Ambati Rayadu 41st Birthday: हिंदुस्तानीय क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं थी, लेकिन उन्हें टीम इंडिया में अपनी जगह बनाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा. अंबाती रायडू भी ऐसे ही खिलाड़ियों में शामिल रहे. घरेलू क्रिकेट में कम उम्र में अपनी पहचान बनाने वाले रायडू को हिंदुस्तानीय टीम की जर्सी पहनने के लिए 27 साल की उम्र तक इंतजार करना पड़ा. इंटरनेशनल क्रिकेट में उनका सफर भी ज्यादा लंबा नहीं चला और करीब छह साल बाद उन्होंने संन्यास का ऐलान कर दिया.
आज 23 सितंबर को अंबाती रायडू अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं. उनके क्रिकेट करियर को याद करें तो इसमें शानदार पारियां, आईपीएल की सफलता, टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए संघर्ष और कई विवाद शामिल रहे.
16 साल की उम्र में शुरू किया फर्स्ट क्लास करियर
अंबाती रायडू का जन्म 23 सितंबर 1985 को आंध्र प्रदेश के गुंटूर में हुआ था. उन्होंने महज 16 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कदम रखा. हैदराबाद की ओर से स्पोर्ट्सते हुए उन्होंने कम उम्र में ही अपनी बल्लेबाजी से ध्यान खींचा.
साल 2002 में इंग्लैंड दौरे पर हिंदुस्तान की अंडर-19 टीम के लिए रायडू ने नाबाद 177 रन की पारी स्पोर्ट्सी. इसके बाद घरेलू क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन चर्चा में रहा. उन्हें हिंदुस्तानीय क्रिकेट के उभरते हुए प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में गिना जाने लगा.
अंडर-19 टीम की कप्तानी भी की
रायडू की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें हिंदुस्तान की अंडर-19 टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी भी मिली. 2004 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में उन्होंने हिंदुस्तानीय टीम का नेतृत्व किया. टीम खिताब नहीं जीत सकी, लेकिन रायडू का नाम युवा क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुका था.
हालांकि, घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करने के बावजूद टीम इंडिया तक पहुंचने में उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा.
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27 साल की उम्र में मिला टीम इंडिया का बुलावा
रायडू ने 24 जुलाई 2013 को जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में अपना वनडे डेब्यू किया. उस समय उनकी उम्र 27 साल थी. डेब्यू मैच में ही उन्होंने 84 गेंदों पर नाबाद 63 रन की पारी स्पोर्ट्सकर अपनी बल्लेबाजी की क्षमता दिखाई.
| आंकड़ा | वनडे | टी20 इंटरनेशनल | आईपीएल |
| मैच | 55 | 6 | 203 |
| पारी | 50 | 5 | 187 |
| रन | 1,694 | 42 | 4,348 |
| गेंदें | 2,143 | 50 | 3,409 |
| सर्वोच्च स्कोर | 124 | 20 | 100 |
| बल्लेबाजी औसत | 47.06 | 10.50 | 28.05 |
| स्ट्राइक रेट | 79.05 | 84.00 | 127.55 |
| नाबाद | 14 | 1 | 32 |
| चौके | 145 | 5 | 359 |
| छक्के | 30 | 0 | 173 |
| डक | 3 | 2 | 15 |
| 50+ स्कोर | 10 | 0 | 22 |
| शतक | 3 | 0 | 1 |
वह हिंदुस्तान की ओर से वनडे डेब्यू मैच में सबसे ज्यादा उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बने. हालांकि, इसके बाद भी टीम में उनकी जगह लंबे समय तक पक्की नहीं हो सकी और वह लगातार अंदर-बाहर होते रहे.
वनडे में शानदार आंकड़े, टेस्ट स्पोर्ट्सने का मौका नहीं मिला
रायडू 2019 में आखिरी बार हिंदुस्तान की ओर से मैदान पर उतरे. यानी टीम इंडिया के लिए उनका इंटरनेशनल सफर करीब छह साल ही चला. अंबाती रायडू ने हिंदुस्तान के लिए 55 वनडे मैच स्पोर्ट्से. इस दौरान उन्होंने 47.05 की औसत से 1,694 रन बनाए. उनके नाम तीन शतक और 10 अर्धशतक दर्ज हैं. टी20 इंटरनेशनल में रायडू को सिर्फ छह मैच स्पोर्ट्सने का मौका मिला, जिसमें उन्होंने 42 रन बनाए. वहीं, उन्हें टेस्ट क्रिकेट स्पोर्ट्सने का मौका कभी नहीं मिला. यही वजह रही कि उनका इंटरनेशनल करियर प्रतिभा और मौकों के बीच संघर्ष की कहानी भी बन गया.
आईपीएल में चमका रायडू का बल्ला
टीम इंडिया में आने से पहले और बाद में आईपीएल ने रायडू के करियर में अहम भूमिका निभाई. मुंबई इंडियंस ने उन्हें 2010 में अपनी टीम में शामिल किया. इसके बाद रायडू ने आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और टीम के लिए कई अहम पारियां स्पोर्ट्सीं.
बाद में वह चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा बने और इस टीम के साथ भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई. आईपीएल में उनका प्रदर्शन उनके इंटरनेशनल करियर की तुलना में कहीं ज्यादा लंबा और प्रभावशाली रहा.
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मैदान पर गुस्से को लेकर भी रहे चर्चा में
रायडू का नाम सिर्फ उनकी बल्लेबाजी की वजह से ही चर्चा में नहीं रहा. मैदान पर उनका गुस्सा भी कई बार सुर्खियां बना. आईपीएल 2012 में मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के मुकाबले में उनकी जहीर खान से बहस हो गई थी. दोनों के बीच विवाद बढ़ने पर एबी डिविलियर्स और धवल कुलकर्णी ने बीच-बचाव किया था.
इसके अलावा 2016 में मुंबई इंडियंस के लिए स्पोर्ट्सते हुए रायडू की हरभजन सिंह से भी मैदान पर बहस हुई थी. राइजिंग पुणे के खिलाफ मुकाबले में यह घटना चर्चा का विषय बनी थी.
2019 वर्ल्ड कप चयन ने बदल दी कहानी
रायडू के करियर का सबसे चर्चित दौर 2019 में आया. विश्व कप के लिए हिंदुस्तानीय टीम में उनकी जगह विजय शंकर को चुना गया. उस समय मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने विजय शंकर को ‘थ्री-डी प्लेयर’ बताया था. इसके बाद रायडू ने सोशल मीडिया पर ‘थ्री-डी चश्मा’ वाला ट्वीट किया, जिसे चयनकर्ताओं पर तंज के तौर पर देखा गया. इस घटनाक्रम के बाद रायडू ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया. हालांकि, बाद में उन्होंने अपना संन्यास वापस ले लिया. इसके बावजूद वह दोबारा लंबे समय तक टीम इंडिया का हिस्सा नहीं बन सके.
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