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Author name: Vinod Jha

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IRCTC केस में बढ़ीं लालू परिवार की मुश्किलें, दिल्ली कोर्ट ने तय किए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

Lalu Yadav: लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC होटल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है. यह मामला उस समय का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे. उन पर आरोप है कि IRCTC के रांची और पुरी स्थित होटलों के संचालन से जुड़े टेंडर में गड़बड़ी की गई और इसके बदले जमीन से जुड़ा लाभ पहुंचाया गया. कोर्ट ने लालू यादव की भूमिका पर क्या कहा? आरोप तय करने के आदेश के दौरान अदालत ने लालू प्रसाद यादव की भूमिका को लेकर टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में देखने पर यह संदेह पैदा होता है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने अपने पद का दुरुपयोग किया. अदालत ने यह भी कहा कि रेलवे अधिकारियों ने रांची और पुरी से जुड़े होटल टेंडर में लालू यादव के कहने पर कथित तौर पर हेरफेर किया. लारा प्रोजेक्ट्स को कथित लाभ पर भी सवाल सुनवाई के दौरान लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी को मिले कथित लाभ का मुद्दा भी सामने आया. अदालत ने कहा कि कंपनी को जिस तरह का कथित फायदा मिला, उससे लालू यादव की भूमिका पर संदेह पैदा होता है. कोर्ट ने इस मामले को केवल नेतृत्वक आरोप के तौर पर देखने से भी इनकार किया. अदालत की टिप्पणी के अनुसार लालू यादव के खिलाफ हुई जांच को नेतृत्वक रूप से प्रभावित नहीं माना जा सकता. लालू, राबड़ी और तेजस्वी समेत इन पर आरोप तय स्पेशल जज विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, सरला गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी, सुजाता होटल्स और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है. इस आदेश के बाद लालू परिवार से जुड़े इस पुराने मामले की कानूनी कार्रवाई अब आगे बढ़ेगी. मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी. आखिर क्या है IRCTC होटल मामला? यह मामला लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान IRCTC के दो होटलों के संचालन से जुड़े टेंडर से जुड़ा है. सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच रांची और पुरी स्थित IRCTC के होटलों का संचालन सुजाता होटल्स को कथित तौर पर नियमों में हेरफेर कर दिया गया. जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस कथित लाभ के बदले ऐसी जमीन के लेनदेन का आरोप है, जिसकी कीमत बाजार भाव से काफी कम थी और जिसका संबंध लालू परिवार से बताया गया. CBI के बाद ED ने दर्ज किया था मनी लॉन्ड्रिंग केस इस मामले में पहले CBI ने एफआईआर दर्ज की थी. बाद में इसी एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया. ED की जांच कथित अपराध से हासिल रकम और उससे जुड़े संपत्ति लेनदेन पर केंद्रित रही है. इस मामले में लालू यादव और उनके परिवार ने आरोपों से इनकार किया है और इसे नेतृत्वक साजिश बताया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें 2025 में CBI केस में भी तय हुए थे आरोप IRCTC मामले से जुड़े CBI केस में भी लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं. 13 अक्टूबर 2025 को इसी अदालत ने लालू यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी समेत कई आरोप तय किए थे. उस मामले में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ भी आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में आरोप तय किए गए थे. इसे भी पढ़ें: सम्राट चौधरी ने मुंगेर से दबाया बटन, सीधे 1.05 करोड़ लोगों के अकाउंट में आए 1100 रुपये, ऐसे चेक करें अपना बैलेंस The post IRCTC केस में बढ़ीं लालू परिवार की मुश्किलें, दिल्ली कोर्ट ने तय किए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप appeared first on Naya Vichar.

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सोनम वांगचुक ने दी फिर आंदोलन की चेतावनी, 19 से 24 सितंबर तक प्रदर्शन का ऐलान

लद्दाख में राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन का माहौल बनता दिख रहा है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने केंद्र प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर प्रशासन एक सप्ताह के भीतर लद्दाख से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों पर भरोसा देने वाला कदम नहीं उठाती है, तो 19 से 24 सितंबर के बीच नया आंदोलन शुरू किया जा सकता है. 9 सितंबर की बैठक से क्यों नाराज हैं वांगचुक? वांगचुक ने 9 सितंबर को दिल्ली में हुई गृह मंत्रालय की उपसमिति की बैठक पर निराशा जताई. यह बैठक लद्दाख की राज्य का दर्जा देने और संवैधानिक सुरक्षा से जुड़ी मांगों पर बातचीत के लिए बुलाई गई थी. बैठक के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि बातचीत से उन्हें ज्यादा उम्मीद थी, लेकिन इसमें बहुत कुछ नया सामने नहीं आया. ये भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान की जंग में फंसा पाकिस्तान, ईरान का साथ छोड़े तो पड़ोसी नाराज, अमेरिका से दूरी बनाए तो बढ़ेगी मुश्किल पहले भी टल चुका है Kargil-Leh मार्च इससे पहले KDA (Kargil Democratic Alliance) ने 10 से 24 सितंबर तक कारगिल से लेह तक पैदल मार्च का ऐलान किया था. 9 सितंबर को केंद्र के साथ होने वाली बातचीत को देखते हुए इस मार्च को फिलहाल टाल दिया गया था. वांगचुक ने भी कहा था कि अगर बातचीत में ठोस प्रगति नहीं होती है, तो बड़े पैमाने पर आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. ये भी पढे़ं: BRICS Summit: बांग्लादेश PM तारिक रहमान नहीं होंगे शामिल, मंत्री ने कहा- हमें न्योता ही नहीं मिला लद्दाख के मुद्दे पर केंद्र और क्षेत्रीय नेताओं के बीच बातचीत जारी है. 10 सितंबर को हुई रिपोर्टों के मुताबिक, गृह मंत्रालय की उपसमिति के साथ बातचीत में लद्दाख के लिए एक निर्वाचित केंद्र शासित प्रदेश स्तर की संस्था और भूमि, संस्कृति, भाषा, वन तथा प्राकृतिक संसाधनों जैसे विषयों पर विधायी अधिकार को लेकर चर्चा हुई है. वहीं, केंद्र प्रशासन पहले भी कह चुकी है कि वह लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को लेकर संवैधानिक सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है और मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए निकालना चाहती है. The post सोनम वांगचुक ने दी फिर आंदोलन की चेतावनी, 19 से 24 सितंबर तक प्रदर्शन का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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सुशांत सुसाइड या हत्या? ‘2-3 बार दबाया गया था गला’… पोस्टमार्टम स्टाफ के दावे से फिर गरमाया मामला

सुशांत सिंह राजपूत की मौत को 6 साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन यह मामला आज भी लोगों के बीच चर्चा में बना हुआ है. 14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित फ्लैट में सुशांत सिंह राजपूत मृत पाए गए थे. उनकी मौत को लेकर कई तरह के सवाल और दावे सामने आए. अब पोस्टमार्टम से जुड़े स्टाफ सदस्य रोपकुमार शाह का पुराना स्टिंग ऑपरेशन एक बार फिर चर्चा में है. रोपकुमार शाह ने क्या दावा किया था? रोपकुमार शाह ने एक स्टिंग ऑपरेशन के दौरान दावा किया था कि सुशांत सिंह राजपूत के शव पर ऐसे निशान दिखाई दिए थे, जो उन्हें सामान्य फांसी से अलग लग रहे थे. उनके मुताबिक, शरीर पर गला दबाए जाने जैसे निशान थे. शाह ने कथित तौर पर यह भी दावा किया था कि सुशांत का गला 2-3 बार दबाया गया हो सकता है. View on Instagram क्या कहती है आधिकारिक जांच? सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच की थी. बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद CBI ने भी जांच अपने हाथ में ली. AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने भी उपलब्ध मेडिकल और पोस्टमार्टम रिकॉर्ड की समीक्षा की थी. CBI ने मार्च 2025 में इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की और फाउल प्ले की संभावना को खारिज किया. यानी मौजूदा आधिकारिक जांच के रिकॉर्ड के मुताबिक सुशांत की मौत में हत्या की पुष्टि नहीं हुई है. फिर क्यों वायरल हो रहा है पुराना दावा? सुशांत की मौत से जुड़े पुराने वीडियो और बयान अक्सर सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल होते रहते हैं. रोपकुमार शाह का यह दावा भी उन्हीं पुराने बयानों में से एक है, जिसे अब फिर से शेयर किया जा रहा है. इस बीच, सितंबर 2026 में सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया है, जिसके बाद 2020 की दोनों मौतों को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, दिशा सालियान मामले में CBI जांच का आदेश दिए जाने का मतलब यह नहीं है कि इससे सुशांत सिंह राजपूत की मौत में हत्या का दावा साबित हो गया है. दोनों मामलों को लेकर सामने आए दावों और आधिकारिक जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग देखना जरूरी है. ये भी पढ़ें: Friday OTT Releases: बोरिंग वीकेंड को बोलिए बाय-बाय, OTT पर एक साथ आ रही हैं ये नई फिल्में-सीरीज The post सुशांत सुसाइड या हत्या? ‘2-3 बार दबाया गया था गला’… पोस्टमार्टम स्टाफ के दावे से फिर गरमाया मामला appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

मिथुन ह”त्या’कांड में आरोपी महिला को छोड़े जाने पर थाना घेरा, परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया मनमानी का आरोप

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। घटहो थाना क्षेत्र के मूसापुर ठाकुरबारी के समीप झाड़ी से बुधवार को मिथुन गिरि का शव बरामद होने के बाद गुरुवार की सुबह परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। नामजद आरोपी स्त्री को पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद छोड़ दिए जाने से नाराज ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने घटहो थाना का घेराव कर जमकर हंगामा किया। इस दौरान लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में शामिल सभी आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। मृतक के पिता रामप्रवेश गिरि ने अवधेश गिरि और कामिनी देवी समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में उन्होंने अपने पुत्र की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। परिजनों का आरोप है कि घटना के संबंध में बुधवार को ग्रामीणों ने नामजद आरोपी कामिनी देवी को पुलिस के हवाले किया था। इसके बावजूद पुलिस ने उसे हाजत से छोड़ दिया। इसी बात को लेकर गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन थाना पहुंच गए और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि मिथुन की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच कर घटना में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाए। प्रदर्शन के दौरान थाना परिसर के बाहर काफी संख्या में लोग जुट गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। तात्कालिक साक्ष्य नहीं मिलने पर स्त्री को छोड़ा : घटहो पुलिस के अनुसार, कामिनी देवी के खिलाफ तत्काल कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने के कारण पूछताछ के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द किया गया है। पुलिस का कहना है कि मृतक के पिता द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर करीब आधा दर्जन लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना की जानकारी मिलने पर वरीय पुलिस अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर मामले में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों के समझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए और थाना घेराव समाप्त किया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई।

समस्तीपुर

संघ शताब्दी वर्ष पर महंत राम रक्षा विद्यालय में पौधारोपण

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। प्रखंड स्थित राजकीयकृत महंत राम रक्षा उच्च माध्यमिक विद्यालय, नरघोघी में गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सरायरंजन खंड के तत्वावधान में संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर में छायादार एवं औषधीय पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और पौधों की देखभाल के लिए प्रेरित करना था। मौके पर आरएसएस के खंड कार्यवाह विजय कुमार चौरसिया ने शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण करना अत्यंत आवश्यक है। पेड़-पौधों से हमें शुद्ध हवा, छाया और फल प्राप्त होते हैं। इसके अलावा वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि प्रत्येक छात्र वर्ष में कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी सभी को निभानी चाहिए। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल के लिए विद्यार्थियों को भी जिम्मेदारी लेने की बात कही गई। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. इशलाम, सरायरंजन नगर मंत्री मोहित कुमार, दीपक कुमार सिंह, चंदन कुमार भट्ट, विजय कुमार पौदार, विजय उपाध्याय, शकील अहमद, संजय पंडित, जितेंद्र कुमार, मंजित कुमार सहनी, दिनेश महतो सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। श्यामा कुमारी, निशा कुमारी, अंजली हिंदुस्तानी, आदिति कुमारी, सीमा कुमारी, दीपमाला कुमारी, आयुषी कुमारी, ब्यूटी कुमारी, तन्नु कुमारी, यश राज एवं अमर कुमार ने भी कार्यक्रम में सहयोग किया।

समस्तीपुर

गंगापुर स्थित प्रसिद्ध विषहर स्थान के सौंदर्यीकरण की मांग 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड अंतर्गत गंगापुर चौक के नजदीक वार्ड संख्या -02 में प्रसिद्ध विषहर माता का स्थान है। जहां सावन मास की नागपंचमी के दिन से पूर्णिमा तक विशेष पूजा और मेले का आयोजन किया जाता है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालू दर्शन करने आते हैं। इस पाचीन प्रसिद्ध विषहर स्थान के संबंध में कहा जाता है कि 60-70 वर्ष पहले गिरा हुआ एक बड़गद का पेड़ जिसका सभी डाल कटा होने के बावजूद इसी सावन मास में नाग पंचमी के दिन अपने आप खड़ा हो गया था।इस स्थान को स्थापित करने वाले गंगापुर के वार्ड संख्या 02 के हीं स्व. संत राम अशीष दास एवं उनकी धर्म पत्नी स्व. लक्ष्मी देवी है, जिन्हें मुख्य रूप से इस स्थान को स्थापित करने में वार्ड 02 गंगापुर चौक के डाॅ.स्व. बलदेव यादव, स्व. गोपी साह, वार्ड 01 के स्व. बालचंद राय एवं स्व. लूटन राय हैं।इस स्थान की मान्यता है कि, जो भी व्यक्ति सावन मास की नाग पंचमी के दिन से पूर्णमासी तक यहां आकर दर्शन करता है उसकी मन्नते पूरी होती है।यह स्थान गंगापुर चौक के हाट परिसर से सटा हुआ गंगापुर-मोरवा बाजार रोड पर स्थित है। पंचायत के वार्ड 02 निवासी एवं जिला साक्षरता समिति समस्तीपुर के पूर्व कार्यकारिणी समिति के सदस्य-सह-प्रखंड साक्षरता समिति सरायरंजन के समन्वयक राम प्रवेश दास ज्योति ने क्षेत्र के माननीय सांसद नित्यानंद राय एवं विधायक -सह- उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी से निवेद्न पूर्वक आग्रह के साथ अपने-अपने विकास निधि कोष से इस स्थान का सौंदर्यीकरण कराने की मांग की है।

समस्तीपुर

मंडल भाजपा की बैठक में सेवा और संकल्प कार्यक्रम पर चर्चा

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन: भाजपा सरायरंजन दक्षिणी मंडल की बैठक मनिकपुर पंचायत के जगदीशपुर में गुरुवार को नवनियुक्त पंचायत अध्यक्ष शशिकांत साह के आवास पर मंडल अध्यक्ष बबलू झा के नेतृत्व में आहूत की गई मुख्य अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष शशिधर झा एवं प्रदेश कार्य समिति सदस्य रामयाद शांडिल्य मौजूद थे। संगठन के द्वारा सेवा और संकल्प कार्यक्रम की कार्यशाला में 17 सितंबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव दिवस के अवसर पर सभी पंचायत में प्रत्येक लाभार्थी के घर आशीर्वाद कार्यक्रम के तहत दीप प्रज्ज्वलित करने का निर्णय लिया गया।सेवा और संकल्प कार्यशाला के बाद प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा आयोजित मन की बात कार्यक्रम की समीक्षा की गई एवं जिलाध्यक्ष के द्वारा नवनियुक्त पंचायत अध्यक्ष शशिकांत साह को अंगवस्त्र देकर सम्मानित करते हुए संगठन को और भी विस्तार करने की बात कही।इस कार्यक्रम में किसान मोर्चा महामंत्री चन्देश्वर राय,जेपी सेनानी सुरेश चौरसिया, मण्डल महामंत्री कुंदन सिंह, दिनेश सहनी,पूर्व मंडल अध्यक्ष सुदर्शन साह,रंजीत राय,सुधा पासवान, घनश्याम सिंह,शम्भु सिंह,अरविंद पासवान,विदेशी राय इत्यादि दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।

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Video : चीन में कार्गो शिप बना आग का गोला, 20 की मौत

Video : चीन के पूर्वी हिस्से के एक बंदरगाह पर खड़े इंटरनेशनल कार्गो शिप में गुरुवार (10 सितंबर) को अचानक आग लग गई. चीन की प्रशासनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने इसकी जानकारी दी. राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत और बचाव के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. हादसे का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि अबतक 20 लोगों की मौत हो चुकी है.  न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, चीन के किंगदाओ शहर में मरम्मत के लिए खड़े एक इंटरनेशनल कार्गो शिप में भीषण आग लग गई. हादसे में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग अभी लापता हैं. जहाज पर कुल 42 लोग मौजूद थे. इनमें से 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि 5 लोग घायल हुए हैं. उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. आग सुबह करीब 11:15 बजे किंगदाओ बेइहाई शिपयार्ड में लगी. करीब 20 साल पुराने मालवाहक जहाज में लगी आग चीन के प्रशासनी मीडिया के मुताबिक, आग पर दोपहर तक काबू पा लिया गया था. शिन्हुआ की जारी तस्वीर में जहाज का नाम ‘ओशन मेलोडी’ बताया गया है. यह करीब 20 साल पुराना मालवाहक जहाज है और लाइबेरिया के झंडे के तहत चलता है. जहाज 31 अगस्त को किंगदाओ शिपयार्ड पहुंचा था. राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों की तलाश तेज करने, हादसे की जल्द जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. यह शिपयार्ड चीन की प्रशासनी कंपनी चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन (CSSC) के अधीन है. यह दुनिया की बड़ी जहाज बनाने वाली कंपनियों में शामिल है. कंपनी चीन के लिए युद्धपोत और दूसरे बड़े जहाज बनाती है. The post Video : चीन में कार्गो शिप बना आग का गोला, 20 की मौत appeared first on Naya Vichar.

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Tilak Verma: तिलक वर्मा को कौन सा फॉर्मेट है सबसे ज्यादा पसंद? जवाब सुनकर चौंक जाएंगे

Tilak Varma: तिलक वर्मा इन दिनों क्रिकेट के अलग-अलग फॉर्मेट और भूमिकाओं में खुद को साबित कर रहे हैं. कभी बल्ले से बड़ी पारियां स्पोर्ट्स रहे हैं तो कभी कप्तान के तौर पर टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. दलीप ट्रॉफी 2026 में शानदार फॉर्म में चल रहे तिलक अब अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज की तैयारी में जुटने वाले हैं. हालांकि, फॉर्मेट बदलने से पहले उन्होंने अपने पसंदीदा फॉर्मेट को लेकर ऐसी बात कही है, जो शायद कई फैंस के लिए हैरान करने वाली होगी. दलीप ट्रॉफी में बल्ले से मचा रहे धमाल दलीप ट्रॉफी 2026 में तिलक वर्मा का बल्ला लगातार रन उगल रहा है. उन्होंने अब तक अपनी तीन पारियों में 116, 51 और 99 रन बनाए हैं. साउथ जोन के लिए उनका यह प्रदर्शन टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम रहा. रेड-बॉल क्रिकेट में शानदार फॉर्म के बीच अब तिलक को जल्द ही सफेद गेंद वाले क्रिकेट में लौटना होगा. अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में उनके प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी. ‘दो दिन की प्रैक्टिस मेरे लिए काफी है’ Tilak Verma अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले तिलक ने माना कि रेड-बॉल से व्हाइट-बॉल क्रिकेट में जाना आसान नहीं होता. हालांकि, वह इस बदलाव को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं. तिलक के मुताबिक, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वह पहले भी फॉर्मेट बदलते रहे हैं. इसलिए उनका मानना है कि दो दिन की प्रैक्टिस उनके लिए पर्याप्त होगी. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल उनका सबसे बड़ा लक्ष्य अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज जीतना है. टी20 स्टार को सबसे ज्यादा पसंद है रेड बॉल क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तिलक वर्मा की पहचान मुख्य रूप से टी20 बल्लेबाज के तौर पर बनी है. लेकिन जब उनसे पूछा गया कि वह किस फॉर्मेट को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं, तो उनका जवाब काफी दिलचस्प था. तिलक ने बताया कि उन्होंने पेशेवर क्रिकेट की शुरुआत रेड-बॉल क्रिकेट से की थी. पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने व्हाइट-बॉल क्रिकेट काफी स्पोर्ट्सा है और उसमें भी वह सहज महसूस करते हैं. इसके बावजूद उनकी पहली पसंद आज भी रेड-बॉल क्रिकेट ही है. उन्होंने कहा, ‘रेड बॉल हमेशा मेरा पसंदीदा स्पोर्ट्स रहा है, इसलिए यह मेरा A गेम है.’ ये भी पढ़ें: Imran Tahir: 47 की उम्र में भी नहीं थमा ताहिर का जलवा, CPL में 5 विकेट लेकर खुद का रिकॉर्ड तोड़ा फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी दमदार रिकॉर्ड 23 साल के तिलक वर्मा का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में रिकॉर्ड भी उनके इस बयान को मजबूती देता है. उन्होंने अब तक 24 फर्स्ट क्लास मैचों में 1,729 रन बनाए हैं. उनका बल्लेबाजी औसत 55.77 है. उनके नाम 8 शतक और 6 अर्धशतक दर्ज हैं. यानी टी20 क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के बावजूद तिलक की बल्लेबाजी की मजबूत नींव लंबे फॉर्मेट में ही तैयार हुई है. कप्तानी में भी लगातार सीख रहे हैं तिलक बल्लेबाजी के साथ तिलक वर्मा को कप्तानी की जिम्मेदारियां भी मिल रही हैं. वह साउथ जोन के अलावा इंडिया ए की कप्तानी भी कर चुके हैं. उनका मानना है कि युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से भरी टीम की अगुआई करना उनके लिए लगातार सीखने वाला अनुभव है. तिलक के मुताबिक, जब टीम में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ जीतने की भूख हो तो कप्तान के लिए चीजें आसान हो जाती हैं. वह अभी कप्तान के तौर पर सीख रहे हैं और इस जिम्मेदारी का आनंद ले रहे हैं. ये भी पढ़ें: Richest Cricket League: आखिर कौन है दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग? कितने नंबर पर है IPL, देखें टॉप-10 की लिस्ट The post Tilak Verma: तिलक वर्मा को कौन सा फॉर्मेट है सबसे ज्यादा पसंद? जवाब सुनकर चौंक जाएंगे appeared first on Naya Vichar.

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SC से याचिका खारिज होते ही CID का एक्शन, अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय को कोलकाता से उठाया

पश्चिम बंगाल अपराध जांच शाखा (CID) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (PA) सुमित रॉय को हिरासत में ले लिया है. यह कार्रवाई पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबनी में प्रशासनी जमीन की कथित अवैध बिक्री और घोटाले के सिलसिले में की गयी है. मामला जमीन दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपए की ठगी से जुड़ा है. हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती कलकत्ता हाईकोर्ट के 3 अगस्त के फैसले को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे सुमित रॉय को वहां से राहत तो नहीं मिली, पुरानी राहत भी खत्म हो गयी. रॉय ने स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि सालबनी थाने में उनके खिलाफ दर्ज केस (संख्या 133/2026) में हाईकोर्ट ने उनको अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया. इस मामले में वह सुप्रीम कोर्ट से राहत चाहते हैं. चीफ जस्टिस की बेंच का राहत से इनकार सुप्रीम कोर्ट से दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागजी और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय को राहत देने से इनकार कर दिया. साथ ही 6 अगस्त को सुमित रॉय को दी गयी राहत को भी खत्म कर दिया. सुमित के खिलाफ सालबनी थाना में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 472, 473, 406, 409 और 120बी के तहत केस दर्ज हैं. फैसला आते ही सीआईडी एक्शन में आयी और सुमित को अभिषेक बनर्जी के घर से हिरासत में ले लिया. ये भी पढ़ें: कौन हैं सुमित रॉय, जिनकी तलाश में पुलिस ने खटखटाया अभिषेक बनर्जी के घर का दरवाजा, क्यों भड़के कुणाल घोष? सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होते ही एक्शन सीआईडी का यह एक्शन उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) द्वारा सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किये जाने के तुरंत बाद हुआ. कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सीआईडी की टीम ने सुमित रॉय को कोलकाता स्थित अभिषेक बनर्जी के कालीघाट वाले आवास से हिरासत में लिया. इससे पहले देश की सबसे बड़ी अदालत ने सुमित रॉय की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया था. हालांकि, जांच आगे बढ़ने और अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सीआईडी ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया. ये भी पढ़ें: कैश फॉर जॉब स्कैम : अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय पर FIR, लुकआउट नोटिस जारी, कालीघाट में छापा सालबनी जमीन घोटाला के बारे में जानें सालबनी क्षेत्र में प्रशासनी जमीन को बेचने, हस्तांतरित करने और धोखाधड़ी से जुड़े इस मामले में सुमित रॉय का नाम सामने आया था. राज्य सीआईडी इस मामले की जांच कर रही है. इससे पहले भी कई बार सुमित रॉय को पूछताछ के लिए राज्य सीआईडी मुख्यालय (भवानी भवन) में पेश होने के लिए समन भेजा गया था. अब हिरासत में लिये जाने के बाद उनसे कथित घोटाले के संबंध में दर्ज प्राथमिकताओं के आधार पर सीआईडी पूछताछ करेगी. ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार The post SC से याचिका खारिज होते ही CID का एक्शन, अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय को कोलकाता से उठाया appeared first on Naya Vichar.

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