‘इस दुख की घड़ी में अपने परिवार के साथ रहने के लिए गांव लौट रहा हूं. सौरव और आशु जल्द ही दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. CJP न तो पीछे हटेगी और न ही किसी दबाव से डरेगी. 10 अक्टूबर को इस तानाशाही के अंत की शुरुआत के रूप में याद किया जाएगा.’ अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी दी.
अभिजीत दीपके ने एक्स पर ये जानकारी दी
दादी के अंतिम संस्कार में समय पर नहीं पहुंच सके दीपके
अभिजीत दीपके के परिवार ने रविवार को आरोप लगाया कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने उन्हें समय पर रिहा नहीं किया, जिस वजह से वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए. दीपके की दादी सावित्रीबाई शंकरराव दीपके (85) का लंबी बीमारी के बाद शनिवार (10 अक्टूबर)को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में निधन हो गया था और उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह किया गया.
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अंतिम संस्कार से पहले एक परिजन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘‘अभिजीत की दादी के निधन के बाद हमने दिल्ली पुलिस से दीपके को रिहा करने का कई बार अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने दीपके को नहीं छोड़ा.’’ इससे पहले, दीपके की मां ने दावा किया था कि उनके बेटे को दादी के निधन की कोई जानकारी नहीं दी गई और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है.
दिल्ली पुलिस ने एक्स पर दी ये जानकारी
दिल्ली पुलिस का मामले पर क्या है रिएक्शन
दिल्ली पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि अभिजीत की दादी के निधन की जानकारी उन्हें तुरंत दे दी गई थी. उन्हें अंतिम संस्कार का समय भी बताया गया था. मानवीय आधार पर उन्हें अपने गांव जाने के लिए हर संभव मदद देने की पेशकश की गई थी. हालांकि, उन्होंने यह मदद लेने से इनकार कर दिया
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