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Author name: Vinod Jha

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जल जीवन मिशन 2.0 पर झारखंड और केंद्र के बीच समझौता, हेमंत सोरेन ने लंबित फंड जारी करने की उठाई मांग

Jal Jeevan Mission: झारखंड में हर ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के तहत झारखंड प्रशासन और हिंदुस्तान प्रशासन के जल शक्ति मंत्रालय के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. इस अवसर पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक और समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की. कार्यक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद, केंद्रीय राज्य मंत्री वी सोमन्ना, जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (एनजेजेएम) के पदाधिकारी उपस्थित रहे. समारोह की शुरुआत केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल और झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद के बीच औपचारिक अभिवादन के साथ हुई. इसके बाद जल जीवन मिशन की प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई. झारखंड में 24,000 करोड़ से अधिक की योजनाएं संचालित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में जल जीवन मिशन के तहत चल रही योजनाओं की स्थिति की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 से राज्य में लगभग 24,635 करोड़ रुपये की लागत वाली पेयजल योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य प्रशासन मल्टी विलेज स्कीम (एमवीएस) और सिंगल विलेज स्कीम (एसवीएस) दोनों मॉडल पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी नल से जल की सुविधा पहुंचाई जा सके. केंद्र से लंबित राशि जारी करने की मांग मुख्यमंत्री ने बैठक में वित्तीय पक्ष को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में राज्य को अपेक्षित स्तर पर केंद्रांश की राशि प्राप्त नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि अब तक जल जीवन मिशन की करीब 55 प्रतिशत परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि केंद्र प्रशासन की ओर से केवल 46 प्रतिशत अनुदान ही उपलब्ध कराया गया है. मुख्यमंत्री ने लगभग 6,500 करोड़ रुपये की लंबित सहायता राशि जल्द जारी करने का आग्रह किया. उनका कहना था कि समय पर फंड उपलब्ध होने से परियोजनाओं की गति और बेहतर होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से जुड़े लक्ष्य निर्धारित समय में पूरे किए जा सकेंगे. परियोजनाओं के लिए समय पर एनओसी की जरूरत बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन में विभिन्न केंद्रीय संस्थाओं से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने में विलंब होता है. इससे योजनाओं के निष्पादन की गति प्रभावित होती है. उन्होंने केंद्र प्रशासन से आग्रह किया कि संबंधित एजेंसियों को समयबद्ध तरीके से एनओसी जारी करने का निर्देश दिया जाए, ताकि जलापूर्ति योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जा सके. जल सहियाओं के लिए सहयोग की अपेक्षा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिंगल विलेज स्कीम के संचालन और रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया. उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन ने गांवों में जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जल सहियाओं की नियुक्ति की है. प्रत्येक जल सहिया को राज्य प्रशासन की ओर से 2,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा जताई. केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट की केंद्र की नीति बैठक के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने जल जीवन मिशन 2.0 के विभिन्न प्रावधानों पर स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने कहा कि रेट्रोफिटिंग तथा नियमित संचालन एवं रखरखाव (ओ एंड एम) कार्यों के लिए केंद्र प्रशासन की ओर से कोई अलग वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी. उन्होंने सुझाव दिया कि इन कार्यों के लिए 16वें वित्त आयोग के तहत पंचायती राज संस्थाओं को मिलने वाले अनुदान का उपयोग किया जा सकता है. झारखंड को 2,500 करोड़ रुपये का विशेष आवंटन बैठक में झारखंड के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 2,500 करोड़ रुपये की विशेष राशि आवंटित करने की जानकारी दी गई. हालांकि इसके लिए राज्य प्रशासन को जल जीवन मिशन 2.0 के सभी मानकों और दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा. केंद्र प्रशासन ने राज्य को आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर राशि निर्गत कराने का अनुरोध भी किया. डीसी करेंगे परियोजनाओं की निगरानी जल जीवन मिशन परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारियों और उपायुक्तों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया. बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी जिलों के डीएम और डीसी परियोजनाओं की नियमित निगरानी करें और प्रगति की समीक्षा करते रहें. इसके अलावा 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं की उच्च स्तर पर विशेष समीक्षा करने का भी निर्णय लिया गया. ओवरसाइज्ड लागत और प्रशासनिक सुधार पर चर्चा बैठक में लगभग 1,400 करोड़ रुपये की कथित अनुचित (इनएडमिसिबल) लागत वाले ओवरसाइज्ड घटकों की समीक्षा करने का निर्देश भी दिया गया. साथ ही झारखंड जल जीवन मिशन के प्रबंध निदेशक पद पर संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की सिफारिश की गई, ताकि परियोजनाओं के संचालन और निगरानी में और अधिक दक्षता लाई जा सके. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग आरटीए की नई सचिव बनीं सुजाता कुजूर, सड़क सुरक्षा और कानून अनुपालन पर रहेगा फोकस हर घर नल से जल पहुंचाने पर जोर बैठक का समापन जल जीवन मिशन 2.0 के दिशा-निर्देशों को शीघ्र लागू करने और सभी लंबित परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने के संकल्प के साथ हुआ. केंद्र और राज्य प्रशासन ने मिलकर यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि झारखंड के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की सुविधा समय पर पहुंच सके. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लंबित फंड जारी हो जाता है और परियोजनाओं को प्रशासनिक सहयोग मिलता है, तो जल जीवन मिशन झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है. इसे भी पढ़ें: प्रधान सहायक की गैर-हाजिरी पर भड़के सांसद सुखदेव भगत, कार्रवाई की कर दी अनुशंसा The post जल जीवन मिशन 2.0 पर झारखंड और केंद्र के बीच समझौता, हेमंत सोरेन ने लंबित फंड जारी करने की उठाई मांग appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में बदला सियासी मिजाज! भाजपा की 3000 रुपए वाले ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के फॉर्म बांट रहे ममता बनर्जी के पार्षद

खास बातें शुभेंदु प्रशासन का बेवजह विरोध नहीं करने का निर्णय कालीघाट की बैठक बेअसर, पार्षदों ने स्वीकारा जनमत हर स्त्री को 3,000 रुपए दिलाना हमारा फर्ज कोलकाता से कुंदन झा की रिपोर्ट TMC Councillors Distribute Annapurna Bhandar Forms: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर की दरार और सांगठनिक बिखराव सामने आने लगे हैं. पार्टी के बड़े नेताओं और विधायकों की बगावत के बाद अब कोलकाता नगर निगम (KMC) के पार्षदों ने भी कालीघाट के रुख से अलग राह चुन ली है. शुभेंदु प्रशासन का बेवजह विरोध नहीं करने का निर्णय एक तरफ जहां टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी कोलकाता की सड़कों पर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रशासन के खिलाफ धरना दे रही थीं, तो दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी के अधिकांश पार्षद खुलकर कह रहे हैं कि वे प्रशासन का बेवजह विरोध नहीं करेंगे. पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की महत्वाकांक्षी योजना ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के फॉर्म बांटने और स्त्रीओं की मदद करने का फैसला किया है. TMC Councillors Distribute Annapurna Bhandar Forms: कालीघाट की बैठक बेअसर, पार्षदों ने स्वीकारा जनमत हाल ही में रविवार को कालीघाट में ममता बनर्जी द्वारा बुलायी गयी आपात बैठक में 80 में से केवल 20 विधायकों के पहुंचने के बाद से ही तृणमूल में भगदड़ का माहौल है. टीएमसी पार्षदों के इस बदले रुख ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सबसे बड़ा झटका दिया है. अधिकतर तृणमूल पार्षदों ने कहा है कि बंगाल की जनता ने चुनाव में जो ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, उसे लोकतांत्रिक तरीके से स्वीकार करना ही होगा. अब हर बात पर विरोध की बजाय अपने क्षेत्र की जनता के विकास और नागरिक सेवाओं में मदद करना ही उनका पहला फर्ज है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें हर स्त्री को 3,000 रुपए दिलाना हमारा फर्ज भाजपा प्रशासन की ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना, के तहत जरूरतमंद स्त्रीओं को 3,000 रुपए प्रतिमाह की वित्तीय सहायता दी जायेगी. इसको लेकर टीएमसी पार्षदों में खासा उत्साह दिख रहा है. पार्षदों का मानना है कि यह योजना सीधे तौर पर गरीब स्त्रीओं के कल्याण से जुड़ी है, इसलिए वे नेतृत्व से ऊपर उठकर अपनी जिम्मेदारी निभायेंगे. कोलकाता के जिन वार्डों में फिलहाल वार्ड कार्यालय (Ward Office) की सुविधा नहीं है, वहां पार्षदों की देखरेख में नगर निगम के स्वास्थ्य केंद्रों (Health Centers) के जरिये बेहद व्यवस्थित तरीके से ये फॉर्म बांटे जा रहे हैं. इसे भी पढ़ें बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के 3 बड़े धमाके! 5 रुपए में मिलेगा मछली-चावल, 27 से भरे जायेंगे ‘अन्नपूर्णा योजना’ के फॉर्म बंगाल में महाराष्ट्र जैसे विभाजन के दावों पर भड़के शोभनदेव चट्टोपाध्याय, कहा- ममता बनर्जी के पास ही रहेगा ‘जोड़ा फूल’ बंगाल में लक्ष्मीर भंडार घोटाले की होगी SIT जांच, 30 लाख फर्जी खाते खंगालेंगे अधिकारी अन्नपूर्णा भंडार के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस, ऐसे पक्का करें 3000 रुपए The post बंगाल में बदला सियासी मिजाज! भाजपा की 3000 रुपए वाले ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के फॉर्म बांट रहे ममता बनर्जी के पार्षद appeared first on Naya Vichar.

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कर्नाटक कैबिनेट का ब्लूप्रिंट तैयार: दिल्ली में राहुल-खरगे संग सिद्धारमैया और शिवकुमार की हाई-लेवल बैठक

Karnataka: डीके शिवकुमार 3 जून को शाम 4:05 बजे लोक भवन परिसर में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. कांग्रेस नेतृत्व के कहने पर सिद्धारमैया ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था, उसके बाद शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना गया. शिवकुमार के साथ कुछ विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे. कर्नाटक मंत्रिमंडल में हो सकते हैं अधिक से अधिक 34 मंत्री कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद में अधिकतम 34 मंत्रियों को शामिल किए जाने का प्रावधान है. मंत्री पद के दावेदारों की लंबी कतार और उपलब्ध पदों की सीमित संख्या के बीच शिवकुमार के सामने संतुलन साधने की बड़ी चुनौती है. उन्हें हर कदम बेहद सावधानी से उठाना होगा, क्योंकि मंत्रिमंडल में जगह नहीं पाने वाले नेताओं की नाराजगी बड़े स्तर पर असंतोष का रूप ले सकती है. नये मंत्रिमंडल में दिख सकते हैं नये-पुराने चेहरे नए मंत्रिमंडल में पुराने और नए चेहरों का मिश्रण देखने को मिल सकता है. जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सिद्धरमैया समर्थक नेताओं को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी. सिद्धरमैया मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों को नए मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है. ये भी पढ़ें: कर्नाटक: 3 जून को शिवकुमार की ताजपोशी, विधान सभा के आस-पास प्रशासनी ऑफिस में आधे दिन रहेगी छुट्टी The post कर्नाटक कैबिनेट का ब्लूप्रिंट तैयार: दिल्ली में राहुल-खरगे संग सिद्धारमैया और शिवकुमार की हाई-लेवल बैठक appeared first on Naya Vichar.

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CBSE चेयरमैन और सचिव का तबादला, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद की होगी जांच

CBSE: केंद्र प्रशासन ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है. अधिकारियों के अनुसार, कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं में अपनाई गई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सेवाओं की खरीद में कथित अनियमितताओं की जांच के कारण यह कदम उठाया गया है. The CBSE Chairman and Secretary have been transferred. An inquiry committee has been constituted to probe the procurement of On-Screen Marking (OSM) services by CBSE. pic.twitter.com/esakjV4sqv — ANI (@ANI) June 2, 2026 डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली पर उठे सवाल सीबीएसई हाल के दिनों में उस समय विवादों में घिर गया था, जब कक्षा 12 के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि बोर्ड की ओर से उपलब्ध कराई गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियां उनकी वास्तविक लिखावट से मेल नहीं खाती थीं. इन शिकायतों के बाद ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में उत्तर पुस्तिकाओं के मिलान और मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे. मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र प्रशासन ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है. यह समिति मूल्यांकन प्रणाली, खरीद प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी. एक महीने में समिति देगी अपनी रिपोर्ट गठित एक सदस्यीय समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस राधा चौहान करेंगी. समिति की अध्यक्ष जरूरत के हिसाब से अन्य कार्यालयों के अधिकारियों की सहायता ले सकती हैं. समिति को सचिवालयी सहायता क्षमता निर्माण आयोग की ओर से प्रदान की जाएगी. समिति एक महीनें के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को अपनी रिपोर्ट पेश करेंगी. A One-Member Committee has been constituted to inquire into matters relating to the procurement of services for the On-Screen Marking System by the Central Board of Secondary Education (CBSE). (1) The Committee will be chaired by S. Radha Chauhan, Chairperson, Capacity Building… pic.twitter.com/JfN5VqYZ2f — ANI (@ANI) June 2, 2026 The post CBSE चेयरमैन और सचिव का तबादला, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद की होगी जांच appeared first on Naya Vichar.

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देश में आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हुईं महिलाएं, लेकिन 22.3% अभी भी पतियों से पिट रहीं

NFHS-6 : राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6, 2023-24) का आंकड़ा प्रशासन ने 29 मई को जारी कर दिया है. इन आंकड़ों को देखें तो हम पाते हैं कि देशभर में स्त्रीओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में काफी बदलाव आया है. अब वे काफी मजबूती से अपनी बातों को रख रही हैं, बावजूद इसके एक आंकड़ा चौंकाने वाला है, जो यह बताता है कि देश की 22.3% प्रतिशत स्त्रीएं अपने पतियों से पिट रही हैं. क्या कहता है NFHS-6 का आंकड़ा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों पर नजर डालें तो वह कहता है कि वैसी विवाहित स्त्रीएं, जो अपने घरेलू फैसलों में निर्णय लेने की भूमिका में हैं, उनकी संख्या शहरी इलाकों में 91.4% है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 88% का है. शहरी और ग्रामीण दोनों स्त्रीओं को मिला दें तो यह आंकड़ा 89% हो जाता है. NFHS-5 पर अगर नजर डालें तो यह आंकड़ा महज .3% प्रतिशत वृद्धि की बात करता है, जहां यह आंकड़ा 88.7% का है.बिहार में यह आंकड़ा 85.1 प्रतिशत है, झारखंड में यह 92.9 प्रतिशत तक पहुंच चुका है. वहीं अगर बात 12 महीने काम करने के बाद उन्हें कैश वेतनमान देने की बात आती है, तो आंकड़े सुखद है और NFHS-5 से 5% वृद्धि की बात कहते हैं. NFHS-5 में जहां 25.4 प्रतिशत स्त्रीओं को कैश पेमेंट मिल रहा था, वह अब 30.8 प्रतिशत हो गया है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि ग्रामीण स्त्रीएं इस मामले में शहरी स्त्रीओं से आगे हैं, उन्हें 31.2 प्रतिशत कैश भुगतान हो रहा है, जबकि शहरी स्त्रीओं को 29.8 प्रतिशत. बैंक एकाउंट और मोबाइल रखने के मामले में भी स्त्रीएं आगे बैंक एकाउंट की अगर बात करें तो स्त्रीएं इसमें भी सशक्त होती नजर आ रही हैं. NFHS-6 के आंकड़ों के अनुसार 89 प्रतिशत स्त्रीएं ऐसी हैं, जो अपने बैंक एकाउंट का इस्तेमाल खुद कर रही हैं, इनमें 88.3 प्रतिशत शहरी और 89.3 प्रतिशत शहरी हैं. NFHS-5 की तुलना में बड़ा बदलाव हमें देखने को मिल रहा है. मोबाइल फोन रखने के मामले में भी 10 प्रतिशत की वृद्धि दिख रही है. NFHS-5 में जहां 53.9 प्रतिशत स्त्रीओं के पास फोन था वह अब बढ़कर 63.6 प्रतिशत हो गया है. यहां शहरी स्त्रीओं की भागीदारी 77.6 प्रतिशत की है, जबकि ग्रामीण स्त्रीओं की भागीदारी 57.4 प्रतिशत की है.बिहार में बचत खाते वाली स्त्रीओं की हिस्सेदारी 76.7 प्रतिशत से बढ़कर 90.9 प्रतिशत हो गई है. इसी तरह मोबाइल फोन का स्वयं उपयोग करने वाली स्त्रीओं का प्रतिशत 51.4 से बढ़कर 62.8 हो गया. झारखंड में यह सुधार और भी अधिक दिखाई देता है. वहां बैंक खाते वाली स्त्रीओं की हिस्सेदारी 78.2 प्रतिशत से बढ़कर 91.2 प्रतिशत पहुंच गई है, जबकि मोबाइल फोन का स्वयं उपयोग करने वाली स्त्रीओं का प्रतिशत 76.4 से बढ़कर 90.3 हो गया है. पतियों से पिटने का मामला अभी भी चौंका रहा देश भर में 22.3 प्रतिशत स्त्रीएं ऐसी हैं, जो अपने पतियों से पिटती है. इन स्त्रीओं में 24.4 प्रतिशत ग्रामीण और 17.5 प्रतिशत शहरी स्त्रीएं हैं. बेशक पिछले सर्वे के अनुपात में पतियों से पिटने वाली स्त्रीओं की संख्या कम हुई है और इसमें लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट दिख रही है. लेकिन राज्यों में अभी भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है.बिहार में पति द्वारा हिंसा का अनुभव करने वाली विवाहित स्त्रीओं का प्रतिशत 40.1 से घटकर 36.1 प्रतिशत हुआ है. इनमें ग्रामीण इलाकों की स्त्रीएं 37 प्रतिशत और शहरी 31.2 प्रतिशत हैं.यह आंकड़ों में सुधार को बताता है, लेकिन यह भी बताता है कि समाज में अभी भी वैवाहिक हिंसा जारी है. झारखंड में कुल 27 प्रतिशत स्त्रीएं अपने पतियों से पिट रही हैं, जिनमें 29.2 प्रतिशत ग्रामीण और 18.2 प्रतिशत शहरी स्त्रीएं हैं. NFHS-5 में यह आंकड़ा 31.4 प्रतिशत का था, यानी 4.4 प्रतिशत की कमी पिटने की घटनाओं में आई है. ये भी पढ़ें : नीट पेपर लीक : आरोपियों की हिरासत अवधि 15 जून तक बढ़ी, एक आरोपी को परीक्षा के लिए पढ़ाई की अनुमति मिली डीके शिवकुमार ने शपथग्रहण से पहले गांधी परिवार के प्रति कृतज्ञता जताई- उनके भरोसे ने कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाया क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी से सिद्धारमैया को हटाने का फैसला कांग्रेस को भारी पड़ सकता है? The post देश में आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हुईं स्त्रीएं, लेकिन 22.3% अभी भी पतियों से पिट रहीं appeared first on Naya Vichar.

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48 घंटे में बदलेगा मौसम, कई राज्यों में बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी, 4 जून को पहुंचेगा मानसून

Heavy Rain Alert: देश के कई राज्यों में अगले 48 घंटे में मौसम का मिजाज बदल सकता है. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि 4 जून को देश में मानसून की दस्तक हो सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की एंट्री के साथ केरल में जोरदार बारिश हो सकती है. केरल के बाद अगले 15 से 20 दिनों में मानसून देश के अन्य हिस्सों में पहुंचेगा. हालांकि मौसमी गतिविधियों के कारण मानसून से पहले ही देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही है. पहाड़ों से लेकर मैदान तक बारिश का दौर हिंदुस्तानीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 2 से 6 जून के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अनुमान है. पहाड़ी इलाकों के अलावा मैदानी क्षेत्रों में भी मौसम के तेवर तल्ख नजर आ सकते हैं. हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी कई स्थानों पर बारिश और आंधी-तूफान का असर देखने को मिल सकता है. 70 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं आईएमडी का अनुमान है कि जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग के अनुसार 3 और 4 जून को जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि हो सकती है. वहीं पश्चिमी राजस्थान में 3 जून को धूल भरी आंधी चलने की भी प्रबल संभावना जताई गई है. पूर्वोत्तर हिंदुस्तान में जारी रहेगा बारिश का दौर पूर्वोत्तर हिंदुस्तान में अगले पांच दिनों तक आंधी बारिश का दौर जारी रह सकता है. गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. अरुणाचल प्रदेश में 3 से 8 जून के बीच और असम-मेघालय में 5 से 8 जून के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. बिहार-झारखंड समेत पूर्वी हिंदुस्तान के कई राज्यों में गरज-चमक और बारिश हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रह सकता है. कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. झारखंड के कई इलाकों में तेज हवा भी चलने की संभावना है. ओडिशा में 2 और 3 जून को 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाले तेज झोंकों के साथ आंधी-तूफान आ सकता है. वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 से 6 जून के दौरान भारी बारिश का अनुमान है. मध्य हिंदुस्तान में आंधी और ओलावृष्टि का खतरा मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कई इलाकों में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. मध्य प्रदेश में 2 और 4 जून को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हो सकती है. इसके अलावा मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है. महाराष्ट्र और गुजरात में बदलेगा मौसम कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और गुजरात के कई हिस्सों में 2 से 6 जून के दौरान बारिश, गरज और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है. मौसम विभाग के अनुसार गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में कुछ स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. मध्य महाराष्ट्र में ओलावृष्टि की भी संभावना है. दक्षिण हिंदुस्तान में भारी से भारी बारिश की चेतावनी दक्षिण हिंदुस्तान में मानसून की गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं. केरल, माहे और लक्षद्वीप में 2 से 6 जून के दौरान मध्यम से लेकर भारी बारिश का अनुमान है. इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है. केरल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट आईएमडी ने केरल और माहे में 2 से 8 जून के दौरान कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इसके अलावा तमिलनाडु, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. IMD Weather Warning ! Southwest monsoon is likely to set in over Kerala around 4th June, 2026.Isolated heavy to very heavy rainfall (7-20cm) very likely over Kerala and isolated heavy rainfall over Tamil Nadu and Karnataka during next 6-7days.#IMDWeatherWarning… pic.twitter.com/jf9gs0YkM9 — India Meteorological Department (@Indiametdept) June 2, 2026 Also Read: मानसून की एंट्री से पहले जोरदार बारिश, केरल के 9 जिलों में अलर्ट, IMD की वॉर्निंग The post 48 घंटे में बदलेगा मौसम, कई राज्यों में बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी, 4 जून को पहुंचेगा मानसून appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी से 60 विधायकों ने बनायी दूरी, बिना मंच-लाउडस्पीकर के दीदी का धरना, खूब गरजीं टीएमसी सुप्रीमो

खास बातें अफरा-तफरी और प्रशासनिक टकराव प्रशासनिक नाकेबंदी और मेगाफोन पॉलिटिक्स एस्प्लेनेड के वाई-चैनल पर ममता ने किया आंदोलन ममता के धरने में सामने आया पार्टी का आंतरिक विभाजन 60 बागी विधायकों ने ममता बनर्जी से बनायी दूरी कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और अफरा-तफरी के बीच धरना Mamata Banerjee Protest: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार और शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की नयी प्रशासन बनने के बाद सूबे की सियासत पूरी तरह बदली नजर आ रही है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं पर कथित रूप से हो रहे हमलों, सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले और फेरीवालों को बेदखल करने के विरोध में मंगलवार को टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी कोलकाता की सड़क पर उतरीं. अफरा-तफरी और प्रशासनिक टकराव हालांकि, इस पूरे विरोध प्रदर्शन के दौरान कोलकाता के एस्प्लेनेड (Esplanade) इलाके में भारी अफरा-तफरी और प्रशासनिक टकराव का माहौल देखने को मिला. पुलिस प्रशासन द्वारा कड़े प्रतिबंध लगाये जाने के बाद ममता बनर्जी को बिना किसी औपचारिक मंच और बिना माइक्रोफोन के ही धरने पर बैठना पड़ा. पार्टी के बागी 60 विधायकों ने उनके इस धरना-प्रदर्शन से दूरी बनाये रखी. प्रशासनिक नाकेबंदी और मेगाफोन पॉलिटिक्स इस धरने का सबसे हैरान करने वाला पहलू कोलकाता पुलिस की कार्रवाई रही, जिसने अब तक सत्ता के शीर्ष पर रहीं ममता बनर्जी को सड़क पर संघर्ष करने के लिए मजबूर कर दिया. टीएमसी पहले मध्य कोलकाता के ऐतिहासिक रानी रासमनी रोड पर भव्य मंच बनाकर प्रदर्शन करने वाली थी, लेकिन कोलकाता पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर इसकी अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया. इसे भी पढ़ें : बंगाल में महाराष्ट्र जैसे विभाजन के दावों पर भड़के शोभनदेव चट्टोपाध्याय, कहा- ममता बनर्जी के पास ही रहेगा ‘जोड़ा फूल’ एस्प्लेनेड के वाई-चैनल पर ममता ने किया आंदोलन ममता बनर्जी अपने समर्थकों के साथ एस्प्लेनेड के वाई-चैनल (Y-Channel) पर पहुंचीं और सड़क पर ही चटायी बिछाकर बैठ गयीं. पुलिस ने मंच बनाने और बड़े लाउडस्पीकर (माइक्रोफोन) की अनुमति नहीं दी, तो ममता बनर्जी भड़क गयीं. उन्होंने हाथ में छोटा मेगाफोन (हैंडी लाउडस्पीकर) थामकर भीड़ को संबोधित किया. उन्होंने कहा- लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. हमें कार्यकर्ताओं की आवाज उठाने के लिए एक मंच स्थापित करने और माइक्रोफोन तक का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी गयी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ममता के धरने में सामने आया पार्टी का आंतरिक विभाजन ममता बनर्जी इस धरने के जरिये हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रशासन के खिलाफ चुनाव बाद हिंसा (Post-Poll Violence) का बड़ा नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहीं थीं, लेकिन इस दौरान उनकी पार्टी के भीतर मचा आंतरिक विभाजन पूरी तरह सामने आ गया. धरने में ममता बनर्जी के साथ उनके पुराने सिपहसालार फिरहाद हकीम, मदन मित्रा, डेरेक ओब्रायन, कल्याण बनर्जी और डोला सेन जैसे लोग ही दिखे. Mamata Banerjee Protest: 60 बागी विधायकों ने ममता बनर्जी से बनायी दूरी इस महा-धरने का सबसे बड़ा सच यह रहा कि हालिया चुनाव में टीएमसी के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे अधिकांश नये और युवा विधायक इस पूरे कार्यक्रम से दूर रहे. पार्टी की आंतरिक बैठक से गायब रहने वाले 60 बागी विधायकों को इस धरने में आने का सख्त निर्देश था, लेकिन उन्होंने टॉप लीडरशिप के निर्देश को दरकिनार कर दिया. इससे साफ हो गया है कि तृणमूल कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. इसे भी पढ़ें : विधायकों की गुमशुदगी के बीच तृणमूल के 3 पूर्व विधायक और कई म्युनिसिपल चीफ गिरफ्तार, क्या बिखर रहा है ममता बनर्जी का कुनबा? कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और अफरा-तफरी के बीच धरना वाई-चैनल पर आयोजित इस एक दिवसीय धरने के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जब मेगाफोन से अपनी बात रख रही थीं, तब कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के कारण वहां जबरदस्त अफरा-तफरी मच गयी. कार्यकर्ताओं की अनियंत्रित नारेबाजी के चलते कई बार ममता बनर्जी को अपना भाषण बीच में ही रोकना पड़ा. इसे भी पढ़ें मैं भी बड़ी खिलाड़ी हूं, समय आने पर दूंगी जवाब, चौतरफा संकट के बीच फेसबुक लाइव पर गरजीं ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी का गढ़ ध्वस्त, डायमंड हार्बर नगर पालिका बोर्ड भंग, 9 टीएमसी पार्षदों ने दिया इस्तीफा शुभेंदु अधिकारी के खुलासे से मची खलबली, ममता बनर्जी ने 2 TMC विधायक को पार्टी से निकाला सत्ता छिनते ही TMC के अस्तित्व पर संकट, जानें क्यों अब ममता बनर्जी के लिए वापसी की राह है कठिन The post ममता बनर्जी से 60 विधायकों ने बनायी दूरी, बिना मंच-लाउडस्पीकर के दीदी का धरना, खूब गरजीं टीएमसी सुप्रीमो appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के पंचायत सरकार भवनों में खुलेंगे डाकघर-आधार सेंटर और पुस्तकालय, एक ही छत के नीचे मिलेंगी कई सेवाएं

Bihar News: बिहार के ग्रामीण इलाकों में प्रशासनी और सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए पंचायत प्रशासन भवनों को बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. प्रशासन की योजना है कि गांव के लोगों को डाकघर, बैंकिंग सुविधा, पुस्तकालय, आरटीपीएस सेंटर, आधार सेवा केंद्र समेत कई आवश्यक सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएं. तेजी से हो रहा पंचायत प्रशासन भवनों का निर्माण राज्य के विभिन्न पंचायतों में पंचायत प्रशासन भवनों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है. कई पंचायतों में भवन पूरी तरह तैयार होकर संचालित भी हो रहे हैं, जबकि कई स्थानों पर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. कासीमपुर, मुरादपुर और खरका तेलवा पंचायतों में पंचायत प्रशासन भवनों का संचालन शुरू हो चुका है. वहीं चन्द्रायण, मोहनपुर और सत्तौर पंचायतों में भवन निर्माण का कार्य जारी है. डाकघर, बैंकिंग और आधार सेवा की मिलेगी सुविधा प्रशासन की योजना के तहत पंचायत प्रशासन भवनों में डाकघर, बैंकिंग सेवाएं, पुस्तकालय, आरटीपीएस सेवा केंद्र, आधार सेवा केंद्र और सुधा होल-डे मिल्क पार्लर जैसी सुविधाएं शुरू की जाएंगी. इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए शहर या प्रखंड मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा. पंचायत भवनों में डाकघर खोलने की तैयारी डाक विभाग ने भी पंचायत प्रशासन भवनों में अपने कार्यालय खोलने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है. मुख्य पोस्टमास्टर जनरल की ओर से पंचायती राज विभाग को पत्र भेजकर ऐसे पंचायत प्रशासन भवनों की सूची मांगी गई है, जहां डाकघर संचालित किए जा सकें. इसके बाद पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के क्रियाशील पंचायत प्रशासन भवनों की सूची तैयार कर जल्द उपलब्ध कराएं. हर डाकघर के लिए पंचायत को मिलेगा किराया पंचायत प्रशासन भवन में संचालित होने वाले डाकघरों के लिए किराया भी निर्धारित कर दिया गया है. तय व्यवस्था के अनुसार डाक विभाग प्रत्येक डाकघर के लिए संबंधित ग्राम पंचायत को हर महीने 500 रुपये किराया देगा. यह राशि सीधे पंचायत के खाते में जमा की जाएगी. इन पंचायतों में जल्द शुरू हो सकती है डाकघर सेवा जानकारी के अनुसार कासीमपुर, खरका तेलवा और मुरादपुर पंचायतों में जल्द ही डाकघर की सुविधा शुरू होने की संभावना है. पंचायत प्रशासन भवन के एक कमरे में डाकघर संचालित होगा, जबकि अन्य कमरों में पुस्तकालय, आधार सेवा केंद्र और अन्य जनसेवा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. ग्रामीणों को होगा सीधा फायदा गांवों में डाकघर और अन्य सेवाएं शुरू होने से लोगों को पार्सल भेजने, डाक संबंधी कार्य कराने, बचत योजनाओं का लाभ लेने और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी. इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बचेगा तथा प्रशासनी सेवाओं तक उनकी पहुंच और आसान हो जाएगी. गांवों में विकसित होगा नया सेवा मॉडल पंचायत प्रशासन भवनों को बहुउद्देशीय केंद्र के रूप में विकसित करने की यह पहल ग्रामीण प्रशासन को मजबूत करने के साथ-साथ लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. आने वाले समय में ये भवन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ‘वन स्टॉप सर्विस सेंटर’ की भूमिका निभाते नजर आएंगे. Also Read: बिहार में लाखों LPG उपभोक्ताओं के लिए अलर्ट, इतने लाख से अधिक आय वालों की गैस सब्सिडी हो सकती है बंद The post बिहार के पंचायत प्रशासन भवनों में खुलेंगे डाकघर-आधार सेंटर और पुस्तकालय, एक ही छत के नीचे मिलेंगी कई सेवाएं appeared first on Naya Vichar.

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आकिब नबी की भारतीय टीम में एंट्री, अफगानिस्तान टेस्ट के लिए स्क्वाड में किया गया शामिल

Auqib Nabi: हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच 6 जून से 10 जून तक न्यू चंडीगढ़ में स्पोर्ट्सा जाएगा. इस टेस्ट मैच के लिए जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी डार को हिंदुस्तानीय टीम में बतौर नेट बॉलर शामिल किया गया है. वहीं इसके अलावा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव, गुरजपनीत सिंह, स्पिनर शिवांग कुमार, सारांश जैन और जीशान अंसारी को भी नेट बॉलर के रूप में शामिल किया गया है. रणजी टॉफी में जम्मू-कश्मीर के आकिब नबी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 60 लेकर अपनी टीम को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इस प्रदर्शन के बाद उम्मीद की जा रही थी कि आकिब को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए हिंदुस्तानीय टीम में शामिल किया जाएगा. लेकिन चयनकर्ता ने प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज के अलावा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को शामिल किया. आईपीएल में आकिब को पांच मैचों में नहीं मिला एक भी विकेट आकिब ने आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स का भी प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन अपने पांच मैचों में वह कोई विकेट नहीं ले पाए. इस कारण भी सेलेक्टर्स ने आकिब पर ध्यान नहीं दिया. जबकि आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रिंस यादव को वनडे टीम में शामिल किया गया है. आकिब नबी का फर्स्ट क्लास करियर आकिब नबी 41 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में 18.37 की औसत के साथ 156 विकेट हासिल कर चुके हैं, जबकि 36 लिस्ट-ए मुकाबलों में उन्होंने 56 विकेट निकाले हैं. 39 टी20 मैच में आकिब 43 विकेट प्राप्त किए हैं. हिंदुस्तान में बहुत ज्यादा तेज गेंदबाज नहीं चुन सकते अफगानिस्तान के खिलाफ हिंदुस्तानीय टीम की घोषणा के दौरान नबी को टीम में न चुने जाने पर मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा था कि घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन को लेकर हमेशा चर्चा होती है. जब आप हिंदुस्तान में टेस्ट टीम चुनते हैं, तो जरूरी नहीं कि बहुत ज्यादा तेज गेंदबाजों को ही चुनें. वह टीम में जगह बनाने के काफी करीब थे, लेकिन इस समय, हमने उन तीन गेंदबाजों को ही चुना है, जिन्हें पहले ही चुन लिया था. हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच अब तक सिर्फ एक टेस्ट मैच ही स्पोर्ट्सा गया है. यह मुकाबला 2018 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में स्पोर्ट्सा गया था. जिसमें हिंदुस्तानीय टीम को पारी और 262 रन से जीत मिली थी. अब दोनों के बीच यह दूसरा टेस्ट मैच 8 साल बाद स्पोर्ट्सा जाएगा. यह भी पढ़ें: IPL 2026 का ट्रॉफी जीतते ही वृंदावन पहुंचे विराट-अनुष्का, प्रेमानंद महाराज का लिया आशीर्वाद The post आकिब नबी की हिंदुस्तानीय टीम में एंट्री, अफगानिस्तान टेस्ट के लिए स्क्वाड में किया गया शामिल appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं विशाल लामा, जो शुभेंदु कैबिनेट में बने मंत्री, डुआर्स के बेटे ने 55 साल बाद रचा इतिहास, भावुक हुआ पहाड़

खास बातें डुआर्स और गोरखा अस्मिता के लिए मील का पत्थर ममता के ‘पहाड़ दमन’ नैरेटिव पर चोट, ताजा हुई देव प्रकाश राय के युग की यादें भावुक हुए दार्जिलिंग के लोग चाय बागानों के हक की जंग विशाल लामा ने टीएमसी के किले को 2 बार किया ध्वस्त 2021 में पहली बार बने विधायक पार्टी के की उम्मीदों को पूरा करने के लिए जान लगा दूंगा – लामा उत्तर बंगाल से बनाये गये 9 मंत्री Who is Bishal Lama: पश्चिम बंगाल में मंत्रिमंडल विस्तार ने न केवल सत्ता का संतुलन बदल दिया है, बल्कि उत्तर बंगाल के डुआर्स (Dooars) और दार्जिलिंग हिल्स के इतिहास में एक नया पन्ना भी जोड़ दिया. अलीपुरदुआर जिले की कालचीनी (ST) विधानसभा सीट से दूसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ जीतने वाले हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक विशाल लामा ने राज्य मंत्री (MoS) के रूप में शपथ ली. डुआर्स और गोरखा अस्मिता के लिए मील का पत्थर विशाल लामा की ताजपोशी एक राजनेता का उदय भर नहीं है, बल्कि यह गोरखा समुदाय के लिए 55 साल पुराना एक लंबा और भावुक इंतजार खत्म होने जैसा है. बंगाल की नेतृत्व में इसे डुआर्स और गोरखा अस्मिता के लिए अब तक का सबसे बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है. यह पूरे गोरखा समाज के लिए गर्व और आंसुओं से भरा पल है. इतने दशकों के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार बंगाल प्रशासन में हमारी कौम को यह सम्मान मिला है. इंदिरा राय, पूर्व मंत्री देव प्रकाश राय की भतीजी ममता के ‘पहाड़ दमन’ नैरेटिव पर चोट, ताजा हुई देव प्रकाश राय के युग की यादें विशाल लामा पिछले साढ़े पांच दशकों में बंगाल कैबिनेट में शामिल होने वाले पहले गोरखा नेता बन गये हैं. बंगाल प्रशासन के मंत्रिमंडल में आखिरी बार गोरखा समुदाय का कोई कद्दावर नेता वर्ष 1971 में शामिल हुआ था, जब ऑल इंडिया गोरखा लीग के दिग्गज नेता देव प्रकाश राय मंत्री बने थे. उनके निधन (1981) के बाद पहाड़ की नेतृत्व कई धड़ों में बंटी, लेकिन नबान्न (पश्चिम बंगाल सचिवालय) में गोरखा समुदाय की वह मजबूत आवाज हमेशा के लिए खो गयी थी. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु कैबिनेट में अशोक डिंडा की एंट्री, टीएमसी के हमलों और फर्जी मुकदमे झेलने वाले क्रिकेटर ने मयना में रचा इतिहास भावुक हुए दार्जिलिंग के लोग विशाल लामा के शपथ लेते ही स्वर्गीय देव प्रकाश राय की 77 वर्षीय भतीजी इंदिरा राय (दार्जिलिंग जिला अस्पताल की सेवानिवृत्त नर्सिंग सुपरिटेंडेंट) भावुक हो गयीं. उन्होंने कहा- यह पूरे गोरखा समाज के लिए गर्व और आंसुओं से भरा पल है. इतने दशकों के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार बंगाल प्रशासन में हमारी कौम को यह सम्मान मिला है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें चाय बागानों के हक की जंग डुआर्स का यह इलाका हमेशा से चाय बागानों के मजदूरों के भूमि अधिकारों (Land Rights), न्यूनतम मजदूरी और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार रहा है. विशाल लामा को सीधे कैबिनेट में शामिल करके मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि अब पहाड़ और डुआर्स के फैसले कोलकाता में बैठकर नहीं, बल्कि डुआर्स का बेटा खुद तय करेगा. विशाल लामा ने टीएमसी के किले को 2 बार किया ध्वस्त 44 वर्षीय विशाल लामा की पहचान जमीन से जुड़े जुझारू नेता की है. 2026 के विधानसभा चुनाव में विशाल लामा ने कालचीनी (ST) सीट पर अपनी मजबूत पकड़ साबित करते हुए 1,14,759 वोट हासिल किये. उन्होंने टीएमसी के बीरेंद्र बाड़ा को 37,843 मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु कैबिनेट में उत्तर बंगाल, बौद्धिक वर्ग और आधी आबादी को मिला हक, कलिता माझी से अशोक डिंडा तक बने मंत्री Who is Bishal Lama: 2021 में पहली बार बने विधायक साल 2021 के बंगाल चुनाव में उन्होंने टीएमसी के पासंग लामा को 28,576 वोटों से हराकर पहली बार विधानसभा में कदम रखा था. लगातार 2 बार टीएमसी को पटखनी देने का इनाम भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें लाल बत्ती के रूप में दिया है. पार्टी के की उम्मीदों को पूरा करने के लिए जान लगा दूंगा – लामा उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय (North Bengal University) से स्नातक और पेशे से प्राइवेट ट्यूटर व राजनेता विशाल लामा ने शपथ लेने के बाद जनता का आभार जताया. उन्होंने कहा- यह पद मेरे लिए कोई वीआईपी स्टेटस नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती है. भाजपा ने हमारे समाज और क्षेत्र पर जो भरोसा जताया है, उसके लिए मैं पूरी निष्ठा से काम करूंगा. चाय बागानों के मजदूरों की सुरक्षा, गरिमा और विकास ही मेरी प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मार्गदर्शन में हम एक सुरक्षित और समृद्ध बंगाल बनायेंगे. इसे भी पढ़ें : दूसरों के घरों में बर्तन धोने वाली कलिता माझी बनीं शुभेंदु कैबिनेट में मंत्री, ऐसा है झोपड़ी से लोक भवन तक का सफर उत्तर बंगाल से बनाये गये 9 मंत्री बुधवार को होने वाले विभागों के बंटवारे से ठीक पहले उत्तर बंगाल से मंत्रियों की कुल संख्या अब 9 हो गयी है. विशाल लामा को शामिल करके भाजपा ने दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और अलीपुरदुआर की गोरखा और आदिवासी बेल्ट में तृणमूल कांग्रेस के बचे-खुचे आधार को पूरी तरह साफ करने की रणनीतिक बिसात बिछा दी है. इसे भी पढ़ें शुभेंदु कैबिनेट में लुटियंस का बौद्धिक चेहरा स्वपन दासगुप्ता, पद्म भूषण पत्रकार की ऑक्सफोर्ड से लोक भवन तक की कहानी कोलकाता, मेदिनीपुर और उत्तर 24 परगना बने सत्ता के नये पावर सेंटर, नदिया समेत 3 जिलों का कटा पत्ता The post कौन हैं विशाल लामा, जो शुभेंदु कैबिनेट में बने मंत्री, डुआर्स के बेटे ने 55 साल बाद रचा इतिहास, भावुक हुआ पहाड़ appeared first on Naya Vichar.

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