Hot News

15 साल जेल में बिताने के बाद पूर्व माओवादी शोभा मुंडा को सरकार से पक्का मकान की आस

जिस उम्र में बच्चों के कंधों पर स्कूल का बस्ता होता है, उस उम्र में उसके कंधों पर गरीबी और अभाव का बोझ था. घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल था. मजबूरी उसे घर की चौखट से उठाकर जंगल ले गयी. वहां से उसकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने उसके बचपन, जवानी और पूरे जीवन की दिशा बदल दी. यह कहानी है झारग्राम जिले के बेलपहाड़ी थाना क्षेत्र के माजुगोड़ा गांव की रहने वाली चंदना सिंह की. उन्हें बाद में जंगलमहल में शोभा मुंडा के नाम से जाना गया.

अत्यधिक गरीबी और अभावों की वजह से चंदना ने 12 साल की उम्र में ही घर छोड़ दिया. इसी दौरान उनकी मुलाकात माओवादी नेता मदन महतो से हुई. धीरे-धीरे वह माओवादी संगठन से जुड़ गयीं. संगठन ने चंदना का नाम बदलकर शोभा मुंडा रख दिया. इसके बाद किताबों की जगह बंदूक ने ले ली और जंगल ही शोभा का ठिकाना बन गया.

बेलपहाड़ी के जंगलों से शुरू हुआ उनका सफर जल्द ही झारखंड के घाटशिला तक पहुंचा. वहीं उनकी मुलाकात माओवादी स्क्वॉड के सदस्य राजेश मुंडा से हुई. दोनों ने विवाह किया और संगठन के लिए साथ काम करने लगे. समय के साथ शोभा संगठन की सक्रिय सदस्य के रूप में पहचानी जाने लगीं.

हथियार चलाने में उनकी दक्षता की भी चर्चा होने लगी. वर्ष 2010 में घाटशिला में पुलिस के एक अभियान के दौरान शोभा गिरफ्तार हो गयीं. उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किये गये और अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया. इसके बाद उनकी जिंदगी के 15 साल जेल की ऊंची दीवारों के पीछे बीते.

वर्ष 2025 में मेदिनीपुर केंद्रीय सुधार गृह से रिहा होने के बाद वह अपने माजुगोड़ा गांव लौट आयीं. हालांकि, जेल से बाहर आने के बाद भी उनका संघर्ष खत्म नहीं हुआ. अब उनके हाथ में बंदूक नहीं, बल्कि मजदूरी का औजार है. वह अपनी बुजुर्ग मां के साथ रहती हैं और दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह जीवनयापन कर रही हैं.

शोभा का कहना है कि उनके नाम पर कोई घर नहीं है और उन्हें अब तक किसी प्रशासनी आवास योजना का लाभ नहीं मिला है. उनका आरोप है कि नियमित राशन और पुनर्वास जैसी सुविधाएं भी उन्हें उपलब्ध नहीं करायी जा रही हैं. शोभा कहती हैं, “मैं अब सामान्य जिंदगी जीना चाहती हूं. बस सिर छिपाने के लिए एक घर मिल जाये और मेहनत करके सम्मान के साथ जीवन जी सकूं.

The post 15 साल जेल में बिताने के बाद पूर्व माओवादी शोभा मुंडा को प्रशासन से पक्का मकान की आस appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top