Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

टैरिफ मुक्त डिजिटल व्यापार से ग्लोबल साउथ को नुकसान, पढ़ें डॉ अश्विनी महाजन का आलेख

Digital Trade: वर्ष 1998 में, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सदस्य देशों ने वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स की घोषणा को अपनाया था और इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर कस्टम ड्यूटी न लगाने की प्रथा को जारी रखने पर सहमति जतायी थी. हालांकि यह रोक अगली मंत्रिस्तरीय बैठक शुरू होने तक के लिए एक अस्थायी प्रावधान थी. पर डब्ल्यूटीओ की हर मंत्रिस्तरीय बैठक में इस रोक को अगली बैठक तक के लिए बढ़ाया जाता रहा है. इस बार भी इस पर सहमति नहीं बन पायी. डब्ल्यूटीओ का 14वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन, जिसका आयोजन कैमरून में (26-29 मार्च तक) हुआ, इ-ट्रांसमिशन पर कस्टम ड्यूटी पर रोक को लेकर बिना सर्वसम्मति के ही समाप्त हो गया. डब्ल्यूटीओ में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर लगी रोक एक ऐसा प्रावधान है, जो देशों को इंटरनेट के जरिये इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजे जाने वाले डिजिटल उत्पादों पर टैरिफ लगाने से रोकता है. जब डब्ल्यूटीओ शुरू हुआ था, तब इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का व्यापार सीमित था. सो, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के व्यापार पर लगने वाले टैरिफ को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था. वर्ष 1998 में डब्ल्यूटीओ के दूसरे मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में यह तय किया गया कि विकासशील देशों की विकास संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक व्यापार से जुड़े मुद्दों का अध्ययन किया जाये. यह प्रस्ताव भी रखा गया कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को अगले मंत्रिस्तरीय सम्मेलन तक के लिए टाल दिया जाये. पर अमेरिका, यूरोपीय संघ और चीन जैसे देश, इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर लगने वाले सीमा शुल्क पर डब्ल्यूटीओ की इस रोक को स्थायी (या अनिश्चित काल के लिए) बनाये रखने की लगातार कोशिश कर रहे हैं. डिजिटल उत्पादों के आयात के लिए सबसे ज्यादा माना जाने वाला पैमाना है डिजिटल रूप से दी जाने वाली सेवाएं, जैसे सॉफ्टवेयर, क्लाउड, ओटीटी, डाटा, डिजाइन, फिनटेक आदि. नीति आयोग के अनुमानों के मुताबिक, हिंदुस्तान ने 2024 में 116.9 अरब डॉलर की डिजिटल सेवाएं आयात कीं, जो पिछले वर्षों के 41.4 अरब डॉलर से बहुत अधिक है. इ-ट्रांसमिशन पर डब्ल्यूटीओ की रोक का राजस्व पर बहुत असर पड़ रहा है, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन, जैसे सॉफ्टवेयर डाउनलोड, इ-बुक्स, फिल्में, क्लाउड सेवाएं आदि, पर कोई कस्टम ड्यूटी नहीं लगती. वर्ष 2017 में राजस्व के इस नुकसान का अनुमान 50 करोड़ डॉलर लगाया गया था, लेकिन अब स्ट्रीमिंग, डिजिटल फिल्में, किताबें, एआइ टूल्स, गेमिंग आदि के आयात में जबरदस्त वृद्धि के कारण यह नुकसान कहीं अधिक होने की संभावना है. उधर अमेरिका यूरोपीय संघ और जापान के साथ मिलकर टैरिफ मुक्त डिजिटल व्यापार को बनाये रखने के लिए इस रोक को स्थायी रूप से अपनाने की पैरवी भी कर रहा है. अमेरिका की ओर से पहला तर्क यह है कि डिजिटल टैरिफ वैश्विक डिजिटल व्यापार में बाधा डालेंगे. दूसरा, इससे व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ सकती है. तीसरा, यह वैश्विक डिजिटल वित्तीय स्थिति को खंडित कर देगा. इ-ट्रांसमिशन पर कस्टम ड्यूटी पर रोक समाप्त होना इसलिए जरूरी है, क्योंकि इससे राजस्व का भारी नुकसान होता है, क्योंकि हिंदुस्तान सहित विकासशील देश इ-प्रोडक्ट्स (डिजिटल प्रोडक्ट्स) के नेट इंपोर्टर है. दूसरा, हमारे स्टार्ट-अप और सॉफ्टवेयर कंपनियां कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स बनाने में सक्षम हैं. हम अपने ही देश में फिल्में और दूसरे मनोरंजन प्रोडक्ट्स बना सकते हैं. पर जब ऐसे सभी प्रोडक्ट्स बिना किसी रोक-टोक के, बिना टैरिफ के आयात किये जाते हैं, तो उन्हें देश में बनाने का प्रोत्साहन कम हो जाता है. इ-प्रोडक्ट्स पर टैरिफ लगाने पर लगी रोक असल में ‘आत्मनिर्भर हिंदुस्तान’ के प्रयासों को खत्म कर रही है. तीसरा, स्वास्थ्य, फिनटेक, सार्वजनिक सेवाओं और कई अन्य क्षेत्रों में अनेक डिजिटल उत्पाद, जिनमें एआइ आदि शामिल हैं, इन सेवाओं की मांग के तरीकों को बदल रहे हैं. यदि इन पर नये तरीकों से टैक्स नहीं लगाया गया, तो इसका प्रशासन के वित्त पर बुरा असर पड़ सकता है. साथ ही, इन डिजिटल उत्पादों को देश के अंदर बनाने में भी रुकावटें आ सकती हैं. चौथा, कुछ डिजिटल उत्पाद हैं, जो तेजी से भौतिक उत्पादों की जगह ले रहे हैं. थ्री-डी प्रिंटिंग के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से ऑटो पार्ट्स, मेडिकल डिवाइस, खिलौने और मशीनरी के पुर्जों जैसे उत्पादों का व्यापार, सामान के बजाय डिजाइन फाइलों के रूप में किया जा सकता है. राजस्व नुकसान के अतिरिक्त यह हमारी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को भी घटा सकता है. इसलिए यह मुद्दा ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) के नजरिये से बहुत अहम है. क्योंकि विकसित देश इन डिजिटल उत्पादों के मुख्य निर्यातक हैं, जबकि विकासशील देश इनके मुख्य आयातक. (ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post टैरिफ मुक्त डिजिटल व्यापार से ग्लोबल साउथ को नुकसान, पढ़ें डॉ अश्विनी महाजन का आलेख appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘धुरंधर 2’ की ताबड़तोड़ कमाई जारी, 15वें दिन भी छापे करोड़ों

Dhurandhar 2 Box Office Day 15: बॉलीवुड की मेगा बजट स्पाई एक्शन थ्रिलर धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर लगातार धमाल मचा रही है. रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर. माधवन स्टारर इस फिल्म ने रिलीज के दो हफ्ते पूरे करते ही कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं. खास बात यह है कि 15वें दिन भी फिल्म ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा. तीसरे गुरुवार भी मजबूत पकड़ 19 मार्च को रिलीज हुई इस फिल्म ने शुरुआती दिनों से ही बॉक्स ऑफिस पर अपना दबदबा बनाए रखा है. हालांकि तीसरे गुरुवार यानी 15वें दिन कमाई में हल्की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद फिल्म ने शानदार आंकड़ा छुआ. सैकनिल्क की अर्ली रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने 15वें दिन 17.80 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया. दो हफ्तों में रिकॉर्डतोड़ कमाई फिल्म का पहले हफ्ते का कलेक्शन 674.17 करोड़ रुपये रहा, जबकि दूसरे हफ्ते में इसने 263.15 करोड़ रुपये की कमाई की. इसी के साथ हिंदुस्तान में इसका कुल नेट कलेक्शन 937.32 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. वहीं ग्रॉस कलेक्शन 1120.17 करोड़ रुपये हो चुका है, जो इसे साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल करता है. दूसरे हफ्ते में सबसे ज्यादा कमाई का रिकॉर्ड ‘धुरंधर 2’ ने सिर्फ कमाई ही नहीं की, बल्कि इतिहास भी रच दिया है. यह फिल्म हिंदी सिनेमा में दूसरे हफ्ते में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है. इसने अपनी पिछली फिल्म ‘धुरंधर’ को भी पीछे छोड़ दिया है. दूसरे हफ्ते की टॉप कमाई वाली फिल्में धुरंधर 2 – 263.15 करोड़ धुरंधर – 261.50 करोड़ पुष्पा 2 (हिंदी) – 199 करोड़ छावा – 186.18 करोड़ स्त्री 2 – 145.80 करोड़ बाहुबली 2 (हिंदी) – 143.25 करोड़ फिल्म की रफ्तार को देखते हुए साफ है कि आने वाले दिनों में यह 1000 करोड़ क्लब में एंट्री कर सकती है और कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकती है. यह भी पढ़ें: रामायण का टीजर देख भावुक हुईं सीरियल की सीता, राम अवतार ने जीता दिल The post ‘धुरंधर 2’ की ताबड़तोड़ कमाई जारी, 15वें दिन भी छापे करोड़ों appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जनजातीय खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय गौरव हैं, पढ़ें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आलेख

Khelo India Tribal Games 2026: मैंने देखा है कि ग्रामीण क्षेत्रों और वनांचलों में शिशु घर के बाहर प्रकृति के सान्निध्य में अधिक समय बिताते हैं. वे स्पोर्ट्स-कूद के सहज तरीके खोज लेते हैं. वे मिट्टी में लकीरें खींचकर और आकृतियां बनाकर, स्पोर्ट्सने की जगह तैयार कर लेते हैं. वे फलों के सूखे बीजों का स्पोर्ट्स की गोटियों की तरह इस्तेमाल कर लेते हैं. सूखे पत्तों, पेड़ों की जड़ों और फटे-पुराने कपड़ों से गेंद बना लेते हैं. बांस का उपयोग कर वे हॉकी और फुटबॉल के गोल पोस्ट बना लेते हैं. इस प्रकार अनेक प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग कर वे अपने स्पोर्ट्स संसार की रचना कर लेते हैं. बहुत से शिशु बिना जूते और जर्सी के पूरे जोश से स्पोर्ट्सते रहते हैं. पोखरों-तालाबों में शिशु खूब तैरते रहते हैं. तैराकी की इस सहज प्रतिभा को अब उपलब्ध प्रशिक्षण और संसाधनों की सहायता से विकसित कर केवल 15 वर्ष की जाजपुर की बेटी अंजलि मुंडा ने प्रथम ‘स्पोर्ट्सो इंडिया जनजातीय स्पोर्ट्स 2026’ में पहले ही दिन तीन स्वर्ण पदक जीत कर पूरे देश के युवाओं को प्रेरित किया. तीरंदाजी के प्रति जनजातीय लोगों में सहज तरंग-सी होती है. संताल समुदाय ने 1855 में शोषण के विरुद्ध एक घनघोर संग्राम किया था जो ‘संताल हूल’ के नाम से अमर है. आधुनिक हथियारों से लैस ब्रिटिश सेना ने उस क्रांति को दबा तो दिया, पर अपने विवरणों में अंग्रेजों ने संताल वीरों के युद्ध कौशल, खासकर तीरंदाजी का विशेष उल्लेख किया है. संताल हूल का नेतृत्व करने वाले बहादुर भाइयों सिदो-कान्हू तथा चांद-भैरव एवं वीरांगना बहनों, फूलो-झानो की प्रतिमाओं का झारखंड में उनके गांव उरी-मारी में जाकर अनावरण करने का सौभाग्य मुझे तब मिला था, जब मैं राज्यपाल थी. तीरंदाजी में एकलव्य की महानता से देश का बच्चा-बच्चा परिचित है. वे श्रेष्ठतम धनुर्धर के रूप में सम्मानित हैं. एकलव्य, सभी देशवासियों के लिए, विशेषकर जनजातीय समाज के लिए एक प्रेरक विभूति हैं. एकलव्य आवासीय आदर्श विद्यालयों में स्थापित ‘स्पोर्ट्स उत्कृष्टता केंद्र’ बच्चों को स्पोर्ट्स-कूद की आधुनिक सुविधाओं और पद्धतियों से सक्षम बना रहे हैं. इसी प्रकार, स्कूल-व्यवस्था के साथ अन्यत्र विद्यमान स्पोर्ट्स प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें प्रशिक्षित करने के कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं. मेरे व्यक्तिगत प्रयासों से मेरे गांव में वंचित वर्गों के बच्चों के लिए एक आवासीय स्कूल की स्थापना की गयी है. इस विनम्र प्रयास के तहत स्कूल के परिसर में ही तीरंदाजी के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करायी गयी है. प्रशासन के प्रयासों के साथ छोटे-छोटे व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयास भी जनजातीय बच्चों में निहित स्पोर्ट्स प्रतिभाओं को निखारने में सहायक होंगे. मेरे गांव के अन्य जनजातीय बच्चों की तरह मुझमें भी तैराकी सहित व्यायाम और स्पोर्ट्सों के प्रति बहुत रुझान था. मैं स्कूल की स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में प्रायः प्रथम स्थान पर रहती थी. एक प्रतियोगिता में जानबूझकर मैंने अपने को पीछे रखा था, ताकि मेरी एक सहेली को प्रथम पुरस्कार का आनंद मिल सके. स्पोर्ट्स-कूद से टीम भावना विकसित होती है तथा सामाजिक संबंध मजबूत होते हैं. मैदान पर कड़ी प्रतिस्पर्धा और मैदान के बाहर गहरी मित्रता खिलाड़ियों में प्रायः देखने को मिलती है. मेरे भाई फुटबॉल के बहुत अच्छे खिलाड़ी रहे हैं, जो गंभीर चोट के कारण आगे नहीं स्पोर्ट्स सके. मेरे परिवार के कुछ अन्य सदस्यों ने भी विभिन्न स्पोर्ट्सों में उत्कृष्टता प्रदर्शित की है. इस निजी विवरण से मैं यह बताना चाहती हूं कि जनजातीय परिवारों में स्पोर्ट्स-कूद की जीवंत परंपरा विद्यमान है. उनमें स्पोर्ट्सों के लिए असीम प्रतिभा, ऊर्जा और रुचि है तथा आगे बढ़ने का हौसला भी है. सुविधाओं और प्रशिक्षण द्वारा ऐसी प्रतिभाओं को निखारने से, स्पोर्ट्स-कूद उनके लिए केवल मनोरंजन और सामाजिक मेल-जोल का जरिया न होकर जीवन में आगे बढ़ने का, आर्थिक आत्मनिर्भरता का और सामाजिक सम्मान प्राप्त करने का माध्यम बन सकता है. इस संदर्भ में 2018 से केंद्र प्रशासन द्वारा राज्य प्रशासनों तथा स्पोर्ट्स संस्थानों के साथ मिलकर चलाये जा रहे ‘स्पोर्ट्सो इंडिया’ अभियान द्वारा अच्छा बदलाव आया है. कुछ वर्षों पहले तक हमारे देश में स्पोर्ट्स-कूद की अच्छी सुविधाएं केवल महानगरों तक सीमित थीं, जबकि ग्रामांचलों और वनांचलों में अनेक प्रतिभावान खिलाड़ी रहते हैं. जनजातीय क्षेत्रों में स्पोर्ट्स अकादमी और प्रशिक्षण सुविधाएं सुलभ नहीं होती थीं. अब एकलव्य आवासीय आदर्श विद्यालयों में बच्चों के स्पोर्ट्स-कूद पर विशेष ध्यान देने से लेकर ‘स्पोर्ट्सो इंडिया जनजातीय स्पोर्ट्स’ जैसे प्रयत्नों के बल पर जनजातीय प्रतिभाओं को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिल रहा है. मुझे याद है कि मेरे विद्यार्थी जीवन के दौरान ग्रामीण स्तर पर पांच-छह गांवों के लोग मिलकर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएं आयोजित किया करते थे. कुछ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संस्थाएं भी जनजातीय क्षेत्रों में स्पोर्ट्स-कूद को बढ़ावा देती रही हैं. प्रायः ग्रामीण क्षेत्र की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले अच्छे खिलाड़ी भी ग्रामीण स्तर से ऊपर नहीं उठ पाते थे. पिछले कुछ वर्षों में इस स्थिति को बदलने के अनेक सराहनीय प्रयास किये गये हैं. ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए ‘स्पोर्ट्सो इंडिया जनजातीय स्पोर्ट्स 2026’ का आयोजन किया गया. इस आयोजन से जमीनी स्तर के जनजातीय खिलाड़ियों को भी पहचान मिली है तथा उन्हें सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराये गये हैं. इन राष्ट्रीय स्पोर्ट्सों में लगभग सभी राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है. हिंदुस्तान ने खिलाड़ियों की नैसर्गिक प्रतिभा के बल पर ओलिंपिक स्पोर्ट्सों में पहला स्वर्ण पदक हॉकी के लिए 1928 में जीता था. उस विजय में जनजातीय समुदाय के खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका थी. तब से आज तक दिलीप तिर्की, सुबोध लकड़ा और सलीमा टेटे जैसे स्टार हॉकी खिलाड़ी हिंदुस्तान की पुरुष तथा स्त्री टीमों को जनजातीय प्रतिभा से समृद्ध करते रहे हैं. हिंदुस्तान प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे ‘स्पोर्ट्सो इंडिया’ राष्ट्रीय स्पोर्ट्स विकास कार्यक्रम के तहत स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सभी भौगोलिक क्षेत्रों, सामाजिक वर्गों और संस्थाओं के लिए समुचित स्पोर्ट्स इकोसिस्टम उपलब्ध कराने का समावेशी प्रयास किया जा रहा है. इसी कार्यक्रम के तहत, स्पोर्ट्स-कूद में बेटियों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए चलायी जा रही ‘अस्मिता’ नामक योजना से जनजातीय बेटियों की क्षमता भी विकसित हो रही है. ‘स्पोर्ट्सो इंडिया जनजातीय स्पोर्ट्स 2026’ द्वारा शुरू की गयी मुहिम को मजबूत बनाते हुए जनजातीय स्पोर्ट्स प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने से खिलाड़ियों के ऐसे समूह तैयार होंगे, जो विश्व पटल पर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ईरान युद्ध के बीच हटाए गए US आर्मी चीफ, रक्षा मंत्री ने किया जबरन रिटायर, अचानक क्यों?

US Army Chief Retire: ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी सेना के चीफ रैंडी ए जॉर्ज को उनके पद से हटा दिया गया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने उन्हें तत्काल सेवानिवृत्ति लेने के लिए मजबूर किया. अचानक लिए गए इस फैसले के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है. पेंटागन ने भी गुरुवार को इस कदम की पुष्टि की.  यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान युद्ध के जल्द समाप्त होने का ऐलान कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वे मिडिल ईस्ट में अपने सैनिकों की संख्या भी बढ़ा रहे हैं.  पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पर्नेल ने कहा कि जॉर्ज ‘तत्काल प्रभाव से सेना के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के पद से सेवानिवृत्त होंगे.’ उन्होंने कहा कि विभाग उनके ‘देश के प्रति दशकों की सेवा’ के लिए आभारी है. रैंडी के जबरन रिटायरमेंट के बाद, मौजूदा वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल क्रिस्टोफर ला-नेव को कार्यवाहक आर्मी चीफ नियुक्त किया गया है. 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के पूर्व कमांडर ला-नेव पहले हेगसेथ के सैन्य सहयोगी भी थे. ला-नेव इससे पहले दक्षिण कोरिया में आठवीं सेना की कमान संभाल रहे थे. Pete Hegseth has asked Army Chief of Staff Gen. Randy George to step down and take immediate retirement according to CBS pic.twitter.com/NhUsh1Z7jh — Visegrád 24 (@visegrad24) April 2, 2026 ट्रंप प्रशासन लगातार कर रहा फेरबदल, लेकिन क्यों? यह अचानक नेतृत्व परिवर्तन, हेगसेथ द्वारा अमेरिकी सैन्य ढांचे में किए जा रहे व्यापक बदलाव का हिस्सा है. वह पहले ही एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को हटा चुके हैं. हेगसेथ ने रक्षा विभाग को अपने तरीके से ढालने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं. वह राष्ट्रपति ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंडे को लागू करने के लिए शीर्ष जनरलों और एडमिरलों को हटाते रहे हैं.  माना जा रहा है ट्रंप प्रशासन उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, जिन्हें पिछले प्रशासन की नीतियों से प्रभावित माना जाता है. यूएस मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हेगसेथ चार सैन्य अधिकारियों (दो स्त्रीओं और दो अश्वेत पुरुषों) को वन-स्टार जनरल बनाने की प्रक्रिया को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. वह पहले भी अमेरिकी सेना से ‘डाइवर्सिटी, इक्विटी और इंक्लूजन’ (DEI) नीतियों को हटाने की बात कर चुके हैं. रैंडी पिछले साल फरवरी में हुई शुरुआती बर्खास्तगी की लहर से बच गए थे, जिनमें जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल चार्ल्स क्यू ब्राउन जूनियर और नौसेना प्रमुख एडमिरल लीसा फ्रैंचेटी और एयर फोर्स के नंबर-2 अधिकारी जनरल जेम्स स्लिफ को हटाया गया था. इसके बाद से एक दर्जन से अधिक अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी या तो समय से पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं या उन्हें उनके पदों से हटा दिया गया है. इनमें जॉर्ज के डिप्टी, आर्मी के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल जेम्स मिंगस भी शामिल थे, जिन्हें इस पद पर दो साल से कम समय हुआ था.  आगे भी कुछ और बर्खास्तगी संभव वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीफ ऑफ चैपलिन मेजर जनरल विलियम ग्रीन और यूएस आर्मी ट्रांसफॉर्मेशन एंड ट्रेनिंग कमांड के कमांडिंग जनरल जनरल डेविड होडने भी रिटायर किए गए हैं. हालांकि, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में अमेरिकी सेना से कुछ और विदाई हो सकती है.  द अटलांटिक की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस  एफबीआई निदेशक काश पटेल, आर्मी सेक्रेटरी डैनियल ड्रिस्कॉल और लेबर सेक्रेटरी लोरी शावेज डीरीमर भी ट्रंप प्रशासन छोड़ सकते हैं.  हालांकि, इन फैसलों का समय अभी तय नहीं है और राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है. लेकिन अटार्नी जनरल पाम बांडी को ट्रंप ने बाहर कर दिया है.  JUST IN – Pete Hegseth fires two more generals, David Hodne and William Green Jr., alongside Army Chief Of Staff Randy George — Reuters pic.twitter.com/XsYW3tW59D — Disclose.tv (@disclosetv) April 3, 2026 जॉर्ज का सैन्य करियर जनरल रैंडी जॉर्ज एक इन्फैंट्री अधिकारी हैं और वेस्ट प्वाइंट मिलिट्री अकादमी के स्नातक हैं. उन्होंने पहले खाड़ी युद्ध (गल्फ वॉर) के साथ-साथ इराक और अफगानिस्तान में भी सेवा दी है. उन्हें 2023 में सेना के शीर्ष पद पर नियुक्त किया गया था. आमतौर पर यूएस आर्मी चीफ का कार्यकाल चार साल का होता है, ऐसे में रैंडी 2027 में रिटायर होते, यानी उनके पास एक साल का समय और बचा था.  इससे पहले, जॉर्ज आर्मी के वाइस चीफ के रूप में कार्य कर चुके हैं और उससे पहले उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार के रूप में काम किया. 2021 से 2022 के बीच वह ऑस्टिन के शीर्ष सैन्य सहयोगी भी रहे, इसके बाद उन्होंने सेना में कई वरिष्ठ नेतृत्व पद संभाले. पद से हटाए जाने से कुछ दिन पहले ही, जॉर्ज वेस्ट प्वाइंट में कैडेट्स के साथ बातचीत कर रहे थे और उन्हें नेतृत्व के लिए अपने अनुभव के आधार पर मार्गदर्शन दे रहे थे. ये भी पढ़ें:- ट्रंप की भतीजी ने खोली परिवार की पोल, सुप्रीम कोर्ट में कानून की सुनवाई के लिए खुद पहुंचे थे US प्रेसिडेंट ये भी पढ़ें:- होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने नहीं आया नाटो, गुस्साए ट्रंप करवाएंगे पुतिन का फायदा, जानें अब क्या कह दिया? ईरान युद्ध के बीच क्यों बदला जा रहा सैन्य नेतृत्व? यह पुनर्गठन ऐसे समय हो रहा है जब ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं. ईरान युद्ध पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध का कालक्रम आने वाले 2-3 हफ्ते तक का निर्धारित कर दिया है. उनके अनुसार, अमेरिका जल्द से जल्द इस युद्ध से बाहर होगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने निर्धारित लक्ष्यों को लगभग पूरा कर चुका है. हालांकि, युद्ध के बीच इस तरह सैन्य बदलाव करना थोड़ा आश्चर्यचकित करता है. शीर्ष नेतृत्व को बदलना अमेरिका के लिए घातक हो सकता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, इससे ग्राउंड पर सैनिकों का मनोबल टूट सकता है. हालांकि, ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी कहा था कि वह आने वाले दिनों में ईरान के ऊपर और बड़ा हमला कर सकते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन अपनी नीतियों के मुताबिक सैन्य नेतृत्व को पद पर बैठाना चाहता है, जो उनके लक्ष्यों को प्राप्त करा सके.  The post ईरान युद्ध के बीच हटाए

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

12वीं के बाद बेस्ट कॉलेज की तलाश! ये यूनिवर्सिटी बन सकती है आपकी पहली पसंद

Best College Admission Episode 3: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (CU) आज के समय में स्टूडेंट्स की पहली पसंद बनी हुई है. शानदार कैंपस, बेहतरीन प्लेसमेंट और मॉडर्न पढ़ाई के तरीके इसे खास बनाते हैं. अगर आप 12वीं के बाद एक अच्छे यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना चाहते हैं, तो Chandigarh University एक बेहतर विकल्प माना जाता है. NIRF रैंकिंग 2025 में इस कॉलेज को बेस्ट यूनिवर्सिटी के कैटेगरी में 19वां रैंक मिला है. यहां इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, लॉ, फार्मेसी, मीडिया जैसे कई कोर्स की फैसिलिटी है. आइए ऐसे में बेस्ट कॉलेज एडमिशन (Best College Admission) सीरिज के तीसरे एपिसोड में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में एडमिशन प्रोसेस के बारे में जानेंगे. साथ ही यहां के प्लेसमेंट रिकॉर्ड के बारे में भी जानेंगे.  कौन-कौन से कोर्स मिलते हैं? चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (Best College Admission) में कई तरह के कोर्स मिलते हैं, जैसे: BTech (इंजीनियरिंग) BBA, MBA (मैनेजमेंट) BCA, MCA (आईटी) BA, MA (आर्ट्स) Law (LLB, BA LLB) Pharmacy और Nursing एडमिशन के लिए योग्यता (Eligibility) UG कोर्स के लिए 12वीं पास होना जरूरी है.  PG कोर्स के लिए ग्रेजुएशन जरूरी है.  कुछ कोर्स में न्यूनतम 50–60% मार्क्स चाहिए होते हैं.  इंजीनियरिंग जैसे कोर्स में PCM (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) होना जरूरी होता है.  Best College Admission: एडमिशन प्रोसेस  चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में ज्यादातर कोर्सेज के लिए CUCET (चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस एग्जाम ) देना अनिवार्य है. यह सिर्फ एक एंट्रेंस टेस्ट नहीं है, बल्कि स्कॉलरशिप पाने का सुनहरा मौका भी होता है. अगर आप इस टेस्ट में अच्छा स्कोर करते हैं, तो आपको फीस में भारी छूट (100% तक) मिल सकती है. यह एग्जाम ऑनलाइन होता है, जिसे आप घर बैठे अपनी सुविधा के अनुसार स्लॉट बुक करके दे सकते हैं.  एडमिशन के लिए ऐसे करें अप्लाई  सबसे पहले Chandigarh University की ऑफिशियल वेबसाइट cuchd.in पर जाएं.  वहां अपनी बेसिक डिटेल्स डालकर रजिस्ट्रेशन करें.  रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड डालकर लॉगिन करें.  अब अपना एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं.  फिर ऑनलाइन फीस जमा करें.  लास्ट में सबमिट करके प्रिंट निकाल लें.  प्लेसमेंट डिटेल्स इस बार चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में प्लेसमेंट रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है. यहां Microsoft, Amazon, IBM, HP, SAP Labs, Samsung, L&T, Wipro और Flipkart जैसे बड़ी कंपनियों ने इंजीनियरिंग के छात्रों को बेहतरीन जॉब ऑफर्स दिए. कुल  3750 इंजीनियरिंग छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट के जरिए नौकरी मिली है. पिछले साल के मुकाबले कैंपस आने वाली कंपनियों की संख्या में 30% की बढ़ोतरी देखी गई है. 2025 में इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स का हाईएस्ट पैकेज 54.75 लाख रुपये प्रतिवर्ष रहा.  यह भी पढ़ें: Best College Admission: IIT जोधपुर में एडमिशन के लिए क्या है योग्यता? जानें कौन कर सकता है अप्लाई The post 12वीं के बाद बेस्ट कॉलेज की तलाश! ये यूनिवर्सिटी बन सकती है आपकी पहली पसंद appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल में वोटर लिस्ट पर महासंग्राम, मालदा से कूचबिहार तक सड़कों पर उतरे लोग, ममता बनर्जी ने बताया बड़ी साजिश

West Bengal Election 2026 SIR Protest: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से ठीक 3 हफ्ते पहले राज्य ‘वोटर लिस्ट’ की आग में सुलग उठा है. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने के विरोध में गुरुवार को बंगाल के कई जिलों में उग्र प्रदर्शन हुए. मालदा के कालियाचक में जजों को बंधक बनाने की घटना के अगले ही दिन प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर नेशनल हाई-वे को जाम कर दिया. इससे उत्तर और दक्षिण बंगाल का संपर्क घंटों कटा रहा. जिलों से ग्राउंड रिपोर्ट : कहां-कहां भड़की आग? मालदा (जदुपुर और मंगलबाड़ी): इंग्लिश बाजार के जदुपुर में प्रदर्शनकारियों ने दस्तावेजों के साथ प्रदर्शन किया. उनका सवाल था- कागज सही होने के बाद भी नाम क्यों कटे? मंगलबाड़ी में 4 घंटे तक सड़क जाम रही, जिसे एडीएम के आश्वासन के बाद खोला गया. जलपाईगुड़ी (मयनागुड़ी) : हुसुलडांगा में नेशनल हाईवे-27 को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पात्र मतदाताओं को जान-बूझकर सूची से बाहर किया जा रहा है. कूचबिहार (माथाभंगा) : मदरसा मोड़ पर ग्रामीणों ने करीब 3 घंटे तक सड़क जाम रखी. विरोध की लहर पचगढ़ ग्राम पंचायत तक फैल गयी. पूर्वी बर्धमान (शक्तिगढ़) : यहां के लोगों ने शोर-शराबे की बजाय ‘मौन मार्च’ निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया और गायब नामों को तुरंत जोड़ने की मांग की. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर हमला- मेरी सारी शक्तियां छीन ली, मालदा कांड राष्ट्रपति शासन की साजिश ममता बनर्जी का आरोप : राष्ट्रपति शासन की तैयारी इन प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह सब बंगाल में अशांति फैलाने के लिए रचा गया एक ‘बड़ा षड्यंत्र’ है. ममता का दावा है कि भाजपा इन दंगों और प्रदर्शनों की आड़ में चुनाव से पहले राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की राह देख रही है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें West Bengal Election 2026 SIR Protest: NH-12 पर भारी तनाव, जजों की सुरक्षा बढ़ी कलकत्ता-सिलीगुड़ी को जोड़ने वाले लाइफलाइन NH-12 पर बुधवार से जारी नाकाबंदी ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है. कालियाचक कांड के बाद, जहां 7 न्यायिक अधिकारियों को भीड़ ने घेर लिया था, अब पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. प्रदर्शनकारी अब भी अड़े हैं कि जब तक हर वैध वोटर का नाम लिस्ट में नहीं आता, आंदोलन जारी रहेगा. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026 : NIA करेगी मालदा कांड की जांच, इलेक्शन कमीशन ने लिखी चिट्ठी अमित शाह जी, बंगाल आ रहे हैं तो मछली-भात जरूर खाइयेगा, 15 दिन के प्रवास पर TMC ने कसा तंज मालदा कांड पर भड़कीं ममता बनर्जी, कहा- आग से स्पोर्ट्स रहे BJP और चुनाव आयोग, अमित शाह इस्तीफा दें टीएमसी पर भाजपा का हमला- मालदा कांड जंगलराज, रोहिंग्या प्रेम और लोकतंत्र पर काला धब्बा, ममता बनर्जी से मांगा इस्तीफा The post बंगाल में वोटर लिस्ट पर महासंग्राम, मालदा से कूचबिहार तक सड़कों पर उतरे लोग, ममता बनर्जी ने बताया बड़ी साजिश appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कालीघाट के पास रोड शो के दौरान भाजपा-तृणमूल कार्यकर्ताओं में भिड़ंत, देखें Video

BJP-Trinamool Clash: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता के भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी के पक्ष में रैली की. उनकी रैली के कालीघाट के पास पहुंचते ही तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक सड़क किनारे जमा हो गये. पार्टी के हरे-सफेद झंडे लहरा रहे थे और ‘जय बांग्ला’ और ‘ममता बनर्जी जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे. ममता बनर्जी के घर के पास माहौल हुआ तनावपूर्ण कालीघाट का यह इलाका ममता बनर्जी के घर से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर है. कालीघाट के पास भाजपा के रोड शो और तृणमूल कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गयी. दोनों पार्टियों के समर्थक आपस में भिड़ गये. बीच-बचाव करते रहे सुरक्षा बल के जवान कुछ देर दोनों विरोधी दलों के समर्थक एक-दूसरे से महज कुछ ही मीटर की दूरी पर खड़े होकर नारेबाजी करते रहे. किसी तरह की झड़प को रोकने के लिए भारी संख्या में मौजूद पुलिस बल दोनों पक्षों को एक-दूसरे से अलग करते नजर आये. इसे भी पढ़ें शुभेंदु के नामांकन में शाह का मेगा शो, बोले- घुसपैठियों ने बंगाल को दीमक की तरह चाटा, अस्तित्व बचाने का आखिरी मौका अमित शाह पर तृणमूल का पलटवार,कहा- दम है तो चुनाव परिणाम के बाद भी बंगाल में रुककर दिखायें अमित शाह जी, बंगाल आ रहे हैं तो मछली-भात जरूर खाइयेगा, 15 दिन के प्रवास पर TMC ने कसा तंज 2021 में ममता बनर्जी नंदीग्राम में हारीं, इस बार भवानीपुर भी हारेंगी, शुभेंदु अधिकारी के नामांकन में गरजे अमित शाह The post कालीघाट के पास रोड शो के दौरान भाजपा-तृणमूल कार्यकर्ताओं में भिड़ंत, देखें Video appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

हनी सिंह और बादशाह को कोर्ट की फटकार, गाने को डिलीट करने का आदेश

Hindi Song Controversy: एक वक्त था जब इंटरनेट पर कुछ गाने तेजी से वायरल होते थे, लेकिन उनके बोलों को लेकर अक्सर विवाद भी खड़े हो जाते थे. अब ऐसे ही एक पुराने विवादित गाने पर कोर्ट ने बड़ा फैसला सुना दिया है, जिसने म्यूजिक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है. दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने मशहूर रैपर्स हनी सिंह और बादशाह के पुराने ट्रैक ‘माफिया मुंडीर (वॉल्यूम 1)’ को लेकर सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस गाने को यूट्यूब, स्पॉटिफाई समेत सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से पूरी तरह हटा दिया जाए. कोर्ट ने लगाई जबरदस्त फटकार सुनवाई के दौरान अदालत ने गाने के बोलों पर कड़ी नाराजगी जताई. जज ने साफ कहा कि इस ट्रैक में इस्तेमाल की गई भाषा बेहद अश्लील, अभद्र और स्त्रीओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है. कोर्ट ने यहां तक कहा कि इस तरह का कंटेंट किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता और अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ऐसी चीजों को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता. मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब दोनों रैपर्स ने इस गाने से खुद को अलग बताने की कोशिश की. हालांकि, कोर्ट के सामने ऐसे सबूत रखे गए जिनमें लाइव शो के दौरान इन गानों के बोल गाए जाने की बात सामने आई. इस पर अदालत ने कलाकारों के इस रवैये पर भी सवाल उठाए और इसे गंभीरता से लिया.  माफिया मुंडीर ग्रुप ने रैप को बनाया पॉपुलर बता दें कि ‘माफिया मुंडीर’ कभी माफिया मुंडीर नाम के ग्रुप का हिस्सा था, जिसमें हनी सिंह, बादशाह और रफ्तार जैसे बड़े नाम शामिल थे. इस ग्रुप ने हिंदुस्तान में रैप म्यूजिक को काफी पॉपुलर बनाया, लेकिन इसके कई गाने अपने विवादित बोलों की वजह से आलोचना में भी रहे. बाद में आपसी विवाद के चलते यह ग्रुप टूट गया. अब कोर्ट का यह फैसला सिर्फ एक गाने तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे पूरे म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए एक चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है कि कंटेंट बनाते समय जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है. यह भी पढे़ं: विवादों से भरा रहा है हनी सिंह और बादशाह का करियर, पढ़ें रैप इंडस्ट्री की कॉन्ट्रोवर्सी The post हनी सिंह और बादशाह को कोर्ट की फटकार, गाने को डिलीट करने का आदेश appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

आज मीन में त्रिग्रही योग से मिलेगा डबल लाभ, लेकिन इन राशियों पर संकट के संकेत, पढ़ें 3 अप्रैल का राशिफल

Aaj Ka Rashifal 3 April 2026: आज के सूर्योदय कालीन ग्रह गोचर की बात करें तो मंगल, सूर्य और शनि मीन राशि में एक साथ विराजमान रहेंगे. बुध और राहु कुंभ राशि में संचरण करेंगे. चंद्रमा तुला राशि में संचरण करेंगे. देव गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में रहेंगे और केतु सिंह राशि में मौजूद रहेंगे. शुक्र मेष राशि में हैं. आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य दीप्ति शर्मा से आज का दिन आपके लिए कैसा रहने वाला है. यहां पढ़ें मेष से मीन तक का राशिफल मेष आज का राशिफल मेष राशि: आज आपकी राशि के सातवें भाव में चंद्रमा स्थित हैं, जिसके कारण पार्टनरशिप और व्यापार में आपको बड़ी सफलता मिलने के योग हैं. आज करियर और नौकरी में सहयोगियों के साथ तालमेल अच्छा रहेगा, लेकिन तुला के चंद्रमा के कारण किसी बात पर जीवनसाथी से मामूली मतभेद हो सकता है. लव लाइफ में आज रोमांस बना रहेगा और धन लाभ के नए अवसर प्राप्त होंगे. स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन उत्तम है, परन्तु पढ़ाई में छात्रों को अधिक एकाग्रता की आवश्यकता होगी. वृषभ आज का राशिफल वृषभ राशि: आज आपकी राशि के छठे भाव में चंद्रमा स्थित हैं, जिसके कारण शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी और रुके हुए कानूनी मामले सुलझ सकते हैं. नौकरी में कम का लोड बढ़ सकता है, जिससे मानसिक थकान महसूस होगी, लेकिन आर्थिक लाभ की स्थिति बनी रहेगी. शुक्र के मेष राशि में होने से आज प्रेम संबंधों में कुछ दूरियां आ सकती हैं, इसलिए पार्टनर के साथ विनम्र रहें. आज सेहत का ध्यान रखें और बाहर के खान-पान से बचें वरना पेट की समस्या हो सकती है. मिथुन आज का राशिफल मिथुन राशि: आज आपकी राशि के पांचवें भाव में चंद्रमा स्थित हैं, जिसके कारण संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है और पढ़ाई में छात्रों का प्रदर्शन शानदार रहेगा. देवगुरु बृहस्पति की आपकी ही राशि में मौजूदगी करियर में प्रमोशन और मान-सम्मान दिलाएगी. लव लाइफ में आज नया उत्साह रहेगा और सिंगल लोगों को कोई दिलचस्प पार्टनर मिल सकता है. धन निवेश के लिए आज का दिन अच्छा है और पुराने कर्जों से मुक्ति मिलने की संभावना है. कर्क आज का राशिफल कर्क राशि: आज आपकी राशि के चौथे भाव में स्थित चंद्रमा हैं, जिसके कारण सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ेगा और भूमि-भवन से जुड़े कार्यों में लाभ होगा. आज नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर थोड़ी नेतृत्व का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए आज आप अपने काम पर ध्यान दें. माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है और पारिवारिक रिश्तों में पुरानी बातों को लेकर झगड़ा होने की आशंका है. आज करियर में बदलाव के लिए जल्दबाजी न करें और शांति से फैसले लें. सिंह आज का राशिफल सिंह राशि: आज आपकी राशि के तीसरे भाव में चंद्रमा स्थित हैं, जिसके कारण आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी और छोटी यात्राएं सफल रहेंगी. केतु की आपकी राशि में उपस्थिति आपको थोड़ा भ्रमित कर सकती है, लेकिन छोटे भाई-बहनों का सहयोग आपको सहारा दे सकता हैं. बिज़नेस में नई डील फाइनल हो सकती है, जिससे भविष्य में बड़ा धन लाभ होगा. आज प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और स्वास्थ्य के मामले में आप काफी ऊर्जावान महसूस करेंगे. कन्या आज का राशिफल कन्या राशि: आज आपकी राशि के दूसरे भाव में चंद्रमा स्थित हैं, जिसके कारण आपकी वाणी का प्रभाव बढ़ेगा और फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है. आज परिवार में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है और रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी. आज करियर में नई जिम्मेदारियां मिलेंगी, जिन्हें आप अपनी बुद्धिमानी से अच्छी तरह से निभाएंगे. आज लव पार्टनर के साथ किसी बात पर बहस हो सकती है, इसलिए क्रोध पर नियंत्रण रखें. तुला आज का राशिफल तुला राशि: आज आपकी राशि के प्रथम भाव में चंद्रमा स्थित हैं, जिसके कारण आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा और आप मानसिक शांति का अनुभव करेंगे. आज मीन के मंगल और सूर्य के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन आप अपनी सूझबूझ से लाभ की स्थिति बना लेंगे. पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का मौका मिलेगा और प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा. आज आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा और छात्रों को प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता मिलने के संकेत हैं. वृश्चिक आज का राशिफल वृश्चिक राशि: आज आपकी राशि के बारहवें भाव में चंद्रमा स्थित हैं, जिसके कारण अनावश्यक खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है और नींद की कमी खलेगी. आज विदेश से जुड़े व्यापार या नौकरी में शुभ परिणाम देखने को मिल सकते हैं. आज लव लाइफ में किसी तीसरे व्यक्ति के हस्तक्षेप से पार्टनर के साथ मतभेद हो सकता है. आज सेहत के प्रति सावधान रहें और वाहन चलाते समय लापरवाही न बरतें वरना चोट लगने का डर है. धनु आज का राशिफल धनु राशि: आज आपकी राशि के ग्यारहवें भाव में चंद्रमा स्थित हैं, जिसके कारण आज आपकी आय के स्रोतों में वृद्धि होगी और पुराने निवेश से मोटा मुनाफा होगा. आज आपके मित्रों और बड़े भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपके करियर की बाधाएं दूर होंगी. लव लाइफ में आज खुशियां आएंगी और आप अपने पार्टनर के साथ विवाह की चर्चा कर सकते हैं. आज आपकी पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और आप बेहतर सीखने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे. मकर आज का राशिफल मकर राशि: आज आपकी राशि के दसवें भाव में चंद्रमा स्थित हैं, जिसके कारण आज कार्यक्षेत्र में आपका वर्चस्व बढ़ेगा और उच्चाधिकारियों से प्रशंसा मिलेगी. आज मीन के शनि और सूर्य आपके पिता के साथ संबंधों में थोड़ा तनाव दे सकते हैं, इसलिए बातचीत में सावधानी बरतें. व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल होंगी और आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी. आज आपका स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन घुटनों के दर्द की पुरानी समस्या उभर सकती है. कुंभ आज का राशिफल कुंभ राशि: आज आपकी राशि के नौवें भाव में चंद्रमा स्थित रहेंगे, जिसके कारण भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी. आज बुध और राहु की आपकी राशि में युति कुछ नए आईडिया देंगी, जो करियर में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं. आज लव पार्टनर के साथ किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के योग हैं. धन लाभ के मामले

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

3 अप्रैल की टॉप 20 खबरें: होर्मुज खुलवाने की वैश्विक चर्चा में भारत होगा शामिल, बिहार में CM बदलने की तारीख तय

1. होर्मुज को खोलने पर होगी चर्चा, बैठक में हिंदुस्तान को किया गया आमंत्रित यूके (United Kingdom) ने हिंदुस्तान समेत कई देशों को होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोलने पर बहुपक्षीय बातचीत के लिए आमंत्रित किया है. जानें MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने क्या बताया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 2. CM बदलने की तारीख FIX! 14 अप्रैल को नीतीश का इस्तीफा, 18 तक नया मुख्‍यमंत्री तय… Nitish Kumar Resignation Plan : बिहार में नीतीश कुमार के इस्तीफे और नई प्रशासन के गठन का पूरा शिड्यूल सामने आया है. 14 अप्रैल को इस्तीफा और 18 से पहले नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने की संभावना. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 3. नालंदा मामले पर संसद में गरजे पप्पू यादव, बोले- मणिपुर जैसी घटना, दोषियों को फांसी दो Pappu Yadav On Nalanda Case: नालंदा के नूरसराय में स्त्री से दुष्कर्म की कोशिश का मामला अब संसद तक पहुंच गया है. सांसद पप्पू यादव ने घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल की मांग की है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 4. बिहार के DSP के पास 80 करोड़ की संपत्ति: ससुराल में बंगला, गर्लफ्रेंड के नाम जमीन, थार पर ‘पुलिस’ लिखकर घूमती है पत्नी Bihar News: बिहार के DSP गौतम कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का बड़ा मामला सामने आया है. EOU की छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति, लग्जरी गाड़ियां और निवेश के दस्तावेज मिले हैं, जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया है और अब मनी लॉन्ड्रिंग जांच की तैयारी है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 5. जमीन पर होगा हवाई जहाज जैसा सफर! 10 सुपर लग्जरी Volvo Sleeper बसें, रात में सोते-सोते पहुंचेंगे दिल्ली Patna Volvo Sleeper Bus service : पटना से पहली बार Volvo Sleeper बस सेवा शुरू होने जा रही है. बैरिया बस स्टैंड से टाटा, पुरी, राउरकेला और दिल्ली के लिए लग्जरी सफर मिलेगा, जिसमें बेड और टॉयलेट जैसी सुविधाएं होंगी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 6. ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर हमला- मेरी सारी शक्तियां छीन ली, मालदा कांड राष्ट्रपति शासन की साजिश President Rule Conspiracy in Bengal: मुर्शिदाबाद जिले की सागरदिघी रैली में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाये. मालदा में जजों को बंधक बनाने की घटना पर कहा कि उनकी शक्तियां छीन ली गयीं हैं. जजों की रक्षा करने में आयोग फेल है. उन्होंने कहा कि बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की साजिश रची जा रही है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 7. 2021 में ममता बनर्जी नंदीग्राम में हारीं, इस बार भवानीपुर भी हारेंगी, शुभेंदु अधिकारी के नामांकन में गरजे अमित शाह West Bengal Election 2026 News: अमित शाह ने भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी के नामांकन को शक्ति प्रदर्शन का शो बना दिया. ममता बनर्जी के गढ़ में घुसपैठ और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी उन्होंने जमकर हमला बोला. शाह ने कहा कि चुनाव के दौरान वह 15 दिन बंगाल में ही डेरा डालेंगे. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 8. मालदा कांड पर भड़कीं ममता बनर्जी, कहा- आग से स्पोर्ट्स रहे BJP और चुनाव आयोग, अमित शाह इस्तीफा दें Mamata Banerjee vs Amit Shah Malda Incident: बंगाल चुनाव 2026 से पहले मालदा में SIR प्रक्रिया की जांच कर रहे जजों के घेराव पर ममता बनर्जी ने पलटवार किया है. उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर ‘गंदी साजिश’ रचने का आरोप लगा. ममता ने कहा कि अमित शाह की वजह से बंगाल में कानून-व्यवस्था हुई कमजोर. ममता ने और क्या-क्या कहा- यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 9. कौन है भीम राम, जिसने भगताइन के कहने पर विष्णुगढ़ की बच्ची का सिर कुचला Hazaribagh Murder Case: विष्णगुढ़ के कोसुंबा गांव में अंधविश्वास के नाम पर 12 साल की बच्ची की निर्मम हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. मुख्य आरोपी भीम राम समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. तंत्र-मंत्र और मानव बलि से जुड़ा यह मामला समाज को झकझोर देने वाला है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 10. असम चुनाव: राहुल गांधी बोले- हिमंता हिंदुस्तान के सबसे भ्रष्ट CM, मोदी-शाह संग चला रहे लैंड ATM Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने सरमा को देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री कहा. राहुल ने आरोप लगाया कि वो पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मिलकर असम में लैंड एटीएम चला रहे हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 11. युवराज सिंह ने MS Dhoni और कपिल पाजी को कहा सॉरी, पिता योगराज की टिप्पणियों पर शर्मिंदा MS Dhoni: पूर्व हिंदुस्तानीय ऑलराउंडर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह अपने बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं. हालांकि, उनके निशाने पर ज्यादातर पूर्व कप्तान एमएस धोनी रहते हैं. कुछ दिनों पहले उन्होंने कपिल देव को लेकर भी तीखी टिप्पणी की थी. इस बात पर युवराज ने कपिल और धोनी से माफी मांगी है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 12. MP बोर्ड रिजल्ट के बाद स्क्रूटनी के लिए कैसे करें अप्लाई, जानें पूरा प्रोसेस MP Board Scrutiny 2026: एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी होने के बाद स्टूडेंट MPBSE की ऑफिशियल वेबसाइट mpbse.nic.in पर मार्कशीट चेक कर सकेंगे. रिजल्ट जारी होने से पहले जान लें स्क्रूटिनी क्या है और इसके लिए कब अप्लाई किया जाता है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 13. 12वीं के बाद एनीमेशन में करियर कैसे बनाएं, जानें कोर्स और सैलरी डिटेल Animation Course: एनीमेशन आज के समय में तेजी से बढ़ता हुआ और क्रिएटिव करियर ऑप्शन है. एनीमेशन में स्किल और प्रैक्टिस की जरूरत होती है. जानें एनीमेशन में क्या करियर स्कोप है. साथ ही इस कोर्स को करने के लिए टॉप कॉलेज कौन-कौन से हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 14. ICICI बैंक में ‘नकली सोने’ का असली स्पोर्ट्स, 23 करोड़ का चूना, 159 अकाउंट और 21 महीने तक सोता रहा बैंक ICICI Gold Loan Scam: सोने की चमक असली थी या ठगों की होशियारी? नागपुर के ICICI बैंक में 159 खातों के जरिए नकली सोना जमा कर ₹23 करोड़ का लोन ले उड़े ठग. जानिए कैसे बैंक की 9 शाखाओं की नाक के नीचे हुआ यह बड़ा फर्जीवाड़ा. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 15. नौकरी बदलने के बाद छूट गया HRA क्लेम? ITR फाइल करते समय ऐसे बचाएं टैक्स HRA : क्या आप पिछले साल

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top