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कार स्टार्ट नहीं हो रही, सेल्फ लगाने पर सिर्फ आवाज आ रही है या बार-बार बैटरी डिस्चार्ज हो रही है? हमारे ‘ऑटो डॉक्टर’ से जानें वजह और बचाव के तरीके

अक्सर एक समस्या है जो हमारी गाड़ियों में देखने को मिलती है, और वो है बैटरी की समस्या. अक्सर या तो गाड़ी स्टार्ट नहीं होती या सेल्फ बटन दबाने पर सिर्फ आवाज आती है या बार-बार बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है. हमारे ऑटो डॉक्टर राजीव चक्रवर्ती की मानें, तो ये समस्याएं गाड़ी की बैटरी कमजोर होने का संकेत भी हो सकती हैं. कई बार लोग बिना जांच कराए ही नई बैटरी लगवा लेते हैं, जबकि परेशानी अल्टरनेटर, वायरिंग या किसी इलेक्ट्रिकल डिवाइस में भी हो सकती है. इन्हीं समस्याओं पर हमारे ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट राजीव चक्रवर्ती से बात की ताकि आपको अगर ऐसी ही कोई परेशानी आ रही हो, या आगे कभी आए तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार साबित हो सके.

सवाल 1: कार की बैटरी कितने साल चलती है?

जवाब: ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट राजीव चक्रवर्ती, के मुताबिक सामान्य तौर पर कार में इस्तेमाल होने वाली 12V लेड-एसिड बैटरी करीब 3 से 4 साल तक चल सकती है. हालांकि, इसकी वास्तविक उम्र कार के इस्तेमाल, मौसम, ड्राइविंग पैटर्न और मेंटेनेंस पर निर्भर करती है. कुछ बैटरियां इससे पहले भी खराब हो सकती हैं, जबकि अच्छी परिस्थितियों में कुछ ज्यादा समय तक चल सकती हैं.

हिंदुस्तान में गर्मी, ट्रैफिक और बार-बार छोटी दूरी तय करने से बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. इसलिए सिर्फ बैटरी की उम्र देखकर उसे बदलने का फैसला नहीं करना चाहिए. समय-समय पर बैटरी की हेल्थ और चार्जिंग सिस्टम की जांच कराना बेहतर है.

सवाल 2: कार की बैटरी खराब होने के शुरुआती संकेत क्या हैं?

जवाब: बैटरी पूरी तरह खराब होने से पहले कुछ संकेत दे सकती है. इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जैसे:

  • इंजन स्टार्ट होने में परेशानी: सेल्फ लगाने पर इंजन धीरे घूमता है या स्टार्ट होने में सामान्य से ज्यादा समय लगता है.
  • लाइट की रोशनी कम होना: हेडलाइट या केबिन लाइट की रोशनी कमजोर दिखाई दे सकती है.
  • इलेक्ट्रिकल फीचर्स में दिक्कत: पावर विंडो या अन्य इलेक्ट्रिकल फीचर्स सामान्य से धीमे काम कर सकते हैं.
  • बैटरी वार्निंग लाइट: डैशबोर्ड पर बैटरी का निशान दिखाई दे सकता है. हालांकि, इसका मतलब केवल बैटरी खराब होना नहीं है; चार्जिंग सिस्टम में भी परेशानी हो सकती है.
  • बार-बार जंप स्टार्ट की जरूरत: अगर कार की बैटरी बार-बार डिस्चार्ज हो रही है, तो इसकी जांच करानी चाहिए.

इनमें से कोई संकेत दिखने पर सीधे बैटरी बदलवाने के बजाय पहले उसकी टेस्टिंग कराएं.

सवाल 3: कार की बैटरी बार-बार डिस्चार्ज क्यों होती है?

जवाब: इसके कई कारण हो सकते हैं. सबसे आम कारण हैं- हेडलाइट या केबिन लाइट चालू रह जाना, लंबे समय तक कार खड़ी रखना, बार-बार छोटी दूरी तय करना और बैटरी का पुराना होना. इसके अलावा, खराब अल्टरनेटर बैटरी को ठीक से चार्ज नहीं कर पाता.

किसी खराब वायरिंग, इलेक्ट्रिकल डिवाइस या आफ्टरमार्केट एक्सेसरी के कारण भी इंजन बंद होने के बाद बैटरी से बिजली खर्च हो सकती है. अगर नई बैटरी भी बार-बार डिस्चार्ज हो रही है, तो केवल बैटरी को दोष देना सही नहीं है. ऐसी स्थिति में चार्जिंग सिस्टम और इलेक्ट्रिकल लीकेज की जांच करानी चाहिए.

सवाल 4: क्या गर्मियों में कार की बैटरी जल्दी खराब होती है?

जवाब: हां, ज्यादा तापमान बैटरी की उम्र कम कर सकता है. गर्मी के कारण बैटरी के अंदर रासायनिक प्रतिक्रियाएं तेज होती हैं, जिससे समय के साथ उसके आंतरिक हिस्सों में घिसावट बढ़ सकती है. कुछ बैटरियों में इलेक्ट्रोलाइट का स्तर घटने और प्लेटों में जंग लगने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

कई बार गर्मियों में बैटरी कमजोर होने लगती है, लेकिन इसकी परेशानी सर्दियों में इंजन स्टार्ट करते समय ज्यादा स्पष्ट होती है. इसलिए बैटरी की जांच केवल सर्दियों में ही नहीं, गर्मियों में भी करानी चाहिए.

कार को संभव हो तो छायादार जगह पर पार्क करें. बैटरी के आसपास अनधिकृत बदलाव न करें और उसकी नियमित जांच कराएं.

सवाल 5: क्या रोजाना छोटी दूरी तक कार चलाने से बैटरी खराब होती है?

जवाब: बार-बार छोटी दूरी तय करने से बैटरी को पर्याप्त चार्ज मिलने का समय नहीं मिल सकता. इंजन स्टार्ट करते समय बैटरी से बिजली खर्च होती है. इसके बाद अल्टरनेटर उसे दोबारा चार्ज करता है. अगर कार हर बार थोड़ी दूरी चलाकर बंद कर दी जाए, तो बैटरी द्वारा खर्च की गई ऊर्जा पूरी तरह वापस नहीं मिल पाती.

यह समस्या पुरानी बैटरी या ज्यादा इलेक्ट्रिकल लोड वाली कार में अधिक हो सकती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर कार को रोज लंबी दूरी चलाना जरूरी है. बैटरी की स्थिति और कार के इस्तेमाल के अनुसार चार्जिंग की जरूरत तय होती है.

सवाल 6: क्या कार बंद होने पर AC, म्यूजिक सिस्टम और मोबाइल चार्जिंग से बैटरी डिस्चार्ज हो सकती है?

जवाब: हां, अगर इंजन बंद होने के बाद कार का म्यूजिक सिस्टम, लाइट या कोई दूसरा इलेक्ट्रिकल उपकरण चलता रहता है, तो बैटरी से बिजली खर्च होती है. लंबे समय तक ऐसा होने पर बैटरी डिस्चार्ज हो सकती है.

कुछ कारों में इंजन बंद होने के बाद भी कुछ समय तक इलेक्ट्रिकल फीचर्स काम करते हैं. इसलिए कार छोड़ते समय लाइट और अन्य एक्सेसरीज बंद होने की जांच करें.

मोबाइल चार्जिंग या म्यूजिक सिस्टम का इस्तेमाल करते समय यह भी देखें कि कार का इंजन चालू है या बंद. केवल इग्निशन ऑन रखने से भी बैटरी खर्च हो सकती है.

सवाल 7: कार में कौन-सी बैटरी लगवानी चाहिए?

जवाब: सही बैटरी चुनने के लिए कार के मॉडल, इंजन, इलेक्ट्रिकल लोड और निर्माता की सिफारिश को देखना जरूरी है.

  • पारंपरिक लेड-एसिड बैटरी: कई सामान्य कारों में इस्तेमाल होती है.
  • EFB बैटरी: कुछ स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम वाली कारों में इस्तेमाल की जाती है.
  • AGM बैटरी: अधिक इलेक्ट्रिकल मांग और कुछ विशेष स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम वाली कारों के लिए इस्तेमाल होती है.

हर कार में महंगी AGM बैटरी लगवाना जरूरी नहीं है. अगर कार निर्माता ने किसी विशेष प्रकार की बैटरी निर्धारित की है, तो उसी स्पेसिफिकेशन का पालन करना चाहिए. बैटरी की क्षमता, आकार, टर्मिनल और अन्य तकनीकी मानक भी सही होने चाहिए.

सवाल 8: कार की बैटरी बदलवाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जवाब: बैटरी बदलवाते समय केवल कीमत या ब्रांड देखकर फैसला नहीं करना चाहिए. सबसे पहले कार के लिए निर्धारित बैटरी स्पेसिफिकेशन की जांच करें.

बैटरी की क्षमता, कोल्ड क्रैंकिंग एम्पियर (CCA), आकार, टर्मिनल की स्थिति और वारंटी की जानकारी जरूर लें. नई बैटरी लगवाने से पहले पुरानी बैटरी की जांच कराएं और अल्टरनेटर की चार्जिंग भी चेक करवाएं.

बैटरी बदलने के बाद उसकी फिटिंग और टर्मिनल कनेक्शन सही होने चाहिए. कुछ आधुनिक कारों में बैटरी बदलने के बाद बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को रीसेट या रजिस्टर करना पड़ सकता है. यह काम कार के मॉडल और निर्माता के निर्देशों के अनुसार किया जाना चाहिए.

सवाल 9: क्या बैटरी के टर्मिनल पर सफेद पाउडर दिखना खतरनाक है?

जवाब: बैटरी के टर्मिनल पर सफेद या नीले रंग का जमाव जंग या अन्य रासायनिक अवशेषों का संकेत हो सकता है. इससे टर्मिनल का कनेक्शन कमजोर हो सकता है और बिजली के प्रवाह में परेशानी आ सकती है.

ऐसी स्थिति में टर्मिनल की जांच और सुरक्षित तरीके से सफाई करानी चाहिए. सफाई करते समय बैटरी के दोनों टर्मिनलों को सीधे किसी धातु के औजार से नहीं छूना चाहिए. अगर बैटरी से रिसाव हो रहा है या उसका केस फूला हुआ है, तो उसे खुद खोलने या साफ करने के बजाय विशेषज्ञ से संपर्क करें.

सवाल 10: कार कई दिनों तक खड़ी रहे, तो बैटरी को खराब होने से कैसे बचाएं?

जवाब: अगर कार लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं होनी है, तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि सभी लाइट और एक्सेसरीज बंद हैं. बैटरी की उम्र और स्थिति भी जांच लें.

लंबे समय तक कार खड़ी रहने पर अलार्म, कीलेस एंट्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम थोड़ी-थोड़ी बिजली खर्च कर सकते हैं. इससे बैटरी धीरे-धीरे डिस्चार्ज हो सकती है.

अगर कार लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करनी है, तो निर्माता के निर्देशों के अनुसार उपयुक्त स्मार्ट बैटरी मेंटेनर का इस्तेमाल किया जा सकता है. बैटरी को डिस्कनेक्ट करने से पहले कार के मैनुअल की जांच जरूर करें, क्योंकि कुछ कारों में इससे इलेक्ट्रॉनिक सेटिंग्स प्रभावित हो सकती हैं.

सवाल 11: क्या बैटरी की लाइफ बढ़ाने के लिए उसे नियमित रूप से चार्ज करना चाहिए?

जवाब: बैटरी को सही चार्ज स्तर पर रखना उसकी उम्र के लिए महत्वपूर्ण है. लेकिन बिना जरूरत बार-बार चार्जर लगाना या गलत चार्जर का इस्तेमाल करना उचित नहीं है.

अगर बैटरी बार-बार कम चार्ज हो रही है, तो उसके कारण का पता लगाना जरूरी है. सही चार्जर, बैटरी के प्रकार के अनुसार चार्जिंग सेटिंग और निर्माता के निर्देशों का पालन करना चाहिए.

रखरखाव वाली बैटरी में इलेक्ट्रोलाइट के स्तर की जांच की जरूरत हो सकती है, जबकि कई आधुनिक मेंटेनेंस-फ्री बैटरियों में ऐसा करने की जरूरत नहीं होती. ऐसी बैटरियों को खोलकर उनमें पानी या एसिड नहीं डालना चाहिए.

सवाल 12: कार की बैटरी को कब बदलना जरूरी हो जाता है?

जवाब: अगर बैटरी बार-बार डिस्चार्ज हो रही है, चार्ज करने के बाद भी पर्याप्त पावर नहीं दे रही या टेस्ट में उसकी क्षमता बहुत कम पाई जाती है, तो उसे बदलने की जरूरत हो सकती है.

बैटरी का केस फूला हुआ हो, उसमें दरार हो या एसिड का रिसाव हो रहा हो, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए. ऐसी बैटरी का इस्तेमाल जारी रखने के बजाय विशेषज्ञ से जांच कराएं.

बैटरी बदलने का फैसला उसकी उम्र, टेस्ट रिपोर्ट, कार के इस्तेमाल और निर्माता की सिफारिश के आधार पर लेना चाहिए. केवल एक बार कार स्टार्ट नहीं होने से यह तय नहीं होता कि बैटरी पूरी तरह खराब हो गई है.

कार की बैटरी की उम्र बढ़ाने के लिए 5 जरूरी टिप्स

  • बैटरी की नियमित जांच कराएं: खासकर जब कार स्टार्ट होने में परेशानी हो या बैटरी पुरानी हो चुकी हो.
  • टर्मिनल साफ रखें: जंग या ढीले कनेक्शन को नजरअंदाज न करें.
  • इंजन बंद होने पर एक्सेसरीज का इस्तेमाल सीमित रखें: लाइट, म्यूजिक सिस्टम और अन्य उपकरण बंद करें.
  • बार-बार छोटी दूरी चलाने पर ध्यान दें: ऐसी ड्राइविंग में बैटरी को पर्याप्त चार्ज नहीं मिल सकता.
  • चार्जिंग सिस्टम की जांच कराएं: बैटरी बार-बार डिस्चार्ज हो रही है, तो अल्टरनेटर और वायरिंग भी चेक कराएं.

नोट: ये आर्टिकल हमारे “ऑटो डॉक्टर सीरीज” का हिस्सा है. अगले एपिसोड में हम ऐसी ही एक और ऑटोमोबाइल की समस्या पर बात करेंगे, जिसका जवाब एक्सपर्ट देंगे. अगर आपके मन में भी कोई सवाल है जो आप हमसे या हमारे एक्सपर्ट से पूछना चाहते हैं, तो हमें imsuyash001@gmail.com पर मेल कर सकते हैं.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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