Hot News

सिंगापुर ने कतरे चीनी प्रपंच के पर, भारतीयों के खिलाफ सोशल मीडिया पर फैला रहे थे नफरत

Singapore blocks Anti Indian Content: सिंगापुर ने हिंदुस्तानीय समुदाय के खिलाफ भड़काऊ कंटेंट फैलाने के खिलाफ सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट्स और वीडियोज पर सख्त कार्रवाई की है. सिंगापुर प्रशासन का कहना है कि यह सामग्री देश की मल्टीकल्चरल आईडेंटिटी और अलग-अलग समुदायों के बीच बने संतुलन को नुकसान पहुंचाने के मकसद से फैलाई जा रही थी. प्रशासनी सूत्रों के अनुसार, यह विवादित सामग्री पहले एक चीन-बेस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सामने आई थी. बाद में इसे अन्य सोशल मीडिया नेटवर्क और वेबसाइटों के जरिए बड़े स्तर पर शेयर किया गया.

मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंगापुर के गृह मंत्रालय और पुलिस ने ऑनलाइन क्रिमिनल हार्म्स एक्ट (ओसीएचए, 2003) के तहत यूट्यूब, फेसबुक और एक्स को निर्देश जारी किए. इसके तहत तीनों प्लेटफॉर्म को 14 चिन्हित पोस्ट और वीडियो तक सिंगापुर के लोगों की पहुंच रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा गया.

हिंदुस्तानीय समुदाय को लेकर गढ़ी गई भ्रामक तस्वीर

जांच में सामने आया कि मई से चीनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कुछ वीडियो और पोस्ट तेजी से फैलाए जा रहे थे. इन सामग्रियों में लिटिल इंडिया इलाके की भीड़भाड़ वाली तस्वीरों और स्थानीय हिंदू धार्मिक आयोजनों के वीडियो का टारगेटेड तरीके से इस्तेमाल किया गया.

इन पोस्टों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि सिंगापुर की जनसंख्या संरचना तेजी से बदल रही है और हिंदुस्तानीय समुदाय देश पर हावी होता जा रहा है. साथ ही यह दावा भी किया गया कि सिंगापुर की मल्टी एथनिक (बहुजातीय) नीति केवल दिखावे तक सीमित है.

इतना ही नहीं, सामग्री में यह आरोप भी लगाया गया कि प्रशासनी संस्थानों और नेतृत्व में हिंदुस्तानीय मूल के लोगों का प्रतिनिधित्व जरूरत से ज्यादा है. कुछ पोस्टों में यह भी कहा गया कि सिंगापुर को अपनी चीनी सांस्कृतिक पहचान से जुड़े रहना चाहिए और उसे बीजिंग से दूरी नहीं बनानी चाहिए.

मलय समुदाय को भी चर्चा में घसीटने की कोशिश

इस अभियान का दायरा केवल हिंदुस्तानीय समुदाय तक सीमित नहीं था. कुछ सामग्री में स्थानीय मलय समुदाय को भी जोड़ा गया और विभिन्न अल्पसंख्यक समूहों से जुड़े मुद्दों को एक साथ पेश करने की कोशिश की गई. सिंगापुर की आबादी 60 लाख से अधिक है. इनमें करीब 75 प्रतिशत लोग चीनी मूल के हैं, लगभग 15 प्रतिशत मलय समुदाय से आते हैं, जबकि 7 से 9 प्रतिशत आबादी हिंदुस्तानीय मूल की है. बाकी लोग अन्य देशों और समुदायों से जुड़े हैं.

ये भी पढ़ें:- ट्रंप-नेतन्याहू में तनातनी हुई, तो US को लगा इजरायल से जासूसी का खतरा! अमेरिकी अधिकारी अपना रहे ऐसे जुगाड़

ये भी पढ़ें:- पुतिन बोले- हिंदुस्तान पर प्रतिबंध की धमकी उलटा असर करेगी; पीएम मोदी पर US के बैन का दिया हवाला

कानून के तहत हो सकती है तीन साल तक की सजा

गृह मंत्रालय का कहना है कि संबंधित पोस्ट सिंगापुर दंड संहिता की धारा 298ए का उल्लंघन कर सकते हैं. यह धारा विभिन्न नस्लीय समूहों के बीच दुश्मनी, नफरत या दुर्भावना फैलाने अथवा सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाले कृत्यों से जुड़ी है. इस अपराध में दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है.

प्रशासन ने दी चेतावनी, लोगों से भी की अपील

गृह मंत्रालय ने कहा कि सिंगापुर नस्लवाद, विदेशी विरोधी मानसिकता और समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने वाले किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध करता है. मंत्रालय के मुताबिक किसी भी समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विदेश से आने वाले ऐसे प्रयास और भी अधिक गंभीर माने जाएंगे. मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली सामग्री के सोर्स और उसके मकसद को समझने की कोशिश करें. ऐसा कंटेंट आगे साझा न करें जो समाज में तनाव या विभाजन पैदा कर सकता हो.

The post सिंगापुर ने कतरे चीनी प्रपंच के पर, हिंदुस्तानीयों के खिलाफ सोशल मीडिया पर फैला रहे थे नफरत appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top