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Author name: Vinod Jha

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झारखंड हाईकोर्ट में जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की आयु सीमा को चुनौती, सरकार से जवाब तलब

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट JPSC Age Limit: झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा 2026 की अधिकतम आयुसीमा को लेकर विवाद गहरा गया है. इस मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आयोग के निर्णय को चुनौती दी है. मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में आ गया है, जिससे अभ्यर्थियों के बीच उम्मीद और चिंता दोनों बनी हुई है. अभ्यर्थियों ने उठाया आयुसीमा का मुद्दा याचिकाकर्ताओं का कहना है कि प्रतियोगिता परीक्षा के लिए अधिकतम आयुसीमा की गणना 1 अगस्त 2017 के आधार पर होनी चाहिए. उनका तर्क है कि लंबे समय से परीक्षा नहीं होने के कारण कई अभ्यर्थी आयुसीमा से बाहर हो गए हैं. वहीं, जेपीएससी ने आयुसीमा 1 अगस्त 2022 के आधार पर निर्धारित की है, जिसे लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है. हाईकोर्ट ने प्रशासन और आयोग से मांगा जवाब इस मामले की याचिका चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में दायर की गई थी, जिसे एकल पीठ में भेज दिया गया. एकल पीठ ने विस्तृत सुनवाई के बाद झारखंड प्रशासन और जेपीएससी को इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने दोनों पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है. अगली सुनवाई 21 अप्रैल को हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तारीख तय की है. इस दिन कोर्ट में दोनों पक्षों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. अभ्यर्थियों की नजर अब इस सुनवाई पर टिकी हुई है, क्योंकि इससे उनके भविष्य पर असर पड़ सकता है. 45 पदों पर निकली है भर्ती बताया जा रहा है कि जेपीएससी ने कुल 45 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन जारी किया है. ऐसे में आयुसीमा को लेकर चल रहा विवाद भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है. यदि कोर्ट कोई निर्देश देता है, तो इससे परीक्षा के नियमों में बदलाव संभव है. इसे भी पढ़ें:झारखंड हाईकोर्ट में संवैधानिक पदों की नियुक्ति पर सुनवाई, सूचना आयुक्त और लोकायुक्त का पद खाली अदालत में पक्ष रखने वाले अधिवक्ता याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा, जबकि झारखंड प्रशासन की ओर से अधिवक्ता राजीव रंजन ने दलीलें प्रस्तुत कीं. यह याचिका अमित कुमार एवं अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दायर की गई है. फिलहाल सभी की निगाहें कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं. इसे भी पढ़ें: बर्न मरीजों के इलाज पर हाइकोर्ट सख्त, जिलों के अस्पतालों में यूनिट बनाने का आदेश The post झारखंड हाईकोर्ट में जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की आयु सीमा को चुनौती, प्रशासन से जवाब तलब appeared first on Naya Vichar.

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शोर-शराबे में भी WhatsApp कॉल्स होंगी क्लियर, आ रहा Noise Cancellation फीचर

WhatsApp जल्द ही आपके वॉइस और वीडियो कॉल्स को और भी क्लियर बनाने वाला है. दरअसल WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, Meta के इस मैसेजिंग ऐप ने कुछ Android बीटा यूजर्स के लिए कॉल्स में बिल्ट-इन नॉइज कैंसलेशन (Noise Cancellation) टेस्ट करना शुरू कर दिया है. यानी अब आप शोर-शराबे वाले माहौल में भी आसानी से बात कर पाएंगे. आइए डिटेल में जानते हैं ये फीचर कैसे काम करता है और क्यों ये जरूरी है. WhatsApp में मिलेगा नॉइज कैंसलेशन फीचर WhatsApp जल्द ही अपनी ऐप में एक नया Noise Cancellation फीचर लेकर आ रहा है. इसका मतलब है कि अब आपकी वॉइस और वीडियो कॉल्स में आसपास का शोर चाहे ट्रैफिक हो, हवा का शोर हो या कोई और डिस्टर्बेंस सब फिल्टर हो जाएगा. इससे कॉल्स ज्यादा क्लियर और नैचरल लगेंगी बिना किसी एक्स्ट्रा सेटिंग या स्पेशल डिवाइस के. कैसे काम करेगा ये फीचर? WhatsApp का नॉइज कैंसलेशन फीचर फालतू की बैकग्राउंड आवाजों को पहचानकर उन्हें फिल्टर कर देता है, ताकि आपकी आवाज बिल्कुल साफ और क्रिस्प सुनाई दे. बता दें कि ये सब रियल टाइम में होता है. कुछ बीटा यूजर्स कॉलिंग मेनू में नया ऑप्शन देख सकते हैं, जिससे आप नॉइज रिडक्शन को मैनेज कर सकते हैं. आमतौर पर ये फीचर डिफॉल्ट रूप से ऑन रहता है. एक बात का आपको ध्यान रखना होगा. आपकी आवाज सामने वाले को जरूर क्लियर लगेगी, लेकिन अगर दूसरी तरफ वाला यूजर भी फीचर इस्तेमाल नहीं कर रहा, तो आपको खुद सुनाई जाने वाली आवाज उतनी साफ नहीं लगेगी. क्यों जरूरी है ये फीचर? WhatsApp का नया नॉइज कैंसलेशन फीचर उन लोगों के लिए काफी काम का है, जो अक्सर शोर-शराबे वाले जगहों से कॉल करते हैं. अब कॉल के दौरान बैकग्राउंड की गड़बड़ आवाज आपको परेशान नहीं करेगी. अगर कभी आपको लगे कि ये फीचर आपकी कॉल ऑडियो को बदल रहा है, तो आप इसे कभी भी आसानी से ऑफ कर सकते हैं. अभी यह फीचर सिर्फ कुछ एंड्रायड बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध है, लेकिन जैसे ही WhatsApp नए फीचर्स धीरे-धीरे सभी तक पहुंचता है, आने वाले हफ्तों में और लोग इसका फायदा ले पाएंगे. यह भी पढ़ें: बिना DP वाले कॉन्टैक्ट भी दिखेंगे फोटो के साथ, व्हॉट्सऐप टेस्ट कर रहा नया फीचर The post शोर-शराबे में भी WhatsApp कॉल्स होंगी क्लियर, आ रहा Noise Cancellation फीचर appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव 2026: दुर्गापुर में अभिषेक बनर्जी और TMC उम्मीदवार पर पोता कीचड़, पोस्टर फाड़े, राजनीति गरमायी

Bengal Election 2026 Durgapur Tension| दुर्गापुर, नीरज श्रीवास्तव : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए प्रचार अभियान जैसे-जैसे रफ्तार पकड़ रहा है, नेतृत्वक रंजिश की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं. ताजा मामला शिल्पांचल के दुर्गापुर के नगर निगम वार्ड संख्या 1 अंतर्गत रघुनाथपुर इलाके से सामने आया है. दुर्गापुर पूर्व विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार प्रदीप मजूमदार के समर्थन में दीवारों पर लिखे गये नारे और उनके पोस्टरों पर कीचड़ पोत दिया गया है. इस घटना के सामने आने के बाद से इलाके में तनाव है. सोमवार को जब स्थानीय लोगों ने दीवारों पर कीचड़ और फटे बैनर देखे, तो इलाके के तृणमूल कांग्रेस समर्थक उत्तेजित हो गये. लक्ष्मी भंडार के प्रचार पर भी अज्ञात लोगों ने कीचड़ पोत दिया. फोटो : नया विचार TMC का आरोप- रात के अंधेरे में कायराना हरकत तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया है. ब्लॉक नंबर 1 के अध्यक्ष राजीव घोष ने कड़े शब्दों में इसकी निंदा की. उन्होंने कहा कि विपक्ष में दिन के उजाले में मुकाबला करने की हिम्मत नहीं है, इसलिए रात के अंधेरे में ऐसी ओछी हरकतें कर रहे हैं. आरोप है कि न केवल दीवारें खराब की गयीं, बल्कि कई जगहों पर पार्टी के झंडे और बैनर भी फाड़ दिये गये. पार्टी के नेता अभिषेक बनर्जी और दुर्गापुर पूर्व विधानसभा के उम्मीदवार प्रदीप मजूमदार के पोस्टर पर कीचड़ पोत दिये गये हैं. टीएमसी का दावा है कि इसका मकसद इलाके में शांति भंग करना है. इसे भी पढ़ें : किसानों के लिए ‘फांसी का फंदा’ बन गया बंगाल का ‘सोना’, 15 साल में 136 मौत पर भाजपा ने ममता बनर्जी प्रशासन को घेरा इसे भी पढ़ें : बंगाल समेत अन्य राज्यों में वोट के लिए बांटी जा रही शराब, ड्रग्स और कैश, अब तक 651.55 करोड़ जब्त BJP का पलटवार- हार के डर से सहानुभूति का नाटक तृणमूल कांग्रेस के सभी आरोपों को हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) ने सिरे से खारिज कर दिया है. भाजपा के जिला प्रवक्ता सुमंत मंडल ने पलटवार करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस अपनी हार निश्चित देखकर अब ‘सहानुभूति’ बटोरने के लिए खुद ही ऐसे नाटक कर रही है. उन्होंने दावा किया कि जनता तृणमूल से मुंह मोड़ चुकी है. इसलिए वे ऐसे तरीके अपनाकर चर्चा में बने रहना चाहते हैं. भाजपा ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ऐसी नेतृत्व में विश्वास नहीं रखती. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें प्रशासन की पैनी नजर, तनाव बढ़ने का डर चुनाव से ठीक पहले हुई इस घटना ने दुर्गापुर में नेतृत्वक माहौल को गरमा दिया है. स्थानीय प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है, ताकि कोई बड़ी अप्रिय घटना न हो. इससे पहले भी दुर्गापुर के विभिन्न हिस्सों में प्रचार सामग्री को नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आ चुके हैं. इससे स्थानीय मतदाताओं की भी चिंता बढ़ रही है. इसे भी पढ़ें बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ दक्षिण 24 परगना में TMC नेता की ‘स्टीमरोलर’ वाली धमकी, BJP बोली- डरा रही ममता की पार्टी कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर को ECI ने बनाया तमिलनाडु का ऑब्जर्वर, ममता के भरोसेमंद IPS बोले- बीमार हूं ममता बनर्जी की महा-कसम : पहले बंगाल, फिर दिल्ली से उखाड़ फेंकूंगी बीजेपी को The post बंगाल चुनाव 2026: दुर्गापुर में अभिषेक बनर्जी और TMC उम्मीदवार पर पोता कीचड़, पोस्टर फाड़े, नेतृत्व गरमायी appeared first on Naya Vichar.

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संजू सैमसन या जसप्रीत बुमराह किसे मिलेगा इनाम? ICC अवार्ड के दोनों नॉमिनेट

Highlights संजू सैमसन का धमाकेदार प्रदर्शन जसप्रीत बुमराह की धारदार गेंदबाजी कोनोर एस्टरहुइजेन ने किया प्रभावित अवार्ड की रेस में कौन है आगे? ICC Player of the Month: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने मार्च 2026 के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ अवार्ड के नॉमिनेशन की घोषणा कर दी है. इस लिस्ट में हिंदुस्तान के दो खिलाड़ी और साउथ अफ्रीका का एक नया चेहरा शामिल है. टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया को चैंपियन बनाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को इस सम्मान के लिए चुना गया है. इनके साथ साउथ अफ्रीका के युवा क्रिकेटर कोनोर एस्टरहुइजेन भी इस अवार्ड की रेस में हैं. संजू सैमसन का धमाकेदार प्रदर्शन संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप में कमाल का स्पोर्ट्स दिखाया. उन्हें टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में स्पोर्ट्सने का मौका नहीं मिला था. लेकिन टीम में वापसी करते ही उन्होंने अपना दम दिखाया. वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर 8 के एक करो या मरो वाले मैच में संजू ने नाबाद 97 रन बनाए. इसके बाद सेमीफाइनल में इंग्लैंड और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने 89-89 रन की शानदार पारियां स्पोर्ट्सीं.  उन्हें इस वर्ल्ड कप में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का अवार्ड भी मिला. मार्च के महीने में स्पोर्ट्से गए तीन टी20 मुकाबलों में संजू ने 137.50 की औसत और 199.27 के स्ट्राइक रेट से 275 रन बनाए. इन बेहतरीन पारियों के कारण वह आईसीसी टी20 बैटिंग रैंकिंग में टॉप 20 के अंदर आ गए हैं. जसप्रीत बुमराह की धारदार गेंदबाजी टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में उनका प्रदर्शन बहुत ही शानदार रहा. वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में उन्होंने 2 विकेट लिए, जिसमे फॉर्म में चल रहे शिमरोन हेटमायर का बड़ा विकेट था.  इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में जहां विरोधी टीम 253 रन का पीछा कर रही थी और बाकी गेंदबाज महंगे साबित हो रहे थे, बुमराह ने 4 ओवर में सिर्फ 33 रन देकर 1 विकेट लिया. उन्होंने 16वें और 18वें ओवर में सिर्फ आठ और छह रन दिए. फाइनल मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ तो उन्होंने 4 ओवर में मात्र 15 रन देकर 4 विकेट चटकाए. उन्हें फाइनल का ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया. कोनोर एस्टरहुइजेन ने किया प्रभावित हिंदुस्तान के इन दो दिग्गजों के अलावा साउथ अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज कोनोर एस्टरहुइजेन को भी नॉमिनेट किया गया है. एसए20 लीग में अच्छे स्पोर्ट्स के बाद उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में डेब्यू करने का मौका मिला. एस्टरहुइजेन ने 5 मैचों में 50 की औसत और 145.98 के स्ट्राइक रेट से कुल 200 रन बनाए. पहले मैच में नाबाद 45 रन बनाने के बाद, चौथे मैच में उन्होंने 33 गेंदों पर 57 रन बनाए. इसके बाद पांचवें मैच में 33 गेंदों पर 75 रन की तेज पारी स्पोर्ट्सकर अपनी टीम को सीरीज 3-2 से जिता दी. इन दोनों ही मैचों में उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवार्ड मिला. अवार्ड की रेस में कौन है आगे? मार्च के महीने में इन तीनों ही क्रिकेटरों ने अपने शानदार स्पोर्ट्स से पूरी दुनिया को अपना फैन बनाया है. संजू सैमसन ने अहम मौकों पर बल्ले से रन बनाए, तो बुमराह ने अपनी सटीक गेंदबाजी से विरोधी टीमों को हारने पर मजबूर किया. दूसरी तरफ साउथ अफ्रीका के एस्टरहुइजेन ने भी खुद को एक मैच विनर साबित किया है. आईसीसी जल्द ही विजेता के नाम का ऐलान करेगी. ये भी पढ़ें- Video: RCB के इस खिलाड़ी ने मारा ऐसा छक्का की स्टेडियम के पार गई गेंद संजू सैमसन का फ्लॉप शो जारी, उठे सवाल, कोच फ्लेमिंग और डुप्लेसी ने ऐसे किया बचाव The post संजू सैमसन या जसप्रीत बुमराह किसे मिलेगा इनाम? ICC अवार्ड के दोनों नॉमिनेट appeared first on Naya Vichar.

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क्रेडिट कार्ड के ‘मायाजाल’ से बचें: ये 7 छिपे हुए खर्चे जो खाली कर सकते हैं आपकी जेब

Credit Card Fees: क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों हिंदुस्तानीयों के लिए यह समाचार बेहद जरूरी है. अगर आप सिर्फ ‘मिनिमम ड्यू’ भरकर निश्चिंत हो जाते हैं, तो आप भारी वित्तीय मुसीबत में फंस सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि क्रेडिट कार्ड पर लगने वाला ब्याज किसी भी अन्य लोन के मुकाबले सबसे ज्यादा होता है. इन 7 चार्जेस पर रखें नजर भारी भरकम ब्याज (Interest Rate): अगर आप बिल का पूरा भुगतान नहीं करते, तो बची हुई राशि पर 30 से 45 प्रतिशत सालाना ब्याज लगता है. प्रोफेसर संजीत सिंह के मुताबिक, लोग सोचते हैं कि ब्याज सिर्फ बकाया पर लगेगा, लेकिन असल में बैंक आपकी नई खरीदारी पर भी उसी दिन से ब्याज वसूलना शुरू कर देते हैं. लेट पेमेंट फीस (Late Payment Fee): तय तारीख (Due Date) निकल जाने पर बैंक ₹500 से ₹1500 तक की भारी पेनल्टी लगाते हैं. इससे न सिर्फ आपका बिल बढ़ता है, बल्कि आपका क्रेडिट स्कोर भी खराब होता है. कैश निकालने की गलती (Cash Advance Fee): क्रेडिट कार्ड से एटीएम से पैसे निकालना सबसे महंगा सौदा है. इस पर कोई ‘फ्री पीरियड’ नहीं मिलता और पहले ही दिन से 48% सालाना तक का ब्याज लगना शुरू हो जाता है. ओवर लिमिट फीस (Over Limit Fee): अगर आपकी लिमिट 1 लाख है और आपने गलती से 1 लाख 5 हजार खर्च कर दिए, तो बैंक इस ‘ओवर लिमिट’ के लिए आपसे भारी फीस (अमूमन ₹500 या खर्च का एक हिस्सा) वसूलता है. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि अपनी लिमिट का केवल 30% ही इस्तेमाल करें. विदेशी मुद्रा लेनदेन (Forex Markup Fee): अगर आप विदेश यात्रा पर हैं या किसी विदेशी वेबसाइट से खरीदारी कर रहे हैं, तो बैंक 2% से 3.5% तक कनवर्जन चार्ज वसूलते हैं. EMI कन्वर्जन के पीछे का स्पोर्ट्स: बड़ी खरीदारी को ईएमआई में बदलना आसान लगता है, लेकिन इसमें ‘प्रोसेसिंग फीस’ और ‘GST’ छिपे होते हैं. ईएमआई चुनने से पहले हमेशा ब्याज दरों की तुलना पर्सनल लोन से जरूर करें. सालाना और रिन्यूवल फीस: कई कार्ड ‘फ्री’ कहकर दिए जाते हैं लेकिन बाद में उन पर ‘एनुअल मेंटेनेंस चार्ज’ लगाया जाता है. हमेशा Life-Time Free (LTF) कार्ड चुनने की कोशिश करें. Also Read: 14 पैसे की मजबूती के साथ 93.04 पर बंद, RBI के कड़े कदमों का दिखने लगा असर The post क्रेडिट कार्ड के ‘मायाजाल’ से बचें: ये 7 छिपे हुए खर्चे जो खाली कर सकते हैं आपकी जेब appeared first on Naya Vichar.

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BH सीरीज नंबर प्लेट क्या है? जानिए कैसे बनवाएं, कौन ले सकता है और इसके फायदे

BH Series Number Plate: BH सीरीज की नंबर प्लेट हमें सड़कों पर जरूर दिख जाती है लेकिन कई लोग जानते ही नहीं कि ये असल में है क्या और किसके लिए है. अगर आप अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य ट्रांसफर होते रहते हैं, तो ये नंबर प्लेट आपके काफी काम आती है. BH का मतलब होता है Bharat Series. इसे प्रशासन ने 2021 में लॉन्च किया था ताकि लोगों को बार-बार गाड़ी री-रजिस्टर कराने की झंझट से राहत मिल सके. हालांकि, ये सुविधा हर किसी के लिए नहीं होती. सिर्फ कुछ खास लोग ही इसके लिए एलिजिबल होते हैं. आज हम आपको बताएंगे कि BH सीरीज नंबर प्लेट क्या है, इसे कौन ले सकता है, इसके फायदे क्या हैं, किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ती है और इसे अप्लाई कैसे करते हैं. साथ ही ये भी ध्यान रखें कि ये खास नंबर प्लेट सिर्फ प्राइवेट वाहनों के लिए होती है, कमर्शियल गाड़ियों के लिए नहीं. BH सीरीज नंबर प्लेट कौन ले सकता है? अगर आपकी नौकरी ऐसी है जिसमें आपको बार-बार एक राज्य से दूसरे राज्य जाना पड़ता है, तो BH सीरीज नंबर प्लेट आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. खासतौर पर ये सुविधा प्रशासनी कर्मचारियों, रक्षा कर्मियों, बैंक कर्मचारियों और उन बड़ी कंपनियों में काम करने वाले लोगों के लिए है, जिनके ऑफिस 4 या उससे ज्यादा राज्यों में मौजूद हैं. अगर आप भी इनमें आते हैं, तो आप आसानी से BH सीरीज. के लिए अप्लाई कर सकते हैं. BH सीरीज नंबर प्लेट के क्या फायदे हैं? अगर आप अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य शिफ्ट होते रहते हैं, तो कार का रजिस्ट्रेशन बदलवाना काफी झंझट भरा काम होता है. पेपरवर्क, फीस और ऊपर से समय की भी खपत होती है. लेकिन BH सीरीज नंबर प्लेट के साथ ये सारी टेंशन खत्म हो जाती है. इसे पूरे हिंदुस्तान में मान्यता मिली होती है. यानी आपको बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत ही नहीं पड़ती. BH सीरीज नंबर प्लेट के लिए कैसे करें अप्लाई? अगर आप BH सीरीज नंबर प्लेट लेना चाहते हैं, तो सबसे आसान तरीका है अपने कार डीलर की मदद लें. डीलर खुद ही आपकी पूरी प्रोसेस को आसान बना देता है. वो आपके लिए Form 20 भरने में मदद करेगा और सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ इसे RTO में सबमिट कर देगा. एप्लिकेशन के दौरान डीलर BH सीरीज का ऑप्शन भी सिलेक्ट कर देता है, जिससे आपको अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती. इसके बाद RTO आपकी एलिजिबिलिटी चेक करता है और जैसे ही सब कुछ सही पाया जाता है, आपको आपका BH सीरीज नंबर प्लेट जारी कर दिया जाता है. BH सीरीज नंबर प्लेट के लिए रोड टैक्स रोड टैक्स की बात करें तो आमतौर पर आपको 15 साल का टैक्स एक साथ भरना पड़ता है, जो कई लोगों के लिए भारी लग सकता है. लेकिन BH सीरीज में यह सिस्टम थोड़ा अलग और आसान है. यहां आपको पूरा टैक्स एक बार में देने की जरूरत नहीं होती, बल्कि हर 2 साल में थोड़ा-थोड़ा करके भुगतान करना होता है. एक बात ध्यान रखने वाली है कि 14 साल के बाद यह टैक्स हर साल देना पड़ता है. BH सीरीज में कोई रोड टैक्स छूट (discount) नहीं मिलती, ये भी जानना जरूरी है. BH सीरीज नंबर प्लेट के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स जरूरी हैं? इसमें आपका PAN कार्ड, Aadhaar कार्ड, कंपनी का वर्क ID और आपके एम्प्लॉयर द्वारा दिया गया Form 60 (वर्क सर्टिफिकेट) शामिल होता है. अच्छी बात ये है कि ये सभी डॉक्यूमेंट्स आमतौर पर आसानी से उपलब्ध होते हैं, बस इन्हें पहले से तैयार रखेंगे तो आपका पूरा प्रोसेस काफी स्मूद हो जाएगा. यह भी पढ़ें: हिंदुस्तान में कुछ कारों पर नीली नंबर प्लेट क्यों होती है? जानिए कौन होते हैं इसके असली मालिक The post BH सीरीज नंबर प्लेट क्या है? जानिए कैसे बनवाएं, कौन ले सकता है और इसके फायदे appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव 2026: TMC, BJP, कांग्रेस और CPM में ‘वंशवाद’ का बोलबाला, पढ़ें कहां से कौन लड़ रहा चुनाव

West Bengal Election 2026 Dynasty Politics: पश्चिम बंगाल कभी छात्र नेतृत्व और जमीनी आंदोलनों से नेता पैदा करने के लिए जाना जाता था. वही बंगाल 2026 के विधानसभा चुनाव में एक बड़े बदलाव का गवाह बन रहा है. बंगाल की नेतृत्व में इस बार वंशवाद (Dynasty Politics) का बोलबाला दिख रहा है. सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) हो, विपक्षी हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस या फिर वामदल (Left Front), सभी ने इस बार ‘विरासत’ के नाम पर टिकटों की बारिश कर दी है. विरासत को सहेजने में सबसे आगे TMC ममता बनर्जी की पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस बार सबसे अधिक ‘नेतृत्वक वंशजों’ को चुनाव के मैदान में उतारा है. मानिकतला : दिवंगत मंत्री साधन पांडे की बेटी श्रेया पांडे को उम्मीदवार बनाया गया है. बागदा : यहां से मधुपर्णा ठाकुर चुनावी रण में हैं. अन्य नाम : वसुंधरा गोस्वामी (पूर्वस्थली उत्तर) और रितुपर्णा आध्या (बनगांव दक्षिण) भी पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं. खास जोड़ा : सिंगूर से बेचाराम मान्ना और उनकी पत्नी करबी मान्ना (हरिपाल विधानसभा सीट से) की जोड़ी फिर से मैदान में है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें BJP : ‘वंशवाद’ के विरोध के बावजूद अपनों पर दांव वंशवाद पर बार-बार प्रहार करने वाली भाजपा भी बंगाल में ‘सफेदपोश परिवारों’ से अछूती नहीं रही. देखिये, भाजपा ने किन लोगों को टिकट दिया है, जिनका परिवार नेतृत्व करता रहा है. मतुआ फैक्टर : भाजपा ने सुब्रत ठाकुर को मैदान में उतारा है, जो एक बड़े नेतृत्वक परिवार से आते हैं. दिलचस्प बात यह है कि बागदा सीट पर उनकी रिश्तेदार सोमा ठाकुर का मुकाबला टीएमसी की मधुपर्णा ठाकुर से है. बड़ानगर : यहां से सजल घोष उम्मीदवार हैं. वह पूर्व कांग्रेस नेता प्रदीप घोष के बेटे हैं. एगरा : शुभेंदु अधिकारी के भाई दिव्येंदु अधिकारी को चुनावी मैदान में उतारा गया है. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी 40 लाख रुपए लेकर उतरीं थीं नंदीग्राम में, सबसे हाई-प्रोफाईल चुनाव में खर्च किये 21.88 लाख इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: दिलीप घोष की संपत्ति में बंपर उछाल, अब हैं ‘कर्जमुक्त’, सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब भी करोड़ों के मालिक वामपंथी और कांग्रेस : पुराने गढ़, नये वारिस CPM : पूर्व मंत्री गौतम देब के बेटे सप्तर्षि देब (राजरहाट-न्यू टाउन) और पूर्व विधायक पद्मानिधि धर की पोती दिप्सिता धर (दमदम उत्तर) वामपंथ का नया चेहरा हैं. कांग्रेस : कांग्रेस की दिग्गज शख्सीयत एबीए गनी खान चौधरी की भतीजी मौसम नूर मलातीपुर से अपनी साख बचाने की लड़ाई लड़ रही हैं. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी की फिसली जुबान, शुभेंदु अधिकारी ने वीडियो शेयर कर पूछा- क्या यही है बंगाल की गरिमा? इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: सीएम फेस पर शमिक भट्टाचार्य ने कर दिया बड़ा ऐलान, जानें किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगी भाजपा क्यों बदला बंगाल का मिजाज? नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में छात्र नेतृत्व की ‘नर्सरी’ अब वैसी प्रतिभा पैदा नहीं कर पा रही, जैसी बुद्धदेव भट्टाचार्य या ममता बनर्जी के दौर में होती थी. अब पार्टियां जिताऊ (Winnable) उम्मीदवारों की तलाश में रहतीं हैं. इसलिए उन चेहरों को चुन रही हैं, जिनके पास पहले से ही एक स्थापित वोट बैंक और पारिवारिक विरासत है. विरासत संभालने वाले उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट यहां देखें उम्मीदवार का नाम पार्टी निर्वाचन क्षेत्र नेतृत्वक/पारिवारिक पृष्ठभूमि श्रेया पांडे TMC मानिकतला दिवंगत मंत्री साधन पांडे की बेटी और वर्तमान विधायक सुप्ति पांडे की बेटी अभिजीत घटक TMC कुल्टी पूर्व मंत्री और आसनसोल उत्तर से प्रत्याशी मलय घटक के भाई सुभाशीष दास TMC महेशतला पूर्व विधायक दुलाल दास के बेटे और विधायक रत्ना चटर्जी के भाई शीर्षन्या बंद्योपाध्याय TMC उत्तरपाड़ा 1 बार के सांसद कल्याण बंद्योपाध्याय के बेटे संदीपन साहा TMC एंटाली दिग्गज विधायक स्वर्ण कमल साहा के बेटे तीर्थंकर घोष TMC पानीहाटी वर्तमान विधायक निर्मल घोष के बेटे मधुपर्णा ठाकुर TMC बागदा मतुआ ठाकुरबाड़ी परिवार की सदस्य (ममता बाला ठाकुर की बेटी) वसुंधरा गोस्वामी TMC पूर्वस्थली उत्तर दिवंगत दिग्गज नेता क्षिति गोस्वामी की बेटी रितुपर्णा आध्या TMC बनगांव दक्षिण नेतृत्वक परिवार की विरासत (शंकर आध्या से संबंधित) दिब्येंदु अधिकारी BJP एगरा शुभेंदु अधिकारी के भाई और शिशिर अधिकारी के बेटे पवन सिंह BJP भाटपारा पूर्व सांसद अर्जुन सिंह के बेटे (अर्जुन सिंह खुद नोआपारा से प्रत्याशी हैं) सुब्रत ठाकुर BJP बनगांव (लोकसभा/क्षेत्र) मतुआ समुदाय के प्रमुख नेतृत्वक परिवार से सोमा ठाकुर BJP बागदा ठाकुरबाड़ी परिवार की सदस्य (मधुपर्णा ठाकुर की रिश्तेदार) सजल घोष BJP बड़ानगर पूर्व कांग्रेस नेता प्रदीप घोष के बेटे मौसम नूर Congress मालतीपुर दिग्गज कांग्रेसी नेता एबीए गनी खान चौधरी की भांजी नेपाल महतो Congress बागमुंडी पूर्व सांसद देवेंद्र महतो के बेटे रोहन मित्रा Congress बालीगंज दिवंगत दिग्गज नेता सोमेन मित्रा के बेटे अली इमरान रम्ज (विक्टर) Congress चाकुलिया/गोआलपोखर प्रमुख नेतृत्वक परिवार (रम्ज परिवार) के वारिस सप्तर्षि देब CPM राजारहाट-न्यू टाउन पूर्व मंत्री और कद्दावर वामपंथी नेता गौतम देब के बेटे दिप्सिता धर CPM दमदम उत्तर पूर्व विधायक पद्मानिधि धर की पोती इसे भी पढ़ें अग्निमित्रा पॉल की संपत्ति 5 साल में हुई डबल, दर्ज हैं 22 आपराधिक मामले एक दशक में 16 राज्यों में हुए चुनाव, चुनावी हिंसा में पश्चिम बंगाल नंबर-1 भाजपा के 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट आउट, मोदी-शाह के साथ कंगना और मिथुन मचायेंगे धमाल ‘स्पोर्ट्सा होबे’ के बाद ‘आबार जीतबे बांग्ला’, ममता का ‘बोर्गी’ दांव बनाम भाजपा का ‘जय मां काली’, नारों के युद्ध में कौन भारी? The post बंगाल चुनाव 2026: TMC, BJP, कांग्रेस और CPM में ‘वंशवाद’ का बोलबाला, पढ़ें कहां से कौन लड़ रहा चुनाव appeared first on Naya Vichar.

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Bhoot Bangla Trailer में हॉरर-कॉमेडी का रोलरकोस्टर लेकर लौटी प्रियदर्शन-अक्षय की जोड़ी, फैंस बोले- ‘प्योर नास्टैल्जिया’

Bhoot Bangla Trailer: प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की जोड़ी एक बार फिर ‘भूत बंगला’ में धमाका करने आ रही है. फिल्म का ट्रेलर अब रिलीज हो गया है और दर्शकों को एंटरटेनमेंट का जबरदस्त डोज दे रहा है, जिसमें खूब सारी कॉमेडी, हल्का-सा डर और मजेदार सिचुएशन देखने को मिलते हैं. अक्षय कुमार, परेश रावल और राजपाल यादव की शानदार कॉमिक टाइमिंग और भूतिया बंगले की डरावनी सेटिंग एक साथ मिलकर दर्शकों को हंसाने और थ्रिल करने का पूरा अनुभव देती है. फिल्म पुराने समय की प्रियदर्शन-अक्षय कुमार की कॉमेडी का नॉस्टैल्जिया और नया ट्विस्ट दोनों लेकर आ रही है. आइए बताते हैं ट्रेलर में क्या है और फिल्म की पूरी डिटेल्स. यहां देखें भूत बंगला का ट्रेलर- क्या दिखा ट्रेलर में? ट्रेलर में दिखाया गया है कि अक्षय कुमार का किरदार एक पुराने बंगले का वारिस बनता है. बंगले के पीछे एक डरावना जंगल है जिसे पिशाच वन कहा जाता है. भूतिया होने के बावजूद अक्षय बंगले को छोड़ने को तैयार नहीं हैं और शादी करने की जिद में लगे रहते हैं. इस बीच गांव में एक खतरनाक आत्मा ‘वधुसुर’ का डर फैला हुआ है, जिसकी वजह से वहां कोई शादी नहीं करता. लेकिन अक्षय इसे नजरअंदाज करते हुए अपनी शादी की तैयारी में जुट जाते हैं. ट्रेलर में दिखाया गया है कि अक्षय किस तरह मजेदार तरीके से डर को कम करके दिखाने की कोशिश करते हैं, जबकि परेश रावल और मिथिला पालकर अपने किरदारों के जरिए चेतावनी देते हैं. ट्रेलर में तब्बू भी नजर आती हैं. उनका किरदार कहानी में एक रहस्यमय और मजेदार ट्विस्ट लाता है. उनके लुक और परफॉर्मेंस से ट्रेलर में एक अलग तरह का इंटरेस्ट और एंटरटेनमेंट जुड़ता है. कुल मिलाकर ट्रेलर में कई कॉमिक सिचुएशन हैं, जैसे अक्षय का डर को हल्के में लेना, अजीबोगरीब हालात और मजेदार डायलॉग्स. वहीं बंगले के डरावने सीन्स हल्की सस्पेंस और थ्रिल का टच भी देते हैं, जिससे देखने वाले हर पल एंटरटेनमेंट में डूबे रहते हैं. फैंस के रिएक्शन भूत बंगला की रिलीज डेट और स्टार कास्ट भूत बंगला 16 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. इस हॉरर-कॉमेडी में अक्षय के साथ तब्बू, वामिका गब्बी, परेश रावल, राजपाल यादव, असरानी (दिवंगत एक्टर) और मिथिला पालकर जैसे कलाकार नजर आएंगे. यह भी पढ़ें: OTT Releases This Week: इस हफ्ते OTT पर मिलेगा फुल एंटरटेनमेंट, मिस न करें ये नई रिलीज The post Bhoot Bangla Trailer में हॉरर-कॉमेडी का रोलरकोस्टर लेकर लौटी प्रियदर्शन-अक्षय की जोड़ी, फैंस बोले- ‘प्योर नास्टैल्जिया’ appeared first on Naya Vichar.

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बिना JEE के मिलता है इस कॉलेज में एडमिशन, NIRF रैंकिंग में टॉप 20 में शामिल 

Best College Admission Episode 6: अगर आप इंजीनियरिंग या दूसरे प्रोफेशनल कोर्स करने में रुचि रखते हैं, तो वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) एक बहुत अच्छा ऑप्शन माना जाता है. हर साल हजारों स्टूडेंट यहां एडमिशन के लिए अप्लाई करते हैं. आइए बेस्ट कॉलेज एडमिशन (Best College Admission) सीरिज के 6वें एपिसोड में जानते हैं कि देश के टॉप VIT कॉलेजों में एडमिशन प्रोसेस क्या है. साथ ही क्या योग्यता मांगी जाती है.  Best College Admission: VIT क्या है और क्यों चुनें?  वीआईटी एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी है, जो अपने बेहतरीन प्लेसमेंट और मॉडर्न कैंपस के लिए जानी जाती है. इसके कैंपस वेल्लोर, चेन्नई, भोपाल और अमरावती में हैं. यहां स्टूडेंट्स को अच्छी पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री एक्सपोजर भी मिलता है. आइए, जानते हैं इस संस्थान की रैंकिंग. VIT वेल्लोर: NIRF रैंकिंग 2025 कैटेगरी (Category) NIRF 2025 रैंक इंजीनियरिंग (Engineering) 16 यूनिवर्सिटी (University) 14 रिसर्च (Research) 14 ओवरऑल (Overall) 21 कैसे मिलता है एडमिशन? VIT (Best College Admission) में एडमिशन लेने के लिए कुछ बेसिक एलिजिबिलिटी होनी चाहिए, जैसे-  12वीं पास (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स/ बायोलॉजी) होना जरूरी है.  कम से कम 60% मार्क्स 12वीं में हो.  इंग्लिश सब्जेक्ट होना चाहिए. VITEEE एग्जाम पास करना है जरूरी VIT में BTech में एडमिशन के लिए VIT इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जामिनेशन (VITEEE) देना होता है. यह एक ऑनलाइन एंट्रेंस एग्जाम है. इस परीक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री, इंग्लिश, एप्टीट्यूड और मैथ्स/ बायोलॉजी सब्जेक्ट से सवाल पूछे जाते हैं. यह एग्जाम हर साल अप्रैल के आसपास होता है. काउंसलिंग के बाद मिलेगा एडमिशन परीक्षा के कुछ हफ्तों के बाद रिजल्ट ऑनलाइन जारी किया जाता है. आपकी रैंक के आधार पर ही आपको काउंसलिंग के लिए बुलाया जाता है. VIT में कोई कट-ऑफ मार्क्स नहीं होते, बल्कि रैंक बेस्ड  काउंसलिंग होती है.  ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?  सबसे पहले VIT की ऑफिशियल वेबसाइट viteee.vit.ac.in पर जाएं.  Apply Now पर क्लिक करें.  अपनी सारी डिटेल्स डालकर रजिस्ट्रेशन करें.  रजिस्ट्रेशन करने के बाद फॉर्म भर सकते हैं.  फिर एप्लीकेशन फीस ऑनलाइन जमा करें.  लास्ट में सबमिट करके प्रिंटआउट निकाल लें. यह भी पढ़ें: IIT खड़गपुर में पढ़ने का है सपना? प्लेसमेंट के बारे में पहले जान लें ये बातें The post बिना JEE के मिलता है इस कॉलेज में एडमिशन, NIRF रैंकिंग में टॉप 20 में शामिल  appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा चूक: गेट तोड़कर घुसी कार, नकाबपोश ड्राइवर बुके रखकर फरार

Delhi Assembly: सोमवार दोपहर करीब 2 बजे दिल्ली विधानसभा परिसर में एक हैरान करने वाली घटना हुई. एक तेज रफ्तार कार ने विधानसभा के गेट नंबर 2 को टक्कर मार दी और सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए अंदर घुस गई. अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. नकाबपोश ड्राइवर और फूलों का बुके न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार पर उत्तर प्रदेश (UP) का रजिस्ट्रेशन नंबर था. कार चलाने वाले शख्स ने चेहरा छिपाने के लिए मास्क पहना हुआ था. गेट तोड़ने के बाद ड्राइवर सीधे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के ऑफिस की तरफ गया. वहां उसने पोर्च के पास फूलों का एक बुके रखा और तुरंत अपनी कार के साथ मौके से फरार हो गया. #WATCH | Visuals from Delhi Assembly premises after a car tried to enter the premises forcefully, breaching the security barriers. More details are awaited. https://t.co/4DiWFGhXKm pic.twitter.com/c5KfDS6luA — ANI (@ANI) April 6, 2026 सुरक्षा पर खड़े हुए बड़े सवाल दिल्ली सचिवालय के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि कार के इस तरह अंदर घुसने और स्पीकर के ऑफिस तक पहुंचने को एक बहुत बड़ी सुरक्षा चूक माना जा रहा है. अधिकारी ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है. यह घटना इसलिए भी डराने वाली है क्योंकि हाल ही में बजट सत्र के दौरान दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है. ये भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच हिंदुस्तान को राहत, LPG लेकर होर्मुज से निकला ग्रीन आशा ये भी पढ़ें: ट्रंप की धमकी, होर्मुज खोलो वरना तबाही! ईरान बोला- खोल देंगे जहन्नुम के दरवाजे The post दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा चूक: गेट तोड़कर घुसी कार, नकाबपोश ड्राइवर बुके रखकर फरार appeared first on Naya Vichar.

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