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ऑटोग्राफ लेने वाला नहीं, देने वाला बनो… अफसर की एक बात चुभ गई और बन गयी अधिकारी

Women Day 2026, गुमला (दुर्जय पासवान): गुमला जिले के बसिया में एसडीओ के पद पर कार्यरत जयवंती देवगम हो समाज की पहली स्त्री अफसर है, जो इस पद काबिज हैं. वह कोल्हान प्रमंडल के चाईबासा स्थित पांपड़ा गांव की रहने वाली हैं. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राथमिक विद्यालय से शुरू की. इसके बाद उन्होंने चाईबासा के स्कॉट हिंदी बालिका मध्य विद्यालय और एसपीजी मिशन बालिका उच्च विद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा पास की. आगे की पढ़ाई उन्होंने स्त्री कॉलेज चाईबासा से स्नातक और पीजी सेंटर चाईबासा से स्नातकोत्तर कर पूरी की.

ऑटोग्राफ की एक सलाह बनी जीवन का टर्निंग प्वाइंट

जयवंती देवगम ने बताया कि उनके गांव में रोटरी क्लब चाईबासा और बैंक ऑफ बड़ौदा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक घनश्याम गगराई के सौजन्य से कई कार्यक्रम आयोजित होते थे. ऐसे ही एक कार्यक्रम में जेबी तुबिद और तत्कालीन उपायुक्त राजीव अरुण एक्का पहुंचे थे. कार्यक्रम में जब जयवंती ने उनसे ऑटोग्राफ मांगा, तो अधिकारियों ने कहा कि “ऑटोग्राफ लेने वाला नहीं, बल्कि ऑटोग्राफ देने वाला बनो.” यही बात उनके जीवन में टर्निंग प्वाइंट बन गयी.

2010 में शिक्षक व प्रशासनिक सेवा दोनों में हुआ चयन

जयवंती देवगम ने समाचार पत्रों के माध्यम से अपने करियर की दिशा तय की और तैयारी शुरू की. वर्ष 2010 में उन्होंने हाई स्कूल टीचर नियुक्ति और प्रशासनिक सेवा दोनों की परीक्षाएं दी थीं. दोनों में अंतिम रूप से चयनित हुईं. उनके पिता जितेंद्र नाथ देवगम मेडिकल विभाग में पदाधिकारी थे, जबकि माता सोमवारी देवगम गृहिणी हैं. उनके एसडीओ बनने पर पूरे कोल्हान क्षेत्र में खुशी का माहौल था.

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परिवार के विश्वास ने दिलायी सफलता

जयवंती देवगम ने आदर्श के बारे में जयवंती देवगम बताती हैं कि उन्होंने बचपन से हर किसी से कुछ न कुछ सीखा है. वह अपने दादा, पिता और माता के प्रति विशेष रूप से आभारी हैं. उनका कहना है कि परिवार ने कभी उन पर “लड़कियों वाली जिम्मेदारियां” नहीं थोपीं और हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.

शादी के बाद भी जारी रखी तैयारी

जयवंती देवगम ने बताया कि वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं और शादी के बाद इस सेवा में आईं. शादी के बाद नौकरी की तैयारी करना आसान नहीं होता, लेकिन ससुराल पक्ष के सहयोग से उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और सफलता हासिल की.

युवाओं और स्त्रीओं को दिया संदेश

जयवंती देवगम ने कहा कि युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत होते हैं और स्त्रीएं समाज की सबसे मजबूत नींव. जब युवा अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाते हैं और स्त्रीएं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती हैं, तब एक सशक्त और प्रगतिशील समाज का निर्माण होता है.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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