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October 23, 2026

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बिहार MLC चुनाव: वोटिंग से पहले RJD प्रत्याशी के घर पहुंची पुलिस, तेजस्वी बोले- हम डरने वाले नहीं

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए वोट डाले जायेंगे. मतदान केंद्रों पर सुबह से सुरक्षा व्यवस्था टाइट कर दी गई है. वोटिंग से पहले पटना स्नातक सीट से राजद के प्रत्याशी डॉ. संजीव सिंह के घर पुलिस पहुंची. बताया जा रहा है कि गुरुवार की देर रात पुलिस 7 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंची थी. तेजस्वी यादव ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर जानकारी दी. एमएलसी प्रत्याशी ने क्या कहा? नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में एमएलसी प्रत्याशी डॉ. संजीव सिंह का वीडियो शेयर किया था. इसमें देखा गया कि डॉ. संजीव सिंह आवास पर थे, तभी पुलिस पहुंची थी. इस दौरान डॉ. संजीव सिंह आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची थी. पुलिस का इरादा उनके घर की तलाशी लेना था. लेकिन थोड़े देर बाद पुलिस एमएलसी प्रत्याशी के आवास से लौट गई. डॉ. संजीव सिंह ने लगाया आरोप एमएलसी प्रत्याशी ने यह दावा किया कि पुलिस उनके घर बिना किसी सर्च वारंट के ही पहुंची थी. बिना सर्च वारंट के ही कार्रवाई करने का दबाव बना रही थी. डॉ. संजीव सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले उन्हें परेशान किया जा रहा है. लेकिन इस पूरे वाकये को लेकर पुलिस की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. तेजस्वी यादव ने प्रशासन पर निकाली भड़ास तेजस्वी यादव ने एक्स पोस्ट के जरिए अपनी भड़ास निकाली. उन्होंने बिहार प्रशासन पर हमला किया. एक्स पर उन्होंने लिखा, ‘कल होने वाले शिक्षक और स्नातक निर्वाचन में हमारे उम्मीदवार के घर पर बिना किसी सर्च वारंट के रात एक बजे पुलिस भेज कर हताश करने की असफल कोशिश की गई.’ तेजस्वी यादव ने यह भी लिखा कि लालू प्रसाद और RJD के कार्यकर्ता और नेता डरने वाले नहीं है. 150 उम्मीदवार चुनावी मैदान में विधान परिषद की 8 सीटों के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए वोटिंग होगी. इन निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 150 उम्मीदवार मैदान में हैं. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 335 और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 598 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इन पर कुल 5,32,547 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इनमें 4.92 लाख स्नातक और 40 हजार शिक्षक मतदाता हैं. मतों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी. Also Read: बिहार के 5 लाख युवाओं को मिलेगी AI की ट्रेनिंग, जानिए आखिर क्या है बिहार प्रशासन का पूरा प्लान The post बिहार MLC चुनाव: वोटिंग से पहले RJD प्रत्याशी के घर पहुंची पुलिस, तेजस्वी बोले- हम डरने वाले नहीं appeared first on Naya Vichar.

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महज 22 दिनों में टूटा भारत का रिकॉर्ड, वनडे में श्रीलंका ने किया दूसरा सबसे बड़ा रन चेज

Sri Lanka vs England: वनडे क्रिकेट में बड़े से बड़ा लक्ष्य भी अब सुरक्षित नहीं है. हिंदुस्तान ने 30 सितंबर 2026 को वेस्टइंडीज के खिलाफ 406 रन चेज कर दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज किया था, लेकिन महज 22 दिनों में श्रीलंका ने हिंदुस्तान का यह रिकॉर्ड तोड़ दिया. श्रीलंका ने इंग्लैंड के खिलाफ 430 रन का लक्ष्य हासिल कर वनडे इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज अपने नाम कर लिया. पाकिस्तान के रावलपिंडी में स्पोर्ट्से गए मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 429 रन बनाए थे. जवाब में श्रीलंका ने आखिरी ओवर तक चले रोमांचक मुकाबले में एक गेंद शेष रहते 8 विकेट खोकर 430 रन बना लिए. 22 दिन पहले हिंदुस्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ रचा था इतिहास 30 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच स्पोर्ट्से गए वनडे मुकाबले में भी रनों की बरसात हुई थी. वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 405 रन बनाए थे. जवाब में हिंदुस्तानीय टीम ने 43.3 ओवर में केवल दो विकेट गंवाकर 406 रन बना लिए थे. उस मुकाबले में शुभमन गिल ने नाबाद 223 रन की पारी स्पोर्ट्सी थी, जबकि रोहित शर्मा ने 101 रन बनाए थे. हिंदुस्तान ने 406 रन का लक्ष्य हासिल कर वनडे क्रिकेट में दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज किया था. लेकिन श्रीलंका की 430 रन की ऐतिहासिक जीत के बाद हिंदुस्तान इस सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गया. ये भी पढ़ें: हैरी ब्रूक ने रचा अनोखा रिकॉर्ड, ऐसा करने वाले बने दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज वनडे में सबसे बड़े सफल रन चेज का रिकॉर्ड किसके नाम? वनडे क्रिकेट में सबसे बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के नाम है. दक्षिण अफ्रीका ने 2006 में जोहानसबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के 434 रन के जवाब में 438 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया था. यह वनडे इतिहास के सबसे यादगार मुकाबलों में से एक है. वनडे क्रिकेट में पांच सबसे बड़े सफल रन चेज की सूची इस प्रकार है: रन चेज टीमें साल 438 रन दक्षिण अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया 2006 430 रन श्रीलंका बनाम इंग्लैंड 2026 406 रन हिंदुस्तान बनाम वेस्टइंडीज 2026 375 रन नीदरलैंड बनाम वेस्टइंडीज 2023 372 रन दक्षिण अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया 2016 हैरी ब्रूक के दोहरे शतक पर भारी पड़ा श्रीलंका का रन चेज इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका के सामने 430 रन का विशाल लक्ष्य रखा. कप्तान हैरी ब्रूक ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए 114 गेंदों में 202 रन बनाए. उनकी पारी में 21 चौके और 10 छक्के शामिल रहे. वह वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज बने. ब्रूक के अलावा विल जैक्स ने भी तेज बल्लेबाजी की और 30 गेंदों में नाबाद 66 रन ठोक दिए. जो रूट ने 69 रन का योगदान दिया. इन पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने 429 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया. ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका के लिए इस लक्ष्य तक पहुंचना आसान नहीं होगा, लेकिन उसके बल्लेबाजों ने मुकाबले का रुख ही बदल दिया. पवन रत्नायके और शनाका ने बदला मैच का रुख 430 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम को शुरुआत में झटके लगे, लेकिन पवन रत्नायके ने 130 रन की शानदार पारी स्पोर्ट्सकर टीम को संभाला. अविष्का फर्नांडो ने 97 रन बनाए. दोनों की बल्लेबाजी ने श्रीलंका को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. इसके बाद दसुन शनाका ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की. उन्होंने महज 50 गेंदों में 97 रन ठोक दिए. उनकी पारी ने मैच को रोमांचक मोड़ पर पहुंचा दिया. आखिरी ओवर में श्रीलंका को जीत के लिए आठ रन चाहिए थे. इंग्लैंड ने लगातार दो विकेट लेकर मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन जनिथ लियानागे ने पांचवीं गेंद पर छक्का जड़कर श्रीलंका को ऐतिहासिक जीत दिला दी. ये भी पढ़ें: ENG vs SL: हैरी ब्रूक के तूफानी दोहरे शतक पर फिरा पानी, श्रीलंका ने वनडे में किया दूसरा सबसे बड़ा रन चेज The post महज 22 दिनों में टूटा हिंदुस्तान का रिकॉर्ड, वनडे में श्रीलंका ने किया दूसरा सबसे बड़ा रन चेज appeared first on Naya Vichar.

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प्रभात खबर Exclusive: 10 मिनट पार्किंग फ्री, फिर भी वसूले जा रहे पैसे; अब ब्लैकलिस्ट होंगे ठेकेदार!

Ranchi Parking Rules: राजधानी में वाहन चालकों को राहत देने के लिए रांची नगर निगम ने पार्किंग स्थलों पर 10 मिनट तक मुफ्त पार्किंग की व्यवस्था की है, लेकिन धरातल पर इस नियम का पालन नहीं हो रहा है. कहीं वाहन खड़ा करते ही शुल्क वसूला जा रहा है, तो कहीं ठेकेदार इस छूट का लाभ लोगों को दे रहे हैं. वहीं, अधिकतर पार्किंग स्थलों पर मुफ्त पार्किंग की जानकारी देने वाले बोर्ड भी नहीं लगे हैं. टिकट पर भी छूट की अवधि स्पष्ट नहीं है. ऐसे में वाहन चालकों को नियमों की जानकारी नहीं मिल पाती और उन्हें मुफ्त पार्किंग की सुविधा का लाभ उठाने में परेशानी होती है. ये भी पढ़ें: रांची में ठंड ने दी दस्तक, सुबह धुंध-कुहासे का नजारा; जानें 31 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम पॉस मशीन नहीं, टिकट पर हाथ से लिखा जा रहा समय पार्किंग स्थलों पर शुल्क वसूली की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है. ठेकेदारों के कर्मचारी पॉस मशीन से समय दर्ज करने के बजाय टिकट पर हाथ से वाहन के आने-जाने का समय लिख रहे हैं. इससे समय के रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका बनी रहती है. डिजिटल व्यवस्था नहीं होने से शुल्क वसूली पर भी सवाल उठ रहे हैं. यदि मशीन से समय दर्ज किया जाये, तो निर्धारित 10 मिनट के भीतर निकलने वाले वाहन चालकों को मुफ्त पार्किंग का लाभ मिल सकता है. छुट्टी के दिन 50% पार्किंग छूट का पालन नहीं ठेकेदारों को नगर निगम द्वारा यह भी दिशा-निर्देश दिया गया है कि शनिवार, रविवार और राष्ट्रीय अवकाश के दिन पार्किंग शुल्क में लोगों को 50 प्रतिशत की छूट दें. लेकिन, इसका पालन ठेकेदारों के लोग नहीं करते हैं. वहीं, इस छूट से संबंधित सूचना न तो टिकट में अंकित है और न ही पार्किंग स्थलों पर इससे संबंधित कोई नोटिस बोर्ड लगाया गया है. ये भी पढ़ें: JPSC परीक्षा घोटाले में CID की पहली चार्जशीट, पूर्व अध्यक्ष और उप परीक्षा नियंत्रक समेत 12 आरोपी लोगों को नहीं मिल रहा मुफ्त पार्किंग सुविधा का लाभ नया विचार ने गुरुवार को शहर के कई पार्किंग स्थलों का जायजा लिया. इस दौरान अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग स्थिति देखने को मिली. हनुमान मंदिर टैक्सी स्टैंड : यहां दोपहर 1.30 बजे वाहन लेकर पहुंचे. वाहन चालक ने कर्मचारियों से कहा कि दो मिनट में निकल जायेंगे, लेकिन इसके बावजूद तत्काल पार्किंग शुल्क वसूल लिया गया. अटल स्मृति वेंडर मार्केट : यहां दोपहर 2.27 बजे वाहन पार्क किया गया और 2.33 बजे निकाल लिया गया. यानी वाहन केवल छह मिनट खड़ा रहा. इसके बावजूद ठेकेदार के कर्मचारी ने 10 रुपये शुल्क वसूल लिया. जयपाल सिंह स्टेडियम पार्किंग : यहां दोपहर 12.15 बजे वाहन लेकर पहुंचे और 12.23 बजे निकल गये. आठ मिनट की पार्किंग के लिए कोई शुल्क नहीं लिया गया. रांची क्लब कॉम्प्लेक्स : यहां दोपहर 12.36 बजे वाहन पार्क किया गया और 12.44 बजे निकाल लिया गया. आठ मिनट के दौरान कोई पार्किंग शुल्क नहीं लिया गया. स्मार्ट बाजार पार्किंग : यहां दोपहर 1.04 बजे वाहन लेकर पहुंचे और 1.11 बजे निकल गये. सात मिनट की पार्किंग के लिए कोई शुल्क नहीं लिया गया. चर्च कॉम्प्लेक्स : यहां दोपहर 12.30 बजे वाहन लेकर पहुंचे और 1.30 बजे निकल गये. इस दौरान न तो कोई टिकट दिया गया और न ही पार्किंग शुल्क वसूलने कोई कर्मचारी आया. ये भी पढ़ें: Ranchi Champions Trophy 2026: रांची में क्रिकेट का रोमांच शुरू, 20 स्कूलों और 12 संगठनों की टीमें लेंगी हिस्सा सीधी बात नगर आयुक्त सुशांत गौरव से सवाल : शहर के कई पार्किंग स्थलों में ठेकेदारों द्वारा फ्री पार्किंग का लाभ लोगों को नहीं दिया जा रहा है. निगम ऐसे ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई करेगा? जवाब : निगम ने कई पार्किंग स्थलों की जांच करायी है. कई संवेदकों की शिकायत निगम तक पहुंची है. ऐसे संवेदकों को निगम ब्लैक लिस्ट करेगा. सवाल : फ्री पार्किंग व छुट्टी के दिन आधा शुल्क वसूलने संबंधी सूचना टिकट पर अंकित नहीं रहती, नोटिस बोर्ड भी नहीं लगा रहता. लोगों को इस बारे में जानकारी कैसे मिलेगी? जवाब : निगम की जो गाइडलाइन है, उसका पालन हर हाल में सारे संवेदकों को करना होगा. अगर कोई इसमें गड़बड़ कर रहा है, तो ऐसे लोगों पर निगम सख्त कार्रवाई करेगा. ये भी पढ़ें: खूंटी स्कूल हमला: CCTV में दिखे तीन नकाबपोश, अब हमलावरों की पहचान में जुटी पुलिस The post नया विचार Exclusive: 10 मिनट पार्किंग फ्री, फिर भी वसूले जा रहे पैसे; अब ब्लैकलिस्ट होंगे ठेकेदार! appeared first on Naya Vichar.

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Bihar MLC Election 2026 Live : वोटिंग के बीच विक्ट्री साइन दिखाते नजर आएं नीरज कुमार, मोकामा के लिए हुए रवाना

Bihar MLC Election 2026 Live : बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर आज मतदान शुरू हो गया है. स्नातक और शिक्षक मतदाता अपने प्रतिनिधियों को चुनेंगे. चुनाव नतीजे 27 अक्टूबर को आएंगे. The post Bihar MLC Election 2026 Live : वोटिंग के बीच विक्ट्री साइन दिखाते नजर आएं नीरज कुमार, मोकामा के लिए हुए रवाना appeared first on Naya Vichar.

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उम्र 50 प्लस, दो रिश्तों का अंत, 23 साल का बेटा, फिर भी प्यार की तलाश में है ये एक्ट्रेस

“लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मैं अपनी मर्जी की मालकिन हूं और अपनी जिंदगी अपने उसूलों पर जीती हूं.” ये तीखे और बेबाक शब्द हैं बॉलीवुड की ‘छैया छैया’ गर्ल मलाइका अरोड़ा के. उनके इस बयान में न कोई सफाई है, न कोई पछतावा. सिर्फ एक ऐसी स्त्री की जिद है, जिसने उम्र के हर पड़ाव पर दुनिया की परवाह किए बिना अपनी खुशी को चुना है. बॉलीवुड की सबसे स्टाइलिश और फिट एक्ट्रेसेस में शुमार मलाइका 23 अक्टूबर को अपना जन्मदिन मना रही हैं. 1998 में आइटम सॉन्ग से रातों-रात स्टार बनने वाली मलाइका की ऑन-स्क्रीन ग्लैमरस लाइफ जितनी चर्चा में रही, उनकी पर्सनल जिंदगी उतनी ही उतार-चढ़ाव भरी रही. शादी टूटना, शिशु की परवरिश करना और हर कदम पर समाज के तीखे ताने झेलने के बावजूद इस डीवा ने कभी खुद को टूटने नहीं दिया. लेकिन एक सवाल आज भी दिलचस्प है- क्या दो रिश्तों के टूटने के बाद भी मलाइका प्यार को एक और मौका देना चाहती हैं? 23 साल के बेटे की मां, फिर भी फिटनेस से मात देती हैं मलाइका मलाइका अरोड़ा का जन्म 23 अक्टूबर 1973 को ठाणे, महाराष्ट्र में हुआ था. उनकी परवरिश एक मिडल-क्लास परिवार में हुई. मलाइका बचपन से ही अपने सपनों को लेकर बहुत क्लियर थीं. वीजे (VJ) के तौर पर अपना करियर शुरू करने वाली मलाइका ने मॉडलिंग से लेकर फिल्मों तक में अपनी खास जगह बनाई. आज उनका 23 साल का बेटा अरहान खान है, लेकिन मलाइका को देखकर कोई यह नहीं कह सकता कि वह इतनी बड़ी उम्र के बेटे की मां हैं. मलाइका अरोड़ा और अरबाज खान, फोटो – इंस्टाग्राम साल 2002 में उनके बेटे अरहान खान का जन्म हुआ. शुरुआती साल बेहद खुशनुमा रहे, लेकिन वक्त के साथ दोनों की राहें जुदा होने लगीं. आखिरकार शादी के 19 साल बाद 2017 में दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया और 2018 में उनका कानूनी तलाक हो गया. हालांकि, बेटे अरहान की खातिर आज भी दोनों एक अच्छे पेरेंट्स के रूप में सम्मानजनक रिश्ता बनाए हुए हैं. तलाक के बाद अर्जुन कपूर को डेट करने पर मलाइका हुईं ट्रोल अरबाज खान से अलग होने के बाद मलाइका की जिंदगी में एक नया दौर शुरू हुआ, जब उन्होंने अर्जुन कपूर को डेट करना शुरू किया. इंडिया टुडे की 30 जून 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक, अर्जुन के साथ रिश्ते को लेकर मलाइका को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था. लोग दोनों की उम्र के फासले पर सवाल उठाते थे. कुछ ट्रोलर्स ने मलाइका को ‘बुड्ढी’ तक कहा था. हालांकि, मलाइका ने इन बातों की परवाह करने के बजाय अपनी पसंद से जिंदगी जीने की बात कही. View on Instagram अर्जुन कपूर को डेट करने पर हुई ट्रोलिंग, मलाइका ने दिया जवाब मलाइका को अक्सर अपनी उम्र और निजी जिंदगी को लेकर लोगों के सवालों का सामना करना पड़ा. अर्जुन कपूर को डेट करने के दौरान भी उन्हें उम्र के फासले को लेकर ट्रोल किया गया. इस पर मलाइका ने इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में अपनी बात रखी थी. “एक स्त्री होने के नाते समाज हमेशा आपको एक खांचे में फिट करना चाहता है. उम्र ढलने के बाद आपको प्यार करने या अपनी पसंद की जिंदगी जीने का हक नहीं है, ऐसा लोग सोचते हैं. लेकिन मैं अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीती हूं. मुझे किसी को सफाई देने की जरूरत नहीं है.” अर्जुन कपूर के साथ रिश्ता और ब्रेकअप का दर्द अर्जुन कपूर के साथ मलाइका का रिश्ता करीब 5-6 साल तक बॉलीवुड के सबसे चर्चित रिश्तों में रहा. दोनों ने हर मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का साथ दिया और मीडिया के सामने अपने प्यार को कभी छुपाया नहीं. चाहे फैमिली डिनर हो या वेकेशन, दोनों हर जगह साथ नजर आए. हालांकि, पिछले कुछ समय से दोनों के रास्ते अलग हो गए और उनके ब्रेकअप की समाचारों ने सुर्खियां बटोरीं. दो-दो लंबे रिश्ते टूटने और बिखरने का दर्द झेलने के बावजूद मलाइका ने कभी खुद को टूटने नहीं दिया. उन्होंने यह साबित कर दिया कि किसी गलत रिश्ते में घुट-घुट कर जीने से बेहतर है अपनी पहचान खुद बनाना. रियलिटी शोज से लेकर बिजनेस तक का शानदार सफर मलाइका ने सिर्फ फिल्मों में डांस नंबर तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने दम पर एक बड़ा मुकाम हासिल किया: रियलिटी शो की जज: ‘झलक दिखला जा’, ‘नच बलिए’ और ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ जैसे बड़े शोज में मलाइका ने बतौर जज अपनी बेहतरीन पहचान बनाई. फिटनेस इंस्पिरेशन: 50 प्लस की उम्र में भी योग, पिलाटेस और सख्त वर्कआउट रूटीन के जरिए मलाइका बॉलीवुड की सबसे फिट डीवा मानी जाती हैं. उनकी फिटनेस देखकर आज की यंग एक्ट्रेसेस भी हैरान रह जाती हैं. बिजनेसमैन और आंत्रप्रेन्योर: डांस स्टूडियो, योगा वेंचर और फैशन ब्रांड्स के जरिए मलाइका ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक ग्लैमरस चेहरा नहीं, बल्कि एक सफल बिजनेसवुमन भी हैं. 50 प्लस की उम्र में भी दिल में है प्यार की तलाश जिंदगी की तमाम ठोकरों और रिश्तों के टूटने के बाद भी मलाइका ने न तो प्यार पर से भरोसा उठाया है. अर्जुन कपूर के साथ लंबा रिश्ता खत्म होने के बाद पिछले कुछ समय से उनका नाम कभी डायमंड मर्चेंट हर्ष मेहता तो कभी वेलनेस फाउंडर सर्वेश शशि और यहां तक कि अभिनेता सौरव बेदी के साथ भी जोड़ा जाता रहा है. हालांकि एक्ट्रेस ने इन चर्चाओं पर हमेशा खुलकर कुछ नहीं कहा और अपनी जिंदगी बेबाकी से जीती रही हैं, लेकिन इन तमाम चर्चाओं से यह साफ जरूर हो जाता है कि वह आज भी प्यार की तलाश में हैं और किसी के जाने से उनकी दुनिया नहीं रुकती. आज भी जब वह किसी इवेंट या पार्टी में शिरकत करती हैं, तो उनका ग्लैमर और कॉन्फिडेंस देखने लायक होता है. हर उम्र में बोल्डनेस से इंटरनेट पर छाने वाली मलाइका आज साबित कर रही हैं कि उम्र चाहे जो हो, दिल की धड़कनों पर किसी का पहरा नहीं होता. ये भी पढ़ें: IIFA के मंच पर शाहिद-करीना को गले मिलते देख फैंस को याद आई पुरानी लव स्टोरी, वीडियो वायरल ये भी पढ़ें: Bigg Boss

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23 अक्टूबर की टॉप 20 खबरें : SIR के खिलाफ आज SKM और पीपुल अगेंस्ट एसआईआर मंच का विरोध प्रदर्शन, नेहा बोरा की याचिका पर HC में सुनवाई

1. ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का नोटिस आया तो क्या करेंगे स्पीकर? ओम बिरला ने बताया पूरा नियम मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है. विपक्ष महाभियोग लाने की तैयारी में है. ऐसे में सवाल है कि ज्ञानेश कुमार को हटाने का नोटिस आया तो क्या करेंगे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला? जानिए उन्होंने क्या कहा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 2. SIR के खिलाफ 23 अक्टूबर को SKM और ‘पीपुल अगेंस्ट का देशव्यापी विरोध – 25 राज्यों में प्रदर्शन, दिल्ली में EC दफ्तर तक मार्च संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और ‘पीपुल अगेंस्ट SIR’ मंच 23 अक्टूबर को मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन करेंगे. 25 राज्यों में प्रदर्शन होंगे, जबकि दिल्ली में निर्वाचन आयोग के दफ्तर तक मार्च निकाला जाएगा. प्रदर्शनकारी 13.41 करोड़ लोगों का मतदान अधिकार बहाल करने की मांग करेंगे. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. गुरुग्राम में बिजली संकट से हाहाकार, कई इलाकों में ब्लैकआउट; हड़ताल से फैक्ट्रियों का काम ठप हरियाणा में निजीकरण के खिलाफ 22 से 24 अक्टूबर तक बिजली कर्मचारियों की 3 दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल जारी है. इसके चलते गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के विरोध में कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं. हड़ताल से कई इलाकों में बिजली संकट गहरा गया है. वहीं, प्रशासन ने फैसले को चुनौती देने की बात कही है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. योगेंद्र यादव बोले- मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन…; PM मोदी का इस्तीफा अभी नहीं चाहते लोग CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन पर योगेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जनता की पहली मांग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है, न कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस्तीफा या सत्ता परिवर्तन. जानिए, उन्होंने रेजीम चेंज क्या कहा? पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. राहुल गांधी पर PM मोदी का तंज, कहा- फेल हो चुके प्रोडक्ट को लॉन्च करने में जुटी कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026 को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने राहुल गांधी का बिना नाम लिए हमला बोला. पीएम मोदी ने कहा, एक साल में श्रीहरिकोटा से उतने रॉकेट लॉन्च नहीं होते, जितनी बार कांग्रेस एक साल में अपने नेता को लॉन्च करने की नाकाम कोशिश करती है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. अमेरिका चाहता है हिंदुस्तान खरीदे वेनेजुएला का तेल, जानिए क्यों आसान नहीं है यह सौदा? वेनेजुएला से हिंदुस्तान द्वारा अधिक तेल खरीदने में क्या चुनौतियां हैं? तेल की गुणवत्ता, परिवहन लागत और हिंदुस्तानीय रिफाइनरियों की क्षमता जैसे प्रमुख कारण जानें. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. नेहा बोरा ने कहा- तिरंगा फहराने के लिए परमिशन जरूरी नहीं, हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी; जानें कब आएगा फैसला दिल्ली हाईकोर्ट में नेहा बोरा ने पुलिस के शांति बॉन्ड नोटिस को चुनौती दी है. इस मामले की सुनवाई के दौरान नेहा ने कहा कि तिरंगा फहराने के लिए परमिशन जरूरी नहीं है. वहीं दिल्ली पुलिस ने याचिका की सुनवाई पर आपत्ति जताई है. जानें कोर्ट ने क्या कहा? पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. न्यू जनरेशन ब्रह्मोस मिसाइल: 1500 किमी तक मारक क्षमता, 2029 तक पहला मॉडल; जानें इसकी खासियत ब्रह्मोस की अगली पीढ़ी की मिसाइल 2029 तक तैयार होने वाली है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर, नोटबंदी की आलोचना से SIR के विरोध तक, जानिए सबकुछ निर्मला सीतारमण केंद्र की मोदी प्रशासन में अहम जिम्मेदारियां संभाल रही हैं, वहीं उनके पति परकला प्रभाकर कई बार प्रशासन की आर्थिक और नेतृत्वक नीतियों पर सवाल उठा चुके हैं. सीतारमण बीजेपी की वरिष्ठ नेता हैं और देश की वित्त मंत्री हैं, जबकि प्रभाकर अपने बयानों और लेखों के जरिए प्रशासन की आलोचना करते रहे हैं. इस स्टोरी में जानिए उनकी पहली मुलाकात से लेकर नेतृत्वक सोच में आए इस फर्क तक की पूरी कहानी. यहां पढ़ें पूरी समाचार. 10. सोनिया गांधी के प्रेम, नफरत, फैसलों और कमियों को सामने ला सकती है-Belonging: A Journey of Love ‘Belonging: A Journey of Love’ यह नाम है उस किताब का जिसे लिखा है कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने. सोनिया गांधी 9 दिसंबर को अपना 80वां जन्मदिन मनाएंगी, उसके पहले उनकी यह किताब 10 नवंबर को बाजार में आ रही है. 22 अक्टूबर की सुबह सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर एंट्री लेकर इस किताब की पहली झलक दिखाई है. आइए जानते हैं इस किताब का क्यों हो रहा है इतनी बेसब्री से इंतजार. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. टीवी पर अब क्या दिखा सकेंगे चैनल और क्या नहीं? प्रशासन की नई एडवाइजरी को आसान भाषा में समझिए टीवी पर बहस के दौरान भड़काऊ बयान, आतंकी ऑपरेशन की लाइव कवरेज या AI से बनी तस्वीरें दिखाना अब चैनलों के लिए संपादकीय और कानूनी जिम्मेदारी का विषय है. जानिए, प्रशासन की नई एडवाइजरी का आम दर्शकों और टीवी पत्रकारिता पर क्या असर पड़ेगा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर किया डेब्यू, अपनी किताब ‘Belonging’ की पहली झलक दिखाई कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर अपना अकाउंट शुरू किया. अपनी पहली पोस्ट में उन्होंने आने वाले संस्मरण ‘Belonging: A Journey of Love’ की पहली झलक शेयर की. यह किताब 10 नवंबर को प्रकाशित होगी. इसमें सोनिया गांधी ने अपने जीवन के निजी अनुभवों, प्रेम, जिम्मेदारी, अपनों को खोने और हिंदुस्तान में अपनी जगह तलाशने के सफर को बयां किया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. हूतियों का दावा- लाल सागर में 14 हिंदुस्तानीयों से भरी नाव पर सऊदी ने किया हमला; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी लाल सागर में 14 हिंदुस्तानीय नागरिकों को ले जा रही नाव पर हूतियों ने हमले का दावा किया है. संगठन ने सऊदी अरब पर आरोप लगाते हुए कहा कि यमन की सेना ने सभी हिंदुस्तानीयों को बचा लिया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. PM मोदी और कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल आने का न्योता, नेतन्याहू ने फोन कर दिया विशेष आमंत्रण इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम नरेंद्र मोदी को स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिंदुस्तानीय पायलट कैप्टन मच्छार के साथ मशाल जलाने का न्योता भी दिया. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के साथ दोनों देशों के मजबूत रणनीतिक संबंधों पर चर्चा की. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 15. सऊदी अरब के

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IND-W vs ZIM-W 1st ODI: फ्री में कब, कहां और कैसे देखें भारत-जिम्बाब्वे का मैच? जानें पूरी डिटेल

Free Mein Kaise Dekhe IND-W vs ZIM-W Ka Match: हिंदुस्तानीय स्त्री क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे स्त्री टीम के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को स्पोर्ट्सा जाएगा. इससे पहले दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज स्पोर्ट्सी गई थी, जिसमें हिंदुस्तानीय टीम ने जिम्बाब्वे का 3-0 से क्लीन स्वीप किया था. अब वनडे सीरीज में भी टीम इंडिया की नजर जीत के साथ शुरुआत करने पर होगी. हिंदुस्तानीय टीम की कप्तानी स्मृति मंधाना, जबकि जिम्बाब्वे की कप्तानी जोसेफिन नकोमो कर रही हैं. आइए जानते हैं कि मैच कितने बजे शुरू होगा और फैंस इस मुकाबले का लुत्फ फ्री में कैसे उठा पाएंगे. कब-कहां स्पोर्ट्सा जाएगा हिंदुस्तान-जिम्बाब्वे स्त्री टीम का पहला वनडे? हिंदुस्तान और जिम्बाब्वे की स्त्री टीमों के बीच पहला वनडे मुकाबला शुक्रवार, 23 अक्टूबर को वडोदरा के बीसीए स्टेडियम, कोटांबी में स्पोर्ट्सा जाएगा. मैच दोपहर 2 बजे शुरू होगा. दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज स्पोर्ट्सी जाएगी. ये भी पढ़ें: ICC T20I Rankings: गेंदबाजों की रैंकिंग में हिंदुस्तानीय स्त्री स्पिनरों का दबदबा, देखें पूरी लिस्ट मोबाइल और ऑनलाइन कैसे देखें लाइव स्ट्रीमिंग? हिंदुस्तान और जिम्बाब्वे स्त्री टीम के बीच पहले वनडे मैच की ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार (JioHotstar) ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध होगी. दर्शक मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप के जरिए मुकाबले का लाइव एक्शन देख सकेंगे. मैच तारीख वेन्यू पहला वनडे शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 बीसीए स्टेडियम, कोटांबी, वडोदरा दूसरा वनडे रविवार, 25 अक्टूबर 2026 बीसीए स्टेडियम, कोटांबी, वडोदरा तीसरा वनडे बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 बीसीए स्टेडियम, कोटांबी, वडोदरा टीवी पर कहां देख सकते हैं लाइव मैच? हिंदुस्तान और जिम्बाब्वे स्त्री टीम के बीच पहले वनडे मैच का लाइव टेलीकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क (Star Sports Network) के टीवी चैनलों पर किया जाएगा. दर्शक अपने टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स के जरिए मैच देख सकते हैं. फ्री में कैसे देखें हिंदुस्तान-जिम्बाब्वे स्त्री टीम का मैच? अगर आपके पास जियोहॉटस्टार का सब्सक्रिप्शन नहीं है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है. आप टीवी पर डीडी स्पोर्ट्स (DD Sports) के जरिए हिंदुस्तान और जिम्बाब्वे स्त्री टीम के मुकाबले का मुफ्त लाइव प्रसारण देख सकते हैं. ये भी पढ़ें: आईसीसी अंडर-19 स्त्री टी20 वर्ल्ड कप 2027 का शेड्यूल जारी, हिंदुस्तान का पहला मुकाबला वेस्टइंडीज से IND-W vs ZIM-W 1st ODI: मैच से जुड़ी अहम जानकारी विवरण जानकारी मैच हिंदुस्तान स्त्री बनाम जिम्बाब्वे स्त्री, पहला वनडे तारीख शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 समय दोपहर 2:00 बजे (हिंदुस्तानीय समयानुसार) वेन्यू बीसीए स्टेडियम, कोटांबी, वडोदरा लाइव टेलीकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट फ्री लाइव प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स हिंदुस्तान स्त्री टीम का स्क्वॉड स्मृति मंधाना (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), प्रतीका रावल, शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, हरलीन देओल, दीप्ति शर्मा, सयाली सतघरे, क्रांति गौड़, श्री चरणी, यास्तिका भाटिया, वैष्णवी शर्मा, नंदनी शर्मा, तेजल हसबनिस और जिंतिमणि कलिता. जिम्बाब्वे स्त्री टीम का स्क्वॉड मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), जोसेफिन नकोमो (कप्तान), केलिस न्दलोवु, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बीजा, शार्ने मेयर्स, न्याशा ग्वांजुरा, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, फ्रांसिस्का चिपारे, ओलिंडर चारे, कुडजई चिगोरा, तेंदाई मकुशा, लॉरीन फिरी और चिएद्जा धुरुरु. ये भी पढ़ें: IND vs NZ: जैकब्स का कैच पकड़ जश्न मनाने लगे नीतीश रेड्डी, फिर याद आई फ्री-हिट तो छूट गई हंसी; देखें Video The post IND-W vs ZIM-W 1st ODI: फ्री में कब, कहां और कैसे देखें हिंदुस्तान-जिम्बाब्वे का मैच? जानें पूरी डिटेल appeared first on Naya Vichar.

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खतरे में नौकरी: 12 साल में 1.5 लाख कम हो गए बैंक क्लर्क, क्या डिजिटल बैंकिंग निगल रही है नौकरियां?

खतरे में नौकरी: प्रशासनी बैंक में क्लर्क की वैकेंसी के लिए लाखों कैंडिडेट्स आवेदन फॉर्म भरते हैं, लेकिन इस नौकरी तक पहुंचना आसान नहीं है. पिछले साल IBPS Clerk की 15,701 पदों के लिए 12 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स ने फॉर्म भरा था. IBPS और SBI में क्लर्क बनने के लिए वर्षों तैयारी करते हैं. लेकिन पिछले 12 साल में क्लैरिकल कैटेगरी में स्टाफ की संख्या 3,98,801 से घटकर 2,46,525 हो गई. ऐसे में प्रशासनी बैंकों में क्लर्कों की घटती संख्या बैंकिंग जॉब की तैयारी कर रहे युवाओं को प्लान बी के बारे में सोचने पर मजबूर करती है. 10 फरवरी 2025 को लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पब्लिक सेक्टर बैंकों में कर्मचारियों की संख्या को लेकर जानकारी साझा की थी. उनसे पूछा गया था कि पिछले 13 वर्षों के दौरान प्रशासनी बैंकों (PSBs) में कर्मचारियों की संख्या में आई कमी के क्या कारण हैं?” वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि प्रशासनी बैंकों में साल 2017 में 2,69,271 क्लर्क थे जो साल 2024 में 2,48,539 हो गए. प्रशासनी बैंकों में कर्मचारियों की जरूरत का आकलन कारोबार, शाखाओं के विस्तार, रिटायरमेंट और अन्य कारणों को ध्यान में रखकर किया जाता है. मोबाइल बैंकिंग और ऑनलाइन लेनदेन बढ़ने से कुछ सवाल सामने आते हैं जैसे प्रशासनी बैंकों में एंट्री लेवल के स्टाफ में इतनी कमी क्यों आ रही है? क्या आने वाले समय में बैंक में क्लर्क की नौकरी पाना पहले से ज्यादा मुश्किल होने वाला है? ये भी पढ़ें: खतरे में नौकरी: 65% कंपनियों में हायरिंग डाउन, AI के चलते फ्रेशर्स के करियर पर काला साया नोट: इस सेगमेंट का उद्देश्य किसी कंपनी, संस्था या ब्रांड की साख को नुकसान पहुंचाना नहीं है. ‘खतरे में नौकरी’ के तहत हम मौजूदा दौर में बदलते जॉब मार्केट और AI के बढ़ते प्रभाव को एक उदाहरण के जरिए समझेंगे. साथ ही, उन स्किल्स पर भी बात करेंगे, जिनकी डिमांड AI के दौर में बनी रहने की उम्मीद है. इस सीरीज में हर शुक्रवार हम नौकरी और करियर से जुड़े ऐसे ही जरूरी और काम के विषय आपके लिए लेकर आएंगे. The post खतरे में नौकरी: 12 साल में 1.5 लाख कम हो गए बैंक क्लर्क, क्या डिजिटल बैंकिंग निगल रही है नौकरियां? appeared first on Naya Vichar.

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eMudhra की सुरक्षा में कहां हुई चूक, क्या सरकार के पास भी सुरक्षित नहीं है आपका डेटा?

SBI से eMudhra तक, सवाल सिर्फ डेटा लीक का नहीं, उस सिस्टम पर भरोसे का है जिसे प्रशासन हम पर थोपी तो नहीं पर लगातार बढ़ावा ज़रूर दे रही है. प्रशासन चाहती है कि हम हर काम डिजिटल तरीके से करें. बैंकिंग ऑनलाइन हो, डॉक्यूमेंट ऑनलाइन हों, पहचान डिजिटल हो और प्रशासनी सेवाओं के लिए भी हमें ऑनलाइन सिस्टम से होकर गुजरना पड़े. Digital India को देश के विकास और आधुनिक हिंदुस्तान की पहचान के तौर पर पेश किया जाता है. लेकिन एक सवाल है जिस पर उतनी चर्चा नहीं होती जब प्रशासन हमें अपना डेटा डिजिटल सिस्टम में रखने के लिए कह रही है, तो क्या उस डेटा और सिस्टम की सुरक्षा भी उतनी ही मज़बूत है? हाल ही में SBI के ग्राहकों की जानकारी कथित तौर पर डार्क वेब पर लिक होने की समाचार आई थी. अब eMudhra के मामले ने डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है. SBI और eMudhra के मामले अलग हैं, लेकिन दोनों हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि डिजिटल सिस्टम पर भरोसा करने वाले आम लोगों की डेटा की सुरक्षा कैसे होगी जब प्रशासन अपने ही डेटा को नहीं संभाल पा रही है. पहले समझिए, eMudhra करती क्या है? eMudhra कोई साधारण टेक कंपनी नहीं है. यह डिजिटल सिग्नेचर, इलेक्ट्रॉनिक साइन और डिजिटल सर्टिफिकेट जैसी सेवाएँ देती है. आसान भाषा में समझें तो जब आपको किसी प्रशासनी या कारोबारी दस्तावेज़ पर डिजिटल सिग्नेचर करना होता है, तो डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट आपकी पहचान साबित करने में मदद करता है. इसी तरह, जब आप किसी वेबसाइट को खोलते हैं, तो आपका ब्राउज़र उसके डिजिटल सर्टिफिकेट की मदद से यह जाचता है कि वह सही वेबसाइट से जुड़ रहा है या नहीं. यानी डिजिटल दुनिया में किस पर भरोसा करना है, तो यह तय करने में ऐसे सर्टिफिकेट की अहम भूमिका होती है. eMudhra के कारोबार का एक हिस्सा वेबसाइटों और सॉफ्टवेयर के लिए ऐसे सर्टिफिकेट जारी करने से जुड़ा है, जिन पर दुनिया भर के ब्राउज़र और ऑपरेटिंग सिस्टम भरोसा करते हैं. अब सोचिए, अगर इसी सिस्टम में कोई बड़ी खामी आ जाए, तो मामला कितना गंभीर हो सकता है. इससे क्या खतरा पैदा हो सकता था? अगर किसी साइबर हैकर के पास ऐसी private key आ जाए, तो वह उसके आधार पर फर्जी डिजिटल सर्टिफिकेट बनाने की कोशिश कर सकता है. इसका मतलब यह हो सकता है कि कोई नकली वेबसाइट असली वेबसाइट जैसी दिखे और कुछ परिस्थितियों में ब्राउज़र भी उसे असली समझ ले. ऐसे में हैकर के पास यह भी कण्ट्रोल होगा की वह नेटवर्क ट्रैफिक को भी बीच में रोक दे. जिससे यूजर को नुकसान होगा. सॉफ्टवेयर के सर्टिफिकेटों से जुड़ी चाबियों (Keys) का गलत इस्तेमाल करके नकली सॉफ्टवेयर को भरोसेमंद दिखाने का खतरा भी हो सकता है. यानी यह सिर्फ किसी कंपनी के कंप्यूटर में आई खराबी नहीं थी. यह उस व्यवस्था से जुड़ी खामी थी, जिस पर इंटरनेट पर वेबसाइटों और सॉफ्टवेयर की पहचान के लिए भरोसा किया जाता है. हालांकि, अभी तक उपलब्ध जानकारी से बड़े पैमाने पर किसी नुकसान की पुष्टि नहीं होती. लेकिन सवाल फिर भी बना रहता है, जब इतनी बुनियादी सुरक्षा खामी मौजूद थी, तो इसका पता पहले क्यों नहीं चला? दो साल तक ऑडिट, फिर भी इतनी बड़ी चूक कैसे? इस मामले में सबसे ज़रूरी सवाल सुरक्षा जाँच को लेकर है. रिपोर्टों के मुताबिक, eMudhra के संबंधित अंतरराष्ट्रीय कारोबार का स्वतंत्र ऑडिट हुआ था. इसके बावजूद private keys बनाने की प्रक्रिया में गंभीर कमजोरी सामने आई. कंपनी ने अपनी शुरुआती सफाई में कहा कि एक प्रक्रिया में हुई गलती से सही keys के साथ कमजोर keys का दूसरा सेट बन गया. दोनों के नाम मिलते-जुलते थे, जिसके कारण गलत keys इस्तेमाल हो गईं. लेकिन यहाँ सवाल सिर्फ कंपनी की सफाई का नहीं है. अगर किसी सिस्टम की सुरक्षा की जाच हो रही है, तो क्या उसमें यह भी देखा जाता है कि keys सही तरीके से बनाई जा रही हैं या नहीं? क्या जांच करने वालों ने इस प्रक्रिया को ठीक से परखा था? और अगर जांच हुई थी, तो इतनी बड़ी गलती पकड़ में क्यों नहीं आई? इन सवालों के जवाब सामने आना जरूरी है. क्योंकि ऑडिट सिर्फ कागज पर टिक लगाने का नाम नहीं होना चाहिए. उसका मकसद ही यह है कि ऐसी गलतिया समय रहते पकड़ी जाए, इससे पहले कि वे बड़े खतरे में बदले. रिपोर्ट्स ने भी उठाए सुरक्षा जांच पर सवाल eMudhra की सुरक्षा में सामने आई खामी के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी गलती सुरक्षा जांच के दौरान पकड़ में क्यों नहीं आई. Internet Freedom Foundation (IFF) ने 22 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था, जांच और प्रशासनी निगरानी पर सवाल उठाए. संगठन ने eMudhra, CERT-In और MeitY से मामले की विस्तृत जांच कराने और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की. वहीं, Google ने 20 अक्टूबर को जारी अपनी रिपोर्ट में बताया कि eMudhra के आठ डिजिटल सर्टिफिकेटों से जुड़ी गुप्त चाबियां (Private Keys) बनाते समय सुरक्षा से जुड़ी गंभीर गलती हुई थी. ये Keys इतनी मजबूत और सुरक्षित नहीं थी. कोई भी आसानी से पता लगा सकता था. अगर किसी के हाथ ऐसी Key लग जाए, तो वह उसका गलत इस्तेमाल करके फर्जी डिजिटल सर्टिफिकेट बनाने की कोशिश कर सकता है. इससे कुछ परिस्थितियों में नकली वेबसाइट को असली दिखाने या इंटरनेट पर भेजी जा रही जानकारी पर खतरा हो सकता है. प्रशासन की जिम्मेदारी कहां से शुरू होती है? अब सबसे अहम सवाल प्रशासन से है. eMudhra की हिंदुस्तानीय डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाओं की निगरानी MeitY के तहत आने वाला Controller of Certifying Authorities करता है. लेकिन जिस घटना की चर्चा हो रही है, वह कंपनी के अंतरराष्ट्रीय वेबसाइट सर्टिफिकेट कारोबार से जुड़ी है. CERT-In ने साफ किया है कि हिंदुस्तान की घरेलू डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं इस घटना से प्रभावित नहीं बताई गई हैं. इस अंतर को समझना जरूरी है. इसका मतलब यह नहीं कि हिंदुस्तान की हर डिजिटल सेवा खतरे में थी. लेकिन प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल फिर भी उठता है. जब देश में डिजिटल सेवाओ का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है,

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Creta की बादशाहत को चुनौती दे रही Maruti की ये SUV, 1 साल में बिक गईं 1.47 लाख गाड़ियां, आखिर क्या है खूबियां?

Maruti Suzuki Victoris ने अपनी पहली सालगिरह पर बिक्री के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है. सितंबर 2025 में लॉन्च हुई इस SUV की अब तक 1,47,602 यूनिट्स बिक चुकी हैं. यानी हर महीने औसतन करीब 12,300 लोगों ने इसे खरीदा है. मिड-साइज SUV सेगमेंट में यह इसे सबसे सफल नई गाड़ियों में शामिल करता है. सितंबर 2026 में भी Victoris की 13,111 यूनिट्स बिकीं. इस दौरान यह Hyundai Creta की 17,657 यूनिट्स की बिक्री के बाद दूसरे नंबर पर रही. वहीं, Kia Seltos की 12,593 यूनिट्स बिकीं. लॉन्च के बाद से कैसी रही Victoris की बिक्री? बिक्री के आंकड़ों पर नजर डालें, तो Victoris ने सितंबर 2025 में 4,261 यूनिट्स के साथ शुरुआत की थी. इसके बाद अक्टूबर में बिक्री बढ़कर 13,496 यूनिट्स पर पहुंच गई. जनवरी 2026 में इसने 15,240 यूनिट्स की बिक्री के साथ अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन किया. खास बात यह है कि लॉन्च के करीब आठ महीने के भीतर ही इसकी कुल बिक्री एक लाख यूनिट्स के पार पहुंच गई. अब एक साल बाद भी इसकी मांग बनी हुई है. अगस्त 2026 में इसकी 12,978 यूनिट्स बिकी थीं, जबकि सितंबर में यह आंकड़ा बढ़कर 13,111 यूनिट्स हो गया. Maruti Suzuki Victoris की कीमत और खासियतें इसकी कीमत 10.50 लाख रुपये से शुरू होकर टॉप स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड वेरिएंट के लिए 19.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. इसके पेट्रोल वेरिएंट में 1.5-लीटर का इंजन मिलता है, जो 103 Bhp की पावर जनरेट करता है. वहीं, CNG वेरिएंट में यह पावर 88 Bhp है. अगर आप ज्यादा माइलेज चाहते हैं, तो इसका स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड वेरिएंट भी एक ऑप्शन है. यह 116 Bhp की पावर देता है और कंपनी के मुताबिक, 28.65 kmpl तक का माइलेज दे सकता है. खास बात यह है कि इसके चुनिंदा पेट्रोल ऑटोमैटिक वेरिएंट में ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) का ऑप्शन भी मिलता है. CNG SUV खरीदने वालों की एक बड़ी परेशानी बूट स्पेस की होती है, लेकिन Maruti ने Victoris में इसका भी ध्यान रखा है. इसमें CNG सिलेंडर को बूट में रखने के बजाय लगेज एरिया के नीचे लगाया गया है. इसके अलावा, यह Maruti की पहली ऐसी कारों में शामिल है, जिसमें लेवल-2 ड्राइवर असिस्टेंस फीचर्स दिए गए हैं. सेफ्टी के मामले में भी इसने अच्छा प्रदर्शन किया है और इसे Bharat NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग मिली है. क्या Creta को पीछे छोड़ पाएगी Victoris? इसी साल जुलाई से सितंबर 2026 के बीच Hyundai Creta की 52,033 यूनिट्स की बिक्री हुई. वहीं, Maruti Victoris 37,423 यूनिट्स के साथ दूसरे और Kia Seltos 36,850 यूनिट्स के साथ तीसरे नंबर पर रही. सितंबर की Creta की बिक्री में इसका इलेक्ट्रिक वर्जन भी शामिल है. यानी यहां सिर्फ पेट्रोल या डीजल मॉडल नहीं, बल्कि तीनों SUV की पूरी मॉडल रेंज की तुलना की गई है. हालांकि, बिक्री के मामले में Victoris अभी भी Creta से पीछे है. इसकी एक वजह यह भी है कि Creta में डीजल और टर्बो-पेट्रोल इंजन के ऑप्शन मिलते हैं, जो Victoris में नहीं हैं. लेकिन पूरे तीन महीने में Seltos को पीछे छोड़ना और लॉन्च के पहले ही साल में करीब 1.5 लाख यूनिट्स बेचना Victoris के लिए बड़ी कामयाबी है. खास बात यह है कि Maruti की Grand Vitara भी बाजार में अच्छा प्रदर्शन कर रही है. यानी अब कंपनी के पास मिड-साइज SUV सेगमेंट में Creta को टक्कर देने के लिए एक नहीं, बल्कि दो मजबूत दावेदार हैं. ये भी पढ़ें: Creta को पीछे छोड़ देगी Hyundai की नई SUV, मिलेंगे ये 4 कमाल के फीचर्स, 26 अक्टूबर को होगी लॉन्च The post Creta की बादशाहत को चुनौती दे रही Maruti की ये SUV, 1 साल में बिक गईं 1.47 लाख गाड़ियां, आखिर क्या है खूबियां? appeared first on Naya Vichar.

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