हिंदुस्तान ने एक साल में 8 हजार करोड़ से ज्यादा के डिफेंस साजो-समान यूरोप को बेचे हैं. इसमें गोला-बारूद, आर्टिलरी और मोर्टार शेल शामिल हैं. दुनिया भर के आयात और निर्यात से जुड़ी जानकारी देने वाली आधिकारिक वेबसाइट ट्रेड डेटा मॉनिटर के मुताबिक, हिंदुस्तान के जरिए यूरोप को बीते 4 साल में रक्षा निर्यात 1600 फीसद बढ़ा है. यही नहीं एक और बड़ा माइलस्टोन तब सामने आया, जब 22 अक्टूबर को ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. जयतीर्थ जोशी ने बताया कि फिलीपींस, इंडोनेशिया और वियतनाम से भी इस मिसाइल की मांग हो रही है. इस स्टोरी में जानते हैं कि हथियार का सबसे बड़ा खरीदार हिंदुस्तान कैसे सप्लायर बना, हिंदुस्तान कौन-कौन से हथियार किसे बेच रहा है?
हिंदुस्तान ने 2 साल में 6 साल के बराबर हथियार बेचे
हिंदुस्तान का रक्षा उद्योग (Defence Industry) यूरोप और यूक्रेन के सहयोगी देशों के साथ-साथ इजराइल को भी हथियारों की सप्लाई कर रहा है. मार्च 2026 तक के दो साल में हिंदुस्तान ने इजराइल को करीब 630 करोड़ रुपये के गोला-बारूद और विस्फोटक भेजे. इसमें तोप के गोले और मोर्टार के गोले शामिल हैं. खास बात यह है कि दो साल में इजराइल को भेजे गए हथियारों की कीमत उतनी ही है, जितनी इससे पहले के छह साल में कुल एक्सपोर्ट की थी.
चीन के दुश्मन देश फिलीपींस को ब्रह्मोस बेच रहा हिंदुस्तान
19 अप्रैल 2024 को हिंदुस्तान ने साउथ चाइना सी में चीन को टक्कर दे रहे फिलीपींस को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की पहली खेप सौंपी थी. दरअसल, फिलीपींस पहला ऐसा देश है, जिसे हिंदुस्तान ने ब्रह्मोस बेचा है. जनवरी 2022 में हिंदुस्तान से फिलीपींस ने ब्रह्मोस मिसाइल के लिए 375 मिलियन डॉलर यानी 3130 करोड़ रुपए की डील की थी.
हिंदुस्तान से सबसे ज्यादा हथियार खरीदने वाला देश म्यांमार
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक, साल 2000 से 2023 के बीच म्यांमार हिंदुस्तान से सबसे ज्यादा हथियार खरीदने वाला देश है. हिंदुस्तान से सबसे ज्यादा 31% हथियार म्यांमार एक्सपोर्ट होते हैं.
जंग की वजह से अब रूस भी हिंदुस्तान में बने गोला-बारूद खरीद रहा है. 10 मई 2024 को ‘लाइव मिंट’ ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि बीते 6 से 8 महीने में रूस ने हिंदुस्तान से 33 हजार करोड़ रुपए का गोला-बारूद और रक्षा से जुड़े दूसरे सामान खरीदे हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि हिंदुस्तान को रूस ने ये पेमेंट हिंदुस्तानीय करेंसी रुपए में किया है. हालांकि, इसका कोई आधिकारिक डेटा नहीं है.
हिंदुस्तान का हथियार दूसरे देशों के मुकाबले सस्ता
सितंबर 2026 में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि हिंदुस्तान विदेशी कंपनियों के मुकाबले करीब एक-चौथाई कीमत पर कुछ मिसाइलें उपलब्ध करा सकता है.
राजेश कुमार सिंह ने कहा, “ब्रह्मोस हिंदुस्तान के सबसे चर्चित और मांग वाले रक्षा उत्पादों में से एक है. हम दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों को इसकी सप्लाई कर रहे हैं या इस दिशा में बातचीत चल रही है. तोपों, ट्रक पर लगने वाली तोप सिस्टम और डीआरडीओ की तकनीक पर आधारित प्राइवेट कंपनियों के रक्षा उत्पादों की मांग भी बढ़ रही है. आकाश मिसाइल में भी कई देशों ने दिलचस्पी दिखाई है. हमारी सबसे बड़ी खासियत यह है कि हम कुछ मिसाइलें विदेशी कंपनियों के मुकाबले करीब एक-चौथाई कीमत पर उपलब्ध करा सकते हैं. जैसे-जैसे हमारे बड़े रक्षा उपकरण तैयार होंगे और उनकी क्षमता साबित होगी, उनकी मांग भी बढ़ेगी.’’
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