धनबाद. आइआइटी आइएसएम धनबाद के शोधकर्ताओं ने उपयोगी रासायनिक यौगिक तैयार करने की एक नयी विधि विकसित की है. हिंदुस्तान प्रशासन के पेटेंट कार्यालय ने इस तकनीक को पेटेंट प्रदान किया है. इस विधि में दृश्य प्रकाश की मदद से रासायनिक प्रतिक्रिया कराकर बीटा-अमीनो एल्डिहाइड जैसे यौगिक तैयार किये जा सकते हैं. भविष्य में यह तकनीक दवा अनुसंधान और अन्य उपयोगी रासायनिक पदार्थों के विकास में सहायक हो सकती है.
ये भी पढ़ें: धनबाद के युवाओं के लिए बड़ा मौका: सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज में तकनीकी विचारों को मिलेगा पंख
पेटेंट का नंबर 603073 है. इसके लिए 18 जून 2025 को आवेदन किया गया था, जबकि 18 सितंबर 2026 को पेटेंट प्रदान किया गया. इस तकनीक को आइआइटी आइएसएम के रसायन विज्ञान एवं रासायनिक जीवविज्ञान विभाग के डॉ. सौमित्र मैती और प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के शोधार्थी पार्थ प्रतिम मंडल ने विकसित किया है.
दृश्य प्रकाश से रासायनिक प्रतिक्रिया कराने की विधि
शोध का उद्देश्य ऐसे रासायनिक यौगिक तैयार करने की विधि विकसित करना है, जिनका इस्तेमाल आगे दूसरे उपयोगी पदार्थों के निर्माण में किया जा सके. शोधकर्ताओं ने एक विशेष रासायनिक पदार्थ विकसित किया है, जिसकी मदद से एल्कीन नामक यौगिकों पर दृश्य प्रकाश के जरिये प्रतिक्रिया करायी जाती है. इस प्रक्रिया से बीटा-अमीनो एल्डिहाइड जैसे यौगिक तैयार करने में मदद मिलती है.
यह पेटेंट आइआइटी आइएसएम में रासायनिक विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे शोध को रेखांकित करता है. नयी विधि से भविष्य में उपयोगी रासायनिक यौगिकों के निर्माण के लिए शोध के नए रास्ते खुल सकते हैं.
The post आइआइटी के शोधकर्ताओं का बड़ा कमाल: दृश्य प्रकाश से तैयार होगी जीवनरक्षक दवाएं, देश को मिला नया पेटेंट appeared first on Naya Vichar.

