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October 27, 2026

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Harley-Davidson Sprint 440 की तस्वीरें आईं सामने, 440cc इंजन और 6-स्पीड गियरबॉक्स के साथ होगी लॉन्च

Harley-Davidson बहुत जल्द हिंदुस्तानीय बाजार में अपनी नई क्रूजर बाइक Sprint 440 लॉन्च करने जा रही है. लॉन्चिंग से पहले ही इस दमदार बाइक की बिना कवर वाली तस्वीरें सामने आ गई हैं, जिसमें इसका शानदार क्रूजर लुक, नया फ्यूल टैंक और सीट साफ नजर आ रहे हैं. यह बाइक कंपनी की मौजूदा X440 से काफी अलग है और इसे पूरी तरह एक ‘ट्रेडिशनल क्रूजर’ का रूप दिया गया है. खास बात यह है कि इस बाइक को हिंदुस्तान में ही Hero MotoCorp बनाएगी. कैसा है नई Sprint 440 का लुक और डिजाइन? दमदार क्रूजर लुक: नई बाइक में X440 के मुकाबले ज्यादा क्लासिक क्रूजर लुक देखने को मिलता है. इसमें एक नया फ्यूल टैंक, एक ही हिस्से में बनी सीट और पीछे की तरफ मुड़ा हुआ हैंडलबार दिया गया है. रंग और ग्राफिक्स: बाइक के ज्यादातर हिस्सों पर ब्लैक फिनिश है, जबकि इंजन पर हल्की मेटल फिनिश दी गई है. फ्यूल टैंक पर नारंगी बॉर्डर वाले ग्राफिक्स के साथ Harley-Davidson की ब्रांडिंग है और साइड पैनल पर ‘Sprint’ लिखा है. तस्वीरों में यह बाइक ब्लू, ग्रे और रेड कलर में नजर आई है. सिंपल फ्रंट लुक: आगे की तरफ गोल हेडलैंप, अलग टर्न इंडिकेटर और एक छोटा मडगार्ड दिया गया है. इसमें बड़ी विंडस्क्रीन नहीं है, जिससे इसका सामने का लुक काफी सिंपल और आकर्षक लगता है. ये भी पढ़ें: 142km vs 123km रेंज, इस धनतेरस Ampere खरीदें या Ather? जानें यूपी, बिहार और झारखंड में दोनों के इलेक्ट्रिक स्कूटर की ऑन-रोड कीमत सफर को आरामदायक बनाएगी खास सीट राइडिंग पोजीशन: इस बाइक में आगे की तरफ झुकी सीट के बजाय, बीच में नीचे की तरफ धंसी हुई राइडर सीट दी गई है. वहीं, पीछे बैठने वाले के लिए सीट का हिस्सा थोड़ा उठा हुआ है. फुटपेग्स और हैंडल: हैंडलबार पीछे की तरफ मुड़ा हुआ है और फुटपेग्स (पैर रखने की जगह) इंजन के थोड़े आगे की तरफ दिए गए हैं. इससे रोजाना इस्तेमाल में आसानी होगी और राइडिंग पोजीशन काफी आरामदायक रहेगी. कंसोल और चाबी: हैंडलबार के ऊपर X440 जैसा ही गोल इंस्ट्रूमेंट कंसोल है. इसके अलावा बाइक में पारंपरिक चाबी से स्टार्ट होने वाला सिस्टम भी देखा गया है. सस्पेंशन और ब्रेकिंग हार्डवेयर: बाइक में आगे की तरफ अपसाइड-डाउन (USD) फ्रंट फोर्क और पीछे दो शॉक एब्जॉर्बर (सस्पेंशन) लगे हैं. इसके अलॉय व्हील्स पर शानदार मेटल फिनिश दी गई है. ब्रेक: आगे और पीछे, दोनों पहियों में डिस्क ब्रेक दिए गए हैं. फ्रंट व्हील में ABS सेंसर रिंग भी नजर आई है. साइलेंसर: दाईं ओर नीचे की तरफ एग्जॉस्ट है, जिस पर तीन काली पट्टियों वाली मेटल हीट शील्ड लगी है. पीछे की तरफ एक चौड़ा टायर, छोटा टेललैंप और टर्न इंडिकेटर भी मौजूद हैं. कैसा होगा इंजन? नई Sprint 440 में Harley-Davidson X440 वाला ही दमदार 440cc का सिंगल-सिलेंडर, एयर-ऑयल-कूल्ड इंजन मिलने की पूरी उम्मीद है. मौजूदा X440 में यह इंजन 27 bhp की पावर और 38 Nm का टॉर्क पैदा करता है, जिसके साथ 6-स्पीड गियरबॉक्स जुड़ा है. हालांकि, नई बाइक की ट्यूनिंग या गियरिंग में कोई बदलाव होगा या नहीं, इसकी पक्की जानकारी लॉन्च के समय ही मिलेगी. हिंदुस्तान में बनेगी, जल्द होगी लॉन्च इस नई क्रूजर बाइक का निर्माण दोनों कंपनियों की साझेदारी के तहत हिंदुस्तान में Hero MotoCorp द्वारा किया जाएगा. जो ग्राहक Harley-Davidson की पारंपरिक डिजाइन वाली क्रूजर बाइक का सपना देख रहे हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. फिलहाल इसकी कीमत और लॉन्च की आधिकारिक तारीख का खुलासा होना बाकी है. ये भी पढ़ें: Trip 500 बाइक लॉन्च करेगी Moto Guzzi, 28 अक्टूबर को उठेगा राज, Aprilia के दमदार इंजन से लैस होगी ये नई रेट्रो बाइक The post Harley-Davidson Sprint 440 की तस्वीरें आईं सामने, 440cc इंजन और 6-स्पीड गियरबॉक्स के साथ होगी लॉन्च appeared first on Naya Vichar.

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Kumar Sangakkara: वकील बनना चाहते थे, क्रिकेटर बनकर सचिन-लारा के रिकॉर्ड को दी टक्कर; बचपन के प्यार को बनाया हमसफर

Kumar Sangakkara Birthday: श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा आज यानी 27 अक्टूबर 2026 को अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं. क्रिकेट की दुनिया में अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से अलग पहचान बनाने वाले संगकारा का सपना कभी क्रिकेटर बनने का नहीं, बल्कि वकील बनने का था. उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद लॉ की पढ़ाई के लिए प्रतिष्ठित ‘यूनिवर्सिटी ऑफ कोलंबो’ की लॉ फैकल्टी में एडमिशन भी ले लिया था. उसी दौरान उनका क्रिकेट करियर भी परवान चढ़ रहा था. क्रिकेट के लगातार दौरों और प्रैक्टिस के कारण उन्हें अपनी लॉ की पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ी. मैदान पर उन्होंने सचिन तेंदुलकर और सर डॉन ब्रैडमैन जैसे दिग्गजों के रिकॉर्ड को चुनौती दी. वहीं संगकारा की निजी जिंदगी भी किसी खूबसूरत कहानी से कम नहीं है. स्कूल के दिनों में जिस लड़की पर उनका दिल आया, उसे ही उन्होंने आगे चलकर अपना जीवनसाथी बनाया. वकील बनने का था सपना, क्रिकेट ने बदल दी जिंदगी कुमार संगकारा ने महज सात साल की उम्र में क्रिकेट स्पोर्ट्सना शुरू कर दिया था. शुरुआत में यह उनके लिए केवल एक शौक था. उनका इरादा पेशेवर क्रिकेटर बनने का नहीं, बल्कि कानून की पढ़ाई करके वकील बनने का था. हालांकि, क्रिकेट के प्रति उनका लगाव बढ़ता गया और स्पोर्ट्स में मिलने वाली सफलता ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी. कुमार संगकारा संगकारा ने श्रीलंका के कैंडी स्थित ट्रिनिटी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाई. अंडर-13 टीम से शुरुआत करने के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया. इसके बाद महज 22 साल की उम्र में उन्हें श्रीलंका की राष्ट्रीय टीम में जगह मिल गई. उन्होंने 5 जुलाई 2000 को पाकिस्तान के खिलाफ वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया. इसके बाद 20 जुलाई 2000 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच स्पोर्ट्सा. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपनी शानदार कवर ड्राइव से दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया. ये भी पढ़ें: Hardik Pandya Birthday: हार्दिक के 33वें जन्मदिन पर गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा ने लुटाया प्यार, शेयर किया दिल छू लेने वाला नोट सचिन तेंदुलकर और ब्रैडमैन जैसे दिग्गजों के रिकॉर्ड को दी चुनौती संगकारा का अंतरराष्ट्रीय करियर करीब 15 साल तक चला. इस दौरान उन्होंने तीनों प्रारूपों में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया. उन्होंने 134 टेस्ट मैचों में 12,400 रन बनाए, जिसमें 38 शतक और 52 अर्धशतक शामिल रहे. टेस्ट में उनका सर्वोच्च स्कोर 319 रन था. वनडे क्रिकेट में भी संगकारा का प्रदर्शन शानदार रहा. उन्होंने 404 मैचों में 14,234 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 25 शतक और 93 अर्धशतक निकले. वहीं, 56 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने 1,382 रन बनाए. ये भी पढ़ें: Lala Amarnath Birthday: स्वतंत्र हिंदुस्तान के पहले टेस्ट कप्तान थे अमरनाथ, पहला शतक जड़ते ही स्त्रीओं ने फेंक दिए थे मंगलसूत्र संगकारा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 28,016 रन बनाए. इस उपलब्धि के साथ वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे स्थान पर रहे. सचिन के नाम 34,357 अंतरराष्ट्रीय रन दर्ज हैं. टेस्ट क्रिकेट में दोहरे शतकों के मामले में भी संगकारा का रिकॉर्ड बेहद खास है. उन्होंने 11 दोहरे शतक लगाए. उनसे आगे केवल ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन हैं, जिन्होंने 12 दोहरे शतक बनाए थे. महेला जयवर्धने के साथ बनाई 624 रन की ऐतिहासिक साझेदारी कुमार संगकारा के करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में महेला जयवर्धने के साथ बनाई गई 624 रन की साझेदारी भी शामिल है. साल 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए यह ऐतिहासिक साझेदारी की थी. संगकारा ने इस मुकाबले में 287 रन बनाए थे, जबकि जयवर्धने ने 374 रनों की विशाल पारी स्पोर्ट्सी थी. साल 2015 के वनडे विश्व कप में संगकारा ने लगातार चार शतक लगाकर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की. वह विश्व कप के इतिहास में लगातार 4 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने. ये भी पढ़ें: Gautam Gambhir Birthday: गंभीर के 44वें जन्मदिन पर खास नजर, वर्ल्ड कप हीरो से टीम इंडिया के कोच तक का सफर बचपन की क्रश से शादी तक, येहाली के साथ खूबसूरत प्रेम कहानी कुमार संगकारा की जिंदगी में क्रिकेट के अलावा प्यार की कहानी भी खास रही है. उनकी मुलाकात येहाली से स्कूल के दिनों में कैंडी में हुई थी. दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. बताया जाता है कि संगकारा अपनी भावनाएं जाहिर करने के लिए येहाली को कविताएं लिखकर देते थे. स्कूल के दिनों में शुरू हुआ यह रिश्ता समय के साथ और मजबूत होता गया. पढ़ाई, दूरी और व्यस्त दिनचर्या के बावजूद दोनों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा. येहाली के कोलंबो चले जाने के बाद भी संगकारा उनसे मिलने के लिए लंबा सफर तय करते थे. उस दौर में दोनों के बीच फोन पर बातचीत और प्रेम पत्रों के जरिए संपर्क बना रहता था. कई साल तक एक-दूसरे को जानने और समझने के बाद दोनों ने 2003 में शादी कर ली. आईसीसी हॉल ऑफ फेम में भी मिला स्थान कुमार संगकारा की उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें 2021 में आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया. वह एक शानदार बल्लेबाज होने के साथ बेहतरीन विकेटकीपर और कप्तान भी रहे. उनकी कप्तानी में श्रीलंका ने 2011 वनडे विश्व कप के फाइनल तक का सफर तय किया था, जहां टीम को हिंदुस्तान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. ये भी पढ़ें: 6 मेडन, 5 विकेट… कभी हिंदुस्तान को डराता था यह तेज गेंदबाज, आज टीम इंडिया का बॉलिंग कोच The post Kumar Sangakkara: वकील बनना चाहते थे, क्रिकेटर बनकर सचिन-लारा के रिकॉर्ड को दी टक्कर; बचपन के प्यार को बनाया हमसफर appeared first on Naya Vichar.

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27 अक्टूबर सुबह की टॉप 20 खबरें: Cyclone Arnab को लेकर 13 राज्यों में अलर्ट, भारत में E100 फ्यूल को मंजूरी; 73 लाख मतदाता तय करेंगे इजराइल का भविष्य

1. हिंदुस्तान में E100 फ्यूल को मिली मंजूरी, अब 100% इथेनॉल से चलेंगी फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां सड़क परिवहन मंत्रालय ने फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों में E100 इथेनॉल के इस्तेमाल को मंजूरी दी है. जानें नए नियम और 100% इथेनॉल पर चलने वाली गाड़ियों का फ्यूचर, पेट्रोल पर निर्भरता घटाने और प्रदूषण कम करने की दिशा में क्या होगा बड़ा बदलाव. यहां पढ़ें पूरी समाचार 2. अरुणाचल सीमा पर तनाव के बीच चीन बोला- हमारी पेट्रोलिंग नियमित, उम्मीद है हिंदुस्तान भी करेगा पालन अरुणाचल बॉर्डर पर तनाव की समाचारों के बीच चीन ने सीमा पर अपनी पेट्रोलिंग को नियमित बताया है. उसने हिंदुस्तान से आपसी सहमतियों का पालन करने की उम्मीद जताई है. जानिए क्या है पूरा मामला? यहां पढ़ें पूरी समाचार 3. नीलम देवी को 25 नवंबर तक खाली करना होगा प्रशासनी बंगला, पहले खत्म हुआ था राज्यमंत्री का दर्जा Anant Singh: अनंत सिंह के परिवार की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. राज्य मंत्री का दर्जा और 20 सूत्री समिति की सदस्यता गंवाने के बाद अब उनकी पत्नी व पूर्व विधायक नीलम देवी को पटना स्थित प्रशासनी आवास भी 25 नवंबर तक खाली करने का सख्त आदेश जारी कर दिया गया है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 4. कोचिंग हब कोटा में एक ही दिन दो छात्रों की मौत से हड़कंप, इस साल बुझ गए 14 घरों के चिराग कोटा में एक ही दिन दो छात्रों की मौत की समाचार ने कोचिंग हब में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. JEE और NEET की तैयारी कर रहे युवाओं की स्थिति चिंताजनक है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 5. कोलकाता : गर्लफ्रेंड को किस करने पर मिली खौफनाक सजा, पिता और दोस्त के साथ युवक को नंगा कर सड़क पर घुमाया साउथ वेस्ट कोलकाता के सरसुना इलाके में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां 13 साल की नाबालिग लड़की को किस करते पकड़े जाने के बाद 18 साल के युवक, उसके पिता और दोस्त के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई. यहां पढ़ें पूरी समाचार 6. अरुणाचल बॉर्डर पर चीन के कब्जे का दावा करने वाला वीडियो फर्जी, हिंदुस्तानीय सेना ने बताई सच्चाई सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश के सीमा इलाकों पर चीन के कब्जे का दावा करते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा था. हिंदुस्तानीय सेना ने फैक्ट चेक कर इसे फर्जी करार दिया है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 7. राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में रुक जाएगा आंदोलन कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ रैली पर दिल्ली के व्यापारियों ने चिंता जताई है. राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को हटाने की शर्त रखी. यहां पढ़ें पूरी समाचार 8. फारूक अब्दुल्ला के बयान पर जम्मू-कश्मीर में बवाल, BJP सांसद बोले- माफी मांगें या पाकिस्तान चले जाएं फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान पर दिए बयान से जम्मू-कश्मीर में सियासी बवाल मच गया है.बीजेपी सांसद सत शर्मा ने माफी मांगने की मांग की, तो कई संगठनों ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. यहां पढ़ें पूरी समाचार 9. Cyclone Arnab: ओडिशा में 302 टीमें तैनात, 5 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद; जानें प्रशासन की पूरी तैयारी चक्रवात अर्नब के खतरे को देखते हुए ओडिशा हाई अलर्ट पर है. प्रशासन ने 302 बचाव टीमें तैनात की हैं और 5 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. जानें प्रशासन चक्रवात से बचाव के लिए कितनी तैयार है? यहां पढ़ें पूरी समाचार 10. तमिलनाडु के पूर्व शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी गिरफ्तार,100 करोड़ के घोटाले का आरोप तमिलनाडु के पूर्व शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी करोड़ों के घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं. जानिए क्या है पूरा मामला. यहां पढ़ें पूरी समाचार 11. क्या फिर सत्ता में लौटेंगे नेतन्याहू? 73 लाख मतदाता तय करेंगे इजराइल का भविष्य, 12018 बूथ तैयार इजराइल में 27 अक्टूबर को संसद के चुनाव होने जा रहे हैं, जिस पर पूरी दुनिया की नजर है. इस चुनाव से तय होगा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सत्ता में रहेंगे या बाहर होंगे. प्रशासन बनाने के लिए 61 सीटों का आंकड़ा जरूरी है, लेकिन सर्वे में किसी भी दल को साफ बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. देश के 73 लाख से ज्यादा वोटर 12 हजार से अधिक बूथों पर मतदान करेंगे. यहां पढ़ें पूरी समाचार 12. Cyclone Arnab: बिहार, झारखंड और यूपी समेत 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 28 को आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा तूफान चक्रवात अर्नब 28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकराएगा. IMD के अनुसार, 13 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. जानें कहां और कब होगी बारिश. यहां पढ़ें पूरी समाचार 13. रांची के मांडर में सज गया मेला का मैदान, 27 अक्टूबर से शुरू होगा मुड़मा जतरा रांची के मांडर में ऐतिहासिक मुड़मा जतरा 27 अक्तूबर से शुरू होगा. 40 पड़हा के धार्मिक अगुवाओं की पूजा के बाद मेला लगेगा. सुरक्षा के लिए ड्रोन, सीसीटीवी, 21 गश्ती दल तैनात रहेंगे. NH-75 पर रूट डायवर्ट रहेगा. यहां पढ़ें पूरी समाचार 14. 11वीं से 13वीं JPSC मुख्य परीक्षा परिणाम मामले में HC से अपीलकर्ताओं की IA याचिका खारिज झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा विवाद में प्रार्थियों को राहत देने से इनकार कर दिया. चीफ जस्टिस एमएस सोनक की खंडपीठ ने हस्तक्षेप याचिका खारिज कर दी. यहां पढ़ें पूरी समाचार 15. हिंदुस्तान में Hyundai BAYON लॉन्च, 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन और 18.6 kmpl माइलेज का दावा, ये है कीमत हुंडई ने अपनी नई एसयूवी Hyundai BAYON को हिंदुस्तान में लॉन्च कर दिया है. 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन, ADAS Level-2 Pro, 505 लीटर बूट स्पेस और 205mm ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ आने वाली यह दमदार कार चेन्नई प्लांट में बनकर 50 से अधिक देशों में एक्सपोर्ट की जाएगी. यहां पढ़ें पूरी समाचार 16. क्या है रूस की नई फिलिन क्रूज मिसाइल, जिसने बढ़ाई यूक्रेन की चिंता? जानें इसकी रफ्तार, रेंज और खासियत रूस की नई फिलिन मिसाइल यूक्रेन के लिए बड़ी चुनौती है. जानें इसकी खास बातें, रफ्तार, रेंज और यूक्रेन की हवाई सुरक्षा के लिए खतरा क्यों. यहां पढ़ें पूरी समाचार 17. चीन के महाडैम पर कुदरत का कहर, ब्रह्मपुत्र में 29% तक बढ़ सकता है पानी, हिंदुस्तान-बांग्लादेश में बाढ़ का खतरा चीन के तिब्बत में बन

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अयोध्या की हार का दाग विधानसभा चुनाव में मिटाएगी भाजपा, पार्टी के प्रभारी खींचेंगे जीतने का खाका

UP Election 2027: राम मंदिर निर्माण के बाद भी फैजाबाद लोकसभा सीट पर मिली हार का दाग मिटाने के लिए भाजपा ने अब विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है. 2027 के चुनाव में अयोध्या समेत अवध क्षेत्र की सभी सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर पार्टी नया चुनावी खाका तैयार करने में जुटी है. इसी रणनीति के तहत भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने संगठन के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लिया, ताकि हार के कारणों को समझकर बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत किया जा सके. हर बूथ के सामाजिक और नेतृत्वक समीकरणों का होगा आकलन 24 अक्टूबर को अयोध्या में हुई बैठक में विनोद तावड़े ने अवध क्षेत्र के सभी 15 संगठनात्मक जिलों के जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ चुनावी तैयारियों पर चर्चा की थी. उन्होंने पदाधिकारियों से हर बूथ के संगठनात्मक, सामाजिक और नेतृत्वक समीकरणों का आकलन करने और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर रणनीति बनाने को कहा था. साथ ही मंडल और शक्ति केंद्र के पदाधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखने तथा बूथ स्तर पर पार्टी की गतिविधियों की नियमित समीक्षा करने पर जोर दिया था. तीन स्तरों पर बैठकों से लिया गया फीडबैक बैठक में जिला स्तर के पदाधिकारियों, क्षेत्रीय संगठन और जनप्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग चर्चा की गयी थी. इन बैठकों का उद्देश्य संगठन की स्थिति, पार्टी कार्यक्रमों की प्रगति और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी लेना था. इस फीडबैक के आधार पर चुनावी तैयारियों को मजबूत करने और संगठन के भीतर समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया. अयोध्या में वापसी की तैयारी में भाजपा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से लेकर बुनियादी सुविधाओं और विकास परियोजनाओं तक, भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रशासन के कामकाज को अहम चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में अयोध्या में हुए बदलावों को जनता तक पहुंचाने के साथ पार्टी की नजर अब उन विधानसभा सीटों पर है, जहां उसे अपनी नेतृत्वक पकड़ मजबूत करनी है. फैजाबाद लोकसभा सीट पर हार बनी चुनौती 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद ने फैजाबाद सीट पर भाजपा के लल्लू सिंह को 54,567 वोटों से हराया था. राम मंदिर निर्माण के बाद हुए इस चुनाव में भाजपा की हार ने अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में पार्टी की चुनावी रणनीति को लेकर सवाल खड़े किए थे. 2027 में संगठन की मजबूती पर रहेगा जोर भाजपा की अवध क्षेत्र में हुई बैठक का मुख्य जोर बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने, सामाजिक सहभागिता बढ़ाने और स्थानीय मुद्दों को समझने पर रहा. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए चुनौती यह होगी कि वह इन संगठनात्मक तैयारियों को मतदाताओं के बीच समर्थन में कितना बदल पाती है. अयोध्या में लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद अब विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन उसकी रणनीति और स्थानीय संगठन की प्रभावशीलता की अहम कसौटी होगा. यह भी पढ़ें: UP MLC चुनाव के नतीजों से तय होगा विधान परिषद में सपा का कद, जानिए नेता प्रतिपक्ष का पद बचाने के लिए कितनी सीटें जरूरी? The post अयोध्या की हार का दाग विधानसभा चुनाव में मिटाएगी भाजपा, पार्टी के प्रभारी खींचेंगे जीतने का खाका appeared first on Naya Vichar.

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एक ऐसा रहस्यमयी राजा, जो हर महीने बदल लेता था अपना स्त्री और पुरुष रूप

कल्पना कीजिए एक ऐसे राजा की, जो एक महीने पुरुष रहता था और अगले महीने स्त्री बन जाता था. उसका जीवन किसी रहस्य से कम नहीं था. कभी वह राजकाज संभालता, तो कभी उसका पूरा अस्तित्व बदल जाता. यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, श्रीमद्भागवत महापुराण में वर्णित राजा सुद्युम्न की कथा है. इस कहानी में जन्म, श्राप, रूप परिवर्तन, प्रेम और एक ऐसे वरदान का वर्णन मिलता है, जिसने राजा का जीवन हमेशा के लिए बदल दिया. जब इला बन गईं सुद्युम्न श्रीमद्भागवत महापुराण के 9वें स्कंध के अध्याय एक में राजा सुद्युम्न की कहानी है. कथा के अनुसार, वैवस्वत मनु के घर पहले इला नाम की कन्या का जन्म हुआ था. मनु पुत्र चाहते थे. ऐसे में महर्षि वशिष्ठ ने भगवान विष्णु की प्रार्थना की. इसके बाद इला पुरुष रूप में बदल गईं और उनका नाम सुद्युम्न रखा गया. समय बीतने के साथ सुद्युम्न बड़े हुए. एक दिन वे अपने साथियों के साथ शिकार करने जंगल गए. उन्हें नहीं पता था कि इस यात्रा के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदलने वाला है. राजा सुदुम्न और इला की सांकेतिक तस्वीर (फोटो- एआई) जंगल में जाते ही बदल गया रूप सुद्युम्न जिस जंगल में पहुंचे, वह भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़ा हुआ था. पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव ने उस वन के लिए ऐसा विधान बनाया था कि वहां प्रवेश करने वाला पुरुष स्त्री बन जाता था. जैसे ही सुद्युम्न और उनके साथी उस वन में पहुंचे, सभी का रूप बदल गया. सुद्युम्न भी पुरुष से स्त्री बन गए. उनके घोड़े तक घोड़ी बन गए. जो राजा कुछ समय पहले तक पुरुष रूप में शिकार करने निकले थे, अब उनका रूप पूरी तरह बदल चुका था. बुध से हुआ विवाह, जन्मे पुरूरवा स्त्री रूप में सुद्युम्न का नाम इला हो गया. इसी दौरान उनकी मुलाकात चंद्रमा के पुत्र बुध से हुई. आगे चलकर इला और बुध का विवाह हुआ. दोनों से पुरूरवा नाम के पुत्र का जन्म हुआ. पुरूरवा आगे चलकर एक प्रसिद्ध राजा बने. उनका नाम चंद्रवंश की वंश परंपरा में भी मिलता है. लेकिन सुद्युम्न की कहानी में अभी एक और मोड़ आना बाकी था. वे अपने पुरुष रूप में वापस लौटना चाहते थे. शिव के वरदान से बदला जीवन सुद्युम्न की परेशानी देखकर महर्षि वशिष्ठ ने भगवान शिव से प्रार्थना की. वे चाहते थे कि सुद्युम्न को उनका पुरुष रूप वापस मिल जाए. भगवान शिव ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की. हालांकि, इसके साथ एक शर्त भी जुड़ी थी. शिव के वरदान के अनुसार, सुद्युम्न एक महीने पुरुष और अगले महीने स्त्री रूप में रह सकते थे. इस तरह सुद्युम्न को पुरुष रूप वापस तो मिला, लेकिन उनका जीवन हमेशा के लिए बदल गया. अब उन्हें हर महीने अपने रूप में होने वाले इस बदलाव के साथ जीना पड़ा. राजा सुद्युम्न से जुड़ी घटनाएं स्थिति राजा सुद्युम्न / इला की स्थिति घटना / कारण परिणाम पहली कन्या रूप (इला) वैवस्वत मनु के घर जन्म मनु द्वारा पुत्र प्राप्ति हेतु वशिष्ठ से प्रार्थना दूसरी पुरुष रूप (सुद्युम्न) वशिष्ठ की विष्णु प्रार्थना से रूप परिवर्तन राजकाज संभालना और जंगल में शिकार स्पोर्ट्सने जाना तीसरी स्त्री रूप (इला) शिव-पार्वती के शापयुक्त वन में प्रवेश घोड़े भी घोड़ी बने, बुध से विवाह और पुरूरवा का जन्म चौथी एक महीने पुरुष, एक महीने स्त्री वशिष्ठ की शिव से प्रार्थना पर वरदान शिव की शर्त के अनुसार हर महीने रूप परिवर्तन का चक्र ये भी पढ़ें: रावण का सबसे भरोसेमंद सेनापति था प्रहस्त, नील ने एक पत्थर से कैसे किया उसका अंत? The post एक ऐसा रहस्यमयी राजा, जो हर महीने बदल लेता था अपना स्त्री और पुरुष रूप appeared first on Naya Vichar.

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न्यूजीलैंड के खिलाफ क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया, जानें कैसा रहेगा मौसम

IND vs NZ 3rd T20: हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा टी20 मुकाबला मंगलवार, 27 अक्टूबर को स्पोर्ट्सा जाएगा. टीम इंडिया ने शुरुआती दोनों मैच जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है. अब हिंदुस्तानीय टीम की नजर तीसरा मैच जीतकर सीरीज अपने नाम करने पर होगी. ये भी पढ़ें: 33 साल के इस खिलाड़ी की फिरकी में फंसे बिहार के बल्लेबाज, 40 रन देकर झटके 7 विकेट सीरीज जीतने उतरेगी टीम इंडिया हिंदुस्तानीय टीम ने पहले दोनों मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है. दोनों ही मैचों में टीम इंडिया ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य का पीछा किया और जीत हासिल की. अब तीसरा मुकाबला जीतकर हिंदुस्तान सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना सकता है. मैच के दिन कैसा रहेगा वेलिंगटन का मौसम? मौसम की बात करें तो AccuWeather के मुताबिक, मंगलवार को वेलिंगटन में बारिश की संभावना नहीं है. मैच शुरू होने के समय यानी रात 8 बजे स्थानीय समय के अनुसार बारिश के आसार 0 फीसदी हैं. मैच के दौरान तापमान करीब 14 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है. मौसम विभाग के मुताबिक, मुकाबले में बारिश के कारण रुकावट आने की संभावना कम है. कितने बजे शुरू होगा मुकाबला? हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा टी20 मैच हिंदुस्तानीय समय के अनुसार दोपहर 12:30 बजे शुरू होगा. न्यूजीलैंड के स्थानीय समय के मुताबिक मुकाबला रात 8 बजे शुरू होगा. टॉस मैच शुरू होने से आधे घंटे पहले होगा. ये भी पढ़ें: कौन हैं गैरेथ बैटी, जिन्हें CSK ने सौंपी बैटिंग कोच की जिम्मेदारी? तीसरे टी20 के लिए हिंदुस्तान का स्क्वॉड हिंदुस्तान की टीम में संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, कुमार कुशाग्र और मयंक यादव शामिल हैं. न्यूजीलैंड की टीम में कौन-कौन? न्यूजीलैंड के स्क्वॉड में टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), फिन एलन, डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, बेवन जैकब्स, माइकल ब्रेसवेल, मिशेल सैंटनर (कप्तान), नाथन स्मिथ, जैकब डफी, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने, ब्लेयर टिकनर, मैथ्यू फिशर और डेवोन कॉनवे शामिल हैं. हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड टी20 कप्तान, फोटो-एक्स ये भी पढ़ें: Video: विराट कोहली ने युवा खिलाड़ी की जर्सी पर दिया ऑटोग्राफ, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल The post न्यूजीलैंड के खिलाफ क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया, जानें कैसा रहेगा मौसम appeared first on Naya Vichar.

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लखनऊ में प्रदेश कार्यसमिति के बाद कोर कमेटी की बैठक में शामिल होंगे अमित शाह, संगठन और सरकार के कामकाज का लेंगे फीडबैक

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 30 और 31 अक्टूबर को लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होंगे. इसके बाद कोर कमेटी की बैठक में संगठन और प्रशासन के कामकाज की समीक्षा तथा चुनावी तैयारियों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आयी है. इस दौरान पार्टी के संगठनात्मक कामकाज, जिलों में गतिविधियों की प्रगति और विधायकों के प्रदर्शन पर फीडबैक लिये जाने की बात कही जा रही है. मिशन-2027 की रणनीति पर होगी चर्चा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भाजपा के संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होने की उम्मीद है. पार्टी ने 30 और 31 अक्टूबर को होने वाली बैठक से पहले प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों की सूची भी जारी कर दी है. इसमें 548 कार्यसमिति सदस्य और 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य शामिल हैं. संगठन और प्रशासन के कामकाज पर फीडबैक मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमित शाह के दौरे के दौरान संगठन और प्रशासन के कामकाज की समीक्षा भी एजेंडे में रह सकती है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत कर संगठन की स्थिति, जिलों में चल रही गतिविधियों और चुनावी तैयारियों का फीडबैक लिये जाने की चर्चा है. हालांकि, कोर कमेटी की बैठक और उसके विस्तृत एजेंडे की जानकारी आधिकारिक रूप से पार्टी की तरफ अभी नहीं दी गयी है. कार्यकर्ताओं की भूमिका पर रहेगा जोर भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को मिशन-2027 की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. इसमें कार्यकर्ताओं की भूमिका, संगठन के विस्तार और चुनाव से पहले पार्टी की रणनीति पर विचार-विमर्श होने की संभावना है. अमित शाह का संभावित दौरा इसी चुनावी तैयारी के संदर्भ में देखा जा रहा है. यह भी पढ़ें: यूपी बीजेपी की नई प्रदेश कार्यसमिति में 548 सदस्य शामिल, मोदी-योगी समेत 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य The post लखनऊ में प्रदेश कार्यसमिति के बाद कोर कमेटी की बैठक में शामिल होंगे अमित शाह, संगठन और प्रशासन के कामकाज का लेंगे फीडबैक appeared first on Naya Vichar.

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AI की बढ़ती कीमत: भारत के डेटा सेंटर कितना पानी इस्तेमाल करते हैं और क्यों बढ़ रही है चिंता?

आप AI से कोई सवाल पूछते हैं. जवाब कुछ ही सेकंड में स्क्रीन पर आ जाता है. कभी वह चिट्ठी लिख देता है, कभी फोटो बना देता है, कभी घंटों का काम मिनटों में निपटा देता है. सब कुछ इतना आसान लगता है कि शायद ही कोई सोचता हो कि इस जवाब के पीछे असल में हो क्या रहा है. लेकिन एक मिनट रुकिए. आपका सवाल किसी हवा में तैरते बादल तक नहीं पहुंचता. उसके पीछे बड़े-बड़े कंप्यूटर, हजारों सर्वर, बिजली की सप्लाई और उन्हें ठंडा रखने के लिए चलने वाले सिस्टम होते हैं. इन सबको एक जगह रखकर चलाया जाता है, जिसे डेटा सेंटर कहते हैं. अब कहानी का दिलचस्प हिस्सा समझिए. ये डेटा सेंटर सिर्फ बिजली नहीं खाते, इन्हें ठंडा रखने के लिए पानी भी लग सकता है. और जब यही व्यवस्था ऐसे इलाके में बनाई जाए, जहां लोगों को पहले से पीने और खेती के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा हो, तब मामला सिर्फ तकनीक का नहीं रह जाता. सवाल उठता है कि पानी पहले किसे मिलेगा लोकल लोगों को, किसानों को या उस कंपनी को जो AI चलाने के लिए डेटा सेंटर बना रही है? हिंदुस्तान में यह सवाल इसलिए अहम हो गया है क्योंकि एक तरफ देश AI और डिजिटल वित्तीय स्थिति में तेजी से आगे बढ़ना चाहता है, दूसरी तरफ उसके कई शहर और इलाके पहले से पानी की कमी का सामना कर रहे हैं. पहले समझिए, डेटा सेंटर पानी क्यों इस्तेमाल करता है? डेटा सेंटर को आसान भाषा में इंटरनेट की मशीनों का घर समझिए. आप कोई वीडियो देखते हैं, ऑनलाइन पेमेंट करते हैं, ईमेल भेजते हैं या AI से सवाल पूछते हैं, तो आपके डेटा को संभालने और उस पर काम करने के लिए कंप्यूटरों की जरूरत पड़ती है. ये कंप्यूटर डेटा सेंटरों में रखे होते हैं. इन सर्वरों को लगातार चलाना पड़ता है. जितना ज्यादा काम, उतनी ज्यादा कंप्यूटिंग और आम तौर पर उतनी ही ज्यादा गर्मी. अब अगर मशीनों को ठंडा न रखा जाए, तो उनकी क्षमता घट सकती है, वे बंद हो सकती हैं या खराब भी हो सकती हैं. यहीं पानी की एंट्री होती है. कई डेटा सेंटरों में कूलिंग टावर और दूसरे सिस्टम पानी की मदद से गर्मी बाहर निकालते हैं. कुछ व्यवस्थाओं में पानी भाफ बनकर उड़ जाता है. उसकी जगह नया पानी भरना पड़ता है. यानी पानी इस्तेमाल हुआ और उसका एक हिस्सा उसी स्थानीय जल स्रोत में तुरंत वापस नहीं लौटा. पानी की कमी का असर समझने के लिए हैदराबाद इस समाचार को समझिये. दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में पानी के टैंकरों की मांग 233% बढ़ गई है और करीब 20 हजार बोरवेल सूखने की बात सामने आई. पानी की कमी का असर इतना था कि बासर की एक यूनिवर्सिटी में क्लासेज तक ऑनलाइन करनी पड़ीं. इससे समझ आता है कि पानी की कमी आम लोगों की जिंदगी कितनी मुश्किल बना सकती है. इसलिए कहीं नया डेटा सेंटर बनाने से पहले ये देखना जरूरी है कि वहां पानी की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं और उसके इस्तेमाल से स्थानीय लोगों के हिस्से का पानी तो कम नहीं पड़ेगा. दुनिया में क्या हुआ? हिंदुस्तान क्या सीख सकता है? डेटा सेंटरों की वजह से पानी की चिंता सिर्फ हिंदुस्तान में नहीं है. दूसरे देशों में भी इस बात पर सवाल उठे हैं कि बड़ी टेक कंपनियों को कितना पानी दिया जाए और इसका स्थानीय लोगों पर क्या असर पड़ेगा. चिली में Google के एक डेटा सेंटर को लेकर ऐसा ही मामला सामने आया. सैंटियागो के पास बनने वाले इस प्रोजेक्ट में पानी के इस्तेमाल पर चिंता जताई गई, क्योंकि इलाके में पहले से सूखे की समस्या रही है. फरवरी 2024 में चिली की पर्यावरण अदालत ने प्रोजेक्ट की मंजूरी पर दोबारा विचार करने को कहा. अदालत ने कहा कि पानी का आकलन करते समय जलवायु परिवर्तन के असर को भी ध्यान में रखना होगा. सिर्फ आज पानी कितना है, ये देखना काफी नहीं. आगे सूखा बढ़ा, तो क्या होगा, ये भी सोचना पड़ेगा. स्पेन में भी डेटा सेंटरों के लिए पानी का इंतजाम चिंता की वजह बना. उत्तरी स्पेन के आरागॉन इलाके में Amazon के तीन प्रस्तावित डेटा सेंटरों को सालभर में करीब 75.60 करोड़ लीटर पानी की जरूरत पड़ने का अनुमान था. ऐसे में सवाल उठा कि इतना पानी आएगा कहां से और इससे खेती और वहां रहने वाले लोगों की जरूरतों पर क्या असर पड़ेगा. अमेरिका में भी डेटा सेंटरों में पानी और बिजली के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं. लेकिन पानी का हिसाब लगाने में एक पेंच है. कुछ कंपनियां सिर्फ डेटा सेंटर के अंदर इस्तेमाल होने वाले पानी को गिनती हैं, जबकि कुछ बिजली बनाने में खर्च हुए पानी को भी जोड़ती हैं. यानी डेटा सेंटर में पानी की पूरी खपत समझनी है, तो उसके लिए बिजली बनाने में खर्च हुए पानी को भी गिनना होगा. यानी किसी कंपनी के हजारों करोड़ रुपये लगाने के वादे भर से मंजूरी नहीं मिलनी चाहिए. यह भी देखना होगा कि प्रोजेक्ट पर प्रशासनी संसाधनों का कितना खर्च आएगा और बदले में असल फायदा कितना मिलेगा. हालांकि, यह फ्रेमवर्क अपने आप में पूरे देश पर लागू होने वाला बाध्यकारी कानून नहीं है. इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि राज्य प्रशासनें इसे अपने नियमों और मंजूरी की प्रक्रिया में कैसे अपनाती हैं. डेटा सेंटर भी चलें और पानी भी बचे, कैसे निकलेगा रास्ता? डेटा सेंटर की जगह सोच-समझकर चुनें. सिर्फ सस्ती जमीन और तेज इंटरनेट काफी नहीं. ऐसी जगह चुननी होगी जहां पानी की कमी कम हो और भविष्य में सूखे का खतरा भी कम हो. इससे डेटा सेंटर और स्थानीय लोगों के बीच पानी को लेकर टकराव का खतरा घटेगा. ट्रीट किए गए पानी का इस्तेमाल बढ़ाएं. सीवेज को साफ करके डेटा सेंटर में इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे पीने और खेती के काम आने वाले साफ पानी पर दबाव घटेगा. लेकिन इसके लिए पानी साफ करने के प्लांट, पाइपलाइन और नियमित सप्लाई की जरूरत होगी. पानी बचाने वाली कूलिंग तकनीक अपनाएं. एयर कूलिंग और पानी को बार बार इस्तेमाल करने वाले सिस्टम से पानी की खपत घट सकती है. लेकिन इनके लिए बिजली कितनी

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