खतरे में नौकरी: प्रशासनी बैंक में क्लर्क की वैकेंसी के लिए लाखों कैंडिडेट्स आवेदन फॉर्म भरते हैं, लेकिन इस नौकरी तक पहुंचना आसान नहीं है. पिछले साल IBPS Clerk की 15,701 पदों के लिए 12 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स ने फॉर्म भरा था. IBPS और SBI में क्लर्क बनने के लिए वर्षों तैयारी करते हैं. लेकिन पिछले 12 साल में क्लैरिकल कैटेगरी में स्टाफ की संख्या 3,98,801 से घटकर 2,46,525 हो गई. ऐसे में प्रशासनी बैंकों में क्लर्कों की घटती संख्या बैंकिंग जॉब की तैयारी कर रहे युवाओं को प्लान बी के बारे में सोचने पर मजबूर करती है.
10 फरवरी 2025 को लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पब्लिक सेक्टर बैंकों में कर्मचारियों की संख्या को लेकर जानकारी साझा की थी. उनसे पूछा गया था कि पिछले 13 वर्षों के दौरान प्रशासनी बैंकों (PSBs) में कर्मचारियों की संख्या में आई कमी के क्या कारण हैं?”
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि प्रशासनी बैंकों में साल 2017 में 2,69,271 क्लर्क थे जो साल 2024 में 2,48,539 हो गए. प्रशासनी बैंकों में कर्मचारियों की जरूरत का आकलन कारोबार, शाखाओं के विस्तार, रिटायरमेंट और अन्य कारणों को ध्यान में रखकर किया जाता है.
मोबाइल बैंकिंग और ऑनलाइन लेनदेन बढ़ने से कुछ सवाल सामने आते हैं जैसे प्रशासनी बैंकों में एंट्री लेवल के स्टाफ में इतनी कमी क्यों आ रही है? क्या आने वाले समय में बैंक में क्लर्क की नौकरी पाना पहले से ज्यादा मुश्किल होने वाला है?
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नोट: इस सेगमेंट का उद्देश्य किसी कंपनी, संस्था या ब्रांड की साख को नुकसान पहुंचाना नहीं है. ‘खतरे में नौकरी’ के तहत हम मौजूदा दौर में बदलते जॉब मार्केट और AI के बढ़ते प्रभाव को एक उदाहरण के जरिए समझेंगे. साथ ही, उन स्किल्स पर भी बात करेंगे, जिनकी डिमांड AI के दौर में बनी रहने की उम्मीद है. इस सीरीज में हर शुक्रवार हम नौकरी और करियर से जुड़े ऐसे ही जरूरी और काम के विषय आपके लिए लेकर आएंगे.
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