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October 20, 2026

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दशहरा आज, इस दिन क्यों की जाती है शस्त्र पूजा ? जानें महाभारत काल से जुड़ी मान्यता और शुभ मुहूर्त

Dussehra 2026: दशहरे पर शस्त्र पूजा करने की परंपरा आज भी कई परिवारों में निभाई जाती है. विजयादशमी के दिन तलवार, दूसरे अस्त्र-शस्त्र और कामकाज में इस्तेमाल होने वाले औजारों की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन शस्त्रों की पूजा करने से साहस, शक्ति और विजय का आशीर्वाद मिलता है. इस परंपरा को महाहिंदुस्तान काल की एक कथा से भी जोड़कर देखा जाता है. आइए जानते हैं दशहरा पर शस्त्र पूजा का शुभ मुहूर्त, इसकी परंपरा और धार्मिक महत्व. दशहरा 2026 शस्त्र पूजा का शुभ मुहूर्त इस साल विजयादशमी का पर्व आज 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को मनाया जा रहा है. इस दिन शुभ मुहूर्त में शस्त्र पूजा की जा सकती है. पंचांग के अनुसार, दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी. विजया मुहूर्त: दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक देवी अपराजिता पूजा का मुहूर्त: दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक रावण दहन का शुभ समय: शाम 5:47 बजे से रात 8:21 बजे तक धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयादशमी पर विजय मुहूर्त में शस्त्र पूजा करना विशेष शुभ माना जाता है. दशहरे पर शस्त्र पूजा क्यों की जाती है? दशहरे पर शस्त्र पूजा की परंपरा को महाहिंदुस्तान काल की एक प्रचलित मान्यता से जोड़कर देखा जाता है. कहा जाता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान अपने अस्त्र-शस्त्र शमी के पेड़ में छिपाकर रखे थे. अज्ञातवास की अवधि पूरी होने के बाद उन्होंने विजयादशमी के दिन शमी के पेड़ से अपने शस्त्र वापस निकाले और उनकी पूजा की.इसके बाद पांडवों ने युद्ध की तैयारी की. इसी कथा के आधार पर विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजा करने की परंपरा प्रचलित होने की मान्यता है. हालांकि, इस परंपरा की शुरुआत को लेकर अलग-अलग धार्मिक और क्षेत्रीय मान्यताएं भी मिलती हैं. ये भी पढ़ें: विजयादशमी 2026 पर राशि के अनुसार करें इन चीजों का दान, मिलेगा शुभ फल ग्रंथों और शास्त्रों में क्या है इसका महत्व? महाहिंदुस्तान में पांडवों के अज्ञातवास और शमी वृक्ष से जुड़े प्रसंग का वर्णन मिलता है. वहीं, हिंदू धार्मिक परंपरा में शमी वृक्ष को शुभता और विजय से जोड़कर देखा जाता है. कई स्थानों पर दशहरे के दिन शमी के पत्तों का पूजन भी किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अस्त्र-शस्त्र शक्ति, साहस और आत्मरक्षा के प्रतीक हैं. इसलिए उनकी पूजा करते समय उनका सदुपयोग करने और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया जाता है. कई परिवारों में किसान अपने कृषि औजारों, कारीगर अपने उपकरणों और सैनिक अपने शस्त्रों की पूजा करते हैं. इस तरह दशहरे पर शस्त्र पूजा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि अपने काम के साधनों के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी और अच्छे कार्यों में सफलता की कामना का प्रतीक भी है. The post दशहरा आज, इस दिन क्यों की जाती है शस्त्र पूजा ? जानें महाहिंदुस्तान काल से जुड़ी मान्यता और शुभ मुहूर्त appeared first on Naya Vichar.

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IIT AI Courses: सिर्फ 100 रुपये से शुरू AI कोर्स की फीस, IIT से करें पढ़ाई और बनाएं करियर, जानें पूरी डिटेल

IIT AI Courses: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से शिक्षा, स्वास्थ्य, फाइनेंस और टेक्नोलॉजी समेत कई क्षेत्रों में अपनी जगह बना रहा है. ऐसे में AI और मशीन लर्निंग (ML) की स्किल्स सीखना करियर में आगे बढ़ने का एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए देश के कई हिंदुस्तानीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs) ऑनलाइन और सर्टिफिकेट कोर्स ऑफर कर रहे हैं. इनकी फीस मात्र 100 रुपए से शुरू होकर 6 लाख रुपए तक जाती है. खास बात यह है कि इन कोर्सेज में शुरुआती स्तर से लेकर एडवांस प्रोफेशनल्स तक के लिए विकल्प मौजूद हैं. आइए जानते हैं कि कौन-सा IIT कौन-सा कोर्स ऑफर कर रहा है और इसकी फीस कितनी है. IIT Roorkee AI Courses: 8,500 रुपए से शुरुआत IIT रुड़की के iHub DivyaSampark के तहत AI और टेक्नोलॉजी से जुड़े कई कोर्स उपलब्ध हैं. इनमें शुरुआती स्तर के साथ-साथ एडवांस स्किल्स सीखने के विकल्प भी शामिल हैं. Python for Automation and AI Applications: 3 महीने के इस कोर्स की फीस 8,500 रुपए है Agentic Systems Design: इस कोर्स की फीस 50,000 रुपए है Cyber Security and Ethical Hacking: इसके लिए 60,000 रुपए फीस निर्धारित की गई है IITM Pravartak IIT Madras AI Courses: 100 रुपए से शुरू होने वाले विकल्प IIT मद्रास के IITM Pravartak और SWAYAM Plus प्लेटफॉर्म पर AI से जुड़े विभिन्न प्रोग्राम उपलब्ध हैं. इनमें शुरुआती स्तर के उम्मीदवारों के लिए कम फीस वाले कोर्स भी शामिल हैं. AI for Aspiring Engineers: फीस 500 रुपए + GST Prompt Engineering and AI for Administrators: फीस 100 रुपए + GST इसके अलावा, IITM Pravartak के तहत Agentic AI और Generative AI जैसे विषयों पर आधारित प्रोग्राम भी संचालित किए जा रहे हैं. इन कोर्सेज के जरिए उम्मीदवार AI टूल्स और उनके व्यावहारिक इस्तेमाल को समझ सकते हैं. ये भी पढ़ें: चाय की टपरी से NEET UG पेपर लीक का स्पोर्ट्स! 10 छात्रों को घर में रखा, सर्टिफिकेट भी जमा कराए IIT Kanpur AI Courses: फाइनेंस से मशीन लर्निंग तक IIT कानपुर भी AI और मशीन लर्निंग में स्किल्स विकसित करने के लिए कई कोर्स उपलब्ध करा रहा है. AI in Finance: 30 घंटे से अधिक के इस कोर्स की फीस 45,000 रुपए बताई गई है Python for AI: यह 5 सप्ताह का शॉर्ट-टर्म कोर्स है Advanced Certification in AI and Machine Learning: E&ICT Academy के तहत इस प्रोग्राम की फीस लगभग 1.49 लाख रुपए से 1.53 लाख रुपए के बीच बताई गई है IIT Delhi AI Courses: 1.4 लाख रुपए से ज्यादा फीस IIT दिल्ली अपने Continuing Education Programme (CEP) के तहत AI और उभरती टेक्नोलॉजी से जुड़े कई प्रोग्राम ऑफर करता है. Advanced Certificate in AI Product Management and Leadership: 130 घंटे के इस वीकेंड प्रोग्राम की फीस 1.80 लाख रुपए + 18% GST है Cyber Security and AI: यह 6 महीने का प्रोग्राम है Semiconductors, AI and Deep-Tech Entrepreneurship: 6 महीने के इस प्रोग्राम की फीस 1.50 लाख रुपए + GST बताई गई है IIT Hyderabad और IIT Mandi के AI Courses IIT हैदराबाद में Applied AI का 4 वीकेंड वाला कोर्स 50,000 रुपए में उपलब्ध बताया गया है. इसके अलावा, Forward Deployed Engineering का 3 महीने का कोर्स 1 लाख रुपए और 6 महीने का AI प्रोग्राम 1.50 लाख रुपए में उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है. वहीं, IIT मंडी में AI और मशीन लर्निंग का 6 महीने का कोर्स लगभग 50,000 रुपए फीस में उपलब्ध बताया गया है. इसके लिए प्रवेश परीक्षा की शर्त भी हो सकती है. IIT Bombay और IIT Kharagpur: एडवांस AI प्रोग्राम IIT बॉम्बे में AI और लीडरशिप से जुड़े प्रीमियम प्रोग्राम भी उपलब्ध हैं. इनमें Leadership with AI की फीस लगभग 2.20 लाख रुपए और Agentic या Generative AI से जुड़े कुछ कोर्सेज की फीस 1.80 लाख रुपए बताई गई है. वहीं, 18 महीने के EPGD प्रोग्राम की फीस करीब 6 लाख रुपए तक जाती है. IIT खड़गपुर में Applied AI and Machine Learning और Technology and AI Leadership जैसे एग्जीक्यूटिव कोर्स उपलब्ध हैं. इनकी फीस लगभग 1.90 लाख रुपए से 1.99 लाख रुपए के बीच बताई गई है. कुछ प्रोग्राम वीकेंड पर ऑनलाइन संचालित किए जाते है. IIT Patna AI Course: नॉन-टेक उम्मीदवारों के लिए भी विकल्प IIT पटना के विश्लेषण iHub और Masai School से जुड़े प्रोग्राम के तहत AI और मशीन लर्निंग का सर्टिफिकेशन कोर्स उपलब्ध कराया जा रहा है. इसकी अवधि लगभग 8 महीने और फीस 54,000 रुपए + GST बताई गई है. इस कोर्स को उन उम्मीदवारों के लिए भी उपयोगी बताया गया है, जिन्हें पहले से कोडिंग की जानकारी नहीं है. हालांकि, आवेदन से पहले मौजूदा पात्रता और कोर्स की शर्तें जरूर जांचें. AI कोर्स में दाखिला लेने से पहले ध्यान रखें IIT से सर्टिफिकेट कोर्स चुनने से पहले कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना चाहिए. पात्रता: कुछ कोर्स शुरुआती उम्मीदवारों के लिए हैं, जबकि एडवांस प्रोग्राम में ग्रेजुएशन, टेक्निकल बैकग्राउंड या वर्क एक्सपीरियंस की जरूरत हो सकती है फीस और GST: कोर्स की घोषित फीस के अलावा GST या अन्य शुल्क भी लग सकते हैं प्रैक्टिकल ट्रेनिंग: दाखिला लेने से पहले देखें कि कोर्स में प्रोजेक्ट्स, लाइव क्लास और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग शामिल हैं या नहीं सर्टिफिकेट और प्लेसमेंट: यह जरूर जांचें कि सर्टिफिकेट कौन जारी करेगा और क्या कोर्स के साथ प्लेसमेंट सहायता भी दी जाती है AI में करियर बनाने के लिए केवल सर्टिफिकेट हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है. सही कोर्स का चुनाव, प्रैक्टिकल अनुभव और लगातार स्किल्स को बेहतर बनाना भी जरूरी है. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले संबंधित IIT या उसके अधिकृत प्रोग्राम पार्टनर की वेबसाइट पर फीस, अवधि, पात्रता और आवेदन की अंतिम तारीख की पुष्टि कर लें. ये भी पढ़ें: Symbiosis University: पूर्व छात्रा को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने का आरोप, प्रोफेसर के खिलाफ एक्शन The post IIT AI Courses: सिर्फ 100 रुपये से शुरू AI कोर्स की फीस, IIT से करें पढ़ाई और बनाएं करियर, जानें पूरी डिटेल appeared first on Naya Vichar.

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1998 काला हिरण केस से 2026 तक: सलमान खान के करीबियों पर कब-कब हुए हमले? जानिए पूरी टाइमलाइन

18 अक्टूबर 2026 की शाम मुंबई के जुहू में एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई. इस घटना में टाइगर सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस समेत दो लोग घायल हो गए. हमले के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अनिल पंडित के नाम से जारी एक संदेश में इसकी जिम्मेदारी ली गई और दावा किया गया कि यह हमला टाइगर की सलमान खान से नजदीकी के चलते किया गया है. सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि जो सलमान के साथ काम करेगा उसका यही हाल होगा. तब्बू , सलमान खान, सोनाली बेंद्रे, सैफ अली खान, नीलम कोठारी – फोटो इंस्टाग्राम क्या था 1998 का काला हिरण शिकार मामला? यह मामला सितंबर-अक्टूबर 1998 का है. उस वक्त फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग राजस्थान के जोधपुर में चल रही थी. आरोप लगा कि शूटिंग के दौरान सलमान खान अपने साथी कलाकारों (सैफ अली खान, तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्रे) के साथ कांकाणी गांव के पास गए और वहां दो काले हिरणों (Blackbuck) का शिकार किया. गोली चलने की आवाज सुनकर बिश्नोई समाज के स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे. ग्रामीणों ने जिप्सी का पीछा भी किया, लेकिन वो लोग वहां से निकलने में कामयाब रहे. इसके बाद बिश्नोई समाज की शिकायत पर वन विभाग और पुलिस ने सलमान खान समेत अन्य कलाकारों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून ( indian Wildlife Protection Act, 1972) के तहत केस दर्ज किया. सलमान खान – फोटो इंस्टाग्राम धमकी भरे खत से गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग तक सालों तक अदालत में चली यह लड़ाई 2022 के बाद सीधी धमकियों और हमलों में बदल गई: जून 2022: मुंबई के बांद्रा बैंडस्टैंड पर सलमान खान के पिता सलीम खान सुबह टहलने निकले थे. वहां एक बेंच पर धमकी भरा खत मिला, जिसमें सलमान और उनके पिता को सिद्धू मूसेवाला जैसा अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी. मार्च 2023: सलमान खान के मैनेजर को गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम से धमकी भरा ईमेल भेजा गया, जिसमें आमने-सामने बात करने या अंजाम भुगतने की बात कही गई. अप्रैल 2024: बांद्रा स्थित सलमान खान के घर ‘गैलेक्सी अपार्टमेंट’ पर बाइक सवार दो हमलावरों ने कई राउंड गोलियां चलाईं. पुलिस ने शूटरों को पकड़ा और साजिश के तार लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई से जुड़े. 2024 की चार्जशीट (25 लाख की सुपारी): नवी मुंबई पुलिस ने अपनी जांच में खुलासा किया कि सलमान खान को उनके पनवेल फार्महाउस जाते वक्त या शूटिंग के दौरान निशाना बनाने के लिए 25 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी. कनाडा से लेकर मुंबई तक: जब निशाने पर आए सलमान के साथी समय के साथ इस सिंडिकेट ने सलमान खान के साथ दिखने या उनसे दोस्ती रखने वाले चेहरों को भी टारगेट करना शुरू किया: एपी ढिल्लों के घर पर हमला (सितंबर 2024): सिंगर एपी ढिल्लों ने अपने गाने ‘ओल्ड मनी’ के म्यूजिक वीडियो में सलमान खान को कास्ट किया था. फिर कनाडा के वैंकूवर में एपी ढिल्लों के घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की और गाड़ियों में आग लगा दी. सलमान खान, बाबा सिद्दीकी – फोटो इंस्टाग्राम रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग (1 फरवरी 2026): मशहूर डायरेक्टर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर अज्ञात शूटरों ने गोलियां चलाईं. इस घटना के पीछे भी इसी नेटवर्क की संलिप्तता की बात सामने आई. सलमान खान, गुरु रंधावा – फोटो इंस्टाग्राम ये भी पढ़ें: Tiger Shroff पर फायरिंग से दहली बॉलीवुड इंडस्ट्री, Salman Khan समेत इन सितारों पर भी हो चुके हैं हमले अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी के बाद भी घटनाएं जारी लगातार हो रही इन वारदतों के बीच नवंबर 2025 में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को बड़ी कामयाबी मिली, जब बाबा सिद्दीकी हत्याकांड और गैलेक्सी अपार्टमेंट फायरिंग में वांटेड अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से डिपोर्ट करवाकर हिंदुस्तान लाया गया और गिरफ्तार किया गया. अनमोल बिस्नोई हालांकि, अनमोल की गिरफ्तारी के बाद भी 2026 में रोहित शेट्टी, गुरु रंधावा और अब टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई फायरिंग यह साफ करती है कि इस नेटवर्क की गतिविधियां थमी नहीं हैं. मुंबई पुलिस फिलहाल टाइगर श्रॉफ केस में अब तक 3 गिरफ्तारी कर चुकी है. The post 1998 काला हिरण केस से 2026 तक: सलमान खान के करीबियों पर कब-कब हुए हमले? जानिए पूरी टाइमलाइन appeared first on Naya Vichar.

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रावण दहन कब से हुआ लोकप्रिय? जानें भगवान राम और मां दुर्गा से इसका संबंध

Ravan Dahan History: आज 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को देशभर में दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व मनाया जा रहा है. शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों के बाद आने वाला यह त्योहार बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है. इस दिन कई शहरों में रामलीला का मंचन होता है और शाम को रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले जलाए जाते हैं. लोग परिवार के साथ इस आयोजन को देखने पहुंचते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रावण दहन की परंपरा कब शुरू हुई और यह देशभर में इतना लोकप्रिय कैसे हुआ? आइए जानते हैं इससे जुड़ी मान्यताओं और इतिहास के बारे में. कब शुरू हुई रावण दहन की परंपरा? रावण दहन की परंपरा कब पहली बार शुरू हुई, इसका कोई पक्का ऐतिहासिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है. इसलिए यह कहना मुश्किल है कि इसकी शुरुआत किस साल या किस शासक के समय हुई थी. माना जाता है कि रामलीला के मंचन और स्थानीय धार्मिक आयोजनों के साथ यह परंपरा धीरे-धीरे लोगों के बीच लोकप्रिय हुई. इसमें रामलीला मंडलियों, स्थानीय रियासतों और आम लोगों की अहम भूमिका रही. समय के साथ दशहरा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामूहिक उत्सव का रूप लेने लगा. 1947 में देश के विभाजन के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचे शरणार्थी परिवारों ने भी कई जगह रामलीला और दशहरे की परंपराओं को आगे बढ़ाया. इससे सार्वजनिक रूप से रावण दहन के आयोजन को लोकप्रिय बनाने में मदद मिली. हालांकि, इसकी शुरुआत की कोई एक निश्चित तारीख बताना संभव नहीं है. भगवान राम और रावण की क्या है कहानी? रामायण के अनुसार, रावण लंका का राजा था. वह विद्वान और शक्तिशाली था, लेकिन उसके अहंकार ने उसे गलत रास्ते पर ला खड़ा किया. जब उसने माता सीता का अपहरण किया, तब भगवान श्रीराम ने उन्हें मुक्त कराने के लिए लंका पर चढ़ाई की. इस युद्ध में लक्ष्मण, हनुमान और वानर सेना ने भगवान राम का साथ दिया. लंबे संघर्ष के बाद श्रीराम ने रावण का वध किया और माता सीता को मुक्त कराया. इसी घटना की याद में दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं. यह परंपरा संदेश देती है कि अहंकार और अन्याय चाहे कितने भी ताकतवर क्यों न हों, अंत में सत्य और धर्म की जीत होती है. ये भी पढ़ें: विजयादशमी 2026 पर राशि के अनुसार करें इन चीजों का दान, मिलेगा शुभ फल मां दुर्गा से भी जुड़ा है विजयादशमी का महत्व दशहरे का संबंध भगवान राम के अलावा मां दुर्गा की विजय से भी है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी दुर्गा ने महिषासुर नाम के राक्षस से नौ दिनों तक युद्ध किया और दसवें दिन उसका वध कर दिया. महिषासुर के अत्याचारों से परेशान देवताओं और लोगों को उसके अंत से राहत मिली. इसी वजह से विजयादशमी को शक्ति और न्याय की जीत का प्रतीक भी माना जाता है. देश के कई हिस्सों में इस दिन मां दुर्गा की पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन किया जाता है. इस तरह दशहरा हमें याद दिलाता है कि बुराई के खिलाफ खड़े होने और सही रास्ते पर चलने की हमेशा जीत होती है. The post रावण दहन कब से हुआ लोकप्रिय? जानें भगवान राम और मां दुर्गा से इसका संबंध appeared first on Naya Vichar.

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दशहरा पर मालव्य और धन लक्ष्मी योग का महासंयोग, 4 राशि वालों की चमकेगी किस्मत

Dussehra 2026 Shubh Yog: पंचांग के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा मनाया जाएगा. ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, दशहरा पर मालव्य और धन लक्ष्मी योग का खास संयोग बन रहा है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि दशहरा पर बने मालव्य और धन लक्ष्मी योग चार राशियों से संबंधित जातकों के लिए शुभ होने के साथ-साथ फायदेमंद भी हैं. मिथुन राशि मालव्य और धन लक्ष्मी योग के प्रभाव से जीवन में ऐश्वर्य और सुख की वृद्धि होगी. महंगी वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं. आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी. कई स्रोतों से धन लाभ हो सकता है. दांपत्य जीवन खुशहाल रहेगा. तुला राशि सुख और ऐश्वर्य के साधन प्राप्त होंगे. धन से जुड़ी समस्या दूर होगी. महंगी वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं या उपहार मिल सकता है. जीवन खुशहाल रहेगा. व्यापार करने वाले जातकों को धन कमाने के कई अवसर प्राप्त होंगे. धन की स्थिति पहले से सुदृढ़ होगी. शादीशुदा लोगों का दांपत्य जीवन खुशहाल रहेगा. परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी. मकर राशि धन और सुख में वृद्धि होगी. पारिवारिक जीवन में जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा. व्यापार में धन कमाने के कई अवसर मिलेंगे. भौतिक सुख और उससे जुड़े संसाधनों में वृद्धि होगी. महंगी वस्तुओं, जैसे सोना-चांदी आदि की खरीदारी कर सकते हैं. शुक्र ग्रह के प्रभाव से वैवाहिक जीवन खुशहाल रहेगा. चारों राशियों पर मालव्य व धन लक्ष्मी योग का प्रभाव (इंफोग्राफिक्स टेबल) राशि मुख्य प्रभाव व आर्थिक लाभ पारिवारिक व वैवाहिक जीवन मिथुन आय के कई स्रोतों से धन लाभ, सुख-ऐश्वर्य में वृद्धि, महंगी वस्तुओं की खरीदारी. दांपत्य जीवन खुशहाल रहेगा. तुला व्यापार में धन कमाने के कई अवसर, आर्थिक स्थिति पहले से सुदृढ़, उपहार मिलने के योग. शादीशुदा लोगों का दांपत्य जीवन सुखद रहेगा, परिवार की स्थिति सुधरेगी. मकर भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी, सोना-चांदी आदि महंगी वस्तुओं की खरीदारी. जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग मिलेगा, वैवाहिक जीवन खुशहाल रहेगा. मीन व्यापारिक स्थिति बेहतर, धन कमाने के नए स्रोत मिलेंगे, जीवनसाथी से धन लाभ. रिश्तों में अपनापन रहेगा, विवाहित जातकों को सुख की प्राप्ति होगी. मीन राशि व्यापार में धन की स्थिति पहले से और अच्छी होगी. धन कमाने का स्रोत नजर आएगा. जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी. ऐशो-आराम की वस्तुओं में वृद्धि होगी. रिश्तों में अपनापन बना रहेगा. जीवनसाथी से धन लाभ होगा. विवाहित जातकों को जीवनसाथी से लाभ और सुख प्राप्त होगा. कैसे बनता है मालव्य योग? धन, ऐश्वर्य और राजसी सुख का कारक शुक्र इस वक्त तुला राशि में है. तुला, शुक्र ग्रह की अपनी राशि यानी स्वराशि है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब शुक्र स्वगृही (अपनी राशि में) हो और साथ में बुध 1, 4, 7 और 10वें भाव में हो, तो मालव्य योग बनता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 (दशहरा) को शुक्र ग्रह तुला राशि में रहेगा. कैसे बनता है धन लक्ष्मी योग? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बुध और शुक्र के मिलने से धन लक्ष्मी योग बनता है. इस योग के प्रभाव से जीवन में धन, सुख और ऐश्वर्य की वृद्धि होती है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 (दशहरा) को धन लक्ष्मी योग बना है. ये भी पढ़ें: दशहरा निपटते ही शुरू होगा पंचक काल, 25 अक्टूबर तक किन शुभ-मांगलिक कार्यों पर रहेगी रोक? ये भी पढ़ें: दुर्गा विसर्जन कब होगा 20 या 21 अक्टूबर को? जानें तारीख, मुहूर्त, मंत्र और विधि ये भी पढ़ें: तुला राशि में वक्री होंगे बुध, धन, करियर और रिश्तों को लेकर क्या कहती हैं आपकी राशि? The post दशहरा पर मालव्य और धन लक्ष्मी योग का महासंयोग, 4 राशि वालों की चमकेगी किस्मत appeared first on Naya Vichar.

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IND vs NZ T20 Series 2026: कब और कहां होंगे 5 मुकाबले? यहां देखें पूरा शेड्यूल

IND vs NZ T20 Schedule: वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज 2-2 से बराबर रहने के बाद हिंदुस्तानीय टीम अब न्यूजीलैंड दौरे पर अपनी अगली चुनौती के लिए तैयार है. श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया पांच मैचों की टी20 सीरीज स्पोर्ट्सेगी. सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में स्पोर्ट्सा जाएगा. हिंदुस्तानीय टीम की कोशिश न्यूजीलैंड की धरती पर जीत के साथ शुरुआत करने की होगी. हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 6 अक्टूबर को टी20 टीम का ऐलान किया था. आइए जानते हैं हिंदुस्तान-न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का पूरा शेड्यूल, टीम इंडिया का स्क्वॉड और दोनों टीमों के बीच पिछली पांच द्विपक्षीय सीरीज का रिकॉर्ड. हिंदुस्तान बनाम न्यूजीलैंड टी20 सीरीज 2026 कब से शुरू होगी? हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज 22 अक्टूबर से शुरू होगी. पहला मुकाबला क्राइस्टचर्च में स्पोर्ट्सा जाएगा. इसके बाद दोनों टीमें 24 अक्टूबर को इसी शहर में आमने-सामने होंगी. सीरीज का तीसरा मैच वेलिंगटन, चौथा ऑकलैंड और पांचवां मुकाबला हैमिल्टन में स्पोर्ट्सा जाएगा. हिंदुस्तानीय समय के अनुसार मुकाबले दोपहर 12:30 बजे शुरू होने हैं. सीरीज का आखिरी मैच 1 नवंबर को स्पोर्ट्सा जाएगा. हिंदुस्तान-न्यूजीलैंड के बीच पिछली 5 टी20 सीरीज का रिकॉर्ड सीरीज मेजबान / परिणाम 2019-20 हिंदुस्तान ने 5-0 से सीरीज जीती 2021-22 हिंदुस्तान ने 3-0 से सीरीज जीती 2022-23 हिंदुस्तान ने 1-0 से सीरीज जीती 2022-23 हिंदुस्तान ने 2-1 से सीरीज जीती 2025-26 हिंदुस्तान ने 4-1 से सीरीज जीती हिंदुस्तान बनाम न्यूजीलैंड टी20 सीरीज 2026 का पूरा शेड्यूल हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के बीच पांचों टी20 मुकाबले अलग-अलग तारीखों पर स्पोर्ट्से जाएंगे. मैचों की तारीख और मैदान की जानकारी नीचे दी गई है. तारीख मुकाबला मैदान 22 अक्टूबर 2026 पहला टी20 क्राइस्टचर्च 24 अक्टूबर 2026 दूसरा टी20 क्राइस्टचर्च 27 अक्टूबर 2026 तीसरा टी20 वेलिंगटन 30 अक्टूबर 2026 चौथा टी20 ऑकलैंड 1 नवंबर 2026 पांचवां टी20 हैमिल्टन हिंदुस्तान का टी20 स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव. भुवनेश्वर कुमार की वापसी पर रहेंगी नजरें न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भुवनेश्वर कुमार की वापसी हिंदुस्तानीय टीम के लिए अहम है. वह नवंबर 2022 के बाद पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में लौटे हैं. न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में उनकी स्विंग गेंदबाजी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है. इसके अलावा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भी नजरें रहेंगी. उन्हें इस दौरे के लिए हिंदुस्तानीय टी20 टीम में जगह मिली है. वहीं, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ियों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी. न्यूजीलैंड की टीम की कमान मिचेल सैंटनर के हाथों में न्यूजीलैंड की टी20 टीम की कप्तानी मिचेल सैंटनर करेंगे. घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर कीवी टीम हिंदुस्तानीय टीम को कड़ी टक्कर देने की कोशिश करेगी. न्यूजीलैंड के खिलाफ हिंदुस्तानीय टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती वहां की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होगी. ऐसे में गेंदबाजों की भूमिका और बल्लेबाजों की शुरुआत सीरीज के नतीजे पर असर डाल सकती है. क्या हिंदुस्तान न्यूजीलैंड में भी जीत का सिलसिला जारी रख पाएगा? पिछली पांच द्विपक्षीय टी20 सीरीज में हिंदुस्तानीय टीम का रिकॉर्ड शानदार रहा है. हालांकि, इस बार मुकाबला न्यूजीलैंड की धरती पर होगा, जहां मेजबान टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहेगी. श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया की नजरें सीरीज जीतने पर होंगी. पांच मुकाबलों की यह सीरीज खिलाड़ियों को अपनी फॉर्म साबित करने और टीम संयोजन मजबूत करने का मौका भी देगी. अब देखना होगा कि हिंदुस्तानीय टीम जीत के साथ शुरुआत कर पाती है या न्यूजीलैंड पहले ही मैच में उसे चुनौती देता है. The post IND vs NZ T20 Series 2026: कब और कहां होंगे 5 मुकाबले? यहां देखें पूरा शेड्यूल appeared first on Naya Vichar.

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कोलकाता भगदड़ में मृत व्यक्ति की आंख चोरी का दावा, वीडियो वायरल करने वाला कूचबिहार से गिरफ्तार

Kolkata Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान मची भगदड़ के बीच कथित तौर पर एक मृतक की आंख चोरी होने का वीडियो वायरल है. इस वीडियो को सोशल मीडिया में वायरल करने वाले शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ केस दर्ज करके पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है. कूचबिहार के कोतवाली थाने में केस दर्ज कूचबिहार जिले की पुलिस ने कोतवाली थाने में आईनुल हक के खिलाफ सोमवार (19 अक्टूबर) को केस (नं 1137/2026) दर्ज किया है. आईनुल के खिलाफ हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) के तहत केस दर्ज किया गया है. हम किस देश में रह रहे हैं? यहां आंख चोरी हो रही है… सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ था. इसमें कूचबिहार जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के टापुरहाट निवासी आईनुल हक (पिता का नाम दिवंगत जमीरुद्दीन मियां) को यह कहते सुना जा रहा है- हम किस देश में रह रहे हैं? यहां लोगों की आंख चोरी हो रही है. इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील भी वह लोगों से कर रहा है. आईनुल ने दावा किया कि कोलकाता के चोरबागान पूजा पंडाल में हादसे के बाद यह घटना हुई है. हालांकि, स्त्री ने जो बातें कही है, उसमें कहीं चोरबागान का जिक्र नहीं है. ये भी पढ़ें: कोलकाता भगदड़ और टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग : अधीर रंजन ने मुर्शिदाबाद से भाजपा प्रशासनों पर बोला हमला स्त्री पूछ रही- मेरे भाई की एक आंख कहां गयी? आईनुल के वायरल वीडियो में एक स्त्री कह रही है कि उसके भाई की एक आंख चोरी हो गयी. उसने कहा कि दुर्घटना के बाद वह अपने भाई को बारासात हॉस्पिटल ले गयी. इमरजेंसी में ले जाते समय उसकी दोनों आंखें थीं. बाद में उसकी मौत हो गयी. जब अस्पताल ने पार्थिव देह दिया, तो उसकी एक आंख गायब थी. वीडियो में वह पूछ रही है- मेरे भाई की एक आंख कहां गयी? क्या यहां आंख का व्यापार हो रहा है? हमें इस मामले में कार्रवाई चाहिए? ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल ने पूछा- चोरबागान पूजा पंडाल को कैसे दिया सर्वश्रेष्ठ में सर्वश्रेष्ठ दुर्गा पूजा का सम्मान? आईनुल कर रहा वीडयो को वायरल करने की अपील इसके बाद आईनुल अपनी कमेंट्री देता है. कहता है कि इस बहन ने बताया कि उसके भाई की एक आंख चोरी हो गयी. वह जब भाई को अस्पताल ले जा रही थी, तब उसने देखा था, उसका भाई देख रहा था. अस्पताल में उसकी एक आंख चोरी हो गयी. इस मामले में मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा कि डबल इंजन की प्रशासन है. प्रशासन के जो मुखिया हैं, वे पुलिस मंत्री भी हैं. क्या वे इन चीजों पर ध्यान नहीं दे सकते? ये भी पढ़ें: दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद एक्शन में कोलकाता पुलिस, गिरीश पार्क के थाना प्रभारी हटाये गये The post कोलकाता भगदड़ में मृत व्यक्ति की आंख चोरी का दावा, वीडियो वायरल करने वाला कूचबिहार से गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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जीमेल चलाने की पुरानी आदत बदलिए, ये 10 जादुई ट्रिक्स रोजाना बचाएंगे आपका समय

क्या आप भी जीमेल (Gmail) का इस्तेमाल सिर्फ मेल भेजने या पढ़ने तक ही सीमित रखते हैं? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं. दुनिया भर में जीमेल के 1.8 अरब (180 करोड़) से ज्यादा यूजर्स हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर लोग इसके कई छिपे हुए और काम के फीचर्स से पूरी तरह अनजान हैं. इसी बात को लेकर एआई क्रिएटर और एक्स (ट्विटर) यूजर दर्शल जैतवार (Darshal Jaitwar) ने हाल ही में एक पोस्ट शेयर किया, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. उन्होंने जीमेल की ऐसी 10 स्मार्ट और आसान ट्रिक्स बताई हैं, जो आपके इनबॉक्स के कचरे को साफ करने के साथ-साथ आपका रोजाना का घंटों का वक्त बचा सकती हैं. यहां वायरल पोस्ट देखें आइए जानते हैं जीमेल के इन 10 धांसू हैक्स के बारे में! 1. गलत ईमेल भेज दिया? 30 सेकंड के अंदर करें ‘Undo’ कई बार हम जल्दबाजी में आधा-अधूरा या बिना अटैचमेंट के ही ईमेल भेज बैठते हैं. ऐसे में शर्मिंदगी से बचने के लिए जीमेल का “Undo Send” फीचर वरदान है. कैसे काम करता है: सेटिंग्स में जाकर आप अन-डू की समय सीमा (5, 10, 20 या 30 सेकंड) चुन सकते हैं. मेल भेजते ही स्क्रीन पर नीचे ‘Undo’ का बटन दिखता है, जिसे दबाते ही भेजा गया मेल वापस आ जाता है. 2. एक झटके में साफ करें फालतू प्रमोशनल मेल्स अगर आपका इनबॉक्स भी अनचाहे विज्ञापनों और प्रमोशनल मेल्स से भरा पड़ा है, तो एक-एक करके डिलीट करने की जरूरत नहीं है. ट्रिक: जीमेल के सर्च बार में जाकर “unsubscribe” टाइप करें और एंटर दबाएं. आपके सामने वे सभी मार्केटिंग मेल्स आ जाएंगे जिनमें अनसब्सक्राइब का लिंक है. अब आप इन्हें ‘Select All’ करके एक साथ डिलीट या आर्काइव कर सकते हैं. 3. सीक्रेट ईमेल भेजें, कोई नहीं कर पाएगा कॉपी या फॉरवर्ड अगर आप कोई संवेदनशील या सीक्रेट जानकारी भेज रहे हैं, तो जीमेल के ‘Confidential Mode’ का इस्तेमाल करें. फायदे: मेल कंपोज करते वक्त नीचे दिख रहे पैडलॉक (ताले) के आइकन पर क्लिक करें. इसके बाद पाने वाला व्यक्ति उस मेल को फॉरवर्ड, कॉपी, प्रिंट या डाउनलोड नहीं कर पाएगा. आप चाहें तो इस मेल में एक्सपायरी डेट भी सेट कर सकते हैं. 4. बिना इंटरनेट के भी चलाएं जीमेल क्या आप जानते हैं कि बिना वाई-फाई या मोबाइल डाटा के भी जीमेल पर काम किया जा सकता है? कैसे करें चालू: सेटिंग्स में जाएं और “Offline” मोड को इनेबल कर दें. इसके बाद आप इंटरनेट न होने पर भी पुराने मेल्स पढ़ सकते हैं, सर्च कर सकते हैं और नए मेल ड्राफ्ट कर सकते हैं. जैसे ही फोन या लैपटॉप ऑनलाइन आएगा, आपके ड्राफ्ट किए गए मेल्स अपने आप सेंड हो जाएंगे. 5. सही समय पर पहुंचेगा मेल: शेड्यूल करना सीखें अलग-अलग टाइम जोन में काम करना हो या देर रात काम करते वक्त बॉस को सुबह मेल भेजना हो- “Schedule Send” फीचर बड़े काम का है. तरीका: ‘Send’ बटन के बगल में बने तीर (Drop-down arrow) पर क्लिक करें और अपनी पसंद की तारीख व समय चुनकर मेल शेड्यूल कर दें. 6. जो मेल अभी जरूरी नहीं, उसे करें ‘Snooze’ अगर आपके पास कोई ऐसा ईमेल आया है जिसका जवाब आप बाद में देना चाहते हैं, लेकिन अभी उसे इनबॉक्स में देखकर ध्यान भटकाना नहीं चाहते, तो उसे Snooze कर दें. कैसे इस्तेमाल करें: मेल पर होवर करें और घड़ी के आइकन पर क्लिक करके टाइम सेट कर दें. वह मेल आपके इनबॉक्स से गायब हो जाएगा और तय समय पर दोबारा नए मेल की तरह सबसे ऊपर आ जाएगा. 7. ‘Labels’ से सजाएं अपना डिजिटल दराज जीमेल में पुराने जमाने के फोल्डर्स की जगह Labels का इस्तेमाल होता है. खासियत: आप “Work”, “Travel” या “Personal” नाम के अलग-अलग कलर्ड लेबल्स बना सकते हैं. मजेदार बात यह है कि एक ही ईमेल को एक से ज्यादा लेबल्स में भी डाला जा सकता है. 8. बार-बार एक ही बात टाइप करने का झंझट खत्म: बनाएं Templates अगर आपको रोजाना एक ही तरह के जवाब या फॉर्मेट वाले मेल्स भेजने पड़ते हैं, तो बार-बार टाइप करने में समय बर्बाद न करें. ट्रिक: सेटिंग्स में ‘Advanced’ टैब में जाकर Templates को इनेबल करें. अब अपना मनपसंद मैसेज लिखकर उसे टेम्पलेट के रूप में सेव कर लें और अगली बार एक क्लिक में इस्तेमाल करें. 9. डिलीट नहीं, ‘Archive’ करें जरूरी मेल्स इनबॉक्स खाली करने के चक्कर में कई बार हम जरूरी मेल्स डिलीट कर बैठते हैं. समझदारी: किसी भी जरूरी मेल को डिलीट करने के बजाय Archive करें. इससे वह आपके मेन इनबॉक्स से हट जाएगा लेकिन आपके जीमेल अकाउंट में हमेशा के लिए सुरक्षित रहेगा और सर्च करने पर आसानी से मिल जाएगा. 10. शॉर्टकट्स सीखें और बनें जीमेल के ‘सुपरमैन’ अगर आप माउस के बिना फटाफट काम करना चाहते हैं, तो जीमेल के Keyboard Shortcuts चालू कर लें. कैसे चालू करें: सेटिंग्स में जाकर ‘Keyboard shortcuts’ को ON करें. इसके बाद जीमेल पर रहते हुए अपने कीबोर्ड पर बस Shift + ? दबाएं, आपके सामने सारे शॉर्टकट्स की पूरी लिस्ट आ जाएगी. आसान हो जाएगा आपका मेल मैनेजमेंट डिजिटल दौर में वक्त ही सबसे बड़ा धन है. जीमेल के ये 10 छोटे-छोटे फीचर्स भले ही दिखने में मामूली लगें, लेकिन इन्हें अपनी आदत में शामिल करने के बाद आपका मेल मैनेजमेंट बेहद आसान हो जाएगा. आज ही इनमें से दो-तीन ट्रिक्स ट्राई कीजिए और अपने काम को बनाइए सुपर-स्मार्ट! ये भी पढ़ें: वोटर लिस्ट 2026: अगर मतदाता सूची से कट गया है आपका नाम, तो फॉर्म-6 से दोबारा कैसे जोड़ें? The post जीमेल चलाने की पुरानी आदत बदलिए, ये 10 जादुई ट्रिक्स रोजाना बचाएंगे आपका समय appeared first on Naya Vichar.

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