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Author name: Vinod Jha

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खेल में भारत की ताकत का पर्याय है आइपीएल, पढ़ें अभिषेक दुबे का आलेख

IPL: हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स के विराट आयोजनों में से एक आइपीएल, 2026 की शुरुआत होना हो चुकी है. आने वाले दो महीनों में क्रिकेट के इस सबसे बड़े आयोजन में खिलाड़ी जहां एक दूसरे से टकरायेंगे, वहीं दर्शक मैदानों में और टेलीविजन सेट्स के सामने मनोरंजन से लबरेज रहेंगे. ऐसे ही, इन दो महीनों में हिंदुस्तानीय क्रिकेट, कोच और चयनकर्ता किसी नये धोनी, बुमराह, सूर्य और रोहित की तलाश में जुट जायेंगे. एआइ यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक ग्लोबल ऑर्डर के मौजूदा दौर में एक बेहद प्रासंगिक सवाल यह उठता है कि स्वतंत्र हिंदुस्तान का सबसे नायाब और कामयाब वैश्विक टैंपलेट यानी खाका क्या है. इस देश के कामयाब टैंपलेट कई हो सकते हैं. लेकिन जिसकी चर्चा सबसे स्वाभाविक है, वह है इंडियन प्रीमियर लीग. अगर थोड़ा पीछे जायें, तो स्पष्ट होगा कि हिंदुस्तान 2007 में टी-20 विश्व कप चैंपियन बना और उसके एक साल बाद 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग यानी आइपीएल की नीव रखी गयी. यह अद्भुत संयोग है कि इस साल हिंदुस्तान जब तीसरी बार टी-20 विश्व कप का चैंपियन बना है, तब इंडियन प्रीमियर लीग दुनिया का सबसे अमीर, सबसे असरदार और जबरदस्त क्रिकेट लीग के रूप में सामने है. आइपीएल ने लगभग बीस वर्षों में हिंदुस्तानीय क्रिकेट को वह मजबूती दी है, जिसका दुनियाभर में डंका बज रहा है. सवाल यह है कि वह क्या अहम बात है, जिसने आइपीएल को वैश्विक स्तर पर इतना ताकतवर स्पोर्ट्स लीग बना दिया है. इंडियन प्रीमियर लीग के बेंगलुरु फ्रेंचाइजी को विजय माल्या की कंपनी ने जब 450 करोड़ रुपये में खरीदा था, तब जानकारों ने इसे पागलपन बताया था. लेकिन अट्ठारह साल बाद जब इसी टीम को आदित्य बिरला ग्रुप, द टाइम्स ऑफ इंडिया, ब्लैकस्टोन और बोल्ड वेंचर्स की समूह ने 1.78 अरब डॉलर यानी लगभग 16,706 करोड़ रुपये में खरीदा, तो किसी को हैरानी नहीं हुई. ठीक इसी तरह से राजस्थान रॉयल्स की फ्रेंचाइजी को अमेरिकी कारोबारी काल सोमानी के समूह ने इसी महीने 1.63 अरब डॉलर यानी लगभग 15,290 करोड़ रुपये में खरीदा है. इन दो टीमों की जबरदस्त छलांग के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि आइपीएल की शेष टीमों का मौजूदा वैल्यू और इंडियन प्रीमियर लीग का ब्रांड वैल्यू कहां तक पहुंच चुका है. गौर करने की बात यह भी है कि आइपीएल की इन दो टीमों की रिकॉर्ड खरीदारी तब हुई है, जब युद्ध और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण दुनियाभर में आर्थिक संकट की आशंका बढ़ी है. जाहिर है कि इंडियन प्रीमियर लीग की जबरदस्त कीमत ने हिंदुस्तानीय क्रिकेट को आज शिखर पर पहुंचा दिया है. हिंदुस्तानीय क्रिकेट के मौजूदा खिलाड़ी विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, संजू सैम्सन, अभिषेक शर्मा ग्लोबल क्रिकेट रॉकस्टार हैं. हिंदुस्तान टी-20 क्रिकेट का बादशाह है और दुनिया के बड़े क्रिकेट दिग्गजों का यह मानना है कि आज हिंदुस्तानीय क्रिकेट इतनी मजबूत स्थिति में है कि वह विश्व स्तर की कम से कम तीन टी-20 टीमें मैदान में उतार सकता है. हिंदुस्तान के टैलेंट पूल की स्थिति यह है कि रणजी से लेकर दिलीप ट्रॉफी स्पोर्ट्सने वाले और अंडर-19 से लेकर जूनियर क्रिकेटर तक-हर किसी का भविष्य सुरक्षित है. हिंदुस्तान के पास क्रिकेट के आधुनिकतम स्टेडियम, अकादमी, कोच और सपोर्ट स्टाफ हैं. ऐसे ही, गुजरात के अहमदाबाद में स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम से लेकर बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तक-हर तरफ क्रिकेट में वैश्विक सुविधाओं का डंका बज रहा है. मौका सिर्फ युवा क्रिकेटरों को ही नहीं मिल रहा है, पूर्व क्रिकेटरों के सामने भी कमेंटरी से लेकर कोचिंग तक जबरदस्त अवसर हैं. बीते दौर के क्रिकेटरों को पेंशन के तौर पर बड़ी धनराशि मिलती है, जिससे कि वे अपना जीवन सम्मान और गरिमा के साथ गुजार सकते हैं. उतना ही महत्वपूर्ण यह है कि हिंदुस्तानीय फ्रेंचाइजी मालिक अन्य क्रिकेट लीगों में भी बड़े हिस्सेदार बन चुके हैं. इसका सुखद परिणाम यह हुआ है कि विश्व क्रिकेट में हिंदुस्तान की आज वह मजबूत पकड़ बन चुकी है, जो एक जमाने में इंग्लैंड की थी. इससे हालांकि नयी चुनौतियां भी सामने आयी हैं. हिंदुस्तानीय टीम के मौजूदा क्रिकेटर के अन्य लीगों में भाग न लेने से कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं. हिंदुस्तानीय उद्योगपतियों ने दुनिया की अन्य लीगों में बड़ी हिस्सेदारी ले रखी हैं और वे भी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की तरह अपने टीम का वैल्युएशन बढ़ता देखना चाहते हैं. और यह तभी हो सकता है, जब हिंदुस्तानीय रॉकस्टार दुनिया की दूसरी लीगों में भी जाकर स्पोर्ट्सें.ऐसे ही, आइपीएल में दुनियाभर के खिलाड़ियों के स्पोर्ट्सने का नतीजा यह दिख रहा है कि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी हिंदुस्तानीय विकेट पर स्पिन के खिलाफ अब बेहतर स्पोर्ट्सने लगे हैं, जो टीम इंडिया के लिए बहुत अच्छी स्थिति नहीं है. ऐसे में सवाल यह भी उठने लगा है कि क्या आइपीएल में अधिक से अधिक विदेशी खिलाड़ियों को शामिल करने की परंपरा आने वाले समय में बरकरार रहेगी. लेकिन सच्चाई यही है कि हिंदुस्तानीय क्रिकेट आज अगर इतनी मजबूत स्थिति में है, तो इसमें आइपीएल का योगदान सबसे अधिक है. (ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post स्पोर्ट्स में हिंदुस्तान की ताकत का पर्याय है आइपीएल, पढ़ें अभिषेक दुबे का आलेख appeared first on Naya Vichar.

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साबूदाना खिचड़ी से हो गए हैं बोर? शेफ कुणाल कपूर स्टाइल में बनाएं क्रिस्पी साबूदाना आलू पराठा

Sabudana Aloo Paratha: अगर आप सुबह के नाश्ते में कुछ ऐसा खाना चाहते हैं जो सिर्फ टेस्टी न हो बल्कि हेल्दी और जल्दी से बनकर तैयार भी हो जाए, तो शेफ कुणाल कपूर की स्पेशल साबूदाना आलू पराठा एक जबरदस्त ऑप्शन है. इस डिश की सबसे खास बात है कि इसका स्वाद सिर्फ बड़ों को ही नहीं बल्कि छोटे बच्चों को भी काफी पसंद आता है. आप अगर चाहें तो इस मजेदार डिश को व्रत या फिर उपवास के दौरान भी बिना किसी टेंशन के खा सकते हैं. तो चलिए जानते हैं इंस्टेंट बनने वाले इस पराठे को बनाने की आसान रेसिपी. साबूदाना आलू पराठा बनाने की सामग्री साबूदाना – आधा कप + 3 टेबलस्पून पानी – एक और एक चौथाई कप उबले और मैश किए हुए आलू – 1 कप सेंधा नमक – स्वाद अनुसार भुना जीरा – डेढ़ टीस्पून बारीक कटी हुई हरी मिर्च – 1 भुने हुए मूंगफली – 3 टेबलस्पून बारीक कुटी हुई हरा धनिया – एक मुट्ठी, ऑप्शनल बटर पेपर या प्लास्टिक शीट – 2 ऑयल – हल्की ग्रीसिंग के लिए घी – पराठा सेंकने के लिए यह भी पढ़ें: बाहर से क्रिस्पी लेकिन अंदर से सॉफ्ट, गाजर और ओट्स से बनाएं परफेक्ट इवनिंग स्नैक साबूदाना आलू पराठा बनाने की रेसिपी साबूदाना आलू पराठा बनाने के लिए सबसे पहले आधे कप साबूदाना को पानी में अच्छे से धोकर एक बर्तन में डालें. फिर इसमें 1 और एक चौथाई कप पानी डालें और इसे 4 घंटे के लिए भिगोकर रख दें. इसके बाद बाकी के 3 टेबलस्पून साबूदाना को मिक्सर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें. यह पाउडर आगे इस्तेमाल होगा. चार घंटे बाद, अगर साबूदाना को दबाएं तो वह आसानी से मैश हो जाए. अब इसे एक बड़ी प्लेट में निकालें. इसमें उबले और मैश किए आलू, सेंधा नमक, भुना जीरा, हरी मिर्च, साबूदाना पाउडर, कुटी हुई मूंगफली और हरा धनिया डालें. आप अगर इसे व्रत के लिए नहीं बना रहे हैं, तो साधारण नमक भी डाल सकते हैं. इसके बाद सभी सामग्री को अच्छे से मिलाकर एक बड़ा आटा तैयार करें. हाथों को धोकर हल्का तेल लगाकर छोटे-छोटे गोले बनाएं. इस रेसिपी से लगभग 6 पराठे बनेंगे. अब किचन काउंटर पर बटर पेपर या प्लास्टिक शीट रखें और हल्का तेल लगाएं. एक डो का गोला बीच में रखें और हल्के हाथों से दबाकर फैलाएं. किनारे अगर टूटने लगें तो बाहर से अंदर की ओर दबा कर सही करें. इसके बाद पराठे को लगभग 6 इंच डायमीटर तक फैलाएं. फिर हल्के तेल से ग्रीस करें और बटर पेपर को उल्टा करके गरम तवा पर रखें. पेपर हटाएं और पराठा सेंकना शुरू करें. ऊपर से थोड़ा घी या तेल डालें और ध्यान से पलटें. एक तरफ से अच्छे से सेंकने के बाद धीरे से पलटें ताकि पराठा टूटे नहीं. दोनों तरफ से गोल्डन और क्रिस्पी होने पर निकालें. व्रत स्पेशल साबूदाना आलू पराठा दही के साथ परोसें. बाकी के पराठे भी इसी तरह तैयार करें. यह भी पढ़ें: बिना मैदा मिनटों में बनाएं तीखे और क्रिस्पी राइस फ्लोर चिली क्रैकर्स, ये है आसान रेसिपी The post साबूदाना खिचड़ी से हो गए हैं बोर? शेफ कुणाल कपूर स्टाइल में बनाएं क्रिस्पी साबूदाना आलू पराठा appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल की नयी सरकार से उम्मीदें बहुत हैं, पढ़ें संजीव राय का आलेख

संजीव राय, नेपाल मामलों के जानकार Nepal Government: बालेंद्र शाह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गये हैं. विगत आठ सितंबर से पहले उन्हें नेपाल से बाहर कम लोग जानते थे. वर्ष 2012 में अपने पहले म्यूजिक एलबम से चर्चा में आये बालेंद्र शाह ने दस साल में अपनी छवि नेतृत्व में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में आक्रोश को स्वर देने वाले रैप गायक की बनायी. उनके तेवर नेपाली स्वाभिमान जगाने वाले थे, जिसमें नेपाल को अंतरराष्ट्रीय दबाव से मुक्त कर एक सशक्त देश बनाने की आकांक्षा शामिल थी. यह सब तब हो रहा था, जब नेपाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों के लंबे संघर्ष के बाद नेपाल से 2008 में राजशाही विदा हो चुकी थी. आम जनता को उम्मीद थी कि 2015 के नये संविधान और प्रतिनिधि सभा के लिए चुनाव के रास्ते मुख्यधारा के नेतृत्वक दल एक समृद्ध नेपाल बनाने के सपने को जमीन पर उतारने में सफल होंगे. पर ऐसा कुछ हुआ नहीं. वर्ष 2017 से 2025 के बीच गठबंधन प्रशासनों में सत्ता की अदला-बदली का स्पोर्ट्स शेर बहादुर देउबा, केपी शर्मा ओली और पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ के बीच चलता रहा. ये तीनों पूर्व प्रधानमंत्री 2025 तक सत्तर की उम्र पार कर चुके थे और सत्ता के लोभ में इनके दलों की विचारधारा और सिद्धांत पीछे छूट रहे थे. अस्थायी प्रशासनों के उस दौर में नेपाल में बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक असमानता बढ़ती गयी. नेताओं पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के गहरे आरोप लगे. इसी बीच 2022 में बालेंद्र शाह ने जब युवाओं का आह्वान करते हुए, स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में मुख्य नेतृत्वक दलों को दरकिनार कर काठमांडू में मेयर का चुनाव जीता और राजधानी में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए कुछ ठोस कदम उठाये, तो उनका नेतृत्वक कद बढ़ गया. उन्होंने खुद को पुरानी पीढ़ी के राजनेताओं के विकल्प के रूप में पेश किया. वर्ष 2022 में ही लोकप्रिय टीवी एंकर रवि लामिछाने ने कुछ उच्च शिक्षित युवाओं के साथ आरएसपी यानी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की स्थापना की और नेतृत्वक चेहरे के रूप में उभरे. देश के युवा सोशल मीडिया पर भ्रष्ट नेतृत्वक दलों और नेताओं के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार कर रहे थे. युवाओं के बढ़ते आक्रोश को रोकने के लिए सितंबर, 2025 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री केपीशर्मा ओली ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया, तो क्षुब्ध युवा सड़क पर उतर गये, प्रशासन को घुटने टेकने पड़े, प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा और देश को आम चुनाव में जाना पड़ा. सोशल मीडिया ने ही बालेंद्र शाह और सौदान गुरुंग जैसे युवाओं को सत्ता तक पहुंचाया है. इस महीने हुए चुनाव में बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद तक भी सोशल मीडिया ने ही पहुंचाया है. बालेंद्र शाह को सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाने के पीछे युवाओं के लिए रोजगार सृजन, देश की आर्थिक उन्नति और भ्रष्टाचार के खात्मे जैसे वादों की लंबी सूची है. चुनाव में आरएसपी की जीत और नेपाल की पारंपरिक पार्टियों की हार के बीच ‘माध्यम’, ‘सोच’ और ‘नेतृत्वकर्ता’ का फर्क साफ है. पर प्रशासन की आलोचना करने और प्रशासन चलाने में फर्क होता है. चुनाव में दो तिहाई बहुमत हासिल करने वाली नयी प्रशासन से उम्मीदें बहुत हैं और नेताओं पर अपने किये गये वादे पूरा करने का दबाव भी है. लाखों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है, तो असंख्य लोग आर्थिक अवसर पाते ही देश में लौटना चाहते हैं. पर युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच क्या नेपाल आर्थिक उन्नति का कोई नया मॉडल दिखा सकता है? आर्थिक समृद्धि के लिए दूसरे देशों के साथ नेपाल के रिश्तों और व्यापार की शर्तों की अहम भूमिका होगी. अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते बालेंद्र शाह की प्रशासन को अतिरिक्त संकट का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि नेपाल की बड़ी आबादी खाड़ी देशों में काम करती है और नेपाल की जीडीपी में खाड़ी देशों से आने वाले रेमिटेंस की हिस्सेदारी करीब तीस फीसदी है. अंतरराष्ट्रीय मंच पर उभार के साथ यह भी संभव है कि बालेंद्र शाह पड़ोसी देशों के साथ कुछ मुद्दों पर अब अलग स्टैंड लें. नेपाल के साथ ऐतिहासिक संबंधों के चलते हिंदुस्तान प्रशासन काठमांडू के साथ सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभालने पर बालेंद्र शाह को न सिर्फ बधाई दी है, बल्कि दोनों देशों के बीच बेहतर रिश्तों की उम्मीद भी जताई है. हिंदुस्तान-नेपाल के बीच खुली सीमा के साथ नेपाल में एक मजबूत प्रशासन बनने से सीमा के आर-पार अपराध, तस्करी और अवैध कारोबार को रोकने में मदद मिलेगी. हिंदुस्तान और नेपाल बिजली उत्पादन, कृषि ,शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा सकते हैं. अपने शपथ ग्रहण समारोह में बालंद्र शाह ने जिस तरह हिंदू और बौद्ध परंपरा के मंत्रोचार और शंखनाद को शामिल किया है, उससे स्पष्ट है कि वह नेपाल की मध्यमार्गी नेतृत्व के साथ अपना विस्तार करना चाहते हैं. प्रधानमंत्री के रूप में बालेंद्र शाह की भूमिका और पड़ोसी देशों के साथ उनकी प्रशासन के रिश्तों का मूल्यांकन तो आने वाला समय बतायेगा, लेकिन घरेलू नेतृत्व भी उनके लिए चुनौतियों से भरी है. आरएसपी के प्रमुख रवि लामिछाने के साथ तालमेल बिठाने के साथ उन पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने का दबाव भी उन पर होगा. जेन जी आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित आयोग की रिपोर्ट पर नयी प्रशासन क्या कार्रवाई करती है, यह देखना होगा, लेकिन प्रशासन गठन के अगले ही दिन पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी से नयी प्रशासन पर सवाल उठने शुरू हो गये हैं और विपक्षी नेतृत्वक पार्टियां इसे बदले की भावना से की गयी कार्रवाई बता रही हैं. ऐसे में, प्रशासन के खिलाफ संसद से सड़क तक नेतृत्वक आंदोलन होने की आशंका भी बढ़ गयी है. ऐसे में, सोशल मीडिया पर सक्रिय युवाओं को धैर्य के साथ देखना होगा कि पार्टी और प्रशासन के बीच तालमेल कैसे बैठता है तथा पार्टी कैसे एकजुट रहती है. नेपाल के सभी इलाकों के लोगों को सेना, पुलिस और अन्य रोजगार क्षेत्रों में समान अवसर मिले, प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा. नेपाल के मीडिया को इस नये प्रयोग को उम्मीद से देखना होगा कि अगले बारह महीने तक इस प्रशासन का रुझान क्या रहता है. आने वाला समय

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Vivo Y11 से Galaxy A57 तक, भारत में लॉन्च हुए ये स्मार्टफोन्स, देखें पूरी लिस्ट

March 2026 Smartphone Launches: मार्च 2026 हिंदुस्तानीय स्मार्टफोन बाजार के लिए बेहद व्यस्त महीना रहा. इस दौरान बजट से लेकर फ्लैगशिप सेगमेंट तक कई नये मॉडल्स लॉन्च हुए. खास बात यह रही कि ज्यादातर कंपनियों ने बैटरी और डिस्प्ले पर जोर दिया, वहीं प्रीमियम ब्रांड्स ने कैमरा और परफॉर्मेंस को और मजबूत किया. बजट सेगमेंट (₹20,000 से कम वाले फोन) इस महीने कई एंट्री-लेवल 5G स्मार्टफोन आये. Samsung Galaxy M17e 5G- ₹11,999 से शुरू, 6.7-इंच 120Hz LCD, Dimensity 6300, 6000mAh बैटरी realme P4 Lite 5G- ₹11,999, 6.8-इंच 144Hz LCD, 7000mAh बैटरी, बेसिक कैमरा Vivo Y11 5G- ₹14,999, 6.74-इंच LCD, 6500mAh बैटरी Tecno Spark 50 5G- ₹15,000 से कम, 6500mAh बैटरी, 45W चार्जिंग और AI फीचर्स मिड-रेंज सेगमेंट (₹20,000 से ₹45,000 तक कीमत वाले) यह सेगमेंट बैटरी और डिस्प्ले अपग्रेड्स से भरा रहा. Motorola Edge 70 Fusion- ₹26,399 से शुरू, 6.8-इंच 144Hz AMOLED, Snapdragon 7s Gen 4, 7000mAh बैटरी, IP68/IP69 रेटिंग Nothing Phone (4a)- ₹31,469 से शुरू, Glyph इंटरफेस, 50MP ट्रिपल कैमरा, 5400mAh बैटरी iQOO Z11x- ₹20,998, Dimensity 7400 Turbo, 7200mAh बैटरी Vivo T5x 5G- ₹18,999, iQOO जैसा ही कॉन्फिगरेशन POCO X8 Pro- ₹32,999, Dimensity 8500, 100W चार्जिंग Samsung Galaxy A37 5G- ₹41,999, Exynos 1480, Galaxy AI फीचर्स फ्लैगशिप सेगमेंट (₹50,000 से ज्यादा महंगे वाले) प्रीमियम ब्रांड्स ने कैमरा और परफॉर्मेंस पर ध्यान दिया. Samsung Galaxy S26- ₹82,990, कॉम्पैक्ट 6.3-इंच AMOLED, Exynos 2600 (फरवरी एंड में लॉन्च, हिंदुस्तान में 11 मार्च से सेल शुरू, इसलिए लिस्ट में शामिल) Xiaomi 17- ₹89,999 से शुरू, Snapdragon 8 Elite Gen 5, Leica कैमरा सेटअप, 6330mAh बैटरी Samsung Galaxy A57 5G- ₹56,999 से शुरू, 6 साल तक अपडेट सपोर्ट ट्रेंड्स और कन्क्लूजन क्या रहा? मार्च 2026 में सबसे बड़ा ट्रेंड रहा 7000mAh+ बैटरी वाले मिड-रेंज स्मार्टफोन और AMOLED डिस्प्ले अपग्रेड्स. वहीं फ्लैगशिप सेगमेंट में कैमरा और AI फीचर्स पर जोर रहा. बजट सेगमेंट में 5G अब लगभग स्टैंडर्ड बन चुका है. ध्यान रहे, हिंदुस्तान में मार्च 2026 में लॉन्च हुए स्मार्टफोन्स की ऊपर बतायी गईं कीमतें अनुमानित हैं और यह बेस वेरिएंट्स पर आधारित हैं. अगर आप ज्यादा स्टोरेज या RAM वाला मॉडल चुनते हैं तो कीमतें बढ़ सकती हैं. इसके अलावा लॉन्च ऑफर्स, बैंक डिस्काउंट्स और रिटेलर-विशेष ऑफर्स भी अंतिम कीमत को प्रभावित कर सकते हैं. सभी स्पेसिफिकेशन्स और उपलब्धता में हल्का बदलाव संभव है, क्योंकि अलग-अलग रिटेलर्स (जैसे Amazon, Flipkart या ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट) पर वेरिएंट्स और ऑफर्स अलग हो सकते हैं. इसलिए किसी भी स्मार्टफोन को खरीदने से पहले ऑफिशियल साइट्स या भरोसेमंद ऑनलाइन रिटेलर्स पर जाकर ताजा कीमत और पूरी डिटेल्स जरूर चेक करें. यह भी पढ़ें: 2 अप्रैल को आ रहे 3 स्मार्टफोन्स, एक में 200MP कैमरा, दूसरे में 7000mAh बैटरी, तीसरा भी जोरदार The post Vivo Y11 से Galaxy A57 तक, हिंदुस्तान में लॉन्च हुए ये स्मार्टफोन्स, देखें पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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MI vs KKR: रोहित-रिकल्टन के तूफान में उड़ा केकेआर, 6 विकेट से जीता मुंबई इंडियंस

MI vs KKR: पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और रियान रिकल्टन के तूफानी अर्धशतक और दोनों के बीच शतकीय ओपनिंग साझेदारी के दम पर मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स पर आसान जीत दर्ज की. वानखेड़े स्टेडियम में केकेआर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए एमआई को जीत के लिए 221 रनों का लक्ष्य रखा. हालांकि एमआई शुरू से ही आक्रामक रही और केकेआर के किसी भी गेंदबाज को दबाव नहीं बनाने दिया. एमआई का पहला विकेट 12वें ओवर में गिरा, तब तक ओपनरों ने 148 रन बना लिए थे. रोहित शर्मा 38 गेंद पर 6 छक्के और 6 चौकों की मदद से 78 रन बनाकर आउट हुए. सूर्यकुमार यादव नहीं स्पोर्ट्स पाए बड़ी पारी दूसरा विकेट सूर्यकुमार यादव के रूप में गिरा, जो 8 गेंद पर 16 रन बनाकर बाउंड्री पर कैच हो गए. रिंकू सिंह ने एक शानदार कैच पकड़ा. इसके बाद ओपनर रिकल्टन ने 43 गेंद पर 8 छक्के और 4 चौके की मदद से 81 रन बनाए. एमआई ने अपने कुल चार विकेट गंवाए और 6 विकेट से केकेआर पर शानदार जीत दर्ज की. तिलक वर्मा 20 रन बनाकर आउट हुए. कप्तान हार्दिक पांड्या 11 गेंद पर 18 रन बनाकर नाबाद रहे. एक बार भी एमआई की टीम दबाव में नहीं दिखी और आखिरी ओवर की पहली गेंद पर जीत दर्ज कर ली. 1️⃣4️⃣ saal ka intazaar… 𝐊𝐇𝐀𝐓𝐀𝐌 pic.twitter.com/CuIcJ5fz8J — Mumbai Indians (@mipaltan) March 29, 2026 KKR ने MI के खिलाफ खड़ा किया था 220/4 का स्कोर तीन बार की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने वानखेड़े स्टेडियम में एमआई के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए 220/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया था. कप्तान अजिंक्य रहाणे की शानदार हाफ-सेंचुरी और फिन एलन और रिंकू सिंह के अहम योगदान की बदौलत, KKR ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए मैच पर अपना दबदबा बनाए रखा और शार्दुल ठाकुर के तीन विकेट लेने के बावजूद एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा किया. पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद, तीन बार की चैंपियन नाइट राइडर्स ने शानदार शुरुआत की और पहले तीन ओवरों में ही 31/0 का स्कोर बना लिया. चौथे ओवर के दौरान, कप्तान अजिंक्य रहाणे और फिन एलन ने मिलकर ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के खिलाफ 25 रन बटोरे, जिससे नाइट राइडर्स ने 50 रन का आंकड़ा पार कर लिया. अजिंक्य रहाणे की बड़ी पारी बेकार 25 रन IPL में हार्दिक पांड्या द्वारा एक ओवर में दिए गए संयुक्त रूप से दूसरे सबसे ज्यादा रन भी हैं. इससे पहले उन्होंने 2024 में वानखेड़े में CSK के खिलाफ एक ओवर में 26 रन दिए थे. पावर प्ले की समाप्ति के बाद, नाइट राइडर्स का स्कोर 78/1 था. रहाणे ने सिर्फ 27 गेंदों में अपनी हाफ-सेंचुरी पूरी की और 10 ओवरों की समाप्ति के बाद तीन बार की चैंपियन टीम का स्कोर 120/2 तक पहुंच गया. रहाणे ने 40 गेंदों में 67 रनों की शानदार पारी स्पोर्ट्सी, जिसमें तीन चौके और पांच गगनचुंबी छक्के शामिल थे. ठीक अगले ही ओवर में, अंगकृष रघुवंशी और रिंकू सिंह ने मिलकर ग़ज़नफ़र के ख़िलाफ़ 17 रन बनाए, जिसके बाद 15 ओवरों के अंत में KKR का स्कोर 167/3 हो गया. 18वें ओवर के अंत तक, नाइट राइडर्स 199/3 की मजबूत स्थिति में पहुंच गए. KKR ने 220/4 का एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, जिसमें रिंकू सिंह 21 गेंदों में 33 रन बनाकर नाबाद रहे. ये भी पढ़ें… कोहली की एक सलाह और पडिक्कल ने उड़ा दिया गर्दा, RCB के बैटर ने खुद किया खुलासा Virat Kohli में अब भी काफी दम, उन्हें टेस्ट टीम का कप्तान बनाओ, BCCI को मिली सलाह The post MI vs KKR: रोहित-रिकल्टन के तूफान में उड़ा केकेआर, 6 विकेट से जीता मुंबई इंडियंस appeared first on Naya Vichar.

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MI vs KKR: दर्द से तड़प रहे थे अजिंक्य रहाणे, सामने अचानक डांस करने लगे रोहित शर्मा

Highlights दर्द के कारण स्पोर्ट्स से बाहर हुए रहाणे रोहित शर्मा का मजेदार डांस मुंबई से जुड़ी है पुरानी दोस्ती रिंकू सिंह के हाथों में टीम की कमान बल्ले से रहाणे का शानदार प्रदर्शन Rohit Sharma Dance: कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच हुए मुकाबले में एक दिलचस्प पल देखने को मिला. केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे को अचानक क्रैम्प आ गया और वह दर्द से परेशान नजर आए. इसी दौरान रोहित शर्मा ने उनके सामने डांस करके माहौल को एकदम हल्का कर दिया. दर्द के कारण स्पोर्ट्स से बाहर हुए रहाणे मुंबई की पारी का चौथा ओवर खत्म होने पर रहाणे जमीन पर लेट गए. उनके चेहरे पर काफी दर्द दिख रहा था. उनकी हालत देखकर केकेआर के फिजियो को तुरंत वहां आना पड़ा. जब दर्द कम नहीं हुआ तो इस खिलाड़ी ने स्पोर्ट्स छोड़कर बाहर जाने का फैसला किया. रोहित शर्मा का मजेदार डांस जिस समय रहाणे बाहर जा रहे थे, तब रोहित बैटिंग कर रहे थे. केकेआर कप्तान जैसे ही उनके पास से गुजरे, रोहित अचानक उनके सामने डांस करने लगे. दर्द में होने के बाद भी रहाणे की हंसी छूट गई. पास खड़े फिजियो भी मुस्कुराने लगे. इसके बाद रोहित ने अपने दोस्त को गले लगाया और विदा किया. Rohit Sharma teasing Ajinkya Rahane as he leaves for having cramps. 😭 #ipl2026 pic.twitter.com/SDpLZOLXtb — whooo (@mbfan35) March 29, 2026 मुंबई से जुड़ी है पुरानी दोस्ती रोहित और रहाणे काफी पुराने दोस्त माने जाते हैं. दोनों ही खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में मुंबई के लिए स्पोर्ट्सते हैं. रोहित ने 2006 और रहाणे ने 2007 में अपना डेब्यू किया था. हिंदुस्तानीय टीम में भी दोनों ने लंबा समय साथ बिताया है. इसी गहरी दोस्ती के कारण दोनों के बीच स्पोर्ट्स के दौरान मस्ती देखने को मिली. रिंकू सिंह के हाथों में टीम की कमान कप्तान के बाहर जाने के बाद उपकप्तान रिंकू सिंह ने टीम की जिम्मेदारी उठाई. इस सीजन की शुरुआत में ही केकेआर ने रिंकू को यह पद सौंपा था. फील्डिंग के लिए मनीष पांडे को अंदर बुलाया गया. इसके बाद रिंकू ने ही बाकी मैच में सारे फैसले लिए. बल्ले से रहाणे का शानदार प्रदर्शन इससे पहले रहाणे ने मैच में कमाल की बैटिंग की थी. उन्होंने सिर्फ 40 गेंदों का सामना करते हुए 67 रन बनाए. अपनी इस तेज पारी में उन्होंने 3 चौके और 5 छक्के जड़े. यह उनकी टीम की तरफ से स्पोर्ट्सी गई सबसे बड़ी पारी रही. इसी प्रदर्शन की बदौलत केकेआर बोर्ड पर 220 रन का भारी स्कोर खड़ा करने में सफल रही. ये भी पढ़ें- MI vs KKR: पहले ही मैच में छा गए लॉर्ड शार्दुल ठाकुर, बुमराह विकेट को तरसे IPL 2026: रहाणे का अर्धशतक और एलेन का तूफान, हार्दिक के एक ओवर में कूटे 26 रन IPL 2026: दो हफ्ते नहीं इतने दिन के लिए मैदान से बाहर रहेंगे धोनी, नहीं गए गुवाहाटी The post MI vs KKR: दर्द से तड़प रहे थे अजिंक्य रहाणे, सामने अचानक डांस करने लगे रोहित शर्मा appeared first on Naya Vichar.

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IPL 2026: दो हफ्ते नहीं इतने दिन के लिए मैदान से बाहर रहेंगे धोनी, नहीं गए गुवाहाटी

Highlights करीब 6 मैचों से बाहर रह सकते हैं धोनी पहले मैच के लिए गुवाहाटी नहीं गए धोनी 16 साल में पहली बार बिना धोनी-रैना के उतरेगी टीम सैमसन के कंधो पर विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी MS Dhoni Injured: IPL के 19वें सीजन की शुरुआत 28 मार्च को हो चुकी है. चेन्नई सुपर किंग्स अपना पहला मुकाबला 30 मार्च को गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में स्पोर्ट्सेगी. यह मैच राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ होगा. इस मुकाबले से पहले चेन्नई को झटका लगा है. एमएस धोनी पिंडली की चोट के कारण शुरुआती मैचों से बाहर हो गए हैं. पहले जानकारी मिली थी कि वह दो हफ्ते बाहर रहेंगे. लेकिन अब नए अपडेट के अनुसार उनकी रिकवरी में तीन हफ्ते तक का समय लग सकता है. करीब 6 मैचों से बाहर रह सकते हैं धोनी चेन्नई टीम के आधिकारिक बयान के अनुसार धोनी का इलाज चल रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अप्रैल के आखिरी हफ्ते से पहले धोनी के मैदान पर लौटने की उम्मीद काफी कम है. इसका सीधा मतलब है कि धोनी आईपीएल के इस सीजन में कम से कम शुरुआती 6 मुकाबले नहीं स्पोर्ट्स पाएंगे. चेन्नई के एक सीनियर अधिकारी ने भी माना है कि धोनी का बाहर होना टीम के लिए एक बड़ा नुकसान है. उम्र बढ़ने के साथ फिटनेस बनाए रखना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है. पहले मैच के लिए गुवाहाटी नहीं गए धोनी चेन्नई की टीम अपना पहला मैच स्पोर्ट्सने के लिए गुवाहाटी पहुंच चुकी है. लेकिन एमएस धोनी टीम के खिलाड़ियों के साथ गुवाहाटी नहीं गए हैं. सूत्रों के अनुसार धोनी इस समय आराम करना चाहते हैं ताकि वह जल्दी ठीक हो सकें. इसलिए वह अभी चेन्नई में ही मौजूद हैं और अपना रिहैबिलिटेशन पूरा कर रहे हैं. सबकी निगाहे इस बात पर टिकी हैं कि वह पूरी तरह फिट होकर मैदान पर कब वापसी करते हैं. 16 साल में पहली बार बिना धोनी-रैना के उतरेगी टीम धोनी का टीम में ना होना चेन्नई के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होने वाला है. आईपीएल के पूरे इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब चेन्नई की प्लेइंग इलेवन में एमएस धोनी या सुरेश रैना में से कोई भी खिलाड़ी मौजूद नहीं होगा. बीते 16 सीजन में हर मैच में इन दोनों में से कोई एक खिलाड़ी मैदान पर जरूर उतरा है. धोनी का अनुभव टीम के लिए हमेशा काम आता है, इसलिए शुरुआती मैचों में टीम को उनके बिना संघर्ष करना पड़ सकता है. सैमसन के कंधो पर विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी धोनी के मैदान पर ना होने से विकेट के पीछे की जिम्मेदारी अब संजू सैमसन के पास होगी. चेन्नई ने इस सीजन के लिए संजू को राजस्थान रॉयल्स से 18 करोड़ रुपये में ट्रेड करके अपनी टीम का हिस्सा बनाया था. चेन्नई के सीईओ काशी विश्वनाथन ने पहले ही इस बात के संकेत दे दिए थे कि धोनी शायद सारे मैच नहीं स्पोर्ट्स पाएंगे. इसी वजह से संजू को मुख्य विकेटकीपर के रूप में टीम से जोड़ा गया था. अब शुरुआती मुकाबलों में संजू पर अच्छा प्रदर्शन करने का पूरा दबाव होगा. ये भी पढ़ें- IPL 2026: जडेजा और संजू दिखेंगे आमने-सामने, जानें कैसा है RR vs CSK का हेड टू हेड रिकॉर्ड Video: ये तो नई मुर्गी है, वीरेंद्र सहवाग ने कमेंट्री में ली अश्विन की चुटकी IPL 2026: KKR के खिलाफ MI के लिए 3 खिलाड़ियों का डेब्यू, दो विदेशी The post IPL 2026: दो हफ्ते नहीं इतने दिन के लिए मैदान से बाहर रहेंगे धोनी, नहीं गए गुवाहाटी appeared first on Naya Vichar.

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क्रोम नेल्स डिजाइन्स – 2026 में पसंद किये जा रहे इस तरह के मेटैलिक नेल आर्ट

Chrome Nails Designs: ब्यूटी और नेल आर्ट की दुनिया में इस समय Chrome Nails यानी मेटैलिक नेल्स का ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया से लेकर सेलिब्रिटी लुक्स तक, हर जगह ये चमकदार और फ्यूचरिस्टिक नेल डिजाइन छाए हुए हैं. क्रोम नेल्स की खासियत है उनका मिरर जैसा शाइन और स्मूद फिनिश, जो किसी भी लुक को ग्लैमरस बना देता है. यह ट्रेंड खासतौर पर उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो यूनिक और बोल्ड स्टाइल पसंद करते हैं. सिल्वर, गोल्ड से मिरर तक – क्रोम नेल्स के ट्रेंडिंग डिजाइन्स (Chrome Nails Designs) 1. सिल्वर क्रोम डिजाइन्स (Silver Chrome Nails Designs) सिल्वर क्रोम सिल्वर क्रोम नेल्स सबसे क्लासिक और हाई-शाइन लुक देते हैं. यह मेटलिक सिल्वर फिनिश पार्टी और फेस्टिव दोनों के लिए परफेक्ट है. 2. गोल्ड क्रोम डिजाइन्स (Gold Chrome Nails Designs) गोल्ड क्रोम गोल्ड क्रोम नेल्स रॉयल और एलिगेंट फील देते हैं. यह ट्रेडिशनल आउटफिट्स के साथ खासतौर पर शानदार लगते हैं. 3. वेलवेट क्रोम डिजाइन्स (Velvet Chrome Nails Designs) वेलवेट क्रोम वेलवेट क्रोम में सॉफ्ट और स्मूद टेक्सचर होता है, जो मखमली फिनिश देता है. यह लुक subtle लेकिन स्टाइलिश होता है. 4. कैट-आई मैग्नेटिक क्रोम डिजाइन्स (Cat-eye Magnetic Chrome Nails Designs) कैट-आई मैग्नेटिक क्रोम इस नेल आर्ट में मैग्नेट की मदद से यूनिक डिजाइन बनाए जाते हैं, जो बिल्ली की आंख जैसी चमक देते हैं. यह बेहद आकर्षक और ट्रेंडी ऑप्शन है. 5. मिरर नेल्स डिजाइन्स (Mirror Nails Designs) मिरर नेल्स मिरर नेल्स में परफेक्ट रिफ्लेक्टिव शाइन होती है, जो सच में आईने जैसा असर देती है. यह सबसे बोल्ड और आई-कैची स्टाइल माना जाता है. यह भी पढ़ें: जेम नेल्स के खूबसूरत डिजाइन फैशन वर्ल्ड में कर रहे हैं ट्रेंड, आप भी करें ट्राई The post क्रोम नेल्स डिजाइन्स – 2026 में पसंद किये जा रहे इस तरह के मेटैलिक नेल आर्ट appeared first on Naya Vichar.

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हजारीबाग के विष्णुगढ़ में उमड़ा जनसैलाब, 12 साल की मासूम के लिए कैंडल मार्च, दोषियों को फांसी देने की मांग

Hazaribagh Bishnugarh News, हजारीबाग, (विनय पाठक की रिपोर्ट): हजारीबाग स्थित विष्णुगढ़ प्रखंड के कुसुंबा क्षेत्र में, 12 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में रविवार को कैंडल मार्च निकाला गया. इस दौरान हजारों लोगों ने सड़क पर उतरकर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग उठाई. कैंडल मार्च प्लस टू उच्च विद्यालय से शुरू होकर अखाड़ा चौक, अस्पताल चौक और सात माइल मोड़ तक गया, जहां लोगों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की. गूंजे नारे, दोषियों को फांसी देने की मांग कैंडल मार्च में शामिल लोग “बलात्कारियों को सजा दो”, “दोषियों को फांसी दो” और “पीड़िता को न्याय दो” जैसे नारे लगा रहे थे. इस बीच, पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और राज्य प्रशासन के खिलाफ भी लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की. लोगों का कहना था कि, ऐसी दरिंदगी करने वालों के लिए फांसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है. Also Read: बोकारो में ‘रील्स’ बनाने के पागलपन ने ली किशोर की जान, मालगाड़ी पर चढ़कर बना रहा था वीडियो विधायक ने कहा- सजा मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन कैंडल मार्च में विशेष रूप से शामिल हुए सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि, यह घटना सभ्य समाज पर कलंक है और दोषियों को हर हाल में फांसी की सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि, जब तक आरोपियों को सख्त से सख्त सजा नहीं मिल जाती, तब तक उनका यह आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. हजारों की संख्या में शामिल हुए लोग, सोमवार को बंदी की अपील इस कैंडल मार्च में स्कूली शिशु, युवा, स्त्रीएं और बच्चियां बड़ी संख्या में मौजूद थीं. सभी ने एकजुट होकर पीड़िता के परिवार के साथ खड़े होने का संकल्प लिया. साथ ही, आंदोलनकारियों ने विष्णुगढ़ बाजार के दुकानदारों से 30 मार्च को स्वेच्छा से अपनी-अपनी दुकानें बंद रखने की अपील की है. घटना के बाद से ही पूरे इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है. Also Read: धनबाद में खाकी का ‘डांस’ वायरल, लेडी अफसर भोजपुरी गाने पर वर्दी में जमकर थिरकीं The post हजारीबाग के विष्णुगढ़ में उमड़ा जनसैलाब, 12 साल की मासूम के लिए कैंडल मार्च, दोषियों को फांसी देने की मांग appeared first on Naya Vichar.

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कांग्रेस ने उतारे 284 प्रत्याशी : बहरमपुर से अधीर रंजन, जानें भवानीपुर से ममता बनर्जी के खिलाफ कौन?

Congress Candidate List: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपने 286 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. पार्टी ने पुराने दिग्गजों पर भरोसा जताया है. नये चेहरों को भी मौका दिया है. सूची में उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल तक के समीकरणों को साधने की कोशिश की गयी है. नयी दिल्ली में अखिल हिंदुस्तानीय कांग्रेस कमेटी पार्लियामेंट्री बोर्ड की 2 दिन चली बैठक के बाद रविवार शाम पौने सात बजे लिस्ट जारी की गयी. खड़गपुर सदर सीट पर दिलीप घोष के खिलाफ डॉ पापिया चक्रवर्ती भवानीपुर विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बंगाल विधानसभा के लीडर ऑफ ऑपोजीशन शुभेंदु अधिकारी को चुनौती देने के लिए कांग्रेस पार्टी ने प्रदीप प्रसाद को मैदान में उतारा है. नंदीग्राम से कांग्रेस के टिकट पर शेख जरियातुल हुसैन चुनाव लड़ेंगे. खड़गपुर सदर सीट पर भाजपा के दिग्गज नेता दिलीप घोष के खिलाफ डॉ पापिया चक्रवर्ती को कांग्रेस ने टिकट दिया है. हाई-प्रोफाइल सीटों पर दिग्गजों को दिया टिकट कांग्रेस की इस सूची में सबसे प्रमुख नाम अधीर रंजन चौधरी का है. उन्हें उनके गढ़ बहरमपुर से उम्मीदवार बनाया गया है. अधीर रंजन ने पिछले दिनों खुद मीडिया से कहा था कि वह बहरमपुर से विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहते हैं. पार्टी ने उनकी इच्छा पूरी कर दी है. अधीर रंजन प्रदेश में पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा हैं. संदेशखाली (ST) सीट से युधिष्ठिर भुइयां, डायमंड हार्बर से गौतम भट्टाचार्य, सिंगूर से बरुण कुमार मलिक और रायगंज से मोहित सेनगुप्ता को मैदान में उतारा है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें उत्तर से दक्षिण तक समीकरण साधने की कोशिश कांग्रेस ने मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे अपने पारंपरिक गढ़ में मुस्लिम उम्मीदवारों और पुराने कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताया है. उत्तर बंगाल की चाय बागान सीटों (जैसे कालचीनी, मदारीहाट) पर जनजातीय चेहरों को प्राथमिकता दी गयी है. सिलीगुड़ी से आलोक धारा और दार्जिलिंग से माधव राय को मैदान में उतारा है. The Central Election Committee of the Congress has selected the following persons as party candidates for the elections to the West Bengal Legislative Assembly. pic.twitter.com/w5zltTxofX — INC Sandesh (@INCSandesh) March 29, 2026 Congress Candidate List: 284 उम्मीदवारों की लिस्ट यहां देखें क्रम संख्या विधानसभा संख्या एवं क्षेत्र चयनित उम्मीदवार 1 1. मेकलीगंज (SC) इला रानी रॉय 2 2. माथाभांगा (SC) खितेंद्र नाथ बर्मन 3 3. कूचबिहार उत्तर (SC) पार्थ प्रतिम ईशोर 4 4. कूचबिहार दक्षिण खोकन मियां 5 5. सीतलकुची (SC) सुकमल बर्मन 6 6. सिताई (SC) रॉबिन रॉय 7 7. दिनहाटा हरिहर राय सिंघा 8 8. नाटकबाड़ी विश्वजीत प्रशासन 9 9. तुफानगंज देबेंद्र नाथ बर्मा 10 10. कुमारग्राम (ST) सुधम लामा 11 11. कालचीनी (ST) अंजन चिक बड़ाईक 12 13. फलाकाटा (SC) अक्षय कुमार बर्मन 13 14. मदारीहाट (ST) डॉ जॉय प्रफुल्ल लकड़ा 14 15. धुपगुड़ी (SC) हरीश चंद्र रॉय 15 16. मयनागुड़ी (SC) जोगेन प्रशासन 16 17. जलपाईगुड़ी (SC) सुदीप्त मोहंतो 17 18. राजगंज (SC) तुषार कांति रॉय 18 19. डाबग्राम-फुलबाड़ी रोहित सिंह सिसोदिया (गुड्डू) 19 20. माल (ST) राकेश कुजूर 20 21. नागराकाटा (ST) शिनु मुंडा 21 22. कलिम्पोंग सांता कुमार प्रधान 22 23. दार्जिलिंग माधव राय 23 24. कर्सियांग सरोज कुमार खत्री 24 25. माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी (SC) अमिताभ प्रशासन 25 26. सिलीगुड़ी आलोक धारा 26 27. फांसीदेवा (ST) नबनीता तिर्की 27 28. चोपड़ा जाकिर आबेदीन 28 30. गोलपोखर मसूद मोहम्मद नसीम अहसान 29 31. चाकुलिया अली इमरान रम्ज (विक्टर) 30 32. करनदिघी मुर्शिद आलम 31 33. हेमताबाद (SC) अनामिका रॉय 32 34. कलियागंज (SC) गिरधारी प्रमाणिक 33 35. रायगंज मोहित सेनगुप्ता 34 36. इटाहार अमल आचार्य 35 37. कुशमंडी (SC) बबलू प्रशासन 36 38. कुमारगंज गुलाम मुर्तजा मंडल 37 39. बालुरघाट प्रदीप कुमार मित्रा 38 40. तपन (ST) बंकिम चंद्र टोप्पो 39 41. गंगारामपुर (SC) जुई बर्मन 40 42. हरिरामपुर शुभाशीष पाल (सोना) 41 43. हबीबपुर (ST) राजेन सोरेन 42 44. गजोले (SC) संजय प्रशासन 43 45. चंचल आसिफ महबूब 44 46. हरिश्चंद्रपुर मुश्ताक आलम 45 47. मालतीपुर मौसम नूर 46 48. रतुआ मोत्तकिन आलम 47 49. मानिकचक मो अंसारुल हक 48 50. मालदा (SC) भूपेंद्र नाथ हलदर (अर्जुन) 49 51. इंग्लिश बाजार मसूद आलम 50 52. मोथाबाड़ी सायेम चौधरी 51 53. सुजापुर मो अब्दुल मन्नान 52 54. वैष्णवनगर मामुनी मंडल 53 56. शमशेरगंज नजम-ए-आलम 54 57. सूती अल्फाज़ुद्दीन विश्वास 55 58. जंगीपुर मोहम्मद इमरान अली 56 59. रघुनाथगंज नासिर शेख 57 61. लालगोला मो तौहीदुर रहमान 58 62. भगवानगोला अंजू बेगम 59 63. रानीनगर ज़ुल्फिकार अली 60 64. मुर्शिदाबाद सिद्दीकी अली 61 65. नबग्राम (SC) हीरू हलदर 62 66. खरग्राम (SC) डॉ मंदार कांति मंडल 63 67. बरवान (SC) सुजीत दास 64 68. कांडी डॉ शमीम राणा 65 69. भरतपुर अजहरुद्दीन सिजार 66 70. रेजीनगर जिलु एसके 67 72. बहरमपुर अधीर रंजन चौधरी 68 73. हरिहरपारा मौसमी बेगम 69 74. नोदा मोतिउर रहमान 70 75. डोमकल शहनाज बेगम 71 76. जालंगी अब्दुल रज्जाक मोल्ला 72 77. करीमपुर पूजा रॉय चौधरी 73 78. तेहट्टा ज्योतिर्मय प्रशासन 74 79. पलाशीपाड़ा हमीदुल हक 75 80. कालीगंज काबिल उद्दीन शेख 76 81. नकाशीपाड़ा गुलाम किबरिया मंडल 77 82. चापड़ा राशिद-उल-मंडल 78 83. कृष्णनगर उत्तर अर्घ्य गोन 79 84. नवद्वीप समीर साहा 80 85. कृष्णनगर दक्षिण अब्दुल रहीम शेख 81 86. शांतिपुर आलोक चटर्जी 82 87. राणाघाट उत्तर पश्चिम नब कुमार मंडल 83 88. कृष्णगंज (SC) शंकर कुमार प्रशासन 84 89. राणाघाट उत्तर पूर्व (SC) नित्य गोपाल मंडल 85 90. राणाघाट दक्षिण (SC) रीता पाल दास 86 91. चकदह मलय साहा 87 92. कल्याणी (SC) असीमानंद मजुमदार 88 93. हरिणघाटा (SC) हिमंती दास 89 94. बागदा (SC) प्रबीर कीर्तनिया 90 95. बनगांव उत्तर (SC) नीलांजन साहा 91 96. बनगांव दक्षिण (SC) किशोर विश्वास 92 97. गायघाटा (SC) अनिल कुमार पांडेय 93 98. स्वरूपनगर (SC) रितेश मंडल 94 102. आमडांगा गोपाल घोष 95 103. बीजपुर शिबब्रत गुहा रॉय 96 104. नैहाटी प्रदीप कुमार कुंडू 97 105. भाटपाड़ा धर्मेंद्र शॉ 98 106. जगदल मंदिरा चक्रवर्ती 99 107. नोवापारा अशोक भट्टाचार्य (राजा) 100 108. बैरकपुर शंभु दास 101 109. खरदह जयदेव घोष 102 110. दमदम उत्तर धनंजय मोईत्रा 103 111. पानीहाटी शुभाशीष भट्टाचार्य 104 112. कमरहट्टी कलोल मुखर्जी 105 113. बड़ानगर कल्याणी चक्रवर्ती 106 114. दमदम सुष्मिता विश्वास 107 115. राजारहाट न्यू टाउन शेख निजामुद्दीन 108 116. बिधाननगर रणजीत

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