नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर: आज समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में आगामी गर्मी के मौसम (लू) से बचाव और मॉनसून पूर्व की जाने वाली तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला प्रशासन की तत्परता और आम जनमानस की सुरक्षा पर विशेष बल दिया गया।
मुख्य उपस्थिति:
बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त (DDC), अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे। वहीं, जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचल अधिकारी (CO) और अन्य फील्ड स्तरीय पदाधिकारी अपने-अपने कार्यालयों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से जुड़े रहे।
बैठक के प्रमुख बिंदु और निर्देश:
1. लू (Sunstroke) से बचाव एवं स्वास्थ्य प्रबंधन:
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बढ़ते तापमान को देखते हुए जिले के सभी सार्वजनिक स्थानों, यथा— बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख बाजारों में शुद्ध पेयजल (प्याऊ) की समुचित व्यवस्था की जाए।
स्वास्थ्य विभाग: सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सदर अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में ORS पैकेट, जीवन रक्षक दवाएं और ‘हीट वेव वार्ड’ की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
कार्य समय में बदलाव: श्रम विभाग को निर्माण स्थलों पर कार्य करने वाले मजदूरों के लिए कार्य समय में बदलाव और छायादार स्थान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
2. मॉनसून पूर्व की तैयारियाँ (Flood & Waterlogging):
आगामी मॉनसून के दौरान बाढ़ और जलजमाव की चुनौतियों से निपटने के लिए डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए:
तटबंध एवं नाला सफाई: नगर निगम और संबंधित विभाग शहरी क्षेत्रों में नालों की सफाई (Desilting) का कार्य ससमय पूर्ण करें। जल संसाधन विभाग को संवेदनशील तटबंधों की निगरानी बढ़ाने को कहा गया।
राहत सामग्री एवं संसाधन: नावों का पंजीकरण, गोताखोरों की सूची और लाइफ जैकेट जैसे उपकरणों की भौतिक जांच कर उन्हें क्रियाशील रखने का आदेश दिया गया।
3. जन-जागरूकता अभियान:
जिलाधिकारी ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया, माइकिंग और विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को लू से बचने के उपायों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने अपील की कि लोग दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलें और अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें।
जिलाधिकारी का संदेश:
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा ने कहा
“आपदा प्रबंधन में ‘रिस्पॉन्स’ से अधिक महत्वपूर्ण ‘प्रीवेंशन’ (बचाव) है। सभी अधिकारी प्रो-एक्टिव मोड में रहें। फील्ड स्तर पर तैनात अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में आम जनता को कोई असुविधा न हो। लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”