Pitru Paksha 2026 Panchabali: पंचांग की गणना के अनुसार, इस साल पितृ पक्ष का आरंभ 26 सितंबर, शनिवार से हो रहा है. इस दिन भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि पड़ रही है. भाद्रपद पूर्णिमा के दिन ऋषि तर्पण किया जाता है. साथ ही, इस दिन परिवार के उन सदस्यों के निमित्त श्राद्ध (तर्पण और पिंडदान) किया जाता है, जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि में हुई.
गरुड़ पुराण के अनुसार, पूर्वजों की कृपा पाने के लिए पितृ पक्ष अत्यंत शुभ अवसर है. इस दौरान श्राद्ध (तर्पण और पिंडदान) कर्म के अलावा कुछ उपाय करने से पूर्वजों की विशेष कृपा प्राप्त होती है. ऐसे में आइए, जानते हैं कि पितृ पक्ष में किन 5 कार्यों को करने से पूर्वज प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद देंगे.
पितृ पक्ष में पंचबलि कर्म का महत्व
पंचबलि का मतलब भोजन को पांच हिस्सों में बांटना है. धर्मशास्त्र के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान पांच हिस्सों में गाय, देवता, चींटी, कौआ और कुत्ते के लिए भोजन का बराबर-बराबर अंश निकाला जाता है. इसे श्राद्ध कर्म का मुख्य हिस्सा माना गया है. शास्त्रों में इसे पंचबलि कर्म का नाम दिया गया है. कर्मकांड के जानकार द्वारिकानाथ झा ने बताया कि पितृ पक्ष में इसके बिना पूर्वजों का श्राद्ध अधूरा माना जाता है.
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पितृ पक्ष में पंचबलि कर्म की विधि
- गौ बलि- पंचबलि कर्म में सबसे पहले गौ (गाय) माता के लिए भोजन निकाला जाता है. इसे घर की पश्चिम दिशा में पलाश के पत्ते पर रखकर गाय को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया जाता है. साथ ही, गौ-माता को प्रणाम किया जाता है.
- श्वान बलि- इस कर्म में श्वान यानी भैरव देव (कुत्ता) के लिए भोजन का एक हिस्सा निकाला जाता है. भैरव देवता को घर के बाहर भोजन दिया जाता है. मान्यता है कि इस कर्म से संकटों से मुक्ति मिलती है.
- काक बलि- इस कर्म के तहत कौए के लिए भोजन का एक अंश निकाला जाता है. साथ ही, घर की छत पर किसी पत्तल में भोजन रख दिया जाता है. मान्यता है कि जब कौआ भोजन कर लेता है, तो पितृ देव खुश होते हैं.
- देव बलि- इस बलि कर्म के तहत देवताओं के लिए पहले भोजन का एक अंश निकाला जाता है. इसके बाद उसे घर के बाहर रख दिया जाता है. पितृ पक्ष में देव बलि कर्म से कुलदेवी या कुल देवता का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
- पिपीलिका इत्यादि बलि- इस बलि में पिपीलिका (चींटी) और कीड़े-मकोड़े इत्यादि के लिए भोजन का एक हिस्सा निकाला जाता है. इस बलि को घर के बाहर पीपल के वृक्ष के नीचे या जहां चींटियों का स्थान हो, वहां रख दिया जाता है.
पंचबलि के 5 अंग
| जीव का नाम | भोजन रखने का स्थान | दिशा |
| गाय | घर के बाहर | पश्चिम |
| कुत्ता | घर के बाहर | दक्षिण या पश्चिम |
| कौआ | घर की छत पर | दक्षिण दिशा |
| देवता | घर के बाहर | पूरब, उत्तर या पूर्व-उत्तर (ईशान कोण) |
| चींटी या कीड़े-मकोड़े | घर के बाहर | पूरब या उत्तर |
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