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Author name: Vinod Jha

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6 साल बाद 21 सितंबर से शुरू होगी ग्वांगझू-नई दिल्ली उड़ान, BRICS Summit के बीच चीन से आई अच्छी खबर

हिंदुस्तान और चीन के बीच हवाई संपर्क को लेकर एक बड़ी समाचार सामने आई है. चीन की प्रमुख विमानन कंपनी ‘चाइना साउदर्न एयरलाइंस’ ने हिंदुस्तान के लिए अपनी नियमित पैसेंजर सर्विस फिर से शुरू करने का औपचारिक ऐलान किया है. चीनी मीडिया ‘ग्लोबल टाइम्स’ के अनुसार, कंपनी 21 सितंबर से ग्वांगझू-नई दिल्ली रूट पर अपनी सेवाएं दोबारा बहाल करने जा रही है. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब हिंदुस्तान BRICS Summit 2026 की अगुआई कर रहा है. छह साल निलंबित थी विमान सेवा दोनों देशों के बीच पिछले छह वर्षों से यह विमान सेवा निलंबित पड़ी थी. इस सर्विस के दोबारा चालू होने से दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और लोगों की आवाजाही को एक नई गति मिलेगी. दक्षिण एशिया में बढ़ेंगी 100 से अधिक साप्ताहिक उड़ानें विमानन कंपनी ने जानकारी दी है कि हिंदुस्तान के लिए सेवा शुरू होने के साथ ही दक्षिण एशियाई क्षेत्र में उसकी पकड़ और मजबूत होगी. एयरलाइन के मुताबिक, इस पुनरुद्धार के बाद दक्षिण एशिया में उसके आठ राउंड-ट्रिप रूट्स पर हर हफ्ते 100 से अधिक नियमित उड़ानों का परिचालन किया जाएगा. ये भी पढ़ें: न China का camp, न America का: BRICS में क्या हासिल करेगा दिल्ली? The post 6 साल बाद 21 सितंबर से शुरू होगी ग्वांगझू-नई दिल्ली उड़ान, BRICS Summit के बीच चीन से आई अच्छी समाचार appeared first on Naya Vichar.

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न्यूटाउन में 2000 बेड का अस्पताल और DRDO प्रोजेक्ट, जानिए बंगाल के लिए अदाणी और अंबानी का क्या है मास्टर प्लान

कोलकाता से अमर शक्ति प्रसाद की रिपोर्ट राज्य में निवेश आकर्षित करने की कोशिशों के तहत मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अगले सप्ताह मुंबई का दौरा कर सकते हैं. इस दौरान वह रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी से मुलाकात कर उन्हें बंगाल में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को महानगर में आयोजित एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में बड़े कॉरपोरेट समूहों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री ने बताया कि मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी ने उन्हें फोन कर परिवार के गणेश पूजा समारोह में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया था. 24 को कोलकाता आयेंगे गौतम अदाणी मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 सितंबर को वह कोलकाता के पास न्यूटाउन में अदाणी समूह की ओर से प्रस्तावित 2,000 बेड वाले अस्पताल के शिलान्यास समारोह में शामिल होंगे. इस कार्यक्रम में अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के भी मौजूद रहने की उम्मीद है. जूनपुट में रक्षा परियोजना स्थापित करेगा डीआरडीओ मुख्यमंत्री ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के जूनपुट में प्रस्तावित रक्षा परियोजना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन इस परियोजना को स्थापित करने के लिए काम कर रही है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) ने इस परियोजना के संबंध में पिछली प्रशासन को पत्र भेजा था, लेकिन उसका जवाब नहीं दिया गया. उन्होंने कहा : हमने उस पत्र का जवाब दे दिया है. हालांकि, मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डीआरडीओ की जूनपुट में हथियार प्रणालियों के परीक्षण के लिए एक केंद्र स्थापित करने की योजना है. रोबोटिक फायर-फाइटिंग सिस्टम का भी जिक्र मुख्यमंत्री ने रोबोटिक फायर-फाइटिंग सिस्टम का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इस तकनीक की मदद से उन स्थानों पर भी आग बुझायी जा सकेगी, जहां बड़े पारंपरिक फायर टेंडर नहीं पहुंच पाते. उनके मुताबिक, ऐसी तकनीक आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य को अधिक प्रभावी बनाने में मददगार हो सकती है. हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स में 6,000 करोड़ का निवेश मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड की 6,000 करोड़ रुपये की विस्तार परियोजना पूरी हो चुकी है और दुर्गापूजा से पहले इसकी शुरुआत कर दी जायेगी. उन्होंने यह भी बताया कि राज्य प्रशासन जल्द ही 33 कंपनियों को परियोजनाएं स्थापित करने के लिए जमीन सौंपेगी. निवेश से जुड़ी ये घोषणाएं ऐसे समय में हुई हैं, जब भाजपा नीत राज्य प्रशासन पश्चिम बंगाल को निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने और देश-विदेश की कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए आकर्षित करने की कोशिश कर रही है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आज नयी दिल्ली जायेंगे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि वह शनिवार को नयी दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज में शामिल होंगे. हिंदुस्तान 12 और 13 सितंबर को नयी दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. सम्मेलन में शामिल होने वाले मेहमानों के लिए शनिवार को रात्रिभोज का आयोजन किया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को भी आमंत्रित किया गया है. Also Read: पश्चिम बंगाल बनेगा देश का ‘सीड हब’, खुलेंगे चार कृषि प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र The post न्यूटाउन में 2000 बेड का अस्पताल और DRDO प्रोजेक्ट, जानिए बंगाल के लिए अदाणी और अंबानी का क्या है मास्टर प्लान appeared first on Naya Vichar.

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थार और फॉर्च्यूनर मालिकों ने ली सड़क सुरक्षा की शपथ, दमन कलेक्टर के अनूठे कदम पर फिदा हुईं किरण मजूमदार-शॉ

केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन-दीव प्रशासन का एक अनोखा सड़क सुरक्षा अभियान इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है. दमन के जिला कलेक्टर सौरभ मिश्रा ने क्षेत्र के सैकड़ों महिंद्रा थार (Mahindra Thar) और टोयोटा फॉर्च्यूनर (Toyota Fortuner) मालिकों को एक मैदान में आमंत्रित किया और उनसे यातायात नियमों के पालन तथा जिम्मेदार ड्राइविंग की सार्वजनिक शपथ दिलवाई. इस अनूठी पहल को ‘थार-फॉर्च्यूनर संकल्प यात्रा’ नाम दिया गया था, जिसने ऑटोमोबाइल प्रेमियों के साथ-साथ कॉरपोरेट जगत की दिग्गज हस्तियों का भी ध्यान खींचा है. दमन प्रशासन ने अपनाया ‘रफ्तार नहीं, संस्कार’ का नया रास्ता आमतौर पर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लागू कराने के लिए पुलिस प्रशासन भारी-भरकम चालान, जुर्माने और दंडात्मक कार्रवाइयों का सहारा लेता है. हालांकि, दमन के जिला कलेक्टर ने दंडात्मक रुख के बजाय व्यवहारिक और नैतिक जिम्मेदारी का अनूठा तरीका चुना. आयोजन स्थल पर मालिकों को “रफ्तार नहीं, संस्कार”, “भाईगिरी नहीं, जिम्मेदारी” और “मेरी गाड़ी मेरी ताकत है, मेरा घमंड नहीं” जैसी तख्तियां (Placards) लेकर कतार में खड़ा किया गया. इसके बाद कलेक्टर की मौजूदगी में सभी चालकों ने शपथ ली कि वे तेज गति, लापरवाही से स्टंट या रेसिंग नहीं करेंगे, शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाएंगे और गाड़ियों में अवैध मॉडिफिकेशन नहीं कराएंगे. यहां देखें वायरल पोस्ट किरण मजूमदार-शॉ ने क्यों की दमन कलेक्टर के कदम की सराहना? बायोकॉन (Biocon) की कार्यकारी अध्यक्ष किरण मजूमदार-शॉ ने जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस शपथ ग्रहण का वीडियो देखा, तो उन्होंने इसे शेयर करते हुए दमन कलेक्टर की जमकर प्रशंसा की. किरण मजूमदार-शॉ ने अपने आधिकारिक हैंडल से लिखा, “मुझे लगता है कि हिंदुस्तान को एक और ड्राइविंग लेसन के बजाय इस तरह की ‘सीख’ (Schooling) की ज्यादा जरूरत है! दमन कलेक्टर का यह बेहद सराहनीय कदम है. थार और फॉर्च्यूनर मालिकों से सुरक्षित ड्राइविंग की सार्वजनिक प्रतिज्ञा दिलाना… कभी-कभी एक छोटी सी सार्वजनिक शपथ हजार रोड साइंस (सड़क संकेतों) से भी बेहतर काम कर सकती है!” थार और फॉर्च्यूनर के मालिकों पर ही विशेष ध्यान क्यों केंद्रित किया गया? हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल बाजार और सोशल मीडिया संस्कृति में महिंद्रा थार और टोयोटा फॉर्च्यूनर अत्यधिक लोकप्रिय, शक्तिशाली और ‘रफ-एंड-टफ’ छवि वाली मस्कुलर गाड़ियां मानी जाती हैं. अपनी जबरदस्त रोड प्रेजेंस के कारण युवाओं और एसयूवी के शौकीनों के बीच इनका क्रेज काफी ज्यादा है. हालांकि, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर अक्सर इन गाड़ियों से जुड़ी खतरनाक स्टंटबाजी, रैश ड्राइविंग, नो-पार्किंग या फुटपाथ पर गाड़ी चढ़ाने और दबंगई (Bhaigiri) दिखाने के वीडियो वायरल होते रहते हैं. हालांकि सभी चालक एक जैसे नहीं होते, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही से पूरे एसयूवी समुदाय की छवि प्रभावित होती है. दमन प्रशासन ने इसी सामाजिक धारणा को बदलने और शक्तिशाली गाड़ियों की पावर के साथ आने वाली नैतिक जिम्मेदारी का अहसास कराने के लिए इन प्रमुख एसयूवी चालकों को इस जन-जागरूकता अभियान से जोड़ा. ये भी पढ़ें: Next Level Parking: क्रेन से छत पर पार्क की नई स्कॉर्पियो, आनंद महिंद्रा ने क्यों दी चेतावनी? ये भी पढ़ें: WATCH: बिग बी ने कार में लबूबू डॉल लगाकर चला डाली हनुमान चालीसा, यूजर्स बोले- क्या कॉम्बिनेशन है! The post थार और फॉर्च्यूनर मालिकों ने ली सड़क सुरक्षा की शपथ, दमन कलेक्टर के अनूठे कदम पर फिदा हुईं किरण मजूमदार-शॉ appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सीटें खाली, 13 सितंबर को सीधे नामांकन का मौका

रांची. झारखंड के निजी और पीपीपी मोड पर संचालित इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में तीन काउंसलिंग के बाद भी सीटें रिक्त रह गयी हैं. रिक्त सीटों को भरने के लिए अब उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग अंतर्गत तकनीकी शिक्षा निदेशालय द्वारा ओपेन काउंसलिंग कर सीटें भरने का निर्देश जारी किया है. संयुक्त निदेशक डॉ रंजीत कुमार सिंह ने झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्पद (जेसीट्सीइबी) को 36 निजी व पीपीपी मोड पर संचालित इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों तथा तीन प्रबंधन संस्थानों में 13 सितंबर 2026 को सीधे नामांकन के लिए ओपेन काउंसलिंग कराने का निर्देश दिया है. काउंसलिंग के समय विभागीय प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे. ये भी पढ़ें: प्रशासनी स्कूलों के बच्चों को अब साल में 22 दिन मिलेगा मड़ुआ का हलुआ, इन तीन जिलों से शुरू होगी योजना इच्छुक विद्यार्थियों के लिए नामांकन का मौका संयुक्त निदेशक डॉ सिंह ने इच्छुक व योग्यताधारी विद्यार्थियों से कहा है, जिन्होंने अब तक नामांकन नहीं लिया है, उनके लिए सुनहरा मौका है. अपने मनपसंद संस्थान से संपर्क कर काउंसिल में शामिल होकर नामांकन ले सकते हैं. 14 सितंबर तक पूरी करनी होगी नामांकन प्रक्रिया एआइसीटीइ के निर्देशानुसार सभी संस्थानों को काउंसलिंग के बाद 14 सितंबर 2026 तक नामांकन प्रक्रिया पूरी कर लेनी है. ताकि 15 सितंबर 2026 से कक्षाओं का संचालन किया शुरू किया जा सके. कंप्यूटर साइंस समेत इन ब्रांचों में सीटें खाली ज्यादातर सीटें कंप्यूटर साइंस, सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में खाली रह गयी हैं. ये भी पढ़ें: झारखंड की आर्थिक ताकत खनिज संसाधन, स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन जरूरी: महेश पोद्दार The post झारखंड के इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सीटें खाली, 13 सितंबर को सीधे नामांकन का मौका appeared first on Naya Vichar.

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श्रीलंका ने तोड़ा पाकिस्तानी कप्तान का दिल, सेमीफाइनल में हार के बाद मैदान पर फूट-फूटकर रोईं

Fatima Sana Crying: स्त्री टी20 एशिया कप के दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 4 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली. इस हार के साथ ही पाकिस्तान का टूर्नामेंट जीतने का सपना टूट गया. मुकाबले के बाद पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना खुद को संभाल नहीं सकीं और मैदान पर ही फूट-फूटकर रोने लगीं. फातिमा सना की भावुक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. जीत के करीब पहुंचकर पाकिस्तान ने गंवाया मैच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 130 रन बनाए. लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने 18.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 134 रन बना दिए और 8 गेंद बाकी रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया. पाकिस्तान की टीम एक समय मुकाबले में मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी. गेंदबाजों ने श्रीलंका पर दबाव भी बनाया, लेकिन मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों ने मैच का रुख पलट दिया. आखिरी ओवरों में पाकिस्तान के हाथ से मुकाबला निकल गया. हार के बाद टूट गईं फातिमा सना मैच खत्म होने के बाद जब पाकिस्तानी खिलाड़ी मैदान पर एक-दूसरे से मिल रहे थे, उस दौरान फातिमा सना काफी भावुक नजर आईं. टीम की हार का दर्द उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था. कुछ तस्वीरों और वीडियो में वह मैदान पर ही रोती हुई नजर आईं. एक कप्तान के तौर पर फातिमा ने मुकाबले में अपनी तरफ से पूरी कोशिश की थी. उन्होंने पहले बल्ले से 47 रन बनाए और फिर गेंद से 4 विकेट लेकर पाकिस्तान को मैच में बनाए रखा. इसके बावजूद टीम फाइनल तक नहीं पहुंच सकी. ये भी पढ़ें: जब हार मानकर सो गई थी हिंदुस्तानीय टीम, जागी तो पाकिस्तान को कर दिया ढेर; बचाया था वनडे का सबसे छोटा स्कोर कप्तान ने बल्ले से भी किया कमाल फातिमा सना ने इस अहम मुकाबले में पाकिस्तान के लिए अकेले दम पर लड़ाई लड़ी. पहले बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने टीम की ओर से सबसे ज्यादा 47 रन बनाए. कप्तान ने 36 गेंदों की अपनी पारी में 4 चौके और 2 छक्के लगाए. पाकिस्तान का स्कोर एक समय मुश्किल में था, लेकिन फातिमा की पारी ने टीम को 130 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. इसके बाद जब गेंदबाजी की बारी आई तो उन्होंने फिर जिम्मेदारी संभाली. 4 विकेट लेकर श्रीलंका को डाला था मुश्किल में फातिमा सना ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 3.4 ओवर में 34 रन देकर श्रीलंका के 4 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा. उनकी गेंदबाजी की बदौलत पाकिस्तान ने श्रीलंका पर दबाव बनाया और मुकाबला काफी देर तक रोमांचक बना रहा. लेकिन श्रीलंका के मिडिल ऑर्डर ने पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने दबाव के बावजूद लक्ष्य हासिल कर लिया. अब हिंदुस्तान से भिड़ेगा श्रीलंका श्रीलंका की इस जीत के साथ स्त्री टी20 एशिया कप के फाइनल की तस्वीर भी साफ हो गई है. दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराने के बाद श्रीलंका अब खिताबी मुकाबले में हिंदुस्तान से भिड़ेगा. फाइनल का मुकाबला 13 सितंबर को स्पोर्ट्सा जाएगा. ये भी पढ़ें: Sri Lanka vs Pakistan Semi Final Asia Cup 2026: श्रीलंका ने पाकिस्तान को 4 विकेट से हराया, अब 13 सितंबर को हिंदुस्तान से फाइनल The post श्रीलंका ने तोड़ा पाकिस्तानी कप्तान का दिल, सेमीफाइनल में हार के बाद मैदान पर फूट-फूटकर रोईं appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit 2026 Live Updates in Hindi : चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दिल्ली के लिए रवाना, गलवान के बाद पहला भारत दौरा

BRICS Summit 2026 LIVE Updates in Hindi: ब्रिक्स सम्मेलन के दूसरे दिन नई दिल्ली के हिंदुस्तान मंडपम में दोपहर 2 बजे से सदस्य देशों के नेता पहुंचेंगे. दुनिया की नजर मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर रहने वाली है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग गलवान में हुई झड़प के 7 साल बाद हिंदुस्तान आ रहे हैं. ब्रिक्स समिट की हर अपडेट के लिए आप जुड़े रहें नया विचार के साथ. The post BRICS Summit 2026 Live Updates in Hindi : चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दिल्ली के लिए रवाना, गलवान के बाद पहला हिंदुस्तान दौरा appeared first on Naya Vichar.

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ऑस्ट्रेलियाई : सोशल मीडिया पर दिखेगा आपकी पसंद का कंटेंट; माय फीड, माय वे से मिलेगा एल्गोरिदम पर कंट्रोल

ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन ने अपने डिजिटल सुरक्षा कानूनों को मजबूत करते हुए ‘डिजिटल ड्यूटी ऑफ केयर’ (Digital Duty of Care) का ड्राफ्ट पेश किया है. इस नए कानून के तहत सोशल मीडिया कंपनियों, ऑनलाइन ऐप्स, एआई चैटबॉट्स और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय की जाएगी, ताकि यूजर्स को एक सुरक्षित और पारदर्शी ऑनलाइन माहौल मिल सके. अपने फीड का कंटेंट खुद तय कर सकेंगे यूजर इस कानून का सबसे बड़ा आकर्षण “माय फीड, माय वे” (My Feed, My Way) पहल है. इसके जरिए ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले लोगों को यह अधिकार मिलेगा कि वे अपने फीड का कंटेंट खुद तय कर सकें. ‘माय फीड, माय वे’ कैसे काम करेगा? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अपने पुराने और नए, सभी यूजर्स को नोटिफिकेशन भेजना अनिवार्य होगा. इसमें यूजर्स के पास दो विकल्प होंगे. एल्गोरिदम कंटेंट (ऑप्ट-इन): यूजर चाहें तो अपने हिसाब से पर्सनलाइज्ड रिकमेंडेशन वाले फीड को चुन सकते हैं. फॉलो किए गए अकाउंट्स (ऑप्ट-आउट): यूजर एल्गोरिदम वाले कंटेंट को बंद कर केवल उन दोस्तों और क्रिएटर्स के पोस्ट देख सकते हैं जिन्हें वे फॉलो करते हैं. 18 साल से कम उम्र के युवाओं को मिलेगा विशेष सुरक्षा कवच ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स और AI चैटबॉट्स को 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए विशेष रूप से सुरक्षित बनाना होगा. कंपनियों को ऐसी सुविधाओं पर रोक लगानी होगी जो बच्चों को एडिक्टिव बनाती हैं या उनके आत्म-सम्मान पर बुरा असर डालती हैं. हानिकारक कंटेंट से बच्चों को बचाना प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी होगी. ईटिंग डिसऑर्डर (खान-पान से जुड़ी बीमारियों) को बढ़ावा देने वाला कंटेंट. स्त्रीओं और लैंगिक समानता के खिलाफ नफरत फैलाने वाली बातें. अश्लील साहित्य (Pornography) और अपराध/खतरनाक स्टंट को बढ़ावा देने वाले वीडियो. साइबर बुलिंग, मानसिक तनाव और प्रताड़ना बढ़ाने वाला कंटेंट. नियम तोड़ा तो लगेगा $109.2 मिलियन (लगभग 600 करोड़ रुपये) का जुर्माना डिजिटल कंपनियों को यह लिखित में देना होगा कि वे यूजर्स की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही हैं. नियमों का उल्लंघन करने या कोताही बरतने पर कंपनियों पर 109.2 मिलियन डॉलर तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है. ऑस्ट्रेलिया की स्वतंत्र ‘ई-सेफ्टी कमिश्नर’ (eSafety Commissioner) के पास डीपफेक/न्यूडिफाइ (Nudify) ऐप्स को तुरंत हटाने और साइबर बुलिंग पर त्वरित कार्रवाई करने का अधिकार होगा. “यह प्रशासन के नियंत्रण के बारे में नहीं है, बल्कि आम लोगों को अपनी ऑनलाइन दुनिया पर नियंत्रण देने की पहल है. ऑस्ट्रेलिया सोशल मीडिया एज बैन और ऑनलाइन सुरक्षा में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है.” — एंथनी अल्बनीज, प्रधानमंत्री, ऑस्ट्रेलिया “जैसे कारों, खिलौनों या खाने-पीने की चीजों के लिए सुरक्षा मानक होते हैं, वैसे ही डिजिटल प्रोडक्ट्स के लिए भी बुनियादी मानक होने चाहिए. 16 साल से अधिक उम्र के ऑस्ट्रेलियाई आसानी से तय कर सकेंगे कि वे अपने ऐप पर क्या देखना चाहते हैं.” — अनिका वेल्स, संचार मंत्री, ऑस्ट्रेलिया ये भी पढ़ें: NIT में मिला 1.16 करोड़ का प्लेसमेंट, Google समेत 350 कंपनियों से जॉब ऑफर The post ऑस्ट्रेलियाई : सोशल मीडिया पर दिखेगा आपकी पसंद का कंटेंट; माय फीड, माय वे से मिलेगा एल्गोरिदम पर कंट्रोल appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल उपचुनाव : नंदीग्राम में क्यों बार-बार हार जाती है तृणमूल, कुणाल घोष ने बतायी अपनी ही पार्टी की कमजोरी

कोलकाता : नंदीग्राम में तृणमूल के प्रभारी रहे बेलेघाटा से तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने पार्टी के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने कई नेताओं के नाम लिए. उन्होंने एआईपीएसी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा- नुकसान पहुंचाने के लिए आत्म-आलोचना की जरूरत है. बेलेघाटा से तृणमूल विधायक ने कहा- अगर तृणमूल नंदीग्राम में बुरी स्थिति में है, तो सच्चाई यह है कि इसके लिए शुभेंदु अधिकारी से ज़्यादा हमारे कुछ प्रमुख नेता ज़िम्मेदार हैं, जो कोलकाता में बैठे-बैठे सोचते थे कि वे चुटकी बजाकर सभी ज़िलों को चला लेंगे. नंदीग्राम को नंदीग्राम के कार्यकर्ताओं ने घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया. हमें आत्म-विश्लेषण करना होगा. पार्टी प्रभारी को बताया कमजोर विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद तृणमूल पार्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गई. हालांकि, कुणाल अभी भी ममता बनर्जी के साथ हैं. इसके बावजूद, उन्होंने नंदीग्राम मुद्दे पर पार्टी के खिलाफ आवाज उठाई. कई नेताओं का नाम लेते हुए कुणाल ने कहा- राजीव बनर्जी, तन्मय घोष, ये उम्मीदवार थे. वे समझ जाएंगे. जब तक मैं प्रभारी था, मैंने सबके साथ काम किया. सब कुछ सकारात्मक दिशा में जा रहा था और अगर कोई यह सोचता है कि कुणाल घोष को बिना सूचना दिए हटा दिया गया और उनकी जगह प्रमुख जन नेताओं को भेज दिया गया, तो वे समझ जाएंगे. अचानक, बिना मुझे कुछ बताए, एआईपीएसी और अन्य लोगों ने सब कुछ समझ लिया है, तो उन्हें माफी क्यों मांगनी चाहिए, ये तो कमजोर लोग हैं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें क्या बोले राजीव बनर्जी कुणाल की टिप्पणियों के संबंध में, पूर्व राज्य मंत्री राजीव बनर्जी ने कहा-मुझे कभी भी नंदीग्राम किसी विशेष कार्य के लिए नहीं भेजा गया था. बल्कि, कुणालदा मुझे एक-दो बार बैठकों में ले गए थे. लोकसभा चुनाव के दौरान मैं तामलुक से लोकसभा उम्मीदवार की मदद करने गया था. मैं कुणालदा को याद दिलाता हूं कि जब भी पार्टी ने मुझे विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपीं, मैंने उन्हें पूरी ईमानदारी से निभाया. ममता समर्थक तृणमूल नेता तन्मय घोष ने कहा- जहां तक ​​मुझे याद है, ऐसा कभी नहीं था. जब मैं पूर्वी मेदिनीपुर का प्रभारी था, तब वहां के परिणाम साफ दिखते थे, पंचायत समेत. बाद में जिम्मेदारी बांट दी गई. कुणालदा नंदीग्राम का काम देखते थे. पार्टी द्वारा कुणालदा को नंदीग्राम की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद मैंने वहां काम नहीं किया. Also Read: शुभेंदु अधिकारी ने ठुकराई विश्व हिंदू परिषद की मांग, बोले- दुर्गा पूजा में मांसाहार पर रोक नहीं The post बंगाल उपचुनाव : नंदीग्राम में क्यों बार-बार हार जाती है तृणमूल, कुणाल घोष ने बतायी अपनी ही पार्टी की कमजोरी appeared first on Naya Vichar.

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7 साल बाद भारत में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात, सीमा विवाद से व्यापार तक चर्चा, इसलिए खास है शी का दौरा

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग हिंदुस्तान पहुंचने वाले हैं. इस दौरान दुनिया की नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय मुलाकात पर रहेगी है. दोनों नेताओं की यह लगातार तीसरे साल आमने-सामने होने वाली बैठक है. इस मुलाकात से पहले चीन ने हिंदुस्तान के साथ संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं. चीनी राजदूत शू फेइहॉन्ग ने कहा है कि बीजिंग दोनों देशों के बीच बातचीत और सहयोग बढ़ाने के साथ मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने के लिए हिंदुस्तान के साथ काम करना चाहता है. इसलिए खास है सात साल बाद शी जिनपिंग का हिंदुस्तान दौरा शी जिनपिंग का हिंदुस्तान दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि 2019 के मामल्लपुरम शिखर सम्मेलन के बाद यह उनकी पहली हिंदुस्तान यात्रा है. 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद हिंदुस्तान और चीन के रिश्तों में लंबे समय तक तनाव रहा. हालांकि, पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिश तेज हुई है. अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और शी की मुलाकात हुई थी. इसके बाद 2025 में तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों नेताओं की बातचीत हुई. अब नई दिल्ली में होने वाली बैठक को इसी कूटनीतिक प्रक्रिया की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है. ये भी पढ़ें: Video : कार डिप्लोमेसी से दुनिया को क्या संकेत देते हैं पीएम मोदी? पुतिन के साथ क्यों खास है ये कैमिस्ट्री PM मोदी-जिनपिंग की मुलाकात से पहले चीन ने क्या कहा? हिंदुस्तान में चीन के राजदूत शू फेइहॉन्ग ने सोशल मीडिया पर कहा कि दोनों देश राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन को लागू करने, द्विपक्षीय संबंधों को लंबे समय के नजरिए से देखने, बातचीत और सहयोग बढ़ाने तथा मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने के लिए हिंदुस्तान के साथ काम करेगा. चीन की ओर से आया यह संदेश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देशों के रिश्तों में सबसे बड़ी चुनौती अभी भी भरोसे की बहाली है. मोदी-शी की बैठक में किन मुद्दों पर बातचीत हुई ? रिपोर्ट की मानें तो दोनों नेताओं की बातचीत में सीमा और वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC का मुद्दा सबसे अहम रह सकता है. गलवान के बाद सीमा पर तनाव कम करने के लिए कई दौर की सैन्य और राजनयिक बातचीत हुई है. इसके बावजूद दोनों देशों के बीच पूरी तरह पुराना भरोसा कायम होना बाकी है. इसके साथ व्यापार भी बातचीत का बड़ा हिस्सा हो सकता है चीन हिंदुस्तान का बड़ा कारोबारी साझेदार है, लेकिन हिंदुस्तान लंबे समय से चीन के साथ अपने बड़े व्यापार घाटे को लेकर चिंता जताता रहा है. यानी बैठक में सुरक्षा के साथ-साथ कारोबार, निवेश और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के रास्तों पर भी चर्चा की उम्मीद है. हिंदुस्तान-चीन की नजदीकी क्यों मायने रखती है? हिंदुस्तान इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है. नई दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया में व्यापार तनाव, भू-नेतृत्वक खींचतान और वैश्विक संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं. हिंदुस्तान ब्रिक्स के जरिए ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को प्रमुखता देने पर जोर दे रहा है. चीन भी ब्रिक्स सहयोग को महत्वपूर्ण मानता है और उसने हिंदुस्तान की अध्यक्षता में होने वाले सम्मेलन के लिए समर्थन जताया है. ऐसे में मोदी और शी की बैठक का असर सिर्फ हिंदुस्तान-चीन संबंधों तक सीमित नहीं रहेगा. दोनों नेताओं के बीच बातचीत से एशिया और ग्लोबल साउथ की नेतृत्व को लेकर भी एक बड़ा संदेश जा सकता है. ब्रिक्स के मंच से हिंदुस्तान का बड़ा दांव हिंदुस्तान इस बार 18वें ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है. 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में वैश्विक शासन में सुधार, व्यापार, निवेश, तकनीक, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. 11 सदस्यीय ब्रिक्स अब दुनिया की करीब आधी आबादी और वैश्विक वित्तीय स्थिति के लगभग 40 फीसदी हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है. ऐसे में मोदी-शी मुलाकात सिर्फ हिंदुस्तान-चीन संबंधों तक सीमित नहीं रहेगी. यह बैठक इस बात का भी संकेत दे सकती है कि एशिया की दो बड़ी ताकतें बदलती वैश्विक नेतृत्व में अपने रिश्तों को किस दिशा में ले जाना चाहती हैं. मोदी-शी बैठक से पहले चीन के सुर निश्चित तौर पर सकारात्मक नजर आ रहे हैं. लेकिन असली तस्वीर बैठक के बाद सामने आएगी. सवाल यही है कि क्या दोनों नेता सिर्फ रिश्तों में गर्मजोशी बढ़ाने पर बात करेंगे या सीमा और व्यापार जैसे मुश्किल मुद्दों पर भी आगे बढ़ने का कोई रास्ता निकलेगा? अगर बातचीत में ठोस प्रगति होती है, तो यह हिंदुस्तान-चीन संबंधों को स्थिर करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा सकता है. फिलहाल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में होने वाली इस मुलाकात पर हिंदुस्तान ही नहीं, पूरी दुनिया की नजर है. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान, चीन और रूस की बढ़ती ताकत से बदल रहा पावर बैलेंस! समझिए BRICS कैसे बना रहा है नया वर्ल्ड ऑर्डर? The post 7 साल बाद हिंदुस्तान में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात, सीमा विवाद से व्यापार तक चर्चा, इसलिए खास है शी का दौरा appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Traffic: दिल्ली में सुबह 9:30 से रात 9:30 बजे तक रूट डायवर्जन, घर से निकलने से पहले पढ़ें ट्रैफिक एडवाइजरी

Delhi Traffic: 18वें ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी को लेकर दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त कर दी गई है. 12 और 13 सितंबर को आयोजित हो रहे इस वैश्विक सम्मेलन के मद्देनजर शनिवार को दिल्ली की कई प्रमुख सड़कों पर व्यापक ट्रैफिक पाबंदियां लागू रहेंगी. दिल्ली यातायात पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार, सुबह 9:30 बजे से लेकर रात 9:30 बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी और कुछ रास्तों पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा. इन इलाकों और प्रमुख मार्गों पर पड़ेगा असर ट्रैफिक प्रतिबंधों का सबसे ज्यादा असर प्रगति मैदान (हिंदुस्तान मंडपम) के आसपास के इलाकों में देखने को मिलेगा. इसके अलावा मध्य दिल्ली को शहर के अन्य हिस्सों – उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिमी दिल्ली से जोड़ने वाले मुख्य रास्तों पर भी गाड़ियां रोक-रोक कर या डाइवर्ट करके चलाई जाएंगी. दिल्ली ट्रैफिक, फोटो एक्स ये भी पढ़ें: शी जिनपिंग को शान्शी का अचार, पुतिन को कॉटेज चीज पसंद, जानें दोनों वर्ल्ड लीडर्स से कितने अलग हैं PM मोदी? जिन प्रमुख रास्तों को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है, उनमें शामिल हैं रिंग रोड और मथुरा रोड भैरों मार्ग और तिलक मार्ग इंडिया गेट / सी-हेक्सागन क्षेत्र सरदार पटेल मार्ग और पटेल रोड एनएच-48 और परेड रोड लुटियंस दिल्ली की प्रमुख सड़कें पुलिस की सलाह, निजी वाहनों के बजाय मेट्रो का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें दिल्ली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए अपने सफर में अतिरिक्त समय लेकर निकलें और निजी वाहनों के बजाय मेट्रो का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें. पुलिस ने वाहन चालकों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का चयन करने और ऑन-ड्यूटी ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है. एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड जैसी आपतकालीन सेवाओं को रोक नहीं यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आवश्यक व आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं होगी और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर रास्ता दिया जाएगा. ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026: दुनिया की 50% आबादी, 40% GDP और 25% से ज्यादा ट्रेड, बोले पीएम मोदी- दिख रही BRICS की रफ्तार The post Delhi Traffic: दिल्ली में सुबह 9:30 से रात 9:30 बजे तक रूट डायवर्जन, घर से निकलने से पहले पढ़ें ट्रैफिक एडवाइजरी appeared first on Naya Vichar.

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