Daroga Putra Hatyakand : गया जी के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में दारोगा पुत्र रानू शेखर उर्फ रानू सिंह हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. 19 अक्टूबर 2026 की रात नौरंगा आहार के पास सिद्धार्थपुरी कॉलोनी में हुई गोलीबारी में रानू सिंह की मौत हो गई, जबकि उनके बड़े भाई मोनू शेखर उर्फ मोनू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए.
इसके बाद पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) और एसटीएफ की मदद से आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू की. मामले में गिरफ्तारियां हुईं, हथियार बरामद किए गए और बाद में पुलिस मुठभेड़ में दो संदिग्ध आरोपी घायल हुए. इस पूरे मामले में हत्या से लेकर जांच, गिरफ्तारी और मुठभेड़ तक कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं.
सबसे पहले जानिए अब तक की कार्रवाई
इस पूरे मामले में अब तक सामने आई प्रमुख जानकारियां इस प्रकार हैं –
- 19 अक्टूबर 2026 की रात : नौरंगा आहार के पास गोलीबारी में रानू सिंह की मौत और मोनू सिंह गंभीर रूप से घायल हुए.
- प्रारंभिक जांच : फोन कर दोनों भाइयों को बुलाने और पुराने विवाद या आपसी वर्चस्व को लेकर गोलीबारी की आशंका सामने आई.
- साक्ष्य जुटाना : घटनास्थल से खोखे और अन्य नमूने बरामद किए गए. FSL टीम ने भी जांच की.
- गिरफ्तारियां : सेवानिवृत्त दारोगा समेत दो लोगों की गिरफ्तारी की समाचार आई. इसके अतिरिक्त खिजरसराय के बिंदौल गांव से राहुल कुमार की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी की जानकारी सामने आई.
- पुलिस मुठभेड़ : दो आरोपियों के घायल होने की समाचार आई, लेकिन उनके नामों को लेकर रिपोर्टों में अंतर है.
- आगे की कार्रवाई : पुलिस फरार आरोपियों की तलाश, साक्ष्यों की जांच और हत्याकांड में सभी की भूमिका स्पष्ट करने में जुटी है.
अब डिटेल में जानिए, कब, क्या और कैसे हुआ.
19 अक्टूबर की रात को दो भाइयों पर हुई थी गोलीबारी
घटना मानपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में नौरंगा आहार के पास सिद्धार्थपुरी कॉलोनी के नजदीक हुई थी. यहां मोतिहारी में तैनात दरोगा सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह के दोनों बेटों रानू सिंह (30 वर्ष) और मोनू सिंह (32 वर्ष) को गोली मार दी गई थी.
घटना दुर्गा पूजा की नवमी की रात करीब 11:30 बजे की बताई गई है. गोलीबारी के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दोनों भाइयों को इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल पहुंचाया गया.
फोन कर दोनों भाइयों को बुलाने की बात आई सामने
परिजनों के अनुसार, मोहल्ले में कुछ दूरी पर किसी व्यक्ति के साथ विवाद हुआ था. इसके बाद दोनों भाइयों को फोन कर मौके पर बुलाया गया. वहां पहुंचने के बाद बदमाशों ने फायरिंग कर दी. स्थानीय लोगों के बीच जुए, शराब और आपसी वर्चस्व को लेकर विवाद की चर्चा भी सामने आई.
हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दोनों भाइयों को किसने फोन किया था और गोलीबारी की साजिश में किन लोगों की भूमिका थी.
घटनास्थल से खोखे मिले, FSL ने जुटाए साक्ष्य
गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद मुफस्सिल थानाध्यक्ष देवराज इंद्र, अपर थानाध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद, एसआई मोहम्मद इमरान और डीएसपी अभिनव कुमार समेत पुलिस अधिकारी सक्रिय हुए. पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस के खोखे बरामद किए.
पुलिस को मौके से 7.65 एमएम के तीन खोखे मिले थे. फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने सहित अन्य साक्ष्य जुटाए. पुलिस जांच के जरिए गोलीबारी में इस्तेमाल हथियारों और आरोपियों की भूमिका का पता लगाने में जुट गई.
SIT बनी, रिटायर्ड दरोगा समेत दो गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए गया के एसएसपी सुशील कुमार के निर्देश पर डीएसपी अभिनव कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई. पुलिस ने मृतक के पिता सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह के लिखित आवेदन के आधार पर मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज की.
कांड संख्या 1168/26 में सात नामजद और पांच अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी शुरू की.
जांच के दौरान पुलिस ने रिटायर्ड दरोगा नागेंद्र सिंह उर्फ नरेंद्र सिंह और गौरव कुमार को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी. दोनों की गिरफ्तारी सिद्धार्थपुरी इलाके से बताई गई.
फरार आरोपियों की तलाश में कई गांवों में छापेमारी
पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की. पुलिस की कार्रवाई के बावजूद कुछ समय तक कई आरोपी पकड़ से बाहर रहे. इस दौरान उनके भूमिगत होने और जिले से बाहर चले जाने की चर्चाएं भी सामने आईं. पुलिस फरार आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी रही.
गुरुवार देर रात हुआ एनकाउंटर, दो आरोपी घायल
आरोपियों की तलाश के दौरान ही गुरुवार की देर रात पुलिस मुठभेड़ की समाचार सामने आई. श्याम बिहारी और गौरव उर्फ काला इस एनकाउंटर में घायल हुए हैं. दोनों को पैर में गोली लगी है. दोनों को मगध मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एसएसपी सुशील कुमार ने घटना की पुष्टि की है.
पहले दो गिरफ्तार, अब एनकाउंटर से एक्शन मोड में पुलिस
घटना के बाद से ही गया पुलिस और एसटीएफ की टीमें अपराधियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही थीं. पुलिस के दबाव का नतीजा यह रहा कि इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को दबोच लिया गया था. खास बात यह कि पूर्व में गिरफ्तार दो में से एक इनकाउंटर में घायल हुए श्याम बिहारी के पिता नरेंद्र सिंह है जो रिटायर्ड दारोगा बताया जाता है.
खिजरसराय के बिंदौल गांव से राहुल कुमार गिरफ्तार
इसी दौरान खिजरसराय थाना क्षेत्र के बिंदौल गांव से राहुल कुमार नाम के एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की भी समाचार सामने आई. उसके पास से दो हथियार और तीन गोलियां बरामद होने की जानकारी दी गई. हालांकि, राहुल कुमार की गिरफ्तारी का हत्याकांड से सीधा संबंध क्या है और बरामद हथियारों का इस्तेमाल इस घटना में हुआ था या नहीं, पुलिस की जांच में इन सवालों का जवाब सामने आना बाकी है.
परिवार को अब मोनू के इलाज की चिंता
रानू सिंह की मौत के बाद परिवार के सामने दोहरी मुश्किल खड़ी हो गई है. एक ओर छोटे बेटे की हत्या का दुख है, तो दूसरी ओर बड़े बेटे मोनू के इलाज को लेकर चिंता बनी हुई है. रानू की बेटी अभी इतनी छोटी है कि उसे अपने पिता की मौत का एहसास तक नहीं है. घटना के बाद अतरी विधायक रोमित कुमार ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए एसएसपी से बात की थी.
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