मध्य पूर्व का मौजूदा संकट अब केवल अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव नहीं रह गया है. होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधित जहाजरानी, इराक के कुर्द इलाकों में ड्रोन हमले, सऊदी अरब पर हूती हमले और सीरिया की बदलती क्षेत्रीय भूमिका- ये सभी घटनाएं एक ऐसे क्षेत्रीय संकट की तस्वीर पेश करती हैं, जिसमें एक मोर्चे पर लिया गया फैसला दूसरे मोर्चे की रणनीति बदल सकता है.
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद शुरू हुआ संघर्ष अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है. होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के बड़े हिस्से का परिवहन होता है. यहां जहाजों की आवाजाही में गिरावट का असर केवल खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रहता; इसका प्रभाव ऊर्जा कीमतों, बीमा लागत और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं पर भी पड़ता है.
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