना चाहिए. वीडियो में देखें नेहा बोरा ने क्या कहा- ‘वकील से बात करने की भी नहीं मिली अनुमति’ नेहा बोरा ने हिरासत के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने उनसे नाम, पता और अन्य जानकारियां मांगीं. उन्होंने दावा किया कि काफी देर तक उन्हें बोलने या कानूनी सलाहकार से बात करने की अनुमति नहीं दी गई. उनके मुताबिक, वकीलों ने उनसे संपर्क करने के लिए पांच से छह घंटे तक कोशिश की. बाद में फोन पर संपर्क हो पाने के बाद ही वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति दी गई. बोरा ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई लंबे समय से की जा रही है. नेहा बोरा ने एक्स पोस्ट में लिखा लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई को कोई अपराध नहीं कह सकता- ये भी पढ़ें: मोदी के सपोर्ट में उतरे ओवैसी? मस्क को बोले- कोई गोरा हिंदुस्तान को निर्देश नहीं दे सकता ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और SIR रोकने की मांग AISA अध्यक्ष ने केंद्र और चुनाव आयोग से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की मांग दोहराई. साथ ही उन्होंने SIR की प्रक्रिया रोकने की अपील की. उनका कहना है कि आम नागरिकों को राहत देने और उनके मतदान के अधिकारों की रक्षा करने के लिए इस मुद्दे पर कार्रवाई जरूरी है. The post नेहा बोरा हुईं रिहा, रातभर हिरासत के बाद सुबह पुलिस ने छोड़ा, जानें पूरी रात थाने में रखने पर क्या बोलीं AISA अध्यक्ष appeared first on Naya Vichar.

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‘सुहागन की तरह हो अंतिम संस्कार…’ मौत से पहले ही स्मिता पाटिल को हो गया था अहसास, रह गईं कई अधूरी इच्छाएं

“जब मैं इस दुनिया में न रहूँ, तो मुझे एक सुहागन की तरह सजाकर विदा करना…” ये वो शब्द थे जो स्मिता पाटिल अक्सर अपने मेकअप आर्टिस्ट और करीबियों से कहा करती थीं. उनकी ये अजीब सी लगने वाली बात तब सच साबित हुई जब उनके निधन के बाद उनकी इस अंतिम इच्छा को पूरी शिद्धत के साथ निभाया गया. सनांतर सिनेमा की शान और बेहतरीन अदाकारी से हिंदी पर्दे पर राज करने वाली स्मिता पाटिल की ऑन-स्क्रीन जिंदगी जितनी बेबाक रही, उनकी रियल लाइफ उतनी ही कम समय में उथल-पुथल से गुजर गई. महज 31 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह जाने वाली स्मिता की जिंदगी से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं, जो उनकी मौत से पहले की बेचैनी और उनकी आखिरी अधूरी इच्छाओं की गवाही देते हैं. स्मिता पाटिल ने महज 31 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था. आज, 17 अक्टूबर को उनकी जयंती है. उन्होंने ‘भूमिका’, ‘मंथन’, ‘अर्थ’, ‘बाजार’ और ‘अर्ध सत्य’ जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया. आइए जानते हैं उनकी जिंदगी के आखिरी दिनों की कहानी, उन दर्द भरे पलों और उन अधूरी इच्छाओं के बारे में, जिन्हें वह पूरा नहीं कर सकीं. बचपन से ही कला से था गहरा नाता स्मिता पाटिल का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ, जहां सामाजिक और नेतृत्वक मुद्दों पर बातचीत होती थी. उनके पिता शिवाजीराव पाटिल राजनेता थे और मां विद्या पाटिल सामाजिक कार्यकर्ता थीं. बचपन से ही स्मिता की दिलचस्पी कला में थी. यही लगाव आगे चलकर उन्हें एक्टिंग की दुनिया तक ले आया. स्मिता पाटिल लेकिन उस दिन उनकी तबीयत ठीक नहीं थी. शरीर में दर्द था और मन में अजीब-सी बेचैनी. वह अपने रोजमर्रा के काम कर रही थीं, मगर भीतर कुछ ऐसा था, जो उन्हें परेशान कर रहा था. ‘कुछ ठीक नहीं लग रहा…’, आखिरी दिन स्मिता पाटिल को क्यों हो रही थी बेचैनी? स्मिता की तबीयत बिगड़ने लगी थी. इसी दौरान उन्होंने अपनी हेयर ड्रेसर माया से गोद भराई की वीडियो कैसेट मांगी. वह चाहती थीं कि बेटे के नामकरण के मौके पर अपनी बहनों के साथ बैठकर वह वीडियो देखें. उन्होंने यह भी कहा कि बेटे के साथ उनकी कोई तस्वीर नहीं है. इसके बाद उन्होंने माया से अपनी बेचैनी का जिक्र किया. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, स्मिता ने कहा कि उन्हें अच्छा महसूस नहीं हो रहा है और वह चाहती हैं कि माया उनके ठीक होने की दुआ करे. उनकी बात सुनकर कोई भी परेशान हो सकता था. आखिर वह हाल ही में मां बनी थीं और उनकी तबीयत भी ठीक नहीं चल रही थी. लेकिन उस वक्त शायद किसी को अंदाजा नहीं था कि आने वाले घंटे उनकी जिंदगी के सबसे मुश्किल घंटे साबित होंगे. मां से सुलझाए थे सारे गिले-शिकवे, पूनम ढिल्लों को भी किया फोन स्मिता ने मां से अपने रिश्ते और बीते दिनों की परेशानियों के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि बीते कुछ समय में मां से कई बार झगड़ा हुआ था, लेकिन अब सब ठीक हो गया है और उन्होंने अपनी परेशानियों को सुलझा लिया है. इसके बाद उन्होंने एक्ट्रेस पूनम ढिल्लों को फोन किया. उन्होंने उनसे बात की और मिलने की इच्छा जताई. उस दिन स्मिता अपने करीबियों से जुड़ना चाहती थीं. वह परिवार और दोस्तों के साथ वक्त बिताना चाहती थीं. शाम को राज बब्बर घर लौटे तो स्मिता उनके साथ एक कार्यक्रम में जाना चाहती थीं. कुछ देर के लिए लगा कि उनकी तबीयत बेहतर है. लेकिन फिर अचानक उनकी हालत बिगड़ने लगी. उनका चेहरा पीला पड़ गया और उन्हें तेज दर्द होने लगा. स्मिता को लेकर अस्पताल की ओर भागा परिवार स्मिता की बिगड़ती हालत देखकर परिवार के लोग घबरा गए. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई. एक तरफ उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही थी, तो दूसरी तरफ उनका नवजात बेटा घर पर था. मां बनने के कुछ ही दिन बाद स्मिता को अपने शिशु से दूर अस्पताल जाना पड़ा. परिवार को उम्मीद थी कि इलाज से वह ठीक हो जाएंगी. लेकिन हालात तेजी से बिगड़ते गए. 13 दिसंबर 1986 को स्मिता पाटिल का निधन हो गया. वह सिर्फ 31 साल की थीं. उनका बेटा अभी दुनिया को ठीक से समझ भी नहीं पाया था और उसके सिर से मां का साया उठ गया. जिस अभिनेत्री के सामने पूरी जिंदगी पड़ी थी, जिसकी आंखों में अपने शिशु के भविष्य के सपने थे, उसकी कहानी इतनी जल्दी खत्म हो गई. फिल्म इंडस्ट्री ने एक बेहतरीन कलाकार खो दिया और प्रतीक ने अपनी मां को. ‘सुहागन की तरह सजाकर विदा करना…’, पूरी हुई आखिरी इच्छा स्मिता के निधन के बाद उनकी एक पुरानी बात फिर याद की गई. उनके मेकअप आर्टिस्ट दीपक सावंत ने ‘रील मीट्स रियल’ में बताया था कि स्मिता उनसे अक्सर कहती थीं कि जब वह दुनिया में न रहें, तो उन्हें सुहागन की तरह सजाकर विदा किया जाए. दीपक सावंत के मुताबिक, वह स्मिता को ऐसी बातें करने से रोकते थे. लेकिन वह अपनी इच्छा दोहराती रहती थीं. उनके निधन के बाद जब उनकी मां ने दीपक को बुलाया, तो वह भावुक हो गए. उन्होंने स्मिता को उनकी इच्छा के मुताबिक सजाया और इस तरह उनकी आखिरी ख्वाहिश पूरी की. स्मिता पाटिल दीपक सावंत ने स्मिता पाटिल के निधन के बाद के मुश्किल समय को भी याद किया. उन्होंने बताया कि स्मिता की बहन उस वक्त शिकागो में थीं और उन्हें हिंदुस्तान पहुंचने में दो से तीन दिन लगने वाले थे. उनके आने तक स्मिता के पार्थिव शरीर को बर्फ पर रखा गया था. दीपक के मुताबिक, इस दौरान शरीर में सूजन आ गई थी. उन्होंने बताया कि स्मिता का आखिरी मेकअप करना उनके लिए बेहद भावुक पल था और इसे याद करना आज भी आसान नहीं है. क्या स्मिता को सचमुच अपनी मौत का पहले से अहसास था? इस सवाल का कोई पक्का जवाब नहीं है. उनके बारे में ऐसी कई बातें और किस्से मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आए हैं, लेकिन उन्हें निश्चित सच नहीं कहा जा सकता. अपने बेटे को बड़ा होते नहीं देख सकीं स्मिता, अधूरे रह गए जिंदगी के कई सपने स्मिता पाटिल की जिंदगी का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा

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T20 में कप्तानी करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 खिलाड़ी, विराट कोहली के रिकॉर्ड के करीब पहुंचे शुभमन गिल

Most Runs as Captain in T20: टी20 क्रिकेट में कप्तानी करना आसान नहीं होता. एक ओर टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी होती है, तो दूसरी ओर कप्तान को अपने प्रदर्शन से भी मिसाल पेश करनी पड़ती है. हालांकि, कुछ खिलाड़ियों ने इस चुनौती को बखूबी निभाया और कप्तानी करते हुए बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया. इस सूची में विराट कोहली सबसे ऊपर हैं, जबकि डेविड वॉर्नर, केन विलियम्सन, शुभमन गिल और जेम्स विंस भी अपनी जगह बना चुके हैं. इन पांचों खिलाड़ियों ने टी20 टूर्नामेंट में कप्तानी के दौरान बड़े रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया. विराट कोहली: 973 रन बनाकर बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड विराट कोहली ने आईपीएल 2016 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कप्तानी करते हुए ऐसा प्रदर्शन किया, जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है. उन्होंने 16 मैचों की सभी 16 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 4 बार नाबाद रहकर कुल 973 रन बनाए. इस दौरान उनका औसत 81.08 और स्ट्राइक रेट 152.03 रहा. डेविड वार्नर. फोटो—एक्स वॉर्नर उस सीजन में शतक नहीं लगा सके, लेकिन 9 अर्धशतकों की मदद से लगातार रन बनाते रहे. उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी नाबाद 93 रन की रही. उन्होंने 88 चौके और 31 छक्के लगाए. उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी ने सनराइजर्स हैदराबाद को आईपीएल चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई. ये भी पढ़ें: जेम्स विंस: इंग्लैंड के घरेलू टी20 टूर्नामेंट में चमके इंग्लैंड के बल्लेबाज जेम्स विंस ने 2015 के नेटवेस्ट टी20 ब्लास्ट में हैम्पशायर की कप्तानी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने 16 मैचों की 16 पारियों में 4 बार नाबाद रहते हुए 710 रन बनाए. उनका औसत 59.16 और स्ट्राइक रेट 134.46 रहा. जेम्स विंस विंस ने इस टूर्नामेंट में एक शतक और 5 अर्धशतक लगाए. उनकी सबसे बड़ी पारी नाबाद 107 रन की रही. उन्होंने 87 चौके और 14 छक्के भी जड़े. इस प्रदर्शन के दम पर विंस ने टी20 टूर्नामेंट में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में अपना नाम दर्ज कराया. टी20 में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रैंक खिलाड़ी रन 1 विराट कोहली 973 2 डेविड वॉर्नर 848 3 केन विलियम्सन 735 4 शुभमन गिल 732 5 जेम्स विंस 710 ये भी पढ़ें: Richest Cricket League: आखिर कौन है दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग? कितने नंबर पर है IPL, देखें टॉप-10 की लिस्ट The post T20 में कप्तानी करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 खिलाड़ी, विराट कोहली के रिकॉर्ड के करीब पहुंचे शुभमन गिल appeared first on Naya Vichar.

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17 अक्टूबर सुबह की टॉप 20 खबरें: ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले अभिजीत-नेहा डिटेन, मेरठ सांप कांड में पत्नी और बॉयफ्रेंड को फांसी की सजा

1. कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले CJP संस्थापक अभिजीत दीपके हिरासत में, NCP नेता के घर से निकलते ही पुलिस ने उठाया दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस ने डिटेन कर लिया है. कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 2. अमेरिका के स्कूल में गोलीबारी, 3 बच्चों और शिक्षक की मौत, 16 साल का हमलावर भी मारा गया अमेरिका के ओरेगन राज्य के बेंड शहर में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को एक प्राथमिक स्कूल में गोलीबारी की घटना में तीन बच्चों और एक शिक्षक की मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, 16 साल का हमलावर भी मारा गया है. घटना में एक अन्य बच्चा और एक शिक्षक गंभीर रूप से घायल हुए हैं. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 3. दीपके-नेहा की हिरासत पर बोले ध्रुव राठी: नफरत की भावना में देशद्रोही बन गए हैं नरेंद्र मोदी CJP नेता अभिजीत दीपके और AISA की नेहा बोरा को हिरासत में लेने के बाद ध्रुव राठी ने PM मोदी पर आरोप लगाया. उन्होंने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर हिरासत में लिए जाने की आलोचना की. कहा कि अब पीएम को तिरंगे से भी नफरत हो गई है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 4. मोदी के सपोर्ट में उतरे ओवैसी? मस्क को बोले- कोई गोरा हिंदुस्तान को निर्देश नहीं दे सकता AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एलन मस्क के उस बयान पर सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी हिंदुस्तान के असली बॉस हैं. मस्क ने हिंदुस्तान में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक की सेवाएं शुरू करने की मंजूरी मिलने में देरी पर नाराजगी जताई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ बड़े कारोबारी अपनी बाजार में पकड़ बनाए रखने के लिए उनकी कंपनी के रास्ते में बाधा डाल रहे हैं. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 5. अमेरिका के ऑरोरा गोलीबारी के बाद MEA सख्त, कहा- हिंदुस्तानीयों पर हेट क्राइम बर्दाश्त नहीं अमेरिका के ऑरोरा में हिंदू मंदिर में गोलीबारी की कोशिश के बाद हिंदुस्तान ने हिंदुस्तानीयों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हिंदुस्तानीयों के खिलाफ हेट क्राइम बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 6. Kumar Kushagra: किताब से नोट्स बनाकर सीखी क्रिकेट की बारीकियां, अब न्यूजीलैंड दौरे पर हिंदुस्तानीय वनडे टीम में बनाई जगह Kumar Kushagra: पिता के सपोर्ट से बचपन में घर पर क्रिकेट सीखा. अब 21 साल के कुमार कुशाग्र को टीम इंडिया में डेब्यू का मौका मिला. जानें उनकी प्रेरणादायक कहानी और कैसे तय किया उन्होंने टीम इंडिया तक का सफर. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 7. जनगणना में लगाए जा सकेंगे झारखंड के 2,862 निजी स्कूलों के शिक्षक, केंद्र ने नियमों में किया संशोधन झारखंड के 2,862 निजी स्कूलों के शिक्षक अब जनगणना कार्य में लगाए जा सकेंगे. केंद्र प्रशासन ने जनगणना नियम, 1990 में संशोधन किया है. हालांकि, शिक्षकों की नियुक्ति पर अंतिम फैसला राज्य प्रशासन और संबंधित प्रशासन करेगा. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 8. मेरठ सांप कांड में रविता और अमरदीप को फांसी की सजा, कोर्ट ने बताया ‘रेयर ऑफ रेयरेस्ट’ मामला मेरठ सांप कांड में आया फैसला. रविता और अमरदीप को पति अमित कश्यप की हत्या के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई है. कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ बताया. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 9. Photos : घर से निकलते ही घिरे दीपके, मंडी हाउस से पकड़ी गईं नेहा; तस्वीरों में देखिए कैसे पुलिस ने किया डिटेन दिल्ली में CJP की तिरंगा रैली से पहले अभिजीत दीपके और नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने पर विवाद बढ़ गया. तस्वीरों में देखिए पुलिस की कार्रवाई, अभिजीत के सवाल और मौके पर जुटी मीडिया की भीड़. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 10. कुलपति पर हमले और तोड़फोड़ के आरोप में SRFTI के 6 छात्र निष्कासित, छात्र संघ ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी SRFTI Kolkata Protest: एसआरएफटीआई में सुरक्षा को लेकर जारी आंदोलन के बीच छह छात्रों को निष्कासित कर दिया गया है. संस्थान प्रशासन ने मारपीट, तोड़फोड़ और अनुशासन उल्लंघन के आरोप लगाए हैं. छात्र संघ ने कार्रवाई को अनुचित बताया और सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर हुए समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कुलपति के इस्तीफे की मांग दोहरायी. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 11. Durga Puja School Holiday 2026: दुर्गा पूजा पर कितने दिन बंद रहेंगे स्कूल? जानें बिहार, झारखंड और बंगाल की छुट्टियों का अपडेट Durga Puja School Holiday 2026: दुर्गा पूजा का त्योहार नजदीक आते ही छात्रों और अभिभावकों के मन में एक सवाल उठने लगा है कि आखिर इस दौरान स्कूलों में छुट्टियां कब से कब तक रहेंगी? अगर आप भी यह जानना चाहते हैं, तो यह समाचार आपके लिए है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 12. फ्लाइट टिकट के बढ़ते दामों से तंग आ चुके हैं? अब मनमाना किराया वसूलना होगा बंद, जानें कैसे Airfare Price Regulation: हवाई सफर का बजट बिगाड़ने वाले महंगे टिकटों पर क्या प्रशासन कोई सीमा तय करेगी? जानिए नए नियमों से यात्रियों और एयरलाइंस पर क्या असर पड़ सकता है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 13. हिंदुस्तान छोड़ने के नोटिस पर इमरान खान के समर्थन में आई CJP: बॉलीवुड से एकजुट होने की मांग; जानिए पूरा मामला इमरान खान को हिंदुस्तान छोड़ने के नोटिस पर CJP ने बॉलीवुड से आवाज़ उठाने को कहा. जानिए इस मामले से जुड़ा पूरा विवाद और अभिजीत दिपके का बयान. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 14. Samsung Galaxy F70 5G की लॉन्च डेट कंफर्म, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ आएगा फोन Samsung Galaxy F70 5G हिंदुस्तान में 18 अक्टूबर को लॉन्च होगा. इसमें 50MP OIS कैमरा, sAMOLED डिस्प्ले, Exynos 1330 प्रोसेसर और 5,000mAh बैटरी मिलेगी. इसे Bold Black और Vivid Violet कलर ऑप्शन में Flipkart से खरीदा जा सकेगा. पूरी समाचार

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नौ शक्ति नौ उड़ान-7: सहरसा की शैलजा 23 की उम्र में बनीं IPS, पटना प्रोटेस्ट में दिखा लेडी सिंघम अवतार

IPS Shailja Das Success Story: वर्दी पहनना सिर्फ एक नौकरी पाना नहीं, बल्कि ऐसी जिम्मेदारी उठाना है, जहां हर फैसले पर लोगों की नजर होती है. बिहार के सहरसा की शैलजा दास ने महज 23 साल की उम्र में आईपीएस बनकर यंगेस्ट ऑफिसर्स की लिस्ट में शामिल हो गईं. उनकी जर्नी के पीछे एक लंबा संघर्ष रहा है. आइए इसपर एक नजर डालते हैं. सहरसा में बीता बचपन, यहीं से शुरू हुई पढ़ाई शैलजा दास का जन्म 7 नवंबर 1997 को बिहार के सहरसा जिले में हुआ था. सहरसा के कायस्थ टोला में उनका पैतृक घर है. उनकी शुरुआती पढ़ाई बुद्धा पब्लिक स्कूल से हुई. साल 2013 में उन्होंने दसवीं की परीक्षा अच्छे अंकों के साथ पास की. इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली का रुख किया. View on Instagram दिल्ली में पूरी की पढ़ाई दसवीं के बाद शैलजा ने दिल्ली पब्लिक स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की. स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस कॉलेज में दाखिला लिया. यहां से ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उनके सामने करियर की राह चुनने का मौका था. उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया और UPSC की तैयारी शुरू कर दी. UPSC में हासिल की 83वीं रैंक UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करना आसान नहीं है. इसमें देशभर के लाखों युवा शामिल होते हैं और सफलता उन्हीं को मिलती है, जो लंबे समय तक तैयारी में जुटे रहते हैं. शैलजा ने भी इस परीक्षा के लिए मेहनत की और अपनी तैयारी को अंजाम तक पहुंचाया. View on Instagram महज 23 साल में बनीं IPS साल 2021 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 83वीं रैंक हासिल की. इस सफलता के साथ उनका हिंदुस्तानीय पुलिस सेवा (IPS) में चयन हुआ. उन्हें बिहार कैडर मिला, यानी अब उन्हें अपने ही राज्य में पुलिस अधिकारी के तौर पर काम करने का मौका मिलने वाला था. उस वक्त उनकी उम्र करीब 23 साल थी. ट्रेनिंग से शुरू हुआ पुलिस सेवा का सफर IPS बनने के बाद शैलजा दास की असली जिम्मेदारी शुरू हुई. ट्रेनिंग पूरी करने के दौरान उन्होंने पुलिस व्यवस्था को करीब से समझा और अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं. वह लालगंज में ट्रेनी के तौर पर थाना प्रभारी की भूमिका में भी रहीं. इसके बाद उन्हें नालंदा जिले के हिलसा में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) की जिम्मेदारी मिली. इस पद पर रहते हुए पुलिस व्यवस्था संभालना, अपराध से जुड़े मामलों की निगरानी करना और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखना जैसे काम उनकी जिम्मेदारियों का हिस्सा रहे. इन अनुभवों के साथ उनका पुलिस करियर आगे बढ़ता गया. नालंदा से पटना तक, मिली बड़ी जिम्मेदारी पुलिस विभाग में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालने के बाद शैलजा दास की तैनाती पटना में हुई. फिलहाल वह पटना सिटी एसपी (ईस्ट) के पद पर कार्यरत हैं. इस जिम्मेदारी के तहत उन्हें शहर के पूर्वी हिस्से की पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को देखना होता है. View on Instagram अगस्त 2026 के आखिर में पटना में छात्र संगठनों और BPSC से जुड़े प्रदर्शन के दौरान भी वह चर्चा में आईं. प्रदर्शन के बीच उनका सख्त रवैया और गुस्से में बात करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इसके बाद उनके नाम की चर्चा और बढ़ गई. ये भी पढ़ें: नौ शक्ति नौ उड़ान-6: 48 घंटे में 2 बार ट्रांसफर, लॉकडाउन में अनोखी पहल, देखें IAS राजेश्वरी बी की कहानी शैलजा दास की कहानी से क्या सीख सकते हैं युवा? शैलजा दास का सफर दिखाता है कि एक लक्ष्य तय करने के बाद लगातार मेहनत करते रहना कितना जरूरी है. सहरसा से अपनी पढ़ाई शुरू करने वाली शैलजा दिल्ली के प्रतिष्ठित कॉलेज तक पहुंचीं, फिर UPSC पास कर IPS अधिकारी बनीं. आज वह बिहार में पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही हैं. नौ शक्ति, नौ उड़ान की इस विशेष कड़ी में हम नवरात्रि के नौ दिन देवियों के नौ रूप के अनुसार उन खास 9 स्त्रीओं की बात कर रहे हैं, जिन्होंने अपनी योग्यता के आधार पर नया कीर्तिमान रचा है. इस सेग्मेंट में आप अगली कहानी पढ़ेंगे नेहा शर्मा की जिनकी कहानी मां दुर्गा के महागिरी की शक्ति का एक छोटा सा उदाहरण है.  ये भी पढ़ें: नौ शक्ति नौ उड़ान-5: बाढ़ पीड़ितों के लिए रातभर डटी रहीं DM मैडम, खटिया पर बैठकर कराई बांध की मरम्मत, जानें काैन हैं वर्षा सिंह The post नौ शक्ति नौ उड़ान-7: सहरसा की शैलजा 23 की उम्र में बनीं IPS, पटना प्रोटेस्ट में दिखा लेडी सिंघम अवतार appeared first on Naya Vichar.

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शादी नहीं हुई तो चुना अलग रास्ता,जानिए भोजपुरी सिंगर देवी के 10 साल लंबे संघर्ष और सिंगल मदर बनने की पूरी कहानी

Bhojpuri Singer Devi IVF Single Mother: भोजपुरी संगीत जगत की जानी-मानी पार्श्व गायिका देवी की सुरीली आवाज ने लाखों दिलों को जीता है. लेकिन पर्दे के पीछे उनकी निजी जिंदगी का संघर्ष किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. जब समाज स्त्रीओं के शादी और मां बनने को लेकर तयशुदा ढर्रे पर चलने का दबाव बनाता है, तब देवी ने अपनी जिंदगी का फैसला खुद लेने की हिम्मत दिखाई. मनचाहा जीवनसाथी न मिलने पर मां बनने की तड़प और 10 साल के लंबे इंतजार के बीच अचानक जर्मनी से आए एक फोन कॉल ने उनकी पूरी दुनिया बदलकर रख दी. आईवीएफ तकनीक के जरिए सिंगल मदर बनने का उनका यह फैसला आज उन तमाम स्त्रीओं के लिए एक मिसाल बन चुका है, जो रूढ़िवादी सोच से बाहर निकलकर अपने सपनों को जीना चाहती हैं. जर्मनी से आई एक कॉल और आईवीएफ का वो पहला कदम जब इंसान अपनी जिंदगी के चौराहे पर खड़ा होता है, तो कभी-कभी एक सही सलाह पूरी दिशा बदल देती है. गायिका देवी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. अपने लिए मनमुताबिक जीवनसाथी न मिलने के बाद भी उनके भीतर मां बनने की तीव्र इच्छा थी. इसी कशमकश के बीच जर्मनी में रहने वाली उनकी एक करीबी सहेली का फोन आया. उस सहेली ने उन्हें आईवीएफ तकनीक के जरिए सिंगल मदर बनने की राह दिखाई. देवी ने इस नए रास्ते को चुनने का साहसी फैसला लिया. वर्ष 2015 में उन्होंने आईवीएफ के माध्यम से मां बनने का पहला प्रयास किया, लेकिन उस समय उन्हें असफलता हाथ लगी. 10 सालों का लंबा इंतजार, नाकामी और बिना पछतावे का सफर पहली कोशिश नाकाम होने के बावजूद देवी ने हार नहीं मानी. यह सफर बेहद मुश्किल और धैर्य की परीक्षा लेने वाला था. लगातार 10 वर्षों तक शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्तर पर प्रयास करने के बाद आखिरकार उनका मां बनने का सपना साकार हुआ. आईवीएफ के जरिए उन्होंने एक नन्हे शिशु को जन्म दिया और सिंगल मदर बनीं. अपने इस लंबे संघर्ष पर बात करते हुए देवी कहती हैं कि उन्हें जीवन में लिए गए किसी भी फैसले पर रत्ती भर भी पछतावा नहीं है. उनका मानना है कि इंसान अपनी गलतियों और अनुभवों से ही सीखता है तथा मजबूत बनकर आगे बढ़ता है. प्रोफेसर माता-पिता का घर और 6 साल की उम्र से संगीत का सुरम्य सफर देवी के व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ उनका संगीतमय सफर भी बेहद दिलचस्प रहा है. उनके माता-पिता दोनों पेशे से प्रोफेसर थे और संगीत के प्रति गहरा लगाव रखते थे. इसी वजह से बचपन से ही उनके घर में सुरों और भजनों का माहौल बना रहा. मात्र छह वर्ष की मासूम उम्र में देवी ने पहली बार मंच पर कदम रखा और अपनी गायकी की छाप छोड़ी. वर्ष 2003 में उनका पहला म्यूजिक एल्बम बाजार में आया, जिसने उन्हें भोजपुरी इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिलाई. 23 वर्षों में बदल गया म्यूजिक का दौर, कैसे बदला कलाकारों का मंच बीते 23 सालों में संगीत की दुनिया में आए बड़े बदलावों का जिक्र करते हुए देवी ने अपने शुरुआती दिनों की यादें ताजा कीं. उन्होंने बताया कि 2000 के दशक में एक एल्बम निकालने के लिए कलाकारों को म्यूजिक कंपनियों के दफ्तरों के अनगिनत चक्कर काटने पड़ते थे. संघर्ष का वह दौर बेहद कठिन था. लेकिन आज सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के आने से पूरी दुनिया बदल चुकी है. अब नया कलाकार बिना किसी बिचौलिए या कंपनी के अपनी प्रतिभा को सीधे करोड़ों श्रोताओं तक पहुंचा सकता है. इसे वे संगीत उद्योग की सबसे बड़ी क्रांति मानती हैं. पिता का अटूट साया, अनमोल मातृत्व और जमुई की वो हसीन यादें अपनी इस पूरी जीवन यात्रा में देवी अपने पिता के योगदान को सबसे अहम मानती हैं. वे बताती हैं कि उनके पिता ने हर मुश्किल मोड़ पर उनका मार्गदर्शन किया और एक मजबूत ढाल बनकर खड़े रहे. मातृत्व के खूबसूरत अहसास पर भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि शिशु के साथ मां का रिश्ता पूरी तरह निस्वार्थ होता है, जिसमें किसी शर्त या अपेक्षा की जगह नहीं होती. मां बनने का सुख इतना अलौकिक है जिसे शब्दों में पिरोया नहीं जा सकता. इस दौरान उन्होंने बिहार के जमुई जिले से अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र करते हुए बताया कि करीब 10 साल पहले वे यहां एक बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम में आई थीं. उस दौरान जमुई के लोगों से मिले अपार प्यार और उत्साह की यादें आज भी उनके दिल में पूरी तरह ताजा हैं. Bhojpuri Singer Devi IVF Single Mother: समाज के लिए संदेश और स्त्री सशक्तिकरण की नई मिसाल गायिका देवी की यह कहानी केवल एक चर्चित हस्ती की आपबीती नहीं है, बल्कि यह बदलते हिंदुस्तानीय समाज में स्त्री स्वावलंबन और आत्मनिर्णय का एक सशक्त प्रतीक है. अपने मातृत्व के अधिकार के लिए 10 साल तक संघर्ष करना और बिना किसी पुरुष साथी के अकेले शिशु की परवरिश की जिम्मेदारी उठाना, समाज की पुरानी सोच को खुली चुनौती देता है. उनका यह कदम उन तमाम स्त्रीओं को हौसला देता है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने अस्तित्व और सपनों के लिए लड़ना चाहती हैं. Also Read: ‘जलने वाले जलते रहे’, तेज प्रताप का अनुष्का यादव पर पलटवार, कहा- गंदी नाली के कीड़ों पर ध्यान देना मेरी शान के खिलाफ Also Read: शिक्षा विभाग की 2352 लंबित योजनाएं दिवाली तक होंगी पूरी, किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई का आदेश The post शादी नहीं हुई तो चुना अलग रास्ता,जानिए भोजपुरी सिंगर देवी के 10 साल लंबे संघर्ष और सिंगल मदर बनने की पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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Hero Xtreme 250R लॉन्च, बिना क्लच दबाए बदल सकेंगे गियर, क्रूज कंट्रोल समेत मिलेंगे ये फीचर्स

Hero MotoCorp ने हिंदुस्तान में अपनी नई बाइक Hero Xtreme 250R को 1.98 लाख रुपये में लॉन्च कर दिया है. इस बाइक में 250cc का इंजन दिया गया है, जो दमदार परफॉर्मेंस के साथ आता है. खास बात यह है कि इसमें बाई-डायरेक्शनल क्विकशिफ्टर, चार राइडिंग मोड्स, ट्रैक्शन कंट्रोल और क्रूज कंट्रोल जैसे कई शानदार फीचर्स मिलते हैं. Xtreme 250R: इंजन और परफॉर्मेंस Hero Xtreme 250R में 250cc का इंजन दिया गया है, जो 9,250 rpm पर 30 PS की पावर और 7,500 rpm पर 25.3 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इस इंजन को 6-स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है. खास बात यह है कि बाइक में बाय-डायरेक्शनल क्विकशिफ्टर भी मिलता है, जिसकी मदद से राइडर बिना क्लच दबाए गियर ऊपर और नीचे कर सकते हैं.  इसके अलावा, इसमें वेट-टाइप असिस्ट और स्लिपर क्लच भी दिया गया है, जो गियर बदलने के दौरान राइडिंग को बेहतर बनाने में मदद करता है. Hero Xtreme 250R में चार मोड मिलते हैं, जिनमें Rain, Road, Sport और Track शामिल हैं. बाइक के ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम की सेटिंग्स भी इन राइडिंग मोड्स के हिसाब से बदलती हैं. Xtreme 250R: फीचर्स फीचर्स की बात करें तो Xtreme 250R में 4.2 इंच की मल्टी-कलर TFT डिस्प्ले दी गई है, जिसमें 60 से ज्यादा फीचर्स मिलते हैं. इसमें टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन भी शामिल है, जिससे राइड के दौरान रास्ता समझना आसान हो जाता है. इसके अलावा, बाइक में क्रूज कंट्रोल और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) भी मिलता है. इसकी मदद से राइडर टायरों में हवा के दबाव पर नजर रख सकते हैं. लाइटिंग के मामले में भी यह बाइक काफी दमदार है. इसमें क्लास-D LED प्रोजेक्टर हेडलैंप के साथ LED डेटाइम रनिंग लाइट्स (DRL) दी गई हैं. वहीं, पीछे की तरफ H-शेप वाली LED टेललाइट मिलती है. इसके अलावा, बाइक में LED इंडिकेटर्स और हैजर्ड स्विच भी दिया गया है. Xtreme 250R: सस्पेंशन और ब्रेकिंग सस्पेंशन की बात करें तो Hero Xtreme 250R में आगे की तरफ अपसाइड-डाउन (USD) फोर्क्स दिए गए हैं. वहीं, पीछे की तरफ रेक्टैंगुलर स्विंगआर्म के साथ फ्रीक्वेंसी सिलेक्टिव डैम्पिंग (FSD) सस्पेंशन मिलता है. ब्रेकिंग के लिए इस बाइक में आगे 320mm और पीछे 230mm की डिस्क ब्रेक दी गई हैं. इसके साथ स्विचेबल डुअल-चैनल ABS भी मिलता है, जिसे राइडर अपनी जरूरत के हिसाब से ऑन या ऑफ कर सकता है. ये भी पढ़ें: Hero Xtreme 160R 4V हुई अपडेट, 4.4 सेकंड में पकड़ेगी 60 की स्पीड, अब मिलेंगे 3 राइडिंग मोड्स The post Hero Xtreme 250R लॉन्च, बिना क्लच दबाए बदल सकेंगे गियर, क्रूज कंट्रोल समेत मिलेंगे ये फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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कितने डेसीबल की आवाज कानों के लिए खतरनाक? जानें कब शोर बन सकता है गंभीर खतरा

Dangerous Noise Levels: आजकल डीजे का शोर, गाड़ियों के तेज हॉर्न और त्योहारों पर होने वाले पटाखों का धमाका हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है. हम अक्सर घंटों तक तेज आवाज के बीच रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह शोर आपकी सुनने की क्षमता को हमेशा के लिए छीन सकता है? वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, लगातार तेज आवाज के संपर्क में रहने से कानों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. आवाज का स्तर (डेसीबल) जितना अधिक होगा, खतरा उतना ही बढ़ता जाएगा. डेसीबल क्या होता है और कितनी आवाज नॉर्मल है? किसी भी आवाज की तीव्रता को डेसीबल (dB) में मापा जाता है. सामान्य बातचीत की आवाज लगभग 60 डेसीबल के आसपास होती है, और WHO के अनुसार 70 डेसीबल तक की आवाज को सुरक्षित माना जा सकता है. हालांकि, यहां सिर्फ आवाज का स्तर ही नहीं, बल्कि समय भी बहुत महत्वपूर्ण है. आप कितनी देर तक उस शोर के बीच हैं, यह तय करता है कि आपके कानों को कितना नुकसान होगा. 85 डेसीबल के बाद क्यों बरतनी चाहिए सावधानी? जैसे ही आवाज 85 डेसीबल या उससे ऊपर पहुंचती है, सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो जाता है. भारी ट्रैफिक या मशीनों के शोर में काम करने वाले लोगों को इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि लंबे समय तक ऐसे माहौल में रहने से धीरे-धीरे सुनने की शक्ति कम होने लगती है. 100 डेसीबल की आवाज कितनी खतरनाक है? अगर शोर 100 डेसीबल तक पहुंच जाए, जैसा कि लाउडस्पीकर या भारी ट्रैफिक के पास होता है तो यह कानों के लिए काफी रिस्की है. ऐसे में जितनी जल्दी हो सके, स्पीकर या शोर के स्रोत से दूरी बना लेनी चाहिए. वहीं, 120 से 130 डेसीबल की आवाज (जैसे तेज सायरन या विमान की आवाज) न केवल असहनीय होती है, बल्कि इससे कानों में दर्द और बेचैनी भी शुरू हो सकती है. 140 से 150 डेसीबल की आवाज से कानों को गंभीर नुकसान 140 से 150 डेसीबल का शोर बेहद अचानक और तीव्र होता है, जैसे पटाखों का धमाका या गोली चलने की आवाज. यह स्तर सीधे आपके कान के पर्दे को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे कान में लगातार घंटी बजने जैसी समस्या या सुनने की क्षमता में अचानक कमी आ सकती है. 175 से 180 डेसीबल की आवाज कितनी खतरनाक है? जब आवाज 175-180 डेसीबल तक पहुंचती है, तो यह किसी बड़े धमाके की तरह होती है. इस स्तर पर आवाज के साथ हवा का दबाव भी इतना बढ़ जाता है कि वह कान के पर्दे और शरीर के अन्य अंगों को गंभीर चोट पहुंचा सकता है. वहीं, 200 डेसीबल से ज्यादा का शोर जानलेवा भी हो सकता है, क्योंकि इससे पैदा होने वाली दबाव की लहरें शरीर को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं. अपने कानों की सुरक्षा कैसे करें? बचाव का सबसे आसान तरीका यह है कि अगर शोर इतना तेज है कि आपको सामने वाले की बात सुनाई न दे रही, तो समझ लीजिए कि वह आपके कानों के लिए हानिकारक है. ऐसे माहौल से तुरंत दूर हट जाएं. शोर वाली जगहों पर ईयरप्लग का इस्तेमाल करें और अगर तेज आवाज सुनने के बाद कान में दर्द, भारीपन या आवाजें सुनाई देने जैसी कोई समस्या महसूस हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लें. यह भी पढ़ें: क्या आप भी रात में तकिए के पास फोन रखकर सोते हैं? रिसर्च में नींद को लेकर सामने आई ये जरूरी बात अगर आप भी नया विचार में कुछ कहना चाहते हैं या अपनी कहानी बताना चाहते हैं, रेसिपी बताना चाहते हैं या ब्यूटी टिप्स शेयर करना चाहते हैं, तो हमें lifestyle.digital@prabhatkhabar.in पर लिख भेजिए. हम जल्द ही आपकी स्टोरी प्रकाशित करेंगे. The post कितने डेसीबल की आवाज कानों के लिए खतरनाक? जानें कब शोर बन सकता है गंभीर खतरा appeared first on Naya Vichar.

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Exclusive: चाय बागान से लेकर होटल तक में निवेश: बिहार के इन भ्रष्ट अधिकारियों की काली कमाई जान उड़ जाएंगे होश

Exclusive: पटना. बिहार में भ्रष्टाचार के आरोपित लोकसेवकों की काली कमाई खपाने के तरीके में बदलाव सामने आया है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो और आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) की हालिया जांच और छापेमारी में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें अधिकारियों की संपत्ति पटना और बिहार के दूसरे शहरों के अलावा पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तर प्रदेश तक फैली होने की जानकारी मिली है. खास बात ये भी है कि जमीन उन शहरों में ली गईं जो पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है. जांच एजेंसियों का मानना है कि काली कमाई खपाने वाले अधिकारियों ने भविष्य की योजना ध्यान में रखकर निवेश तो किया लेकिन इसका खुलासा हो गया. मुख्य बातें बंगाल बना बिहार के भ्रष्ट अफसरों के काले धन का नया ठिकाना सिलीगुड़ी से गंगटोक तक फैला है इनका काला कारोबार यहां-यहां मिली संपत्ति जांच के दौरान जमीन, फ्लैट, होटल और चाय बागानों में निवेश के दस्तावेज मिलने के साथ म्यूचुअल फंड, भविष्य निधि और बैंक की सावधि जमा (एफडी) में रकम लगाने के मामले भी सामने आए हैं. जांच एजेंसियों की कार्रवाई में पटना, दानापुर, सगुना मोड़, फुलवारीशरीफ और रूपसपुर जैसे इलाकों में संपत्ति खरीदने के अलावा सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग और गंगटोक में निवेश के प्रमाण मिले हैं. कुछ मामलों में संपत्ति अधिकारियों की पत्नी या परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदे जाने की जानकारी भी सामने आई है. पांच मामलों में करोड़ों के निवेश का खुलासा चंद्रशेखर सिंह : ग्रामीण कार्य विभाग, छपरा में कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह ने पत्नी के नाम सिलीगुड़ी में 9.2 डिसमिल जमीन खरीदी. जिसकी कीमत कई करोड़ रुपये आंकी गई है. चंद्रशेखर सिंह के चार ठिकानों पर गुरुवार को विजिलेंस ने छापेमारी की थी. गौतम कुमार : किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार के बारे में गंगटोक में होटल और सिलीगुड़ी के मिरिक में चाय बागान व बंगला खरीदने की जानकारी सामने आई है. इनकी 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा जांच में हुआ था. अमरेंद्र कुमार : सुपौल के जिला अवर निबंधक के ठिकानों पर छह मई को हुई छापेमारी में पटना के दीघा-आशियाना रोड और सिलीगुड़ी में करीब 10 करोड़ रुपये की जमीन-जायदाद व फ्लैट से जुड़े दस्तावेज मिले. उनकी पत्नी नीता कुमारी के नाम पर सिलीगुड़ी में वर्ष 2025 और 2026 में खरीदी गयी 25 कट्ठा जमीन की बाजार कीमत करीब चार करोड़ रुपये बतायी गयी. पटना स्थित फ्लैट की कीमत 65 लाख रुपये बतायी गयी, जबकि उसके इंटीरियर पर करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च करने की जानकारी सामने आई. अभिषेक रंजन : किशनगंज नगर थाना में इंस्पेक्टर अभिषेक रंजन के ठिकानों पर इओयू ने 14 अप्रैल को छापेमारी की थी. अभिषेक रंजन के ठिकानों से लगभग 55 करोड़ रुपये की आय से अधिक और बेनामी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए थे. जांच में पता चला था कि अभिषेक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सिलीगुड़ी, दार्जीलिंग, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, पटना और छपरा में अपने, अपने साले-साली और ससुराल पक्ष के अन्य रिश्तेदारों के नाम पर कीमती भूखंड और प्रॉपर्टी खरीदी है. दिल्ली में उसके 6 से 7 फ्लैट और कई ट्रकों के मालिकाना हक की जानकारी भी सामने आई थी. राजेश्वरी पांडे : गोपालगंज जिले में अपर जिला दंडाधिकारी के पद पर तैनात राजेश्वरी पांडे की करोड़ों की संपत्ति का पता चला था. आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आने के बाद स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने 10 अक्तूबर को छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान बिहार के अलावा वाराणसी में जमीन होने के दस्तावेज मिले थे. उनकी पत्नी और बेटे के नाम पर पटना, वाराणसी व रोहतास में भी 12 प्लाट होने की जानकारी सामने आई थी. जिसकी शुरुआती अनुमानित कीमत 1.32 करोड़ रुपए आंकी गई थी. इनकी संपत्ति का भी हो चुका खुलासा आनंद कुमार विभूति : दरभंगा के बहादुरपुर के बीडीओ आनंद कुमार विभूति के मामले में उनकी पत्नी रितु आनंद के नाम पर दानापुर के आशोपुर में करीब 30 लाख रुपये के फ्लैट के दस्तावेज मिले. उनके नाम पर म्यूचुअल फंड में लगभग 70 लाख रुपये के निवेश की जानकारी भी सामने आई. अरविंद कुमार चौधरी : लघु सिंचाई विभाग के रोहतास प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता के ठिकानों पर 30 जुलाई को हुई छापेमारी में दानापुर के दो महंगे फ्लैट के कागजात मिले. इनकी बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपये बतायी गयी. तलाशी में 637 ग्राम सोना, 21 बैंक पासबुक और म्यूचुअल फंड व बीमा पॉलिसियों से जुड़े 17 दस्तावेज भी मिले. इसके अलावा 14 छोटी एफडी में 8.45 लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली. द्विजेंद्र कुमार मिश्र : तीन सितंबर को बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम के कार्यपालक अभियंता को 1.04 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था. उनके रूपसपुर स्थित ठिकाने पर तलाशी में आसपास के इलाकों में करीब एक करोड़ रुपये की जमीन-जायदाद में निवेश के दस्तावेज मिले. बिहार की ताजा समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें वित्तीय निवेश के जरिये भी रकम जमा अन्य मामलों में उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड के पीपीएफ और म्यूचुअल फंड में 47.50 लाख रुपये और अधीक्षण अभियंता पवन कुमार के परिवार के चार पीपीएफ खातों और दो एफडी में 29.48 लाख रुपये के निवेश की जानकारी मिली है. इन मामलों से स्पष्ट है कि जांच का दायरा अब केवल जमीन और मकानों तक सीमित नहीं है. एजेंसियों के लिए संपत्ति के वास्तविक मालिक, निवेश के स्रोत, घोषित आय और संपत्ति अर्जित करने के समय का मिलान करना भी महत्वपूर्ण है. Also Read: बिहार के सीमांचल में डेमोग्राफी चेंज जारी, किशनगंज-अररिया समेत इन जिलों में निगरानी तेज, खुफिया एजेंसियां अलर्ट… The post Exclusive: चाय बागान से लेकर होटल तक में निवेश: बिहार के इन भ्रष्ट अधिकारियों की काली कमाई जान उड़ जाएंगे होश appeared first on Naya Vichar.

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ब्रह्मांड की जासूसी के लिए मिला नोबेल, RBI की ब्याज दरों में क्या बदलाव? देखें इस हफ्ते के टॉप करेंट अफेयर्स

Weekly Current Affairs Questions: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो करेंट अफेयर्स को हल्के में लेने की गलती बिल्कुल न करें. UPSC, BPSC, SSC, रेलवे और बैंकिंग जैसी परीक्षाओं में करेंट अफेयर्स से जुड़े सवाल आपकी तैयारी की असली परीक्षा लेते हैं. ऐसे में हर दिन की समाचारों पर नजर रखना जरूरी है, लेकिन भागदौड़ के बीच हर बड़ी समाचार को याद रख पाना आसान नहीं होता. आपकी इसी परेशानी को दूर करने के लिए हम लेकर आए हैं इस हफ्ते के टॉप करेंट अफेयर्स, जहां देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं, प्रशासनी फैसलों, नियुक्तियों, पुरस्कारों, स्पोर्ट्स और वित्तीय स्थिति से जुड़ी अहम समाचारों को आसान भाषा में समझाया गया है. यहां आपको ऐसी जरूरी जानकारियां मिलेंगी, जो परीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं. अगर आप कम समय में पूरे हफ्ते की बड़ी समाचारों का रिवीजन करना चाहते हैं, तो इस Weekly Current Affairs सीरीज को जरूर पढ़ें. Weekly Current Affairs Questions: करेंट अफेयर्स के सावल जवाब {“type”:”faq”,”question”:”बर्फ के नीचे बैठकर ब्रह्मांड की जासूसी करने वाले किस वैज्ञानिक को फिजिक्स का नोबेल मिला?”,”answer”:”फिजिक्स का नोबेल 2026 बेल्जियम-अमेरिकी कण भौतिक विज्ञानी फ्रांसिस हैल्जन को मिला. उन्हें यह सम्मान IceCube न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी में निर्णायक योगदान और अंतरिक्ष से आने वाले हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो की खोज के लिए दिया गया. इसका ऐलान 6 अक्टूबर को हुआ. न्यूट्रिनो बेहद सूक्ष्म कण हैं जो लगभग हर चीज के आर-पार निकल जाते हैं, इसलिए इन्हें पकड़ना बहुत मुश्किल है.nnIceCube अंटार्कटिका की बर्फ में बना डिटेक्टर है और इन कणों के जरिए दूर के ब्रह्मांडीय स्रोतों की जानकारी मिलती है. भौतिकी का पुरस्कार रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज चुनती है और राशि कुल 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोना है, यानी करीब 1.2 मिलियन डॉलर. पुरस्कार समारोह 10 दिसंबर को होगा. परीक्षा के लिए याद रखें कि इस बार भौतिकी का पुरस्कार किसी के साथ साझा नहीं हुआ.”}{“type”:”faq”,”question”:”मेडिकल का नोबेल उन वैज्ञानिकों को क्यों मिला जिन्होंने रोशनी से दिमाग की कोशिकाओं को कंट्रोल कर दिया?”,”answer”:”मेडिकल का नोबेल 5 अक्टूबर को घोषित हुआ. यह कार्ल डाइसरोथ, पीटर हेगमैन और गेऑर्ग नागेल को मिला. उनका काम प्रकाश के प्रति संवेदनशील आयन चैनलों और ऑप्टोजेनेटिक्स से जुड़ा है. आसान भाषा में, ऑप्टोजेनेटिक्स एक तकनीक है जिसमें जीन के जरिए कोशिकाओं को रोशनी के प्रति संवेदनशील बनाया जाता है. फिर प्रकाश डालकर उन्हें चालू या बंद किया जा सकता है.nnइससे वैज्ञानिक दिमाग के अलग-अलग सर्किट का काम समझ पाते हैं और मिर्गी या अवसाद जैसी बीमारियों के इलाज की दिशा में शोध आगे बढ़ता है. चिकित्सा का नोबेल स्टॉकहोम के करोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल असेंबली देती है. यह इस साल के नोबेल सीजन का पहला पुरस्कार था, इसलिए सीरीज के सबसे पहले सवाल इसी से बन सकते हैं.”}{“type”:”faq”,”question”:”नोबेल शांति पुरस्कार 2026 जीतने वाली हिंदुस्तानीय मूल की नवनेथम पिल्लै कौन हैं?”,”answer”:”2026 का शांति नोबेल दक्षिण अफ्रीकी जज नवनेथम “नवी” पिल्लै को शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए मिला है. वे 85 साल की हैं. उनका जन्म डरबन में एक हिंदुस्तानीय तमिल परिवार में हुआ. उन्होंने 1967 में अपनी लॉ फर्म शुरू की, 1988 में हार्वर्ड से डॉक्टरेट की और रंगभेद के खिलाफ लड़ने वाले नेल्सन मंडेला जैसे लोगों का केस लड़ा.nnवे 2008 से 2014 तक संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त रहीं. इस बार पुरस्कार के लिए 287 नामांकन थे, जिनमें 208 व्यक्ति और 79 संगठन थे. हिंदुस्तानीयों से जुड़ा तथ्य याद रखें. शांति नोबेल पाने वाले हिंदुस्तानीयों में मदर टेरेसा (1979) और कैलाश सत्यार्थी (2014) शामिल हैं. 2025 का यह पुरस्कार वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो को मिला था.”}{“type”:”faq”,”question”:”अर्थशास्त्र का नोबेल किन दो अमेरिकियों ने जीता और इसका आम आदमी की जेब से क्या कनेक्शन है?”,”answer”:”अमेरिकी अर्थशास्त्री रॉबर्ट हॉल और माइकल वुडफोर्ड ने 2026 का अर्थशास्त्र नोबेल जीता. यह “मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलाइजेशन की माइक्रोइकोनॉमिक बुनियाद” पर उनके काम के लिए है, और इसका ऐलान 12 अक्टूबर को हुआ. हॉल 83 साल के हैं और स्टैनफोर्ड से जुड़े हैं, जबकि वुडफोर्ड 70 साल के हैं और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं.nnउनका मुख्य विचार है कि वित्तीय स्थिति को संतुलित रखने के लिए करोड़ों परिवारों और कंपनियों के छोटे-छोटे फैसलों को समझना जरूरी है. सिर्फ ऊपर से बनी थ्योरी काफी नहीं होती. इसी समझ से महंगाई और मंदी से निपटने वाली मौद्रिक और राजकोषीय नीतियां बनती हैं. यह पुरस्कार स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने शुरू किया था और पहली बार 1969 में दिया गया.”}{“type”:”faq”,”question”:”हैदराबाद में शाई होप ने हिंदुस्तान के साथ क्या किया और सीरीज का फैसला कहां होगा?”,”answer”:”14 अक्टूबर को हैदराबाद में चौथे T20I में वेस्टइंडीज ने हिंदुस्तान को 24 रन से हराया. कप्तान शाई होप ने 50 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाए और कीमो पॉल ने 5 विकेट लेकर 41 रन दिए. वेस्टइंडीज ने 247/3 का स्कोर खड़ा किया और हिंदुस्तान 223 पर ऑल आउट हो गया. संजू सैमसन ने सिर्फ 20 गेंदों में तेज अर्धशतक बनाया, पर कीमो पॉल ने 19वें ओवर में तीन विकेट लेकर हिंदुस्तान की उम्मीदें खत्म कर दीं.nnहोप वेस्टइंडीज के पहले खिलाड़ी बने जिन्होंने T20I में तीन शतक लगाए. इससे पहले हिंदुस्तान ने इंदौर में तीसरा मैच 14 रन से जीता था, जिसमें अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों में 69 रन बनाए थे. सीरीज अब 2-2 की बराबरी पर है और आखिरी मैच शनिवार, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा.”}{“type”:”faq”,”question”:”RBI ने तीन साल बाद ब्याज दर क्यों बढ़ाई और आपके लोन पर इसका क्या असर पड़ेगा?”,”answer”:”RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 7 अक्टूबर 2026 को रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.25% से 5.50% कर दिया. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इसकी घोषणा की. यह फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है. समिति ने अपना रुख “न्यूट्रल” से बदलकर “कैलिब्रेटेड टाइटनिंग” कर दिया, जिसके पक्ष में 4-2 का बहुमत रहा. इसके बाद SDF रेट 5.25% और MSF रेट व बैंक रेट 5.75% हो गए.nn2026-27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 7.1% और महंगाई का अनुमान 5.2% रखा गया है. रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है. इसलिए रेपो से जुड़े फ्लोटिंग रेट वाले लोन की EMI बढ़ सकती है. फिक्स्ड रेट वाले लोन पर तुरंत असर नहीं पड़ता. अगली MPC बैठक 2 से 4 दिसंबर को होगी और इस बैठक की मिनट्स 21

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