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Author name: Vinod Jha

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श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले माही की शरण में पहुंचे ऋषभ पंत, अहम मुकाबलों से पहले धोनी के साथ की ट्रेनिंग

Rishabh Pant and MS Dhoni : हिंदुस्तान के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. 28 वर्षीय पंत इन दिनों रांची में हैं, जहां वह हिंदुस्तान के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं. श्रीलंका दौरे से पहले धोनी के साथ अभ्यास की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. वहीं सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में पंत माही से टिप्स लेते हुए नजर आ रहे है. शाहबाज ने शेयर की तस्वीर View on Instagram पूर्व हिंदुस्तानीय स्पिनर शाहबाज नदीम ने फ्राइडे को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर जिम की एक तस्वीर साझा की, जिसमें उनके साथ एमएस धोनी और ऋषभ पंत नजर आ रहे हैं. नदीम ने तस्वीर के साथ कैप्शन लिखा, ‘हिंदुस्तानीय क्रिकेट के दो बेहतरीन फिनिशर- ऋषभ पंत और माही भाई.’ इसके बाद यह फोटो क्रिकेट फैंस के बीच तेजी से वायरल हो गई. वहीं सोशल मीडिया पर एक और वायरल वीडियो में दिख रहा है धोनी ऋषभ पंत को गेम से रिलेटेड टिप्स दे रहे है. बताया जा रहा है कि यह वीडियो JSCA स्टेडियम का है. 15 अगस्त से श्रीलंका दौरा हिंदुस्तान का श्रीलंका दौरा 15 अगस्त से शुरू होगा. पहला टेस्ट 15 से 19 अगस्त के बीच गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में होगा. टेस्ट टीम के प्रमुख विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में पंत से इस सीरीज में बड़ी उम्मीदें रहेंगी. अफगानिस्तान के खिलाफ स्पोर्ट्सा था टेस्ट पंत आखिरी बार जून 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में स्पोर्ट्से गए एकमात्र टेस्ट में मैदान पर उतरे थे. उस मुकाबले की पहली पारी में उन्होंने शानदार अर्धशतक जड़कर अपनी उपयोगिता साबित की थी. अब श्रीलंका दौरे पर भी उनसे मध्यक्रम में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद की जा रही है. टेस्ट में ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में ऋषभ पंत अब तक 50 मैचों की 87 पारियों में 3,557 रन बना चुके हैं. उनके नाम आठ शतक और 19 अर्धशतक दर्ज हैं. खास बात यह है कि श्रीलंका सीरीज में पंत के पास टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने का भी सुनहरा मौका होगा. फिलहाल उनके नाम 97 छक्के हैं और वह इस उपलब्धि से सिर्फ तीन छक्के दूर हैं. Also Read: श्रीलंका दौरे से पहले काउंटी क्रिकेट में कुलदीप का शानदार प्रदर्शन, चार मैचों में झटके 8 विकेट The post श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले माही की शरण में पहुंचे ऋषभ पंत, अहम मुकाबलों से पहले धोनी के साथ की ट्रेनिंग appeared first on Naya Vichar.

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JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: पलामू में युवाओं के समर्थन में सड़कों पर उतरी भाजपा, जताया विरोध

पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट JPSC Exam Controversy: झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित धांधली और भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर नेतृत्वक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है. इसी कड़ी में शुक्रवार शाम पलामू जिला भाजपा ने युवाओं के समर्थन में शहर के छहमुहान चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने राज्य प्रशासन पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और कहा कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही अनियमितताओं ने लाखों अभ्यर्थियों को निराश कर दिया है. छहमुहान चौक पर भाजपा का जोरदार प्रदर्शन भाजपा कार्यकर्ता और नेता बड़ी संख्या में छहमुहान चौक पर एकत्र हुए. प्रदर्शनकारियों ने राज्य प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका. नेताओं ने कहा कि झारखंड के युवा रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है. प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि राज्य की भर्ती एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, फिर भी प्रशासन स्थिति स्पष्ट करने के बजाय चुप्पी साधे हुए है. भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने कई भर्ती परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों से आवेदन तो लिए, लेकिन समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं की गईं. उनका कहना था कि जिन परीक्षाओं का आयोजन हुआ, वे भी पेपर लीक और कथित धांधली के आरोपों के कारण विवादों में घिर गईं. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इससे लाखों युवाओं का समय, मेहनत और आर्थिक संसाधन प्रभावित हुए हैं. उनका आरोप था कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के कारण अभ्यर्थियों का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है. प्रशासन पर युवाओं की अनदेखी का आरोप भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन के पास युवाओं के रोजगार को लेकर न तो स्पष्ट नीति है और न ही गंभीर इच्छाशक्ति. उनका कहना था कि बेरोजगार युवा अपनी मांगों को लेकर लगातार धरना, प्रदर्शन और सत्याग्रह कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की चुप्पी के कारण राज्य के हजारों अभ्यर्थी मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और निष्पक्ष बनाने की मांग की. महाधरने का किया ऐलान प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने घोषणा की कि जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा विवाद के विरोध में शनिवार को समाहरणालय परिसर में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कार्यकर्ताओं और युवाओं से बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की. भाजपा नेताओं का कहना था कि यह आंदोलन केवल एक नेतृत्वक कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और अभ्यर्थियों की मांगों पर प्रशासन स्पष्ट निर्णय नहीं लेती, तब तक विरोध जारी रहेगा. इसे भी पढ़ें: बोकारो में 5 अगस्त से चलेगा न्यू वोटर्स अभियान, मतदाता सूची में नाम जोड़ने का मिलेगा अंतिम मौका बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. इस दौरान परशुराम ओझा, नरेंद्र पांडेय, शिवकुमार मिश्र, विजय ठाकुर, अभिमन्यु तिवारी, जितेंद्र तिवारी, विश्वजीत पाठक, विजय कुशवाहा, ओम प्रकाश पप्पू, श्रवण गुप्ता, समर्पण पाठक, शुभम प्रसाद, राजहंस अग्रवाल, ज्योति पांडेय, डॉ. विपुल गुप्ता, छोटू सिंहा, गुड्डू बर्मन, रमाशंकर, विवेक चौबे, नीति सिंह, प्रशांत सिंह, प्रधान सक्सेना, वीरेंद्र प्रसाद, सूरज शुक्ला, प्रभात सिंह, लवली गुप्ता, रीना किशोर, रेणु देवी, मंजू गुप्ता और ललित सहाय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे. भाजपा नेताओं ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित कराने के लिए उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने राज्य प्रशासन से मांग की कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े विवादों का शीघ्र समाधान कर अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल किया जाए. इसे भी पढ़ें: चिरकुंडा में अवैध लॉटरी के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़, डेढ़ से दो करोड़ रुपये की प्रतिबंधित लॉटरी जब्त The post JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: पलामू में युवाओं के समर्थन में सड़कों पर उतरी भाजपा, जताया विरोध appeared first on Naya Vichar.

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जिला राजद के वरीय उपाध्यक्ष मो.अरमान सदरी के निधन पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड युवा राजद के द्वारा शुक्रवार को सरायरंजन में राजद के जिला उपाध्यक्ष मो. अरमान सदरी के निधन पर एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गयी। श्रद्धांजलि सभा में 02 मिनट का मौन रख कर राजद उपाध्यक्ष दिवंगत मो.अरमान सदरी को श्रद्धांजलि दी गयी। अध्यक्षता युवा राजद के प्रखंड अध्यक्ष मो.राजा ने की। राजद अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सह सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के राजद के पूर्व प्रत्याशी अरविन्द सहनी ने कहा कि अरमान सदरी के निधन की समाचार से वे बेहद मर्माहत है। एक लोकप्रिय समाजसेवी एवं चर्चित राजद नेता के रूप मे अरमान सदरी सदैव याद किए जाते रहेंगे।राजद उपाध्यक्ष मो. अरमान सदरी के निधन पर राजद अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द सहनी, जिला महासचिव लालबाबू महतो, पूर्व मुखिया विष्णुदेव पासवान, राजद नेता प्रो.सत्यनारायण राय, जिला महासचिव मो. परवेज आलम, राजद अल्पसंख्यक सेल के जिलाध्यक्ष मो. नसीम अब्दुल्लाह, युवा राजद के प्रदेश महासचिव राजू यादव, राजद नेत्री अर्चना अंजू, राजद नेता संजीव इंक़लाबी, युवा राजद प्रखंड अध्यक्ष मो. राजा आदि ने गहरा दुख व्यक्त किया ह।

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CJP मार्च विवाद: हिंसा को लेकर अभिजीत दिपके का आरोप, कहा- BJP के लोगों ने खराब किया माहौल

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने चलो संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी पर आरोप लगाए हैं. दिपके ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान BJP से जुड़े लोगों ने माहौल खराब किया. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों की भी जांच होनी चाहिए, लेकिन जिन छात्रों पर पुलिस कार्रवाई हुई, उनके परिवारों की चिंता भी की जानी चाहिए. यह काम BJP के गुंडों ने किया है. मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि BJP गड़बड़ी फैलाने के लिए अपने गुंडों को भेजेगी. उन्होंने ठीक वैसा ही किया. मुझे दुख है कि जिन लोगों ने ये हरकतें कीं, उन्हीं लोगों ने पुलिस अधिकारियों को भी निशाना बनाया. जिन पुलिस अधिकारियों को इस तरह निशाना बनाया गया, उनके प्रति हमारी सहानुभूति है. साथ ही, जिन छात्रों को पुलिस अधिकारियों ने बेरहमी से पीटा, उनके परिवारों का क्या? अभिजीत दिपके, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा- छात्रों को डराने की हो रही है कोशिश अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि छात्रों को निशाना बनाने के लिए कुछ लोगों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि वे प्रशासन से सवाल न पूछ सकें और दोबारा विरोध प्रदर्शन करने से डरें. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है और आदतन अपराधियों से कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए. आदतन अपराधियों से कानून के मुताबिक निपटा जाना चाहिए. वे छात्रों को निशाना बनाने के लिए उन्हीं आदतन अपराधियों का इस्तेमाल कर रहे हैं. बिहार के लोगों ने दिल्ली में कुछ नहीं किया. मुंबई के लोगों ने दिल्ली में कुछ नहीं किया. छात्रों को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही है, और ऐसा उन्हें डराने के लिए किया जा रहा है ताकि वे प्रशासन से सवाल पूछने या दोबारा विरोध प्रदर्शन करने की हिम्मत न करें. अभिजीत दिपके, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों ने रखी अपनी बात कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने यह बयान घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों की ओर से उठाए गए सवालों के जवाब में दिया. सीजेपी के चलो संसद मार्च के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के चार जवानों के परिवारों ने शुक्रवार (31 जुलाई) को मांग की है कि संसद में पुलिसकर्मियों की पीड़ा पर भी चर्चा होनी चाहिए. परिवारों का कहना है कि अब तक हुई चर्चा मुख्य रूप से पुलिस कार्रवाई तक सीमित रही है, जबकि ड्यूटी के दौरान घायल हुए जवानों और उनके परिवारों की परेशानियों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए. परिजनों ने सुनाई हिंसा के दौरान की आपबीती कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में घायल पुलिस अधिकारियों के परिजनों ने घटना के दौरान के हालात बताए. इनमें एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) की पत्नी, एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) की पत्नी और दो घायल पुलिसकर्मियों के शिशु शामिल थे. परिजनों ने बताया कि उन्हें अस्पतालों से आने वाले फोन का इंतजार करना पड़ा और उन्होंने अपने परिजनों को घायल हालत में घर लौटते देखा. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी के पीछे उसका पूरा परिवार होता है, जिसकी पीड़ा को भी समझा जाना चाहिए. ACP की पत्नी ने बताई घटना की भयावहता ACP की पत्नी उपनीत कौर ने अपने पति के घायल होकर घर लौटने की बात शेयर करते हुए कहा कि वह रात उनके और उनकी दो साल की बेटी के लिए बेहद मुश्किल भरी थी. उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से कई बार शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन इसके बावजूद भीड़ की ओर से बोतलें, पत्थर, चप्पलें समेत कई और वस्तुएं फेंकी गईं. पीड़ित परिजनों ने कहा- हर वर्दी के पीछे एक परिवार होता है उपनीत कौर ने कहा कि हर पुलिस वर्दी के पीछे सिर्फ एक अधिकारी नहीं होता, बल्कि उसके साथ उसका परिवार भी जुड़ा होता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि ड्यूटी के दौरान घायल होने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की स्थिति को भी समझा जाए. Also Read: अंकित शर्मा हत्याकांड: AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद और 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा The post CJP मार्च विवाद: हिंसा को लेकर अभिजीत दिपके का आरोप, कहा- BJP के लोगों ने खराब किया माहौल appeared first on Naya Vichar.

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Samsung का नया 5G फोन 3 अगस्त को होगा लॉन्च, कीमत और फीचर्स पहले ही आए सामने

अगर आप नया Samsung स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार कर लीजिए. कंपनी अगस्त के पहले हफ्ते में हिंदुस्तान में Samsung Galaxy F70 Pro 5G लॉन्च करने जा रही है. लॉन्च से पहले ही फोन की कीमत, RAM और स्टोरेज ऑप्शन, कलर वेरिएंट, फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स से जुड़ी कई  डिटेल्स सामने आ गई हैं. यह फोन 50MP के मेन कैमरे के साथ ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप से लैस होगा. वहीं, इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट वाला AMOLED डिस्प्ले मिलेगा. आइए एक-एक कर जानते हैं इस फोन के बाकी के फीचर्स और कीमत. Samsung Galaxy F70 Pro 5G: लॉन्च डेट और कीमत कंपनी ने कन्फर्म किया है कि यह स्मार्टफोन हिंदुस्तान में 3 अगस्त को लॉन्च होगा. लॉन्च से पहले इसकी कीमतों का भी खुलासा हो गया है. फोन के 6GB रैम + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की शुरुआती कीमत 25,999 रुपये होगी. वहीं, 8GB रैम + 128GB स्टोरेज मॉडल 29,999 रुपये में मिलेगा. वहीं 8GB रैम + 256GB स्टोरेज वाले टॉप वेरिएंट की कीमत 34,999 रुपये रखी गई है. हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि ये फोन की रिटेल कीमतें हैं. लॉन्च के समय कस्टमर्स को कुछ स्पेशल ऑफर्स भी मिलेंगे, जिससे फोन को कम कीमत में खरीदने का मौका मिल सकता है. Samsung Galaxy F70 Pro 5G की बिक्री Samsung India के ऑनलाइन स्टोर और Flipkart पर होगी. यह स्मार्टफोन Alpha Black और Aura Green जैसे दो कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगा. Samsung Galaxy F70 Pro 5G: फीचर्स Samsung Galaxy F70 Pro 5G में फ्लैट फुल-HD+ Super AMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आएगा. स्क्रीन की सेफ्टी के लिए इसमें Corning Gorilla Glass Victus+ का प्रोटेक्शन भी दिया गया है.  परफॉर्मेंस के लिए फोन में Qualcomm का Snapdragon प्रोसेसर मिलेगा. हालांकि कंपनी ने अभी चिपसेट का नाम नहीं बताया है. इसके साथ LPDDR5x रैम और UFS 3.1 स्टोरेज मिलने की भी कन्फर्मेशन हो चुकी है.  फोटोग्राफी के लिए फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया जाएगा, जिसका मेन कैमरा 50MP का होगा और इसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) का सपोर्ट भी मिलेगा. फोन के रियर पैनल पर 2MP मैक्रो सेंसर और 5MP अल्ट्रावाइड कैमरा मिलेगा. इसके साथ LED फ्लैश भी दिया जाएगा.  सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में HDR सेल्फी कैमरा मिलेगा. अच्छी बात यह है कि इससे 4K वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा सकेगी. फोन में बड़ी 6,000mAh की बैटरी दी जाएगी, जो 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी. ये भी पढ़ें: Lava ने शुरू की Virat V1 5G और Virat V1 4G की पहली सेल, Flipkart पर मिल रहे हैं दोनों फोन सस्ते में The post Samsung का नया 5G फोन 3 अगस्त को होगा लॉन्च, कीमत और फीचर्स पहले ही आए सामने appeared first on Naya Vichar.

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कैबिनेट का फैसला: PM-KISAN योजना को मिला 2030-31 तक का विस्तार, 3.15 लाख करोड़ रुपये होंगे खर्च

PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार (31 जुलाई) को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को आगे जारी रखने का फैसला लिया गया. प्रशासन ने इस योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है. इस अवधि के लिए योजना के तहत कुल 3.15 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन को स्वीकृति दी गई है. किसानों को हर साल मिलती है 6 हजार रुपये की सहायता कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि PM-KISAN प्रशासन की प्रमुख योजनाओं में से एक है. इसके तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह राशि तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है. उन्होंने कहा कि यह सहायता किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है. DBT के जरिए सीधे किसानों के खाते में पहुंचती है राशि PM-KISAN योजना में किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसा ट्रांसफर किया जाता है. आधार प्रमाणीकरण, डिजिटल सत्यापन और पारदर्शी प्रक्रिया के कारण योजना को प्रभावी और भरोसेमंद बनाया गया है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना के प्रभाव को लेकर किए गए अध्ययनों में सामने आया है कि लगभग 85 प्रतिशत किसानों ने इस सहायता के कारण अपनी ऋण निर्भरता कम की है. 2019 में शुरू हुई थी PM-KISAN योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी. इसका उद्देश्य भूमिधारक किसान परिवारों को खेती से जुड़ी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता देना है. योजना के तहत अब तक 23 किस्तों में किसानों के बैंक खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है. 23वीं किस्त के तहत 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला और 18,984 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जारी की गई. PM-KISAN योजना की प्रमुख बातें योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी. पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. राशि तीन किस्तों में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है. योजना का लाभ देशभर के करोड़ों किसान परिवारों को मिल रहा है. आधार प्रमाणीकरण और डिजिटल सत्यापन के जरिए योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है. DBT के जरिए सीधे खाते में पहुंचती है राशि कोरोना काल में भी किसानों को मिला सहारा कोरोना (Covid-19) महामारी के दौरान किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए PM-KISAN योजना के तहत 1.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई. स्त्री किसानों को भी मिला लाभ PM-KISAN योजना के तहत स्त्री किसानों को भी बड़ी संख्या में लाभ मिला है. योजना के अंतर्गत स्त्री किसानों को 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है. लाभार्थियों में करीब हर चार में से एक स्त्री किसान शामिल है. कृषि निवेश और उत्पादन बढ़ाने में मददगार बनी योजना प्रशासन के अनुसार, PM-KISAN के माध्यम से किसानों को बीज, खाद, सिंचाई, कृषि मशीनरी और अन्य जरूरतों में समय पर निवेश करने में मदद मिली है. इससे किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ी है और कर्ज पर उनकी निर्भरता कम हुई है. नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) के अनुसार, 92 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने सहायता राशि का इस्तेमाल कृषि कार्य और निवेश के लिए किया है. कृषि क्षेत्र को मिला सकारात्मक प्रभाव मूल्यांकन के मुताबिक साल 2020-21 से 2025-26 के बीच खाद्यान्न उत्पादन में काफी इजाफा दर्ज किया गया. कृषि क्षेत्र में करीब 9.65 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. कृषि उत्पादकता में करीब 10.53 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई. कुल खाद्यान्न उत्पादन में करीब 21.18 प्रतिशत वृद्धि. डिजिटल इंडिया का सफल उदाहरण बनी PM-KISAN PM-KISAN योजना को डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल का एक सफल उदाहरण माना जा रहा है. आधार आधारित प्रमाणीकरण, डिजिटल लाभार्थी सत्यापन और DBT प्रणाली के जरिए सहायता सीधे किसानों तक पहुंच रही है. प्रशासन का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और खेती में निवेश की क्षमता को भी मजबूत कर रही है. Also Read: क्या पीएम मोदी जाएंगे पाकिस्तान? 2027 SCO Summit के लिए इस्लामाबाद देगा न्योता The post कैबिनेट का फैसला: PM-KISAN योजना को मिला 2030-31 तक का विस्तार, 3.15 लाख करोड़ रुपये होंगे खर्च appeared first on Naya Vichar.

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UP विधानसभा 2027: 45 सीटों पर चंद्रशेखर की पहली चुनावी चाल, SC-OBC-मुस्लिम कार्ड से बढ़ाई सियासी हलचल

UP Politics: प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद ने संगठन विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. पार्टी ने प्रदेश की 45 विधानसभा सीटों के लिए प्रभारियों की पहली सूची जारी कर दी है. इस सूची में सामाजिक संतुलन पर विशेष जोर दिया गया है. सामाजिक समीकरण पर खास फोकस जारी सूची के अनुसार, पार्टी ने 18 अनुसूचित जाति (SC), 17 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और 9 मुस्लिम समुदाय से आने वाले नेताओं को विधानसभा प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है. एक अन्य प्रभारी सामान्य वर्ग से है. इससे साफ संकेत मिलते हैं कि पार्टी सामाजिक प्रतिनिधित्व को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही है. 2027 की तैयारी में जुटी ASP चंद्रशेखर आजाद लगातार प्रदेशभर में संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं. विधानसभा स्तर पर प्रभारियों की नियुक्ति को बूथ और संगठन के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है. पार्टी का लक्ष्य 2027 के चुनाव से पहले हर विधानसभा क्षेत्र में अपनी सक्रिय मौजूदगी दर्ज कराना है. सियासी संदेश भी स्पष्ट नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि पहली सूची के जरिए आजाद समाज पार्टी ने दलित, पिछड़ा और मुस्लिम वोट बैंक को साधने का संदेश देने की कोशिश की है. आने वाले दिनों में पार्टी की ओर से और भी विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रभारियों की घोषणा की जा सकती है. चुनावी मुकाबला होगा दिलचस्प उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं. ऐसे में आजाद समाज पार्टी की यह पहल प्रदेश की सियासत में नई चर्चा का विषय बन गई है. यह भी पढ़ें: योगी जी पहले इतिहास पढ़ लें, आप नेता संजय सिंह का दावा- श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिन्ना के साथ चलाते थे प्रशासन The post UP विधानसभा 2027: 45 सीटों पर चंद्रशेखर की पहली चुनावी चाल, SC-OBC-मुस्लिम कार्ड से बढ़ाई सियासी हलचल appeared first on Naya Vichar.

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ऑनलाइन मोड में शुरू होंगे 1 साल के PG प्रोग्राम, UGC का नोटिस जारी

UGC Notice: यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने छात्रों के लिए एक अहम फैसला लिया है. UGC ने 28 जुलाई 2026 को जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि अब योग्य हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन (HEIs) ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) और ऑनलाइन मोड के जरिए भी एक साल का पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम शुरू कर सकेंगे. यह व्यवस्था नेशनल एजुकेशन पॅालिसि (NEP) 2020 के तहत लागू की गई है. इससे उन छात्रों को फायदा मिलेगा जिन्होंने चार वर्षीय ऑनर्स बैचलर डिग्री पूरी की है और आगे की पढ़ाई कम समय में पूरी करना चाहते हैं. किन छात्रों को मिलेगा इसका लाभ? UGC के अनुसार यह एक साल का पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम सिर्फ उन्हीं छात्रों के लिए होगा जिन्होंने नियमित रूप से चार वर्षीय बैचलर डिग्री विद ऑनर्स पूरी की है. अब हर छात्र इस कोर्स में दाखिला नहीं ले सकेगा. प्रवेश के लिए संबंधित कोर्स की एलिजिबिलिटी भी पूरी करनी होगी. ये भी पढ़ें: NEP 2020 विकसित हिंदुस्तान@2047 की मजबूत आधारशिला, IIIT रांची में आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन कौन से संस्थान शुरू कर सकेंगे यह कोर्स? UGC ने साफ किया है कि केवल वही उच्च शिक्षण संस्थान इस एक वर्षीय पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम को शुरू कर सकेंगे, जिन्हें पहले से ODL या ऑनलाइन मोड में दो वर्षीय पोस्टग्रेजुएट कोर्स चलाने की मंजूरी मिली हुई है. इसके अलावा संस्थान को UGC के सभी नियमों, रेगुलेशन और संबंधित रेगुलेटरी बॅाडीज के नियमों का पालन करना होगा. Rules to be Followed: इन नियमों का करना होगा पालन सर्कुलर के मुताबिक एक वर्षीय पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम (PG Program) पूरी तरह NEP 2020 और UGC के नियमों के मुताबिक होना चाहिए. संस्थान को निर्धारित क्रेडिट सिस्टम, पाठ्यक्रम, स्टडी मेटेरियल, इवैलुएशन प्रोसेस और अन्य एकेडमिक स्टैंडर्ड का पालन करना होगा. MBA, MCA जैसे कोर्स के लिए अलग एलिजिबिटि UGC ने यह भी स्पष्ट किया है कि MBA, MCA, PGDM और ऐसे अन्य प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश के लिए संबंधित इंस्टीट्यूट द्वारा तय एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया लागू रहेंगी. एक वर्षीय पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम की सुविधा मिलने के बावजूद इन कोर्सों में दाखिले के नियम पहले की तरह ही रहेंगे. छात्रों को आवेदन से पहले संबंधित विश्वविद्यालय और कोर्स की एलिजिबिटि देख लेनी होगी. ये भी पढ़ें: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के छह साल: सीयूएसबी कुलपति बोले- उच्च शिक्षा को मिली नई दिशा The post ऑनलाइन मोड में शुरू होंगे 1 साल के PG प्रोग्राम, UGC का नोटिस जारी appeared first on Naya Vichar.

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क्या भारत में गाली देने पर हो सकती है जेल? नोएडा में दर्ज केस के बहाने समझिए पूरा कानून

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में 25 वर्षीय एक युवती के खिलाफ नोएडा पुलिस ने FIR दर्ज की है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर इस सवाल को लेकर चर्चा की जा रही है कि क्या हिंदुस्तान में किसी को गाली देने या किसी नेता के खिलाफ अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने पर जेल हो सकती है? कई यूजर इसको लेकर कानून के बारे में भी जानना चाह रहे हैं. पहले समझिए नोएडा में क्यों दर्ज हुआ केस? मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के आरोप में नोएडा पुलिस ने एक युवती के खिलाफ जीरो FIR दर्ज किया है. यानी कानून सिर्फ शब्द नहीं देखता, बल्कि यह भी देखता है कि वे किस संदर्भ में बोले गए, उनका उद्देश्य क्या था और उनका असर क्या पड़ा. यदि कोई मामला अदालत तक पहुंचता है, तो न्यायालय कई पहलुओं पर विचार करता है. जैसे बयान किस परिस्थिति में दिया गया? उसका उद्देश्य क्या था? क्या उससे किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को वास्तविक नुकसान पहुंचा? क्या उससे सार्वजनिक शांति भंग होने की संभावना थी? क्या बयान संविधान द्वारा संरक्षित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आता है? इन सभी तथ्यों के आधार पर ही तय होता है कि मामला आपराधिक अपराध बनता है या नहीं. कुल मिलाकर ऐसे मामलों में कार्रवाई इस बात पर निर्भर करती है कि कथित बयान का संदर्भ क्या था, उसका उद्देश्य क्या था, उससे सार्वजनिक व्यवस्था या किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा पर क्या प्रभाव पड़ा और संबंधित कानून की सभी आवश्यक शर्तें पूरी होती हैं या नहीं. अंतिम निर्णय हमेशा अदालत ही करती है. इसलिए, अश्लीलता और गाली से संंबंधित सवाल का जवाब ‘हां’ या ‘नहीं’ में नहीं दिया जा सकता. क्योंकि हिंदुस्तानीय कानून हर अपमानजनक शब्द को अपराध नहीं मानता. यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह टिप्पणी किस परिस्थिति में की गई, उसका उद्देश्य क्या था और उससे क्या परिणाम निकल सकते थे. The post क्या हिंदुस्तान में गाली देने पर हो सकती है जेल? नोएडा में दर्ज केस के बहाने समझिए पूरा कानून appeared first on Naya Vichar.

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स्पेन की सीमा पर माइग्रेंट सुनामी! 18 मौत के बाद सेना तैनात, यूरोप में मचा हड़कंप

यूरोप और अफ्रीका की सीमा पर स्थित स्पेन के स्वायत्त क्षेत्र सेउटा (Ceuta) और मेलिला (Melilla) में बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं.टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, सीमा पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रवासियों के बीच हुई झड़प कम से कम 18 प्रवासियों की मौत हो गई. कई लोग समुद्र के रास्ते तैरकर और कई ऊंची बाड़ पार कर स्पेन पहुंचने की कोशिश कर रहे थे. इस दौरान अफरा-तफरी मच गई और राहत एजेंसियों पर भी भारी दबाव पड़ गया. स्पेन के अफ्रीकी क्षेत्र स्यूटा में हजारों प्रवासी मोरक्को से सीमा पार कर पहुंचे. कई प्रवासी समुद्र तैरकर और बॉर्डर फेंस पार कर स्पेन में दाखिल हुए. हालात बिगड़ने पर स्पेन प्रशासन ने सेना और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया. सीमा पार करने के दौरान कई लोगों की मौत की भी समाचार सामने आई है. मेलिला बॉर्डर पर भी प्रवासियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव बढ़ गया. सेउटा के मेयर ने हालात को गंभीर बताते हुए आपातकाल जैसे कदम उठाने की मांग की. स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने का फैसला किया है. स्पेन का कहना है कि मानव तस्कर नए कानूनी नियमों का फायदा उठाकर प्रवासियों को सीमा पार करा रहे हैं. मोरक्को और स्पेन के बीच स्यूटा और मेलिला को लेकर पहले से ही नेतृत्वक और कूटनीतिक विवाद चलता रहा है. इस घटनाक्रम ने यूरोप में अवैध प्रवास और सीमा सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है. सेना संभालेगी सुरक्षा की कमान हालात पर काबू पाने के लिए स्पेन ने सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को सेउटा भेजा है. प्रशासन का कहना है कि स्थानीय प्रशासन के संसाधन जवाब देने की स्थिति में नहीं थे. वहीं, स्पेन और मोरक्को दोनों देशों के अधिकारी सीमा पर नियंत्रण और अवैध घुसपैठ रोकने के लिए संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं. सेउटा संकट केवल स्पेन की नहीं, बल्कि पूरे यूरोप की सेउटा संकट केवल स्पेन की समस्या नहीं, बल्कि पूरे यूरोपीय संघ के लिए चुनौती बन सकता है. साल 2021 के बाद यह सेउटा में सबसे गंभीर प्रवासी संकटों में से एक माना जा रहा है, जिस पर यूरोपीय देशों की नजर बनी हुई है. यह भी पढ़ें- पाकिस्तान : बलूचिस्तान के कोयला खदान में विस्फोट, 32 की मौत; 5-5 लाख मुआवजे की घोषणा The post स्पेन की सीमा पर माइग्रेंट सुनामी! 18 मौत के बाद सेना तैनात, यूरोप में मचा हड़कंप appeared first on Naya Vichar.

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