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Author name: Vinod Jha

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समस्तीपुर

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे अलाइनमेंट की सुधार को लेकर दिया धरना प्रदर्शन 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित अलाइनमेंट के विरोध में बुधवार को पटना पूर्णिया एक्सप्रेसवे रूट सुधार को लेकर जन संघर्ष समिति के बैनर तले मूसलाधार बारिश के बावजूद सैकड़ों ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों ने सरायरंजन प्रखंड कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही बीडीओ एवं सीओ के माध्यम से जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रस्तावित अलाइनमेंट किलोमीटर 48+000 से किलोमीटर 53+000 से केएसआर कॉलेज समेत सैकड़ों रिहाइशी मकान और दुकानें ध्वस्त हो जाएंगी। इसलिए प्रशासन घनी आबादी को बचाते हुए ग्रीनफील्ड विकल्प को अपनाए। समिति के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित परिवारों से वार्ता कर रूट में सुधार नहीं किया गया, तो 11 अगस्त से दैनिक विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम के साथ चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान मौके पर मुख्य रूप से सुरेश महतो, अवधेश झा, सुशील यादव, किशोरी साह, पप्पू साह, विजय सहनी, शिवकुमार झा, बलवंत सिंह राठौर, संजीव कुमार इनक़लाबी, अमरनाथ झा, अविनाश साह, विजय झा, केशव कुमार और दिनेश झा सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।

समस्तीपुर

सरायरंजन की तीन पंचायतों में जनसहयोग शिविर, 300 से अधिक लाभुक पहुंचे; 150 से ज्यादा आवेदनों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन

धर्मपुर, वाजिदपुर मेयारी और खजुरी पंचायत में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र का वितरण, अधिकारियों ने योजनाओं की जानकारी भी दी नया विचार न्यूज़ सरायरंजन | प्रखंड क्षेत्र की तीन पंचायतों में बुधवार को प्रशासन की पहल पर जनसहयोग शिविर का आयोजन किया गया। धर्मपुर, वाजिदपुर मेयारी और खजुरी पंचायत भवन में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विभिन्न प्रशासनी योजनाओं और प्रमाण पत्रों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन दिए। शिविर में तीनों पंचायतों से 300 से अधिक लाभुक पहुंचे, जिनमें से विभिन्न विभागों से संबंधित 150 से अधिक आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को प्रशासनी योजनाओं का लाभ पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराना तथा विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों का त्वरित निष्पादन करना था। इसके तहत राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, जन्म एवं मृत्यु निबंधन समेत अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। लाभुकों की समस्याओं को सुनकर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की गई। धर्मपुर, वाजिदपुर मेयारी और खजुरी पंचायत में आयोजित शिविर के दौरान कई लाभुकों को जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सुनील कुमार, अंचलाधिकारी (सीओ) निशांत कुमार, धर्मपुर पंचायत के मुखिया मो. अलाउद्दीन तथा वाजिदपुर मेयारी पंचायत के मुखिया बिरजु राय ने संयुक्त रूप से लाभुकों को प्रमाण पत्र सौंपे। अधिकारियों ने शिविर में मौजूद लोगों से कहा कि प्रशासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए समय पर आवेदन करें और किसी भी समस्या की स्थिति में पंचायत या प्रखंड कार्यालय से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य लोगों को प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाने से बचाना और अधिक से अधिक सेवाएं उनके गांव में ही उपलब्ध कराना है। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों के कर्मियों ने लोगों को प्रशासनी योजनाओं की जानकारी भी दी। पात्र लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रमाण पत्र, राजस्व संबंधी मामलों तथा अन्य जनसेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे प्रशासनी योजनाओं का लाभ लेने के लिए सही दस्तावेजों के साथ आवेदन करें, ताकि उनका कार्य समय पर पूरा किया जा सके। तीनों पंचायतों में आयोजित शिविर में सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति रही। लाभुकों ने पंचायत स्तर पर प्रशासनी सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें समय और खर्च दोनों की बचत हुई। प्रशासन ने भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों के माध्यम से आम लोगों तक प्रशासनी सेवाएं पहुंचाने की बात कही।

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सुप्रीम कोर्ट में अब होंगे 38 जज: संसद से न्यायाधीश संख्या संशोधन विधेयक 2026 को मिली मंजूरी

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस विधेयक को चर्चा और विचार के लिए राज्यसभा में पेश किया. इस दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर नारेबाजी कर रहे थे. उपसभापति हरिवंश के आग्रह के बावजूद हंगामा जारी रहा, जिसके बीच चर्चा शुरू कराई गई. विपक्ष ने सदन से किया वॉकआउट विपक्ष के कई दलों ने शुरुआत में सदन से वॉकआउट (बहिर्गमन) किया, हालांकि बाद में तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, आप, राजद, माकपा और झामुमो के सदस्य चर्चा में शामिल होने के लिए वापस लौट आए. न्यायिक सुधार और मामलों के तेजी से निपटारे पर जोर चर्चा का जवाब देते हुए कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यह विधेयक न्यायिक क्षेत्र में सुधार की एक महत्वपूर्ण कड़ी है. जजों की संख्या बढ़ने से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी. उन्होंने बताया कि 1950 में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के समय जजों की कुल संख्या (CJI समेत) मात्र आठ थी, जो इस संशोधन के बाद अब 38 हो जाएगी. मई में आया था अध्यादेश, 2019 में हुई थी आखिरी वृद्धि कानून मंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसी साल मई में जजों की संख्या बढ़ाने वाले विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी थी, जिसके बाद प्रशासन अध्यादेश लेकर आई थी. इस अध्यादेश के आधार पर ही सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति भी की जा चुकी है. इसके बाद 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन इसे संसद में पेश किया गया था. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 2019 में बढ़ाई गई थी, जब CJI को छोड़कर जजों की स्वीकृत संख्या 30 से बढ़ाकर 33 (कुल 34) की गई थी. ये भी पढ़ें: छात्रों के प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, कहा- हिंसा का जवाब हिंसा नहीं हो सकता ; प्रशासन को धैर्य से काम लेना चाहिए ये भी पढ़ें: जजों की रिटायरमेंट उम्र पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को 14 दिनों का दिया अल्टीमेटम The post सुप्रीम कोर्ट में अब होंगे 38 जज: संसद से न्यायाधीश संख्या संशोधन विधेयक 2026 को मिली मंजूरी appeared first on Naya Vichar.

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Flipkart Freedom Sale से पहले Motorola फोन की कीमतों पर उठे सवाल, टिप्स्टर ने कहा- डिस्काउंट सिर्फ दिखावा?

Flipkart Freedom Sale 2026 शुरू होने से पहले ही इसकी कुछ डील्स को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं. एक चर्चित टेक टिप्स्टर का दावा है कि Motorola के कई स्मार्टफोन्स पर दिखाए जा रहे सेल प्राइस वास्तव में उनकी सामान्य रिटेल कीमतों के बराबर हैं. यानी जिन कीमतों को बड़े डिस्काउंट के तौर पर पेश किया जा रहा है, वे पहले से ही बाजार में उपलब्ध हैं. हालांकि, Flipkart की ओर से इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. ऐसे में खरीदारों को किसी भी ऑफर का फायदा उठाने से पहले कीमतों की जांच जरूर कर लेनी चाहिए. टिप्स्टर ने शेयर किए सेल प्राइस टेक टिप्स्टर संजू चौधरी ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दावा किया कि Flipkart Freedom Sale 2026 में Motorola के कई स्मार्टफोन्स की कीमतों को डिस्काउंट के तौर पर दिखाया जा रहा है, जबकि वे पहले से ही उसी रेंज में उपलब्ध हैं. पोस्ट के मुताबिक Motorola Edge 70 और Edge 70 Fusion की कीमत ₹27,999 दिखाई गई है. वहीं Edge 60 Pro 5G की कीमत ₹28,999 और Edge 60 Fusion (256GB) की कीमत ₹27,999 बताई गई है. टिप्स्टर का कहना है कि ये कीमतें किसी बड़े सेल ऑफर जैसी नहीं लगतीं. (टिप्सटर ने एक्स पर शेयर की फ्लिपकार्ट सेल में मोटो स्मार्टफोन्स पर डील्स.) प्रीमियम मॉडल्स को लेकर भी दावा सिर्फ मिड-रेंज स्मार्टफोन ही नहीं, बल्कि प्रीमियम मॉडल्स को लेकर भी इसी तरह का दावा किया गया है. पोस्ट के अनुसार Motorola Edge 70 Pro की कीमत ₹36,999, Moto G77 Power की ₹21,999 और Razr Fold की कीमत लगभग ₹1,39,999 दिखाई गई है. Signature Edition की कीमत ₹52,499 बताई गई है. टिप्स्टर का आरोप है कि इन कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा, जबकि इन्हें सेल ऑफर के रूप में प्रचारित किया जा रहा है. खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान फेस्टिव सेल के दौरान कई बार बैंक ऑफर, एक्सचेंज बोनस और कूपन को मिलाकर बड़ी बचत दिखाई जाती है. ऐसे में केवल “डिस्काउंट” टैग देखकर खरीदारी करने के बजाय अलग-अलग प्लैटफॉर्म पर कीमतों की तुलना करना बेहतर रहेगा. अगर आप Motorola या किसी अन्य ब्रांड का स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो प्राइस हिस्ट्री ट्रैक करने वाले टूल्स या वेबसाइट्स की मदद ले सकते हैं. इससे यह पता चल सकेगा कि दिखाया जा रहा ऑफर वास्तव में नया है या पहले भी यही कीमत उपलब्ध थी. क्या सचमुच मिलेगा फायदा? फिलहाल यह जानकारी केवल एक टिप्स्टर के दावे पर आधारित है और Flipkart ने इन आरोपों की पुष्टि या खंडन नहीं किया है. ऐसे में Freedom Sale शुरू होने के बाद वास्तविक कीमत, बैंक ऑफर, एक्सचेंज वैल्यू और अन्य लाभों की जांच करना ही समझदारी होगी. अगर ऑफर वास्तविक हुआ तो ग्राहकों को फायदा मिलेगा, लेकिन यदि कीमत पहले जैसी ही रही तो डिस्काउंट का दावा सिर्फ प्रचार तक सीमित रह सकता है. ये भी पढ़ें: Amazon Great Freedom Sale में OnePlus फोन पर बंपर छूट, ₹17,499 से शुरू होगी कीमत, देखें पूरी लिस्ट ये भी पढ़ें: POCO M8 Power खरीदें या नहीं? जानें कीमत, फीचर्स और पूरी डिटेल The post Flipkart Freedom Sale से पहले Motorola फोन की कीमतों पर उठे सवाल, टिप्स्टर ने कहा- डिस्काउंट सिर्फ दिखावा? appeared first on Naya Vichar.

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Spider-Man Brand New Day Box Office: 300 करोड़ क्लब में शामिल हुई टॉम हॉलैंड की ‘स्पाइडर-मैन’, छठे दिन भी करोड़ों में हुई कमाई

Spider-Man Brand New Day Box Office Day 6: टॉम हॉलैंड की ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ हिंदुस्तान में शानदार कमाई कर रही है. ओपनिंग वीकेंड के बाद फिल्म की कमाई में हल्की गिरावट जरूर देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद इसकी रफ्तार अब भी मजबूत बनी हुई है. सबसे बड़ी बात यह है कि फिल्म ने रिलीज के सिर्फ 6 दिनों में ही 300 करोड़ रुपये नेट क्लब में एंट्री कर ली है. आइए जानते हैं कि छठे दिन फिल्म ने कितनी कमाई की और अब तक इसका कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कितना पहुंच गया है. डे 6 पर फिल्म ने कमाए इतने करोड़ स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे कलेक्शन, फोटो- इंस्टाग्राम बॉक्स ऑफिस ट्रैकर Sacnilk के मुताबिक, फिल्म ने रिलीज के छठे दिन यानी मंगलवार को 21.50 करोड़ रुपये नेट का कलेक्शन किया. इसके साथ ही फिल्म की हिंदुस्तान में कुल नेट कमाई 303.25 करोड़ रुपये और ग्रॉस कलेक्शन 362.61 करोड़ रुपये पहुंच गया है. कैसा रहा थिएटर ऑक्यूपेंसी? मंगलवार को फिल्म की English 3D स्क्रीनिंग में कुल 24.97% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई. सुबह के शोज में 15.67%, दोपहर में 22.33%, शाम में 28.89% और रात के शोज में 33% ऑक्यूपेंसी रही. वहीं Hindi 3D में 22.58%, Hindi 2D में 16.27% और English 2D में 25.75% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई. इससे साफ है कि वीकडे में भी फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. दुनियाभर में भी बनाया बड़ा रिकॉर्ड हिंदुस्तान ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में भी ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का जलवा देखने को मिल रहा है. Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने 1 बिलियन डॉलर (करीब 8,700 करोड़ रुपये) का आंकड़ा पार कर लिया है. ऐसे में यह साल की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल हो गई है. फिल्म में कौन-कौन हैं? Destin Daniel Cretton के निर्देशन में बनी इस फिल्म में टॉम हॉलैंड के अलावा जेंडाया, जैकब बैटलॉन, मार्क रफालो, जॉन बर्नथल, सैडी सिंक और ट्रामेल टिलमैन भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं. यह टॉम हॉलैंड की स्पाइडर-मैन सीरीज की चौथी सोलो फिल्म है. ये भी पढ़ें: टॉम हॉलैंड की फिल्म का जलवा बरकरार, ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ ने 5 दिनों में कमा लिए इतने करोड़ The post Spider-Man Brand New Day Box Office: 300 करोड़ क्लब में शामिल हुई टॉम हॉलैंड की ‘स्पाइडर-मैन’, छठे दिन भी करोड़ों में हुई कमाई appeared first on Naya Vichar.

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नोएडा की चिप फैक्ट्री में लगी आग, दीवार गिरने से 2 फायरकर्मियों की मौत , 500 लोगों को सुरक्षित निकाला

UP News: ग्रेटर नोएडा से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. इलेक्ट्रॉनिक चिप बनाने वाली कंपनी में लगी भीषण आग पर काबू पाने के दौरान फायर ब्रिगेड के दो जवानों ने अपनी जान गंवा दी. राहत की बात यह रही कि समय रहते कंपनी में नाइट शिफ्ट में काम कर रहे करीब 500 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अचानक कंपनी की दीवार और लोहे का बीम गिर गया, जिसकी चपेट में पांच फायरकर्मी आ गए. इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. तड़के लगी आग, मच गई अफरा-तफरी घटना ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित ILGIM कंपनी की है, जहां इलेक्ट्रॉनिक चिप बनाने का काम होता है. मंगलवार तड़के करीब 3 बजे कंपनी में भीषण आग लगने की सूचना मिली. देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार पूरे परिसर में फैल गया. उस समय कंपनी में नाइट शिफ्ट के करीब 500 कर्मचारी मौजूद थे. आग लगते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और कई कर्मचारी अंदर फंस गए. सबसे पहले 500 कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई. फायरकर्मियों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. सबसे पहले कंपनी में फंसे सभी करीब 500 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इसके बाद दमकल कर्मी आग पर काबू पाने में जुट गए. आग बुझाते समय गिरी दीवार, पांच फायरकर्मी मलबे में दबे सुबह करीब 5 बजे जब फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझा रही थी, तभी कंपनी की एक दीवार और लोहे का भारी बीम अचानक भरभराकर गिर पड़ा. हादसे में मुख्य आरक्षी चालक राजपाल सिंह, मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह (48), फायरमैन रोहित यादव (32), मनीष कुमार और अमित कुमार मलबे के नीचे दब गए. सभी को तत्काल रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया. इलाज के दौरान दो फायरकर्मियों की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान फायरमैन रोहित यादव और मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह की मौत हो गई. दोनों मूल रूप से बागपत के रहने वाले थे. तीरथपाल सिंह वर्ष 1997 में फायर विभाग में भर्ती हुए थे, जबकि रोहित यादव ने वर्ष 2016 में विभाग जॉइन किया था. हादसे में घायल तीन अन्य फायरकर्मियों का इलाज जारी है. पुलिस कमिश्नर ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल घटना की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित यथार्थ अस्पताल पहुंचीं. उन्होंने घायल फायरकर्मियों और डॉक्टरों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना. साथ ही परिजनों से मिलकर हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया. कर्मचारियों ने कहा- आग कैसे लगी, अभी पता नहीं कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी राजीव ने बताया कि जब वह सुबह की शिफ्ट में ड्यूटी पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि रात में आग लगने की वजह से आज छुट्टी कर दी गई है. उन्होंने बताया कि नाइट शिफ्ट में मौजूद कर्मचारियों से बातचीत में भी आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी. फिलहाल आग लगने का कारण सामने नहीं आया है. डीसीपी बोले- हर पहलू की होगी जांच डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि आग लगने और उसके बाद हुए हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कराई जा रही है. साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि कंपनी में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा था या नहीं. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. Must Read- चर्चित विनोद सिंघल हत्याकांड का आरोपी एनकाउंटर में ढेर, 1 लाख के इनामी फुरकान का हुआ अंत The post नोएडा की चिप फैक्ट्री में लगी आग, दीवार गिरने से 2 फायरकर्मियों की मौत , 500 लोगों को सुरक्षित निकाला appeared first on Naya Vichar.

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चांदी की पायल में चाहिए नया डिजाइन? 10-15 ग्राम में मिलेंगे खूबसूरत ऑप्शन

Silver Payal Designs: सावन का महीना आते ही स्त्रीएं अपने श्रृंगार की तैयारियों में लग जाती हैं. इस दौरान नई चूड़ियां, साड़ी, बिंदी और चांदी की पायल खरीदना शुभ माना जाता है. अगर आप भी इस बार 10 से 15 ग्राम के बीच खूबसूरत और बजट फ्रेंडली पायल खरीदना चाहती हैं, तो बाजार में कई ऐसे डिजाइन मौजूद हैं जो ट्रेडिशनल के साथ मॉडर्न लुक भी देते हैं. चार्म वाली पायल मोती वाली चांदी की पायल की डिजाइन सिंपल और एलिगेंट लुक पसंद करने वाली स्त्रीओं के लिए मोतियों वाली चांदी की पायल हमेशा अच्छा विकल्प रहती है. पतली सिल्वर चेन में छोटे-छोटे सिल्वर या रंगीन मोती लगे होते हैं, जो इसे बेहद आकर्षक बनाते हैं. यह डिजाइन डेली वियर के साथ-साथ पूजा और छोटे फंक्शन में भी आसानी से पहना जा सकता है. एंकलेट स्टाइल डिजाइन लेयर वाली चांदी की पायल की डिजाइन अगर आपको थोड़ा हैवी लेकिन स्टाइलिश लुक पसंद है, तो लेयर्ड डिजाइन वाली पायल चुन सकती हैं. इसमें दो या तीन पतली चेन एक साथ जुड़ी होती हैं. कई डिजाइनों में छोटे स्टोन या नाजुक पैटर्न भी बने होते हैं, जो इसे और खूबसूरत बना देते हैं. तीज, हरियाली तीज और सावन के अन्य त्योहारों के लिए यह डिजाइन काफी पसंद किया जाता है. आज के समय में कम वजन में भी चांदी की कई शानदार पायल आसानी से मिल जाती हैं. खरीदारी करते समय हमेशा चांदी की शुद्धता, वजन और मेकिंग चार्ज की जानकारी जरूर लें. इससे आप अपने बजट में अच्छी क्वालिटी की पायल चुन पाएंगी और सावन के दौरान अपने लुक को और भी खास बना सकेंगी. यह भी पढ़ें: सोने की अंगूठी बनवाने का है प्लान? 4-5 ग्राम में देखें ये लेटेस्ट डिजाइन The post चांदी की पायल में चाहिए नया डिजाइन? 10-15 ग्राम में मिलेंगे खूबसूरत ऑप्शन appeared first on Naya Vichar.

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22 बच्चों की मौत के बाद चांदीपुरा वायरस पर केंद्र सख्त, गुजरात-राजस्थान भेजी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम

Chandipura Virus : गुजरात और राजस्थान में चांदीपुरा वायरस (CHPV) के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र प्रशासन ने NJORT (National Joint Outbreak Response Team) की टीम तैनात की है. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि इस टीम में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), हिंदुस्तानीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) के विशेषज्ञ शामिल हैं. यह टीम दोनों राज्यों में जाकर संक्रमण की स्थिति का आकलन करेगी और नियंत्रण उपायों को मजबूत करने में राज्य प्रशासनों की मदद करेगी. गुजरात में चंडीपुरा वायरस के 35 मामलों की पुष्टि गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने बताया कि संदिग्ध मामलों समेत 184 मरीजों के सैंपल की जांच की गई, जिनमें 35 लोगों में चंडीपुरा वायरस की पुष्टि हुई है. उन्होंने कहा कि अब तक इस संक्रमण से 22 मरीजों की मौत हो चुकी है. वहीं, 7 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं और वेंटिलेटर व ऑक्सीजन सपोर्ट पर सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह टीम वायरस के प्रसार, महामारी विज्ञान, मरीजों के उपचार, लैब जांच, संभावित वाहकों (वेक्टर) की निगरानी और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की समीक्षा करेगी. जांच पूरी होने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें केंद्र प्रशासन को सौंपेगी. इसके साथ ही NCDC के पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (PHEOC) को भी सक्रिय कर दिया गया है. Aslo read : 370 हटने के 7 साल : जम्मू-कश्मीर विकास की ओर, PoJK में आर्थिक संकट से जूझ रहे लोग वायरस के फैलने के तरीके की हो रही जांच प्रशासन ने बताया कि देश के कई प्रमुख अनुसंधान संस्थान मिलकर चांदीपुरा वायरस पर व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं. ICMR-NIV पुणे, ICMR-NIE चेन्नई, ICMR-NIVCR पुडुचेरी, ICMR-NIPCR हैदराबाद और ICAR-NIVEDI बेंगलुरु समेत कई संस्थान इस जांच में शामिल हैं. वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वायरस केवल सैंडफ्लाई (रेतीली मक्खी) से फैल रहा है या फिर मच्छर, किलनी (टिक) और माइट्स जैसे अन्य जीव भी इसके प्रसार में भूमिका निभा रहे हैं. फिलहाल बड़ी संख्या में वेक्टर सैंपलों की लैब में जांच की जा रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी. पशुओं और वायरस के नए स्वरूप पर भी नजर जांच के तहत मवेशियों, भैंसों और बकरियों के खून तथा दूध के नमूने भी लिए जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं ये जानवर वायरस के संभावित वाहक तो नहीं हैं. अब तक करीब 70 पशु रक्त नमूनों की जांच की जा रही है. वहीं, गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर (GBRC) में वायरस का जीनोम सीक्वेंसिंग भी किया जा रहा है. शुरुआती जांच में कुछ मामूली आनुवंशिक बदलाव मिले हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह तय करने के लिए विस्तृत अध्ययन जरूरी है कि वर्तमान वायरस पहले के स्ट्रेन से कितना अलग है. Also read : 70 साल से ज्यादा उम्र है, फिर भी नहीं मिलेगा आयुष्मान वय वंदना का लाभ? पहले जान लें ये जरूरी नियम स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि केंद्र प्रशासन ‘वन हेल्थ’ (One Health) दृष्टिकोण के तहत मानव, पशु और संभावित वाहकों की संयुक्त निगरानी कर रही है, ताकि चांदीपुरा वायरस के प्रकोप को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जा सके. The post 22 बच्चों की मौत के बाद चांदीपुरा वायरस पर केंद्र सख्त, गुजरात-राजस्थान भेजी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम appeared first on Naya Vichar.

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JPSC Student Protest: सीएम हाउस से छात्रों को आया संदेश, पांच लोगों के प्रतिनिधि से बात करेगी सरकार

रांची से अरविंद कुमार सिंह की रिपोर्ट JPSC Student Protest: जेपीएससी-जेएसएससी समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए राज्य प्रशासन ने पहल की है. प्रशासन की ओर से एसडीओ कुमार रजत छात्रों के बीच पहुंचे और प्रशासन का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि प्रशासन छात्रों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करने के लिए तैयार है, ताकि उनकी मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जा सके. छात्रों ने रखी खुली वार्ता की शर्त प्रशासन के प्रस्ताव पर छात्रों ने भी बातचीत के लिए अपनी सहमति जताई, लेकिन इसके साथ एक स्पष्ट शर्त रख दी. आंदोलनरत छात्रों ने कहा कि वे बंद कमरे में बातचीत नहीं करेंगे. उनका कहना है कि प्रशासन के साथ होने वाली वार्ता सार्वजनिक होनी चाहिए और मीडिया की मौजूदगी में होनी चाहिए, ताकि बातचीत पूरी तरह पारदर्शी रहे. छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें पूरे राज्य के युवाओं से जुड़ी हैं, इसलिए बातचीत भी खुले मंच पर होनी चाहिए. शाम तक निर्णय लेने की बात कही छात्रों ने कहा कि प्रशासन के प्रस्ताव पर वे आपस में विचार-विमर्श करेंगे. आंदोलन में शामिल छात्रों ने बताया कि शाम पांच से छह बजे के बीच वे अपना अंतिम निर्णय लेंगे और उसके बाद प्रशासन को अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया देंगे. फिलहाल आंदोलन स्थल पर छात्रों की बैठक जारी है और विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जा रही है. सीएम बोले, प्रशासन के दरवाजे सभी के लिए खुले इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आंदोलन के मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी. छात्रों से प्रशासन के किसी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के सवाल पर उन्होंने सीधे तौर पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा कि प्रशासन के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की मांगें प्रत्यक्ष रूप से प्रशासन तक पहुंच रही हैं और प्रशासन सभी पक्षों की बातों को गंभीरता से सुन रही है. छात्र सीधे प्रशासन से कर सकते हैं बात मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलनरत छात्र अपने मुद्दों को लेकर सीधे प्रशासन से बातचीत कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन संवाद के पक्ष में है और हर मुद्दे का समाधान बातचीत के माध्यम से निकालने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल झारखंड में ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी सामने आती रही हैं. इसे भी पढ़ें: JPSC Protest: सोनम वांगचुक ने अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो से की बात, बोले- थोड़ा पानी पी लीजिए… लड़ाई लंबी है गृह मंत्री से नहीं हुई चर्चा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर अभी गृह मंत्री से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता महसूस हुई तो इस विषय पर विचार-विमर्श किया जाएगा. फिलहाल प्रशासन छात्रों की मांगों पर नजर बनाए हुए है और वार्ता के जरिए समाधान निकालने की दिशा में प्रयास कर रही है. मानव इतिहास का बड़ा हिस्सा इसी पर बीता है कि लोग पहले टकराते हैं और फिर अंत में बातचीत की मेज ढूंढ़ते हैं. यहां भी अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रस्तावित वार्ता आगे बढ़ती है या नहीं. इसे भी पढ़ें: Dhanbad SIR: धनबाद में मतदाताओं की प्रारूप सूची जारी, शाम चार बजे तक बूथों पर देख सकेंगे अपना नाम The post JPSC Student Protest: सीएम हाउस से छात्रों को आया संदेश, पांच लोगों के प्रतिनिधि से बात करेगी प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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12वीं के बाद कैसे बनें कंपनी सेक्रेटरी? जानें सिलेबस, करियर स्कोप और जरूरी डीटेल्स

CS Course Details: अगर आप काॅमर्स के स्टूडेंट हैं और कंपनी सेक्रेटरी (CS) बनना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है. यह एक ऐसा प्रोफेशनल कोर्स है, जिसके लिए जरूरी नहीं है कि केवल पढ़ाई में बहुत अच्छे मार्क्स हों. इसमें सफलता के लिए स्टूडेंट के पास सबसे पहले पेशेंस, सही जानकारी, मेहनत और लगातार तैयारी की जरूरत होती है. इस कोर्स की पढ़ाई आप 12वीं के बाद शुरू कर सकते हैं. आइए इस कोर्स के बारे में डीटेल में जानते हैं. What is CS: क्या है यह कोर्स? कंपनी सेक्रेटरी (CS), एक प्रोफेशनल कोर्स है. यह कोर्स इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज (ICSI) द्वारा संचालित किया जाता है. इस कोर्स के बाद कैंडिडेट किसी कंपनी की कॉरपोरेट लाॅ, लीगल कंप्लाएंस, कॉरपोरेट गवर्नेंस, बोर्ड मीटिंग और रेगुलेटरी अफेयर्स को संभालते हैं. CS Course Steps: CS बनने के लिए किनते स्टेप्स? CS फाउंडेशन CS एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (लगभग 21 महीने) CS प्रोफेशनल CS Foundation: जानिए फाउंडेशन लेवल क्या है CS फाउंडेशन कंपनी सेक्रेटरी कोर्स का पहला लेवल है. वर्तमान में इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ICSI ने फाउंडेशन प्रोग्राम की जगह CSEET (कंपनी सेक्रेटरी एग्जीक्यूटिव टेस्ट) शुरू किया है. यहां बता दें कि अगर आप ग्रेजुएशन के बाद यह कोर्स शुरू करना चाहते हैं, तो आपको फाउंडेशन लेवल की परीक्षा नहीं देनी होगी. CS Executive: इस लेवल में क्या पढ़ना होता है? CS एग्जीक्यूटिव कंपनी सेक्रेटरी (CS) कोर्स का दूसरा स्टेप है. इसमें दो मॉड्यूल होते हैं, जिनमें कुल 7 पेपर (विषय) शामिल हैं. फाउंडेशन पास करने के बाद स्टूडेंट एग्जीक्यूटिव लेवल में पहूंचते हैं. ये भी पढ़ें: काॅमर्स स्ट्रीम से हैं, ताे जाने यह 3 बेस्ट करियर ऑप्शन CS Professional: यह है इस कोर्स का आखिरी लेवल यह कंपनी सेक्रेटरी (CS) कोर्स का आखिरी लेवल होता है. कोर्स के इस आखिरी लेवल पर दो मॉड्यूल (Modules) होते हैं, जिनमें कुल 7 पेपर (विषय) शामिल हैं. मॉड्यूल 1 में 4 पेपर और मॉड्यूल 2 में 3 पेपर होते हैं. स्टूडेंड चाहें तो एक बार में दोनाें ग्रुप्स या एक ग्रुप की भी परीक्षा दे सकते हैं. Note: इस कोर्स में स्टूडेंट को लगभग 21 महीने की ट्रेनिंग करनी होती है, जिसमे उन्हें कोर्स की प्रैक्टिकल स्किल्स के बारे में सिखाया जाता है. Course Eligibility: क्या है कोर्स की एलिजिबिलिटी? इस कोर्स के लिए स्टूडेंट के पास किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है. इस कोर्स में स्टूडेंट को कंपनी लाॅ जैसी चीजों के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए. हालांकि ज्यादातर कॉमर्स स्ट्रीम के स्टूडेंट इस कोर्स की पढ़ाई करते हैं, मगर साइंस और आर्ट्स के छात्र भी CA की पढ़ाई कर सकते हैं. CS ‘Big 4’ Companies: जानिए ‘Big 4’ कंपनीज के बारे में Deloitte PwC EY KPMG Course Time: कितना समय लगता है कोर्स कंप्लीट करने में 12वीं के बाद, अगर इस कोर्स की पढ़ाई स्टूडेंट शुरू करते हैं, तो कोर्स पूरा करने में लगभग 4 साल लग सकते हैं. हालांकि स्टूडेंट अगर किसी लेवल को क्वालीफाई नहीं कर पाते हैं, ताे कोर्स का समय भी बढ़ जाता है. बता दें कि CS की परीक्षा साल में 2 बार जून और दिसंबर सेशन में होती हैं. Note: कंपनी सेक्रेटरी (CS) कोर्स के बारे में और अधिक जानकारी के लिए आप इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज (ICSI) की ऑफिशियल वेबसाइट icsi.edu पर विजिट कर सकते हैं. ये भी पढ़ें: CA बनने में कितने स्टेप्स, जानें रीया अग्रवाल की जर्नी और जरूरी टिप्स The post 12वीं के बाद कैसे बनें कंपनी सेक्रेटरी? जानें सिलेबस, करियर स्कोप और जरूरी डीटेल्स appeared first on Naya Vichar.

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